आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज 10 अक्टूबर को करेंगे सम्पदा 2.0 का शुभारंभ ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज होंगे तैयार : वाणिज्यिक कर मंत्री देवड़ा आधार और पेन से क्रेता और विक्रेता की होगी पहचान, रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी आसान, प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम होंगे लागू भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के सम्पदा 2.0 सॉफ्टवेयर का शुभारंभ आज 10 अक्टूबर 2024 को करेंगे। कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में दोपहर एक बजे शुभारंभ होगा। वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवडा ने बताया कि संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की दिशा में राज्य शासन का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश में रजिस्ट्री के नये नियम लागू किये गये है। इस उन्नत सॉफ्टवेयर का पायलेट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन गुना, हरदा, डिण्डौरी और रतलाम जिलों में सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। आगामी गुरूवार को इसे प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू किया जायेगा। सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से होगी पहचान सम्पदा 2.0 से ई-केवाइसी से पहचान होगी। इसकी विशेषताओं में संपत्ति की जीआईएस मैपिंग, बायोमैट्रिक पहचान और दस्तावेजों का स्वतः प्ररूपण शामिल है। इस प्रणाली में दस्तावेजों का निष्पादन ई-साइन और डिजिटल सिग्नेचर से किया जाएगा, जिससे गवाह लाने की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। कुछ दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए अब उप पंजीयक कार्यालय में व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी। पंजीयन अधिकारी से संवाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा, और कई मामलों में किसी भी प्रकार के इंटरैक्शन की आवश्यकता नहीं होगी। व्यक्ति की पहचान के लिए वीडियो केवाईसी का प्रावधान भी रखा गया है। ई-साइन एवं डिजिटल हस्ताक्षर से होगा दस्तावेज का निष्पादन पंजीयन के लिये ई-साइन एंव डिजिटल हस्ताक्षर से दस्तावेज का निष्पादन होगा। दस्तावेजों की ई-कॉपी डिजी लॉकर, व्हाट्सएप, और ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध होगी। साथ ही ई-स्टाम्प सृजित करने की सुविधा भी होगी। संपत्ति की सर्च प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। सम्पदा 2.0 – विशेष मोबाइल एप सम्पदा 2.0 विशेष मोबाइल एप भी लॉन्च किया जा चुका है। यह नवाचार न केवल आम जनता के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि मध्यप्रदेश को ई-गवर्नेंस की दिशा में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा। यह पहल साइबर तहसील और डिजिटल प्रक्रियाओं से प्रदेश के राजस्व संग्रहण को भी सुचारू रूप से संचालित करेगी।   recent visitors 135

महिला सशक्तिकरण का “मध्यप्रदेश मॉडल” देश में अनूठा है, बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वावलंबन राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है.

भोपाल महिला सशक्तिकरण के लिये मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाया गया है. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) का "मध्यप्रदेश मॉडल" (Madhya Pradesh Model) देश में अनूठा है, जिससे प्रेरित होकर अन्य राज्यों ने भी मध्यप्रदेश की महिला कल्याण की योजनाओं का विश्लेषण कर अपने राज्यों में लागू किया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा है कि महिलाओं और बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वावलंबन राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है. CM ने इन उपलब्धियों को गिनाया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि बात चाहे प्रधानमंत्री आवास (Pradhan Mantri Awas Yojana) के माध्यम से हर परिवार को पक्की छत देने की हो या घर-घर शौचालय बनाकर खुले में शौच से मुक्ति दिलाने की. नल-जल योजना (Nal Jal Yojana) से घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना हो या उज्ज्वला योजना से रसोई को धुंआ मुक्त बनाने का संकल्प हो. इन सभी योजनाओं का प्रदेश में बेहतर संचालन एवं क्रियान्वयन हुआ है. इसके अलावा महिलाओं को आत्म-निर्भर बनाने के लिये महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें स्व-रोजगार से न केवल जोड़ा है, बल्कि उन्हें लखपति दीदी भी बनाया है. आज समूह की महिलाएँ के द्वारा निर्मित उत्पाद बाजारों में बिक रहे हैं. साथ ही उनका विक्रय ऑनलाइन मॉर्केटिंग से भी किया जा रहा है. महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण फैसले     राज्य सरकार ने महिलाओं के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए उनके नाम जमीन, दुकान और घर की रजिस्ट्री कराने पर स्टाम्प शुल्क पर अतिरिक्त छूट दी है. इससे बहनों के पास संपत्ति की शक्ति आई है और समाज में उनका मान बढ़ा है.     सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना अंतर्गत 19 लाख से अधिक बालिकाओं के बैंक खाते में 57 करोड़ 18 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया गया है.     मध्यप्रदेश में महिलाओं को निकाय चुनाव एवं शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत, पुलिस भर्ती में 33 प्रतिशत और अन्य भर्तियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है.     स्टार्ट-अप नीति में भी महिलाओं के लिये विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के कुल स्टार्ट-अप्स में से 47 प्रतिशत की मालकिन महिलाएं हैं.     महिला उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए 850 एमएसएमई इकाइयों को 275 करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराई गई.     मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को मृत्यु दंड देने वाला देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश है.     मध्यप्रदेश में महिलाओं से जोर-जबरदस्ती से या बहला-फुसला कर विवाह और धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाने के लिए धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू किया गया.     बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये लाड़ली लक्ष्मी योजना का सफल क्रियान्वयन जारी है. योजना में 48 लाख से अधिक लाड़ली लक्ष्मियाँ लाभान्वित हो रही हैं. इस योजना से प्रदेश में लिंगानुपात में भी सुधार परिलक्षित हुआ है.     प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना में अब तक 42 लाख महिला हितग्राही पंजीकृत हो चुकी हैं. योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में नगद प्रोत्साहन प्रदान करना और द्वितीय प्रसव पर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना है. हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के लिये महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 संचालित है. संकटग्रस्त महिलाओं की सहायता के लिये प्रत्येक जिले में वन-स्टॉप सेंटर संचालित हैं.  बालिकाओं में आत्म-विश्वास और कौशल वृद्धि के लिये सशक्त वाहिनी कार्यक्रम अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया. अब तक 128 बालिकाओं का पुलिस / शासकीय विभागों में चयन हो चुका है.     प्रदेश में 97 हजार से अधिक संचालित आंगनवाड़ियों में 81 लाख बच्चे और गर्भवती/धात्री माताएँ एवं किशोरी बालिकाऍ लाभान्वित हो रही हैं. आंगनवाड़ियों में ऑनलाइन उपस्थिति और आंगनवाड़ी एसेट्स डायरी सुविधा प्रारंभ की गई है.     राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं के साथ सहभागिता करने वाली महिला खिलाडियों को नगद राशि देकर प्रोत्साहित किया गया. महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 81 प्रतिशत बढ़ा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के हर संकल्प को पूर्ण करने शिद्दत से कार्य कर रही है. राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में महिला एवं बाल विकास विभाग का बजट 81 प्रतिशत बढ़ाते हुए 26 हजार 560 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. इसमें लाड़ली बहना योजना के लिये 18 हजार 984 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनें इस योजना से लाभान्वित हो रही है. राज्य सरकार उनके मान-सम्मान और स्वाभिमान को सुरक्षित रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. recent visitors 149

राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारत को मालदीव में ‘रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति’ की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई

माले  मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं। इनमें एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को मालदीव में 'रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति' की तैनाती की अनुमति देने पर सहमति जताई है। मालदीव का राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू ने भारत से सैनिकों को निकालने को कहा था, अब कुछ ही महीने के बाद उनकी सरकार ने भारत के रेडार को देश में लगाने की मंजूरी दी है। समझौते के तहत भारत मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की निगरानी क्षमता को बढ़ाने में भी माले की सहायता करेगा। इसके लिए नई दिल्ली से माले को 'रेडार सिस्टम और अन्य उपकरण' दिए जाएंगे। सोमवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू की मुलाकात के बाद, भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट और कर्ज चुकौती से उबारने में मदद देने के लिए भी सहमति जताई। मोदी-मुइज्जू में रक्षा सहयोग पर चर्चा दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि भारत मालदीव की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा ताकि उसके विशाल एक्सक्लूसिव आर्थिक क्षेत्र को समुद्री सुरक्षा के लिए पारंपरिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों से बचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने और मुइज्जू ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की है। 'हम मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में अपना सहयोग जारी रखेंगे।' भारत का चीन को संदेश मालदीव में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे चीन को भी भारत ने संदेश दे दिया है। पीएम मोदी ने कहा, 'हम हाइड्रोग्राफी और आपदा प्रतिक्रिया में अपना सहयोग बढ़ाएंगे।' दोनों नेताओं की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए 'रक्षा प्लेटफार्मों और परिसंपत्तियों के प्रावधान' के साथ-साथ मालदीव सरकार की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपनी समुद्री और सुरक्षा आवश्यकताओं को आगे बढ़ाने में माले की सहायता करेगी। भारतीय सैनिकों की वापसी का मामला मुइज्जू ने पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव से पहले मालदीव में इंडिया आउट अभियान चलाया था। दरअसल भारत ने मालदीव को डोर्नियर विमान और दो एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर दिए थे। इनके संचालन के लिए भारत ने कुछ सैन्य कर्मियों को तैनात किया था। मुइज्जू ने चुनाव में वादा किया था कि वे भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने को कहेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने भारत को इस साल 10 मई तक भारत से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने के लिए कहा, जिसके बाद भारत ने नागरिक कर्मियों की तैनाती की थी। recent visitors 84

हसन खुमैनी ने कहा, ‘यह सोचना गलत है कि अगर इजरायल को अकेला छोड़ देंगे तो वह इजरायल भी हमें अकेला छोड़ देगा

तेहरान  ईरानी क्रांति के नेता रहे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खुमैनी के पोते ने इजरायल के खिलाफ पूरी ताकत से हमला करने की धमकी दी है। हसन खुमैनी के ने ईरानी चैनल पर एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि इजरायल तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक उसके खिलाफ ताकत का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। हसन खुमैनी ने फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के लिए जनमत संग्रह कराने ईरान के सुझाव पर भी बात की औऱ कहा कि यह इजरायल के अंत की ओर जाएगा। हसन खुमैनी ने दावा किया कि जनमत संग्रह में 'जो सबसे ज्यादा वोट हासिल करेगा, वो जीतेगा। इससे अंततः इजरायल का सफाया हो जाएगा और वे यह जानते हैं।' पूर्व सुप्रीम लीडर के पोते ने अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल की तरफ से प्रस्तावित दो राज्य समाधान की आलोचन की। हसन ने कहा कि यह दुनिया को 'इजरायली कब्जे' की वैधता स्वीकार करने के लिए मजबूर करने की एक चाल मात्र है। इजरायल से दोस्ती को बताया बेकार हसन खुमैनी ने कहा, 'यह सोचना गलत है कि अगर इजरायल को अकेला छोड़ देंगे तो वह इजरायल भी हमें अकेला छोड़ देगा।' उन्होंने कहा कि इजरायल से बातचीत और दोस्ती दिखाने से कुछ हासिल नहीं होगा। इसके बजाय ईरान को अपनी ताकत और सैन्य क्षमता दिखाने की जरूरत होगी। मौजूदा वैश्विक स्थिति में इजरायल से निपटने के लिए मजबूत नजरिए की जरूरत है। ईरान का इजरायल पर हमला ईरान ने पिछले सप्ताह इजरायल के ऊपर 200 बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी थी। यह हमला अप्रैल में किए गए हमले से ज्यादा घातक था। इस बार के हमले में कई ईरानी मिसाइलें इजरायली क्षेत्र में गिरी थीं। इजरायली एयरबेस भी इस हमले में निशाना बना था। ईरान ने इसे लेबनान में हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के बदले में की गई कार्रवाई बताया था। बीते शुक्रवार को ईरान के सुप्रीम लीडर ने ग्रैड मस्जिद से संबोधन दिया था, जिसमें इजरायल को मिटाने की धमकी दी थी। हसन नसरल्लाह को इजरायल ने पिछले महीने के आखिर में दक्षिणी बेरूत के दहियाह में एक हवाई हमले में मार दिया था। इजरायली एयरस्ट्राइक ने हिजबुल्लाह के भूमिगत मुख्यालय को निशाना बनाया था, जब नसरल्लाह वहां अपने सीनियर कमांडरों के साथ बैठक कर रहा था। बीते कुछ दिनों में इजरायल ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के लगभग सभी शीर्ष नेताओं को मार दिया है। recent visitors 76

पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों के परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा

पेसा अधिनियम जन, जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को समझ रहे जनजातीय परिवार आपसी भाईचारा बढ़ा, जीवन व्यवहार भी बदल गया पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन से  ग्रामीण क्षेत्रों के परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा भोपाल मध्यप्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत जनजातियों को जन, जल, जंगल, जमीन और श्रमिकों के अधिकारों की जानकारी देकर इनके संरक्षण एवं जनजातीय सांस्कृतिक परम्पराओं की सुरक्षा के लिये अब से करीब दो साल पहले एक बड़ा कदम उठाया गया। जनजातीय समुदाय के आद्य गौरव के प्रतीक भगवान बिरसा मुण्डा के जन्म-दिवस पर मध्यप्रदेश में 15 नवंबर 2022 को पंचायत के प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) नियम-2022 या कहें पेसा एक्ट लागू किया गया। मध्यप्रदेश के 20 जिलो के 88 विकासखंडों की 5133 ग्राम पंचायत क्षेत्रों के 11 हजार 596 गांव पेसा क्षेत्र में आते हैं। प्रदेश के अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, अनूपपुर और बड़वानी पूर्ण पेसा जिले हैं। वहीं बालाघाट बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, नर्मदापुरम, खरगौन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी उमरिया एवं रतलाम आंशिक पेसा जिलो की श्रेणी में आते हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन से अनूपपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के परिवेश में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। यहां ग्रामीणों को उनके अधिकारों एवं रोजगार के बारे में जानकारी देकर गांव में ही रोजगार तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। अनूपपुर जिले की जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत दमेहडी में पेसा अधिनियम का सकारात्मक प्रभाव साफ-साफ देखने को मिल रहा है। यहां के जनजातीय समुदाय-जन, जल, जंगल एवं जमीन के अधिकार को समझ चुके हैं तथा शासन की मंशा के अनुरूप पेसा अधिनियम से अपनी उन्नति की राह पर अग्रसर हो रहे हैं। यहां के ग्रामीण आपसी भाईचारे से मिल-जुलकर रह रहे हैं। यहां लोगों का अपने जंगल व वन्यजीवों के साथ साहचर्य जीवन व्यवहार भी बेहद सौहार्दपूर्ण हो गया है। पेसा अधिनियम लागू होने के पहले इस ग्राम पंचायत में बहुत ज्यादा विपरीत परिस्थितियां हुआ करती थीं। लोग हमेशा ही आपसी लड़ाई-झगड़े और कोर्ट-कचहरी में फंसे रहते थे। पेसा अधिनियम के कारण गांव की स्थिति में बदलाव हुआ है। अब गांव के छोटे-मोटे विवादों को मिल-बैठकर गांव में ही सुलझा लिया जाता है। यहां के ग्रामीण बताते हैं कि पहले पुलिस केस होता था, उसके बाद वकीलों तथा कोर्ट के चक्कर लगा-लगाकर आखिरी विकल्प समझौता करना ही होता था, तब तक हमें बेहद परेशान होना पड़ता था। अब इन मुसीबतों से हमें छुटकारा मिल गया है। ग्राम दमेहडी के लोगों का कहना है कि जब से पेसा एक्ट लागू हुआ है, तब से गांव में शांति, उन्नति, प्रगति एवं आपसी भाईचारे का माहौल कायम है। अब गांव का झगड़ा विवाद निवारण समिति द्वारा आसानी से सुलझा लिया जाता है। यदि कोई व्यक्ति थाने चला भी जाता है, तो लोकल थाने की पुलिस द्वारा शांति एवं विवाद निवारण समिति के सदस्यों को सूचना दी जाती है। संज्ञान में आते ही ग्राम सभा द्वारा उस व्यक्ति को समझाकर मामले का निपटारा गांव में ही कर लिया जाता है। जहां पेसा एक्ट लागू होने के बाद गांव के लगभग 25-30 लड़ाई-झगड़ों में शांति एवं विवाद निवारण समिति द्वारा समझौता करा दिया गया है।   recent visitors 122