15 पुलिस जवान घायल और तीन गंभीर, छत्तीसगढ़-धमतरी में पुलिस बस ने ट्रक को मारी टक्कर

धमतरी. धमतरी जिले में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्राम संबलपुर के पास पुलिस जवानों से भरी एक बस ने ट्रक को टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। इस हादसे में करीब 15 जवान घायल हो गए हैं। सभी घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। जानकारी के अनुसार, सुकमा जिला पुलिस बल के जवान रिफ्रेशर कोर्स में पुलिस कैंप मनाने गए थे। वहीं, 15 दिनों की ट्रेनिंग के बाद आज सभी बस में सवार होकर  सुकमा लौट रहे थे, तभी ग्राम संबलपुर के पास बस ने ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। सभी घायलों को इलाज के लिए एंबुलेंस से इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त बस में महिला-पुरुष सहित कुल 20 जवान बस में सवार थे, जिसमें से तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। recent visitors 68

18 से 27 अक्टूबर तक बिजली मेंटेनेंस, सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगी आपूर्ति

छिंदवाड़ा मानसून के बाद बिजली विभाग ने एक बार फिर से मेंटेनेंस शुरू कर दिया है। बिजली तारों के मेंटेनेंस के चलते 18 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक शहर के विभिन्न फीडर में मेंटेनेंस का कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रखी जाएगी। बिजली विभाग ने संबंधित क्षेत्र के रहवासियों को अलर्ट किया है कि वह संबंधित समय से पूर्व बिजली आपूर्ति संबंधी कार्य निपटा लें। एमपीईबी का यह मेंटेनेंस कार्य शहर के अलग-अलग हिस्सों में किया जाएगा। जानिए कब कहां बंद रहेगी बिजली आपूर्ति। 18 अक्टूबर को यहां बंद रहेगी बिजली : थुनिया फीडर – थुनिया भाण्ड, हवाई पट्टी, आशीर्वाद बाया, एनी कॉलेज, खैरवाडा, लिंगा वितरण केन्द्र का आशिक क्षेत्र । 19 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में बंद रहेगी आपूर्ति : वाटर सप्लाई फीडर एस.ए.एमा, कॉलोनी, भरतादेव रोड, ठाकरेढाना, आनंद लॉन, छत्रपति शिवाजी स्कूल, शंकर होम, ओम स्टेट, उब्लू सी.एल. कॉलोनी, चन्द्रप्रभा लॉन, सपना चौक चंदनगांव आदि। 20 अक्टूबर को चंदनगांव फीडर : साबलेवाड़ी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, अशीर्वाद कॉलोनी, माता मंदिर कॉलोनी, कृषि विज्ञान सोन्द्र, 132 के.व्ही. कॉलोनी, जे.पी. इन होटल, नागपुर रोड बोदरी नदी से कृष्णा मोटर्स तक का क्षेत्र। 21 अक्टूबर को सोनपुर फीडर : सोनपुर बस्ती एवं प्रधान मंत्री आवास सोनपुर 22 अक्टूबर को खजरी फीडर : खजरी फीडर प्रियदर्शिनी कॉलोनी, सिद्धी विनायक कॉलोनी, सांई वाटिका, नेचर सिटी, शिरडीपुरन, फ्रेण्ड्स कॉलोनी, आनंद नगर, उमरुटोला आदि। 23 अक्टूबर को मोहरली फीडर : मोहरली फीडर फर्स्ट स्टेप स्कूल, विनराड़ाना, जामुनझिरी, झण्डा, गिट्टी खदान, मोहरली, खैरी भोपाल, लहगहुआ आदि। 24 अक्टूबर को लिंगा फीडर : श्रद्धा नगर, अंबेडकर नगर, रानी कोठी, राज नगर, प्रज्ञापुरन, संचार कॉलोनी, गुरैया रोड़, बर्धनान सिंटी, पाठावाना, सब्जी मण्डी, डी.एल.एस. होम्स, हाथीगोटा चंदनगांव आदि। 25 अक्टूबर को कुकड़ा फीडर : कुकड़ा फीडर कुकड़ा, ताज नगर, उबैद नगर, अमन कॉलोनी, येद विहार कॉलोनी, विद्या सागर रेसीडेंसी, दुग्ध डेयरी, ढीमराढाना आदि। 26 एवं 27 अक्टूबर को गांगी वाड़ा एवं सर्रा फीडर : गांगीवाडा एवं मुरैया फीडर परासिया रोड, भायदे कॉलोनी, विशु नगर, आदर्श नगर, विवांता हॉस्पिटल, मलेरिस हॉस्पिटल, सर्वोत्तम नगर अपनी रसोई, संजू बाबा, कामठी विहार, नोनिया करबल, बजरंग नगर, शंकर नगर, काराबोह क्षेत्र। सर्रा फीडर एम पी ई थी. ऑफिस एकता कॉलोनी, पचमढीढाना, टाईल्स फेक्ट्री, पम्प हाउस कॉलोनी, महाजन लॉन, सर्रा, मटकुली, सोनारे हॉस्पिटल नागपुर रोड, राजा की बगिया से पेट्रोल पम्प चंदनगांव तक। recent visitors 118

सुप्रीम कोर्ट ने धारा 6A को वैध करार दिया, नागरिकता कानून पर सरकार की बड़ी जीत

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने सिटीजनशिप एक्ट की धारा 6A की वैधता पर अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने धारा 6A की वैधता को बरकरार रखा है. CJI डीवाई चंद्रचूड़ का कहना था कि 6A उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो संवैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आते हैं और ठोस प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आते हैं. दरअसल, सिटीजनशिप एक्ट की धारा 6A को 1985 में असम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए संशोधन के बाद जोड़ा गया था. असम समझौते के तहत भारत आने वाले लोगों की नागरिकता के लिए एक विशेष प्रावधान के रूप में नागरिकता अधिनियम में धारा 6ए जोड़ी गई थी. इस धारा में कहा गया है कि जो लोग 1985 में बांग्लादेश समेत क्षेत्रों से 1 जनवरी 1966 या उसके बाद लेकिन 25 मार्च 1971 से पहले असम आए हैं और तब से वहां रह रहे हैं, उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए धारा 18 के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. इस प्रावधान ने असम में बांग्लादेशी प्रवासियों को नागरिकता देने की अंतिम तारीख 25 मार्च 1971 तय कर दी. इससे पहले दिसंबर 2023 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे दायर किया था और कहा था कि वो भारत में अवैध प्रवास की सीमा के बारे में सटीक डेटा नहीं दे पाएगा क्योंकि प्रवासी चोरी-छिपे आए हैं. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा, 6ए उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो जुलाई 1949 के बाद प्रवासित हुए, लेकिन नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा, S6A उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो 1 जनवरी 1966 से पहले प्रवासित हुए थे. इस प्रकार यह उन लोगों को नागरिकता प्रदान करता है जो अनुच्छेद 6 और 7 के अंतर्गत नहीं आते हैं. SC ने गुरुवार को नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6ए की वैधता बरकरार रखी और 4:1 के बहुमत से फैसला दिया. जस्टिस जे पारदीवाला ने असहमति जताई. जस्टिस पारदीवाला का कहना था कि यह संभावित प्रभाव से असंवैधानिक है. सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत, एमएम सुंदरेश और मनोज मिश्रा बहुमत में रुख रहा. नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6ए को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इन याचिकाओं पर SC की पांच जजों की संविधान पीठ ने सुनवाई की और फैसला सुनाया. कोर्ट का कहना था कि असम में 40 लाख प्रवासियों का प्रभाव पश्चिम बंगाल में जनसंख्या के कारण 56 लाख प्रवासियों के प्रभाव से ज्यादा है. असम को अलग करना वैध है. 1971 की कटऑफ तिथि तर्कसंगत विचार पर आधारित है. ऑपरेशन सर्चलाइट के बाद पूर्वी पाकिस्तान से पलायन बढ़ा है. कोर्ट ने कहा, 6A (3) का उद्देश्य दीर्घकालिक समाधान प्रदान करना है. असम समझौता वहां के निवासियों के अधिकारों को कमजोर करना था. बांग्लादेश और असम समझौते के बाद प्रावधान का उद्देश्य भारतीय नीति के संदर्भ में समझा जाना चाहिए. इसे हटाने से वास्तविक कारणों की अनदेखी होगी. भारत में नागरिकता प्रदान करने के लिए पंजीकरण व्यवस्था जरूरी नहीं है. S 6A को सिर्फ इसलिए अमान्य नहीं कहा जा सकता, क्योंकि यह पंजीकरण व्यवस्था का अनुपालन नहीं करता है. सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि संसद बाद की नागरिकता के लिए शर्तें निर्धारित करने के लिए अलग-अलग शर्तें निर्धारित करने में सक्षम है. जस्टिस सूर्यकान्त ने कहा, संविधान और उदाहरणों को पढ़ने से पता चलता है कि बंधुत्व के लिए सभी पृष्ठभूमि के लोगों से अपेक्षा की जाती है कि जियो और जीने दो. भाईचारे का चयनात्मक आवेदन संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है. याचिकाकर्ता का तर्क है कि 6A असंवैधानिक है, क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 6 और 7 की तुलना में नागरिकता के लिए अलग-अलग तारीखें निर्धारित करता है. अलग-अलग तारीख निर्धारित करने की संसद की क्षमता संविधान में है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्रत्येक नागरिक को अनिवार्य रूप से भारत के कानून और संविधान का पालन करना होगा. नागरिकता प्रदान करने से पहले निष्ठा की शपथ का स्पष्ट अभाव कानून का उल्लंघन नहीं है. कोर्ट ने कहा, हम हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं. S6A स्थायी रूप से संचालित नहीं होता है. 1971 के बाद प्रवेश करने वालों को नागरिकता प्रदान नहीं करता है. SC ने कहा, 1 जनवरी 1966 और 24 मार्च 1971 के बीच आए प्रवासियों के लिए नागरिकता नियम कानून के साथ सामंजस्यपूर्ण भूमिका के लिए बनाए गए थे. S6A उन लोगों के निर्वासन की अनुमति देता है जो कट ऑफ तिथि के बाद अवैध रूप से प्रवेश करते हैं. यह नहीं कह सकते कि आप्रवासन ने असम के नागरिकों के वोट देने के अधिकार को प्रभावित किया है. याचिकाकर्ता किसी भी अधिकार का उल्लंघन साबित करने में विफल रहे हैं. कोर्ट ने कहा, S6A को यह कहने के लिए प्रतिबंधात्मक तरीके से समझने की जरूरत नहीं है कि किसी भी व्यक्ति का पता लगाया जा सकता है और सिर्फ विदेशी अधिनियम के तहत निर्वासित किया जा सकता है. हमें कोई कारण नहीं दिखता कि विदेशियों का पता लगाने के उद्देश्य से IEAA के तहत वैधानिक पहचान का उपयोग 6A के साथ संयोजन में क्यों नहीं किया जा सकता है. IEAA और 6A के बीच कोई विरोध नहीं है. IEAA और धारा 6A को सामंजस्य में पढ़ा जा सकता है.   recent visitors 62

7 महीने के बाद खुलेगी भोपाल DRM तिराहे की सड़क,टाई बैरिकेडिंग, लोगों को मिली राहत

भोपाल  हबीबगंज नाके पर डीआरएम तिराहे की सड़क जो पिछले सात महीनों से बंद थी, बुधवार को उसे एक तरफ से खोल दिया गया। इस सड़क के खुलते ही हजारों लोगों को राहत मिली है, जो इस सड़क से रोजाना आवाजाही करते हैं। ज्ञात हो कि मार्च में मेट्रो स्टील ब्रिज के निर्माण के कारण यह सड़क बंद कर दी गई थी, जिससे कई क्षेत्रों के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस सड़क के बंद होने से अवधपुरी, बीडीए, एम्स, अलकापुरी, साकेतनगर, और अमरावतखुर्द समेत सैकड़ों कालोनियों के निवासी प्रभावित हो रहे थे। लोगों को वैकल्पिक मार्ग से होकर पांच-सात किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ता था। इसके साथ ही मार्ग बंद होने के कारण वीर सावरकर सेतु से लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे तक ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ गया था। वहीं इस इलाके से सटे साकेत नगर और शक्ति नगर की अंदरूनी सड़कों पर भी यातायात का भार अधिक हो गया था। इस बीच, डायवर्सन के कारण एक दर्दनाक हादसे में विश्वकर्मा नगर में 10 साल के बच्चे दीपक सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी, जिससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था। बुधवार को मेट्रो कॉर्पोरेशन ने अपनी बैरिकेडिंग और सामान हटा लिया और पुलिस को रास्ता खोलने का पत्र सौंप दिया। हालांकि रेलवे ट्रैक के पास गड्ढों को भरने का काम अभी जारी है, जिससे पूरी तरह से यातायात गुरुवार या शुक्रवार को बहाल होने की उम्मीद है। इस सड़क के खुलने से लाखों लोगों को आने-जाने में बड़ी राहत मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। एक माह बंद रहेगा अल्पना तिराहा से भोपाल टाकीज तक मार्ग उधर, लोक निर्माण विभाग द्वारा अल्पना टाकीज तिराहा से भोपाल टाकीज चौराहे तक (हमीदिया रोड) पर सड़क का पुन: निर्माण कराया जा रहा है। विभाग एवं सड़क निर्माता कंपनी ने कार्य के दौरान इस मार्ग के यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने की जरूरत बताई है। इस आशय की सूचना मिलने पर ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार से 16 नवंबर तक इस सड़क के यातायात को परिवर्तित मार्ग से गुजारने की व्यवस्था की है। जो इस तरह रहेगी।     अल्पना तिराहे से भोपाल टाकीज चौराहे की ओर जाने के लिए अल्पना तिराहे से एकांगी मार्ग का उपयोग कर नादरा बस स्टैंड चौराहा एवं नादरा बस स्टैंड से भोपाल टाकिज की ओर जा सकेंगे।     भोपाल टाकीज चौराहे से अल्पना तिराहे की ओर जाने के लिए भोपाल टाकिज चौराहा से सिंधी कालोनी चौराहा होकर अग्रवाल धर्मशाला, सपना लाज तिराहा, समानांतर मार्ग होकर अल्पना तिराहे की ओर आ सकेंगे।     इसी प्रकार भोपाल टाकीज चौराहे से नादरा बस स्टैंड की ओर जाने के लिए सिंधी कालोनी चौराहा होकर अग्रवाल धर्मशाला, सपना लाज तिराहे से नादरा बस स्टैंड जा सकेंगे।   recent visitors 74

चंडी पहाड़ की चोटी पर मिला एक महिला का जला शव, जताई जा रही बलि की आशंका

छतरपुर छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम गढ़ा गांव में चंडी पहाड़ की चोटी पर चंडी माता के स्थान पर एक महिला का जला शव मिला है। जहां इस शव के मिलने से हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक मंदिर के पुजारी सुबह 5 बजे चंडी माता मंदिर में अगरबत्ती लगाने के लिए गए थे, वहां पर एक महिला का शव जल रहा था। प्रथमदृष्टया पता चला है कि महिला को कागजों से जलाया गया है। घटना की सूचना पुजारी ने पुलिस को सूचना दी है। जहां पुलिस ने मौके पर जाकर महिला का जला शव एवं राख को भरकर राजनगर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं महिला की बलि तो नहीं दी गई। या महिला के साथ कोई वारदात और अप्रिय घटना घटित की गई है और मामले से बचने उसे छिपाने के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया हो और महिला को मार डाला गया हो। हालांकि इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। फिलहाल इस मामले और घटना के संबंध कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। दरसल क्योंकि घटना धाम के पास ही घटित हुई है। वहीं अब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि माजरा क्या है और महिला की मौत का ख़ुलासा होगा। फिलहाल थाना पुलिस घटना और मामले की जांच में जुट गई है। recent visitors 164

झाबुआ में ब्राउन शुगर बेचने वाले दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

झाबुआ मेघनगर में ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ाए जाने के बाद अब झाबुआ से पुलिस ने एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी इस तस्कर के पास से 30 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसकी कीमत तीन लाख रुपए है। गौरतलब है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दो दिन पहले इंदौर में बयान दिया था कि प्रदेश में राजस्थान के प्रतापगढ़ से ड्रग्स आ रही है। उनके पास सौदागरों की लिस्ट है। तीन लाख की ड्रग लेकर डिलीवरी देने जा रहा था एसडीओपी रूपरेखा यादव और टीआई आरसी भास्करे ने बताया, मंगलवार रात थांदला की ओर से आ रहे बाइक सवार को रोका। चालक शाहिद गुलशेर खान निवासी कोठड़ी, जिला प्रतापगढ़ के पास से 3 लाख रु. की 30 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। वह इसे काला उर्फ निक्की मारू निवासी सिद्धेश्वर कॉलोनी को देने जा रहा था। उसे भी गिरफ्तार किया है। बदमाश पर 30 से ज्यादा अपराध हैं दर्ज इंदौर डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा के अनुसार अर्जुन पिता ग्यारसीलाल मीणा निवासी मंदसौर को गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ 30 से ज्यादा केस दर्ज हैं। टीआई चंद्रकांत पटेल के अनुसार विजय नगर पुलिस ने 22 अगस्त को यश उर्फ नन्नू को 12.9 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर अर्जुन को मंदसौर से गिरफ्तार किया है। वह प्रतापगढ़ से ड्रग्स लाकर इंदौर में बेचता था।   recent visitors 70

‘वन डायरेक्शन’ बैंड के एक्स मेंबर लियाम पायने की मौत

ब्रिटिश बॉयबैंड वन डायरेक्शन के एक्स मेंबर लियाम पायने का 31 साल की उम्र में निधन हो गया। वो अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में एक होटल की बालकनी से गिर गए। ये घटना 16 अक्टूबर 2024 को स्थानीय समयानुसार शाम करीब 5 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उस दिन वो होटल की लॉबी में अलग बिहेव कर रहे थे। लियाम पायने अपने एक्स 'वन डायरेक्शन' बैंडमेट नियाल होरान के एक म्यूजिक प्रोग्राम में भाग लेने के लिए अर्जेंटीना में थे। दोनों स्टेज पर फिर साथ आए थे। सिंगर ने अतीत में नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य के साथ अपने संघर्षों के बारे में खुलकर बात की थी। अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या वो दुर्घटनावश बालकनी से गिर गए या फिर वो नशे में धुत थे! होटल की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत पुलिस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि 'म्यूजिशियन और गिटारिस्ट 'वन डायरेक्शन' बैंड के पूर्व सदस्य लियाम जेम्स पायने की आज एक होटल की तीसरी मंजिल से गिरने से मौत हो गई।' तहस-नहस हालत में मिला लियाम का कमरा! मौत से एक घंटे पहले लियाम स्नैपचैट पर फोटोज और वीडियोज पोस्ट कर रहे थे। सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं, जो होटल के उस कमरे की हैं, जहां लियाम ठहरे थे। वहां पर काफी सामान टूटी-फूटी हालत में मिला है। उनके फैंस ने सिंगर के मर्डर का दावा किया है। लियाम को उनके गानों 'किस यू', 'मैजिक', 'परफेक्ट' और 'फॉर यू' के लिए जाना जाता है। सुसाइड के आते थे विचार! लियाम पायने ने 2021 में खुलासा किया कि 'वन डायरेक्शन' के टूर के दिनों में उनके मन में आत्महत्या के विचार आए थे। म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर लियाम की मौत से म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर है। चार्ली पुथ, पेरिस हिल्टन और जेडवर्ड जैसी हस्तियों ने सोशल मीडिया पर दुख जताया है। लियाम की फैमिली में एक्स पार्टनर चेरिल के साथ उनका 6 साल का बेटा ग्रे पायने है। recent visitors 72