राज्य स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की 7वीं बैठक हुई

भोपाल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की 7वीं बैठक मंत्रालय में प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री गुलशन बामरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विशेष रूप से मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अंतर्गत नगरीय निकायों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए.क्यू.आई.) को नियंत्रित करने के लिये उपायों की समीक्षा की गई। विभिन्न शहरों के प्रस्तुतिकरण में यह पाया गया कि सभी निकायों द्वारा कार्य-योजना के अनुसार कार्रवाई की जा रही है, जो संतोषजनक पाई है। बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न नगरीय निकायों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास और सागर के कलेक्टर्स द्वारा इन शहरों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिये किये गये विभिन्न कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया गया। प्रमुख सचिव पर्यावरण श्री बामरा द्वारा सभी संबंधित शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (ए.क्यू.आई.) को वर्तमान शीतकालीन ऋतु में विशेष रूप से नियंत्रित रखने के लिये कार्य-योजना अनुसार विभिन्न त्वरित उपाय करने के लिये निर्देशित किया गया। श्री बामरा ने बैठक में कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के अनुसार ओपन बॉयोमॉस/गारबेज जलाने पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाया जाये और समस्त सफाई मित्रों को कचरा एकत्रीकरण के पश्चात न जलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शहर में जहाँ ज्यादा धूल उड़ने की संभावना है, उसे हॉट-स्पॉट के रूप में चिन्हित कर वहाँ पर जल छिड़काव नियमित रूप से किया जाये। शहर में ऐसे स्थान चिन्हित किये जायें जहाँ भारी वाहन गतिविधियाँ संचालित होती हैं और पीक ऑवर्स के समय इन्हें ट्रैफिक डायवर्जन कर नियंत्रित किया जाये। श्री बामरा ने कहा कि वाहनों के पीयूसी प्रमाण-पत्र की जाँच के लिये विशेष अभियान चलाया जाये। उन्होंने कहा कि आगामी दीपावली उत्सव के दौरान ग्रीन फटाखों के उपयोग के लिये जन-जागृति अभियान चलाकर प्रोत्साहित किया जाये। श्री बामरा ने नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों से विशेष रूप से यह आग्रह किया कि आपके शहर के आसपास के खेतों में ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाने की गतिविधियों पर निगरानी रखकर चालान की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक नियमित रूप से की जाये और स्थानीय विभिन्न विभागों से समन्वय कर वायु गुणवत्ता सुधार के लिये प्रभावी कदम उठाये जायें। समिति के सदस्य के रूप में सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदेश स्तर पर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन, जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंचलिक कार्यालय के वैज्ञानिक के अलावा समिति के सदस्य के रूप में मध्यप्रदेश चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज के प्रतिनिधि और जिलों के नगरीय निकायों के आयुक्त भी उपस्थित रहे।   recent visitors 63

पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा- गौ- सेवा हमारे जीवन में सर्वोच्च स्थान दिला सकती है

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि गौ- सेवा हमारे जीवन में सर्वोच्च स्थान दिला सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के कार्य निरंतर जारी है। इस वर्ष हमारी सरकार गौ- संरक्षण एवं संवर्धन वर्ष भी मना रही है। हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह इस क्षेत्र में अपना पूरा-पूरा योगदान दे। मंत्री श्री पटेल ने महू में आज पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के नवीन कन्या छात्रावास का लोकार्पण किया। मंत्री श्री पटेल ने पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय की विभिन्न इकाईयों हॉस्पिटल, डेयरी फार्म, मुर्गी फार्म, बालक एवं बालिका छात्रावास का भ्रमण किया तथा महाविद्यालय की गतिविधियों का जायजा लिया। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ.) मनदीप शर्मा भी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं से बात कर उनकी समस्याओं के बारे में जाना और हल किया। उन्होंने इंटर्नशिप छात्रों का मानदेय बढ़ाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने महाविद्यालय की समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। मंत्री श्री पटेल ने महाविद्यालय द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कुलगुरु डॉ. शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री सुनील मानसिंका ने भी उद्बोधन दिया। सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. बी.पी. शुक्ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की उपलब्धियां एवं गतिविधियों की जानकारी दी। इस दौरान विश्वविद्यालय के संपदा अधिकारी डॉ. एस के कारमोरे, अस्सिटेंट रजिस्टार श्री रामकिंकर, जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश सिंह चौहान आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ. संदीप नानावटी ने किया तथा आभार डॉ. हेमंत मेहता ने माना।   recent visitors 62

केंद्रीय कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला, डीए में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन धारकों को सरकार की ओर से दीपावली का तोहफा मिलने जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को हुई अपनी बैठक के दौरान महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को अपनी मंजूरी दे दी है। इस बढ़ोतरी के बाद डीए मूल वेतन का 50 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले का लाखों सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। महंगाई भत्ते की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। डीए को लेकर हर 6 महीने में संशोधन होता है। महंगाई राहत सेवानिवृत्त केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दी जाती है। डीए में बढ़ोतरी के बाद जनवरी और जुलाई में एडजस्टमेंट प्रभावी होता है। डीए को लेकर मार्च और सितंबर में घोषणा की जाती है। जनवरी में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा मार्च तक जाती है। इसी तरह जुलाई में डीए में बढ़ोतरी की घोषणा दीपावली तक जाती है। तीन प्रतिशत डीए बढ़ोतरी के बाद एंट्री लेवल सरकारी कर्मचारी के मूल वेतन में मासिक आधार पर 540 रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले से करीब एक करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को राहत मिलेगी। कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर का एरियर मिलने की भी उम्मीद की जा रही है। 9 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद डीए में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही थी। हालांकि, केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन धारकों को इस संशोधन के लिए कुछ लंबा इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को घोषणा की कि दीपावली और त्योहारी सीजन से पहले राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 4% की बढ़ोतरी की जाएगी। जिससे यह मूल वेतन का 50% हो जाएगा। यह वृद्धि 1 अक्टूबर से लागू होगी। recent visitors 52

प्रदेश के विकास के लिए बैंक एवं शासकीय विभाग मिलकर कार्य करें : मुख्य सचिव श्री जैन

भोपाल मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में 191वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक हुई। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि योजनाओं में समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाये। जिन बैंकों ने लक्ष्य पूरे नहीं किये है उन्हें ज्यादा प्रयास करने की आवश्यकता है। स्व-सहायता समूहों को इस तरह गतिशील करें कि लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सके। प्रदेश में तरक्की लाने के लिए बैंक एवं शासकीय विभाग मिलकर काम करें। लंबित प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से किया जाये। लोगों की दक्षता एवं कार्यकुशला को देखते हुए माइक्रो प्लान बनाया जाये। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक किसानों को निर्बाध रूप से विद्युत प्रदाय हो सके। इसके लिए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में कृषि, ऊर्जा एवं बैंक मिलकर अभियान चलायें। दुर्घटना बीमा योजना की जानकारी ग्रामों में जाकर दी जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक ब्रांच का विस्तार किया जाये। बैंको की ऋण वसूली के लिए राजस्व अधिकारियों का भी सहयोग लिया जाये। मुख्य सचिव ने एमएसएमई, स्व सहायता समूह, सोलर एनर्जी, स्टाम्प ड्यूटी एवं बैंको से संबंधित समस्याओं का निराकरण करने के समितियां गठित कर एक माह में प्रतिवेदन देने के निर्देश भी दिये। बैठक में 11 जुलाई, 2024 को आयोजित 189वीं और 190वीं एसएलबीसी बैठक के कार्यवृत की पुष्टि की गयी। बैठक में वार्षिक ऋण योजना वित्त वर्ष 2024-25, सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत प्रगति की समीक्षा की गयी। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रदर्शन, ट्रेड्स और एमएसएमई क्लस्टरों को बढ़ावा देना, ऊर्जा विभाग एवं संस्थागत वित्त की प्रस्तुति पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम, कृषि अवसरंचना निधि, पीएम विश्कर्मा योजना, सीएम ग्रामीण आवास, पीएम स्वनिधि, सीएम ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंको में एक समान बैंकिंग समय, सरकारी योजनाओं में स्टाम्प शुल्क, कृषि भूमि का हस्तांतरण/अधिग्रहण, बैंक प्रभार के साथ, पीएम कुसुम-ए और पीएम कुसुम-सी योजनाओं के विषय में चर्चा की गयी। समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, सामान्य प्रशासन श्री संजय दुबे, नगरीय विकास एवं आवास श्री नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, वित्त श्री मनीष रस्तोगी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, सचिव स्कूल शिक्षा श्री संजय गोयल, सचिव तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार श्री एम. रघुराज एवं भारतीय रिजर्वं बैंक, नाबार्ड, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, ओवरसीज बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक, महाप्रबंधक, क्षेत्रीय प्रमुख और मुख्य प्रबंधक उपस्थित थे।   recent visitors 61

विशेष पिछड़ी जनजाति के लिये बेहतर बन रहे प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्र

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। प्रदेश में सहरिया, बैगा और भारिया विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। इन क्षेत्रों के लिए आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवनों की डिजाइन को केन्द्र सरकार ने सर्वश्रेष्ठ माना है। मध्यप्रदेश में केन्द्र सरकार के मापदंडों के अनुरूप पीएम-जनमन के अंतर्गत प्रत्येक 100 विशेष पिछड़ी जनजाति आबादी पर एक आंगनवाड़ी केन्द्र खोला जाएगा। केन्द्र सरकार ने इस वर्ष मध्यप्रदेश के लिए इस चालू वर्ष में 355 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। जबकि बीते साल 194 नए आंगनवाड़ी केन्द्र की मंजूरी केन्द्र ने दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनवाड़ी केन्द्रों को अधिक उपयोगी और सक्षम बनाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन की जानकारी प्राप्त करते हुए जनसहयोग से नवाचार करने के निर्देश भी दिये हैं। उन्होंने कहा है कि आंगनवाड़ी केन्द्र न सिर्फ बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और परिवारों की भलाई के लिये भी अहम है। प्रदेश में आंगनवाड़ी केन्द्रों की सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है। इससे बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके। मध्यप्रदेश में कुल 97 हजार 329 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इनमें 12 हजार 670 मिनी आंगनवाड़ी केन्द्र हैं। इनमें से 79 हजार 910 भवनों में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रदेश में 8 हजार 692 भवनों में विद्युत सुविधा उपलब्ध करवाने का कार्य प्रगति पर है। शेष 8 हजार 727 केन्द्रों में भी यह सुविधा आगामी वित्त वर्ष में उपलब्ध करवाई जाएगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 199.94 करोड़ की राशि से 1782 नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिन केन्द्रों में बाउंड्रीवॉल है वहां पोषण वाटिका स्थापित की जा रही हैं। प्रदेश में 21 हजार 534 केन्द्रों में पोषण वाटिकाएं स्थापित की गई हैं। प्रदेश में 51 हजार 63 आंगनवाड़ी केन्द्र विभागीय भवनों में चल रहे हैं। अन्य शासकीय भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या 20 हजार 727 और किराए के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों की संख्या 25 हजार 539 है। वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन)के अंतर्गत प्रदेश में 194 नए आंगनवाड़ी केन्द्र खुले हैं। केन्द्र सरकार से मिल रहा है भरपूर सहयोग उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए जनसंख्या मापदंड निर्धारित किए हैं। इसके अनुसार आदिवासी क्षेत्र/परियोजना में 300 से 800 की जनसंख्या पर 01 आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने का प्रावधान है। ग्रामीण एवं शहरी परियोजना में 400 से 800 की जनसंख्या पर 01 आगंनवाड़ी केन्द्र एवं तत्पश्चात प्रत्येक 800 के गुणांक पर 01 आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने का प्रावधान है। इसी प्रकार पीएम जनमन के अंतर्गत कुल 549 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्र एवं 572 भवन निर्माण की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा प्रदान की गई है। पीएम-जनमन के अंतर्गत भवन‍निर्माण के लिए 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रति भवन 12 लाख रूपए की राशि के मान से मध्यप्रदेश के लिए 68.64 करोड़ रूपए राशि का प्रावधान किया गया है। सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्र आंगनवाड़ी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण का कार्य निरंतर चल रहा है। विद्युत सुविधा के साथ ही जन सहयोग से अन्य सुविधाएं भी केन्द्रों में उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश में गत दो वित्त वर्ष में कुल 11 हजार 706 आंगनवाड़ी केन्द्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्र के रूप में उन्नयन का लाभ मिला है। recent visitors 66

हरियाणा में तीसरी बार सरकार बनने पर बोले अमित शाह, भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है

हरियाणा हरियाणा में भाजपा लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। पार्टी की विधायक दल की मीटिंग में बुधवार को नायब सिंह सैनी को नेता चुन लिया गया। अब वह सरकार गठन का दावा करेंगे और गुरुग्राम को पंचकूला में शपथ लेंगे। नायब सैनी को नेता चुने जाने की जानकारी अमित शाह ने दी और कहा कि भाजपा के खिलाफ भ्रांति फैलाई गई थी कि किसानों से अन्याय हो रहा है। अमित शाह ने कहा, 'यह भ्रांति फैलाई गई कि किसानों से अन्याय हुआ। मैं आज विपक्ष से कहना चाहता हूं कि पूरे देश में यदि कोई राज्य 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदता है तो वह भाजपा के शासन वाला हरियाणा है।' गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बनी केंद्र की यह ऐसी पहली सरकार है, जिसने एमएसपी पर सबसे ज्यादा फसलों की खरीद की है। एक बात और स्पष्ट कर दूं कि यह सरकार अग्निवीरों के जरिए युवाओं पर अन्याय करने वाली नहीं है बल्कि अग्निवीर के माध्यम से सेना को युवा बनाने वाली है। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि बीते 10 साल जैसे भाजपा की सरकार ने काम किए हैं। उसी तरह से नायब सिंह सैनी की सरकार भी काम करती रहेगी। विपक्ष ने लोगों को भड़काने में कोई कमी नहीं छोड़ी। हमारा वादा है कि अग्निवीर से लौटा हुआ एक-एक जवान भारत और हरियाणा की सरकार में पेंशन वाली नौकरी पाएगा। उन्होंने कहा कि हमने अपनी प्राथमिकता में रखा है कि जवानों और किसानों के हितों की रक्षा की जाए। अमित शाह ने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की नैरेटिव की जीत है। वह पूरे देश में विकास के मुद्दे को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि यह भाजपा की नीतियों की भी जीत है। 1980 के बाद से अब तक ऐसा कहीं नहीं हुआ कि लगातार तीन बार किसी पार्टी को जीत मिली हो, ऐसा भाजपा के साथ ही हरियाणा में हुआ है। सीएम नायब सिंह सैनी गुरुवार को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में सुबह 10 बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके साथ कुछ और मंत्री भी शपथ ले सकते हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता अनिल विज, राव नरबीर, आरती सिंह राव, मुकेश शर्मा, शक्ति रानी शर्मा आदि शामिल हो सकते हैं। इस शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा शक्ति प्रदर्शन के तौर पर पेश करना चाहती है। इसमें पीएम मोदी, अमित शाह, डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एनडीए शासित देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम भी मौजूद रहेंगे। recent visitors 66

पश्चिमी देश भारत से रिश्ते मजबूत करने पर अड़े, वही जस्टिन ट्रूडो को अपनों ने दिखा दी औकात, जमकर हो रही खूब किरकिरी

नई दिल्ली भारत के साथ रिश्ते बिगाड़ चुके जस्टिन ट्रूडो के करीबी देशों ने भी अब उन्हें औकात दिखा दी है। पश्चिमी देशों के समर्थन पर खूब उछल रहे कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बावजूद अमेरिका और ब्रिटेन ने मोदी सरकार के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का इरादा जाहिर किया है। पहले ट्रूडो ने दावा किया था कि भारतीय राजनयिकों ने कनाडा में रहने वाले सिख अलगाववादियों पर निगरानी रखी और उन्हें धमकाया, ब्लैकमेल किया या मार डाला। हालांकि, ट्रूडो के इन दावों की खिल्ली उड़ गई है, भारत बार-बार इस बेतुके बयानों के बारे में सबूत मांगता रहा है मगर कनाडा सरकार इस बारे में पुख्ता जानकारी मुहैया नहीं करा पाई है। और बढ़ी भारत-कनाडा के बीच रिश्तों की खाई यह विवाद पिछले साल उस समय शुरू हुआ जब ट्रूडो ने भारत पर ब्रिटिश कोलंबिया में एक सिख आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। अब कनाडा ने आरोप लगाया है कि भारतीय अधिकारियों ने कनाडा की जमीन पर और भी कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया। सोमवार को कनाडा ने छह भारतीय राजनयिकों को निष्कासित कर दिया, क्योंकि भारत ने उनकी राजनयिक छूट हटाने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में भारत ने भी छह कनाडाई राजनयिकों को वापस भेज दिया। ट्रूडो को अपनों ने ही दिखाई औकात ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो के इन आरोपों से पश्चिमी देशों के भारत के साथ संबंधों को लेकर प्रश्न उठ रहे थे लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन ने मंगलवार को जो बयान जारी किए कि उनके दृष्टिकोण में कोई बड़ा बदलाव नहीं है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, "हमने साफ किया है कि ये आरोप बेहद गंभीर हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिका का अत्यंत मजबूत साझेदार है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। इस बीच ट्रूडो ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से फोन पर बातचीत की लेकिन उनके बयान में भारत का नाम नहीं लिया गया। दोनों की बातचीत के बारे में कहा गया कि दोनों नेताओं ने कानून के शासन के महत्व पर सहमति जताई और जांच पूरी होने तक संपर्क में रहने की बात कही। पश्चिमी देशों के लिए भारत क्यों अहम पश्चिमी देश हाल के वर्षों में भारत को एक महत्त्वपूर्ण सामरिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ पश्चिमी देशों ने भारत को खास अहमियत दी। जबकि ब्रिटेन भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते पर काम कर रहा है, वहीं अमेरिका रक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग कर रहा है। recent visitors 42