रावण दहन की तैयारियों के बीच हादसा, छत्तीसगढ़-रायपुर में करंट से एक की मौत और दूसरा गंभीर

रायपुर। राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस(WRS) कॉलोनी स्थित रावण मैदान में एक बड़ा हादसा हो गया. रावण दहन के लिए मंच निर्माण के दौरान एक कर्मचारी करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना से मौके पर हड़कंप मच गया. हादसे के बाद घायल व्यक्ति को आनन-फानन में एंबुलेंस से मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी. जानकारी के अनुसार, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी स्थित रावण मैदान आज रावण दहन के लिए भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था. वहीं स्टेज पर एक कर्मचारी परमानंद ध्रुव (37 वर्ष) काम कर रहा था तभी अचानक उसे बिजली का झटका लगा, जिससे वह ऊपर से नीचे गिर पड़ा. हादसे के बाद वहां मौजूद उसका साथी उसकी हालत देखकर बेहोश हो गया. करंट लगने से अचेत हुए परमानंद को मौके पर सीपीआर दिया गया और तुरंत एंबुलेंस से मेकाहारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी. वहीं मौके पर बेहोश हुए मृतक का साथी मेकाहारा अस्पताल में पिछले दो घंटे से मेडिसिन विभाग में भर्ती है. कर्मचारी परमानंद ध्रुव की मौत का कारण बिजली का झटका था या कार्डियक अरेस्ट. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण का पता चल सकेगा. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. recent visitors 57

अजित, धनंजय ने बाबा सिद्दीकी के निधन पर जताया शोक

नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल तथा संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजित गुट के नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि यह वारदात महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। गौरतलब है कि हमलावरों ने कल देर रात श्री सिद्धिकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनमें दो हमलावरों को पकड़ लिया गया है। श्री खरगे ने कहा, "महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी का दुखद निधन शब्दों से परे स्तब्ध करने वाला है। दुख की इस घड़ी में, मैं उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए और महाराष्ट्र सरकार को गहन और पारदर्शी जांच का आदेश देना चाहिए। दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले और जवाबदेही सर्वोपरि है।" श्री गांधी ने कहा, "बाबा सिद्दीकी का दुखद निधन चौंकाने वाला है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। यह भयावह घटना महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने को उजागर करती है। सरकार को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और न्याय मिलना चाहिए" श्री वेणुगोपाल ने कहा, "बाबा सिद्दीकी की हत्या से स्तब्ध और आक्रोशित हूँ। सिद्दीकी ने समर्पण के साथ लोगों की सेवा की और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की। उनका निधन मुंबई और महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक बड़ी क्षति है। यह घटना महाराष्ट्र की चरमराती कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सिद्दीकी ने कई मौकों पर अधिकारियों को अपने जीवन के खतरों के बारे में सूचित किया था और वाई प्लस सुरक्षा के बावजूद उनकी हत्या की गई। यह गोलीबारी भीड़भाड़ वाले बाजारों के बीच सड़क पर हुई और इससे पता चलता है कि महाराष्ट्र में अपराधियों को अब कानून का डर नहीं रहा। यहां तक कि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता भी अब राजधानी में सुरक्षित नहीं हैं। सत्तारूढ़ शासन को जवाब देना होगा-जब सार्वजनिक हस्तियां सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे।" श्री खेड़ा ने कहा, "बाबा सिद्दीकी की हत्या के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं, शब्दों से परे। श्री सुनील दत्त के साथ मेरी उनसे पहली मुलाकात 1999 में हुई थी। उनका यूं चले जाना व्यक्तिगत क्षति है।" वही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित गुट) के नेता एवं राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की मुंबई में जिस प्रकार सरेआम हत्या कर दी गई, उससे ना केवल महाराष्ट्, र बल्कि देशभर के लोग ख़ौफ़ज़दा हैं। श्री केजरीवाल ने एक्स पर कहा, “मुम्बई में सरेआम राकांपा नेता की गोली मारकर हत्या की इस वारदात से ना केवल महाराष्ट, बल्कि देशभर के लोग ख़ौफ़ज़दा हैं। दिल्ली में भी कमोबेश यही माहौल बना दिया है इन्होंने। ये लोग पूरे देश में गैंगस्टर राज लाना चाहते हैं। जनता को अब इनके ख़िलाफ़ खड़ा होना ही पड़ेगा।” उल्लेखनीय है कि मुंबई के बांद्रा इलाक़े में शनिवार देर रात हमलावरों ने श्री सिद्धिकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष अजीत पवार और कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबा सिद्दीकी की मौत पर शोक व्यक्त किया है। गौरतलब है कि श्री सिद्दीकी की शनिवार देर रात मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई। श्री पवार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री सिद्दीकी पर गोलीबारी की घटना "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और दर्दनाक" है। हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जांच की जाएगी और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि हमले के पीछे के मास्टरमाइंड को जवाबदेह ठहराया जाएगा। श्री पवार ने कहा कि श्री सिद्दीकी की मौत पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा, "हमने एक अच्छे नेता को खो दिया है, जिन्होंने अल्पसंख्यक भाइयों के लिए लड़ाई लड़ी और सर्व-धार्मिक सद्भाव के लिए प्रयास किया।" वहीं श्री मुंडे ने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि वरिष्ठ राकांपा नेता एवं पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की मौत की खबर "बहुत चौंकाने वाली और दुखद" है। उन्होंने कहा, "वरिष्ठ साथी बाबा सिद्दीकी के निधन से अल्पसंख्यक आंदोलन ने एक महान नेता खो दिया है। मैं श्री सिद्दीकी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, हम सभी सिद्दीकी परिवार के दुख में शामिल हैं, ईश्वर उन्हें यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"   recent visitors 60

अयहिका-सुतीर्था की जोड़ी एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में

अस्ताना (कजाकिस्तान) भारत की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला युगल जोड़ी अयहिका मुखर्जी और सुतीर्था मुखर्जी ने शनिवार को एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2024 के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। अयहिका और सुतीर्था एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला युगल टेबल टेनिस जोड़ी होंगी। 1952 में खेले गए उद्घाटन संस्करण में गूल नासिकवाला ने जापान की योशिको तनाका के साथ महिला युगल में स्वर्ण पदक जीता था। टेबल टेनिस रैंकिंग में 15वें स्थान पर काबिज मुखर्जी ने क्वार्टरफाइनल में रिपब्लिक ऑफ कोरिया की अस्थायी जोड़ी किम नायोंग और ली यून्हे को 3-1 (10-12, 11-7, 11-9, 11-8) से हराया। भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी रविवार को सेमीफाइनल में जापान की दुनिया की 33वें नंबर की खिलाड़ी मिवा हरिमोटो और मियु किहारा से भिड़ेंगे। पिछले साल एशियाई खेलों में, अयहिका और सुतिर्था ने महाद्वीपीय खेलों में महिला युगल टेबल टेनिस में भारत के लिए पहला पदक, कांस्य जीतकर इतिहास रच दिया था। पिछले साल ट्यूनिस में, मुखर्जी बहनें डब्ल्यूटीटी कंटेंडर महिला युगल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं थीं। इस बीच, पूर्व राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन मनिका बत्रा महिला एकल में अपना प्री-क्वार्टरफाइनल मैच हारकर बाहर हो गईं। दुनिया की 29वें नंबर की भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी दुनिया की 7वें नंबर की खिलाड़ी मिवा हरिमोटो से 3-1 (11-8, 9-11, 11-7, 11-5) स्कोर से हार गईं। पुरुष एकल में, मानुष शाह और मानव ठक्कर ने राउंड ऑफ 16 में हारने से पहले उच्च रैंक वाले दक्षिण कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों को चौंका दिया। राउंड ऑफ 32 में, 115वें स्थान पर काबिज मानुष शाह ने दुनिया के 23वें नंबर के दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी एन जेह्युन को 3-0 (11-9, 11-5, 11-6) से हराया। दुनिया के 60वें नंबर के खिलाड़ी मानव ठक्कर ने दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी जंग वूजिन को 3-2 (5-11, 11-9, 5-11, 11-9, 11-7) से हराया। राउंड ऑफ 16 में शाह को चीनी ताइपे के विश्व नंबर 11 लिन युन-जू से 3-2 (12-14, 11-6, 11-7, 5-11, 8-11) से हार का सामना करना पड़ा, जबकि ठक्कर को हांगकांग चीन के विश्व नंबर 137 चैन बाल्डविन ने 3-0 (11-4, 11-4, 11-8) से हराया। 91वें स्थान पर काबिज हरमीत देसाई को राउंड ऑफ 32 के मैच में विश्व नंबर 30 दक्षिण कोरिया के लिम जोंगहून से 3-0 (14-12, 11-7, 11-7) से हार का सामना करना पड़ा।   recent visitors 94

खेलते समय कुचलने से हुई मौत, राजस्थान-श्रीगंगानगर में ट्रैक्टर के पिछले टायर के नीचे आया मासूम

श्रीगंगानगर. जानकारी के अनुसार पदमपुर वार्ड नंबर 22 निवासी राजेंद्र सिंह के रिश्तेदार शनिवार को दशहरे की बधाई देने के लिए ट्रैक्टर पर सवार होकर उनके घर पर आए थे। रिश्तेदारों ने ट्रैक्टर राजेंद्र सिंह के घर के बाहर खड़ा किया, लेकिन उसमें से चाबी निकालना भूल गए। इस दौरान राजेंद्र सिंह का 12 वर्षीय पुत्र रहम खेलता हुआ आया और ट्रैक्टर पर चढ़कर चाबी घुमा दी। इतने में ट्रैक्टर स्टार्ट हो गया और स्पीड पकड़ ली। परिजन रहम को बचाने के लिए दौड़े, तभी ट्रैक्टर गली के रैंप पर चढ़ गया और बालक अनियंत्रित होकर सीट से नीचे गिर गया। तभी ट्रैक्टर का पिछला टायर बालक के ऊपर से निकल गया और बालक की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि राजेंद्र सिंह के तीन पुत्रियों के बाद पुत्र रहम हुआ था। जिसकी इस तरह हादसे में मौत हो जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बचाने गए मामा-मामी का हाथ हुआ फ्रैक्चर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बालक के मामा और मामी टैक्टर लेकर उनके घर आए थे। वे अभी बाहर ही खड़े थे, तभी बालक ने ट्रैक्टर पर चढ़कर चाबी घुमा दी। स्टार्ट हुए ट्रैक्टर की आवाज सुनकर वे ट्रैक्टर पर सवार बालक को बचाने के लिए दौड़े। मामा और मामी ने ट्रैक्टर के टायर पकड़ कर उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन स्पीड तेज होने की वजह से ट्रैक्टर के टायर उनके भी हाथों के ऊपर से निकल गया। इससे दोनों के हाथों में फ्रैक्चर हो गया। बाइक सवार युवकों की सहायता से पहुंचाया हॉस्पिटल हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। हादसा देख राहगीर बाइक सवार भी रुके और बालक को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया। हॉस्पिटल में प्राथमिक जांच के बाद ही डॉक्टर्स ने बालक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को घर ले गए और बालक का अंतिम संस्कार कर दिया। recent visitors 63

संजू सैमसन ने अपनी शानदार 111 रनों की पारी के लिए टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया अदा किया

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने बांग्लादेश के खिलाफ 3-0 से टी20 सीरीज जीत दिलाने के बाद अपनी शानदार 111 रनों की पारी के लिए टीम मैनेजमेंट का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें पहले से ही उनकी भूमिका को लेकर स्पष्टता दे दी थी। सैमसन ने 47 गेंदों पर 111 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और 8 छक्के शामिल थे। यह पारी उन्होंने हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेली और इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 236.17 था। इस शानदार शतक के साथ सैमसन पुरुषों के टी20 में शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले सैमसन का फॉर्म कुछ खास नहीं था और उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद यह बेहतरीन पारी खेली। इसके बाद वह रोहित शर्मा के बाद सबसे तेज टी20 शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “जब आप देश के लिए खेलते हैं और कुछ मैचों में असफल होते हैं, तो दबाव महसूस होता है। सच कहूं तो मुझ पर भी दबाव था। मैं प्रदर्शन करना चाहता था, अपनी क्षमता दिखाना चाहता था। कप्तान (सूर्यकुमार यादव) और कोच (गौतम गंभीर) ने मुझसे कहा, ‘हमें पता है कि तुम्हारे अंदर कितना टैलेंट है, हम तुम्हारे साथ हैं, चाहे कुछ भी हो।’” उन्होंने आगे कहा, “वे सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि अपने फैसलों में भी मुझे सपोर्ट करते रहे। श्रीलंका में लगातार दो मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद मुझे थोड़ा शक हुआ था कि शायद मुझे अगली सीरीज में मौका न मिले, लेकिन उन्होंने मुझे इस सीरीज में पूरा भरोसा दिया। तीन हफ्ते पहले ही सूर्यकुमार, गौतम भाई और (सहायक कोच) अभिषेक नायर ने मुझे बताया था कि मैं ओपनिंग करूंगा, जिससे मुझे सही तैयारी करने का समय मिल गया।” सैमसन ने बताया कि उन्होंने राजस्थान रॉयल्स अकादमी में जाकर कई गेंदबाजों का सामना किया और खुद को इस सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार किया। उन्होंने इस सीरीज में 30 रन एक ओवर में सिर्फ पांच छक्कों से बनाए, जो किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा टी20 इंटरनेशनल में चौथे सबसे अधिक रन हैं। यह खास प्रदर्शन दशहरा के मौके पर स्टेडियम में मौजूद दर्शकों के लिए बहुत रोमांचक रहा। सैमसन ने कहा, “मुझे पता था कि मैं स्पिनर के खिलाफ क्या कर सकता हूं, इसलिए मैंने उस ओवर में ज़्यादा से ज़्यादा रन बनाने की कोशिश की। और पांच छक्के लग गए। मुझे पावरप्ले के बाद ही लगा कि मैं सेट हो गया हूं। पहले बल्लेबाजी करते हुए यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है कि कितने रन ठीक रहेंगे, लेकिन यह पिच अच्छी थी, इसलिए हम हर ओवर में ज्यादा से ज्यादा रन बनाने की कोशिश कर रहे थे।” सैमसन ने आगे बताया, “पिछले दो सालों से मैं सोच रहा था कि मैं एक ओवर में छह छक्के लगा सकता हूं। मैंने अपने मेंटर के साथ मिलकर इस पर काम किया है और खुद को इस बात का भरोसा दिलाया कि यह मुमकिन है। मैंने इसे ध्यान में रखकर अभ्यास किया और सोचा कि इसे एक दिन जरूर करना चाहिए। आज मैं बहुत खुश हूं कि यह हो पाया।” इस शतक के बाद सैमसन ने टी20 टीम में लंबे समय के लिए अपनी जगह पक्की करने के लिए दावेदारी ठोक दी है। भारत को साल 2026 में अपन घर पर टी20 विश्व कप खिताब को डिफेंड करना है। इस पर सैमसन कहते हैं, “भारत के लिए खेलना आसान नहीं है। जब आप फेल होते हैं तो यह कहना आसान होता है कि मैं अगले मैच में अधिक रन बनाऊंगा। लेकिन मैं इन चीजों को अपने तरीके से लेना चाहता हूं। मैं वह रहना चाहता हूं जो मैं हूं। मेरे लिए यह जरूरी है कि आप अपने बारे में जानते हैं और अपने खेल के बारे में जानते हैं। यह अपने प्रति सच्चा होने के बारे में है।”   recent visitors 70

बांग्लादेश के बल्लेबाज तौहीद वोले, भारत के दौरे के बाद उनकी टीम को सपाट पिचों पर खेलने की अपनी क्षमता को सुधारने की जरूरत

नई दिल्ली बांग्लादेश के बल्लेबाज तौहीद हृदॉय ने कहा कि भारत के दौरे के बाद उनकी टीम को सपाट पिचों पर खेलने की अपनी क्षमता को सुधारने की जरूरत है। यह बयान तब आया जब तीसरे और आखिरी टी20 में भारत ने बांग्लादेश को 133 रनों से हराया। इस सीरीज में भारत और बांग्लादेश के बीच खेल और मानसिकता का अंतर साफ दिखा। हैदराबाद में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 297/6 का स्कोर बनाया, जो इस फॉर्मेट में उनका सबसे बड़ा स्कोर था। जवाब में बांग्लादेश सिर्फ 164/7 रन ही बना सका, जो इस सीरीज में उनका सबसे अच्छा स्कोर था, फिर भी वे 133 रन से हार गए। हृदॉय ने 42 गेंदों में नाबाद 63 रन बनाए और बांग्लादेश के लिए इकलौते सकारात्मक पहलू रहे। हृदॉय ने कहा, “हमारे अधिकतर खिलाड़ी विकेट को अच्छे से नहीं पढ़ पाते। हम ज्यादातर मैच मीरपुर (जहां स्पिन पिच होती हैं) और कभी-कभी चटगांव में खेलते हैं। अगर हम अच्छी पिचों पर खेलते रहेंगे, तो रातों रात नहीं, पर धीरे-धीरे हम सुधार करेंगे। मैं यह नहीं कहूंगा कि हमारा स्तर बहुत नीचे है। हम एक बहुत मजबूत टीम के खिलाफ खेले। वे टी20 वर्ल्ड चैंपियन हैं और कौशल में हमसे आगे हैं, साथ ही वे अपनी घरेलू परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं। मुझे लगता है कि हमारी टीम अच्छी है, लेकिन हमें सपाट विकेटों पर बेहतर खेलना सीखना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि इस सीरीज से हारकर बांग्लादेश टीम हर क्षेत्र में बहुत कुछ सीखेगी, जिससे वे एक बेहतर टी20 टीम बन सकें। उन्होंने कहा कि, बड़ा स्कोर तभी संभव होता है जब टॉप ऑर्डर खासकर नंबर 4 तक रन बनाए। मुझे लगता है कि हमें एक बल्लेबाजी ग्रुप के रूप में सुधार करना होगा। यह समस्या लंबे समय से चल रही है। हमें उम्मीद है कि हम इस सीरीज से सबक लेंगे। हम हर विभाग में पीछे रहे। हमने अच्छी गेंदबाजी नहीं की और न ही हर मैच में अच्छी बल्लेबाजी की। हमें बहुत सुधार करने की जरूरत है। हम ऐसी (बल्लेबाजों के अनुकूल) पिचों पर नहीं खेलते हैं। यह बहाना नहीं है, लेकिन जितना हम ऐसी पिचों पर खेलेंगे, उतना ही हमें आदत होगी।” हृदॉय ने लेग-स्पिनर रिशाद हुसैन का समर्थन करते हुए कहा कि वह बेहतर वापसी करेंगे, भले ही इस सीरीज में उन्होंने सिर्फ तीन विकेट लिए हों। उन्होंने कहा, “अगर आप वर्ल्ड कप और अन्य जगहों पर उनके प्रदर्शन को देखें, तो वे बेहतरीन रहे हैं। भारतीय पिचें ऐसी होती हैं जहां सबसे अच्छे गेंदबाज भी पिट सकते हैं। टी20 रनों का खेल है और हमारे लिए यह बुरा दिन था।”   recent visitors 73

पुलिस कांस्टेबल की मौत, छत्तीसगढ़-मुंगेली में अनियंत्रित पिकअप वाहन ने मारी टक्कर

मुंगेली/लोरमी। लोरमी में एक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने पुलिस कांस्टेबल प्रशांत मसीह को ठोकर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। यह घटना चिल्फी पुलिस थाने के बोड़तरा गांव में हुई। ग्रामीणों ने जब सड़क पर शव को देखा तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि प्रशांत मसीह चिल्फी थाने में पदस्थ थे। हादसे से ठीक पहले शाम करीब 8 बजे वह अपनी ड्यूटी खत्म कर बोड़तरा की तरफ खाना खाने के लिए आए हुए थे। जिसके बाद वह चिल्फी की तरफ वापस जा ही रहे थे कि अचानक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने उन्हें ठोकर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चिल्फी पुलिस ने कांस्टेबल प्रशांत मसीह के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए लोरमी रवाना कर दिया है। recent visitors 77