Wednesday, July 8, 2026 12:40 am

मारे गए 31 नक्सलियों में से 26 नक्सलियों के शव पीएम के बाद परिजनों को सुरक्षित उनके गांव तक पहुंचा

जगदलपुर  नक्सलियों के साथ 4 अक्टूबर को हुए सबसे बड़े थुलथुली मुठभेड़ में मारे गए 31 नक्सलियों में से अब तक 28 नक्सलियों की शिनाख्त हो चुकी है। वहीं 26 नक्सलियों के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, वहीं तीन नक्सलियों के शिनाख्त का प्रयास जारी है। पिछले तीन दिन में 26 नक्सलियों के शव को पीएम के बाद परिजनों को देकर सुरक्षित उनके गांव तक पहुंचा दिया गया है। वहीं जिन तीन नक्सलियों की शिनाख्त नहीं हुई है, इसके लिए पड़ोसी राज्यों व संभाग के सीमाई इलाकों की पुलिस को फोटो भेजकर शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। उल्लेखनिय है कि प्रदेश के अब तक के सबसे बड़े नक्सली मुठभेड़ में लगभग दो करोड़ के ईनामी 31 वदीर्धारी नक्सलियों को मार गिराया था। लगातार प्रयास के बाद 28 नक्सलियों की शिनाख्त हो चुकी है। इनमें 26 नक्सलियों के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं दो शव जगदलपुर के मेकॉज में रखा गया है, उनके परिजनों का इंतजार किया जा रहा है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए 31 नक्सलियों में 26 के शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर सुरक्षित उनके गावों में भिजवाया गया है। शेष 2 नक्सलियों के परिजनों से सम्पर्क कर भिजवाने की व्यवस्था की जा रही है। मुठभेड़ में मारे गए शेष 3 नक्सलियों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इसके लिए पड़ोसी राज्यों के अलावा सीमाई पुलिस से सम्पर्क कर फोटो भेजा गया है। जल्द ही सभी नक्सलियों के शिनाख्त के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा। recent visitors 67

पढ़ाई के साथ अभिरुचियों के अवसरों से बच्‍चों का होता है सर्वांगीण विकास : सचिव स्‍कूल शिक्षा

भोपाल किताबी पढ़ाई के साथ अन्य अभिरुचियों के क्षेत्र में भी बच्चों को अवसर मिलना आवश्यक है। यह उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करता है। स्‍कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल आज भोपाल के कमला नेहरू सीएम राइज़ स्‍कूल में अभिभावकों और शिक्षकों से चर्चा कर रहे थे। सचिव डॉ. गोयल ने सृजन प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। उल्‍लेखनीय है कि इन दिनों सीएम राइज़ स्कूलों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिये संचालित गतिविधियों के तहत सृजन प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इन प्रदर्शनियों में सत्र के आरंभ से अभी तक विद्यार्थियों द्वारा बनाये गए विभिन्‍न मॉडल्स और अन्‍य सह-शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही अन्‍य क्षेत्रों में प्राप्‍त उपलब्धियों को अभिभावकों के समक्ष प्रदर्शित किया। सृजन का उद्देश्‍य और गतिविधियाँ स्‍कूल शिक्षा विभाग के द्वारा सीएम राइज़ स्कूलों में ''सृजन'' का आयोजन इस विचार के साथ किया गया है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में उनके अभिभावकों का जुड़ाव हो और वे विद्यालय में हो रही गतिविधियों से परिचित हो सकें। प्रदर्शनी में कक्षावार गतिविधियों के तहत मजबूत प्रारंभिक शिक्षा के लिये संचालित मिशन अंकुर की बुनियादी साक्षरता और संख्‍या ज्ञान पर आधारित स्‍व-निर्मित पोस्‍टर्स, गणितीय दक्षताओं पर आधारित पजल्‍स, अंकों, अक्षरों और शब्‍दों पर आधारित गतिविधियाँ प्राथमिक एवं पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा संजोई गई। माध्‍यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने विभिन्‍न गतिविधियों के साथ ही विज्ञान और अन्‍य विषयों पर नि‍र्मित आकर्षक मॉडल्स प्रदर्शनी में प्रस्‍तुत किए। अभिभावकों ने की सीएम राइज स्कूल की प्रशंसा कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर अपने बच्‍चों की शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक उप‍लब्धियों पर गर्व मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दीं। कक्षा आठवीं की छात्रा कुमारी पलक की माँ श्रीमती सुधा पांडेय, कक्षा पहली की छात्रा कुमारी आज्ञा शर्मा की माँ श्रीमती विनीता शर्मा, कक्षा नवीं की छात्रा कुमारी अंबिका के पिता श्री राजेश नामदेव और कक्षा चौथी की विद्यार्थी कुमारी राधिका शर्मा की माँ श्रीमती शीतल शर्मा सहित अनेक अभिभावकों ने सीएम राइज़ विद्यालयों के रूप में शासकीय विद्यालयों के इस बदले स्‍वरूप को अपने बच्‍चों के लिए एक अनुपम उपहार कह कर शासन को धन्‍यवाद दिया। इनमें कई अभिभावकों ने तो प्राइवेट स्‍कूलों में अध्‍ययन कर रहे अपने बच्‍चों का सीएम राइज़ विद्यालय में प्रवेश कराया है। इस अवसर पर उपलब्धियों और उल्‍लेखनीय कार्यो के लिए विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों को भी सम्‍मानित और पुरूस्‍कृत किया गया। संचालक लोक शिक्षण श्री डी.एस. कुशवाहा, शाला की प्राचार्या श्रीमती संगीता सक्सेना, उप प्राचार्या श्रीमती सीमा शर्मा, विद्यालय के शिक्षक और छात्राएँ उपस्थित थीं।   recent visitors 80

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी वीरपुर को कॉलेज, सीएचसी का उन्नयन और पेंटुल पुल निर्माण कार्य सहित मिली कई सौगातें

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि वनों के विकास के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। वनों के अंदर जो निवास करते हैं, जो प्रकृति के साथ तालमेल करते हैं, उनकी सभी जरूरतें पूरी करेंगे। वनोपज बेचने का अधिकार उन्हें दिया गया है। राज्य में पेसा एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वनों के विकास के लिए राज्य सरकार सजग है। आज 57 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया गया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वन क्षेत्र निवासियों का चहुँमुखी विकास किया जा रहा है। वन ग्राम में वनोपज बेचने का अधिकार वन ग्राम निवासियों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात श्योपुर के वीरपुर में संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के प्रशिक्षण और जागरुकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में वनाधिकार पट्टे भी वितरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव निंरतर होंगी। ये कॉन्क्लेव लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलवाने का दायित्व हमारा है। हमारे युवा एग्री, आईटी आदि क्षेत्रों में प्रगति करें, इसके लिए सरकार पूरी मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के मामले में सरकार किसानों, गरीबों के साथ है। जनजातीय समाज को विशेष लाभ दिया जा रहा है। वीरपुर में कॉलेज खोला जाएगा। वीरपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन किया जाएगा। यहाँ मौजूद अस्पताल को उन्नत करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र में विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। वन क्षेत्र में रहने वाले भाई-बहन प्रकृति के बीच संतुलन बनाते हुए "जियो और जीने दो" की भावना को चरितार्थ करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास के मामले में सरकार हमेशा जनता के साथ है। गरीब, किसान, महिलाओं और ग्राम के आखिरी छोर के व्यक्ति के साथ सरकार खड़ी है। स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार किया गया है। एयर एम्बुलेंस के माध्यम से गाँव के बीमार व्यक्ति को शहरों के बड़े अस्पताल पहुँचाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर आगरा और दिल्ली तक भेजने की व्यवस्था भी की जाएगी। विमान में डॉक्टर, नर्स सहित जीवन-रक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों और दवाई की उपलब्धता रखी जाएगी। यह गरीबों का भला करने वाली सरकार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार के सभी क्षेत्रों में प्रयास करने के साथ ग्रामीण स्तर पर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए ग्राम निवासियों को अनुदान दिया जाएगा। गेहूँ और सोयाबीन की तरह ही दूध के उत्पादन पर भी बोनस दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर श्योपुर को जनजातीय प्रमाण-पत्र बनाने और उनके वितरण कार्य को तेजी से किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गाँव में बसने के लिए आबादी के लिए आवश्यकता और सुविधा अनुसार नवीन आबादी का क्षेत्र निर्मित किया जाए।  चंबल नदी पर बनेगा पेंटुल पुल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरपुर के क्षेत्रीय विकास के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जायेगी। वीरपुर में नंदी गाँव से गवघाट तक चंबल नदी पर पेंटुल पुल बनाया जाएगा। इससे राजस्थान की करौली माता और सवाई-माधोपुर तक आवागमन की सुविधा मिलेगी। वन समिति सदस्यों के बच्चों को स्कूल बैग वितरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्या-पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए 80 लाख रूपये की लागत से वन समिति सदस्यों के 13 हज़ार 700 बच्चों को स्कूल बैग वितरित किये। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति-पथ पर आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में श्योपुर को प्रदेश का अग्रणी जिला बनाया जाएगा। खजुराहो सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में गरीबों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं से आर्थिक एवं सामाजिक बदलाव लाने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा एवं श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि जिले को सरकार की ओर से लगातार विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जिला निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री रामनिवास रावत ने संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के जागरूकता सम्मेलन के आयोजन पर प्रसन्नता जताई और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के लिये निरंतर कार्य कर रही है। भूमि-पूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधि-विधान से पूजन कर 57 करोड़ 42 लाख रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। इसमें 18 करोड़ 94 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 38 करोड़ 48 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया गया। इसमें पीएम जन-मन योजना में श्योपुर विकासखण्ड के 6 ग्रामों में मल्टीपर्पस सेंटर निर्माण लागत 3 करोड़ 60 लाख, विजयपुर एवं कराहल विकासखण्ड क्षेत्र के 18 ग्रामों में मल्टीपर्पस सेंटर का निर्माण कार्य लागत 10 करोड़ 80 लाख और तहसील विजयपुर में 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में उन्नयन निर्माण कार्य लागत 24 करोड़ 8 लाख रुपये के कार्य शामिल हैं। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना, अध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण राज्य मंत्री दर्जा श्री तुरसनपाल बैरया, उपाध्यक्ष सहरिया विकास अभिकरण राज्य मंत्री दर्जा श्री सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, पूर्व विधायकगण और प्रशासनिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। 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मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे संपदा -2.0 का शुभारंभ, 4 जिलों में सफल रहा संपदा 2.0 का पायलेट प्रोजेक्ट: उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पंजीयन विभाग की नवीन तकनीक पर विकसित सॉफ्टवेयर संपदा -2.0 के ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग का शुभारंभ गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में दोपहर एक बजे करेंगे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। विभागीय अधिकारियों से संपदा-2.0 की विशेषताओं पर चर्चा की। संपदा 2.0 का नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन एवं नोटिफिकेशन जारी होने से अब देश में मध्यप्रदेश दस्तावेजों के पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित हुआ है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि अप्रैल-2024 में 4 जिले क्रमश: गुना, हरदा, डिण्डोरी एवं रतलाम में पायलेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चरणबद्ध तरीके से सॉफ्टवेयर पर दस्तावेजों के ई-पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग के लिये प्रदेश के समस्त जिलों में लागू किये जाने की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। उक्त सॉफ्टवेयर द्वारा सम्पत्तियों का अंतरण, लोन इत्यादि दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण रूप से डिजिटली ही किया जायेगा। अगर उस दस्तावेज पर लोन लिया गया होगा, तो उसकी जानकारी भी इसमें देखी जा सकेगी। साथ ही सम्पत्ति की पहचान कस्टोडियम डिपार्टमेंट से की जायेगी। पंजीयकों की पहचान ई-केवाईसी के माध्यम से पूर्ण की जायेगी। इसमें घर बैठे पंजीयन एवं ई-स्टॉम्पिंग की सुविधा भी होगी।   recent visitors 72

अमेरिका में बसने गयी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच का निर्देश दिया: इलाहाबाद उच्च न्यायालय

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सीबीआई और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भारत से अपने पति के साथ अमेरिका के सिएटल में बसने गयी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिड़ला और न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने मेरठ जिले की कल्पना माहेश्वरी द्वारा दायर याचिका पर यह निर्देश पारित किया। पीठ ने कहा, “मौजूदा मामले में यह स्पष्ट है कि सीआरपीसी की धारा 188 के तहत जांच करने के लिए राज्य सरकार की सहमति लेने की कोई जरूरत नहीं है। फिर भी, राज्य सरकार ने मौजूद मामले में सीबीआई जांच कराने की अपनी सहमति के बारे में विदेश मंत्रालय को अवगत करा दिया था।” अदालत ने कहा, “सीबीआई और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग हालांकि अनावश्यक रूप से तकनीकी मुद्दे उठाते रहे और अमेरिका में याचिकाकर्ता की बेटी की मौत की जांच कराने के लिए कोई सार्थक कार्रवाई करने के बजाय एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। हमने देखा कि लघु जवाबी हलफनामा दाखिल कर केंद्र और अन्य प्रतिवादी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं और कुछ नहीं कर रहे हैं।” इस मामले के तथ्यों के मुताबिक, याचिकाकर्ता की बेटी अंशु माहेश्वरी का विवाह 27 नवंबर, 2020 को सुमित बिनानी के साथ हुआ था। इसके बाद, दोनों अमेरिका चले गए जहां सिएटल में एक घर में हुए विस्फोट में याचिकाकर्ता की बेटी की मृत्यु हो गई। जब याचिकाकर्ता को इस बारे में पता चला, उन्होंने 28 सितंबर, 2023 को मेरठ के मेडिकल कॉलेज पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जिसमें सुमित बिनानी के खिलाफ दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया गया। प्राथमिकी की एक प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई। मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 15 अक्टूबर, 2023 को मेरठ जोन के आईजी को एक रिपोर्ट सौंपते हुए इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की क्योंकि अपराध भारत से बाहर किया गया था। अंततः इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया, लेकिन सीबीआई की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई जिस पर याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।   recent visitors 92

भारी बारिश के बाद गोवा में पांच विमानों का मार्ग परिवर्तित

पणजी खराब मौसम के कारण दाबोलिम में गोवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पांच वाणिज्यिक विमानों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। गोवा हवाई अड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि बादल गरजने के साथ भारी बारिश होने और बिजली कड़कने के कारण मंगलवार की शाम को विमानों का मार्ग परिवर्तित किया गया। उन्होंने बताया, ‘‘खराब मौसम के कारण हवाई अड्डा प्राधिकारियों को विमानों का मार्ग हैदराबाद तथा बेंगलुरु में वैकल्पिक हवाई अड्डों की ओर करना पड़ा।’’ अधिकारी ने बताया कि दो विमानों का मार्ग परिवर्तित कर हैदरबाद किया गया जबकि तीन का मार्ग परिवर्तित कर बेंगलुरु किया गया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को देर रात 12 बजकर 10 मिनट पर मौसम साफ हुआ और उड़ानों का संचालन बाद में बहाल कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि जिन विमानों का मार्ग परिवर्तित किया गया था उनमें से एक विस्तारा और चार इंडिगो के विमान थे और बाद में वे गोवा लौट आए थे।   recent visitors 56

आरजी कर मामला में कनिष्ठ चिकित्सकों के प्रति एकजुटता जताने के लिए दिल्ली के चिकित्सको ने मिलकर भूख हड़ताल शुरू की

नई दिल्ली दिल्ली में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने पश्चिम बंगाल में एक महिला चिकित्सक से दुष्कर्म एवं उसकी हत्या की घटना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे वहां के कनिष्ठ चिकित्सकों के प्रति एकजुटता जताने के लिए बुधवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल के चिकित्सक भी बुधवार को हड़ताल में शामिल हो गए और उन्होंने एकजुटता दिखाने तथा मृतक चिकित्सक की याद के प्रतीक के रूप में काली पट्टी बांधी जबकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली की रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने जेएलएन स्टेडियम में शाम छह बजे ‘कैंडल मार्च’ निकालने की घोषणा की। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी) आरडीए की अध्यक्ष अपर्णा सेतिया ने कहा कि चिकित्सक बुधवार को सुबह नौ बजे से अपराह्न चार बजे तक कामकाजी घंटों के दौरान प्रतीकात्मक भूख हड़ताल कर रहे हैं। सेतिया ने कहा, ‘‘इस दौरान हम भूख हड़ताल कर रहे पश्चिम बंगाल के कनिष्ठ चिकित्सकों के लिए अपना समर्थन जताने के वास्ते कुछ भी खाएंगे या पीएंगे नहीं।’’ एमएएमसी चिकित्सकों के समर्थन में विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित कर रहा है। जीटीबी अस्पताल के चिकित्सकों ने एक बयान में कहा कि उन्होंने जो काली पट्टी बांधी है, वह उनकी पीड़ा को दर्शाती है और यह याद दिलाती है कि चिकित्सा समुदाय ऐसी क्रूर हिंसा के सामने चुप नहीं रहेगा। इस बीच, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) ने पश्चिम बंगाल सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘कनिष्ठ चिकित्सकों की दुर्दशा के प्रति लगातार असंवेदनशीलता देख कर दुख होता है। हम न्याय, सुरक्षा और सम्मान के लिए लड़ाई में ‘पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट’ के साथ हैं।’’ कोलकाता में सात कनिष्ठ चिकित्सक पांच अक्टूबर की रात से आमरण अनशन कर रहे है। उनके प्रति एकजुटता जताते हुए कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने उनका समर्थन किया है। कनिष्ठ चिकित्सकों ने नौ अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के बाद अपना प्रदर्शन शुरू किया। कनिष्ठ चिकित्सक 42 दिन के विरोध प्रदर्शन के बाद 21 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में आंशिक रूप से अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। सरकार ने उनकी ज्यादातर मांगों को पूरा करने का वादा किया था। हालांकि, उन्होंने राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘कॉलेज ऑफ मेडिसिन एंड सागर दत्ता हॉस्पिटल’ में एक मरीज के परिवार द्वारा चिकित्सकों पर हमला किए जाने के बाद एक अक्टूबर को फिर से काम बंद कर दिया।   recent visitors 69