मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने लोकार्पण किया

संजीवनी क्लीनिक से घर के नजदीक मिलेगा नि:शुल्क इलाज – ऊर्जा मंत्री तोमर काशी नरेश की गली में किया संजीवनी क्लीनिक का लोकार्पण – ऊर्जा मंत्री तोमर मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने लोकार्पण किया भोपाल काशी नरेश की गली किला गेट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत निर्मित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का सोमवार को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संजीवनी क्लीनिक के माध्यम से सब को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार हर व्यक्ति को उसके घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिये कटिबद्ध है। इसी उद्देश्य से संजीवनी क्लीनिक खोले जा रहे हैं। मंत्री तोमर ने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद को घर के नजदीक ही नि:शुल्क स्वास्थ्य लाभ मिले, इसी धारणा से सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में संजीवनी क्लीनिक खोले जा रहे हैं, जहां दवाईयों के साथ ही कई प्रकार की स्वास्थ्य जाचों का लाभ निशुल्क मिलेगा। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं क्षेत्रीण गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 85

इंदौर की है प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर प्रदेश में विकास, उन्नति, प्रगति, व्यापार- व्यवसाय, कला, साहित्य और संस्कृति के लिए एक विशेष पहचान रखता हैं। इंदौर से मध्यप्रदेश की पहचान है जो हमारे लिए गर्व और आनंद की बात हैं। इंदौर जो करता है सबसे अलग करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दशहरे के मौके पर इंदौर को आज 4 फ्लाय-ओवर की बड़ी सौगात मिली हैं। यातायात की समस्या को हल करते हुए इंदौर को प्रायोरिटी पर लिया गया है। इंदौर में ट्रैफिक समस्या को देखते हुए फ्लाय-ओवर की श्रृंखला बनी है, जो निरंतर जारी रहेगी। विकास के नए पैमाने पर इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर काम किया जा रहा है, जिसके परिणाम जल्द आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की समस्या को देखते हुए लोकार्पण करने का नया तरीका निकाला हैं। पहले ब्रिज बनने के बाद लोकार्पण करते थे, हमने थोड़ा बदलाव किया हैं। जनता की समस्या को देखते हुए अभी जितना ब्रिज बना है उतना ही शुरू कर रहे हैं। इससे लोगों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकास निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को इन्दौर प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए यह बात कही।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 63

मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महत्वाकांक्षी विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए राज्य सरकार द्वारा 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में खनन कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। यह महत्वपूर्ण आयोजन राज्य में खनन, तेल, गैस और खनिज आधारित उद्योगों की व्यापक संभावनाओं को प्रदर्शित करेगा, जो विकास की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और देश के खनन क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह देश का एकमात्र राज्य है जो हीरे का उत्पादन करता है साथ ही मैंगनीज और तांबा अयस्क के उत्पादन में भी अग्रणी है, जो विभिन्न औद्योगिक उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा राज्य रॉक-फॉस्फेट उत्पादन में दूसरे, सीमेंट उद्योग के लिए आवश्यक चूना पत्थर उत्पादन में तीसरे और कोयला उत्पादन में चौथे स्थान पर है। कोल-गैस के उत्पादन में भी राज्य दूसरे स्थान पर है, जो वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और स्थिरता की दिशा में उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कॉन्क्लेव से मध्यप्रदेश सरकार राज्य को खनन और खनिज-आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिये की पहल कर रही है। इससे राज्य में आर्थिक संमृद्धि और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सभी हितधारकों, उद्योगपतियों और खनन क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल होने के लिये आमंत्रित किया गया है। इनकी रहेगी विशेष उपस्थिति खनन कॉन्क्लेव में केंद्रीय खनन मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री एस.सी. दुबे और सचिव केन्द्रीय खान मंत्रालय श्री वी.एल. कांता राव शामिल होंगे, जो राज्य में खनन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिये केन्द्र सरकार की ओर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराऐंगे इस कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। इसमें एन.सी.एल, एच.सी.एल, एन.एम.डी.सी., ओ.एन.जी.सी., और जी.ए.आई.एल जैसी प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि और अन्य राज्यों के उद्योगपति शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव खनिज कंपनियों, उद्योग प्रतिनिधियों और अन्य प्रमुख हितधारकों को एक मंच पर लाएगा, जिससे सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य मध्यप्रदेश के समृद्ध खनिज संसाधनों को प्रदर्शित करना है, जिससे राज्य में निवेश को आकर्षित किया जा सके। इसमें कोयला, चूना पत्थर, तेल और गैस, सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही खनन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी जोर दिया जाएगा। इस आयोजन में डिजिटल परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसमें खनन कार्यों में ऑटोमेशन के साथ एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग पर चर्चा होगी। कोल गैस (CBM) जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की संभावनाओं का भी अन्वेषण किया जाएगा। सीमेंट, ऊर्जा, और खनिज-आधारित उद्योगों से संबंधित मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए एक राउंड टेबल मीटिंग भी होंगी। कॉन्क्लेव में कई संस्थानों के साथ एमओयू भी होंगे, जो राज्य के खनन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए निवेश प्रस्तावों को औपचारिक रूप देंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 67

चीन की चाल का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ, पैंगोंग झील किनारे बस्ती को आकार दिया जा रहा

बीजिंग भारत और चीन सीमा पर तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखे हुए हैं। हालांकि इस बातचीत का बहुत थोड़ा फायदा होता नजर आ रहा है। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर कई बिंदु ऐसे हैं, जहां अब भी भारत और चीन की सेनाएं आमने-सामने हैं। इसमें पूर्वी लद्दाख में स्थित पैंगोंग त्सो झील दोनों देशों के बीच तनाव का एक महत्वपूर्ण स्थल है। अब पता चला है कि चीन इन दिनों भारत से बातचीत की आड़ में पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट के पास बड़े पैमाने पर एक बस्ती का निर्माण कर रहा है। चीन की इस चाल का खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ है, जिसमें बस्ती को आकार लेते देखा जा सकता है। पैंगोंग झील के उत्तर में बन रही बस्ती  हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट के पास एक बड़ी चीनी बस्ती का निर्माण चल रहा है। यह बस्ती भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच 2020 के गतिरोध बिंदुओं में से एक से लगभग 38 किलोमीटर पूर्व में स्थित है, हालांकि यह भारत के क्षेत्रीय दावों से बाहर है। दुनिया की सबसे ऊंची खारे पानी की झील पैंगोंग त्सो भारत, चीन प्रशासित तिब्बत और उनके बीच विवादित सीमा पर फैली हुई है। 17 हेक्टेयर के क्षेत्र में हो रहा निर्माण कार्य रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज द्वारा 9 अक्टूबर को कैप्चर की गई सैटेलाइट तस्वीरों में लगभग 17 हेक्टेयर क्षेत्र में तेजी से निर्माण कार्य दिखाया गया है। 4,347 मीटर की ऊंचाई पर येमागौ रोड के पास स्थित यह स्थल निर्माण और मिट्टी हटाने वाली मशीनरी से भरा हुआ है। तक्षशिला संस्थान में जियो पॉलिटिकल रिसर्च प्रोग्राम के प्रोफेसर और प्रमुख वाई निथ्यानंदम के अनुसार, "आवासीय संरचनाओं और बड़ी प्रशासनिक इमारतों सहित 100 से अधिक इमारतें बनाई जा रही हैं। खुली जगहें और समतल भूमि पार्कों या खेल सुविधाओं के लिए संभावित भविष्य के उपयोग का सुझाव देती हैं।" हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड का भी किया गया निर्माण उन्होंने दक्षिण-पूर्व कोने में 150 मीटर लंबी आयताकार पट्टी की ओर भी इशारा किया, यह अनुमान लगाते हुए कि इसे हेलीकॉप्टर संचालन के लिए तैयार किया जा सकता है। ओपन-सोर्स सैटेलाइट इमेजरी के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि झील की ओर ढलान वाली नदी के किनारे अप्रैल 2024 की शुरुआत में निर्माण शुरू हुआ था। सैन्य सूत्रों के अनुसार, यह बस्ती संभवतः प्रशासनिक और परिचालन क्षेत्रों के बीच अंतर करते हुए दो भागों में विभाजित प्रतीत होती है। एक से दो मंजिला इमारतें बनाई जा रहीं संरचनाओं के छाया विश्लेषण से पता चलता है कि इस बस्ती में एक और दो मंजिला इमारतों का मिश्रण है, पास में छोटी झोपड़ियां हैं, जिनमें से प्रत्येक में छह से आठ लोग रह सकते हैं। दो बड़ी संरचनाएं प्रशासन और भंडारण सुविधाओं के रूप में काम कर सकती हैं। सीधी रेखाओं के बजाय अर्धचंद्राकार लाइनों में डिजाइन किया गया लेआउट लंबी दूरी के हमलों के प्रति असुरक्षा को कम करने के इरादे का सुझाव देता है। ऊंची चोटियों के पीछे बस्ती बना रहा चीन ऊंची चोटियों के पीछे बस्ती का स्थान इसके रणनीतिक लाभ को और बढ़ाता है, जिससे आस-पास के क्षेत्रों से दृश्यता सीमित हो जाती है। निथ्यानंदम ने कहा, "आस-पास की ऊंची चोटियां भूमि-आधारित निगरानी उपकरणों से साइट को अस्पष्ट करती हैं।" सैन्य सूत्रों का अनुमान है कि यदि सैन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है, तो बस्ती "एड-हॉक फॉरवर्ड बेस" के रूप में कार्य कर सकती है, जिससे चीनी सेना के लिए प्रतिक्रिया समय कम हो सकता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 58

मोह रूपी मूर्च्छा से भागें नहीं, उसे साधें

कभी-कभी लोग कहते हैं, साधु-संन्यासी बहुत कष्ट सहते हैं। मैं इससे उल्टा सोचता हूं। साधुओं के लिए कष्ट कम हैं। गृहस्थ के लिए कष्टों का अंबार-सा लगा हुआ है। वह मूर्च्छा से घिरा हुआ है, इसलिए उसे ये कष्ट, कष्ट जैसे प्रतीत नहीं होते। मूर्च्छा दुख का कारण है। मूर्च्छा जागरण का अभाव है। आदमी सोता है, इसीलिए दुख होता है। सोना बहुत आवश्यक भी है और सोना एक समस्या भी है। सोते समय श्वास की गति बढ़ जाती है। वह छोटा हो जाता है। छोटा श्वास आयु को कम करता है। जो अधिक समय सोता है, वह अल्प आयुष्क होता है। परिमित समय तक सोता है तो आदमी ठीक-ठीक जी लेता है। हर प्रवृत्ति के साथ समस्या जुड़ी हुई होती है। सोना जरूरी है तो सोना खतरनाक भी है। दस-बारह घंटा सोना अल्पायु होना है। जो आदमी लंबा जीना चाहता है, उसे सोने की सीमा कम करनी चाहिए। जो मूर्च्छित है, वह सोया हुआ है। सामाजिक स्तर पर मूर्च्छा भी जरूरी मानी गई है। यदि मूर्च्छा नहीं होती है तो बच्चे का लालन-पालन नहीं हो सकता। कोई संबंध ही नहीं होता। कोई किसी चीज की सुरक्षा नहीं कर पाता। मूर्च्छा है इसीलिए प्रवृत्ति का यह चक्र चल रहा है। मूर्च्छा नहीं होती तो सोने को कौन इकट्ठा करता? मूर्च्छा नहीं होती तो हीरों-पन्नों को कौन संजोकर रखता? जैसे पत्थर ठोकर में पड़े रहते हैं, वैसे ही वे भी पड़े रहते। तो फिर वस्तु का यथार्थ मूल्यांकन नहीं होता। कहां पत्थर और कहां हीरा! किंतु मूर्च्छा सबको अपने-अपने स्थान पर टिकाए हुए है। फकीर के पास एक सम्राट आया। फकीर जानता था। सम्राट जब जाने लगा, तब फकीर ने पांच-दस कंकड़ सम्राट को देते हुए कहा, ‘मेरे ये कंकड़ ले जाओ। जब तुम मरकर अगले लोक में जाओगे, तब मैं वहां तुमसे मिलूंगा। तब मेरे ये कंकड़ मुझे दे देना।’ सम्राट हंसकर बोला, ‘बड़े भोले हो तुम! क्या कोई व्यक्ति मरकर भी अपने साथ कुछ ले जा सकता है? यह असंभव है।’ फकीर बोला, ‘तुम सच कह रहे हो?’ सम्राट बोला, ‘यह सच है। सब जानते हैं।’ फकीर ने कहा, ‘तो फिर प्रजा का शोषण कर तुम इतना वैभव क्यों एकत्रित कर रहे हो? मैं तो समझता था, और कोई ले जाए या नहीं, तुम तो अवश्य ही सारा वैभव साथ ले जाओगे। यदि नहीं ले जा सकते तो फिर इतनी मूर्खता क्यों कर रहे हो?’ सम्राट की आंख खुल गई। मूर्च्छा के कारण ही संचय किया जाता है। कभी-कभी मैं सोचता हूं, मूर्च्छा नहीं होती तो समाज और परिवार कैसे चलता? माता बच्चे के पालन-पोषण में इतना कष्ट सहती है। क्यों? मूर्च्छा है इसीलिए। पशु-पक्षियों की माताएं भी बच्चों के लिए, अपनी संतान के लिए क्या नहीं सहतीं? मूर्च्छा के कारण सारा कष्ट सह लिया जाता है। इस दृष्टि से सामाजिक प्राणी के लिए यह नहीं कहा जा सकता कि मूर्च्छा सर्वथा हेय है। वह छोड़ भी नहीं सकता। जो कुछ एक-दूसरे के लिए होता है या किया जाता है, वह सारा मूर्च्छा और मोह के कारण ही हो रहा है। मोह नहीं होता तो कौन पढ़ाता बच्चों को? कौन उन्हें तैयार करता? कौन उन्हें व्यवसाय सिखाता? फिर तो सब अकेले होते। सब विरागी या विरक्त होते। अकेला आदमी विरागी बनकर जीवनयापन कर सकता है, पर समाज वैसा नहीं कर सकता। संसार ऐसा बन नहीं सकता। यदि संसार ऐसा होता है तो वह फिर संसार नहीं, व्यक्ति होगा। आदमी अनगिन कष्टों को सहता हुआ भी जी रहा है। इसका मुख्य कारण है— मूर्च्छा। कभी-कभी लोग कहते हैं, साधु-संन्यासी बहुत कष्ट सहते हैं। मैं इससे उल्टा सोचता हूं। साधुओं के लिए कष्ट कम हैं। गृहस्थ के लिए कष्टों का अंबार-सा लगा हुआ है। वह मूर्च्छा से घिरा हुआ है, इसलिए उसे ये कष्ट, कष्ट जैसे प्रतीत नहीं होते। मूर्च्छा एक आवरण है। ऐसा आवरण कि जिसमें सारे कष्ट ढक जाते हैं। पति ने पत्नी को या पत्नी ने पति को तलाक दे दिया। पति चल बसा। पत्नी रह गई। पत्नी मर गई। पति रह गया। दोनों मर गए। छोटे-छोटे बच्चे रह गए। ये सारी कितनी कठिन परिस्थितियां हैं? दिल दहलानेवाली स्थितियां हैं। इन स्थितियों में भी आदमी सुख मानकर जीता ही चला जा रहा है। एक छोटे बच्चे से भी पूछा जाए कि तुम्हारे माता-पिता मर गए। तुम असहाय हो। क्या साधु बनोगे? वह तत्काल सिर हिलाकर कहेगा, साधु तो नहीं बनूंगा। इसका कारण है मूर्च्छा। उसे लगता ही नहीं कि वह असहाय है। एक मूर्च्छा हजारों कष्टों को शांत कर देती है, उनका निवारण कर देती है। यदि ऐसा नहीं होता तो इस दुखमय, कष्टमय और दारुण संसार में आदमी कभी जी नहीं पाता। उसको जीवित रखनेवाली वस्तु है मूर्च्छा। यह सबको जिला रही है। सब प्राणी इसकी बदौलत जी रहे हैं। बड़ा भाई— छोटे भाई को, पिता— पुत्र को तैयार करता है। आगे चलकर छोटा भाई, बड़े भाई को दर-दर का भिखारी बना देता है। पुत्र, पिता को घर से निकाल देता है। ऐसी स्थितियां होती हैं। इसे हम देखते हैं। पर बड़ा भाई, छोटे भाई को तैयार करता है और पिता, पुत्र को योग्य बनाता है। इन सबके पीछे मूर्च्छा काम करती है। इसलिए सामाजिक और पारिवारिक वातावरण को सजीव रखने के लिए मूर्च्छा की अनिवार्यता स्वीकार करनी होगी। सामाजिक व्यक्ति मूर्च्छा को सर्वथा छोड़ दे, यह असंभव बात है। किंतु मूर्च्छा के चक्रव्यूह को तोड़ना जरूरी है। या कहें कि इस मूर्च्छा रूपी मोह को साधना जरूरी है, ताकि आप इसके गुलाम न बनें। यह मूर्च्छा तमस और राजस का प्रतीक न बने, बल्कि सत्व का आधार लेकर सात्विक बनें। हमें यह ध्यान रखना है कि जब तक इस मूर्च्छा का चक्रव्यूह चलता रहेगा, तब तक दुखों का अंत नहीं होगा। उसकी एक सीमा हो। वह अनंत न बने, यह अपेक्षित है। मूर्च्छा केवल समाज को चलानेवाली कड़ी के रूप में स्वीकृत हो तो इतना अनर्थ नहीं होता। पर आज उसे अनंत आकाश प्राप्त है। यह अहितकर है। ध्यान का पुष्ट परिणाम है मूर्च्छा के चक्र का टूटना। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने … Read more

आईएमएफ के अनुसार कृषि और कपड़ा क्षेत्रों ने पाकिस्तान के विकास की संभावनाओं को दशकों से अवरुद्ध कर रखा है

कराची  आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे पड़ोसी देश पाकिस्तान की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहीं। बीते कुछ समय से विदेशी कर्जे पर निर्भर पाकिस्तान के कृषि और कपड़ा क्षेत्र पर आईएमएफ ने कड़ी टिप्पणी की है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान से कहा है कि वह इन क्षेत्रों को तरजीह देना और कर में छूट देना बंद करे। आईएमएफ के अनुसार इन क्षेत्रों ने देश के विकास की संभावनाओं को दशकों से अवरुद्ध कर रखा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपनी स्टॉफ रिपोर्ट में पाकिस्तान की संघर्षरत अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के कारणों पर चर्चा की है। रिपोर्ट में पाकिस्तान की खस्ताहाल आर्थिक स्थिति का जिम्मेदार कृषि और कपड़ा क्षेत्र को ठहराया गया है। आईएमएफ के अनुसार ये क्षेत्र देश के राजस्व में पर्याप्त योगदान नहीं दे रहे। ये क्षेत्र सरकारी पैसे का एक बड़ा हिस्सा मदद के दौर पर लेने के बावजूद अकुशल और अप्रतिस्पर्धी बने हुए हैं। हाल ही में वैश्विक ऋणदाता से सात अरब डॉलर की मदद (ईएफएफ) हसिल करने वाले पाकिस्तान को आईएमएफ ने कहा है कि उसे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए 75 साल से जारी आर्थिक प्रथाओं को बदलना होगा। आईएमएफ ने 10 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट में कहा कि अपने जैसे दूसरे देशों की तुलना में पाकिस्तान काफी पिछड़ा है। इससे यहां के लोगों का जीवनस्तर प्रभावित हुआ है और 40 प्रतिशत से ज्यादा आबादी गरीबी रेखा के नीचे पहुंच गई है। आईएमएफ के अनुसार पाकिस्तान निर्यात के लिए चीजें बनाने में असफल रहा। ज्ञान आधारित निर्यात भी कम बना हुआ है, क्योंकि यह क्षेत्र भी नवाचार (इनोवेशन) करने में विफल रहा। साल 2022 में पाकिस्तान आर्थिक जटिलता सूचकांक में 85वें नंबर पर रहा, इस इंडेक्स में पाकिस्तान वर्ष 2000 में भी इसी स्थान पर था।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 77

तूफान हेलेन और मिल्टन के कारण अमेरिका में हेल्थ केयर प्रोवाइडर को मेडिकल प्रोडक्ट्स की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा

सैक्रामेंटो  संयुक्त राज्य अमेरिका में हेल्थ केयर प्रोवाइडर को मेडिकल प्रोडक्ट्स की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। तूफान हेलेन और मिल्टन ने इंट्रावेनस (आईवी) फ्लुइड्स की सप्लाई चेन को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। अमेरिका में सबसे बड़े अस्पताल-बेस्ड रिसर्च एंटरप्राइज, मास जनरल ब्रिघम ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह  बुधवार तक गैर-आपातकालीन, वैकल्पिक प्रक्रियाओं को स्थगित कर देगा। इसने कहा कि यह साफ नहीं है कि आईवी फ्लुइड्स की आपूर्ति कब सुधरेगी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स कंपनी प्रीमियर इंक की तरफ से  जारी एक सर्वे के अनुसार, देश भर में 86 फीसदी से अधिक हेल्थ केयर प्रोवाइडर आईवी फ्लुइड्स की कमी का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति तब शुरू हुई जब पिछले महीने के अंत में तूफान हेलेन ने उत्तरी कैरोलिना में बैक्सटर आईवी प्लांट को नुकसान पहुंचाया। इससे देश की 60 फीसदी आईवी सॉल्यूशन सप्लाई निकट भविष्य के लिए ऑफलाइन हो गई। अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री जेवियर बेसेरा ने 9 अक्टूबर को स्वास्थ्य सेवा नेताओं को लिखे पत्र में कहा कि आने वाले हफ्तों में सप्लाई ‘बाधित रह सकती है’ और तूफान मिल्टन ‘पहले से ही कमजोर बाजार’ को और अधिक बाधित कर सकता है। खाद्य और औषधि प्रशासन और बैक्सटर, वैकल्पिक आईवी, डायलिसिस और न्यूट्रिशन प्रोडक्ट की पहचान कर रहे हैं।     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 66