Saturday, July 4, 2026 7:52 am

उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को जारी होंगे नियुक्ति पत्र, मिली राहत

भोपाल उच्च माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-1) 2023 के पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिल गई है। अब इनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग नियुक्ति पत्र जारी करने की तैयारी में भी जुट गया है। इससे करीब प्रदेश के चार हजार पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी। उच्च न्यायालय ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों के ईडब्ल्यूएस के पात्र अभ्यर्थियों की याचिका पर उनके पक्ष में निर्णय सुनाया है। 12 नवंबर से विभाग नियुक्ति पत्र जारी करना शुरू कर देगा। अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई थी। आठ हजार 720 पदों पर भर्ती होनी है। यह पद स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में हैं। ये है पूरा मामला स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2018 में उच्च माध्यमिक शिक्षक यानी वर्ग-1 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए परीक्षा कराई थी। 29 सितंबर 2022 को नियुक्ति प्रक्रिया को नई भर्ती बताकर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों की नियुक्ति रोक दी गई। इससे 848 ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल सकी, जबकि इस भर्ती को भी वर्ष 2018 के परीक्षा परिणाम के आधार पर ही की गई थी। इस पर ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी। इस कारण नई भर्ती पर रोक लगा दी गई। उच्च न्यायालय ने 848 अभ्यर्थियों को 45 दिन में नियुक्ति देने का आदेश दिया है। पदवृद्धि की भी उम्मीद स्कूल शिक्षा विभाग अभी उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 भर्ती के लिए पहली काउंसलिंग ही कर रहा है। भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं, इसे लेकर विभाग ने विषयवार खाली पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से परामर्श भी ले लिया है। बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत करीब 300 अभ्यर्थी परेशान उच्च माध्यमिक शिक्षक 2023 पात्रता और चयन परीक्षा की नियमावली में स्कूल शिक्षा ने एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के नियमों का पालन नहीं किया। इसमें बीएड के प्रथम वर्ष में प्रवेशित पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है। भर्ती के समय यह उल्लेख किया गया था कि दस्तावेज सत्यापन या काउंसलिंग के समय डिग्री पूरी होनी चाहिए। पात्र अभ्यर्थी लक्ष्मण सिंह राठौर का कहना है कि अब बीएड कर चुके करीब 300 पात्र अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के बाद नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में नियमों में संशोधन करते हुए बीएड प्रथम वर्ष में अध्ययनरत अभ्यर्थियों को वर्ग-1 में नियुक्ति के लिए पात्र माना गया है।   recent visitors 59

रामविचार नेताम बोले- वन अधिकार अधिनियम के उचित अनुपालन में यह एमओयू मील का पत्थर होगा साबित

रायपुर छत्तीसगढ़ में वन अधिकार अधिनियम-2006 के बेहतर कियान्वयन हेतु आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग और स्वयं सेवी संस्था अशोका ट्रस्ट फॉर रिसर्च इन इकोलॉजी एण्ड एनवायरोमेंट (एटीआरईई) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है। विभागीय मंत्री रामविचार नेताम एवं विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की उपस्थिति में एटीआरईई के प्रतिनिधि डॉ. शरतचंद्र लेले एवं विभाग की ओर से सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू का कार्यक्रम मंत्रालय महानदी भवन में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह समझौता वन अधिकार अधिनियम-2006 के उचित अनुपालन में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर), सीएफआर प्रबंधन एवं वन अधिकार पत्रों के आनॅलाइन डिजिटाइजेशन के संबंध में जमीनी स्तर पर अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अब इस समझौते के माध्यम से एफआरए अधिनियम के उचित क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम केन्द्र एवं राज्य शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना है। अत: इसके उचित कियान्वयन में सबका समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है। इस समझौते के माध्यम से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) प्रकरणों में त्रुटियों की पहचान और समाधान करने के लिए विभाग को जमीनी स्तर के अनुभव के आधार पर सलाह प्रदाय करेगा। इसके अलावा विभाग द्वारा विकसित किये जाने वाले एफआरए एटलस के लिए एटीआरईई के द्वारा जिला स्तरीय सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (सीएफआरआर) संभावित ग्रामों का मानचित्र एवं डाटा भी प्रदाय किया जाएगा। साथ ही विभाग द्वारा (सीएफआरआर) के अंतर्गत परंपरागत सीमा के संबंध में विकसित किये जा रहे भौगोलिक सूचना प्रणाली (वेबजीआईएस) के पोर्टल के लिए आवश्यकतानुसार तकनीकी सलाह भी प्रदाय करेगा। इसके अलावा सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन और गौण वनोपज आधारित आजीविका वृद्धि की सुविधा के लिए नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार पर विभाग को सुझाव देगा। साथ ही अन्य राज्यों के क्षेत्रीय अनुभव और उत्तम पहल के आधार पर सीआरएफ प्रबंधन के क्रियान्वयन के लिए संस्थागत व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के उपायो के संबंध में भी विभाग को सुझाव प्रदान करेगा। recent visitors 63

डिबालोंग में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतरे, किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

नई दिल्ली असम के डिबालोंग स्टेशन के पास एक ट्रेन डिरेल हो गई है। डिबालोंग में लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, रेलवे प्रवक्ता ने बताया कि ट्रेन डिरेल की वजह से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यह दुर्घटना लुमडिंग डिवीजन के लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन में हुई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस दुर्घटना की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल हैंडल एक्स पर दी। दुर्घटना दोपहर करीब 3:55 बजे हुई रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह अगरतला से रवाना हुई मुंबई जाने वाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस असम के डिबालोंग स्टेशन पर दोपहर करीब 3:55 बजे पटरी से उतर गई। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे जोन के सीपीआरओ ने बताया, 'ट्रेन के पावर कार और इंजन समेत आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है।' इंजन सहित 8 डिब्बे पटरी से उतर सीपीआरओ, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा कि अगरतला से आज सुबह रवाना हुई 2520 अगरतला-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस लुमडिंग डिवीजन के अंतर्गत डिबालोंग स्टेशन पर लुमडिंग-बदरपुर हिल सेक्शन में लगभग 15-55 बजे पटरी से उतर गई। ट्रेन के पावर कार और इंजन सहित 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि, किसी के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी के लिए डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लुमडिंग से घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। घटना स्थल पहुंची राहत टीम रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना राहत ट्रेन और दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन बचाव और बहाली कार्यों की निगरानी के लिए डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लुमडिंग से घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। हेल्पलाइन नंबर जारी सीपीआरओ ने बताया कि लुमडिंग-बदरपुर सिंगल लाइन सेक्शन पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 03674 263120, 03674 263126 जारी कर दिया गया है। recent visitors 67

यूपी में बीजेपी ने 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को वोटिंग कराने की मांग की, चुनाव आयोग पहुंची भाजपा

लखनऊ यूपी में नौ सीटों पर होने वाले उपचुनाव को एक हफ्ते टालने के लिए बीजेपी चुनाव आयोग पहुंची है। बीजेपी ने 13 नवंबर की जगह 20 नवंबर को वोटिंग कराने की मांग की है। बीजेपी ने यूपी के मुख्य निर्वाचल अधिकारी इस बाबत पत्र लिखा है। पत्र में कई जिलों का जिक्र करते हुए बताया है कि 15 नवंबर को कार्तिक पूर्णिया का स्नान पर्व होने के कारण लोग दो तीन दिन पहले ही इसमें भागीदारी करने चले जाएंगे। ऐसे में बहुसंख्यक मतदाता वोट देने से वंचित रह जाएंगे। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही चुनाव आयोग ने यूपी की दस में से नौ सीटों पर चुनाव की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार 18 नवंबर को नामांकन के साथ चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी। 13 नवंबर को वोटिंग और 23 नवंबर को मतगणना होगी। यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में बीजेपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कार्तिक पूर्णिमा के स्नान पर्व और पूजन का धार्मिक महत्व है। 15 नवम्बर 2024 को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पर्व है और बड़ी संख्या में लोग कार्तिक पूर्णिमा के स्नान एवं पूजन करने के लिए जाते हैं। 13 नवंबर को चुनाव होने से उन्हें जाने में परेशानी हो सकती है। बीजेपी ने यह भी कहा कि इसके साथ कुन्दरकी, मीरापुर, गाजियाबाद और प्रयागराज में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर मेला में प्रतिभाग एवं पूजन के लिए लोग 3-4 दिन पहले ही चले जाते है। कार्तिक पूर्णिमा के कारण बहुसंख्यक मतदाता मतदान से वंचित हो जाएंगे। आयोग का भी मानना है कि प्रत्येक मतदाता का शत-प्रतिशत मतदान कराया जाये। ऐसी स्थिति में शत-प्रतिशत मतदान सम्भव नहीं है इसीलिए उपचुनाव की तारीख 13 नवम्बर 2024 के स्थान 20 नवम्बर 2024 करना बेहतर होगा। ऐसा करने से प्रत्येक मतदाता का मतदान सुनिश्चित हो सकेगा। गौरतलब है कि यूपी में की इस समय दस विधानसभा सीटें खाली हैं। इनमें से नौ सीटों मैनपुरी की करहल, अलीगढ़ की खैर, बिजनौर की मीरापुर, प्रयागराज की फूलपुर, गाजियाबाद की गाजियाबाद, मिर्जापुर की मझवां, अम्बेडकरनगर की कटेहरी, संभल की कुंदरकी और कानपुर की सीसामऊ पर चुनाव का एलान हो गया है। अयोध्या की मिल्कीपुर सीट का मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण चुनाव नहीं हो रहा है। recent visitors 46

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम राजा की नगरी ओरछा को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के निर्णय पर व्यक्त की प्रसन्नता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम राजा की नगरी ओरछा (जिला निवाड़ी) को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह निर्णय हर्ष और गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब विश्वभर में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर की गूंज सुनाई देगी। राम राजा सरकार की नगरी 'ओरछा' मध्यप्रदेश की नई 'विश्व धरोहर' बनने जा रही है। यूनेस्को की आधिकारिक घोषणा के पश्चात ओरछा नगरी विश्व धरोहर बन जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के ओरछा नगर के विश्व धरोहर स्थल के रूप में चयन पर यूनेस्को पदाधिकारियों का आभार मानते हुए केंद्र सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के संस्कृति, पर्यटन विभाग सहित संपूर्ण मध्य प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।   recent visitors 64

भाजपा पार्टी अब महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के साथ अपनी जीत का लक्ष्य रख रही है, महाराष्ट्र में क्या है रणनीति

महाराष्ट्र महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के तारीखों के ऐलान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी सियासी ताकत का प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली सफलता ने भाजपा के अंदर अतिरिक्त उत्साह भर दिया है और पार्टी अब महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के साथ अपनी जीत की कहानी को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रख रही है। भाजपा के लिए यह चुनाव न केवल राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल है, बल्कि राज्य में उसकी स्थायी पकड़ को बनाए रखने का भी अवसर है।   भाजपा कैसे साधेगी गठबंधन की बिसात भाजपा इस बार महाराष्ट्र में शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतर रही है। महायुति गठबंधन के रूप में ये तीनों दल एकजुट होकर 288 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का लक्ष्य साधेंगे। हालांकि, भाजपा की रणनीति गठबंधन के बावजूद राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनने की है और इस दिशा में वह 155 से 158 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने की योजना बना रही है। सीटों के बंटवारे और सहयोगी दलों के साथ तालमेल बनाए रखना भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी लेकिन इसके लिए पार्टी ने गहन रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपेक्षित जातियों पर फोकस और माइक्रो मैनेजमेंट महाराष्ट्र चुनाव में भाजपा के लिए कई मुद्दे निर्णायक साबित हो सकते हैं। मौजूदा वक्त में मराठा आरक्षण राज्य में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा है, महायुति गठबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा। चूंकि भाजपा इस गठबंधन का हिस्सा है इसलिए मराठा आरक्षण का समाधान निकालने में उसकी भूमिका अहम होगी। इसके अलावा, महंगाई, किसान संकट, जल संकट, और रोजगार के अवसरों की कमी जैसे मुद्दे भी चुनावी समीकरण को प्रभावित करेंगे। भाजपा इन समस्याओं का समाधान पेश कर मतदाताओं का समर्थन हासिल करना चाहेगी। क्या मिलेगा संगठनात्मक ताकत और संघ का सहयोग भाजपा के चुनावी अभियान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हरियाणा चुनाव में संघ की बढ़ी हुई भूमिका ने भाजपा को सफलता दिलाई, और अब महाराष्ट्र में भी पार्टी संघ की जमीनी संगठनात्मक ताकत का भरपूर उपयोग करने जा रही है। संघ की राज्य में मजबूत पकड़ होने के कारण भाजपा को विश्वास है कि इसे विधानसभा चुनाव में लाभ मिलेगा। इसके अलावा चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव को कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने और उन्हें चुनावी तैयारी के लिए प्रेरित करने का जिम्मा सौंपा गया है। केंद्र की योजनाओं से भाजपा को उम्मीद भाजपा को केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई कई योजनाओं से भी उम्मीदें हैं। पार्टी ने राज्य में अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को सुलझाने के लिए योजनाएं शुरू की हैं जिनमें किसानों के लिए सब्सिडी, जल प्रबंधन, और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। भाजपा की कोशिश होगी कि इन योजनाओं को लेकर वह जनता के बीच विश्वास बनाए रखे और मतदाताओं का समर्थन हासिल करे। कैसा रहा भाजपा का अबतक का चुनावी प्रदर्शन महाराष्ट्र में भाजपा का पिछले एक दशक का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शिवसेना से अलग होकर 122 सीटें जीतीं और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। इसके बाद शिवसेना और भाजपा ने मिलकर सरकार बनाई। हालांकि, 2019 के चुनाव के बाद शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद की अदला-बदली को लेकर भाजपा से अलग होकर महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के साथ गठबंधन किया। इसके बाद 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत ने एमवीए सरकार को गिरा दिया और शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बनाई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। हरियाणा में मिली जीत से प्रेरित होकर पार्टी महाराष्ट्र में भी अपना प्रदर्शन बेहतर करने की तैयारी में है। मराठा आरक्षण, महंगाई, किसान संकट जैसे मुद्दे चुनावी अभियान में प्रमुख होंगे और भाजपा का लक्ष्य होगा कि वह इन मुद्दों पर जनता का भरोसा जीत सके। इसके अलावा केंद्र की योजनाओं का लाभ उठाते हुए भाजपा इस चुनाव को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश कर रही है। अब देखना यह होगा कि पार्टी अपनी रणनीति में कितना सही साबित हो पाती है। recent visitors 81

जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें बढ़ीं, डीएमएफ घोटाले में ED ने 22 अक्टूबर तक लिया रिमांड पर

रायपुर कोयला घोटाले में पहले से जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें और बढ़ गई है। अब उन्हें डीएमएफ (जिला खनिज निधि मद) घोटाले में भी पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिमांड पर लिया है। कोर्ट ने गुरुवार को रानू साहू को 22 अक्टूबर तक ईडी रिमांड पर भेजने का निर्णय सुनाया। ईडी को हर दिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक उनसे पूछताछ की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, कोर्ट ने रानू साहू के स्वजनों को एक दिन छोड़कर उनसे मिलने की अनुमति भी दी है। बतादें कि रानू साहू को बुधवार को जेल से अदालत में पेश किया जाना था, लेकिन उनकी तबीयत खराब होने के चलते उन्हें अदालत में पेश नहीं किया जा सका। बताया जा रहा है कि रानू साहू को हाइपर टेंशन की समस्या हुई, जिसके चलते उनकी पेशी स्थगित कर दी गई। उनकी गिरफ्तारी गुरुवार तक टल गई थी, लेकिन गुरुवार को ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। recent visitors 103