Friday, July 3, 2026 9:16 pm

पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा मानस भवन में समारोह का हुआ आयोजन, राज्यपाल श्री पटेल हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाना, हमारी संस्कृति का प्रचार है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भरपूर भंडार है। प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के पास प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और औषधीय पेड़-पौधों के ज्ञान का खजाना मौजूद हैं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि आयुर्वेद के फायदों के बारे में आमजनों को जागरूक करें। राज्यपाल श्री पटेल पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित शीर्ष आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पी.जी. निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। सम्मान समारोह का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से मानस भवन भोपाल में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री पटेल ने आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान किया और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। न्यास की स्मारिका का लोकार्पण भी किया।       राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य का विज्ञान है। यह मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, खान-पान और आचार-विचार पर केन्द्रित है। यह रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ जीवन शैली पर भी फोकस करता है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आयुष के क्षेत्र में हर्बल मेडिसिन, आयुर्वेद और योग टूरिज्म की असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने विशेष प्रयास किए जाए। उन्होंने बच्चों को समझाईश भी दी कि फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिन्क्स का सेवन नहीं करे। नियमित योग और कसरत करें। पौष्टिक आहार का सेवन करे।   कोविड के बाद आयुर्वेद के हॉलिस्टिक विजन की ओर लौट रहा विश्व       राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि आयुर्वेद वेलनेस को प्रमोट करता है। वह उसी व्यक्ति को स्वस्थ मानता है जिसका शरीर संतुलन में हो। जिसकी सभी क्रियाएँ संतुलित हों और मन प्रसन्न हो। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के अनुभव के बाद, सम्पूर्ण विश्व आयुर्वेदिक ज्ञान के हॉलिस्टिक विजन और जीवन दर्शन की ओर लौट रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को विश्व भर में नई पहचान मिल रही हैं। केन्द्र सरकार ने आयुष मंत्रालय बनाने और ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद खोलने की पहल की है। जामनगर गुजरात में विश्व का पहला और इकलौता ग्लोबल सेन्टर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिंन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा खोला गया है। सेन्टर फॉर इंटीग्रेटेड मेडिसिन, एम्स द्वारा योग और आयुर्वेद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण रिसर्च हो रही है। आयुष रिसर्च पोर्टल पर 40 हजार से अधिक स्टडीज का डेटा भी उपलब्ध हो गया है।      आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि आयुर्वेद एक जीवन पद्धति है। आयुर्वेद का भारतीय ज्ञान परम्परा में महत्वपूर्ण स्थान है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से प्रदेश में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष कार्य किए जा रहे है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि स्मृति न्यास के अंतर्गत आयुर्वेद लाईब्रेरी स्थापित की जाएगी। इस लाईब्रेरी का स्वरूप डिजिटल भी होगा ताकि विश्व भर के आयुर्वेद चिकित्सकों, छात्रों, शोधार्थियों और आमजनों को भी लाभ मिल सके। सांसद श्री आलोक शर्मा ने आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों को बधाई दी। आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के विभिन्न आयोजनों के लिए स्मृति न्यास को साधुवाद दिया। भोपाल (दक्षिण-पश्चिम) विधायक श्री भगवान दास सबनानी ने आयुर्वेद चिकित्सा के प्रचार-प्रसार में पं. उद्धवदास मेहता के योगदान को याद किया।       राज्यपाल श्री पटेल का पुष्प-गुच्छ से स्वागत और शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास के अध्यक्ष श्री उमाशंकर गुप्ता ने पं. मेहता के व्यक्तित्व और कृत्तिव पर प्रकाश डाला। उन्होंने न्यास के उद्देश्यों, कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रो. गोविन्द सहाय शुक्ल ने समारोह की रूपरेखा और प्रतिभागियों की जानकारी दी। आभार समारोह के प्रायोजक झन्डु ईमामी के डॉ. आदित्य ने किया। सम्मान समारोह में झन्डु ईमामी के श्री संजय भट्ट, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक, विजेता प्रतिभागी, आयुर्वेद छात्र-छात्राएं, उनके परिजन, विश्व आयुर्वेद परिषद के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।   recent visitors 97

आंगनबाड़ी भवन हुए जर्जर, न तो समय पर सफाई होती है और न ही समय पर पुताई की जाती है, नहीं हो रही मरम्मत

भोपाल जिले में आंगनबाड़ी भवनों की हालत सही नहीं है।यह जर्जर हालत में हैं जिनमें नौनिहाल जाने को मजबूर हैं। इनकी न तो समय पर सफाई होती है और न ही समय पर पुताई की जाती है।वहीं इन भवनों पर नजर रखने वाले जिम्मेदार विभाग महिला बाल वकास के जिला अधिकारी सुनील सिंह सोलंकी दो वर्ष से अनुपस्थित है। वह कभी बैठक में शामिल ही नहीं हुए हैं। यह मुद्दा महिला बाल विकास स्थायी समिति की बैठक में शुक्रवार को सभापति चंद्रेश सुरेश राजपूत ने उठाया है। उनकी अध्यक्षता में बैठक जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित की गई। जिसमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य रश्मि अवनीश भार्गव, जिला स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। अगली बैठक में नहीं आए तो होगी कार्रवाई चंद्रेश सुरेश राजपूत ने बताया कि जिला अधिकारी सुनील सिंह सोलंकी की दो वर्षों से अनुपस्थित है। इस पर सभापति के साथ अध्यक्षों ने आपत्ति दर्ज करते हुए उपस्थित अधिकारियों को कहा कि अगली बैठक में सुनील सिंह सोलंकी नहीं आए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी की हालत बेहद खराब है । साफ-सफाई, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है। भवन जर्जर हो चुके हैं लेकिन उनकी मरम्मत तक नहीं कराई जाती है। वह जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगी और लापरवाही मिली तो अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी और नर्सिंग अधिकारियों का किया सम्मान बैठक के सचिव सीएमओ डा. प्रभाकर तिवारी ने एंजेडा रखते हुए बताया कि आइपीएएस संस्था द्वारा विकल्प कार्यक्रम में फैमली प्लानिंग विजन 2030 का एक दिवसीय उन्मुखीकरण डाक्टर पंकज मिश्रा द्वारा दिया गया। विकल्प कार्यक्रम के तहत अस्थायी साधनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों,नर्सिंग अधिकारियों को प्रमाण पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। recent visitors 64

कनाडा के पूर्व NSA ने ही उधेड़ी जस्टिन ट्रूडो की बखिया- अनुमानों से सुलझा रहे, सबूत है नहीं

कनाडा भारत और कनाडा के बीच चल रहे तनाव के बीच खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर नया खुलासा हुआ है। कनाडा की पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जोडी थॉमस ने कहा कि शुरुआती खुफिया जानकारी और पुलिस जांच से संकेत मिला था कि निज्जर की हत्या रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। थॉमस ने कहा कि गहन जांच के बाद निज्जर की हत्या की कड़ी एक न्यायिक हत्या से आकर जुड़ गई। उन्होंने ने अपने बयान में खुलासा किया है कि आखिर बार-बार सबूत मांगने के बाद भी कनाडा इस मामले में भारत को सबूत क्यों नहीं दे पाया। कनाडा की पूर्व एनएसए के बयान से साफ जाहिर होता है कि निज्जर की हत्या के मामले कनाडा खुद में ही काफी कन्फ्यूज है।   मलिक की हत्या से जुड़े हैं निज्जर की हत्या के तार? उल्लेखनीय है कि निज्जर की हत्या को शुरुआत में कनाडा ने रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या के बदले से जोड़ा। बता दें रिपुदमन सिंह मलिक पर 1985 के एयर इंडिया कनिष्क बम विस्फोट में शामिल होने का आरोप था। यह विस्फोट भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी विमान त्रासदियों में से एक रहा, इस हादसे में 329 लोग मारे गए थे। साल 2022 में मलिक की हत्या के बाद खालिस्तान टाइगर फोर्स के नेता हरदीप सिंह निज्जर ने उसे गद्दार कहा था। निज्जर के बयान के एक साल बाद ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में उसकी भी हत्या कर दी गई। कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी निज्जर की हत्या में भारत का हाथ बताया था। ट्रूडो के इस बयान को भारत ने बेतुका बताते हुए खारिज भी कर दिया और कनाडा से इन आरोपों को लेकर पुख्ता सबूत मांगे। मगर कनाडा ने कोई पुख्ता सबूत नहीं दिए। थॉमस ने अपने बयान में यह भी सफाई दी कि आखिर भारत के बार-बार सबूत मांगने के बावजूद इस सिलसिले में कनाडा ने सबूत मुहैया क्यों नहीं कराया।   निज्जर की हत्या को लेकर कन्फ्यूज है कनाडा? कनाडा की विदेश हस्तक्षेप जांच के सामने पेश होते हुए थॉमस ने कहा, "निज्जर की हत्या उसी गुरुद्वारे में दूसरी हाई-प्रोफाइल हत्या थी, जहां मलिक की हत्या लगभग एक साल पहले हुई थी। प्रारंभिक रूप से यही माना गया था कि यह बदले की कार्रवाई थी।" हालांकि, थॉमस ने माना कि जांच के दौरान और खुफिया जानकारी सामने आने पर यह संकेत मिला कि यह हत्या एक न्यायिक हत्या हो सकती है। यहां यह बात काफी अहम हो जाती है कि थॉमस के बयानों से साफ जाहिर होता है कि निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है और वह अनुमानों के जरिए इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगा है।   कनाडा क्यों नहीं दे पाया भारत को सबूत जोड़ी थॉमस ने यह भी बताया कि कनाडा ने भारत के साथ इस मामले में ज्यादा जानकारी क्यों साझा नहीं की। उन्होंने कहा, "हम उतने सबूत साझा नहीं कर पाए जितना अमेरिका कर सकता था, क्योंकि हम इस हत्या की जांच कर रहे थे।" बुधवार को ट्रूडो ने भी यह स्वीकार किया कि कनाडा ने अभी तक भारत को निज्जर की हत्या के बारे में कोई ठोस सबूत नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "यह मुख्य रूप से खुफिया जानकारी पर आधारित है, ठोस सबूत नहीं है।" recent visitors 79

30 मई 2022 को गिरफ्तार किए गए आप नेता को 873 दिनों बाद नियमित जमानत मिली, ED केस में राहत

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत मिल गई है। आप नेता को करीब ढाई साल बाद राहत मिली है। शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। 30 मई 2022 को गिरफ्तार किए गए आप नेता को 873 दिनों बाद नियमित जमानत मिली है। इससे पहले वह कुछ महीनों तक अंतरिम जमानत पर बाहर आए थे। कोर्ट ने तब उन्हें स्वास्थ्य कारणों से राहत दी थी। आम आदमी पार्टी ने जैन को मिली नियमित जमानत को सत्य की जीत बताया है। जैन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर जुड़ी चार कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोप में गिरफ्तार किया था। स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा, 'मुकदमे में देरी और 18 महीने की लंबी कैद के मद्देनजर और इस तथ्य को देखते हुए कि मुकदमा शुरू होने में लंबा समय लगेगा आरोपी राहत के लिए पात्र है।' जज ने 50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड भरने और इतनी ही राशि के दो मुचलकों पर राहत देने का फैसला सुनाया। जैन के वकील ने अदालत से कहा था कि उन्हें आगे हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। ईडी ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि यदि जैन को रिहा किया गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। ईडी का मामला 2017 में सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जैन के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से सामने आया है। सत्येंद्र जैन के वकील विवेक जैन ने कहा, 'राउज एवेन्यू ट्रायल कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है। ट्रायल कोर्ट ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक जेल में रहकर कष्ट झेला है। अभी ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। ट्रायल कोर्ट ने मनीष सिसोदिया जजमेंट को फॉलो किया है। कोर्ट ने आर्टिकल 21 को तरजीह देते हुए उन्हें जमानत का हकदार माना है।' आम आदमी पार्टी ने सत्येंद्र जैन की जमानत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, ‘सत्यमेव जयते। शानदार मोहल्ला क्लिनिक बनाकर दिल्ली में स्वास्थ्य क्रांति लाने वाले सत्येंद्र जैन जी को कोर्ट से जमानत मिलने से BJP की एक और साजिश नाकाम हो गई है। आज फिर भाजपा का असल चेहरा पूरे देश के सामने बेनकाब हो गया है।’ पिता को जमानत मिलने पर जैन की बेटी श्रेया ने एएनआई से बातचीत में कहा, 'हमें हमेशा से पता था कि ऐसा होगा, यह बस समय की बात है। हम बहुत खुश हैं कि अदालत ने हमें न्याय दिया है…लेकिन मुझे लगता है कि इस साल दिवाली हमारे लिए जल्दी आ गई। हम खुश हैं और हम उनका बड़े उत्साह से स्वागत करेंगे।' दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले सत्येंद्र जैन को मिली जमानत को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। सत्येंद्र जैन को मनीष सिसोदिया की तरह के पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल का बेहद करीबी माना जाता है। इससे पहले पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह को कथित शराब घोटाले में महीनों तक जेल में रहने के बाद जमानत मिल चुकी है। recent visitors 82

सीए की तैयारी कर रहे छात्र ने बावड़िया ब्रिज से कूदकर दी जान, म्मी-पापा का ध्यान रखना भाई से बोला

भोपाल सीए की तैयारी कर रहे एक छात्र ने गुरूवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बावड़िया ब्रिज से कूदकर जान दे दी। छात्र ने यह कदम उठाने से ठीक पहले अपने भाई से फोन पर बात की थी, जिसमें उसने कहा था कि मैं अब जीना नहीं चाहता, आप मम्मी-पापा का ध्यान रखना। भाई घर से भागता हुआ ब्रिज पर पहुंचा तब तक देर हो चुकी थी और छात्र का शव ब्रिज के नीचे सड़क पर पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची शाहपुरा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार 19 वर्षीय अनिल ईश्वर नगर में अपने परिवार के साथ रहता था। वह सीए की तैयारी कर रहा था। गुरूवार रात करीब साढ़े 12 बजे अनिल का बड़ा भाई काम से वापस घर पहुंचा तो अनिल अपने कमरे से गायब था। उसने फोन किया तो अनिल ने कहा कि वह जीना नहीं चाहता और बावड़िया ब्रिज से कूदकर जान दे रहा है। भाई ने उसे समझाया और पांच मिनट में घर से ब्रिज पर पहुंचा तो अनिल का शव नीचे सड़क पर पड़ा मिला। स्वजन तुरंते उसे एम्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस आत्महत्या के कारण जानने उसके स्वजनों से पूछताछ कर रही है। recent visitors 58

शीर्ष अदालत की सभी बेंचों की लाइव-स्ट्रीमिंग की सुविधा देने वाला एक ऐप परीक्षण के अंतिम चरण में, CJI चंद्रचूड़ ने दी बड़ी सौगात

नई दिल्ली एक अहम कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण करने का फैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि शीर्ष अदालत की सभी बेंचों की लाइव-स्ट्रीमिंग की सुविधा देने वाला एक ऐप परीक्षण के अंतिम चरण में है। इससे पहले यानी अब तक सिर्फ संविधान पीठ के समक्ष मामलों की सुनवाई का ही सीधा प्रसारण होता था लेकिन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पहल पर इसे सभी बेंच तक विस्तारित करने का फैसला किया गया है। यह पहला मौका है जब दिन-प्रतिदिन की सुनवाई का नियमित सीधा प्रसारण करने का फैसला किया गया है। बता दें कि कोविड महामारी के बाद 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ के तहत होने वाले मामलों की सुनवाई की यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग की पहली बार व्यवस्था की थी, जो अबतक जारी है और उसे अब सभी अदालतों तक विस्तारित किया जा रहा है। 27 सितंबर 2022 में जब पहली बार सुप्रीम कोर्ट की तीन संविधान पीठ की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की गई थी, तब 8 लाख से ज्यादा लोगों ने उसे देखा था। तब सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि यह कदम दूर-दराज के लोगों की बाधाओं को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा और देश के हर कोने से नागरिकों को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही देखने का अवसर मिल सकेगा। दरअसल, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ अपने कार्यकाल में उल्लेखनीय कार्यों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने तकनीक का इस्तेमाल कर न सिर्फ केसों के आवंटन में प्रगति और पारदर्शी व्यवस्था लाने की कोशिश की है बल्कि त्वरित सुनवाई की व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव लाया है। वह अगले महीने 10 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह अब जस्टिस संजीव खन्ना देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। उन्होंने इस बाबत अपनी अनुशंसा केंद्र सरकार को भेज दी है। recent visitors 119

मुख्यमंत्री साय बोले- सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के हित में काम करने वाला एक विशाल संगठन है लघु उद्योग भारती

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अग्रसेन भवन खुर्सीपार में आयोजित क्षेत्रीय उद्यमी सम्मेलन 2024 का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लघु उद्योग के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री पुरूषोत्तम पटेल, प्रदेश अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश सिंघानिया, लघु उद्योग भारती के म.प्र. अध्यक्ष श्री राजेश मिश्रा सहित अन्य उद्यमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्यमी सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि उद्यमिता के विकास और प्रदेश में नये निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लघु उद्योग भारती द्वारा सम्मेलन का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के हित में काम करने वाला एक विशाल संगठन है। देश में इस संगठन की करीब 1000 इकाईयां और 65000 सदस्य होना सचमुच गौरव की बात है। सरगुजा और बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में भी संगठन ने अपना विस्तार किया है। इससे निश्चित ही इन क्षेत्रों में भी लघु और सूक्ष्म उद्योगों को ताकत मिल रही है और उद्यमिता का विकास हो रहा है। हमारे प्रदेश में खनिज सम्पदा का भंडार है। यहां का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। हमारे प्रदेश में मेहनतकश किसान है, इसलिए छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। यहां पर उद्योग की बहुत अच्छी संभावना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि आगामी माह नवम्बर में प्रदेश की नई उद्योग नीति 2024-29 लांच करने की तैयारी है। इस नीति में छोटे और मझोले उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष रूप से प्रावधान किये जा रहे हैं। उद्यमियों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लघु उद्योग भारती के लिए नया रायपुर में भूमि एवं मध्यप्रदेश के समान छत्तीसगढ़ में भी एमएसएमई (माइक्रो एंड स्माल मिडियम इंटरप्राइजेस) मंत्रालय के अधीन स्थापित करने का आश्वासन दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने लघु उद्योग भारती की ’छत्तीसगढ़ उद्योग दर्पण 2024’ पुस्तक का विमोचन किया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि हमारी सरकार उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली 2.0 लागू की गई है। उद्यमियों को अब विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। सभी आवश्यक अनुमतियां और लाइसेंस इसी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होंगे। उद्योगों में उत्पादित होने वाले माल की बिक्री हेतु विदेश से एमओयू किया गया है। श्री देवांगन ने कहा कि उद्योगों के विस्तार के लिए कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा इस्पात उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां लागू की जा रही है, जो इस उद्योग को गति देगी। इस अवसर पर दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र शुक्ला, संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी सहित बड़ी संख्या में म.प्र.एवं छत्तीसगढ़ के उद्यमी उपस्थित थे। recent visitors 63