Friday, July 3, 2026 11:32 pm

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई, दो सरकारी बंगले पर कब्जा करना चाहती हैं : विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी पर हमला बोला। विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी (आप) पर शीशमहल को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी राजनीतिक दांव-पेंच में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि 11 अक्टूबर को सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) ने आतिशी को शीश महल का अलॉटमेंट लेटर जारी किया था। 14 अक्टूबर को आतिशी ने इसे स्वीकार कर लिया और 16 अक्टूबर को पीडब्‍ल्यूडी ने उन्हें शीश महल पर कब्ज़े की स्लिप भी दे दी। लेकिन अब, आतिशी द्वारा दिए गए बयान में यह कहा जा रहा है कि उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर कब्जा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि आतिशी दोनों सरकारी बंगलों, एबी-17 मथुरा रोड और 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर एक साथ कब्जा करना चाहती हैं। उनकी इस नीति से स्पष्ट होता है कि उनका इरादा सत्ता का दुरुपयोग करना है। आतिशी ने पहले ही पीडब्‍ल्यूडी से सभी आवश्यक दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। उन्होंने पीडब्‍ल्यूडी से मांग की है कि आतिशी से एबी-17 बंगला तुरंत खाली कराया जाए। क्योंकि, जब उन्हें 6 फ्लैग स्टाफ रोड का अलॉटमेंट मिल गया है, तो एबी-17 बंगले पर उनके कब्जे का कोई अर्थ नहीं है। बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी थी कि सीएम आतिशी को 6 फ्लैगस्टाफ रोड पर स्थित बंगले के आवंटन के संबंध में लोक निर्माण विभाग (पीडब्‍ल्यूडी) से एक पत्र प्राप्त हुआ है। हालांकि, अभी तक उन्हें इस बंगले का कब्जा नहीं मिला है। बयान में यह भी कहा गया है कि आतिशी अभी भी एबी-17, मथुरा रोड आवास में रह रही हैं, जिसे उन्हें पिछले साल दिल्ली सरकार में मंत्री नियुक्त होने पर आवंटित किया गया था। recent visitors 82

भिलाई के कोहका-जुनवानी रोड पर सड़क हादसा, डिवाइडर से टकराकर पलटी कार

दुर्ग भिलाई के कोहका-जुनवानी रोड पर बीती रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसा तब हुआ जब तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराकर लगभग 10 फीट ऊपर उछलकर सड़क पर पलट गई. कार में सवार व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायल का इलाज अस्पताल में जारी है. मामला स्मृति नगर चौकी क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, कार क्रमांक सीजी 04 एचई 4400 का चालक अजित कुमार, जो कि कुठेला भाठा का निवासी है, अपनी कार से कोहका की ओर गया था और देर रात घर लौटते समय नशे में था. माइलस्टोन स्कूल के पास तेज रफ्तार में चल रही कार का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह डिवाइडर से टकरा गई और हवा में उछलने के बाद सड़क पर पलट गई. इस हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और अजित गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे की सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और कार सवार को पहले शंकराचार्य अस्पताल ले जाया गया. वहां से उसे एम्स रायपुर रेफर किया गया. कार चालक की हालत गंभीर बताई जा रही है. स्मृति नगर पुलिस चौकी को हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच शुरू कर दी है. recent visitors 142

नीतीश को तेजस्वी ने जहरीली शराब पर 12 सवालों से घेरा, कहा-100 से अधिक मौत और ठहाका लगाते CM

पटना बिहार के छपरा, गोपालगंज और सीवान में जहरीली शराब कांड पर नेता प्रतिपक्ष और लालू यादव के पुत्र तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में शराब पीने से एक सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई है और नीतीश कुमार पटना की सड़कों पर ठहाका लगा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से नीतीश कुमार का एक फोटो शेयर करते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार सीएम पर 12 सवालों से हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजस्वी यादव ने पोस्ट डाला है। उन्होंने लिखा है, "जहरीली शराब से 100 से अधिक हत्या होने के बाद भी पटना के बीचों-बीच ठहाके लगाकर हंसते मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री! संवेदना तक व्यक्त नहीं करने वाले तीसरे नंबर की पार्टी के मुख्यमंत्री का इतनी मौतों पर हँसना और हँसाना बिहारियों एवं लोकतंत्र को चिढ़ाना है। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद CM का ना मीडिया से संवाद, ना जनता से संवाद, ना पीड़ितों से संवाद!" दरअसल नीतीश कुमार शुक्रवार को पटना जंक्शन के पास बन रहे मल्टीलेवल पार्किंग और अंडरग्राउंड सबवे का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ मंत्री विजय चौधरी और मंत्री नितिन नवीन भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान ली गई एक तस्वीर को तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर शेयर किया है और सीएम नीतीश पर हमला बोला है। इससे पहले भी तेजस्वी यादव ने छपरा और सीवान में जहरीली शराब कांड पर नीतीश कुमार पर प्रहार किया था। एक्स पर उन्होंने कहा कि शराबबंदी नीतीश कुमार के संस्थागत भ्रष्टाचार का एक छोटा सा नमूना है। अगर शराबबंदी हुई है तो इसे पूर्ण रूप से लागू करना सरकार का दायित्व है लेकिन मुख्यमंत्री की वैचारिक और नीतिगत अस्पष्टता, कमजोर इच्छाशक्ति तथा जनप्रतिनिधियों की बजाय चुनिंदा अधिकारियों पर निर्भरता के कारण आज बिहार में शराबबंदी सुपरफ्लॉप है। सत्ताधारी नेताओं-पुलिस और शराब माफिया के नापाक गठजोड़ के कारण बिहार में 𝟑𝟎 हज़ार करोड़ से अधिक का अवैध शराब का काला बाजार फला-फूला है। तेजस्वी यादव ने लिखा है कि अगर शराबबंदी के बावजूद बिहार में 𝟑 करोड़ 𝟒𝟔 लाख लीटर शराब की कागजों में बरामदगी दिखायी जा रही है। एक ईमानदार वरीय पुलिस अधिकारी के अनुसार इसमें भी घपला है क्योंकि अवैध शराब की तस्करी के लिए पुलिस अधिकारी शराब पकड़ने/पकड़वाने का ढोंग रचते है जैसे कि 𝟐𝟎 ट्रक शराब बिहार में घुसाने पर एक टूटा-फूटा ट्रक पकड़वाते है। उसमें भी शराब की बजाय कुछ और द्रव्य पदार्थ होता है। अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी होशमंद है तो इन सवालों का जवाब दें। 𝟏. अगर प्रतिवर्ष इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद हो रही तो उसके दोषी कौन? 𝟐. सरकारी गुलाबी फ़ाइलों के अनुसार अवैध शराब से मरने वालों की संख्या 𝟑𝟎𝟎 से अधिक है लेकिन हक़ीक़त इससे विपरीत है, अब तक हजारों लोगों की अवैध शराब के कारण मौत नहीं बल्कि हत्या हुई है। इनका हत्यारा कौन और दोषी कौन? दोषियों पर क्या कारवाई हुई? 𝟑. क्या अब तक आज तक किसी बड़े पुलिस अधिकारी/पुलिस अधीक्षक पर कभी कोई कारवाई हुई? 𝟒. अगर पटना में शराब मिलती है तो उसका मतलब है 𝟓-𝟔 जिला पार कर यहाँ तक शराब पहुँची है, तो फिर यह उन सभी 𝟓-𝟔 जिलों की पुलिस की नाकामी है या नहीं? 𝟓. जानकारों के मुताबिक़ शराब माफिया मुख्यमंत्री से रिटायर्ड अधिकारी के मार्फ़त सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों के पदस्थापन में खुली बोली के अंतर्गत पोस्टिंग करवाता है अर्थात् किस जिला में कौन अधिकारी जाएगा इसका चयन भी शराब माफिया ही करता है। क्या यह आरोप सही नहीं है? 𝟔. क्या यह सही नहीं है कि बिहार में शराबबंदी के बाद से अगस्त 𝟐𝟎𝟐𝟒 तक मद्यनिषेध विभाग की ओर से निषेध कानूनों के उल्लंघन से संबंधित कुल 𝟖.𝟒𝟑 लाख मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुल 𝟏𝟐.𝟕 लाख लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है। 𝟕. मुख्यमंत्री बतायें कि गिरफ़्तार लोगों में अधिकांश गरीब व वंचित वर्गों से ही क्यों है? 𝟖. अब तक 𝐃𝐒𝐏 अथवा उससे ऊपर के स्तर के कितने अधिकारियों को सजा मिली? कितने बर्खास्त हुए? 𝟗. प्रतिदिन पुलिस और उत्पाद विभाग की ओर से करीब 𝟔𝟔𝟎𝟎 छापेमारी होती है उसके बावजूद भी शराब की अवैध तस्करी जारी है तो इसका दोषी कौन? 𝟏𝟎. क्या गृहमंत्री सह मुख्यमंत्री इसकी ज़िम्मेवारी लेंगे? 𝟏𝟏. क्या यह संयोग है अथवा प्रयोग कि शराबबंदी में अधिकांश जदयू के नेता/कार्यकर्ता पकड़ाए जा रहे है? 𝟏𝟐. मुख्यमंत्री बतायें कि बिहार के हर चौक-चौराहों पर शराब के ठेके किसने खुलवाये? recent visitors 67

हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के नेता विपक्ष का फैसला आलाकमान के द्वारा लिया जाएगा

चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद विधायक दल का नेता चुनने के लिए शुक्रवार को कांग्रेस विधायकों की बैठक चंडीगढ़ में हुई।  बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक लाइन का प्रस्ताव रखा कि नेता विपक्ष का चयन करने का अधिकार आलाकमान को दिया जाए, जिस प्रस्ताव का अनुमोदन प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने किया और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया गया। इसके बाद पर्यवेक्षकों ने तमाम विधायकों से वन-टू-वन उनकी राय जानी और पूरी रिपोर्ट लेकर दिल्ली रवाना हो गए हैं। अब हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के नेता विपक्ष का फैसला आलाकमान के द्वारा लिया जाएगा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री केंद्रीय पर्यवक्षेक अशोक गहलोत, एआईसीसी के कोषाध्यक्ष अजय माकन और पंजाब सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा बैठक में मौजूद थे।   recent visitors 102

हरियाणा में भाजपा सरकार के फैसले पर भड़कीं मायावती, कहा- आरक्षण समाप्त करने की साजिश

नई दिल्ली हरियाणा की भाजपा सरकार ने पहली ही कैबिनेट मीटिंग में अनुसूचित जाति आरक्षण में उप-वर्गीकरण लागू करने का फैसला लिया है। सीएम नायब सिंह सैनी का कहना है कि इससे उन दलित जातियों को लाभ मिल सकेगा, जो अब तक आरक्षण से वंचित रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को एससी आरक्षण के वर्गीकरण का अधिकार दिया था। उसी फैसले के आधार पर भाजपा सरकार ने कैबिनेट में यह निर्णय लिया है। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती इस फैसले पर भड़क गई हैं। उन्होंने कहा कि यह आरक्षण को ही खत्म करने की साजिश का हिस्सा है। इसके अलावा समाज में बंटवारे का प्रयास है। मायावती ने भाजपा सरकार के फैसले के तुरंत बाद एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, 'हरियाणा की नई भाजपा सरकार द्वारा एससी समाज के आरक्षण में वर्गीकरण को लागू करने अर्थात आरक्षण कोटे के भीतर कोटा की नई व्यवस्था लागू करने का फैसला दलितों को फिर से बांटने व उन्हें आपस में ही लड़ाते रहने का षड्यंत्र है। यह दलित विरोधी ही नहीं बल्कि घोर आरक्षण विरोधी निर्णय है।' यही नहीं मायावती ने भाजपा हाईकमान को भी इस फैसले को लेकर आड़े हाथों लिया। मायावती ने कहा कि हरियाणा सरकार को ऐसा करने से रोकने के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के आगे नहीं आने से भी यह साबित है कि कांग्रेस की तरह बीजेपी भी आरक्षण को पहले निष्प्रभावी बनाने और अन्ततः इसे समाप्त करने के षडयंत्र में लगी है। जो घोर अनुचित व बीएसपी इसकी घोर विरोधी है। मायवाती ने कहा कि वास्तव में जातिवादी पार्टियों द्वारा एससी-एसटी व ओबीसी समाज में ’फूट डालो-राज करो’ व इनके आरक्षण विरोधी षडयंत्र आदि के विरुद्ध संघर्ष का ही नाम बीएसपी है। इन वर्गों को संगठित व एकजुट करके उन्हें शासक वर्ग बनाने का हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी मायावती ने ऐतराज जताया था। उन्होंने तब केंद्र सरकार से अपील की थी कि वह अदालत में सही से पैरवी करे ताकि फैसला बदला जा सके। वहीं दलितों के ही एक वर्ग ने इस फैसले को सही करार दिया है। यहां तक कि अगस्त में ही जब एक वर्ग आरक्षण पर इस फैसले के विरोध में उतरा था तो वहीं वाल्मीकि समुदाय ने कई जगहों पर इसके समर्थन में प्रदर्शन किए थे। recent visitors 80

चुनाव अधिकारियों की मदद से MVA का समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रहा है भाजपा

मुंबई मुंबई के नरीमन प्वाइंट स्थित शिव सेना (यूबीटी) के मुख्य कार्यालय शिवालय में एमवीए नेताओं की शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इस दौरान कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी एमवीए समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश कर रही है। पटोले ने कहा, 'हमें अपने समर्थकों से कुछ शिकायतें मिली हैं। यह बताया गया कि सत्तारूढ़ गठबंधन स्थानीय चुनाव अधिकारियों की मदद से MVA का समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवा रहा है।' एमवीए नेताओं ने कहा, 'चुनाव आयोग के फॉर्म नंबर 7 का उपयोग दूसरे मतदाताओं या खुद का नाम हटाने के लिए किया जाता है। अब इसका इस्तेमाल एमवीए का समर्थन करने वाले मतदाताओं के नाम को हटाने के लिए हो रहा है।' इस दौरान कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने एनसीपी से जुड़े संतोष पवार का वोटर आईडी कार्ड दिखाया। इस कार्ड पर उनके नाम के साथ किसी और की फोटो छपी दिख रही है। उन्होंने कहा कि एमवीए नेता इन शिकायतों को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी से मिलने जा रहे हैं। यह गंभीर मामला है और इस पर ऐक्शन लिया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची फर्जी दूसरी ओर, महाराष्ट्र कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए सोशल मीडिया पर प्रसारित पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची को फर्जी बताया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से हस्ताक्षरित सूची में कांग्रेस के 15 प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह सूची फर्जी है। नेताओं ने कहा कि यह साफ नहीं है कि लिस्ट कैसे जारी की गई, लेकिन यह आधिकारिक नहीं है। पार्टी ने मतदाताओं से उम्मीदवारों की सूची की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करने और अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया है। कांग्रेस की ओर से महाराष्ट्र चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची शनिवार को जारी किए जाने की उम्मीद है।   recent visitors 58

अवैध रेत खनन मामला में CBI की छापेमारी, ये छापेमारी संदिग्ध व्यक्तियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों में की गई

जयपुर राजस्थान में CBI ने शुक्रवार को अवैध रेत खनन से जुड़े एक मामले की जांच के तहत जयपुर, टोंक, अजमेर और भीलवाड़ा में 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। ये छापेमारी संदिग्ध व्यक्तियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों में की गई. जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सीबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई राजस्थान उच्च न्यायालय (जयपुर बेंच) के आदेश 16 अप्रैल, 2024 के तहत की गई। CBI ने 26 अप्रैल 2024 को इस मामले को पुनः दर्ज किया था, जो पहले थाना सदर, जिला बूंदी राजस्थान में FIR संख्या 527/2023 के तहत IPC की धारा 379 और MMDR अधिनियम की धारा 21(4) के अंतर्गत दर्ज था। प्रवक्ता ने बताया कि आरोप है कि 24 अक्टूबर, 2023 को एक निजी व्यक्ति को 40 MT रेत (माइनर मिनरल) को बिना वैध पास/परमिट/लाइसेंस या अन्य अनुमति के वाहन (डंपर) में परिवहन करते हुए गिरफ्तार किया गया था। राजस्थान पुलिस ने इस जांच के दौरान संबंधित वाहन के पंजीकृत मालिक को भी 22 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। CBI की इस छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज मिले हैं और मामले की जांच अभी भी जारी है। recent visitors 80