Saturday, July 4, 2026 3:57 pm

पुलिस कर्मियों ने किया स्वैच्छिक रक्तदान, राजस्थान-सिरोही में मनाया पुलिस शहीद दिवस का आयोजन

सिरोही. सिरोही पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस लाइन सिरोही में सवेरे पुलिस के अमर शहीदों की स्मृति में पुलिस शहीद दिवस का आयोजन किया गया। इसमें साल 2023-24 में शहीद हुए पुलिस शहीदों के नामों को पढ़कर सुनाया गया। अपने कर्तव्यों की पालना करते हुए प्राणों की आहुती देने वाले पुलिस शहीदों को सलामी देकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं का कहना था कि प्रशिक्षण के दौरान ही पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्य पालन एवं संविधान की रक्षा के लिए कार्य करने की शपथ दिलवाई जाती है। चाहे परिस्थिति कैसी भी रहे पुलिस के जवान डटकर मुकाबला करते हुए अपनी ड्यूटी करते रहते है। शहीदों की शहादत को भी याद करते हुए कहा कि विभाग में सदैव उनकी कमी खलेगी। इसके बाद पुलिस शहीद दिवस के उपलक्ष में पुलिस लाइन सिरोही में पौधारोपण किया। इसमें पुलिसकर्मियों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान कर रक्तदान महादान अभियान में अपनी आहुति दी गई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवाराम चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआईयूसीएडब्लू करे प्रभुदयाल धानिया, मुकेश चौधरी वृताधिकारी वृत सिरोही,  दिनेश कुमार उपअधीक्षक पुलिस एससी, एसटी सैल सिरोही, कैलाशदान थानाधिकारी पुलिस थाना कोतवाली, हंसाराम थानाधिकारी पुलिस थाना सिरोही सदर, लक्ष्मणसिंह संचित निरीक्षक पुलिस लाइन सिरोही, श्रीमति सजना बेनिवाल थानाधिकारी महिला पुलिस थाना सिरोही व अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तथा सेवानिवृत पुलिसकर्मी मौजूद रहे। recent visitors 70

CWG 2026: भारत को ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले बड़ा झटका, क्रिकेट-बैडमिंटन, हॉकी-शूटिंग इन खेलों से बाहर

नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पदक संभावनाओं को करारा झटका देते हुए मेजबान शहर ग्लासगो ने क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और निशानेबाजी जैसे प्रमुख खेलों को 2026 संस्करण से हटा दिया है। ग्लासगो ने बजट के अनुकूल खेलों को 2026 में होने वाले खेलों के लिए चुना है और इसकी लिस्ट भी बनाई है। बजट को सीमित करने और लॉजिस्टिक्स को व्यवस्थित करने के लिए टेबल टेनिस, स्क्वैश और ट्रायथलॉन को भी हटा दिया गया है। ग्लासगोमें केवल चार स्थान ही पूरे खेलों की मेजबानी करेंगे। 2022 बर्मिंघम संस्करण की तुलना में खेलों में आयोजनों की कुल संख्या नौ कम होगी। 2026 में होना है ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल राष्ट्रमंडल खेलों के 23वें संस्करण की शुरुआत 2026 में 23 जुलाई से होगी और यह दो अगस्त तक चलेगा। 2014 में ग्लासगो में ही राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था। 12 साल बाद मेजबान के रूप में ग्लासगो की वापसी कई परेशानियां लेकर आई हैं। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने एक बयान में कहा- खेल कार्यक्रम में एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स (ट्रैक एंड फील्ड), तैराकी और पैरा तैराकी, कलात्मक जिमनास्टिक, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग, नेटबॉल, भारोत्तोलन और पैरा पावरलिफ्टिंग, मुक्केबाजी, जूडो, बाउल्स और पैरा बाउल्स, और 3×3 बास्केटबॉल और 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल होंगे। खेल चार स्थानों पर होंगे – स्कॉट्सटाउन स्टेडियम, टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर, एमिरेट्स एरेना- जिसमें सर क्रिस होय वेलोड्रोम और स्कॉटिश इवेंट कैंपस (एसईसी) शामिल हैं। एथलीटों और सहायक कर्मचारियों को होटल आवास में रखा जाएगा।' भारत की पदक की संभावनाओं को झटका यह रोस्टर भारत की पदक संभावनाओं के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि पिछले संस्करण में देश के अधिकांश पदक हटाए गए खेलों से आए थे। चार साल पहले लॉजिस्टिक्स के कारण बर्मिंघम कार्यक्रम से हटा दिए जाने के बाद शूटिंग की वापसी की कभी उम्मीद नहीं थी। ग्लासगो कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन ने कहा, 'ग्लासगो 2026 में आठ मील के गलियारे के भीतर चार स्थानों पर केंद्रित 10-खेल कार्यक्रम होगा।' इसने शूटिंग को रोस्टर से बाहर कर दिया क्योंकि बैरी बुडन सेंटर (2014 सीडब्ल्यूजी के दौरान शूटिंग की मेजबानी) ग्लासगो से 100 किमी से ज्यादा दूर है। कुश्ती स्थल ग्लासगो ग्लासगो ग्रीन और स्कॉटिश प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र, जिसने 2014 में हॉकी और कुश्ती की मेजबानी की थी, को आयोजन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है, जबकि सर क्रिस होय वेलोड्रोम, जहां उस साल बैडमिंटन आयोजित किया गया था, इस बार केवल साइकिलिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। लागत के अलावा, हॉकी को बाहर करने का कारण यह भी हो सकता है कि खेलों का आयोजन विश्व कप के करीब किया जा रहा है जो दो सप्ताह बाद 15 से 30 अगस्त तक वावरे, बेल्जियम और अम्स्टेलवीन, नीदरलैंड में निर्धारित है। ऑस्ट्रेलियाई राज्य विक्टोरिया 2026 संस्करण का मूल मेजबान था, लेकिन बढ़ती लागत के कारण पिछले साल उसने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद स्कॉटलैंड ने खेलों को बचाने के लिए कदम बढ़ाया। हॉकी का बाहर होना झटका खेलों से हॉकी का बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका होगा। पुरुष टीम ने तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं, जबकि महिलाओं ने भी चमक बिखेरी है और 2002 के खेलों में एक ऐतिहासिक स्वर्ण सहित तीन पदक जीते हैं। बैडमिंटन में भारत ने प्रभावशाली 31 पदक जीते हैं। इनमें 10 स्वर्ण, आठ रजत और 13 कांस्य शामिल हैं। खासतौर पर देश को 2026 संस्करण में पुरुष और महिला एकल के साथ-साथ पुरुष युगल में गत चैंपियन के रूप में प्रवेश करना था। निशानेबाजी भारत के लिए एक मजबूत पदक की उम्मीद थी, जिसके नाम पर चौंका देने वाले 135 पदक थे। गिनती में 63 स्वर्ण, 44 रजत और 28 कांस्य शामिल थे। कुश्ती प्रतियोगिता में देश को 114 पदक मिले हैं, जिनमें 49 स्वर्ण, 39 रजत और 26 कांस्य शामिल हैं। 2022 में क्रिकेट को जोड़ा गया था 2022 में क्रिकेट की इन खेलों में दोबारा शुरुआत के बाद भारतीय महिला टीम ने रजत पदक जीता था। पैरा-एथलीट 2002 मैनचेस्टर संस्करण से खेलों का हिस्सा रहे हैं और 2026 संस्करण में भी बने रहेंगे। सीजीएफ ने कहा, 'पैरा खेल को एक बार फिर खेलों के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता और अंतर के बिंदु के रूप में पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, जिसमें छह पैरा खेलों को खेल कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।' सीजीएफ ने कहा कि खेलों से शहर में 100 मिलियन पाउंड से अधिक का निवेश आएगा और इस क्षेत्र के लिए 150 मिलियन पाउंड से अधिक का आर्थिक मूल्य जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। संस्था ने दावा किया कि यह सब एक ऐसे मॉडल की बदौलत संभव होगा जिसे विशेष रूप से खेलों के आयोजन के लिए सार्वजनिक धन की आवश्यकता नहीं होने के लिए डिजाइन किया गया है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ की सीईओ केटी सैडलेयर ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा- 2026 के खेल कल के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एक पुल होंगे। भविष्य के लिए खेलों को वास्तव में सहयोगी, लचीले और टिकाऊ मॉडल के रूप में रीसेट और फिर से परिभाषित करने की हमारी यात्रा में एक रोमांचक पहला कदम जो लागत को कम करता है। यह पर्यावरणीय पदचिह्न को कम करता है और सामाजिक प्रभाव को बढ़ाता है।'   recent visitors 72

ग्वालियर में बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपहरण, पड़ोसी की नजर पड़ी तो दबोचा

ग्वालियर घटना लोहिया बाजार में देर रात की है। बताया गया कि लोहिया बाजार में पीपल वाली गली थोराट की गोठ में रहने वाले टैक्सी ऑपरेटर की तीन साल की बच्ची रात को दरवाजे पर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गई। जब उसकी खोजबीन शुरू हुई तो बच्ची के घर के पड़ोस में स्थित दुकान पर बैठे कल्लू ने बताया कि उसने बच्ची को थोड़ी देर पहले पास में ही स्थित किराने की दुकान पर देखा था। कल्लू को सन्देह भी हुआ था तो उसने पूछताछ भी की थी। युवक बच्ची को किराना दुकान से टॉफी दिला रहा था। इस पर कल्लू ने उसे टोका तो युवक ने बच्ची को टॉफी दिलाकर घर छोड़ने की बात कही थी। उसके बाद युवक बच्ची को उसके घर की तरफ ले जाते हुए भी गया, लेकिन बाद में चकमा देकर पतली गली से बच्ची को लेकर निकल गया। जब बच्ची की तलाश शुरू हुई तो कल्लू ने युवक का हुलिया बताया। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को भी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कल्लू को साथ लेकर युवक आरोपी की तलाश में जुट गए। सूचना जब अफसरों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी और थाना प्रभारी के नेतृत्व में दो और टीमों ने सर्चिंग शुरू की। कल्लू और वेदराम की टीम ने आरोपी को बच्ची को ले जाते अस्पताल रोड पर अंधेरे में दबोच लिया। आरोपी ने अपना नाम राधे उर्फ सचिन पुत्र ओम प्रकाश निवासी नाका चंद्रवदनी बताया। आरोपी पल्लेदारी का काम करता है। recent visitors 60

मास्टरमाइंड से पिस्टल बरामद, छत्तीसगढ़-सूरजपुर में तालिब शेख की पत्नी-बेटी की हत्या के आरोपियों को फांसी की मांग

सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख की पत्नी और बेटी की हत्या के आरोपियों को मौत की सजा की मांग की जा रही है। रविवार को सूरजपुर में प्रदर्शन के दौरान आरोपियों के पुतलों को फांसी दी गई। वहीं पुलिस ने मास्टरमाइंड कुलदीप साहू से पिस्टल बरामद कर लिया है। कुलदीप साहू ने डबल मर्डर से एक दिन पूर्व आरक्षक घनश्याम सोनवानी पर जानलेवा हमला कर गर्म तेल डाल फरार हो रहा था इसी दौरान भागते वक्त पुलिस पर पिस्टल से 8 राउंड फायरिंग की थी। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। इतना ही नही अफसरों की माने तो जल्द ही कुलदीप के द्वारा अतिक्रमण कर बनाए गए इमारत को बुलडोजर से गिरने की तैयारी भी कर रही है। उक्त घर को ढहाने के पश्चात उसमे पार्क बनाने की तैयारी नगर पालिका कर रही है। वही कुलदीप साहू की पुलिस रिमांड आज खत्म हो रही है। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। गुरुवार को पुलिस को तीन दिन की अतिरिक्त रिमांड मिली थी। पुलिस उसकी अतिरिक्त रिमांड नहीं मांगेगी। मृतकों को शहीद का दर्जा देने की मांग तालिब शेख की मां मैमूना शमीम और बड़े भाई मोहम्मद आरिफ ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। मां ने कहा कि, इस घटना से हम लोग टूट गए हैं। 15 दिन के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा मिलनी चाहिए। वहीं तालिब के बड़े भाई मोहम्मद आरिफ ने दोनों मृतकों को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। चाकू से गोदकर की थी हत्या दरअसल 13 अक्टूबर की रात कुलदीप साहू ने दो साथियों NSUI जिलाध्यक्ष सीके चौधरी और रिंकू सिंह के साथ मिलकर हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख की पत्नी और बेटी की चाकुओं से हत्या कर दी थी। उनके शवों को आरोपियों ने कार में डालकर 5 किलोमीटर दूर खेत में फेंक दिया था। आरोपियों का पुतला फांसी पर लटकाया रविवार को संयुक्त पुलिस परिवार ने आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोपियों के पुतलों को फांसी दी गई। उक्त मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर 15 दिनों में आरोपियों को फांसी देने की मांग संयुक्त पुलिस परिवार ने की। संयुक्त पुलिस परिवार के संयोजक उज्जवल दीवान के आह्वान पर रविवार को कोतवाली के सामने स्थित पुराने बस स्टैंड परिसर में लोग जुटे थे। विरोध प्रदर्शन में सूरजपुर नगर पालिका अध्यक्ष केके अग्रवाल भी शामिल हुए। हालांकि प्रदर्शन में सूरजपुर पुलिस परिवार के सदस्य शामिल नहीं हुए। इस दौरान केके अग्रवाल ने कहा कि आरोपी कुलदीप के अवैध घर और बाउंड्रीवाल को गिराने नगर पालिका तैयार है। प्रशासन का साथ मिले तो प्रशासन और नगर पालिका उसके अवैध घर को ढहा देगी। उस जगह पर पार्क बनाया जाएगा। पिस्टल व कार की चाबी पुलिस ने की जब्त कुलदीप साहू को हत्या के बाद भागते हुए पुलिस ने रात में पकड़ने की कोशिश की थी। हालांकि तब तक पुलिस को दोहरे हत्याकांड की जानकारी ही नहीं थी। कुलदीप साहू ने विश्रामपुर टीआई अलरिक लकड़ा की टीम पर पिस्टल से फायरिंग की थी। अलरिक लकड़ा ने कुलदीप पर 8 राउंड फायर किया था। पुलिस ने कुलदीप साहू की निशानदेही पर करवां में सहयोगी सूरज साहू के घर के पीछे स्थित केले के पेड़ों में छिपाए गए पिस्टल को बरामद कर लिया है। करवां से ही कुलदीप साहू का मोबाइल और कार की चाबी भी बरामद की गई है। कुलदीप साहू की रिमांड आज समाप्त हो रही है। आरोपी का साला को पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने मुख्य आरोपी कुलदीप के साले ग्राम खड़गवां निवासी नीलकेश्वर साहू (26) को भी साक्ष्य छिपाने में सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। recent visitors 70

जन्मदिन पर यादव ने दीं शाह को शुभकामनाएं

भोपाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। डॉ यादव ने एक्स पोस्ट में कहा, 'मां भारती के परम वैभव के लिए समर्पित एवं संकल्पित, आदरणीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी, आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश के विकास, संगठन की सुदृढ़ता एवं जनकल्याण के प्रति आपका समर्पण सदैव प्रेरणादायक है। बाबा महाकाल जी से प्रार्थना है कि आपको दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता प्रदान करें।'   recent visitors 80

19 वर्षों से नौकरी कर पाए प्रमोशन, छत्तीसगढ़-कोरिया में ग्रेजुएशन की फर्जी डिग्री से बनी शिक्षिका

कोरिया. कोरिया जिले में एक महिला शिक्षिका प्रमोशन पाने के लिए ऐसे अंकसूची का इस्तेमाल की जो फर्जी है। हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार करने वाली संस्था हिंदी साहित्य सम्मेलन से ग्रेजुएशन का प्रचारपहले शिक्षाकर्मी वर्ग 3 से वर्ग दो बनी महिला शिक्षिका का है जिसके द्वारा हिंदी साहित्य सम्मेलन नामक संस्था इलाहाबाद की फर्जी अंकसूची लगाकर आज दिनांक तक सरकारी खजाने को चूना लगा कर मजे से लाभ लिया जा रहा है। यहां हम बात कर रहे हैं वर्तमान में विकासखंड सोनहत के पूर्व माध्यमिक शाला कैलाशपुर की प्रधानपठिका रेशमा पांडे की जिनकी प्रथम नियुक्ति 30/09/1998 को मध्य प्रदेश शिक्षाकर्मी भर्ती तथा सेवा भर्ती नियम 1997 के वर्णित दिशा एवं निर्देशों के अनुसार हुई थी यहां तक तो सब ठीक था लेकिन लगभग 8 साल बाद शिक्षिका ने अपना दिमाग चलाते हुए हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद नामक संस्था फर्जी संस्था फर्जी हम इसलिए कह रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में अभी तक इस संस्था का कोई भी पंजीकरण नहीं है और गूगल से मिली जानकारी के अनुसार इस संस्था को सिर्फ हिंदी भाषा का प्रचार प्रचार करने का अधिकार था नाटक ना कि स्नातक की उपाधि देने का की अंक सूची बनवाकर इनके द्वारा शिक्षाकर्मी वर्ग 2 में पदोन्नति का लाभ दिनांक 30.7.2006 को ले लिया गया और आज दिनांक तक प्रधानपठिका बनकर शान से सेवा दे रही है लेकिन प्रशासन की नजर इन पर आज तक नहीं पड़ी ताज्जुब की बात है कि कैसे तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ने बिना उक्त अंक सूची की जांच किए, बिना उसके सत्यापित हुए उक्त अंक सूची के आधार पर शिक्षिका को पदोन्नति दे दी जाहिर सी बात है इसमें मोटी रकम खर्च हुई होगी और महोदिया शिक्षा कर्मी वर्ग 2 बन गई और आज प्रधानपठिका बनी बैठी है। अब देखना है कि प्रशासन ये मामला सामने आने के बाद  कोई कार्यवाही करता है अथवा इसी तरह मुकदर्शक बना रहता है और अपने सरकारी खजाने से ऐसे भ्रष्ट लोगों को लाभ देता रहता है हमें ये सारी जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत शिक्षा विभाग से ही प्राप्त हुई है। अब देखना है शिक्षा विभाग अपने ही कागजों को झूठलाता है अथवा कोई कड़ी कार्यवाही कर ऐसे भ्रष्ट लोगों को कड़ा संदेश देता है। हमारे पास मामला नहीं आया – अभी तक हमारे पास मामला नहीं आया है हमारे पास लिखित में शिकायत आने दीजिए हम इस पर जांच कर उचित और वैधानिक कार्रवाई जरूर करेंगे। – जितेंद्र गुप्ता, डीईओ कोरिया recent visitors 56

आंधी और बारिश ने मचाई तबाही, राजस्थान-भरतपुर में जसवंत मेला प्रदर्शनी के टेंट और झूले उखड़े

भरतपुर. भरतपुर में सोमवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। करीब 30 मिनट तक तेज आंधी और बारिश ने जसवंत मेला प्रदर्शनी में जमकर तबाही मचाई। मेले में एक बड़ा झूला दूसरे झूले के ऊपर गिर गया। करीब 50 दुकानों का टैंट और सामान उड़ गया। तेज हवा से जसवंत मेला प्रदर्शनी में काफी नुकसान हुआ है। व्यापारी अभी तक नुकसान का अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं। बारिश करीब 2 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई। सुबह से जिलेभर में धूप निकल रही थी। करीब एक बजे अचानक मौसम बदला और घने बादल छा गए। देखते-देखते तेज आंधी चलने लगी। उसके बाद बारिश शुरू हो गई। हवा के बाद बारिश के बाद मौसम में ठंडक बढ़ गई। बारिश के साथ चली तेज हवा ने जसवंत मेला प्रदर्शनी में जमकर तबाही मचाई। मेले में लगा गोल झूला नाव वाले झूले पर गिर गया। करीब 50 दुकानों का टेंट और खुले में रखा सामान हवा में उड़ गया। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। व्यापारियों को लाखों का नुकसान हुआ है। व्यापारी इस तबाही से काफी सदमे में हैं। व्यापारी नुकसान का हिसाब भी नहीं लगा पा रहे। मेले में सर्कस का टेंट उड़ गया। दुकानों की बल्लियां उखड़ गईं। मेले में लगे सीसीटीवी कैमरे टूट गए। इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खरीफ की फसल पूरी तरह से कट चुकी है। अब रवि की फसल बुवाई का समय है। जिन किसानों ने सरसों और गेहूं की फसल बो दी है। उन किसानों के खेतों में पानी भरने के कारण फसल खत्म हो सकती है और, जिन किसानों ने फसल नहीं बोई है। उन किसानों को पानी सूखने तक का इंतजार करना पड़ेगा। recent visitors 196