Tuesday, July 7, 2026 11:17 am

सरकार द्वारा किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि, फसलों की पराली जलाने से रोकने जागरुकता अभियान चलाया जा रहा

फतेहाबाद हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी  है।  सरकार द्वारा किसानों को 1 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि बांटी जाएगी। किसानों को फसलों की अवशेष और पराली जलाने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा ये जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। फतेहाबाद DC ने जागरुकता वाहन को किसानों के जाकर जागरूक करने के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जागरुकता वाहन द्वारा किसानों को गांव-गांव जाकर जागरुक किया जाएगा। वहीं रेड और येलो जोन से ग्रीन जोन में आने वाली ग्राम पंचायतों को 1 लाख और 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। DC ने किसानों से की अपील कि पर्यावरण सुरक्षा में अपना योगदान दें। पराली न जलाकर उसका उचित प्रबंधन करें। धान के अवशेष यानि पराली हर साल शासन और प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। किसान पराली न जलाएं इसके लिए सरकार और प्रशासन किसानों से अपील के साथ-साथ सख्ती भी बरत रहा है। मगर पराली का जलना बददस्तूर जारी है। recent visitors 41

रीढ़ की समस्याओं को लेकर जन जागरूकता फैलाना आवश्यकः महेन्द्र सिंह मरपच्ची

मनेन्द्रगढ़ आप सभी भली भाँती जानते होंगे की आज विश्व रीढ़ दिवस  (World Spine Day)  है और इसको हर वर्ष 16 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य रीढ़ की हड्डी और इससे जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता फैलाना रहता है। रीढ़ हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो न केवल हमें सहारा देता है बल्कि पूरे शरीर की संरचना और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। आधुनिक जीवनशैली, तनावपूर्ण दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण रीढ़ से जुड़ी समस्याएं आज आम हो गई हैं। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य रीढ़ से संबंधित समस्याओं की रोकथाम, इलाज और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है। इस विश्व रीढ़ दिवस की शुरुआत 2008 में हुई थी, जब वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ चिरोप्रैक्टिक (World Federation of Chiropractic)  ने पहली बार इसे मनाने की पहल की। इसका उद्देश्य रीढ़ से जुड़ी बीमारियों और विकारों, जैसे पीठ दर्द, गर्दन दर्द, साइटिका आदि के प्रति जागरूकता फैलाना है । 2012 में इसे बोन एंड जॉइंट डिकेड  (Bone and Joint Decade)   की एक पहल के रूप में अपनाया गया और आधिकारिक रूप से इसे हर साल मनाया जाने लगा। इसका मुख्य उद्देश्य रीढ़ की हड्डी से संबंधित विकारों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इन विकारों से निपटने के लिए सही उपचार और रोकथाम के तरीके सिखाना है। इस दिवस के माध्यम से स्वास्थ्य विशेषज्ञ और संगठनों का लक्ष्य यह है कि लोग रीढ़ की सेहत के महत्व को समझें और अपनी दिनचर्या में इसे प्राथमिकता दें। रीढ़ की देखभाल करना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर आवश्यक है, बल्कि यह समाज के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि रीढ़ से जुड़ी समस्याओं के कारण कई लोग अपनी दैनिक गतिविधियों में कठिनाई का सामना करते हैं। रीढ़ की हड्डी शरीर की आधारशिला है। यह हमारे शरीर के ढांचे को बनाए रखने में मदद करती है और तंत्रिका तंत्र  (nervous system)  का एक मुख्य भाग है। यह न केवल हमारे शरीर को लचीलापन और गतिशीलता प्रदान करती है, बल्कि मस्तिष्क से संदेशों को शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का काम भी करती है। रीढ़ की हड्डी 33 कशेरुकाओं (vertebrae) से बनी होती है, जिनमें से प्रत्येक का अपना कार्य और महत्व होता है। रीढ़ की हड्डी पूरे शरीर का समर्थन करती है और खड़े होने, बैठने और झुकने जैसे कार्यों में मदद करती है। यह हमारी शारीरिक संरचना को संतुलन और स्थिरता प्रदान करती है। रीढ़ के भीतर की स्पाइनल कॉर्ड (spinal cord)  तंत्रिका तंत्र का एक प्रमुख हिस्सा है, जो मस्तिष्क से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक संदेश पहुंचाती है। यह संचार प्रणाली हमारे शरीर के सभी अंगों को मस्तिष्क से जोड़ने में मदद करती है। रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर को झुकने, मुड़ने और अन्य विभिन्न प्रकार की गतियों को करने में सक्षम बनाती है। इसके बिना हम चलने-फिरने और शारीरिक गतिविधियों को ठीक से नहीं कर सकते। यह रीढ़ की संरचना को प्रभावित कर सकता है और स्लिप डिस्क, पीठ दर्द, गर्दन दर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है। जो लोग दिन भर बैठे रहते हैं या जिनकी शारीरिक गतिविधि कम होती है, उनमें रीढ़ की समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं। शारीरिक गतिविधियों की कमी से मांसपेशियों और जोड़ों में कमजोरी आ जाती है, जिससे रीढ़ पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और यह दर्दनाक हो सकता है। अधिक वजन होने से रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। मोटापे के कारण रीढ़ और उसके आसपास की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे पीठ दर्द, डिस्क की समस्याएं और अन्य रीढ़ संबंधी विकार हो सकते हैं। आप जानते होंगे की स्कोलियोसिस (scoliosis) जैसी विकार से रीढ़ की हड्डी एक तरफ मुड़ जाती है, और उनके इलाज में विशेष ध्यान देना पड़ता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, रीढ़ की हड्डियों में प्राकृतिक रूप से कमजोरी आने लगती है। उम्र के साथ, रीढ़ की डिस्क्स में पानी की मात्रा कम होने लगती है, जिससे उनकी लचीलापन और कुशनिंग क्षमता कम हो जाती है। इससे पीठ दर्द, हर्निएटेड डिस्क, और साइटिका जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिससे स्लिप डिस्क और अन्य रीढ़ संबंधी विकार हो सकते हैं। खासकर जब बिना सही तकनीक के भारी वस्तुएं उठाई जाती हैं, तो रीढ़ को अत्यधिक दबाव सहन करना पड़ता है। रीढ़ की हड्डी के कमजोर होने के कुछ प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैंरू जिसमें पीठ दर्द  (Back Pain) यह सबसे सामान्य लक्षण है, जो रीढ़ की हड्डी की समस्याओं की ओर संकेत करता है। यह दर्द हल्के से लेकर गंभीर हो सकता है और लंबे समय तक बना रह सकता है। मांसपेशियों में कमजोरी  (Muscle Weakness) रीढ़ की हड्डी की कमजोरी से शरीर के विभिन्न हिस्सों में मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है, खासकर पीठ और पैरों में। झनझनाहट और सुन्नता  (Tingling and Numbness) रीढ़ की समस्याओं के कारण तंत्रिकाओं पर दबाव पड़ सकता है, जिससे हाथों और पैरों में झनझनाहट या सुन्नता हो सकती है। संतुलन में कठिनाई (Difficulty in Balance) रीढ़ की हड्डी में कमजोरी या दर्द होने पर चलने, खड़े होने या अन्य गतिविधियों में असंतुलन महसूस हो सकता है। रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं जैसेः- सही तरीके से बैठना, खड़ा होना और सोना रीढ़ की हड्डी की सेहत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से बचें और समय-समय पर अपनी स्थिति बदलें। कंप्यूटर के सामने बैठते समय रीढ़ को सीधा रखें और अपनी कुर्सी का इस्तेमाल सही तरीके से करें। नियमित रूप से व्यायाम करना रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। स्ट्रेचिंग, योग, और तैराकी जैसी गतिविधियाँ रीढ़ की लचीलापन और मांसपेशियों की मजबूती को बढ़ाती हैं। इससे रीढ़ पर दबाव कम होता है और दर्द से राहत मिलती है।  recent visitors 62

एक बार फिर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के आसार जताये जा रहे

भोपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बीते कुछ समय से राजनीतिक तौर पर कम सक्रिय हैं मगर अब उनके फिर से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं। यह अनुमान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से उनकी दिल्ली में हुई मुलाकात के आधार पर लगाए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय राजनीति से मध्य प्रदेश की ओर रुख किया था। उन्हें पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और उसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सत्ता हासिल की थी। कांग्रेस सत्ता में महज 15 माह रही, आपसी खींचतान के चलते सत्ता हाथ से खिसक गई और भाजपा की फिर सत्ता में वापसी हो गई। उसके बाद से कमलनाथ का दायरा लगातार सिमटता गया और वर्तमान में उनकी ज्यादा सक्रियता छिंदवाड़ा तक सीमित है। कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा से लोकसभा का चुनाव हार चुके हैं, वहीं उनके करीबी अमरवाड़ा से विधायक रहे कमलेश शाह ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। अभी हाल ही में हुए हरियाणा और जम्मू कश्मीर विधानसभा के चुनाव में पार्टी ने कमलनाथ का राजनीतिक तौर पर कोई उपयोग नहीं किया। आगामी समय में महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा के अलावा उप चुनाव भी होने वाले हैं। मध्य प्रदेश के दो विधानसभा क्षेत्र बुधनी और विजयपुर में उपचुनाव होना है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कमलनाथ के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे न केवल मुलाकात की बल्कि दो घंटे तक दोनों साथ भी रहे। इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि कमलनाथ का छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र महाराष्ट्र की सीमा से लगा हुआ है और वहां के कई इलाकों में कमलनाथ का प्रभाव है और सियासी तौर पर दखलअंदाजी भी है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र के औद्योगिक घरानों से भी कमलनाथ की नजदीकियां है। कांग्रेस महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में कमलनाथ के प्रभाव का उपयोग करना चाहती है और इसलिए राहुल गांधी ने उनसे लंबी चर्चा की है। राहुल गांधी और कमलनाथ की इस मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। साथ ही यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि कमलनाथ की राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर सक्रियता बढ़ेगी और आगामी चुनाव में वह बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश से ही नाता रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को पार्टी ने पूरी तरह किनारे कर दिया है और उनका न तो जम्मू कश्मीर व हरियाणा के चुनाव में कोई उपयोग किया गया और अब संभावना यही है कि झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव में भी पार्टी उन्हें दूर ही रखने वाली है।   recent visitors 48

कलेक्टर ने उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को दिलाई शपथ

मनेन्द्रगढ़ आज जिला के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में “उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम“ के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में “उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम“ का शपथ दिलाई गई । इस अवसर पर कलेक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 2030 तक सभी युवा, प्रौढ़, पुरुष एवं महिलाओं को शत-प्रतिशत बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान प्रदान करना लक्ष्य है। “उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम“ एक केंद्र प्रवर्तित योजना है, जो सभी के लिए शिक्षा के उद्देश्य को पूरा करने के लिए शुरू की गई है। इसके अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अभियान के प्रति जागरूक करने और जनसाधारण को जानकारी प्रदान करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बैठक के दौरान कहा की इस कार्यक्रम के तहत ''उल्लास केंद्र'' की स्थापना, शिक्षार्थियों और स्वयंसेवी शिक्षकों का चिन्हांकन और कार्यक्रम के वातावरण निर्माण पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने पठन-पाठन सामग्री की व्यवस्था, स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी, प्रशिक्षकों और स्वयंसेवी शिक्षकों के प्रशिक्षण, और उल्लास केंद्रों के संचालन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि सभी असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वयंसेवी शिक्षकों की मदद ली जाएगी और सभी असाक्षरों और शिक्षकों का चिन्हांकन कर उल्लास पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही, ग्राम और नगरीय निकायों के वार्डों में प्रभारी नियुक्त कर अभियान को समय पर पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा। recent visitors 79

मशहूर गुरु नानक बेकरी में ऊपरी मंजिल पर आग लगी, बेकरी जलकर राख, मचा हड़कंप

पंजाब लुधियाना के थाना टिब्बा में मशहूर गुरु नानक बेकरी में आग लगने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार आज सुबह गुरु नानक बेकरी की ऊपरी मंजिल पर आग लगी है। आग इतनी भीषण थी कि पूरी बेकरी जलकर राख हो गई। इस उक्त घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियों ने बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया। वहीं संदेह है कि आग दुकान के बाहर लगे मीटर के कारण लगी है। बेकरी मालिक ने बताया कि परिवार सहित दुकान की ऊपरी मंजिल पर सो रहा था। जब आग लगने का अहसास हुआ तो हड़कंप मच गया। उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाया तो उनकी मदद के लिए लोग आगे आए। लोगों की मदद से उनका परिवार सुरक्षित बाहर निकला। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थाना टिब्बा की पुलिस ने बताया कि बेकरी में लगी आग से सामान जलकर राख हो गया लेकिन गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।  recent visitors 96

नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया, कहा- पहले रोजगार फिर शपथ ग्रहण

हरियाणा हरिणाया में एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ही सत्ता की बागडोर थामेंगे। सौनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। अब हरियाणा में नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले सैनी ने रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहले 24 हजार युवाओं को नौकरी देंगे उसके बाद शपथ ग्रहण करेंगे। नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, "मैंने संकल्प लिया था शपथ बाद में लूंगा पहले 24 हजार युवाओं को ज्वाइनिंग दूंगा। वादे को पूरा करते हुए कल नतीजे घोषित किए जाएंगे। भाजपा जो कहती है वो करती है।" सैनी पेश किया सरकार बनाने का दावा नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से राजभवन में मुलाकात की और राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। इससे कुछ घंटे पहले ही पंचकूला में हुई बैठक में सैनी को सर्वसम्मति से हरियाणा में भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए। नवनिर्वाचित विधायकों कृष्ण कुमार बेदी और अनिल विज ने सैनी के नाम का प्रस्ताव दिया था। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 48 सीट पर जीत मिली है जबकि कांग्रेस ने 37 सीट प्राप्त की हैं। सैनी गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। विधायक दल का नेता चुने जाने पर क्या बोले सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बुधवार को विधायक दल का नेता चुने जाने पर पार्टी के नेताओं और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया है। सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कुशल मार्गदर्शन, राष्ट्रीय नेतृत्व का निरंतर प्रोत्साहन और हरियाणा की देवतुल्य जनता द्वारा चुने गये सभी विधायकों के समर्थन से विधायक दल का नेता चुना गया हूं और सभी के भरोसे पर शत-प्रतिशत खरा उतरूंगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मेरे परिजनों को यह विश्वास दिलाता हूं, “आपका यह भाई, आपका यह बेटा, आपका यह सेवक हर समय आपके लिए आपकी सेवा में उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेवारी के लिए मैं पुनः केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल तथा शीर्ष नेतृत्व सहित अपने उन सभी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं, जिनके अथक परिश्रम के बल पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तीसरी बार हरियाणा में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है।” recent visitors 98

मुख्यमंत्री साय से बिहार के वन एवं सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय कक्ष में बिहार के वन एवं सहकारिता मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने डॉ प्रेम कुमार का छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत किया। डॉ प्रेम कुमार आज से राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाले 27 वें अखिल भारतीय वन खेलकूद महोत्सव के शुभारंभ समारोह में शामिल होने रायपुर आए हैं। वे छत्तीसगढ़ की लघु वनोपज खरीदी व्यवस्था और धान उपार्जन व्यवस्था का भी जायजा लेंगे। recent visitors 26