मल्लिकार्जुन खड़गे का जिस तरह से पार्टी में अपमान किया गया है, उन्हें यह सब बर्दास्त नहीं करना चाहिए : अमित मालवीय

नई दिल्ली भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय के मुताबिक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पार्टी में अनदेखी हो रही है और उन्हें अब ये बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, मल्लिकार्जुन खड़गे का जिस तरह से अपमान किया गया है, उन्हें यह सब बर्दास्त नहीं करना चाहिए पोस्ट में उन्होंने एक वीडियो जारी करते हुए लिखा, वायनाड लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रियंका गांधी वाड्रा के नामांकन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को बाहर रखा गया। क्या कांग्रेस अध्यक्ष इतने अनावश्यक हैं कि उन्हें बाहर रखा जाए? सिर्फ इसलिए कि वे दलित हैं। अगर खड़गे में जरा भी आत्मसम्मान है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और इस अपमान को और नहीं सहना चाहिए। अमित मालवीय ने दूसरे पोस्ट में लिखा दलित समाज से आने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे की किस्मत अच्छी थी इसलिए गांधी परिवार ने उन्हें सिर्फ कमरे के बाहर खड़ा रखा। इसी गांधी परिवार ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ ओबीसी नेता सीताराम केसरी के कपड़े फाड़ कर उन्हें शौचालय में बंद कर दिया था। गांधी परिवार और कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी विरोधी हैं। तीसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, आज जिस तरह से मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रियंका गांधी वाड्रा के नामांकन के समय कमरे से बाहर रखा गया, ठीक उसी तरह राहुल गांधी आरक्षण हटाने के बाद, दलित समाज के लोगों को सम्मान और अवसरों से वंचित रखेंगे। अगर गांधी परिवार खड़गे को ऐसे अपमानित कर सकता है तो दलित समाज के प्रति इनके मन में कितनी घृणा होगी, ये समझा जा सकता है। राहुल गांधी के “हम आरक्षण हटा देंगे” वाले बयान के बाद, इस प्रकार एक वरिष्ठ नेता का अपमान, गांधी परिवार की दलितों के प्रति सोच को दर्शाता है। बता दें कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में 23 अक्टूबर को नामांकन दाखिल किया था।   recent visitors 73

धनतेरस पर वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर अगर आप नई कार का प्लान प्लान कर रहे हैं तो आपको नई कार की दुकान शुभ बाजार में ही करनी चाहिए। सिद्धांत यह है कि धनतेरस के दिन शुभ उत्सव में जो भी खरीदारी की जाती है वह उसका अनुष्ठान गुना फल व्यक्ति है। असल में धनतेरस को धन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। इसलिए धनतेरस के दिन किसी भी चीज की खरीदारी पूजा-अर्चना में ही करें। आइए जानते हैं धनतेरस पर गाड़ी की खरीदारी के लिए शुभ उत्सव का समय कब से कब तक रहेगा। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि शुभ नक्षत्र में कोई भी काम करने के लिए जोर दिया जाता है क्योंकि, इस दौरान लगभग सभी ग्रहों में शुभ स्थिति रहती है। इस बार धनतेरस पर खरीदारी करने के लिए आपको दो दिन का समय मिलेगा। असल में, इस बार 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ 30 अक्टूबर को 1 बजे तक 16 मिनट तक। धनतेरस का पर्व त्रयोदशी तिथि में ही व्रत का विधान है। इस बार धनतेरस का पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। लेकिन, जो लोग कार की खरीदारी करना चाहते हैं वे उनके पास 2 दिन का समय रहते हैं। धनतेरस कार के लिए 29 अक्टूबर का शुभ त्योहार है पंचांग के अनुसार, धनतेरस के लिए 29 अक्टूबर के दिन चार शुभ त्योहार हैं चल चौघड़िया 9 दरवाजे 32 मिनट से 10 मिनट के लिए 58 मिनट तक का समय शुभ है। लेकिन, आप रात 10 बजे के बाद ही खरीदारी करें तो वह आपके सर्वोत्तम जीवन के लिए है। शुभ चौघड़िया दो में 3 जंगल 17 मिनट से 4 जंगल 43 मिनट तक लाभ चौघड़िया 10 जंगल 58 मिनट से 12 जंगल 24 मिनट तक। इसके अलावा आप शाम से 7 बजे तक 43 मिनट से 9 बजे तक भी कार या किसी अन्य वाहन की खरीदारी कर सकते हैं। धनतेरस कार खरीदारों का शुभ उत्सव 30 अक्टूबर इस बार त्रयोदशी तिथि दो दिन होने के कारण 30 अक्टूबर को भी कुछ समय के लिए आप धनतेरस की खरीदारी भी कर सकते हैं। त्रयोदशी तिथि 29 नवंबर को प्रदोष काल में हैं इसलिए उसी दिन पूजा पाठ किया जाएगा। जबकि अगला दिन 30 अक्टूबर को सुबह 1 बजे 16 मिनट तक रहेगा। इसलिए आप इस दिन भी कार या कोई भी वाहन खरीद सकते हैं। शुभ चौघड़िया सुबह 6 बजे से 31 मिनट तक, सुबह 7 बजे से 54 मिनट तक। अमृत ​​चौघड़िया 7 बागान 54 मिनट से 9 तूफान 18 मिनट तक। यह 30 अक्टूबर को सबसे अधिक जीवित रहने के लिए खरीदारी करें। इसके अलावा आप 1 मार्केट से 16 मिनट तक कभी भी खरीदारी कर सकते हैं। वैसे तो धनतेरस के दिन आप किसी भी समय खरीदारी कर सकते हैं लेकिन, शुभ मुहूर्त में की गई खरीदारी से सुख समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है। धनतेरस पर नए वाहन खरीदने के बाद करें ये काम धनतेरस वाले दिन वाहन खरीदने के बाद उसकी विधिवत पूजा-अर्चना करें। इस दौरान पूजा करते समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें। साथ ही अपने घर परिवार में सभी बड़े लोगों से आशीर्वाद लें और मंदिर में भगवान को निर्बल बनाएं। recent visitors 159

मुकेश अंबानी तेल के बिजनस में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में, रिलायंस ने कच्चे तेल के लिए रूस से लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट किया

नई दिल्ली देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज तेल के बिजनस में बड़ा फेरबदल करने की तैयारी में है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने ट्रेडिंग ऑपरेशंस का पुनर्गठन कर रही है। इसमें दुबई से क्रूड ऑयल ट्रेडिंग टीम को वापस बुलाना शामिल है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। रिलायंस जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स चलाती है। उसकी योजना इस साल के अंत तक दुबई से अपनी क्रूड ट्रेडिंग टीम को वापस बुलाने की है। सूत्रों का कहना है कि रिलायंस ने कच्चे तेल की सप्लाई के लिए रूस के साथ लॉन्ग-टर्म एग्रीमेंट किया है। इससे स्पॉट कार्गो खरीदने की जरूरत कम हो गई है। एक सूत्र ने कहा कि रिलायंस की अब रूस के साथ क्रूड इम्पोर्ट डील हो गई है। साथ ही उसकी मिडिल ईस्ट के बड़े प्रॉड्यूसर देशों के साथ भी डील है। इसलिए दुबई में स्टाफ पर ज्यादा खर्च करने का कोई मतलब नहीं रह गया है। इस बारे में रिलायंस ने ईमेल का जवाब नहीं दिया। 2021 में रिलायंस ने ऑयल और रिफाइंड फ्यूल की ट्रेडिंग के लिए यूएई में एक ऑफिस खोलने की घोषणा की थी। इसके एक साल बाद मुकेश अंबानी की कंपनी ने अपनी क्रूड ट्रेडिंग टीम को दुबई भेजा था। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद दुबई रूसी तेल के व्यापार का हब बनकर उभरा था। जामनगर रिफाइनरी रिलायंस अपनी जरूरत का 40% कच्चा तेल रूस से आयात करती है। जामनगर में रिलायंस की रिफाइनरी में रोजाना 14 लाख बैरल तेल को प्रोसेस किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक रिलायंस के दुबई ऑफिस में करीब 20 ट्रेडर्स हैं। सूत्रों ने कहा कि तीन-चार को छोड़कर बाकी सबको मुंबई बुला लिया जाएगा। बाकी लोगों को भी धीरे-धीरे मुंबई हेडक्वार्टर वापस लाया जाएगा। कंपनी ने पहले ही इस बारे में दुबई के ट्रेडर्स को बता दिया है। लेकिन कंपनी अपनी प्रॉडक्ट ट्रेडिंग टीम को लंबे समय तक दुबई में बनाए रखना चाहती है। रिलायंस का दुबई के अलावा ह्यूस्टन और लंदन में भी ट्रेडिंग ऑफिस है। कंपनी लंदन में अपनी टीम को बढ़ाना चाहती है। पिछली तिमाही में रिलायंस ने अपने पेट्रोकेमिकल ट्रेडि को दुबई से मलेशिया ट्रांसफर कर दिया था। मलेशिया में उसकी प्रॉडक्शन फैसिलिटीज हैं। रिलायंस की मलेशिया में दो कंपनियां हैं। इनमें इंटिग्रेटेड पॉलिस्टर और टेक्सटाइल कंपनी रेक्रॉन और आरपी केमिकल्स शामिल हैं। recent visitors 68

ये तरीके अपनाएं और स्लो इंटरनेट को भी वेरी फास्ट बनाएं

ऑफिस का इंटरनेट तो कमाल है किसी भी चीज पर क्लिक कर झट से इंफोर्मेशन अवेलेबल हो जाती है लेकिन वहीं घर में इंटरनेट यूज करना एक जंग सा लगने लगता है। आप सोचते होंगे कि आपने बेहतर प्लान लिया था फिर क्यों इंटरनेट की स्पीड इतनी स्लो है? दरअसल इंटरनेट की स्पीड सिर्फ बेहतर प्लान पर ही नहीं और भी कई चीजों पर निर्भर करती है। जानिए कैसे आप अपने स्लो इंटरनेट की स्पीड को बढ़ा सकते हैं… 1. इंटरनेट एक्सप्लोरर की जगह मोजिला फारयफाक्स, ओपेरा, गूगल क्रोम का यूज करें 2.स्क्रीन सेवर, ब्राउजर एक्सटेंशन और वेब टूलबार को बंद कर दें। 3.तेज स्पीड पाने के लिए हमेशा ऐसी फायरवॉल को सेलेक्ट करें, जो मालवेयर से भी फाइट कर सकती हो। 4. सॉफ्टवेयर के ऑटोमेटिक अपडेट हमेशा बंद रखें और कोई भी अपडेट प्राप्त होने पर आपसे पूछा जाएं ये सेटिंग करें। 5. रियल विंडोज का प्रयोग करें और उसके सभी अपडेट्स टाइम टू टाइम लेते रहें। 6.वाइ-फाइ को यूज करते वक्त इसे पासवर्ड से प्रोटेक्ट करें। 7. ब्राउजर डाउनलोडिंग की जगह बेहतर डाउनलोड मैनेजर का प्रयोग करें, ये ब्रॉडबैंड प्लान की स्पीड को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से इस्तेमाल करते हैं। 8. पॉवर के अप और डाउन से भी स्पीड में फर्क आता है, इसलिए मॉडम के एडाप्टर के लिए बढ़िया क्वालिटी के यूपीएस का इस्तेमाल करें। 9. पुराना मॉडम, ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर जैसे-एक्सपी और पुराना कंप्यूटर भी इंटरनेट की स्पीड को प्रभावित करते हैं। 10.डीएनएस सर्वर चेंज करें-आपने अच्छी कंपनी का ब्रॉडबैंड लिया है, लेकिन फिर भी स्पीड स्लो है। आखिर क्यों? दरअसल तेज इंटरनेट स्पीड के लिए सिर्फ अच्छी कंपनी का ब्रॉडबैंड ही जरूरी नहीं है इसके लिए आपको अपने पीसी का डीएनएस सर्वर चेंज करना होगा। पीसी के लोकल एरिया कनेक्शन में प्राइमरी डीएनएस सर्वर 8.8.8.8 और वैकल्पिक डीएनएस सर्वर 8.8.4.4 होना चाहिए। वैसे यह सर्विस गूगल फ्री में उपलब्ध कराता है।   recent visitors 79

योगी सरकार ने प्रति पशु दुग्ध उत्पादन के राष्ट्रीय औसत को बढ़ाने के लिए ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ की शुरुआत की

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने एवं गौ पालकों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें बड़ी सौगात दी है। योगी सरकार ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ लॉन्च कर योजना के तहत प्रदेश में आधुनिक डेयरी इकाइयों की स्थापना करेगी। इससे दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा। इसके लिए योगी सरकार 1,015 लाख रुपये खर्च करेगी। योगी सरकार ने प्रति पशु दुग्ध उत्पादन के राष्ट्रीय औसत को बढ़ाने के लिए ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ की शुरुआत की है। दरअसल, उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में से एक है, लेकिन प्रति पशु दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से राज्य राष्ट्रीय औसत से पीछे है। राज्य में वर्तमान में प्रति गाय औसतन 3.78 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। वहीं, योजना के तहत योगी सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्लों की गायों का चयन कर हाइटेक डेयरी इकाइयों की स्थापना का निर्णय लिया है। योजना के जरिये 10 गायों की क्षमता वाली हाइटेक डेयरी इकाइयों की स्थापना की जाएगी। हर इकाई पर लगभग 23.60 लाख का खर्च आएगा, जिसमें सरकार और लाभार्थी दोनों का योगदान होगा। इन इकाइयों में केवल गिर, थारपारकर और साहीवाल जैसी उच्च गुणवत्ता वाली देशी नस्लों की गाय खरीदी जाएंगी, जिनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता अधिक होती है। योजना के तहत चुनी गई गायों की नस्ल का मूल्यांकन उनकी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता के आधार पर किया जाएगा, जिससे अधिक दुग्ध उत्पादन सुनिश्चित हो सके। योजना के तहत कैटल शेड और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। इन संरचनाओं में पफ पैनल का उपयोग किया जाएगा, जिससे मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से पशुओं की सुरक्षा हो सकेगी और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। इसके अलावा, गौ पालकों को आधुनिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे नए तकनीकी साधनों का उपयोग कर अपने पशुओं की देखभाल और प्रबंधन कर सकें। गौ पालन में तीन वर्ष का अनुभव रखने वाले योग्य किसानों का चयन किया जाएगा ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। योजना से छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ होगा। साथ ही किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा। इससे कम लागत में अधिक उत्पादन की संभावना बढ़ेगी। यह योजना सिर्फ दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाना है। योजना के जरिए पशुपालकों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।     recent visitors 210

EPFO में बड़े बदलाव का प्‍लान, ज्‍यादा बचत की चाहत होगी पूरी, क्‍या है सरकार की मंशा?

नई दिल्ली  सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) में कर-मुक्त योगदान की मौजूदा सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है. वर्तमान में, VPF में 2.5 लाख रुपये से अधिक योगदान पर अर्जित ब्याज पर कर लगता है. इस पहल का उद्देश्य निम्न-मध्यम और मध्यम आय वाले लोगों को अपनी बचत को बढ़ाने और रिटायरमेंट के लिए अधिक फंड जुटाने में मदद करना है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से परिचित सूत्रों ने बताया है कि श्रम मंत्रालय इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और आगामी वित्त वर्ष 2026 के बजट विचार-विमर्श के दौरान वित्त मंत्रालय के साथ चर्चा कर सकता है. क्या है स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF)? स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) एक वैकल्पिक योजना है, जिसमें वेतनभोगी कर्मचारी अनिवार्य ईपीएफ के अतिरिक्त अपनी बचत को बढ़ाने के लिए योगदान कर सकते हैं. इसमें योगदान पर EPF के समान ही ब्याज मिलता है, जो चक्रवृद्धि दर पर सालाना आधार पर जोड़ा जाता है. VPF में अधिकतम योगदान मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 100% तक हो सकता है, जो EPF के समान ब्याज दर पर अर्जित होता है. हालांकि, पांच साल की न्यूनतम अवधि पूरी करने से पहले निकासी करने पर यह राशि कर के अधीन हो सकती है. 2.5 लाख रुपये की सीमा में बदलाव पर विचार वर्तमान में, VPF में 2.5 लाख रुपये से अधिक कर-मुक्त ब्याज प्राप्त करने की सीमा 2022 के बजट में लागू की गई थी. इसका उद्देश्य उच्च आय वर्ग के कर्मचारियों को इस योजना का उपयोग कर बैंक या सावधि जमा के मुकाबले अधिक कर-मुक्त ब्याज अर्जित करने से रोकना था. अब, सरकार इस सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि मध्यम आय वर्ग के लोग अधिक बचत कर सकें. EPFO के तहत 20 लाख करोड़ रुपये का फंड EPFO के पास 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फंड है, और इसमें 7 करोड़ से अधिक मासिक अंशदाता और 75 लाख से अधिक पेंशनभोगी हैं. कर्मचारी VPF में अधिकतम 100% तक का योगदान कर सकते हैं, जो उनके मूल वेतन और महंगाई भत्ते पर आधारित होता है. इसमें मिलने वाला ब्याज EPF के समान होता है, जो लंबे समय से 8% से अधिक की दर पर दिया जा रहा है. ब्याज दर और बचत की गणना EPF पर ब्याज दर वित्त वर्ष 2022 के लिए 8.10%, वित्त वर्ष 2023 के लिए 8.15% और वित्त वर्ष 2024 के लिए 8.25% रही. EPFO और VPF में प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपये का निवेश कर, 8.25% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से 30 साल में लगभग 3.3 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं. recent visitors 87

नशीले इंजेक्शन और टेबलेट के साथ 2 सप्लॉयरों को किया गिरफ्तार, 31 लाख की खेप जब्त

  बिलासपुर न्यायधानी में नशे के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। गुरुवार को ए.सी.सी.यू. और सिविल लाईन पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इन्जेक्शन और टेबलेट के 2 सप्लॉयर को गिरफ्तार किया है। इन सप्लॉयरों के कब्जे से पुलिस ने करीब 31 लाख रूपये की कीमत के नशीले इंजेक्शन और टेबलेट ज़ब्त किया है। बता दें कि थाना सिविल लाइन और ए.सी.सी.यू. (सायबर सेल) टीम ने बीते 26 सितंबर को कल्पना कुर्रे नामक एक युवती और एक नाबालिग को अवैध रूप से नशे की सामग्री बेचते हुए पकड़ा गया था, तलाशी के दौरान इनके कब्जे से पुलिस ने करीब 896 नग Nitrazepam Tablets IP Nitrosun (नशीली गोली) बरामद किया था। इसी तरह बीते 22 अक्टूबर को सृष्टि कुर्रे नामक युवती को पुलिस ने गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से कुल 150 नग BUPRENORPHINE इंजेक्शन और REXOGESIC Ampoules ज़ब्त किया था। दोनों प्रकरणों के आरोपियों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने रायपुर के रहने वाले विक्रांत सरकार और रविशंकर मरकाम से पार्सल के माध्यम से Ampoules और Tablets मंगाने की बात बताई। पुलिस ने नशे के सौदागरों को इस तरह दबोचा विक्रांत सरकार और रविशंकर मरकाम द्वारा नशीली टेबलेट की सप्लाई करने की सूचना के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ सिविल लाइन थाना में धारा 21, 22 नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया और उनकी पतासाजी में जुट गई, इस बीच पुलिस को जानकारी मिली की दोनों नशीली सामग्री की सप्लाई करने इलेक्ट्रिक कार से बिलासपुर आ रहे है। इसके बाद जैसे ही दोंनो बिलसपुर पहुंचे पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और थाने ले आई। पुलिस ने विक्रांत सरकार और रविशंकर मरकाम के कब्जे से 11 लाख रूपये की 2150 नग नशीली Tablets और 20 लाख रुपये की 23648 नग Ampoules बरामद किया है। इसके अलावा नशीली टेबलेट की सप्लाई में प्रयुक्त टाटा पंच इलेक्ट्रिक कार और दो मोबाइल फोन जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से इन्वेस्टीगेशन कर नशे के कारोबार से अवैध रूप से अर्जित संपत्ति की जानकारी इकट्ठी की जा रही है, जिसपर विधि अनुसार कार्यवाही की जा रही है। नशे के कारोबार में संलिप्त अन्य लोगो की जानकारी भी एकत्र कर उनके विरूद्ध भी एण्ड-टु-एण्ड कार्यवाही की जाएगी। recent visitors 62