चोरों ने रात में सुने मकान पर बोला धावा, सोने चांदी के जेवर समेत नगद राशि लेकर फरार

बलौदाबाजार कोतवाली थाना क्षेत्र के कृष्णा कॉलोनी के एक मकान में चोरों ने रात में धावा बोलकर घर में रखे सोने चांदी के जेवर समेत नगद राशि लेकर फरार हो गए. घटना की जानकारी घरवालों को तब लगी जब वे रायपुर से वापस आए तो देखा घर का दरवाजा का ताला टूटा हुआ था. अंदर के कमरे के सामान बिखरे पड़े थे और अलमारी का लॉकर भी खुला हुआ था. अलमारी के लाकर उसमें रखे सोने चांदी के जेवर समेत नगदी गायब थे. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुटी है. बताया जा रहा है कि इसके पूर्व भी अनेकों बार कृष्णा कॉलोनी में चोरी की घटना हुई है पर चोरों का आज तक पता नहीं चला. वहीं कॉलोनाइजर यहां पर सुरक्षाव्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. पीड़िता महिला प्रमोदनी इस्मानुएल ने बताया कि उनकी मां की तबियत खराब होने के कारण वे 15 अक्टूबर से रायपुर के रामकृष्ण हास्पिटल अस्पताल में थीं. जब वह घर लौटीं, तो देखा कि ताला टुटा था और आलमारी भी खुला हुआ था, जिसमें रखे सोने चांदी के जेवर समेत नगदी गायब थे. चोरों ने लगभग दो से ढाई लाख की सेंधमारी की है. कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि कृष्णा कॉलोनी में चोरी की घटना हुई है. पुलिस जांच में जुटी है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जायेगा. recent visitors 63

नांदेड़ लोकसभा का उपचुनाव भी भाजपा बना रही हाईप्रोफाइल, पूर्व CM को ही उतारने की तैयारी

मुंबई महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के साथ ही नांदेड़ लोकसभा का उपचुनाव भी होना है। इस एकमात्र सीट के उपचुनाव को भी भाजपा हल्के में नहीं लेना चाहती और मजबूत कैंडिडेट उतारने की तैयारी है। महाराष्ट्र भाजपा के सूत्रों का कहना है कि यहां से पूर्व सीएम और राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण को भी उतारा जा सकता है। उनके नाम पर पार्टी में गंभीरता से विचार चल रहा है। वह कुछ महीने पहले ही भाजपा में आए थे और उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। नांदेड़ को उनका गढ़ माना जाता है। यहां उनके अपने निजी प्रभाव और पार्टी के बड़े वोटबैंक के जरिए भाजपा को जीत की उम्मीद है। इसलिए चर्चा है कि अशोक चव्हाण को ही उतारा जा सकता है। यदि वह जीते तो फिर राज्यसभा में सूबे से किसी और नेता को भेजा सकता है। कांग्रेस ने इस सीट से पूर्व सांसद वसंत चव्हाण के बेटे रवींद्र चव्हाण को अपना कैंडिडेट घोषित किया है। भाजपा को लगता है कि कांग्रेस रवींद्र चव्हाण को उतारकर वसंत राव के निधन से मिलने वाली सहानुभूति का लाभ पा सकती है। ऐसे में भाजपा इस सीट पर टफ फाइट के मूड में आ गई है। यही वजह है कि पूर्व सीएम को ही उतारने का प्लान बन रहा है। अशोक चव्हाण के अलावा पूर्व सांसद प्रताप पाटिल चिखलिकर का नाम भी चर्चा में है। फिलहाल सभी की नजर भाजपा के कैंडिडेट पर ही है कि आखिर किसे मौका मिलता है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ही अशोक चव्हाण ने कांग्रेस छोड़ दी थी और भाजपा में आ गए थे। उनके साथ कई समर्थक भी भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ गए थे। हालांकि इसके बाद भी नांदेड़ सीट पर पार्टी को फायदा नहीं मिला। यहां चुनाव में कांग्रेस के वसंतराव चव्हाण ने 60 हजार से ज्यादा वोटों से भाजपा के प्रताप पाटिल चिखलिकर को हरा दिया था। इसीलिए भाजपा को अब लगता है कि अशोक चव्हाण को उतारा जाए। निजी तौर पर उन्हें उतारने से भाजपा और उनके समर्थक ऐक्टिव हो सकते हैं। इससे दोहरी ताकत मिलेगी। लेकिन उनके ना लड़ने पर समर्थकों के ऐक्टिव होने की संभावना कम रहती है। यह सीट कांग्रेस के सांसद चुने गए वसंत राव चव्हाण के निधन से खाली हुई है। ऐसे में सहानुभूति का फायदा कांग्रेस को मिल सकता है। लेकिन अशोक चव्हाण के जरिए भाजपा तगड़े मुकाबले की तैयारी में है। recent visitors 79

पेजर बम वाली तकनीक का हुआ खुलासा, देशी जुगाड़ ने दुनिया को हिला दिया

बेरूत बेरूत के दक्षिणी उपनगर और हिजबुल्लाह के गढ़ वाले इलाकों में हजारों पेजर ब्लास्ट ने चरमपंथी समूह को हिलाकर कर रख दिया था। इजराइली खुफिया एजेंसी ने एक बड़ी योजना के तहत हिजबुल्लाह के लड़ाकों के पेजर को बम में बदल दिया था। इसके लिए इजराइली जासूसी ने एक लंबी योजना तैयार की थी, जिसमें बैटरी के डिजाइन के साथ कवर स्टोरी भी तैयार की गई थी। इसमें एक कमजोरी भी थी। लेकिन इजराइली योजना की हिजबुल्लाह को भनक तक नहीं लगी। इसमें एक कमी भी थी। पेजर की बैटरी इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल लिथियम ऑयन बैटरी पैक जैसी ही थी लेकिन समस्या थी कि पेजर की तरह यह बाजार में मौजूद नहीं थी। इसलिए इजराइली एजेंटों ने एक बैकस्टोरी बनाई। पेजर के लिए इजराइली एजेंटों ने मशहूर ताइवानी ब्रांड गोल्ड अपोलो का बताकर हिजबुल्लाह को धोखा दिया। एक रिपोर्ट में पेजर के अध्ययन और खुफिया सूत्रों से पता चला है कि एक बैटरी विशेषज्ञ ने बताया कि विस्फोटक के लिए पीईटीएन का इस्तेमाल किया गया था। एक लेबनानी स्रोत ने कहा कि हिजबुल्लाह ने पाया था कि बैटरी अपेक्षा से ज्यादा तेजी से गर्म हो रही थी। हालांकि, इससे कोई बड़ी चिंता नहीं हुई। समूह हमले से कुछ घंटे पहले तक अपने सदस्यों को पेजर बांट रहा था। रिपोर्ट में कहा गया था कि हजारों पेजर एक साथ फटे। ज्यादातर मामलों में डिवाइस में मैसेज आने के बीप वाले संकेत के बाद इसमें ब्लास्ट हुआ। यह भी योजना का ही हिस्सा था, ताकि विस्फोट के समय पेजर हाथ और चेहरे के पास रहे। हमले में करीब 3000 लोग घायल हो गए थे। पेजर हमले के अगले ही दिन वॉकी-टॉकी में विस्फोट हुए। दोनों हमलों में कम से कम 39 लोगों की मौत हुई थी और 3400 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। पश्चिमी सुरक्षा सूत्रों ने कहा कि इजराइली खुफिया एजेंसी ने इन पेजर और वॉकी-टॉकी हमलों की योजना बनाई थी। इसके लिए इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने हिजबुल्लाह के सप्लाई सिस्टम में घुसपैठ कर ली थी। हिजबुल्लाह को जिस डीलर ने पेजर सप्लाई किए वह मोसाद का ही एजेंट था। यही नहीं, इन पेजर को मोसाद की निगरानी में ही तैयार किया गया था। पेजर बम वाली तकनीक का हुआ खुलासा, देशी जुगाड़ ने दुनिया को हिला दिया  हिजबुल्ला ह पर पिछले महीन इजरायल ने पेजर अटैक कर हर किसी को चौंका दिया। इतने छोटे से दिखने वाले पेजर को आखिर इजरायल ने कैसे चलते फिरते बम में बदल दिया, ये सोचकर हर कोई हैरान था। एक एजेंसी की तरफ से अब इस मामले में एक अहम रिपोर्ट प्रकाशित की गई है, जिसमें लेबनान सूत्रों के हवाले से पेजर को बम में बदलने की इजरायली तकनीक के बारे में विस्तारर में बताया गया है। फरवरी में पेजर प्राप्त करने के बाद हिजबुल्लाह ने विस्फोटकों की उपस्थिति की जांच की। उन्हें हवाई अड्डे के सुरक्षा स्कैनर के माध्यम से यह देखने के लिए डाला कि क्या वे अलार्म ट्रिगर करते हैं। कुछ भी संदिग्ध नहीं बताया गया। दो बम विशेषज्ञों ने कहा कि उपकरणों को बैटरी पैक के अंदर एक चिंगारी उत्पन्न करने के लिए सेट किया गया था, जो विस्फोट करने वाली सामग्री को जलाने के लिए पर्याप्त था, और शीट को विस्फोट करने के लिए ट्रिगर करता था। क्योंरकि विस्फोटक और उसके कवर ने लगभग एक तिहाई हिस्सा ले लिया था, लिहाजा बैटरी पैक में 35 ग्राम वजन के अनुरूप शक्ति का एक अंश था। दरअसल, पेजर बनाने वाले एजेंटों ने एक ऐसी बैटरी डिजाइन की थी, जिसमें प्लास्टिक विस्फोटक का एक छोटा लेकिन शक्तिशाली चार्ज और एक नया डेटोनेटर छिपा था, जिसे देख पाना भी संभव नहीं है। पेजर बम का गुप्त डिजाइन और बैटरी की सावधानीपूर्वक बनाई गई कवर स्टोरी, दोनों के बारे में विस्तानर में बताया गया। ये पूरा ऑपरेशन एक दो दिन या महीने में नहीं, बल्कि सालों की मेहनत के बाद पूरा हुआ। छह ग्राम सफेद पेंटाएरीथ्रिटोल टेट्रानाइट्रेट प्लास्टिक विस्फोटक का इसमें इस्ते माल किया गया। उसके साथ एक पतली स्वेइट्रयर शीट का इस्तेंमाल किया गया। दोनों की कोशिकाओं को आपस में निचोड़ा गया। बताया गया कि बैटरी कोशिकाओं के बीच बाकी स्थान अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ की एक पट्टी द्वारा कब्जा कर लिया गया था, जिसने डेटोनेटर के रूप में काम किया। इस पूरे प्रोसेस की तस्वी र भी दिखाई गई, जिससे पता चलता है कि इस तीन-परत वाले सैंडविच को एक काले प्लास्टिक की स्लीाव में डाल दिया गया था और एक धातु के कवर में वो लगभग एक माचिस के आकार का था। दो बम विशेषज्ञों ने बताया कि असेंबली असामान्य थी क्योंकि यह एक स्टैं डर्ड छोटे डेटोनेटर या यूं कहें कि आमतौर पर दिखने वाले मेटल के सिलेंडर पर निर्भर नहीं था।   recent visitors 89

ओरछा यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होगा, राम राजा की नगरी को मिलेगी ऐतिहासिक मान्यता

ओरछा मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में भगवान रामराजा सरकार की नगरी ओरछा (Orchha) को अब प्रदेश की चौथी वर्ल्ड हेरिटेज साइट (World Heritage) बनने का दर्जा मिलने जा रहा है. इसके लिए डोजियर (कम्पाइल्ड डॉक्यूमेंट्स) को यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) ने मंजूरी दे दी है. इसको लेकर ओरछा में खुशी का माहौल है. वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे ओरछा को नए आयाम मिलेंगे, जिससे यहां के रोजगार में बढ़ोतरी होगी. अभी तक ओरछा यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट (वर्ल्ड हेरिटेज साइट की टेम्पररी लिस्ट) में शामिल है. परमानेंट लिस्ट में शामिल करने के लिए डोजियर और डॉक्यूमेंटेशन का काम पिछले साल पूरा किया गया था. डोजियर को केंद्र सरकार ने यूनेस्को की विश्व धरोहर कमेटी को सौंपा है. साल 2027 और 2028 के लिए केंद्र सरकार ने ओरछा वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित करने के लिए रिकमेंडेशन दिया है. हर साल केंद्र सरकार देश की एक धरोहर को यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में नॉमिनेट कराने के लिए यूनेस्को को रिकमेंडेशन देती है. यूनेस्को ऑफिस पेरिस में भारतीय राजदूत विशाल वी शर्मा ने यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र के निदेशक लाजारे एलौंडो असोमो को यह डोजियर सौंपा. यूनेस्को की आधिकारिक घोषणा के बाद ओरछा देश की ऐसी एकमात्र विश्व धरोहर स्थली होगी, जो राज्य संरक्षित है. पांच साल की मेहनत के बाद मिली सफलता मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने ओरछा और भेड़ाघाट को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल कराने के लिए साल 2019 और 2021 में प्रस्ताव तैयार कराया था. इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने योग्य मानते हुए यूनेस्को के विश्व धरोहर अनुभाग को फॉरवर्ड किया और फिर टेंटेटिव लिस्ट में शामिल करने की घोषणा की गई थी. घोषणा के बाद टूरिज्म बोर्ड ने विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से ओरछा, मांडू, भेड़ाघाट के डोजियर तैयार कर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को भेजा. वहीं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने प्रारंभिक निरीक्षण कर ओरछा के डोजियर को रिकमेंड कर यूनेस्को के विश्व धरोहर अनुभाग को सौंपा. रामराजा मंदिर भारत का  ऐसा मंदिर जहां भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है. यह विश्व का एक मात्र स्थान जहां भगवान को सरकार की ओर से शस्त्र सलामी दी जाती है. यहां भगवान को सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद भी सलामी दी जाती है. ईश्वरीय सत्ता का अनूठा उदाहरण जहां भगवान राम के लिये करोड़ों रुपये की लागत से भव्य मंदिर बनाया गया, लेकिन भगवान उस मंदिर में विराजमान न होकर महल में विराजे हैं. जानकार बताते हैं कि यह एक मात्र स्थान है जहां रामराजा राजकाज निपटाने और जनता को दर्शन देने के लिये गर्भगृह से बाहर आते हैं. जबकि हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा की गई मूर्ति को हटाया नहीं जाता है. बुंदेला स्थापत्य शैली ओरछा का स्थापत्य बुंदेला शासकों द्वारा विकसित किया गया था, जो अद्वितीय स्थापत्य शैली का प्रतीक है, जिसमें महलों, मंदिरों, और किलों का समावेश है. जहांगीर महल ओरछा का प्रसिद्ध मुगल और राजपूत स्थापत्य कला का अनूठा संगम है. इस महल को मुगल सम्राट जहांगीर के स्वागत के लिए बनवाया गया था. ओरछा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व यह चतुर्भुज मंदिर विशाल और भव्य मंदिर अनूठी वास्तुकला की उत्कृष्ट मिसाल है. ओरछा का किला परिसर बुंदेलखंड क्षेत्र की शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसमें महल, दरबार हॉल और अन्य ऐतिहासिक संरचनाएं शामिल हैं. ओरछा बेतवा नदी के किनारे स्थित है, जो इसे प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है और इसे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा के लिए आकर्षक बनाता है. राजशाही छतरियां बेतवा नदी के किनारे स्थित बुंदेला राजाओं की स्मृति में बनवाई गई और शाही वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण हैं. अमर महल और लक्ष्मी नारायण मंदिर इन मंदिरों में की गई भित्ति चित्रकारी और वास्तुकला बुंदेला शासकों की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक योगदान को दर्शाती है. यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा मिलने से ओरछा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थल के रूप में मान्यता मिलेगी. नामांकन के बाद अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटकों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. पर्यटन के विकास से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनने पर ओरछा को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थाओं से संरक्षण और विकास के लिए सहयोग मिल सकता है. स्थानीय शिल्प, हस्तकला और अन्य सांस्कृतिक उत्पादों का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी. यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट बनने से ओरछा पर शिक्षा, शोध और अध्ययन के नए अवसर खुलेंगे, जिससे इतिहासकारों और शोधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित होगा. यूनेस्को की मान्यता से ओरछा में स्थायी और पर्यावरण संवेदनशील पर्यटन के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लंबे समय तक पर्यटन की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी. recent visitors 159

रावघाट संघर्ष समिति ने ट्रकों को बंद कर ट्रेन शुरू करने की मांग की

रायपुर  रावघाट खदान से चलने वाले ट्रकों को बंद कर ट्रेन शुरू करने रावघाट संघर्ष समिति ने मांग की है. समिति पदाधिकारियों ने बताया कि ट्रकों के बेलगाम बेतरतीब परिचालन की वजह से क्षेत्र के 16 बच्चों की जान जा चुकी है. समिति ने इसके साथ अच्छी सड़क बनाने की भी मांग की है. रावघाट संघर्ष समिति के गीत ने रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि रावघाट का खदान नारायणपुर और कांकेर बोर्डर में स्थित है. जब खदान का काम शुरू हुआ तब कहा गया था कि काम ट्रेन से होगा. लेकिन बाद में कहा गया कि ट्रेन परिचालन शुरू नहीं हुआ है, जिससे ट्रक से काम किया जा रहा है. ट्रकों के चलने से प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ दुर्घटना में भी इजाफा हुआ है. दंतेवाड़ा-कांकेर के सारे इलाकों की यही स्थिति है. रावघाट समिति और बचाओ अभियान के तहत एक याचिका दायर की गई थी, उसमें महत्वपूर्व ऑर्डर है. रात-दिन बेहताशा चल रही ट्रकों से फैल रहे प्रदूषण पर महत्वपूर्व डायरेक्शन है. एक साल में कांकेर के अंदर में 16 बच्चों की जान गई है. ट्रेन के चलने से प्रदूषण कम होगा. समिति के पदाधिकारी ने कहा कि रावघाट खदान चालू होने के पहले क्षेत्र को व्यवस्थित करे. रावघाट से अंतागढ़ की दूरी मात्र 23 किलोमीटर है, वहां से उसे छोड़ रहे हैं. वहां की सड़क जर्जर है. रावघाट को खोलने के पहले उसे व्यवस्थित करे. उसे बनाए. हमने पहले भी कहा था जब तक रावघाट से ट्रेन का परिचालन शुरू नहीं होता, तब तक घाट शुरू नहीं करे. रावघाट क्षेत्र में एक्सीडेंट बहुत ही रहे हैं. recent visitors 73

महाराष्ट्र के बड़े राजनीतिक घराने में आपसी कलह थोड़ी कम हो सकती, राज के बेटे के लिए उद्धव करने जा रहे बड़ी पहल

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने कमर कस ली है। इस बीच महाराष्ट्र के बड़े राजनीतिक घराने में आपसी कलह थोड़ी कम हो सकती है। खबर है कि उद्धव ठाकरे इसकी पहल करने जा रहे हैं और वह चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ रिश्ते सुधार सकते हैं। इसके तहत वह राज के बेटे अमित ठाकरे के खिलाफ कैंडिडेट नहीं उतारेंगे। ऐसा हुआ तो ठाकरे परिवार में करीब डेढ़ दशक से छिड़ा गृह युद्ध थोड़ा धीमा पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार अमित ठाकरे माहिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वह महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना के अध्यक्ष हैं। अमित ठाकरे ने बीते दिनों महाराष्ट्र के कई इलाकों का दौरा किया था और पार्टी के संगठन को खड़ा करने का प्रयास किया है। वह चुनाव में भी उतरने जा रहे हैं और उद्धव ठाकरे की शिवसेना उनके खिलाफ कैंडिडेट न उतारने की तैयारी में है। मनसे के नेताओं ने अमित ठाकरे को उतारने की मांग की है और अब आखिरी फैसला राज को ही लेना है। गुरुवार रात को इस संबंध में लंबी मीटिंग हुई। वहीं चर्चा है कि यदि अमित ठाकरे को टिकट मिला तो फिर उद्धव सेना उनके सामने कैंडिडेट नहीं देगी। इसकी वजह यह है कि जब वरली सीट से आदित्य ठाकरे 2019 में वरली सीट से उतरे थे तो उनके खिलाफ मनसे ने भी कैंडिडेट नहीं दिया था। माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे अब उसके बदले में अमित के लिए भी ऐसा ही करने वाले हैं। इस तरह उनकी कोशिश है कि परिवार में छिड़े संघर्ष को कम किया जा सके। इससे काडर के बीच अच्छा संदेश जाएगा। खासतौर पर ऐसे वक्त में जब पार्टी विभाजित हो चुकी है और एक बड़ा खेमा एकनाथ शिंदे के साथ अलग पार्टी के तौर पर सत्ता में है। उद्धव सेना के एक नेता ने कहा कि जब आदित्य ने वरली से चुनाव लड़ा था तो राज काका ने भी कैंडिडेट नहीं दिया था। अब ऐसा ही उद्धव काका करेंगे। दरअसल 2019 के चुनाव में राज ठाकरे ने कहा कि यदि हमारे बच्चे चुनाव लड़ना चाहते हैं तो फिर उन्हें हमें आगे बढ़ने देना चाहिए। यदि आदित्य चुनाव लड़ना चाहते हैं तो फिर इसमें गलत क्या है। शिवसेना कार्यकर्ताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे इसके जरिए इमोशनल रणनीति बना रहे हैं। उन्हें लगता है कि इससे फैमिली की एकता का संदेश जाएगा और कार्यकर्ता एकजुट होंगे। खासतौर पर मुंबई की सीटों पर उद्धव सेना को इससे फायदे की उम्मीद है। यही नहीं चुनाव बाद जरूरत हुई तो मनसे के विधायक साथ भी आ सकते हैं। recent visitors 89

बीकानेर स्वीट्स का किया गया निरीक्षण

शहडोल कलेक्टर डॉ केदार सिंह के निर्देशन में दीपावली त्योहार को दृष्टिगत रखते हुए निरंतर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं जाँच  कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री आरके सोनी एवं  कनिष्ठ अपूर्ति अधिकारी श्री प्रदीप द्विवेदी द्वारा आज लल्लू सिंह चौक  स्थित प्रतिष्ठान बीकानेर स्वीट्स का  औचक निरीक्षण किया गया। ,निरीक्षण के दौरान दुकान में साफ सफाई रखने के निर्देश दिए गए। घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करने की समझाइश दी गई तथा खोवा एवं समोसा के सैंपल जाँच हेतु लिये गये, जिन्हें जाँच हेतु खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर  अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। recent visitors 118