बहराइच में बढ़ा बवाल, मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से युवक की मौत, सब रखकर लोगो ने किया प्रदर्शन

बहराइच बहराइच में महसी के महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन के दौरान गोली मारने से मृतक युवक का शव सुबह पौने आठ बजे गांव पहुंचा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार को आक्रोशित ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। शव लेकर ग्रामीण महसी तहसील मुख्यालय कूच कर आए हैं। यहां शव रखकर हजारों की भीड़ प्रदर्शन कर रही है। कई थानों की पुलिस संग डीएम व एसपी मौके पर लोगों को समझाने में लगी हुई हैं, लेकिन आक्रोशित लोग हत्यारोपितों के एनकाउंटर व घर पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। महाराजगंज कस्बे में मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान खैरीघाट थाने के ग्राम रेहुआ मंसूर निवासी 22 वर्षीय गोपाल मिश्र को गोली मार दी गई थी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आज सुबह उसका शव पैतृक गांव पहुंचते ही आसपास के गांवों के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर तहसीलदार महसी पहुंचे। इन्हें देखते ही ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। तहसीलदार जाओ, जाओ के नारे संग उन्हें खदेड़ दिया गया। ग्रामीण शव को कंधों पर रखकर निकल पड़े। जिस गांव से शव गुजरा सैकड़ों ग्रामीण कारवां के साथ जुड़ते चले गए। सात किलोमीटर लंबा फासला तय कर ग्रामीण शव लेकर महसी तहसील मुख्यालय पहुंच गए। यहां शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया गया। सूचना पर डीएम मोनिका रानी, एसपी वृंदा शुक्ला, एडीएम गौरव रंजन, एएसपी ग्रामीण पवित्र मोहन त्रिपाठी समेत कई थानों की पुलिस भी बुला ली गई है। आक्रोशित ग्रामीणों को माइक से डीएम लगातार समझाने का प्रयास कर रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गोली मारने व उन्माद करने वालों को खोज कर एनकाउंटर किया जाए। आरोपितों के घरों पर बुलडोजर संग पीड़ित परिवार को एक करोड़ की मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। फिर भांपने में चूका खुफिया तंत्र जिला अस्पताल गेट बाहर सड़क पर शव प्रदर्शन के बाद भी जनभावनाओं को समझने में खुफिया व पुलिस महकमा एक बार फिर चूका है। जिस समय मृतक का शव गांव पहुंचा। आला अधिकारी के बजाए तहसीलदार को मौके पर भेजा गया है। इसके चलते सात किलोमीटर तक शव लेकर आक्रोशित ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंच गए। डीएम माइक से वार्ता की लगातार कर रही अपील डीएम मोनिका रानी आक्रोशित भीड़ संग वार्ता को लेकर लगातार माइक से समझाने का प्रयास कर रही हैं। डीएम तीन जिम्मेदारों को सामने आकर अपनी मांग रखने को कह रही हैं। उनका कहना है कि शव दफनाने के बाद वे लोग मांग को लेकर तत्काल कार्रवाई शुरू करेंगी। हालांकि भीड़ लिखित आश्वासन मांग रही है। विधायक के आश्वासन पर माने लोग, शव लेकर निकले गांव की ओर महसी तहसील मुख्यालय पर शव रखकर सुबह नौ बजे से प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण विधायक महसी सुरेश्वर सिंह के आश्वासन के बाद मान गए हैं। ग्रामीण तहसील से शव लेकर गांव की ओर निकल पड़े हैं। शव यात्रा में भारी भीड़ भी शामिल है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव तक के रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। विधायक ने कठोर से कठोर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। recent visitors 70

सर्जन कविता सहाय ने महानिदेशक जनरल चिकित्सा सेवा (नौसेना) के रूप में संभाला पदभार

नई दिल्ली सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय ने 14 अक्टूबर को नौसेना चिकित्सा सेवा की महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक डीजी मेडिकल सर्विसेज एमएस के रूप में कार्यभार संभालने से पहले, वह एएमसी सेंटर एंड कॉलेज की पहली महिला कमांडेंट थीं। वह आर्मी मेडिकल कोर की कर्नल कमांडेंट के रूप में चुनी जाने वाली पहली महिला अधिकारी भी हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक वाइस एडमिरल कविता सहाय को 30 दिसंबर 1986 को सेना चिकित्सा कोर में नियुक्त किया गया था। वह प्रतिष्ठित सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज पुणे की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित एम्स, नई दिल्ली से पैथोलॉजी में विशेषज्ञता और ऑन्कोपैथोलॉजी में सुपर स्पेशलाइजेशन किया है। वाइस एडमिरल कविता सहाय एएचआरआर और बीएचडीसी में प्रयोगशाला विज्ञान विभाग की प्रोफेसर और प्रमुख रही हैं। वह पैथोलॉजी विभाग, एएफएमसी, पुणे में प्रोफेसर भी रही हैं। उनकी चिकित्सा शिक्षा में विशेष रुचि है। उन्हें 2013-14 में अमेरिका के फिलाडेल्फिया के प्रतिष्ठित फाउंडेशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ इंटरनेशनल मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एफएआईएमईआर) फेलोशिप से सम्मानित किया गया था। सर्जन वाइस एडमिरल कविता सहाय को विशिष्ट सेवा के लिए वर्ष 2024 में सेना पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। 2008 और 2012 में सेना प्रमुख और जीओसी-इन-सी (डब्ल्यूसी) द्वारा 2010 में उनकी सराहना की गई है। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में शल्या चिकित्सरक वाइस एडमिरल आरती सरीन, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (डीजीएएफएमएस) की पहली महिला महानिदेशक बनी थी। वाइस एडमिरल आरती सरीन ने 01 अक्टूबर को सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा की महानिदेशक का पदभार संभाला है। वह यह पदभार संभालने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए सुरक्षित कार्य स्थितियों और प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए हाल ही में आरती सरीन को राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सदस्य के रूप में भी नियुक्त किया गया है। वाइस एडमिरल आरती सरीन को भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं में सेवाएं देने का दुर्लभ गौरव प्राप्त है।   recent visitors 113

चारधाम परियोजना का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ :केंद्र ने न्यायालय से कहा

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि सामरिक रूप से अहम उत्तराखंड की चारधाम परियोजना के तहत आवंटित ठेके का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके तहत चीन तक साल भर तक यातायात के लिए उपलब्ध सड़क बनाई जा रही है। सामरिक रूप से अहम 900 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड के चार पवित्र धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को साल पर चालू रहने वाली सड़कों से जोड़ना है। केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति सी.टी.रविकुमार और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ को बताया कि शीर्ष अदालत द्वारा गठित निगरानी समिति ने उच्चतम न्यायालय को दो रिपोर्ट दाखिल की हैं। भाटी के मुताबिक शीर्ष अदालत ने उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाई है। भाटी ने अगस्त 2024 में जमा समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ‘‘आवंटित कार्य का लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है।’’ उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना से संबंधित दो रिपोर्ट हैं – एक अप्रैल, 2024 की और दूसरी 27 अगस्त की। पीठ ने कहा कि समिति की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर दर्ज की जाएगी। उच्चतम न्यायालय ने दिसंबर 2021 में चारधाम राजमार्ग परियोजना के तहत दो लेन तक सड़क के चौड़ीकरण की अनुमति दी थी और साथ ही सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में निगरानी समिति का गठन किया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने के लिए गठित समिति नया पर्यावरण मूल्यांकन नहीं करेगी। समिति को रक्षा, सड़क परिवहन और पर्यावरण मंत्रालयों, उत्तराखंड सरकार और संबंधित जिलाधिकारियों की ओर से भी पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया। चारधाम परियोजना की घोषणा दिसंबर 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा करना है ताकि सुरक्षित, सुगम और तेज यातायात सुनिश्चित हो सके।       recent visitors 62

पूर्व पत्नी और बेटी की शिकायत पर मलयालम एक्टर बाला गिरफ्तार

कोच्चि  मलयालम एक्टर बाला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पूर्व पत्नी और उनकी बेटी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद एक्टर को गिरफ्तार किया गया है। 41 वर्षीय एक्टर ने साल 2010 में शादी की थी और वह 2019 में अलग हो गए थे। उनकी पूर्व पत्नी टीवी शो में एक पॉपुलर सिंगर हैं। साल 2015 से दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे। एक्टर के खिलाफ लेटेस्ट मामला उनकी पूर्व पत्नी ने शनिवार को कोच्चि के कदवन्तरा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया था। पुलिस ने तत्काल उनकी पूर्व पत्नी और उनकी लड़की के खिलाफ बाला द्वारा अपमानजनक टिप्पणी का मामला दर्ज किया और एक्टर को पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा। बाला पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद पुलिस सोमवार सुबह उनके घर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस बीच, बाला के वकील ने कहा कि पूरा प्रकरण एक साजिश के अलावा कुछ नहीं है। हम कानून के अनुसार आगे बढ़ेंगे। हालांकि, वे अलग हो चुके हैं, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में दोनों के बीच चीजें बिगड़ गई, जिसके कारण तीखी नोकझोंक हुई। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने आरोप लगाया कि बाला उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। हालांकि, बाला ने इस आरोप का खंडन किया। बाला ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि यह उनके जीवन का “सबसे दर्दनाक अनुभव” है और वह अपनी बेटी के साथ बहस नहीं करेंगे, क्योंकि एक पिता जो अपनी बेटी से बहस करता है, वह असली मर्द नहीं है। बता दें कि बाला ने साल 2002 में तेलुगु फिल्म से डेब्यू किया और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री समेत दक्षिण भारतीय फिल्मों में उन्हें काफी सफलता मिली। उन्होंने 2012 में मलयालम एक्शन फिल्म ‘द हिटलिस्ट’ से निर्देशन की शुरुआत की जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। पिछले साल एक्टर ने लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी करवाई थी।     recent visitors 82

कांग्रेस के शीर्ष नेता भ्रष्टाचार और गरीब की जमीन हड़पने में शामिल हैं : सुधांशु त्रिवेदी

नई दिल्ली भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) से लेकर वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एवं उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से लेकर अन्य राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, अशोक गहलोत और भूपेश बघेल तक कांग्रेस का सभी शीर्ष नेता गरीबों की जमीन हड़पने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सब भ्रष्टाचार में और गरीब की जमीन हड़पने जैसे मामले में शामिल हैं। भाजपा राष्ट्रीय मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कटाक्ष किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विचारों से प्रेरित होकर कांग्रेस पार्टी देश में भू-हड़प अभियान चला रही है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार के ट्रस्ट द्वारा कर्नाटक में आवंटित की गई जमीन को लौटाने के प्रकरण को भ्रष्टाचार की स्वीकारोक्ति बताते हुए कहा कि एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर इस तरह के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे इसकी गंभीरता को समझा जा सकता है। उन्होंने खड़गे के परिवार और इससे पहले सिद्धारमैया के परिवार द्वारा आवंटित जमीन को लौटाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये लोग इसलिए जमीन वापस नहीं कर रहे हैं कि इनकी आत्मा जाग गई है बल्कि अदालत की कार्यवाही के दौरान होने वाली जलालत से बचने के लिए ये जमीन वापस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी को यह बताना चाहिए कि क्या जमीन वापस करने वालों को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं देना चाहिए? अगर मान लिया कि गलती हुई है तो कर्नाटक सरकार एफआईआर कब करेगी? उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के इतने गंभीर मामले में इंडी गठबंधन के नेताओं की चुप्पी से यह बात बिल्कुल साफ हो रही है कि भ्रष्टाचार और जनता की जमीन हड़पने के मामले में ये सब एक साथ हैं, मिले हुए हैं और एक दूसरे को मौन समर्थन दे रहे हैं। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार जिसकी सहज और स्वाभाविक प्रवृत्ति है, उस कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से अब वह जमीन खिसकती नजर आ रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार द्वारा संचालित ट्रस्ट पर आक्षेप लगने के बाद आवंटित भूमि को लौटाने का जो निर्णय लिया है, वह स्पष्ट रूप से प्रमाणित करता है कि सत्ता का दुरुपयोग करके भूमि को हड़पने का कार्य कर्नाटक में सर्वोच्च स्तर से हो रहा था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर लैंड ग्रैब का केस लग चुका है, जोकि 1986 में आवंटित भूमि के समय से चल रहा था। मुडा स्कैम में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप लग रहे हैं। केआईएडीबी लैंड आवंटन घोटाले में खड़गे के परिवार के लोग शामिल हैं। इससे पूर्व मध्य प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ का नाम सामने आ चुका है। राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत का नाम बीकानेर के लैंड स्कैम में सामने आ चुका है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी सामने आ चुका है। नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आरोप है। यानी मुख्यमंत्री हो, उपमुख्यमंत्री हो या पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हो या वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष हो, कांग्रेस का पूरा शीर्ष नेतृत्व भूमि हड़पने के आंदोलन में समान रूप से संलिप्त है। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए त्रिवेदी ने आगे कहा कि राहुल गांधी मोहब्बत की दुकान की बात करते हैं लेकिन उनकी मोहब्बत की दुकान तो किसी भूमाफिया प्रॉपर्टी डीलर की दुकान नजर आ रही है। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस की कलई खुल गई है। कांग्रेस पार्टी को इस पर सफाई देनी चाहिए। हर गैर राजनीतिक आंदोलन का एकमात्र उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना ही होता है। बहराइच की घटना के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच महीनों में देश में इस तरह की घटनाएं बढ़ी है और रेल सहित इन तमाम घटनाओं को समग्रता से देखने की जरूरत है। यह भारत को कमजोर करने की बड़ी साजिश का हिस्सा है। देश की जनता यह सोचे। उन्होंने संजय राउत के बयान की भी कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें याद दिलाया कि 90 के दशक में बालासाहेब ठाकरे ने अंडरवर्ल्ड के खिलाफ किस तरह से सख्त स्टैंड लिया था लेकिन आज वे अंडरवर्ल्ड का साथ देने वालों के साथ ही खड़े हैं।   recent visitors 69

इन स्मार्ट टिप्स से मिनटों में फुल चार्ज होगा आपका स्मार्टफोन

आपको कई बार कहीं जाना होता है और आपके पास फोन चार्ज करने का समय नहीं है। आप चाहते हैं कि आपका स्मार्टफोन जल्दी से चार्ज हो जाए। कई बार आपको भी लगता होगा कि आपका स्मार्टफोन बहुत स्लो चार्ज हो रहा है। इसके लिए आपको हम कुछ आसान टिप्स बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को जल्द से जल्द चार्ज कर सकेंगे। स्मार्टफोन के ऑरिजिनल चार्जर से ही करें चार्ज कई बार हम अपने स्मार्टफोन को किसी भी चार्जर से चार्ज कर लेते हैं। जबकि ऐसा बिलकुल नहीं करना चाहिए। स्मार्टफोन को चार्ज करने से पहले उसके चार्जर के एम्पियर और वोल्ट को जरूर चेक कर लें। अगर सही एम्पियर या वोल्ट का चार्जर नहीं होगा तो फोन बहुत स्लो चार्ज होगा। इसके अलावा बैटरी के खराब होने का खतरा भी बरकरार रहेगा। लैपटॉप या पीसी से न करें चार्ज कई बार हम अपने लैपटॉप या पीसी से ही अपना फोन चार्ज करने लगते हैं। लेकिन यदि आप अपने स्मार्टफोन को तेजी से चार्ज करना चाहते हैं तो आप इसे सीधे वॉल आउटलेट (यानी चार्जिंग प्वाइंट) पर चार्जिंग के लिए लगाएं। फास्ट चार्जर का करें इस्तेमाल स्मार्टफोन को तेज चार्ज करने के लिए आप फास्ट चार्जर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ये तेजी से चार्जिंग के लिए एम्पीयर और वोल्टेज को बढ़ा देता है। लेकिन यह तभी संभव है जब आपका फोन इसे सपोर्ट करे। बैटरी की कैपेसिटी के हिसाब से चुनें पावर बैंक कई स्मार्टफोन्स में उच्च क्षमता की बैटरी लगी होती है। ऐसे में इन स्मार्टफोन्स को चार्ज करने के लिए 10, 000 एमएएच की क्षमता वाले पावर बैंक का ही इस्तेमाल करें।   recent visitors 72

बीबी को कंडोम से था एतराज, पति को देना चाहती थी एड्स; क्या थी ऐसी वजह

जयपुर.  राजस्थान के माता का थान थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शादी के पवित्र रिश्ते को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। पीड़ित पति ने कोर्ट में एक परिवाद दायर किया, जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ। उसने बताया कि उसकी पत्नी ने शादी के बाद से ही शारीरिक संबंध बनाते समय परिवार नियोजन के साधनों से इनकार किया, जिससे उसे गंभीर चिंताओं का सामना करना पड़ा। बीवी का सच जानकर पति के उड़ गए होश जब पति को अपनी पत्नी की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में पता चला, तो उसकी दुनिया उलट गई। जांच के बाद पता चला कि पत्नी एचआईवी संक्रमित है। इसके बाद पति ने कोर्ट में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पत्नी, उसके पिता और बहन को आरोपी बनाया है। पत्नी ने फोन में छिपाकर रखा तो वह खतरनाक सच पति के अनुसार, उसकी पत्नी ने जानबूझकर उसे संक्रमित करने की योजना बनाई थी। वह लगातार बिना सुरक्षा के संबंध बनाने का दबाव डालती रही। जब पति ने अपनी जांच कराई, तो वह नेगेटिव निकला। डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण का पता तीन महीने बाद चलता है। इसी दौरान पति ने पत्नी के फोन से एक व्यक्ति का नंबर निकाला, जिससे उसका पुराना रिश्ता टूट गया था। उस व्यक्ति ने पुष्टि की कि वह एचआईवी संक्रमित है। आरोपी महिला की पहले इसी सिलसिले में सगाई टूट गई थी। उसके बाद जोधपुर में पीड़ित युवक के परिवार से संपर्क कर सगाई हुई और जल्द शादी का दबाव बनाया गया। जुलाई में शादी के बाद युवक से लगातार पत्नी बिना प्रोटेक्शन के संबंध बनाने की मांग करती रही। पत्नी के एचआईवी घोषित होने की जानकारी मिलने के बाद सबसे पहले पति ने अपनी जांच कराई तो वो उस समय नेगेटिव पाया गया। डॉक्टर ने उसे कहा कि एचआईवी संक्रमित होने का पता किसी पीड़ित से संबंध बनाने के करीब 3 महीने के बाद चलता है। इस दौरान पति ने तय किया की वह इसे उजागर करेगा। पत्नी के फोन से उस व्यक्ति का नंबर निकलता है। जिससे उसका रिश्ता होकर टूट गया था। वो उसे बताता है कि वह एड्स पीड़ित है और उसके सबूत के रूप में उपचार केंद्र के कागजात भेजता है। इसके बाद पति ने पत्नी से कहा कि उसे कंपनी में नॉमिनेशन के रूप में उसका नाम दर्ज करवाना है। इसलिए कुछ ब्लड इन्वेस्टिगेशन करवाने हैं। इससे वह सकपका गई। उसने अपने परिजनों से कहा तो उसकी बहन को स्वास्थ्य विभाग में काम करती है, वो जोधपुर आ गई। एफआईआर के मुताबिक पत्नी के परिजन लगातार इस बात को लेकर अड़े रहे कि कोई जांच नहीं होगी, जबकि पति भी अपनी बात पर अड़ गया। इसके चलते 31 अगस्त की रात को पति और पत्नी दोनों की जांच हुई, जिसमें पत्नी एचआईवी पॉजीटिव पाई गई। रिपोर्ट आने के बाद वह अपनी बहन के साथ घर पर कमरे में चली गई। कुछ देर बाद बहन के साथ बाहर निकली तो ट्रॉली बैग साथ में था। पत्नी की बहन ने कहा कि आप लोगों ने जांच करवा कर बहुत गलत किया है। पत्नी और बहन के जाने के बाद जब पीड़ित ने अलमारी संभाली तो शादी के दौरान दिए गए जेवरात भी गायब थे। एड्स के बाद भी बीवी ने कर दिया कांड 31 अगस्त को पति और पत्नी दोनों की जांच हुई, जिसमें पत्नी पॉजिटिव पाई गई। रिपोर्ट आने के बाद पत्नी अपनी बहन के साथ घर से निकल गई और शादी के समय के जेवरात भी गायब थे। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी जानबूझकर उसे संक्रमित करना चाहती थी, ताकि वह बदनाम न हो। recent visitors 89