Saturday, July 4, 2026 1:51 pm

राज्यपाल पटेल केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अखिल भारतीय स्पर्धा के शुभारम्भ कार्यक्रम में शामिल हुए

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रतियोगिता में भाग लेने से नया जोश और मनोबल तो मिलता ही है, साथ ही अपने और दूसरों के प्रदर्शन के अनुभव से कौशल का नया स्तर प्राप्त होता है। प्रतियोगिता में ज्ञान और कौशल के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि हार-जीत से कही अधिक महत्वपूर्ण हमारी संस्कृति, सुसंस्कृत जीवनशैली की गरिमा और गौरव का सम्मान है। राज्यपाल पटेल आज केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में आयोजित अखिल भारतीय क्रीड़ा, सांस्कृतिक, शैक्षिक स्पर्धा, युवा महोत्सव 2024 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विशिष्ट ग्रंथों, “सर्वसमावेशी शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में महर्षि दयानन्द सरस्वती” और “भारतीय ज्ञान परम्परा शिक्षक शिक्षा” का लोकार्पण किया। महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर मिथिला प्रसाद त्रिपाठी, युव संसद जयपुर के संस्थापक आशुतोष जोशी मंचासीन थे।     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आधुनिक मानव जीवन से जुड़े क्षेत्रों शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी जीवन आदि कई विषयों में संस्कृत ज्ञान निधि की प्रासंगिकता आज बढ़ रही है।दुनिया में संस्कृत भारत की सॉफ्ट पावर का सबसे प्रमुख ज़रिया है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जिसमें संस्कृत के ज्ञान को आधुनिक और शोध परक दृष्टि से देखा जाए और ज्ञान के नए स्वरूप को प्रकाशित किए जाए। समय की आवश्यकता है कि हमारे पास ऐसे युवा हो, जिनमें संस्कृत के साथ कम्प्यूटर कोडिंग की तकनीक और अनुसंधान का सामर्थ्य हो। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत निर्माण प्रयासों के लिए जड़ों से जुड़ें वैश्विक प्रतिस्पर्धा हेतु सक्षम युवाओं का निर्माण समय की जरूरत है। विश्वविद्यालय को संस्कृत भाषा की भारतीय ज्ञान परम्परा को भविष्य की दृष्टि से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ समन्वय से भारत को ज्ञान की महाशक्ति बनाने की जिम्मेदारी लेना होगी। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन और अनुसंधान के द्वारा राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान खोजने के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के समग्र, सर्वांगीण विकास में ऐसे शैक्षणिक, सांस्कृतिक और खेल स्पर्धाओं के आयोजन अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होते है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभाने और अखिल भारतीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की सराहना की है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर मदन मोहन झा ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सांस्कृतिक गतिविधियों का विवरण दिया। बताया कि राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान से प्रारम्भ होकर 55वीं वर्ष गांठ के अवसर तक विश्व में संस्कृत का पर्याय बन गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय मल्टी डिसिप्लिनरी, बहुपरिसरीय विश्वविद्यालय है, जिसमें 12 परिसर, 28 महाविद्यालय और 105 से अधिक मान्यता प्राप्त संस्थाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में भारतीय विधिशात्र, नाट्य शास्त्र के पाठ्यक्रम के साथ ही बी.ए. ऑनर्स, संस्कृत, सिविल सर्विसेज, शुरू किया गया है, जिसमें संस्कृत एवं सिविल सर्विसेज के पाठ्यक्रम का अध्ययन कराया जाता है। विद्यार्थी पाठ्यक्रम के 5 में से किसी एक विषय में स्नातकोत्तर की एक वर्षीय उपाधि भी प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को नेक द्वारा A++ की ग्रेडिंग प्राप्त है। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति विगत 2 वर्षों से सफलता पूर्वक क्रियान्वित की जा रही है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के निदेशक प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय देश के 12 प्रांतों में प्रस्तारित है। आयोजित, प्रतियोगिता में राज्य स्तरीय स्पर्धा के विजेता शामिल हो रहे है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए विषय विशेषज्ञ विद्वान शामिल है। धन्यवाद ज्ञापन भोपाल परिसर के सहायक निदेशक प्रोफेसर नीलाभ तिवारी ने किया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा भगवती सरस्वती का दीप प्रज्ज्वलन कर पूजन किया। परिसर के छात्रों द्वारा वैदिक मंगलाचरण एवं नाट्य अनुसंधान विभाग के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का शॉल, शंख और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।   recent visitors 66

है जवानी तो इश्क होना है में काम करेंगे वरूण धवन

मुंबई, बॉलीवुड के चॉकलेटी हीरो वरूण धवन अपने पिता डेविड धवन की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में काम करते नजर आ सकते हैं। वरुण धवन इन दिनों अपनी आने वाली एक्शन थ्रिलर वेब सीरीज सिटाडेल हनी बन्नी को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। इस सीरीज के अलावा वरुण इन दिनों एक और फिल्म को लेकर चर्चा में हैं, जिसका नाम 'है जवानी तो इश्क होना है' बताया जा रहा है। कहा जा रहा है रमेश तौरानी के प्रोडक्शन की इस फिल्म को वरूण के पिता डेविड धवन निर्देशित करेंगे। डेविड धवन इससे पूर्व वरूण धवन को लेकर मैं तेरा हीरो, जुड़वा 2 और कुली नंबर 1 बना चुके हैं। चर्चा है कि वरुण धवन नवंबर में गोवा में है जवानी तो इश्क होना है की शूटिंग शुरू करेंगे।अगले साल की शुरुआत में इस फिल्म के कुछ सींस की शूटिंग विदेश में की जा सकती है। recent visitors 101

आरोपियों ने किया खुलाशा, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में कचरू साहू की हत्या कर गुमराह करने पेड़ पर लटकाई लाश

कबीरधाम. रेंगाखार जंगल थाना क्षेत्र के ग्राम लोहारीडीह के युवक कचरू साहू के हत्या मामले में बुधवार को बड़ा खुलासा हुआ। इस गांव से करीब 10 किमी दूर एमपी के बालाघाट जिले के बिरसा थाना क्षेत्र के जंगल में 15 सितंबर को कचरू साहू उर्फ शिव प्रसाद साहू की शव फंदे पर लटकी मिली थी। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर इसे आत्महत्या बताया गया। मामले में जब बालाघाट पुलिस ने बारीकी से जांच की तो हत्या की जानकारी सामने आई है। बुधवार को बालाघाट पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान मृतक से संबंधित साक्षियों के बयान लिए गए। मृतक के मोबाइल नंबर व संदेहियो के नंबर की सीडीआर प्राप्त कर गहनता से एनालिसिस किया गया। अलग-अलग संदेहियों से पूछताछ की गई। मुखबिरों द्वारा गोपनीयता से सभी संदेहियो के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। जांच के दौरान संदेहियों से लगातार पूछताछ की गई, लेकिन संदेहियो द्वारा गुमराह किया जाता रहा। संदेही टेकचंद पटेल से प्रांरभिक लीड मिली। सभी संदेही से अलग-अलग पूछताछ पर हत्या का खुलासा हुआ। प्लान के मुताबिक टेकचंद पटेल, रोशन साहू, दिनेश साहू, राखीलाल हिरवाने  द्वारा मृतक कचरू साहू को उसके ही गमछे से पेड़ पर फांसी पर लटका करके हत्या की गई है। इस तरह वारदात को दिया अंजाम दिनेश व रोमन ने कचरू के प्रत्येक गतिविधि की बारिकी से रैकी की। उसके आने-जाने उठने बैठने के संबंध में जानकारी लिया। इन्हें पता चला की कचरू का दमोह (एमपी) तरफ आना-जाना लगा रहता है। प्लान बनाया कि इसे छत्तीसगढ़ की सीमा के बाहर मध्यप्रदेश में निपटाएंगे। कचरू के सबसे करीबी दोस्त टेकचंद पटेल को पैसा का लालच देकर कचरू के लोकेशन देने के संबंध में मनाया। इसके एवज में 10 हजार रुपये एडवांस भी दिए। साथ ही दिनेश और रोमन ने अपने रिश्ते के भाई राखीलाल (जो कि दिनेश के बुआ का लड़का है) को शामिल किया। 14 सितंबर को टेकचंद के माध्यम से दिनेश व रोमन को पता चला कि कचरू दमोह के तरफ गया है। दमोह मे जाकर प्लान बनाया कि टेकचंद कचरू साहू को घटना स्थल पर चिकन पार्टी के नाम पर लेकर आएगा। करीब शाम सात बजे शाम टेकचंद के सूचना देने पर दिनेश, रोमन, राखीलाल मौके पर जाकर कचरू को डंडे से मारकर और उसके गमछे से उसका गला घोंटकर बेहोश कर दिए। टेकचंद मौके से भाग गया। बाद प्रकरण को आत्महत्या दिखाने के लिए पास के जंगल के पेड़ पर कचरू के ही गमछे से फांसी पर टांगकर हत्या कर दिए। साक्ष्य को इधर-उधर गायब कर दिया। इसलिए की थी हत्या आरोपी दिनेश व रोमन से पूछताछ में बताया कि शिव प्रसाद उर्फ कचरू साहू वर्तमान साहू समाज का लोहारीडीह सर्कल का अध्यक्ष था। हमारे परिवार को समाज से बाहर कर परेशान कर दिया था। कुछ दिन पूर्व दिनेश साहू के परिवार को समाज में शामिल किया गया था, लेकिन कचरू साहू के कारण समाज ने फिर से निकाल दिया था। मृतक द्वारा अपने साथी के साथ दिनेश व उसके पिता रघुनाथ साहू की पिछले साल हत्या का प्रयास किया था। झूठा मुकदमा भी इनके ऊपर थाना में करवाया था। बीते साल कचरू ने दिनेश की मां को साजिश कर सरपंच के पद से हटवा दिया था। मृतक ने दिनेश के पिता रघुनाथ साहू पर अपनी पत्नी के साथ छेड़खानी का झूठा मुकदमा करवाया था। रोमन साहू के परिवार को लंबे समय से समाज में शामिल नही किया गया। रोमन साहू के खेत को जानवर से चरवा दिया गया था। खेत के घर में आग लगा दिया गया था। कुछ दिनों से कचरू साहू द्वारा दिनेश और उसके परिवार को जान से मारने की बार-बार धमकी दे रहा था। इस कारण से तंग आकर दिनेश और रोमन ने कचरू को हत्या कर रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।  ये हुए गिरफ्तार इस मामले में पुलिस ने टेकचंद पिता सनूकलाल पटेल उम्र 24 निवासी भेलवाटोला थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम, दिनेश कुमार पिता रघुनाथ साहू उम्र 33, निवासी ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम, रोमन पिता सनूकलाल साहू उम्र 32, निवासी ग्राम लोहारीडीह थाना रेंगाखार जिला कबीरधाम व राखीलाल पिता सुखराम हिरवाने उम्र 40 वर्ष निवासी बनाफरटोला ग्राम रेलवाही थाना बिरसा बालाघाट (एमपी) को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बाइक क्रमांक CG 08 AP 1118 व मोबाइल फोन को जब्त किया है। बालाघाट एसपी ने अच्छी विवेचना पर बिरसा थाना पुलिस की टीम को 10 हजार रुपये इनाम की घोषणा किया है। recent visitors 78

शेयर बाजार में रोजगार के अवसरों की कमी नहीं

अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के बाद लोगों में निवेश की प्रवृत्ति बढ़ी है। आजकल सामान्य लोग भी शेयर मार्केट में दिलचस्पी लेने लगे हैं। आज पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा निवेश कंपनियां और वित्तीय सलाहकार कंपनियां मैदान में हैं। लिहाजा शेयर मार्केट से संबंधित रोजगार में भी इजाफा हुआ है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में अब एमबीए, सीए, आईसीडब्लूए या स्टॉक एक्सचेंज से मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट होल्डर्स अपना भविष्य संवार रहे हैं। पिछले कुछ सालों में शेयर मार्केट के क्षेत्र में कई बड़े घोटाले सामने आए हैं। उनमें प्रतिभूति घोटाला, यूटीआई जैसे घोटाले ने तो सरकार की जड़ें हिला कर रख दीं। लिहाजा इससे निजात पाने के लिए सरकार ने कई कानून और उच्च तकनीकी प्रक्रिया अपनाई है। जिसके तहत शेयर मार्केट में रोजगार के लिए सरकार ने सर्टिफिकेट कोर्स जैसी शर्ते अनिवार्य कर दी हैं। यही वजह है कि कैपिटल मार्केट डीलर मॉड्यूल, प्रोग्राम ऑन कैपिटल मार्केट, सर्टिफिकेट कोर्स ऑन स्टॉक मार्केट और शेयर ब्रोकिंग जैसे पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। फिलहाल इस क्षेत्र में बहुत ही कम प्रतियोगिता है। लिहाजा सभी पाठ्यक्रमों में दाखिला आसानी से मिल जाता है। फाइनेंस से एमबीए, इकोनॉमिक्स या कॉमर्स से मास्टर डिग्री धारक और चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट जैसे पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थी भी इस क्षेत्र में कॅरियर बना सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न तरह के फाइनेंस, कॉमर्स और मैनेजमेंट के कोर्स कर रहे युवाओं के लिए भी शेयर मार्केट से जुड़े विभिन्न उपक्रमों और सहायक−क्षेत्रों में प्रबल सभावनाएं हैं। आम लोगों के लिए इंश्योंरेंस फंड, रिटायरमेंट फंड और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश का फंडा समझ से बाहर होता है। इसीलिए उन्हें निवेश के लिए एक सलाहकार की जरूरत भी पड़ती है। ऐसे में कंसल्टेंसी का काम भी बेहतर रोजगार होगा। इसके अलावा अभ्यर्थी मार्केट एनालिस्ट, रिसर्च एनालिस्ट या इक्विटी रिसर्चर के तौर पर भी काम कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए इन संस्थाओं से संपर्क कर सकते है− -नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, नई दिल्ली। -बीएसई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज, मुंबई। -आईसीएफएआई, हैदराबाद। -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कैपिटल मार्केट एंड डेवलपमेंट, करोलबाग, दिल्ली। -जेडीसी बिटको इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, नासिक।   recent visitors 83

मैट हेनरी और विलियम ओ’रुर्के ने नौ विकेट चटकाए, भारत का सबसे कम टेस्ट स्कोर

बेंगलुरु मैट हेनरी और विलियम ओ’रुर्के ने गुरुवार को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहले टेस्ट के दूसरे दिन गुरूवार को सामूहिक रूप से नौ विकेट चटकाए और भारत को सिर्फ 46 रन पर आउट कर दिया। इसके साथ ही भारत ने घरेलू मैदान पर अपना सबसे कम स्कोर और कुल मिलाकर तीसरा सबसे कम टेस्ट स्कोर दर्ज किया है। बादल छाए रहने की स्थिति में, हेनरी ने लाइन और लेंथ पर बेहतरीन नियंत्रण दिखाया और 5-15 विकेट चटकाए और 100 टेस्ट विकेट लेने का कीर्तिमान भी हासिल किया। भारत में अपना पहला टेस्ट खेल रहे ओ’रुर्के ने अपनी अजीबोगरीब उछाल और लेंथ के मिश्रण से शानदार प्रदर्शन किया और 4-22 विकेट चटकाए, जबकि अनुभवी तेज गेंदबाज टिम साउदी ने एक विकेट लिया। इससे पहले भारत का घरेलू मैदान पर सबसे कम टेस्ट स्कोर दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ 75 रन था। भारत का घरेलू टेस्ट में सबसे कम स्कोर 46 है, वहीं विदेशी टेस्ट में भारत का सबसे कम स्कोर और भी कम है। 2020 में एडिलेड में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत 36 रन पर ढेर हो गया था, जो न केवल विदेशी टेस्ट में उनका सबसे कम स्कोर है, बल्कि ओवरऑल टेस्ट क्रिकेट में भी उनका सबसे कम स्कोर है। भारत की बल्लेबाजी का आलम यह रहा कि उसके पांच बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल पाए। भारत की तरफ से सर्वाधिक स्कोर 20 रन ऋषभ पंत का रहा। भारत की ओर से ऋषभ पंत (20) और यशस्वी जायसवाल (13) ही ऐसे दो बल्लेबाज थे जिन्होंने दोहरे अंकों में स्कोर बनाया। पांच भारतीय बल्लेबाज शून्य पर आउट हुए, जिससे टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए एक अनचाही उपलब्धि दर्ज हुई। कुल मिलाकर, यह टेस्ट में भारत का तीसरा सबसे कम स्कोर था, इससे पहले 2020 में एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 36 और 1974 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ 42 रन का स्कोर था। यह भारत में टेस्ट मैच में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सबसे कम स्कोर भी था।   recent visitors 167

शेख हसीना ने बांग्लादेश से हेलिकॉप्टर पर सवार होकर देश छोड़ा था, अब गिरफ्तारी वॉरंट हुआ जारी

ढाका बांग्लादेश में तख्तापलट और खूनी हिंसा के बाद देश छोड़कर निकलीं शेख हसीना के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार देश की एक अदालत ने उन पर मानवता के खिलाफ अपराध किए जाने के आरोपों में गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। शेख हसीना ने बांग्लादेश से हेलिकॉप्टर पर सवार होकर देश छोड़ा था और दिल्ली के पास स्थित हिंडन एयरबेस पर उतरी थीं। उसके बाद से वह भारत में ही रह रही हैं, लेकिन उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। शेख हसीना के खिलाफ अदालत में अर्जी डालने वाले वकील मोहम्मद ताजुल इस्लाम ने कहा कि यह यादगार दिन है। वहीं बांग्लादेश में आंदोलन के दौरान मारे गए सैकड़ों लोगों में से एक के परिजनों ने कहा कि यह अच्छी खबर है। हम उम्मीद करते हैं कि अब शेख हसीना के खिलाफ ट्रायल आगे बढ़ेगा और हमें न्याय मिलेगा। शेख हसीना बीते 15 सालों से बांग्लादेश की सत्ता पर काबिज थीं। उन पर आरोप है कि पीएम रहते हुए उनके शासनकाल में बड़े पैमाने पर लोगों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा राजनीतिक विरोधियों को चुन-चुनकर मार डाला गया। बांग्लादेश इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल के मुख्य अधिवक्ता ताजुल इस्लाम ने कहा कि शेख हसीना को 18 नवंबर को अदालत ने पेश करने का आदेश दिया है। इस्लाम ने कहा, 'शेख हसीना उन लोगों का नेतृत्व कर रही थीं, जिन्होंने देश में जुलाई से अगस्त तक हिंसा फैलाई, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए।' अदालत ने शेख हसीना के अलावा उनकी पार्टी अवामी लीग के महासचिव कायदुल कादर को भी अरेस्ट करने को कहा है। इन दोनों नेताओं के अलावा 44 अन्य के लिए भी गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया गया है। इन 44 लोगों के नाम जारी नहीं किए गए हैं। recent visitors 85

आईपीएल की फ्रैचाइजी एसआरएच के गेंदबाजी कोच का पद डेल स्टेन ने छोड़ा

नयी दिल्ली दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रैचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के गेंदबाजी कोच का पद छोड़ दिया हैं। स्टेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, “आईपीएल में गेंदबाजी कोच के रूप में मेरे कुछ वर्षों के लिए सनराइजर्स हैदराबाद को बहुत-बहुत धन्यवाद, दुर्भाग्य से मैं आईपीएल 2025 के लिए वापस नहीं आऊंगा।” उन्होंने कहा, “हालांकि, मैं दक्षिण अफ्रीका में एसए-20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप के साथ काम करना जारी रखूंगा। एसए-20 में सनराइजर्स ईस्टर्न केप दो बार विजेता रहा है आइए इसे लगातार तीन बार विजेता बनाने का प्रयास करें।” उल्लेखनीय है कि स्टेन को वर्ष 2021 के आखिर में हेड कोच टॉम मूडी के अधीन एसआरएच का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2023 में ब्रायन लारा ने मूडी से पदभार संभाला और 2024 सीजन से पहले, डेनियल विटोरी को नया हेड कोच के रूप में घोषित किया गया। विटोरी के नेतृत्व में एसआरएच ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से हारने से पहले 2018 के बाद से अपना पहला फाइनल खेला था। स्टेन ने आईपीएल में एसआरएच, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और अन्य कई टीमों की फ्रैंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया है।   recent visitors 61