Tuesday, July 7, 2026 4:01 am

2020-21 में भारतीय टीम ने श्रृंखला जीती, भारत ने 32 साल में पहली बार आस्ट्रेलिया को उसके गढ गाबा पर हराया : कमिंस

सिडनी  आस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस का मानना है कि भारत के हाथों 2018.19 की टेस्ट श्रृंखला में मिली हार 2020.21 में उनकी कप्तानी में मिली हार से अधिक दुखदायी थी। विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने 2018.19 में आस्ट्रेलिया को 2.1 से हराया था। कोहली और चेतेश्वर पुजारा उस जीत के सूत्रधार रहे थे। वहीं 2020.21 में भारतीय टीम ने श्रृंखला 2.1 से जीती। भारत ने 32 साल में पहली बार आस्ट्रेलिया को उसके गढ गाबा पर हराया। कमिंस ने ग्रेड क्रिकेटर पॉडकास्ट में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि 2018.19 की हार सबसे बुरी थी क्योंकि हम हर विभाग में कमतर साबित हुए थे। 2020.21 में तो हमने कड़ी चुनौती दी थी। भारत ने गाबा टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया था।’’ भारत के खिलाफ 22 नवंबर से पर्थ में शुरू हो रही पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में एक बार फिर आस्ट्रेलिया की कप्तानी करने जा रहे कमिंस ने कहा कि वह हरी भरी पिचों पर भारत का स्वागत करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरी चले तो मैं हरी भरी पिच बनवाना चाहूंगा लेकिन पिच की तैयारी में मेरी कोई भूमिका नहीं है। हमें इंतजार करना होगा।’ डेविड वॉर्नर ने संन्यास का फैसला वापिस लेने का प्रस्ताव रखा है लेकिन कमिंस ने संकेत दिया कि उनकी टीम आगे बढ चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘डेव हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हम बात करेंगे।’’ उन्होंने हालांकि आगे कहा, ‘‘हम सभी डेवी (वॉर्नर) से प्यार करते हैं लेकिन अब वह रिटायर हो चुका है। सॉरी।’’     recent visitors 59

कर्नाटक कोर्ट ने एक साथ 101 लोगों को सुना दी उम्रकैद की सजा, 10 साल पहले दलित बस्ती में लगाई थी आग

कोप्पल  कोप्पल जिले की एक अदालत ने दलित समुदाय की बस्ती में आग लगाने के मामले में 101 लोगों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।आरोपियों को हाल ही में दोषी ठहराया गया था और अदालत ने सजा सुनाई।जाति आधारित हिंसा से जुड़ा यह मामला 28 अगस्त 2014 को गंगावती तालुका के मारकुंबी गांव का है।आरोपियों ने दलित समुदाय के लोगों के घरों में आग लगा दी थी। दलितों को नाई की दुकान और ढाबों में प्रवेश से मना करने को लेकर झड़प शुरू हुई थी। इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए।अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में 117 लोगों को आरोपी बनाया गया था जिनमें से 16 की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। जानें क्या था पूरा मामला जाति आधारित हिंसा से जुड़ा यह मामला 28 अगस्त 2014 को गंगावती तालुका के मारकुंबी गांव का है। आरोपियों ने दलित समुदाय के लोगों के घरों में आग लगा दी थी। दलितों को नाई की दुकान और ढाबों में प्रवेश से मना करने को लेकर झड़प शुरू हुई थी। गांव में छुआछूत पर सवाल उठाने वाले कुछ दलित युवकों की सक्रियता से नाराज होकर आरोपियों ने दलितों की बस्ती में घुसकर उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी थी। आरोपियों ने घरों को भी नष्ट कर दिया और दलितों पर हमला किया। 16 आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में 117 लोगों को आरोपी बनाया गया था जिनमें से 16 की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। 21 अक्टूबर को प्रतिवादियों को दोषी ठहराने वाले पीठासीन न्यायाधीश ने कहा, "फैसले का मकसद इंसाफ को बनाए रखना और जाति आधारित हिंसा के खिलाफ एक मजबूत संदेश देना है."     recent visitors 74

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भोपाल दौरे पर की थी ऐतिहासिक घोषणा, प्रदेश में आधारभूत संरचना का तेज़ी से होगा विस्तार

मध्यप्रदेश को मिला 20,000 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं का उपहार केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भोपाल दौरे पर की थी ऐतिहासिक घोषणा प्रदेश में आधारभूत संरचना का तेज़ी से होगा विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश लगातार विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। उनके विजन के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज़ी से विकास हो रहा है, जो प्रदेश के समग्र उत्थान में सहायक सिद्ध हो रहा है। मध्यप्रदेश की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 19 अक्टूबर को भोपाल में हुए सेमिनार में की गई घोषणा अनुसार प्रदेश को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क निर्माण योजनाओं की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए कार्यवाही तेज़ी से की जा रही है। आने वाले दिनों में लगभग 20 हज़ार 403 करोड़ की लागत से प्रारंभ होने वाली 27 परियोजनाओं से प्रदेश के मार्गों और सड़कों का विस्तार होगा, जिससे यातायात सुगम बनेगा साथ ही सड़क सुरक्षा में अभूतपूर्व सुधार आएगा। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सौगात प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य शुरू होंगे, जिससे यातायात में सुधार के साथ आर्थिक और सामाजिक प्रगति के नये आयाम स्थापित होंगे। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से मध्यप्रदेश में विकास की रफ्तार बढ़ेगी और राज्य के नागरिकों के लिए सफर पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित होगा। एनएचएआई के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाएँ:     बैतूल-खंडवा सेक्शन (एनएच-347बी): बेतूल से मोहदा (90 कि.मी.) और मोहदा से बाराकुंड तक 2-लेन प्लस पावर्ड सेक्शन का निर्माण किया जाएगा, जिसकी लागत 1,200 करोड़ रुपये है।     देशगांव-खरगोन सेक्शन (एनएच-347बी): 65 कि.मी. लंबी इस सड़क को 4 लेन में परिवर्तित करने के लिए 1,700 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।     खरगोन-बड़वानी सेक्शन (एनएच-347बी): 35 कि.मी. की इस परियोजना में 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है।     बरेठा घाट (एनएच-46): इटारसी-बैतूल सेक्शन में टाइगर कॉरिडोर के इस 20 कि.मी. हिस्से को 4-लेन में परिवर्तित किया जाएगा, जिसकी लागत 550 करोड़ रुपये है।     सलकनपुर-नसरुल्लागंज-बुधनी-बाड़ी स्ट्रेच: इस 41 कि.मी. लंबे हिस्से की लागत 650 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।     झाबुआ-रायपुरिया-पेटलावद सेक्शन: 50 कि.मी. लंबाई की इस परियोजना के लिए 650 करोड़ रुपये का प्रावधान है।     बेतूल-खंडवा पैकेज-4 (एनएच-347बी): यह 33 कि.मी. लंबी परियोजना 381 करोड़ रुपये में पूरी होगी।     सागर-कानपुर (पैकेज-3): सतिया घाट से अंगोर गाँव तक 55 कि.मी. की यह सड़क 1,006 करोड़ रुपये में बनेगी।     सागर-कानपुर (पैकेज-4): अंगोर गाँव से एमपी/यूपी सीमा तक के 44 कि.मी. हिस्से की लागत 996 करोड़ रुपये है।     ग्वालियर सिटी बायपास: पश्चिमी क्षेत्र में 29 कि.मी. लंबे इस बायपास पर 1,005 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।     ओरछा-झांसी ग्रीनफील्ड हाईवे लिंक: NH-26 को एनएच-76 से जोड़ने वाले इस लिंक की लंबाई 14 कि.मी. होगी और इसकी लागत 491 करोड़ रुपये है।     सागर बायपास (सागर लिंक रोड-02): इस 26 कि.मी. लंबे बाईपास की लागत 756 करोड़ रुपये है।     जबलपुर-दमोह (पैकेज-1 और 3): जबलपुर से दमोह तक 80 कि.मी. लंबी इस परियोजना पर 1,773 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     रीवा-सीधी सेक्शन (एनएच-39): 30 कि.मी. लंबे इस सेक्शन पर 1,500 करोड़ रुपये का व्यय होगा। एनएचएआई के तहत कुल 612 कि.मी. लंबाई की परियोजनाओं का अनुमानित बजट 13,658 करोड़ रुपये है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाएँ:     मंडला बायपास से नैनपुर बायपास (एनएच-543): इस 46 कि.मी. लंबे खंड की लागत 642 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     सेंधवा-खेतिया (एनएच-752जी): इस 57 कि.मी. लंबे हिस्से के लिए 725 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     टिकमगढ़-ओरछा (एनएच-539): 75 कि.मी. की यह परियोजना 926 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     शाहगढ़-टीकमगढ़ (NH-539): इस 80.1 कि.मी. लंबी सड़क की लागत 951 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     अंजड़-बड़वानी (एनएच-347बी): 20.25 कि.मी. लंबाई की इस परियोजना पर 250 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     चंदेरी-पिछोरे (एनएच-346): इस 55.15 कि.मी. लंबे हिस्से पर 452 करोड़ रुपये का व्यय होगा, जिसमें तीन ग्रीनफील्ड बाईपास भी शामिल हैं।     सिरमौर-डभोरा (एनएच-135बी): 38.29 कि.मी. लंबाई की इस सड़क का बजट 300 करोड़ रुपये का व्यय होगा।     पवई-सलेहा-जसो-नागौद (एनएच-943): इस 12.49 कि.मी. लंबे हिस्से के शेष कार्य पर 56 करोड़ रुपये खर्च होंगे।     बैतूल-परतवाड़ा (एनएच-548सी): 62.16 कि.मी. की इस सड़क के लिए 580 करोड़ रुपये का प्रावधान है।     नैनपुर बायपास से बालाघाट बायपास (एनएच-543): इस 74.35 कि.मी. लंबे खंड पर 860 करोड़ रुपये की लागत आएगी।     लोनिया (मध्यप्रदेश /महाराष्ट्र सीमा) से बुरहानपुर(एनएच-347सी): 8.8 कि.मी. की इस परियोजना पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।     सिंगरौली-चित्रंगी-बगदरा (एनएच-135सी): 70.1 कि.मी. लंबी इस सड़क की लागत 903 करोड़ रुपये है।     सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत कुल 616 कि.मी. लंबाई की परियोजनाओं का अनुमानित बजट 6,745 करोड़ रुपये है। स्वीकृत परियोजनाएँ     वित्तीय वर्ष 2024-25 में पहले से स्वीकृत परियोजनाएँ जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रगतिरत है।     अयोध्या नगर बायपास (NH-46 से NH-146): 16 कि.मी. लंबे इस बायपास की लागत 1,219 करोड़ रुपये है।     ग्यारसपुर-राहतगढ़ (NH-146): 36 कि.मी. लंबाई की इस परियोजना पर 620 करोड़ रुपये का खर्च होगा।     राहतगढ़-बरखेड़ी (NH-146): 11 कि.मी. की यह परियोजना 450 करोड़ रुपये में पूरी होगी।     विदिशा-भोपाल (NH-146): 52 कि.मी. लंबाई की इस सड़क पर 1,096 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।     विदिशा-ग्यारसपुर (NH-146): इस 32 कि.मी. लंबी परियोजना की लागत 543 करोड़ रुपये है।     जबलपुर रिंग रोड (पैकेज-5): 18 कि.मी. लंबाई की इस रिंग रोड के लिए 620 करोड़ रुपये का बजट है।     आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड: इस 88 कि.मी. लंबे हाईवे की लागत 4,821 करोड़ रुपये है।     प्रदेश मे केन्द्र स्वीकृत परियोजनाओं के तहत 9,369 करोड़ रुपये के विभिन्न सड़क निर्माण कार्य प्रगतिरत है।   recent visitors 56

भाजपा संगठन चुनाव के लिए भाजपा ने नियुक्त किए चुनाव अधिकारी व सह-अधिकारी

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के संगठन महापर्व सर्वस्पर्शी व सर्वसमावेशी सर्वाधिक सदस्यता अभियान की सफलता के बाद अब संगठन चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। भाजपा संगठन चुनाव के तहत क्रमश: मंडल इकाइयों, जिला इकाइयों और प्रदेश इकाई के चुनाव सम्पन्न होंगे। प्रदेश इकाइयों के चुनाव के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। भाजपा संगठन चुनाव-2024 के प्रदेश चुनाव अधिकारी खूबचंद पारख ने बताया कि प्रदेश इकाई ने प्रदेशभर में संगठन चुनाव के निमित्त जिला संगठन चुनाव अधिकारियों और सह-अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। भाजपा संगठन चुनाव-2024 के प्रदेश अधिकारी पारख ने बताया कि नियुक्त जिला चुनाव अधिकारियों और सह-अधिकारियों की सूची निम्नानुसार है : रायपुर शहर जिला चुनाव अधिकारी शिवरतन शर्मा, सहायक अधिकारी राजीव अग्रवाल, प्रफुल्ल विश्वकर्मा। रायपुर ग्रामीण जिला चुनाव अधिकारी मोतीलाल साहू, सहायक अधिकारी संजय ढीढी, गुलाब टिकरिहा। बलौदाबाजार जिला चुनाव अधिकारी डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, सहायक अधिकारी डॉ. अजय राव, आनंद यादव। गरियाबंद जिला चुनाव अधिकारी श्रीचंद सुंदरानी, सहायक अधिकारी रिखीराम यादव, अनिल चंद्राकर। महासमुंद जिला चुनाव अधिकारी जगदीश (रामू) रोहरा, सहायक अधिकारी ऐतराम साहू, विपिन उपवेजा। धमतरी जिला चुनाव अधिकारी जगन्नाथ पाणिग्रही, सहायक अधिकारी रामस्वरूप साहू, नागेंद्र शुक्ला। भिलाई जिला चुनाव अधिकारी गौरीशंकर अग्रवाल, सहायक अधिकारी रेखराम बंछोर, खिलावन साहू। दुर्ग जिला चुनाव अधिकारी भूपेंद्र सवन्नी, सहायक अधिकारी श्रीमती उषा टावरी, सुरेंद्र कौशिक। बेमेतरा जिला चुनाव अधिकारी भरतलाल वर्मा, सहायक अधिकारी राजेन्द्र शर्मा, नरेंद्र वर्मा। बालोद जिला चुनाव अधिकारी नीलू शर्मा, सहायक अधिकारी राकेश यादव (छोटू), लोकेश श्रीवास्तव। राजनांदगाँव जिला चुनाव अधिकारी संजय श्रीवास्तव, सहायक अधिकारी राजेंद्र गोलछा, दिनेश गांधी। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला चुनाव अधिकारी रामकुमार भट्ट, सहायक अधिकारी दिलीप वर्मा, श्रीमती नम्रता सिंह। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला चुनाव अधिकारी चंदूलाल साहू, सहायक अधिकारी टी.के. चंदेल, विरंद्र जैन। कवर्धा जिला चुनाव अधिकारी रजनीश सिंह, सहायक अधिकारी संतोष पटेल, नितेश अग्रवाल। काँकेर जिला चुनाव अधिकारी श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सहायक अधिकारी हलधर साहू, श्रीमती सुमित्रा मारकोले। कोण्डागाँव जिला चुनाव अधिकारी सुभाऊ कश्यप, सहायक अधिकारी सेवकराम नेताम, प्रवीरसिंह बदेशा। नारायणपुर जिला चुनाव अधिकारी श्रीनिवास राव मद्दी, सहायक अधिकारी बिंदेश्वर महावीर, सुख्खुराम नरेटी। बस्तर जिला चुनाव अधिकारी श्री  विक्रम उसेण्डी जी, सहायक अधिकारी श्रीधर ओझा, वेदप्रकाश नर्सिंग। दन्तेवाड़ा जिला चुनाव अधिकारी बैदूराम कश्यप, सहायक अधिकारी अभिमन्यु सोनी, संतोष गुप्ता। सुकमा जिला चुनाव अधिकारी दिनेश कश्यप, सहायक अधिकारी नूपुर वैदिक, विश्वराज सिंह चौहान। बीजापुर जिला चुनाव अधिकारी लच्छूराम कश्यप, सहायक अधिकारी प्रताप यादव, सुरेश परतागिरी। बिलासपुर जिला चुनाव अधिकारी अनुराग सिंहदेव, सहायक अधिकारी कृष्णकुमार कौशिक, श्रीमती जयश्री चौकसे। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला चुनाव अधिकारी लखनलाल साहू, सहायक अधिकारी लालजी यादव, सुश्री समीरा पैकरा। मुंगेली जिला चुनाव अधिकारी मधुसूदन यादव, सहायक अधिकारी भूपेंद्र सिंह ठाकुर, विक्रम मोहले। सक्ती जिला चुनाव अधिकारी कृष्णा राय, सहायक अधिकारी घनश्याम साहू, नेतराम चंद्रा। जांजगीर-चाँपा जिला चुनाव अधिकारी जोगेश लाम्बा, सहायक अधिकारी लीलाधर सुल्तानिया, श्रीमती नंदनी राजवाड़े। कोरबा जिला चुनाव अधिकारी राजा पाण्डेय, सहायक अधिकारी संजय भावनानी, गोपाल मोदी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला चुनाव अधिकारी सौरभ सिंह, सहायक अधिकारी मनोज जायसवाल, पुनीत चौहान। रायगढ़ जिला चुनाव अधिकारी धरमलाल कौशिक, सहायक अधिकारी कमल गर्ग, जैनेश्वर मिश्रा। जशपुर जिला चुनाव अधिकारी निर्मल सिन्हा, सहायक अधिकारी ओमप्रकाश सिन्हा, भरत सिंह। सरगुजा जिला चुनाव अधिकारी गुरुपाल सिंह भल्ला, सहायक अधिकारी विजयनाथ सिंह, सुनील गुप्ता। सूरजपुर जिला चुनाव अधिकारी श्रीमती चम्पादेवी पावले, सहायक अधिकारी अजय गोयल, श्रीमती शशि किरण खेश। बलरामपुर जिला चुनाव अधिकारी अखिलेश सोनी, सहायक अधिकारी संजय सिंह, दीनानाथ यादव। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला चुनाव अधिकारी कमलभान सिंह, सहायक अधिकारी जनार्दन साहू, अशोक सिंह। कोरिया जिला चुनाव अधिकारी प्रबोध मिंज, सहायक अधिकारी पंकज गुप्ता, लक्ष्मण राजवाड़े। recent visitors 60

अक्तूबर माह की अंतिम एकादशी कब? जानें पूजा और पारण करने का मुहूर्त

अक्तूबर माह की अंतिम एकादशी कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन है। कार्तिक मास की यह एकादशी धनतेरस से एक या दो दिन पहले पड़ती है। इस एकादशी को रमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। जो लोग रमा एकादशी का व्रत करके भगवान विष्णु की पूजा करते हैं उनके सभी पाप मिट जाते हैं और उन्हें विष्णु लोक में स्थान मिलता है। आइए जानते हैं अक्तूबर माह की अंतिम एकादशी यानी रमा एकादशी कब है। इस एकादशी का पूजा मुहूर्त और पारण मुहूर्त किस समय है? एकादशी  अक्तूबर 2024 कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि आरंभ: 27 अक्तूबर, रविवार,  प्रातः  5:23 बजे से कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि समाप्त: 28 अक्टूबर, सोमवार,  प्रातः 10:31 बजे  ऐसे में आखिरी एकादशी व्रत अक्टूबर माह में होगा। उदया तिथि क अनुसार 28 अक्तूबर का रमा एकादशी मनाई जाएगी। 2 शुभ योग में रमा एकादशी रमा एकादशी के दिन दो शुभ योग का निर्माण हो रहा है। पहला ब्रह्म योग सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा और उसके बाद ऐंद्र योग आरंभ होगा जो पूरे दिन रहेगा। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 3: 24 मिनट तक है और उसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। रमा एकादशी पूजा मुहूर्त रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा सूर्योदय के समय प्रातः 06:30 बजे से कर सकते हैं। रमा एकादशी का शुभ चौघड़िया मुहूर्त चर-सामान्य मुहूर्त: प्रातः 06:24 से प्रातः 07:49 तक लाभ-उन्नति मुहूर्त: प्रातः07:49 से प्रातः 09:15 तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: प्रातः 09:15 से प्रातः10:40 तक शुभ-उत्तम मुहूर्त: दोपहर 12:06 से दोपहर 01:31 तक चर-सामान्य मुहूर्त: सायं 04:23 से  सायं 05:48 तक रमा एकादशी पारण समय रमा एकादशी व्रत का पारण 29 अक्तूबर मंगलवार को करेंगे। पारण का समय सुबह 6 बजकर 31 मिनट से सुबह 8 बजकर 44 मिनट तक है। पारण वाले दिन द्वादशी तिथि का समापन सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर होगा। रमा एकादशी का महत्व रमा एकादशी का व्रत करने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से ब्रह्म हत्या का दोष भी मिट जाता है। जो कोई रमा एकादशी व्रत की कथा सुनता या पढ़ता है, उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। जीवन के अंत में व्यक्ति स्वर्ग जाता है। recent visitors 108

भारत में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2023 में 6.1 % बढ़कर कुल वैश्विक उत्सर्जन का आठ प्रतिशत हो गया : UN

भारत में 2023 में उत्सर्जन 6.1 प्रतिशत बढ़ा लेकिन ऐतिहासिक योगदान मात्र तीन प्रतिशत है: संरा भारत में प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 2.9 टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य पर बना हुआ : UN भारत में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2023 में 6.1 % बढ़कर कुल वैश्विक उत्सर्जन का आठ प्रतिशत हो गया : UN नई दिल्ली भारत में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2023 में 6.1 प्रतिशत बढ़कर कुल वैश्विक उत्सर्जन का आठ प्रतिशत हो गया लेकिन वैश्विक स्तर पर कार्बन डाइऑक्साइड (सीओटू) उत्सर्जन में देश का ऐतिहासिक योगदान मात्र तीन प्रतिशत है। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा जारी ‘उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट 2024 – कृपया, अब और गर्म हवा नहीं…’’ में जलवायु संकट की निराशाजनक तस्वीर पेश की गई है तथा जलवायु परिवर्तन ने निपटने संबंधी संकल्पों और वास्तविक परिणामों के बीच के अंतर को पाटने के लिए तत्काल वैश्विक कार्रवाई किए जाने का आह्वान किया गया है। भारत में प्रति व्यक्ति उत्सर्जन 2.9 टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य (टीसीओटूई) पर बना हुआ है, जो वैश्विक औसत 6.6 टीसीओटूई से काफी कम है लेकिन इसका समग्र योगदान विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश की बढ़ती ऊर्जा मांग को दर्शाता है। रिपोर्ट में कार्बन उत्सर्जन में वैश्विक असमानताओं पर प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जी20 राष्ट्र (अफ्रीकी संघ को छोड़कर) सामूहिक रूप से वैश्विक जीएचजी उत्सर्जन के 77 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार हैं। इन सदस्यों में से सात देश – चीन, भारत, इंडोनेशिया, मैक्सिको, सऊदी अरब, दक्षिण कोरिया और तुर्की – अपने उत्सर्जन के चरम पर अभी तक नहीं पहुंचे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों के चरम पर पहुंचने के बाद उत्सर्जन में तेजी से कमी लाने के उनके प्रयास दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक होंगे। रिपोर्ट में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भारत का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 6.1 प्रतिशत बढ़ा, जो वैश्विक कुल उत्सर्जन का आठ प्रतिशत है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत का उत्सर्जन बढ़ रहा है लेकिन वैश्विक सीओटू उत्सर्जन में इसका ऐतिहासिक योगदान केवल तीन प्रतिशत है, जबकि अमेरिका का योगदान 20 प्रतिशत है। इसमें बताया गया है कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में पिछले वर्ष की तुलना में 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिससे विश्व अपने जलवायु लक्ष्यों से और दूर हो गया है। रिपोर्ट से ‘जलवायु संबंधी बयानबाजी’ और वास्तविकता के बीच स्पष्ट और बढ़ते हुए अंतर का पता चलता है। दुनियाभर के देश ब्राजील में होने वाले सीओपी30 से पहले राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अपना अगला योगदान पेश करने की तैयारी कर रहे हैं और वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने की समयसीमा निकट आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 2019 के स्तर की तुलना में 2030 तक उत्सर्जन में 42 प्रतिशत की अभूतपूर्व कमी की आवश्यकता होगी। यहां तक कि तापमान वृद्धि को दो डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने का कम महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी पहुंच से बाहर होता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि दो डिग्री सेल्सियस का लक्ष्य हासिल करने के लिए 2030 तक उत्सर्जन में 28 प्रतिशत की कमी की आवश्यकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि ‘‘तत्काल बड़ी’’ कार्रवाई नहीं की गई तो 1.5 डिग्री सेल्सियस का लक्ष्य कुछ वर्षों में असाध्य हो जाएगा और दो डिग्री सेल्सियस का लक्ष्य भी हासिल करना मुश्किल हो जाएगा।     recent visitors 73

“प्रधानमंत्री मोदी पूर्ण कर रहे स्वस्थ भारत का संकल्प”

"प्रधानमंत्री मोदी पूर्ण कर रहे स्वस्थ भारत का संकल्प" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया प्रधानमंत्री का अभिनंदन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के सफल 3 वर्ष पूर्ण होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में कोविड महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के सफलतापूर्वक 3 वर्ष, भारत की स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक सिद्ध हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की है कि विकसित और स्वस्थ भारत के संकल्प को पूर्ण करने के लिए 64 हजार 180 करोड़ रूपये के बजट आवंटन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल स्वस्थ भारत के ध्येय प्राप्ति में मील का पत्थर सिद्ध होगी।   recent visitors 48