हिजुबल्ला ने इस्राइली नागरिकों से सेना के ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी

बेरूत  लेबनान के उग्रवादी संगठन हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को चेतावनी जारी की है। हिजुबल्ला ने इस्राइली नागरिकों से इस्राइली सेना के ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है। हिजबुल्ला ने आरोप लगाया है कि इस्राइली सेना उत्तरी सीमा पर रिहायशी इलाकों में अपने बेस बनाकर तैनात है। ऐसे में हिजबुल्ला ने इस्राइली नागरिकों को रिहायशी इलाकों में कथित तौर पर मौजूद फौजी ठिकानों से दूर रहने को कहा है ताकि वे सुरक्षित रहें। हिजबुल्ला ने अरबी और हिब्रू भाषा में जारी किए बयान में कहा कि 'इस्राइली सेना घरों का इस्तेमाल कर रही है और उन्होंने हाइफा, टिबरिस और एक्रे जैसे बड़े शहरों के रिहायशी इलाकों में मिलिट्री बेस बनाए हुए हैं।' हिजबुल्ला द्वारा इस्राइल पर मिसाइलों और रॉकेट से हमले किए जा रहे हैं। इस्राइल ने भी जारी की लेबनान के लोगों के लिए चेतावनी वहीं इस्राइली सेना ने भी लेबनान के लोगों को चेतावनी जारी की है। इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला जारी रखते हुए लेबनानी नागरिकों को दक्षिणी क्षेत्र में अपने घरों की तरफ न लौटने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि इस्राइली सेना द्वारा लगातार बेरूत और उसके आसपास के इलाकों में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। इस्राइली हमलों में अब तक लेबनान में 1200 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर विस्थापित जीवन जी रहे हैं। इस्राइली हमले में हिजबुल्ला के दो कमांडर्स ढेर इससे पहले शुक्रवार को इस्राइल ने हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमला कर उसके दो कमांडर्स को ढेर कर दिया। जिन कमांडर्स को इस्राइल ने मारा, उनकी पहचान अहमद मुस्तफा और मोहम्मद अली हमदान के रूप में हुई है। हमदान हिजबुल्ला के एंटी टैंक का कमांडर था। इस्राइल ने लेबनान में अपने मिसाइल हमलों में बेरूत के दाहिया में हिजबुल्ला के कई हथियार डिपो भी तबाह कर दिए हैं। इस बीच नेतन्याहू ने लेबनान को चेतावनी देते हुए कहा है कि हिजबुल्ला को रोकें वरना गाजा जैसा हाल करेंगे।     recent visitors 87

थरूर की “शिवलिंग पर बिच्छू” वाली टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट सोमवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाकर की गई थरूर की कथित “शिवलिंग पर बिच्छू” वाली टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था। थरूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए 10 सितंबर को उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ दायर मानहानि मामले में निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने इस मामले में शिकायतकर्ता भाजपा नेता राजीव बब्बर और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर याचिका पर जवाब तलब किया था। न्यायालय की वेबसाइट पर 14 अक्टूबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध वाद सूची के अनुसार, न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ थरूर की याचिका पर सुनवाई करेगी। थरूर ने उच्च न्यायालय के 29 अगस्त के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है, जिसमें उनके खिलाफ मानहानि की कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया गया था।  थरूर के वकील ने 10 सितंबर को सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय से कहा कि शिकायतकर्ता को मामले में पीड़ित पक्ष नहीं कहा जा सकता और राजनीतिक दल के सदस्यों को भी पीड़ित पक्ष नहीं कहा जा सकता। वकील ने दलील दी थी कि थरूर की टिप्पणी मानहानि कानून के प्रतिरक्षा खंड के तहत संरक्षित है, जो यह निर्धारित करता है कि अच्छी सोच के साथ दिया गया बयान आपराधिक नहीं है। वकील ने कहा कि थरूर ने टिप्पणी करने से छह साल पहले कारवां पत्रिका में प्रकाशित एक लेख का संदर्भ दिया था। शीर्ष न्यायालय ने हैरानी जताई थी कि 2012 में उस वक्त यह बयान अपमानजनक नहीं था जब आलेख मूल रूप से प्रकाशित हुआ था। न्यायमूर्ति रॉय ने सुनवाई के दौरान कहा था, “आखिरकार यह एक रूपक है। मैंने समझने की कोशिश की है। यह संदर्भित व्यक्ति (मोदी) की अपराजेयता को दर्शाता है। मुझे नहीं पता कि यहां किसी ने आपत्ति क्यों जताई है।” थरूर के खिलाफ कार्यवाही को रद्द करने से इनकार करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा था कि प्रथम दृष्टया, प्रधानमंत्री के खिलाफ “शिवलिंग पर बिच्छू” जैसे आरोप “घृणित एवं निंदनीय” हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मानहानि की शिकायत में तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही पर 16 अक्टूबर 2020 को रोक लगा दी थी और पक्षकारों को 10 सितंबर को निचली अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। उसने कहा था कि प्रथम दृष्टया, टिप्पणी से प्रधानमंत्री, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ-साथ इसके पदाधिकारियों और सदस्यों की मानहानि हुई है।     recent visitors 93

अमेरिकी सेना को जल्द ही मिलेंगे अचूक ‘ड्रोन किलर’, मचाएंगे तबाही, बदलेगी जंग की सूरत

वॉशिंगटन  युद्ध में आज के समय ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन में हथियार भर कर उन्हें दुश्मनों के ठिकानों पर सटीक तरीके से गिराया जा रहा है। ऐसे में इनसे निपटना एक नई चुनौती है। इटली की कंपनी लियोनार्डो की अमेरिकी सब्सिडरी कंपनी लियोनार्डो DRS ने ड्रोन खतरों का मुकाबला करने के लिए 8X8 स्ट्राइकर हल्के बख्तरबंद वाहन के नए संस्करण का अनावरण किया है। यह वाहन लेजर के साथ-साथ, 70 एमएम एडवांस्ड लेजर गाइडेड रॉकेट, 30 एमएम ऑटोमैटिक तोप और एडांस्ड सेंसर सिस्टम से लैस है। अमेरिकी सेना के लिए शॉर्ट रेंज डिफेंस सिस्टम के लिए यह महत्वपूर्ण है। नए स्ट्राइकर प्रोटोटाइप पर ब्लूहेलो का 26 किलोवाट लेजर डायरेक्टेड हथियार लगा है। यह अलग-अलग आकार और प्रकार के ड्रोन को तबाह करने में सक्षम है। लियोनार्डो डीआरएस में बिजनेस डेवलपमेंट के वरिष्ठ निदेशक एड हाउस ने कहा, 'यह एक डायरेक्ट एनर्जी क्षमता प्रदान करेगा।' हथियार 600 किग्रा तक के वजन वाले, 18000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले और 460 किमी प्रति घंटे की स्पीड वाले ड्रोन को तबाह कर सकता है। क्या है ताकत? लेजर हथियार दुश्मन को मारने की क्षमता बढ़ा देता है। पारंपरिक हथियारों की तुलना में इसे बार-बार लोड किए बिना फायर किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त वाहन में 70 मिमी लेजर गाइडेड रॉकेट के चार गोले लॉन्च करने की सुविधा है। यह स्ट्राइकर वाहन की ड्रोन को तबाह करने की क्षमता को और बढ़ा देते हैं। रॉकेट एडवांस्ड प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम II (APKWS II) का हिस्सा हैं, जिन्हें खास तौर से ड्रोन को मारने के लिए बनाया गया है। नवंबर में भारत और अमेरिका ने साथ मिलकर एक ऐसा ही हथियार बनाने पर चर्चा की थी, जिसके जरिए सैनिकों को चीन की सीमा पर लाने ले जाने में मदद मिले। इसमें एंटी टैंक हथियार लगाया जाता। मशीनगन भी लगी है स्ट्राइकर पर 7.62 मिमी मशीन गन भी लगी है, ताकि हवाई और जमीनी दोनों खतरों को खत्म किया जा सके। एडवांस्ड हथियारों की मदद के लिए स्ट्राइकर नए अपडेट किए सेंसर से लैस है। इसमें ड्रोन का पता लगाने और ट्रैक करने वाले सेंसर हैं। साथ ही रडार लगा है। वाहन के सेंसर सूट में संभावित खतरों का पता लगाने और उन्हें वर्गीकृत करने के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे भी लगे हैं। recent visitors 63

शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी, मद्महेश्वर मेला 23 नंवबर को होगा आयोजित

उखीमठ/मक्कूमठ पंचकेदार में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार मद्महेश्वर मंदिर के कपाट 20 नवंबर को शुभ लग्नानुसार प्रात: काल और तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट 04 नवंबर पूर्वाह्न 11 बजे तुला लग्न में बंद होंगे। कपाट बंद होने के बाद मद्महेश्वर भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होकर शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। मद्महेश्वर मेला 23 नवम्बर को आयोजित होगा। मद्महेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि शीतकालीन गद्दीस्थल मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में आज दशहरे के शुभ अवसर पर पंचांग गणना पश्चात घोषित हुई। मद्महेश्वर मेला और देव डोलियों के शीतकालीन गद्दीस्थल पहुंचने का कार्यक्रम भी घोषित हो गया। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि मद्महेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने के बाद भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह डोली 20 नवंबर को प्रथम पड़ाव गौडार गांव, 21 नवंबर को दूसरे पड़ाव रांसी, 22 नवंबर गिरिया और 23 नवम्बर को ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। 23 नवंबर को मद्महेश्वर मेला संपन्न होगा। कपाट बंद होने की तिथि तय करने के अवसर पर पुजारी बागेश लिंग, वेदपाठी यशोधर मैठाणी, नवीन मैठाणी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी, देवानंद गैरोला, जेई सूरज मलासी, प्रेम सिंह रावत, वीरेश्वर भट्ट, नवीन शैव, वर्ध जमलोकी, सत्यप्रसाद सेमवाल, शंकर स्वामी, पंच गौंडार से मदन पंवार (भंडारी) ब्राह्मण खोली पंडितगण सहित पंचगाई हक हकूहकधारी आदि मौजूद थे। इसी तरह तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट तुला लग्न में सोमवार 04 नवंबर पूर्वाह्न 11 बजे को बंद होंगे। कपाट बंद होने की तिथि शीतकालीन गद्दीस्थल मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में तय हुई।  इस अवसर पर मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक बलबीर नेगी, पुजारी भारत मैठाणी, मुकेश मैठाणी, उमादत्त, विनोदमैठाणी, आचार्य रविंद्र मैठाणी, माहेश्वर प्रसाद, शांति प्रसाद, शेखर चंद्र, क्षेत्र पंचायत सदस्य जयबीर नेगी, दिलवर नेगी और हक-हकूकधारी आदि मौजूद रहे। लाखों तीर्थयात्रियों ने किए दर्शन ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ प्रभारी/प्रशासनिक अधिकारी रमेश नेगी और प्रबंधक बलबीर नेगी ने संयुक्त बयान में बताया कि इस यात्रा वर्ष 13372 श्रद्धालु द्वितीय केदार मद्महेश्वर पहुंचे और 140322 से अधिक तीर्थयात्रियों ने तृतीय केदार तुंगनाथ के दर्शन किये। कपाट बंद होने के बाद तृतीय केदार तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली 4 नवंबर को प्रथम पड़ाव चोपता पहुंचेगी‌। इसके बाद पांच नवंबर को भनकुन गुफा, 06 नवंबर को भी भनकुन प्रवास करेगी और गुरुवार 07 नवंबर को शीतकाल गद्दीस्थल मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ मंदिर गर्भ गृह में शीतकाल के लिए विराजमान हो जाएगी।   recent visitors 157

16 अक्टूबर को मनाई जाएगी शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमा हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूरे साल भर में 12 पूर्णिमा तिथियां होती हैं, जिसमें शरद पूर्णिमा को विशेष माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा को रास पूर्णिमा और कोजागर पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं. शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के संग महारास रचाया था, इसलिए इसे रास पूर्णिमा कहते हैं. वहीं शरद पूर्णिमा की रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं, जिसे कोजागर पूर्णिमा के नाम से जानते हैं. शरद पूर्णिमा की रात में खुले आसमान के नीचे खीर रखते हैं. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जानते हैं कि इस साल शरद पूर्णिमा कब है? शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों में खीर रखने का समय क्या है? शरद पूर्णिमा 2024 तारीख वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल शरद पूर्णिमा के लिए जरूरी अश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर बुधवार की रात 8 बजकर 40 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि अगले दिन 17 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 55 मिनट तक मान्य रहेगी. ऐसे में शरद पूर्णिमा का पर्व 16 अक्टूबर बुधवार को मनाया जाएगा. रवि योग में है शरद पूर्णिमा 2024 इस साल शरद पूर्णिमा को रवि योग बन रहा है. शरद पूर्णिमा को रवि योग सुबह में 6 बजकर 23 मिनट से बनेगा, जो शाम को 7 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. उस दिन ध्रुव योग प्रात:काल से लेकर सुबह 10:10 बजे तक रहेगा. उसके बाद व्याघात योग है. शरद पूर्णिमा वाले दिन उत्तर भाद्रपद नक्षत्र शाम को 07:18 बजे तक है, उसके बाद से रेवती नक्षत्र है. हालांकि शरद पूर्णिमा पर पूरे दिन पंचक भी रहेगा. शरद पूर्णिमा 2024 खीर रखने का समय 16 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा का चंद्रोदय शाम में 5 बजकर 5 मिनट पर होगा. शरद पूर्णिमा की रात खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की किरणों में खीर रखते हैं. इस साल शरद पूर्णिमा पर खीर रखने का समय रात में 08 बजकर 40 मिनट से है. इस समय से शरद पूर्णिमा का चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होकर अपनी किरणों को पूरे संसार में फैलाएगा. शरद पूर्णिमा की रात क्यों रखते हैं खीर? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होता है और उस रात अमृत की वर्षा होती है. चंद्रमा की किरणें औषधीय गुणों वाली होती हैं, जो शीतलता भी प्रदान करती हैं. इस वजह से शरद पूर्णिमा की रात खीर बनाकर कुछ समय के लिए रखा जाता है, ताकि वह चंद्रमा की किरणों से औषधीय गुणों वाली हो जाए. उसे खाने से सेहत ठीक होती है. recent visitors 99

अडानी ने केन्या के साथ किया एक और बड़ा समझौता, ₹62000000000 की डील, जानें क्या करेगी कंपनी

नई दिल्ली  गौतम अडानी दुनिया के कई देशों के साथ एक से बढ़कर एक डील कर रहे हैं। अब उन्होंने केन्या सरकार के साथ एक नई डील की है। हालांकि उनकी केन्या के एयरपोर्ट को लेकर हुई डील अभी भी फंसी हुई है। लेकिन नई डील को अडानी का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। यह डील 736 मिलियन डॉलर (करीब 6200 करोड़ रुपये) की है। नई डील के तहत अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी एनर्जी केन्या में बिजली ट्रांसमिशन लाइनों का संचालन करेगी। इसके लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड ने केन्या इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (केट्राको) के साथ एक समझौते पर साइन किए हैं। यह डील 30 वर्षों के लिए हुई है। केन्या के ऊर्जा मामलों के कैबिनेट सचिव ओपियो वांडाई ने इसकी जानकारी दी। क्या होगा डील में? मौजूदा समय में केन्या बिजली के संकट से जूझ रहा है। इस डील के मुताबिक अडानी एनर्जी केन्या में प्रमुख ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों को विकसित करेगी। साथ ही कंपनी वित्तपोषण, निर्माण, संचालन और रखरखाव करेगी। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करने के लिए देश के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना है। केन्या सरकार खर्च नहीं करेगी चवन्नी भी केन्या सरकार इस प्रोजेक्ट पर कोई पैसा खर्च नहीं करेगी। पर कोई वित्तीय व्यय नहीं करेगी। ओपियो वांडाई के अनुसार इस इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए प्रोजेक्ट कंपनी (AESL) लोन और इक्विटी के माध्यम से फंडिंग जुटाएगी। इस रकम को 30 साल की अवधि में चुकाया जाएगा। प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से तय की जाएगी, जिसे केट्राको और AESL द्वारा संयुक्त रूप से संभाला जाएगा। AESL तीन ट्रांसमिशन लाइन और दो सबस्टेशन विकसित करेगी। अटका हुआ है एयरपोर्ट का संचालन अडानी ग्रुप का केन्या में यह दूसरा बड़ा प्रोजेक्ट है। इससे पहले यह ग्रुप केन्या के मुख्य एयरपोर्ट के संचालन के लिए डील कर चुका है। हालांकि स्थानीय लोगों के विरोध के बाद प्रस्ताव को रोक दिया गया है। बता दें कि केन्या सरकार ने देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट जोमो केन्याटा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (JKIA) को अडानी ग्रुप को 30 साल के लिए लीड पर देने की घोषणा की थी। केन्या एविएशन वर्कर्स यूनियन (KAWU) अडानी की इस डील के खिलाफ हैं। इस यूनियन की मांग है कि इस डील को रद्द किया जाए। recent visitors 84

Hyundai IPO के आने से पहले ही ग्रे मार्केट में खराब शुरुआत, जीएमपी में तगड़ी गिरावट

मुंबई अगले हफ्ते देश का सबसे बड़ा आईपीओ आ रहा है, जो LIC, पेटीएम और कोल इंडिया जैसे आईपीओ की रिकॉर्ड तोड़ देगा. यह आईपीओ 15 अक्‍टूबर को सब्‍सक्रिप्‍शन के लिए खुल रहा है और 17 अक्‍टूबर को बंद हो जाएगा. कंपनी ने इस IPO के तहत 1865-1960 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड (Hyundai IPO Price Band) का ऐलान किया है. Hyundai IPO के साइज की बात करें तो ये 27870.16 करोड़ रुपये का है, जो इसे देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के आईपीओ से भी बड़ा बनाता है, जो कि 21000 करोड़ रुपये का था. इस आईपीओ के तहत अलॉटमेंट प्रोसेस के लिए 18 अक्टूबर, तो रिफंड प्रोसेस के लिए कंपनी ने 21 अक्टूबर की तारीख तय है. इसके शेयरों की लिस्टिंग 22 अक्टूबर को होनी है. हुंडई आईपीओ जीएमपी में तगड़ी गिरावट Hyundai IPO के आने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसकी खराब शुरुआत दिख रही है. ऑटो सेक्‍टर की इस कंपनी के जीएमपी में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है. आईपीओ का साइज और प्राइस बैंड तय किए जाने के बाद से ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगातार टूट रहा है और करीब 80 फीसदी टूट चुका है. सितंबर के आखिरी दिनों में 570 रुपये से गिरकर 12 अक्‍टूबर को इसका जीएमपी 75 रुपये पर आ चुका है. किसके लिए कितना रिजर्व? Hyundai का इश्यू 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है. IPO के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 18 अक्टूबर को फाइनल होगा. फिर BSE और NSE पर 22 अक्टूबर को एंट्री होगी.  इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 14,21,94,700 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी होंगे और ये शेयर इसकी पैरैंट कंपनी बेचेगी. क्‍या करें निवेशक? हुंडई आईपीओ के जीएमपी में गिरावट को देखते हुए ज्‍यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि आखिरी अब क्‍या करना चाहिए? ऐसे में कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह फाइनेंशियल तौर पर ज्‍यादा मजबूत दिखाई देता है. ऐसे में निवेश किया जा सकता है. हालांकि निवेशकों को अपने रिस्‍क और फंडामेंटल समेत सभी फैक्‍टर्स को अच्‍छी तरह से समझकर ही निवेश करना चाहिए. दो दशक बाद ऑटोमेकर कंपनी का IPO पैसेंजर व्हीकल सेल्स वॉल्यूम के आधार पर Hyundai Motors India कंपनी वित्त वर्ष 2024 में मारुति सुजूकी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. मारुति सुजूकी का मार्केट कैप 48 अरब डॉलर के करीब है. मारुति सुजुकी का आईपीओ 2003 में आया था. ऐसे में 20 साल बाद भारत में किसी ऑटो मेकर कंपनी का आईपीओ आ रहा है और इसका साइज देश में अब तक पेश किए गए सबसे बड़ी आईपीओ से भी ज्यादा है. वहीं आईपीओ के जरिए हुंडई मोटर इंडिया 18 से 20 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन पाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. recent visitors 72