भारत पर हावी होकर खेलना और टॉस का फैसला उनके पक्ष में सीरीज जीत में महत्वपूर्ण कारक थे: टॉम लैथम

पुणे भारतीय धरती पर पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने से प्रसन्नचित न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने कहा कि भारत पर हावी होकर खेलना और पहले दोनों टेस्ट मैच में टॉस का फैसला उनके पक्ष में रहना उनकी ऐतिहासिक सीरीज जीत में महत्वपूर्ण कारक थे। न्यूजीलैंड ने शनिवार को दूसरे टेस्ट में भारत को 113 रन से हराकर 2-0 की अजेय बढ़त ले ली। भारत बेंगलुरु में पहला टेस्ट आठ विकेट से हार गया था। इसके बाद दूसरे टेस्ट मैच में भी हार के कारण उसका पिछली 18 सीरीज से अजेय रहने का सिलसिला भी टूट गया। लैथम ने न्यूजीलैंड की जीत के बाद पत्रकारों से कहा,‘‘हमने भारत पर हावी होने की शैली अपनाई। हम उन्हें शुरू में ही झटका देने में सफल रहे। इसके अलावा टॉस का फैसला भी हमारे अनुकूल रहा। इसने वास्तव में हमारे लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके सामने कड़ी चुनौती पेश करना चाहते थे और शुरू में उन्हें झटका देना चाहते थे जिसमें हम सफल रहे। हमने बल्लेबाजी में भी अच्छा प्रदर्शन किया जो वास्तव में महत्वपूर्ण रहा। हमारे गेंदबाजों ने बहुत अच्छा खेल दिखाया। उनका इस तरह का प्रदर्शन देखकर बहुत अच्छा लगा।’’ भारत के 2016 और 2021 के दौर में न्यूजीलैंड टीम का हिस्सा रहे लैथम ने कहा कि टॉस ने भी कीवी टीम की सफलता में प्रमुख भूमिका निभाई। भारत ने पहले टेस्ट मैच में टॉस जीता था लेकिन बल्लेबाजी करते हुए उसकी टीम केवल 46 रन पर आउट हो गई थी। लैथम का दूसरे टेस्ट मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला सफल रहा था। उन्होंने कहा,‘‘टॉस पर फैसला हमारे पक्ष में रहा। मुझे लगता है कि यहां मैंने पहली बार टॉस जीता। हमारी टीम के लिए टॉस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है विशेष कर बेंगलुरु में खेले गए पहले टेस्ट मैच में।’ दूसरे टेस्ट में मिशेल सेंटनर ने 13 विकेट लेकर न्यूजीलैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई और कप्तान ने भी उनकी जमकर प्रशंसा की। लैथम ने कहा, ‘‘मिच काफी समय से चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेल रहा है। वह लंबे समय से हमारी क्रिकेट टीम का हिस्सा रहा है और हम जानते हैं कि वह कितना उपयोगी गेंदबाज है। उन्होंने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे वास्तव में टीम को उन पर गर्व है।’’ recent visitors 69

दत्तात्रेय होसबोले ने कहा- दोनों संगठनों को एक बड़े परिवार का हिस्सा बताते हुए होसबोले ने दोहराया कि दोनों के बीच एकता बरकरार

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने विपक्षी दलों के उन आरोपों को सिरे से खंडन कर दिया है जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गतिरोध की बात कही जा रही है। आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। दोनों संगठनों को एक बड़े परिवार का हिस्सा बताते हुए होसबोले ने दोहराया कि दोनों के बीच एकता बरकरार है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि आरएसएस और भाजपा के बीच कोई भी असहमति आंतरिक मामला है और इसे पारिवारिक और संगठनात्मक स्तर पर संभाला जाना चाहिए। अप्रैल-जून के आम चुनावों से पहले भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान की ओर इशारा करते हुए होसबोले ने कहा कि ऐसे मुद्दों को सार्वजनिक मंच पर बोलने की आवश्यक्ता नहीं है। हम एक परिवार का हिस्सा हैं। इसे आंतरिक रूप से संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके बयान के तुरंत बाद वे जेपी नड्डा के आवास पर मिले और साथ में भोजन किया। होसबोले ने सौहार्दपूर्ण संबंधों की पुष्टि की और किसी भी तरह की कड़वाहट की धारणा को खारिज कर दिया। होसबोले के बयान आरएसएस और भाजपा के बीच राजनीतिक विभाजन के बारे में बढ़ती अटकलों की पृष्ठभूमि में आए हैं। होसबोले के अनुसार, दोनों संगठनों के बीच संबंध निर्भरता का नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का है। प्रत्येक को व्यापक लक्ष्यों और राष्ट्रीय हित में संरेखित करते हुए अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरएसएस किसी भी राजनीतिक समूह के प्रति दुश्मनी नहीं रखता है। होसबोले ने कहा, "हम किसी के लिए नफरत नहीं फैलाते हैं। हम सभी को आमंत्रित करते हैं। यहां तक कि राहुल गांधी को भी, कि वे आकर हमसे बात करें।" यह संदेश खास तौर पर मौजूदा राजनीतिक माहौल में वजनदार है। राहुल गांधी हमेशा अपने राजनीतिक भाषणों में आरएसएस का जिक्र करते हैं और देश में कथित सांप्रदायिक वैमनस्य के लिए संगठन को जिम्मेदार ठहराते हैं। होसबोले ने राहुल गांधी के "मोहब्बत की दुकान" वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग प्यार और एकता की बात करते हैं, लेकिन वे आरएसएस के साथ बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह अनिच्छा उन आदर्शों को कमजोर करती है जिन्हें वे विकसित करने का दावा करते हैं। recent visitors 80

दीपावली त्योहार: सरकार देश के अलग-अलग राज्य मुफ्त एलपीजी सिलेंडर बांटने की योजना पर काम कर रही हैं

नई दिल्ली दीपावली का त्योहार नजदीक आ रहा है। इस त्योहार को देखते हुए देश के अलग-अलग राज्य मुफ्त एलपीजी सिलेंडर बांटने की योजना पर काम कर रही हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने दीपावली के मौके पर राज्य के 1.86 करोड़ परिवारों के लिए मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर का वितरण शुरू कर दिया है। इसी तरह आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड की सरकार ने भी मुफ्त में एलपीजी सिलेंडर बांटने का ऐलान किया है। आंध्र प्रदेश में सभी पात्र महिलाओं को 31 अक्टूबर यानी की दिवाली के दिन से मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर मिलने शुरू हो जाएंगे। इसी तरह, उत्तराखंड में सरकार की ओर से फ्री एलपीजी सिलेंडर दिए जाने की योजना साल 2027 तक बढाई गई है। किन लोगों को मिलेगा फायदा ज्यादातर राज्यों में फ्री एलपीजी सिलेंडर का लाभ उन्हें ही मिलता है जो पीएम उज्जवला योजना के लाभार्थी हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। योजना के तहत सितंबर, 2019 में 8 करोड़ कनेक्शन जारी करने का लक्ष्य प्राप्त किया गया था। शेष गरीब परिवारों को कवर करने के लिए, पीएमयूवाई चरण-2 (उज्ज्वला 2.0) का शुभारंभ अगस्त 2021 में किया गया। वहीं, जनवरी 2023 तक 1.60 करोड़ उज्ज्वला 2.0 कनेक्शन जारी किए गए थे। इसके अलावा सितंबर 2023 में सरकार ने अतिरिक्त 75 लाख पीएमयूवाई कनेक्शन जारी करने को स्वीकृति दी। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 8 जुलाई 2024 तक इन 75 लाख पीएमयूवाई कनेक्शनों को जारी करने का काम पूरा कर लिया है। जुलाई 2024 तक पीएमयूवाई के तहत 10.33 करोड़ एलपीजी कनेक्शन हैं। 300 रुपये सस्ता है सिलेंडर सामान्य ग्राहकों के मुकाबले उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये सस्ता सिलेंडर मिलता है। इसी साल मार्च महीने में सरकार ने मार्च 2025 तक के लिए 300 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दी थी। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल खर्च 12,000 करोड़ रुपये होगा। सब्सिडी सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती है।   recent visitors 58

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन इंटरव्यू के दौरान वह अपने परिवार और खासकर पिता का जिक्र करके फूट-फूटकर रोने लगे

नई दिल्ली लंबे समय तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर निकले आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक बार फिर खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया। जैन ने कहा कि 7 साल से सीबीआई जांच कर रही है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ जांच पूरी नहीं हो पाई है। एक इंटरव्यू के दौरान वह अपने परिवार और खासकर पिता का जिक्र करके फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार शुरुआत में उनके चुनाव लड़ने के विरोध में था और फिर उन्होंने ही आगे बढ़ने को कहा। अपने एक सहयोगी को दिए इंटरव्यू में सत्येंद्र जैन कहा कि जेल में उनके मन में इस बात का गिल्ट था कि परिवार को कहां फंसा दिया। उनकी तो कोई गलती नहीं थी, मुझे शौक चढ़ा था ना कि देश के लिए कुछ करूं, मेरे परिवार का क्या अपराध था। गिल्ट था कि अपने परिवार के साथ मैंने ऐसा क्या किया, दूसरा ख्याल यह आता था मन में कि मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ जब मैंने कोई गलत काम नहीं किया। 'आप' के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए इंटरव्यू में सत्येंद्र जैन अपने पिता की बात करते हुए भावुक हो जाते हैं। उन्होंने खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन फूट-फूटकर रोने लगे। चुनाव लड़ने को लेकर पिता से हुई बातचीत और फिर उनके निधन की बात करके वह रोने लगे। जैन ने कहा कि कोरोना काल में वह स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम करते हुए इतने व्यस्त थे कि पिता के निधन पर एक दिन रो भी ना सके। मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल गए सत्येंद्र जैन ने याद किया कि कैसे उनके पिता और पत्नी शुरुआत में उनके चुनाव लड़ने का विरोध कर रहे थे और फिर बाद में उन्होंने कहा कि अब पीछे नहीं हटना है। जैन ने कहा, 'जब 2012 में मुझे पहली बार टिकट मिला तो मेरे पिता ने कहा कि यह लुच्चे लफंगों का काम है। हम इज्जतदार लोग हैं। 2-3 दिन बाद ही मुझे एक प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। दो दिन तिहाड़ जेल में रहा। जेल में ही मैंने तय कर लिया था कि चुनाव नहीं लड़ूंगा। लेकिन बाहर निकला तो पिता ने कहा कि क्या सिर्फ लुच्चे-लफंगे चुनाव लड़ेंगे, शरीफ लड़ेगा तो उसे गिरफ्तार कर लेंगे। उन्होंने कहा कि अब चुनाव लड़ना ही है।' इस दौरान उनका गला भरा रहा और आंखें नम थीं। दो बार वह फूट-फूटकर रोने लगे। जैन ने कहा कि जेल से वापस आने के बाद (2013 में) उनकी पत्नी चुनाव लड़ने के विरोध में थी लेकिन उन पर हुए एक हमले के बाद पत्नी भी साथ आ गई और कहा कि अब भले ही गोली मार दें चुनाव लड़ना ही है। सत्येंद्र जैन ने कहा कि उन्होंने जेल जाने के बाद एक साल तक अनाज नहीं खाया, क्योंकि 25 साल से उनका प्रण चल रहा था कि वह मंदिर जाने से पहले अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। जैन ने कहा कि वह जेल में खीरा, टमाटर आदि खरीदकर खाते और अन्न ना खाने की वजह से उनका 38 किलो वजन कम हो गया। पू्र्व मंत्री ने कहा कि उनका वजन आधा हो गया है लेकिन जोश दोगुना हो गया है। recent visitors 148

विकिपीडिया पर “वामपंथी कार्यकर्ताओं का नियंत्रण”दान देना बंद करो- एलन मस्क

न्यूयॉर्क  दुनियाभर की शख्सियतों, महत्वपूर्ण जगहों और ज्ञान का अथाह सागर माने जाने वाली वेबसाइट विकिपीडिया (Wikipedia) ने इंटरनेट जगत में अपनी अहम जगह बना ली है. मगर, विकिपीडिया पिछले कुछ समय से आर्थिक संकट से जूझ रही है. इसके चलते वह वेबसाइट पर आने वाले हर शख्स से दान की अपील करते रहते हैं. हालांकि, अब विकिपीडिया के संकट अब और बढ़ने वाले हैं क्योंकि टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) अब उनके पीछे पड़ गए हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह विकिपीडिया को दान देना बंद कर दें. एलन मस्क का ट्वीट एलन मस्क ने ट्वीट करते हुए कहा कि विकीपीडिया पर वामपंथी विचारधारा के लोगों का प्रभाव है और यह मंच निष्पक्ष जानकारी प्रदान करने में विफल हो रहा है। उनके अनुसार, विकीपीडिया की सामग्री का राजनीतिकरण हो रहा है, जिससे इसकी विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। मस्क ने यह भी कहा कि विकिपीडिया अब किसी एक विचारधारा का पक्ष लेता नजर आ रहा है, जो कि एक खुली जानकारी के मंच के लिए उचित नहीं है। एलन मस्क बोले- लेफ्ट विचारधारा वाले लोग कर रहे कंट्रोल दरअसल, एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में अपील की है कि विकिपीडिया को लेफ्ट विचारधारा (Far Left Activists) वाले लोग कंट्रोल कर रहे हैं. इसलिए इस इंटरनेट एनसाइक्लोपीडिया को हमें इसे चंदा नहीं देना चाहिए. उन्होंने अमेरिकी न्यूज कंपनी पायरेट वायर्स की एक रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा कि विकिपीडिया के हमास सार्थक एडिटर्स ने इजराइल फलस्तीन नरेटिव को हाईजैक कर लिया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 40 विकिपीडिया एडिटर्स इजराइल के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. यह कट्टर इस्लामिस्ट ग्रुप को सपोर्ट कर रहे हैं. पायरेट वायर्स को डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) का समर्थक माना जाता है. दिल्ली हाई कोर्ट ने दी थी विकिपीडिया बंद करने की धमकी हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी विकिपीडिया पर कार्रवाई की थी. हाई कोर्ट ने कहा था कि वह यह बताने में असफल रही है कि एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) के पेज को एडिट कौन कर रहा है. अदालत ने विकिपीडिया के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्रवाई की है. अदालत ने 5 सितंबर को नोटिस जारी किया था. एएनआई की अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि अगर विकिपीडिया को भारत में काम करना पसंद नहीं है तो उसे यहां काम नहीं करना चाहिए. साथ ही कोर्ट ने कहा था कि वह केंद्र सरकार से अपील करेंगे कि इस प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया जाए. विकीपीडिया एक ओपन-सोर्स एन्साइक्लोपीडिया है, जिसे कोई भी व्यक्ति संपादित कर सकता है। इसकी यह संरचना इसे सबसे बड़ा और लोकप्रिय जानकारी का स्रोत बनाती है, लेकिन साथ ही यह आलोचना का भी शिकार होता है। ओपन-सोर्स प्लेटफार्म होने के नाते, इसमें गलत जानकारी का जोखिम बना रहता है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति इसमें बदलाव कर सकता है। मस्क का आरोप भी इसी ओर इंगित करता है कि विकिपीडिया के संपादकों का एक खास विचारधारा की ओर झुकाव है, जो जानकारी की निष्पक्षता को प्रभावित करता है। recent visitors 93

न्यूजीलैंड की श्रृंखला में बराबरी की उम्मीदों को करारा झटका एमेली चोट के कारण श्रृंखला से बाहर

अहमदाबाद  न्यूजीलैंड के खिलाफ आज रविवार को दूसरे एक दिवसीय क्रिकेट मैच में भारतीय टीम की नजरें अपने बल्लेबाजों के बेहतर प्रदर्शन के दम पर श्रृंखला जीतने पर लगी होंगी। भारत ने पहला मैच 59 रन से जीता लेकिन बल्लेबाज अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके थे। मेजबान टीम अब इसमें बदलाव करना चाहेगी और कप्तान स्मृति मंधाना को मोर्चे से अगुवाई करनी होगी। पिछले मैच में पदार्पण करने वाली तेजल हसाबनिस ने वही किया था। स्मृति पहले मैच में आठ रन पर आउट हो गई थी और उनका खराब फॉर्म पिछले एक महीने से चला आ रहा है। जुलाई में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए दो शतक लगाये थे। भारतीय टीम की नजरें नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर की फिटनेस पर भी लगी होंगी जो चोट के कारण पिछले मैच से बाहर थीं। गेंदबाजी में तेज गेंदबाज साइमा ठाकोर ने उम्दा प्रदर्शन किया जबकि बायें हाथ की स्पिनर राधा यादव ने विकेट चटकाये। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की श्रृंखला में बराबरी की उम्मीदों को करारा झटका लगा जब करिश्माई हरफनमौला एमेली केर चोट के कारण श्रृंखला से बाहर हो गई। केर रविवार को स्वदेश लौट गई और उन्हें उबरने में तीन सप्ताह लगेंगे। न्यूजीलैंड के कोच बेन सायेर ने कहा, ‘‘हमें पता है कि वह कितनी दुखी है कि तीनों मैच नहीं खेल पा रही। हर किसी को पता है कि वह टीम का कितना महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें उसकी कमी खलेगी।’’ उनकी जगह किसी और को टीम में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि तीन दिन बाद आखिरी मैच होना है। टीमें : टीम इस प्रकार हैं: भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, डी हेमलता, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), सयाली सतगारे, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, तेजल हसब्निस, साइमा ठाकोर, प्रिया मिश्रा, राधा यादव, श्रेयंका पाटिल। न्यूजीलैंड : सोफी डिवाइन (कप्तान), सुजी बेट्स, एडेन कार्सन, लॉरेन डाउन, इज़ी गेज़ (विकेटकीपर), मैडी ग्रीन, ब्रुक हॉलिडे, पॉली इंगलिस (विकेटकीपर), फ्रान जोनास, जेस केर, एमेली केर, मौली पेनफोल्ड, जॉर्जिया प्लिमर, हन्ना रोवे, ली ताहुहु। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1.30 बजे शुरू होगा।   recent visitors 118

रिकी पोंटिंग ने पंजाब किंग्स में सहयोगी स्टाफ की टीम बनाने में पहला बड़ा कदम उठाया, होप्स को किया शामिल

नई दिल्ली  रिकी पोंटिंग ने पंजाब किंग्स में अपने सहयोगी स्टाफ की टीम बनाने में पहला बड़ा कदम उठाया है, जिसमें उन्होंने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर जेम्स होप्स को शामिल किया है, जिन्होंने दिल्ली कैपिटल्स में अपने कार्यकाल के दौरान उनके साथ काम किया था। होप्स 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के उद्घाटन सत्र में एक खिलाड़ी के रूप में फ्रैंचाइज़ी का हिस्सा भी थे। 46 वर्षीय पोंटिंग के अनुबंध को दिल्ली कैपिटल्स ने नवीनीकृत नहीं किए जाने के बाद विस्तार की पेशकश की थी। हालांकि, होप्स, जिन्होंने 84 वनडे और 12 टी20आई में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया, ने अपने पूर्व कप्तान पोंटिंग के साथ काम करना जारी रखने का फैसला किया, जिन्होंने फ्रैंचाइज़ी के साथ चार साल का अनुबंध किया है। होप्स के हस्ताक्षर से दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज चार्ल लैंगवेल्ट के बाहर होने का संकेत मिलता है, जिन्होंने 2023 और 2024 सीज़न के लिए ट्रेवर बेलिस के तहत टीम के तेज़-गेंदबाजी कोच के रूप में काम किया था। इससे पहले, दक्षिण अफ़्रीकी ने 2020 सीज़न के दौरान फ्रैंचाइज़ी के लिए गेंदबाजी कोच की भूमिका भी निभाई थी। इसके अतिरिक्त, पोंटिंग ने ब्रैड हैडिन को बनाए रखने का विकल्प चुना है, जो पिछले कुछ वर्षों से फ्रैंचाइज़ी के साथ सहायक कोच के रूप में काम कर रहे हैं। शुरुआत में ट्रेवर बेलिस द्वारा लाए गए हैडिन ने पहले सनराइजर्स हैदराबाद में भी ऑस्ट्रेलियाई के साथ काम किया था। वह फ्रैंचाइज़ी के बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग कोच के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे। पोंटिंग ने भारत के पूर्व स्पिनर और मुख्य चयनकर्ता सुनील जोशी को भी रिटेन किया है। जोशी पिछले कुछ सीजन से पंजाब फ्रेंचाइजी के साथ स्पिन बॉलिंग कोच के तौर पर जुड़े हुए हैं। फ्रेंचाइजी ने संजय बांगर को भी रिटेन किया है, जिन्होंने पिछले साल क्रिकेट डेवलपमेंट के प्रमुख के तौर पर अनुबंध किया था। उनका तीन साल का अनुबंध था, लेकिन बीच में ही यह अनुबंध खत्म हो गया। फ्रेंचाइजी ने कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्यों को भी रिटेन किया है, जिसमें एड्रियन ले रॉक्स (एस एंड सी कोच) और एंड्रयू लीपस (फिजियो) शामिल हैं। पोंटिंग का पहला बड़ा काम रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ियों की सूची को अंतिम रूप देना होगा और आईपीएल में चर्चा है कि फ्रेंचाइजी हमेशा की तरह सबसे ज्यादा उपलब्ध राशि के साथ नीलामी में उतरेगी। बाएं हाथ के भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर विचार किया जा सकता है, हालांकि फ्रेंचाइजी के भीतर इस बात पर बहस चल रही है कि क्या वह 18 करोड़ रुपये के लायक हैं, जो एक रिटेन के लिए सुझाई गई स्लैब है। सोच यह है कि उन्हें राइट टू मैच कार्ड के जरिए शायद कम कीमत पर हासिल किया जा सकता है। चर्चा में शामिल अन्य नामों में शशांक सिंह और आशुतोष शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने पिछले साल शानदार प्रदर्शन किया था। दोनों खिलाड़ियों को अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में 4-4 करोड़ रुपये में बरकरार रखा जा सकता है।       recent visitors 94