सरकार की बता रहे लोगों को योजनाएं, छत्तीसगढ़-बीजापुर में भाजपा का तेजी से चल रहा सदस्यता अभियान

बीजापुर. बीजापुर जिले में भाजपा का सदस्यता अभियान बेहद प्रभावी तरीके से चल रहा है। कार्यकर्ता अंदुरुनी क्षेत्रों तक पहुंच कर जहां नये सदस्य बना रहे है, वहीं कार्यकर्ता केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं को आमजन तक पहुंचा रहे हैं। जिले के भोपालपटनम ब्लाक के अंदुरुनी बारेगुड़ा, गंगाराम व लिंगापुर जैसे इलाकों में पहुंच कर भाजपा कार्यकर्ता लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाने का काम रहे है। वही केंद्र की मोदी व राज्य की साय सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं व नीतियों से अवगत करा रहे है। पूर्व सांसद प्रतिनिधि व वरिष्ठ भाजपा नेता श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि भोपालपटनम क्षेत्र में भाजपा सदस्यता अभियान को लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर लोग बढ़चढ़ भाजपा की सदस्यता ले रहे हैं। भाजपा नेता रेड्डी ने कहा कि भाजपा आम लोगों के आकांक्षाओं की पार्टी है। भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है, जो देश के सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने कहा कि देश में जब से  मोदी सरकार बनी है, तब से देश लगातार विकास के पथ पर अग्रसर होकर विश्व में भारत की विकसित राष्ट्र के रूप में पहचान बनी हैं। श्री रेड्डी ने आगे कहा कि बीजापुर जिले में भाजपा सदस्यता अभियान अपने लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीजापुर जिले में 30 हजार नये सदस्य का लक्ष्य है। जिसमें अब तक 22 हजार ज्यादा लोग भाजपा सदस्य बन चुके है। कुछ दिनों में बचे हुए सदस्य का लक्ष्य पूरा कर लीजिएगा। श्री रेड्डी ने आगे बताया कि 10 हजार से ज्यादा ऑनलाइन व बाकी अन्य ऑफलाइन सदस्य बने हैं। recent visitors 88

गठिया: जानें लक्षण और उपचार

अर्थराइटिस यानि गठिया की समस्या ज्यादातर बुजुर्गों को होती है लेकिन आजकल युवा भी तेजी से इसका शिकार हो रहे हैं। जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या को अर्थराइटिस कहते हैं। इसका सबसे बड़ा प्रभाव गणित और कुल्हे के अवशेषों में दिखता है। अर्थराइटिस होने पर कुछ लोगों के शरीर में दर्द की शिकायत होती है, वहीं कंधे में भी सूजन आ जाती है। हालांकि हर जोड़ों का दर्द अर्थराइटिस नहीं होता है। अर्थराइटिस बहुत आम है और यह 50 साल से ऊपर के लोगों को ज्यादातर होता है। लेकिन अपवित्रता, मोटापा, गलत खान-पान आदि के कारण यह किसी को भी हो सकता है। अर्थराइटिस क्या है? क्लीवलैंड क्लिनिक (रेफरी) के अनुसार अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है जो जोड़ों को नुकसान पहुंचाती है। शरीर में जहां दो हड्डियां हैं उसे जोड़ कहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ-साथ स्वभाव रूप से ख़राब हो जाते हैं। बहुत से लोगों को अन्य विषयों से भी गठिया की समस्या हो रही है। कुछ प्रकार के गठिया जोड़ों को अस्थि-पंजर वाली मशवरे के बाद होते हैं और कुछ स्वास्थ्य सीरम के कारण से भी हो जाते हैं। गठिया किसी भी जोड़ को प्रभावित कर सकता है लेकिन यह सबसे अधिक हाथ, कलाई, नितम्ब, पाद, कंधे और पीठ के टुकड़ों में होता है। गठिया के 100 से भी अधिक प्रकार अलग-अलग प्रकार के होते हैं, लेकिन नीचे दिए गए कुछ सामान्य प्रकार हैं ऑयो गठिया गठिया रूमेटाइड अर्थराइटिस गाउट एंकिलॉज़िंग स्पॉन्डिलाइटिस सोरियाटिक अर्थराइटिस किशोर अर्थराइटिस आपको किस तरह का गठिया है यह आपके जोड़ में बताया गया है एक्वाइस टिशू को डैमेज किया जा सकता है। इससे सूजन की भी समस्या हो सकती है। गठिया कितना आम है? अर्थराइटिस की समस्या बहुत ही आम है। इसमें ऑस्टियो आर्थराइटिस सबसे आम प्रकार है। कई शोधों से यह पता चला है कि लगभग किसी भी समय ऑनलाइन वीडियो में आर्थराइटिस की समस्या हो सकती है। अर्थराइटिस के लक्षण जोड़ों का दर्द लालिमा आपके जोड़ों को बहुत दूर तक हिला सकती है। इस बात का कारण यह है कि आपको किस प्रकार का गठिया है। ऑस्टियो आर्थराइटिस: बड़ी उम्र में ऑस्टियो आर्थराइटिस सामान्य होता है। रूमेटाइड अर्थराइटिस: आपके इम्यून सिस्टम के कारण अर्थराइटिस की समस्या भी हो सकती है जिसमें रूमेटाइड अर्थराइटिस भी शामिल है। इससे आपके जोड़ों को भी नुकसान हो सकता है। गठिया: अगर आपके रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा हुआ है तो आपको गठिया हो सकता है। अर्थराइटिस के जोखिम कारक अर्थराइटिस की समस्या कोई भी हो सकती है लेकिन कुछ कारकों के होने की संभावना और भी बढ़ सकती है। अगर आप सिगरेट और तंबाकू का सेवन कर रहे हैं तो इससे अर्थराइटिस का खतरा बढ़ सकता है। पारिवारिक इतिहास: जिन लोगों के परिवार में पहले से ही किसी को अर्थराइटिस की समस्या होती है उन लोगों में इसके होने की संभावना अधिक रहती है। सक्रियता स्तर: यदि आप फिजियोथेरेपी में सक्रिय नहीं हैं तो आपको अर्थराइटिस हो सकता है। अन्य स्वास्थ्य उपकरण: ऑटोइम्यून डिजीज और मोटापा मधुमेह जो जोड़ों को प्रभावित करता है, अर्थराइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है। गठिया का इलाज गठिया का कोई इलाज नहीं है, लेकिन आपके स्वास्थ्य लाभ में राहत पाने में आपकी मदद कर सकते हैं। गठिया का इलाज उसके प्रकार पर प्रतिबंधात्मक होता है। ओवर काउंटर एंटी इंफ्लेमेट्री थेरेपी थेरेपी सर्जरी अगर आपको गंभीर प्रकार का अर्थराइटिस है तो डॉक्टर आपको सर्जरी की सलाह दे सकते हैं। ज्वाइंट फ्रैगन और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट अर्थराइटिस की दो सबसे आम सर्जरी हैं। recent visitors 67

आईपीएल मेगा नीलामी से पहले पंत की सोशल मीडिया पोस्ट ने फैंस को चौंकाया, ‘क्या मैं बिकूंगा या नहीं’

नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान और भारत के विकेटकीपर ऋषभ पंत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट से अपने फैंस और टीम को चौंका दिया। आगामी आईपीएल मेगा नीलामी से पहले पंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए पूछा कि अगर वह नीलामी में जाते हैं, तो उनकी कितनी बोली लगेगी या फिर वह बिना बिके रह जाएंगे। पंत ने लिखा, “अगर मैं नीलामी में जाऊं, तो क्या मैं बिकूंगा या नहीं, और कितने में?” बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज पंत इस साल आईपीएल 2024 में एक भयानक कार हादसे के बाद वापस मैदान पर लौटे थे। वह पूरे 2023 के सीजन से बाहर थे। इसके बाद उन्होंने रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप जीता और फिर वनडे और टेस्ट टीमों में भी वापसी की। पिछले महीने बीसीसीआई द्वारा आईपीएल प्लेयर नियमों की घोषणा के बाद, दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने पुष्टि की कि पंत को “जरूर रिटेन किया जाएगा।” जिंदल ने कहा, “हां, हमें उन्हें जरूर रिटेन करना है। हमारी टीम में कई अच्छे खिलाड़ी हैं। नियम सामने आ गए हैं, तो अब जीएमआर और हमारे क्रिकेट डायरेक्टर सौरव गांगुली से चर्चा के बाद फैसले किए जाएंगे। ऋषभ पंत को निश्चित रूप से रिटेन किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास अक्षर पटेल, ट्रिस्टन स्टब्स, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, कुलदीप यादव, अभिषेक पोरेल, मुकेश कुमार और खलील अहमद जैसे कई अच्छे खिलाड़ी हैं। हम देखेंगे कि नीलामी में क्या होता है। नियम के अनुसार, हम छह खिलाड़ियों को रिटेन कर सकते हैं। चर्चा के बाद हम नीलामी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।” पहले, पंत ने सोशल मीडिया पर एक यूजर को फटकार लगाई थी जिसने उनके रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से जुड़ने की अफवाह फैलाई थी। पंत ने इस पोस्ट पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे “फर्जी खबर” करार दिया था। आईपीएल टीमों को अपने मौजूदा स्क्वॉड से कुल छह खिलाड़ियों को रिटेन करने का अधिकार है, जिसमें रिटेंशन या ‘राइट टू मैच’ (आरटीएम) विकल्प का उपयोग किया जा सकता है। इन छह रिटेंशनों/आरटीएम में अधिकतम पांच कैप्ड खिलाड़ी (भारतीय और विदेशी) और अधिकतम दो अनकैप्ड खिलाड़ी हो सकते हैं। आईपीएल 2025 के लिए टीमों का नीलामी पर्स 120 करोड़ रुपये तय किया गया है। कुल सैलरी कैप अब नीलामी पर्स, प्रदर्शन बोनस और मैच फीस का मिश्रण होगा। इससे पहले 2024 में, कुल सैलरी कैप (नीलामी पर्स + प्रदर्शन बोनस) 110 करोड़ रुपये थी।   recent visitors 79

दमोह में पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए जब्त किए 52 कार्टून पटाखे, 2 गिरफ्तार

दमोह मध्य प्रदेश के दमोह में पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए 52 कार्टून पटाखे जब्त किए। इसके साथ ही 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बरामद किए गए सामान की कीमत एक लाख 75 हजार बताई जा रही है। हटा थाना पुलिस ने बीती रात हटा नगर के गौरीशंकर वार्ड के रहवासी इलाके में दो घरों में पटाखा और विस्फोटक सामग्री जब्त की थी। हटा एसडीओपी प्रशांत सिंह सुमन ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया कि, पुलिस टीम ने दो घरों से 35 कार्टून पटाखे बड़ी मात्रा में जब्त किए हैं। प्रेमवती असाटी पति कृष्ण कुमार असाटी और विनय पिता पुरुषोत्तम तंतवाय के द्वारा गोदाम में अवैध पटाखे रखे गए थे। दोनों निवासी कमला नेहरू वार्ड के बताए जा रहे हैं। इनके विरुद्ध विस्फोटक अधिनियम की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है। जब्त पटाखों की कीमत 1 लाख 75 हजार बताई गई है। एसडीओपी हटा ने बताया कि, अवैध रूप से पटाखा और विस्फोटक सामग्री विक्रय और भंडारण पर लगातार पुलिस कार्रवाई कर रही है। जो आगे भी जारी रहेगी। recent visitors 82

उमर अब्दुल्ला ने सरकार बनाने का दावा पेश किया, 14 अक्टूबर को शपथ समारोह

श्रीनगर नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने  शाम को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां)-कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनाने का दावा पेश किया। अब्दुल्ला ने सिन्हा के साथ अपनी मुलाकात के दौरान गठबंधन सहयोगियों की ओर से समर्थन पत्र प्रस्तुत किया। अब्दुल्ला ने राजभवन से लौटने के बाद अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने उपराज्यपाल से नई सरकार के शपथ ग्रहण की तारीख जल्द से जल्द तय करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “मैंने उपराज्यपाल से मुलाकात कर नेकां, कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, ‘आप’ और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन पत्र प्रस्तुत किए। सभी ने नेकां का समर्थन किया है। मैंने उनसे (राज्यपाल) जल्द से जल्द एक तारीख तय करने का अनुरोध किया ताकि शपथ समारोह हो सके और लोगों द्वारा चुनी गई सरकार काम करना शुरू कर सके।” उन्होंने कहा कि शपथ समारोह बुधवार को होने की संभावना है। जो लोग जम्मू कश्मीर की राजनीति को बहुत नजदीक से जानते हैं उन्हें लगता है कि केंद्र की बीजेपी सरकार और अब्दुल्ला परिवार एक दूसरे के नजदीक आ रहे हैं. दरअसल जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने जा रही नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने इन दिनों कई ऐसी बातें की हैं जो उपरोक्त बात की तस्दीक कर रही हैं. कश्मीर के सीएम बनने जा रहे उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा कि उन्हें 4 निर्दलीयों का सपोर्ट मिल गया है और कांग्रेस से भी सपोर्ट की बातचीत चल रही है. इस एक लाइन ने तमाम राजनीतिक विश्लेषकों के कान ख़ड़ें कर दिए हैं. उन्हें लगता है कि कहीं उमर अब्दुल्ला के मन में कुछ और तो नहीं चल रहा है. क्योंकि इधर कम से 3 बार उमर ने ऐसी बातें कहीं हैं जिससे लोगों को लगा कि उन्‍हें अब कांग्रेस की खास जरूरत नहीं है. बल्कि वे बीजेपी के नजदीक जाने को आतुर दिख रहे हैं. बावजूद इसके कि उमर ने कई बार यह भी दोहराया है कि मैं किसी भी कीमत पर बीजेपी के साथ नहीं जा सकता हूं. पर बीजेपी समर्थकों के बीच इस बात की चर्चा खूब है कि नेशनल कांफ्रेंस पीडीपी से तो बेहतर ही है. बीजेपी जब पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार बना सकती है तो नेशनल कॉन्फ्रेंस तो उससे बेहतर ही है. मुफ्ती तो कश्मीर को भारत से अलग करने की बात तक करती रही हैं जबकि नेशनल कांफ्रेंस तो काफी उदारवादी है. फारूक अब्‍दुल्‍ला सीना ठोककर कहते हैं क‍ि वे भारतीय हैं. यही नहीं उनके राम भजन भी बहुत लोकप्रिय हैं. आइये देखते हैं कि सोशल मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों में एनसी और बीजेपी के पास आने की क्यों चर्चा हो रही है? 1-क्या कांग्रेस से छुटकारा पाना चाहते हैं उमर? पिछले कुछ दिनों में उमर अब्दुल्ला के उन बयानों पर गौर करें जो इस तरह की कयासबाजी को जन्म दे रही हैं. उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को जब कहा कि उन्हें 4 निर्दलीयों का सपोर्ट मिल गया है और कांग्रेस से भी सपोर्ट की बातचीत चल रही है.तो लोगों को खटका कि आखिर कांग्रेस से सपोर्ट की बातचीत क्यों चल रही है? कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. इसमें सपोर्ट के लिए बातचीत जैसी बात कहां से आ गईं. यही नहीं इसके पहले भी उमर ने जैसी बातें की उससे यही लगता है कि उमर बीजेपी के नजदीक आना चाहते हैं. कुछ बानगी देखिए- -हमें केंद्र के साथ समन्वय बनाकर चलने की जरूरत है. जम्मू-कश्मीर के कई मुद्दों का समाधान केंद्र से लड़ाई करके नहीं हो सकता. चुनाव परिणाम आने के बाद अब्दुल्ला ने यह टिप्पणी की थी. -मैं यह सुनिश्चित करने का हर प्रयास करूंगा कि आने वाली सरकार एलजी और केंद्र सरकार के साथ अच्छे संबंधों के लिए काम करे. नई सरकार की प्राथमिकता जम्मू और कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करना है, जिसके लिए वह दिल्ली में सरकार के साथ काम करेगी. -उमर अब्दुल्ला ने इंडिया टुडे को बताया था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस के साथ गठबंधन के बिना भी अच्छा प्रदर्शन किया होता. कांग्रेस के साथ गठबंधन हमारे लिए सीटों के बारे में नहीं था. हम बिना कांग्रेस के भी ये सीटें जीत सकते थे, सिवाय शायद एक के. -मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री एक सम्माननीय व्यक्ति हैं, उन्होंने यहां चुनाव प्रचार करते समय राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है. सम्माननीय गृह मंत्री ने भी यही कहा था. 2-नेशनल कॉन्फ्रेंस की क्या मजबूरी है केंद्र से मधुर रिश्ता नेशनल कांफ्रेंस जानती है कि द‍िल्‍ली की तरह ज्‍यादातर सत्‍ता उपराज्‍यपाल के हाथ में रहने वाली है. हर चीज के ल‍िए उन्‍हें एलजी के पास जाना होगा.मौजूदा हालात में नई राज्य सरकार काफी हद तक पावरलेस ही होगी. कानून व्यवस्था, सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस समेत तमाम मामलों के ल‍िए एलजी का फैसला आख‍िरी होगा. इससे टकराव की नौबत आने से बेहतर है कि आपसी रजामंदी से काम किया जाए. इससे भविष्य में बीजेपी के साथ आने का रास्ता भी खुला रहेगा.अगर साथ आते हैं तो केंद्र सरकार में भी नेशनल कांफ्रेंस को एक दो मंत्रालय संभालने का मौका मिल सकता है. कश्मीर के डिवलपमेंट के ल‍िए काफी पैसों की जरूरत है.यह बजट भी मौजूदा केंद्र सरकार के रहमोकरम पर ही निर्भर होगा. दूसरी बात यह भी है कि  एनसी के पास 42 सीटें हैं, लेकिन एनसी-कांग्रेस गठबंधन, 48 सीटों के साथ, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 45 सीटों के आधे-अधूरे अंक से बस थोड़ा ऊपर है. अब उनके साथ 4 निर्दली भी हैं. फिर भी 90 विधायकों और 5 नियुक्त विधायकों को भी जोड़ लिया जाए तो बहुमत का आंकड़ा 48 तक पहुंच जाता है. इसलिए उमर सरकार कभी भी बहुत सेफ नहीं रहेगी. उसे अपनी मर्जी की करने के लिए बीजेपी के सहयोग की हमेशा जरूरत बनी रहेगी. 3-नेशनल कॉन्फ्रेंस का मधुर रिश्ता रहा एनडीए से फारूक अब्‍दुल्‍ला के बेटे उमर अब्‍दुल्‍ला अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं.यही कारण है कि जब उन्‍होंने मोदी सरकार की तारीफ की तो लोगों में संदेह बढ़ गया कि क्या वो बीजेपी की ओर जा सकते हैं?  नेशनल कांफ्रेंस एक ऐसी पार्टी रही है, ज‍िसका कांग्रेस और बीजेपी दोनों से रिश्ता रहा है.कांग्रेस के समर्थन से फारूक … Read more

किराये के मकान में मिलते थे दो प्रेमी, प्रेमिका ने मिलने से किया इनकार, तो प्रेमी ने उतरा मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार

तखतपुर महिला के प्यार में बदहवास युवक ने अवैध संबंध बनाने के लिए मिलने से इंकार करने पर महिला प्रेमी की हत्या कर दी. इस वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. घटना की सूचना पर तखतपुर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मकान को सील कर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वार्ड की टीम का इंतजार किया जा रहा है. यह मामला तखतपुर लगे गांव ठकुरिकापा गांव का है. घटना बीती रात की है. जानकारी के मुताबिक, आरोपी नरेंद्र सोनकर और लता सोनकर के बीच कई महीनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों पहले से ही शादीशुदा हैं और दिहाड़ी का काम करते थे. महिला और युवक तखतपुर नगर के टिकरीपारा में किराए के मकान में मुलाकात करते थे. बीती रात फोन नहीं उठाने और संबंध बनाने से मना करने पर युवक ने महिला की हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक भागने के फिराक में था, जिसे पुलिस ने धर दबोचा. पुलिस मकान को सील कर आगे की कार्रवाई में जुटी है. recent visitors 92

कारागार में रामलीला मंचन के दौरान हुई यह घटना, दो खूंखार कैदी फरार

हरिद्वार  उत्तराखंड के हरिद्वार से ऐसा मामला सामने आया है, जिससे पुलिस और प्रशासन महकमे में हड़कंप मच गया है। हर साल की तरह इस बार भी रोशनाबाद जेल में रामलीला का मंचन चल रहा था। इसी दौरान शुक्रवार को वानर का किरदार निभा रहे दो कैदी मौका देखकर फरार हो गए। रामलीला और जेल में हो रहे निर्माण कार्य का फायदा उठाकर दोनों भाग निकले। यह घटना बीती रात की है। रामलीला मंचन के दौरान हरिद्वार जेल से दो खूंखार कैदी फरार हो गए। मंचन के दौरान इधर माता सीता की खोज हो रही थी, उधर दो वानर रूपी कैदी दीवार फांद कर भाग निकले। सभी लोग रामलीला मंचन के दृश्यों में सराबोर थे और किसी को भी घटना का पता नहीं लग सका। जेल से फरार हुए आरोपियों की पहचान रुड़की निवासी पंकज और यूपी के गोंडा निवासी राजकुमार के तौर पर की गई है। ये दोनों सीढ़ी लगाकर दीवार लांघ गए। फरार हुए दोनों कैदी जघन्य अपराधों के दोषी है। घटना के बाद हड़कंप मच गया। आरोपियों की तलाश जारी है। पंकज हत्या के मामले में आजीवन कारावास काट रहा था। वहीं राजकुमार अपहरण के मामले में विचाराधीन कैदी है। कैदियों की फरारी के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर पुलिस अधिकारियों का कहना कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। recent visitors 93