दिल्ली मेट्रो में बिना लिखित परीक्षा के नौकरी पाने का मौका, 96000 पाएं सैलरी

दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) में नौकरी (Sarkari Naukri) पाने का मन बना रहे लोगों के लिए एक अच्छा अवसर है. अगर आप भी इन पदों से संबंधित योग्यता रखते हैं, तो दिल्ली मेट्रो की आधिकारिक वेबसाइट delhimetrorail.com पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने मैनेजर और असिस्टेंट मैनेजर के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के इस भर्ती के लिए जो कई भी आवेदन कर रहे हैं, वे 1 नबंवर तक या उससे पहले अप्लाई कर सकते हैं. अगर आप भी इन पदों पर काम करने की इच्छा रखते हैं, तो आवेदन करने से पहले दिए गए इन बातों को गौर से पढ़ें. दिल्ली मेट्रो में नौकरी पाने की क्या है योग्यता दिल्ली मेट्रो के इस भर्ती के लिए जो कोई भी आवेदन कर रहे हैं, उनके पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से बी.ई. (इलेक्ट्रिकल/मैकेनिकल) या समकक्ष डिग्री होनी चाहिए. दिल्ली मेट्रो में अप्लाई करने की क्या है आयु सीमा दिल्ली मेट्रो में नौकरी पाने की ख्वाहिश रखने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयुसीमा 55 वर्ष और अधिकतम आयुसीमा 62 वर्ष होनी चाहिए. दिल्ली मेट्रो में चयन होने पर मिलती है सैलरी मैनेजर (इंस्पेक्शन): 96,600 रुपये प्रतिमाह असिस्टेंट मैनेजर (इंस्पेक्शन): 75,100 प्रतिमाह दिल्ली मेट्रो में ऐसे होगा चयन जो कोई भी दिल्ली मेट्रो के इस भर्ती के लिए आवेदन कर रहे हैं, उनका चयन पर्सनल इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा. उम्मीदवारों के नॉलेज, स्किल, फिजिकल फिटनेस और प्रासंगिक अनुभव का आकलन किया जाएगा. यहां देखें आवेदन लिंक और नोटिफिकेशन ऐसे करें आवेदन उम्मीदवारों को DMRC की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्मेट डाउनलोड करना होगा. विधिवत भरा हुआ आवेदन पोस्ट के नाम के साथ लिफाफे पर स्पष्ट रूप से अंकित करके स्पीड पोस्ट या ईमेल के माध्यम से नीचे दिए गए पते पर भेजना होगा. कार्यकारी निदेशक (एचआर) दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड मेट्रो भवन, फायर ब्रिगेड लेन बाराखंभा रोड, नई दिल्ली recent visitors 78

ओवैसी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए सभी को साथ लेकर चलना होगा

हैदराबाद  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ‘धर्मनिरपेक्ष’ पार्टियां चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-विरोधी मतों में सेंध लगाने के लिए उन पर (ओवैसी पर) आरोप लगाती थीं, लेकिन हरियाणा में एआईएमआईएम के उम्मीदवारों को न उतारने के बावजूद कांग्रेस कैसे हार गई? ओवैसी ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को हराने के लिए ‘पुरानी पार्टी’ को सभी को साथ लेकर चलना होगा। तेलंगाना के विकाराबाद में  एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा) हरियाणा कैसे जीत लिया? मैं वहां नहीं था। वरना वे ‘बी टीम’ कहते… वे वहां हार गए। अब आप ही बताइए, वे किसके कारण हारे?’’ ओवैसी ने कहा, ‘‘मैं पुरानी पार्टी (कांग्रेस) से कहना चाहूंगा कि मेरी बात समझिए, मोदी को हराने के लिए सबको साथ लेकर चलना होगा। आप अकेले कुछ नहीं कर पाओगे।’’ भाजपा ने हरियाणा में सत्ता-विरोधी लहर को मात देते हुए लगातार तीसरी बार शानदार जीत हासिल की और कांग्रेस की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हरियाणा में भाजपा ने 90 विधानसभा सीट में से 48 सीट जीतीं, जो सरकार बनाने के लिए 46 के जादुई आंकड़े से कहीं अधिक है।   recent visitors 75

13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील, कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी

नई दिल्ली पूर्व मध्य अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र के पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है और आज 13 अक्टूबर की सुबह तक मध्य अरब सागर पर दबाव में तब्दील हो जाएगा। इसकी वजह से कई राज्यों में मौसम में बदलाव होगा और जबरदस्त बारिश होगी। दक्षिणी इंटीरियर कर्नाटक, केरल, माहे, तमिलनाडु में अगले पांच से छह दिनों तक भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 14-16 अक्टूबर के बीच भारी बरसात होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, उत्तरी इंटीरियर कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, असम, मेघलय, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में मॉनसून की वापसी के आसार बन रहे हैं। कैसा रहेगा दक्षिण भारत का मौसम? मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 14-16 अक्टूबर के बीच बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 12, 13 और 17 अक्टूबर, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में 14-17 अक्टूबर, साउथ इंटीरियर कर्नाटक में 12-16 अक्टूबर के बीच तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, अंडमान और निकोबार द्वीप में 12 अक्टूबर को तेज बारिश की संभावना है। पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों की बात करें तो कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में बारिश का अलर्ट है। इसमें से मध्य महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर, गुजरात में 12, 13, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ में 12 अक्टूबर को तेज बारिश होने वाली है। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत में इस हफ्ते तक बारिश नहीं होने की संभावना है। recent visitors 140

प्रदेश में दिवाली मनाएगा संघ परिवार: प्रचारकों का ग्वालियर में होगा प्रशिक्षण वर्ग, संघ प्रमुख मोहन भागवत होंगे शामिल

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के संघ सदस्यों के लिए इस बार दीपावली पर्व कुछ खास रहेगा।दरअसलराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सभी सम-वैचारिक संगठनों के संगठन मंत्री और अन्य पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रचारकों का चार दिवसीय अखिल भारतीय प्रशिक्षण वर्ग इस बार ग्वालियर में आयोजित किया जा रहा है। 1 से 4 नवंबर तक यह वर्ग चलेगा। इसके लिए 30 अक्टूबर को सभी प्रचारक ग्वालियर के केदारधाम सरस्वती शिशु मंदिर में एकत्र होंगे। इसमें संघ प्रमुख डॉ  मोहन भागवत और अखिल भारतीय टोली के सभी प्रमुख सदस्य शामिल होंगे। संगठन के पदाधिकारी रहेंगे मौजूद ग्वालियर में आयोजित किए जा रहे इस कैंप में संघ के 3 दर्जन से अधिक अनुषांगिक संगठनों के नगर प्रचारक से लेकर अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जनवरी 2025 से शुरू होने वाले संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम की रूपरेखा इसी कैंप के दौरान बनाई जाएगी। नए पाठ्यक्रम की बनेगी रूपरेखा संघ की स्थापना के अगले वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यही वजह है कि संघ इस वर्ग में अपने सम-वैचारिक संगठनों में भेजे गए प्रचारकों के प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने जा रहा है। संघ की अखिल भारतीय टोली की मौजूदगी में ही नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। इसमें संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित अन्य सहसरकार्यवाह भी उपस्थित रहेंगे। स्वयंसेवकों के लिए संघ शिक्षा वर्ग की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने प्रचारकों के लिए भी समय-समय पर प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन करता है। आमतौर पर हर पांच वर्ष में संघ की ओर से सभी सम-वैचारिक संगठनों के उन संगठन मंत्रियों का प्रशिक्षण वर्ग किया जाता है, जो पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ, आरोग्य भारती, प्रज्ञा प्रवाह, चित्र भारती जैसे संगठनों में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में ग्वालियर में संघ के सम-वैचारिक संगठनों में कार्यरत प्रचारकों को संघ चार दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। संघ की स्थापना के अगले वर्ष 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यही वजह है कि संघ इस वर्ग में अपने सम-वैचारिक संगठनों में भेजे गए प्रचारकों के प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम में भी बदलाव करने जा रहा है। संघ की अखिल भारतीय टोली की मौजूदगी में ही नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी। इसमें संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित अन्य सहसरकार्यवाह भी उपस्थित रहेंगे। वर्ग के लिए संघ प्रमुख डा. मोहन भागवत 30 अक्टूबर को ग्वालियर पहुंचने की संभावना है। 31 अक्टूबर को अखिल भारतीय टोली की बैठक हो सकती है। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। recent visitors 131

रिपोर्ट के मुताबिक देश में 6 वर्षों में ग्रामीण व शहर, दोनों जगह महिला कामगारों की संख्या में इजाफा हुआ

नई दिल्ली  देश में जॉब करने वाली महिलाओं की संख्या में तेजी आ रही है। पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) की 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक लेबर फोर्स में काम करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले 6 साल में यानी 2017-18 से लेकर 2023-24 तक बेरोजगारी दर में 50 फीसदी तक की कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन 6 वर्षों में ग्रामीण हो या शहर, दोनों जगह महिला कामगारों की संख्या में इजाफा हुआ है। दोगुने से ज्यादा हुई मुस्लिम महिलाओं की संख्या जॉब करने वाली मुस्लिम महिलाओं की संख्या में भी 6 साल में दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक साल 2017-18 में सिर्फ 9 फीसदी मुस्लिम महिलाएं नौकरी करती थीं। अब इसमें 2.3 गुना की बढ़ोतरी हुई है। यानी अब 20.7 फीसदी मुस्लिम महिलाएं जॉब करती हैं। मुस्लिम महिलाओं के बाद सिख महिलाओं के जॉब करने की संख्या में तेजी आई है। 6 वर्षों में यह 11 सिर्फ से बढ़कर 24.6 फीसदी हो गया है। इसमें 124 फीसदी की तेजी आई है। इसके बाद हिंदू महिला कामगारों की संख्या बढ़ी है। इसमें करीब 84 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इन 6 वर्षों में यह आंकड़ा 17.6 फीसदी से बढ़कर 32.3 फीसदी हो गया है। क्रिश्चियन महिलाओं की संख्या 80 फीसदी बढ़ी है। 6 साल पहले 20.2 फीसदी क्रिश्चियन महिलाएं जॉब करती थीं। अब यह आंकड़ा 36.3 फीसदी है। एसटी वर्ग की महिलाएं सबसे आगे सबसे ज्यादा जॉब अनुसूचित जनजाति महिला की महिलाएं करती हैं। आंकड़ों के मुताबिक इनकी संख्या 46 फीसदी है। अनपेड जॉब करने वाले भी कम नहीं रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जो बिना सैलरी या भत्ते के नौकरी करते हैं। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि इन 6 वर्षों में 16 करोड़ नौकरियां पैदा हुई हैं यानी 2.8 करोड़ हर साल। इनमें से सालाना एक करोड़ ऐसी नौकरियां हैं जो परिवार के बिजनस से जुड़ी हैं। या फिर ऐसे लोग हैं जो सेल्फ एम्प्लॉइड हैं। इनमें काम करने वालों को कोई सैलरी नहीं मिलती। यानी ये अनपेड जॉब करते हैं। recent visitors 61

दोस्त रूस ने अत्‍याधुनिक आइसब्रेकर शिप निर्माण के लिए भारत को चुना, चीन को दिया झटका

मास्‍को यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की चीन पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीच रूस को भारत से भी जमकर मदद मिली है। भारत ने रूस से बहुत बड़े पैमाने पर तेल खरीदा है। वह भी त‍ब जब रूस पर पश्चिमी देशों ने कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। इस बीच रूस ने भारत को बड़ी खुशखबरी दी है। रूस ने अत्‍याधुनिक गैर परमाणु आइसब्रेकर शिप निर्माण के लिए भारत को चुना है। रूस ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है जब राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन चाहते हैं कि आर्कट‍िक क्षेत्र में नादर्न सी रूट का विकास किया जाए और पश्चिमी देशों के लगाए हुए प्रतिबंधों को मात दी जाए। इस समुद्री रास्‍ते के लिए भी रूस ने भारत को ऑफर दिया है। रूस के इस ऑफर से न केवल दोनों देशों के बीच रिश्‍तों में मजबूती आएगी बल्कि इससे भारत आर्कटिक क्षेत्र में बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। भारत सरकार दो जहाज बनाने वाली कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है ताकि गैर परमाणु आइसब्रेकर को तैयार किया जा सके। इस पूरे सौदे की कीमत 6000 करोड़ रुपये होगी। इस पूरे सौदे को रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोस्‍टोम का भी साथ म‍िल रहा है। रूसी कंपनी अच्‍छे माहौल वाली और क्षमता से लैस भारतीय कंपनी की तलाश कर रही है। वह भी तब जब अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। नादर्न सी रूट से क्‍या होगा फायदा ? यूरेशिया टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर 2023 में रूस ने खुलासा किया था कि उसने भारत को गैर परमाणु आइसब्रेकर बनाने का प्रस्‍ताव दिया है। इनका संयुक्‍त उत्‍पादन किया जाना है। दरअसल, रूस चाहता है कि जहाजों के जरिए होने वाले वैश्विक व्‍यापार के लिए नादर्न सी रूट को विकसित किया जाए जो एक वैकल्पिक रास्‍ता होगा। इससे स्‍वेज नहर की तुलना में उत्‍तरी यूरोप और पूर्वी एशिया के देशों को ज्‍यादा जल्‍दी से सामान पहुंचाया जा सकेगा। रूस का लक्ष्‍य है कि इस रास्‍ते से कम से कम 15 करोड़ टन कच्‍चा तेल, एलएनजी, कोयला और अन्‍य सामान साल 2030 तक हर साल पहुंचाए जाएं। रूस चाहता है कि इसके लिए कम से कम 50 आइसब्रेकर और बर्फ में चलने वाले जहाज इस रास्‍ते में तैनात किए जाएं। साथ ही नए बंदरगाहों, टर्मिनल और आपातकालीन जहाज बनाए जाएं। आर्कटिक का समुद्री इलाका 6 महीने बर्फ में ढंका रहता है। यही वजह है कि आइसब्रेकर की आगे बहुत जरूरत पड़ेगी। पुतिन और पीएम मोदी के बीच मुलाकात में जहाजों के निर्माण को लेकर सहमति बनी थी। असल में अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से यूरोपीय शिपयार्ड रूस के लिए जहाज नहीं बना पा रहे हैं। वहीं चीन, दक्षिण कोरिया और जापान के शिपयार्ड कम से कम साल 2028 तक के लिए बुक हैं। चीन की चाल को मात देगा भारत इसी वजह से रूस को अब विकल्‍प के रूप में भारत की मदद लेनी पड़ रही है जो उसका भरोसेमंद पार्टनर है। वहीं विश्‍लेषकों का कहना है कि रूस भारत के साथ दोस्‍ती बढ़ाकर चीन को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद रूस बुरी तरह से चीन पर निर्भर हो गया है। चीन चाहता है कि नादर्न सी रूट पर उसकी पकड़ बढ़े और वह रूस के साथ दोस्‍ती बढ़ा रहा है। वह इसे बीआरआई का हिस्‍सा बता रहा है। वहीं यह पूरा इलाका तेल और गैस से भरा हुआ है जिससे आने वाले समय में व्‍यापार बहुत ज्‍यादा बढ़ने की संभावना है। recent visitors 104

रतलाम : प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव में भक्तों से सजावट के लिए 17 अक्टूबर से सामग्री लेना शुरू की जाएगी

रतलाम  रतलाम शहर के माणकचौक स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव में भक्तों द्वारा सजावट के लिए दिए जाने वाले रुपये, आभूषण, मोती आदि से विशेष शृंगार की तैयारी हो गई है। 17 अक्टूबर से सामग्री लेना शुरू की जाएगी। पहले दिन धनतेरस पर ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खोले जाएंगे। विशेष शृंगार के दर्शन भाईदूज तक लगातार किए जा सकेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को सामग्री वापस देना शुरू की जाएगी। 2008 के बाद से बढ़ा शृंगार का स्वरूप इस सामग्री से होने वाले विशेष शृंगार को लेकर मंदिर देश भर में प्रसिद्ध है। पूर्व में कुछ ही लोग सामग्री देते थे, लेकिन वर्ष 2008 के बाद से सामग्री देने वाले भक्तों की संख्या बढ़ने पर शृंगार का स्परूप भी विस्तृत कर दिया गया। दी जाने वाली सामग्री को रजिस्टर में दर्ज कर श्रद्धालु को टोकन दिया जाता है। इसी टोकन से सामग्री वापस मिल जाती है। इस बार भी यही व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा के लिए रहते हैं जरूरी इंतजाम पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा के लिए मंदिर समिति व पुलिस प्रशासन भी सभी जरूरी इंतजाम करता है। अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाता है। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डिस्प्ले पास में स्थित माणकचौक थाने पर रहता है। वहां से भी निगरानी होती है। मंदिर के संजय पुजारी ने बताया कि 17 से 28 अक्टूबर तक सामग्री ली जाएगी। भाई दूज के बाद रजिस्टर में दर्ज फोटो, टोकन आदि के आधार पर ही सामग्री वापस की जाएगी। रतलाम शहर के साथ यहां बाहर से भी लोग अपनी सामग्री जमा कराने के लिए मंदिर में पहुंचते हैं। महालक्ष्मी मंदिर में विशेष शृंगार पर नजर सामग्री – सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की सिल्लियां, पांच से लेकर 500 रुपये तक के नोट, श्रीयंत्र, कछुआ, तिजोरी आदि महालक्ष्मी मंदिर में ली जाती है। सामग्री देने वाले औसतन श्रद्धालु – करीब 3000 श्रद्धालु यहां सामग्री जमा कराने के लिए पहुंचते हैं। मान्यता – महालक्ष्मी मंदिर में रखी शृंगार सामग्री वापस लेने के बाद घर की तिजोरी, पूजन स्थान पर रखने से सालभर सुख-समृद्धि बनी रहती है। व्यवस्था – धनतेरस से मंदिर में विशेष दर्शन शुरू होते हैं। दर्शन व्यवस्था में भी भक्त सहयोग करते हैं। सुरक्षा – दीपोत्सव में मंदिर में विशेष पुलिस बल के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाती है। recent visitors 69