9 फिल्म डायरेक्टर बनाए गए फिल्म विकास निगम एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य

रायपुर लंबे समय से छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माताओं की मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने फिल्म विकास निगम के अध्यक्ष की घोषणा से पहले एक एडवाइजरी कमेटी बनाई है. इसमें भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक, फिल्म अभिनेता एवं छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष राजेश अवस्थी समेत 9 लोगों को सदस्य बनाए गए हैं. संस्कृति विभाग के संचालक एवं पर्यटन के एमडी विवेक आचार्य केंद्र सरकार ने सरकार को फिल्म सिटी एवं नया रायपुर के लिए विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव दिया है. इस पर भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है. डॉ. रमन सिंह के तृतीय कार्यकाल में राजेश अवस्थी को अंतिम महीने में फिल्म विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया था. उसके बाद भूपेश बघेल की सरकार में इस पद पर नियुक्ति नहीं हुई थी. फिल्म निर्माता लंबे समय से पुनः नियुक्ति की मांग कर रहे थे. इस पर विचार कर विष्णु देव सरकार ने नई नीति निर्धारण करने राजेश अवस्थी सहित 9 सदस्यों की एडवाइजरी कमेटी बनाई है. यह कमेटी फिल्म इंडस्ट्री के लिए जो आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए इस पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर सरकार को देगी. इसके बाद सरकार नए सुझाव को फिल्म नीति में लागू कर फिल्म विकास निगम के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगी. फिल्म सिटी समेत अन्य योजनाओं पर जल्द लग सकती है मुहर राजेश अवस्थी छत्तीसगढ़ी एवं बॉलीवुड की फिल्मों में काफी लंबे समय से सक्रिय हैं. उन्होंने बतौर अभिनेता एवं लाइन प्रोड्यूसर बहुत सारे फिल्मों में एवं सीरियलों एवं वेब सीरीज में काम किया है. अन्य सदस्यों के अनुभव को देखते हुए यह निर्णय सरकार ने लिया है. बता दें कि कुछ दिनों पहले संस्कृति विभाग के संचालक एवं पर्यटन के एमडी विवेक आचार्य केंद्र सरकार ने प्रस्ताव मांगे जाने पर फिल्म सिटी एवं नया रायपुर के लिए विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव लेकर गए थे. इसकी भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है, जिससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड फिल्मों की भी भारी मात्रा में शूटिंग होने की संभावना है. recent visitors 65

डिप्टी सीएम अरुण साव ने किया शिलान्यास, छत्तीसगढ़-मुंगेली में 581 लाख से बनेगा उच्च स्तरीय पुल

मुंगेली/लोरमी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के ग्राम कारीडोंगरी में मनियारी नदी पर उच्च स्तरीय पुल का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों को बधाई दी। ग्राम कारीडोंगरी में निर्माणाधीन यह पुल क्षेत्र के 11 गांवों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा, जिससे वहां के निवासी बारहों महीने निर्बाध आवागमन कर सकेंगे। इस पुल का लाभ दरवाजा, कन्सेरी, अखरार, खाम्ही, घानाघाट, डोंगरिया, कारीडोंगरी, जाकड़बांधा, खुड़िया, महामाई और लमनी गांवों की लगभग 11,000 की आबादी को मिलेगा। पुल का निर्माण 120 मीटर लंबा होगा और इसकी लागत 581 लाख रुपए निर्धारित की गई है। निर्माण कार्य को एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उप मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पुल के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने कहा, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गांव, गरीब, किसान, युवा, और महिलाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिले में सड़क, पुल, पुलिया सहित विभिन्न निर्माण कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं।” कलेक्टर राहुल देव ने ग्राम कारीडोंगरी में पुल के भूमिपूजन एवं शिलान्यास पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी और कहा कि यह पुल एक बहुप्रतीक्षित मांग थी, जो आज पूरी हो रही है। गौरतलब है कि इस मौके पर पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, वनमंडलाधिकारी संजय यादव, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी एसडीएम अजीत पुजारी, सेतु निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता आर. के. खाम्भरा, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। recent visitors 109

जन्मदिन पार्टी में छोला-चावल खाने से 25 लोगों की बिगड़ी तबीयत

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा में सोमवार को एक ही मजरे के करीब 25 लोगों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनका उपचार किया जा रहा है। सभी लोगों ने एक जन्मदिन पार्टी में छोला-चावल खाया था। इसके बाद सभी को फूड पॉइजनिंग हुआ है। मामला बेलसर क्षेत्र के तिवारी पुरवा ग्रामसभा का है। यहां के निवासी अनंतराम के घर पर बीती रात जन्मदिन की पार्टी थी। इसमें दाल-चावल, पूड़ी-सब्जी बनी थी। तड़के पहर करीब तीन बजे से लोगों को उल्टी-दस्त शुरू हो गया। सभी ने झोलाछाप से दवा ले ली। लेकिन, फायदा नहीं हुआ। स्वास्थ्य टीम कर रही उपचार सोमवार की सुबह लोगों ने सीएचसी, बेलसर में सूचना दी। सूचना पर सीएचसी अधीक्षक टीम के साथ गांव पहुंचे। यहां उन्होंने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टर सौरभ तिवारी सहित पूरी टीम उपचार में लगी है। recent visitors 86

दिल्लीवासियों ने की पटाखा फोड़ने की तैयारी, सर्वे में हुआ खुलासा

नई दिल्ली. देश की राजधानी में पटाखों की बिक्री और उन्हें चलाना प्रतिबंधित है। वजह बढ़ते पलूशन को किसी तरह नियंत्रित करना। पटाखों की बिक्री बैन है, इसके चलते दिल्ली एनसीआर में एक सर्वे किया गया। सर्वे में शामिल लोगों से पूछा गया कि क्या आप आने वाली दिवाली पर पटाखा फोड़ेंगे तो चौकाने वाले नतीजे सामने आए। इस सर्वे में करीब 10526 लोगों ने भाग लिया। पटाखे जलाएंगे, नहीं जलाएंगे और चाहेंगे वाले हैं इतने फीसदी लोग सर्वे में शामिल किए गए लोगों ने तीन तरह के जवाब दिए। एक वर्ग ने कहा कि वो पटाखे चलाएंगे, दूसरे ने ऐसा करने से कतई इंकार कर दिया। वहीं एक वर्ग ऐसा भी था जिसने पटाखों को चलाने की इच्छा प्रकट की। 55 फीसदी लोगों ने कहा कि वो पटाखे नहीं जलाएंगे, क्योंकि इससे पलूशन होता है। जबकि 19 फीसदी लोगों ने कहा कि वो पटाखे जलाना चाहेंगे। वहीं 9 फीसदी लोगों ने कहा कि हां हम पटाखे जलाएंगे। इतने फीसदी लोगों के पटाखे जलाने की संभावना सर्वे में शामिल नौ फीसदी लोगों ने कहा कि वे पटाखे जलाएंगे और उन्हें पता है कि उन्हें कैसे और कहां से प्राप्त करना है। वहीं 8 फीसदी लोगों ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सरल शब्दों में कहें तो सर्वे में शामिल दिल्ली-एनसीआर के 18 फीसदी परिवारों द्वारा इस दिवाली पटाखे जलाने की संभावना है। सरकारी सलाह के प्रति दिखाई उदासीनता सर्वे में बताया गया कि 10,526 लोगों में से जवाब देने वाले 68 फीसदी पुरुष थे जबकि बची हुईं 32 फीसदी महिलाएं थीं। सर्वेक्षण के अनुसार कुछ निवासियों ने पटाखों के संबंध में सरकारी सलाह के प्रति उदासीनता दिखाई, जैसा कि 20 अक्टूबर को करवा चौथ समारोह के दौरान पटाखों के बड़े पैमाने पर उपयोग से स्पष्ट होता है। बैन के बावजूद पटाखों की बिक्री बरकरार सर्वेक्षण में कहा गया है कि इससे ​​पता चलता है कि 1 जनवरी 2025 तक दिल्ली और एनसीआर में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध के बावजूद कई लोगों के पास अभी भी पटाखे हैं। आपको बता दें कि दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) का स्तर 350 से अधिक है, जिसे गंभीर श्रेणी में रखा गया है। recent visitors 75

भारतीय शेयर बाजार में लौटी खरीदारी, सेंसेक्स 602 अंक उछला, कारोबारी सत्र में चौतरफा खरीदारी देखी गई

मुंबई लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में सोमवार के कारोबारी सत्र में चौतरफा खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 602 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर 80,005 और निफ्टी 158 अंक या 0.65 प्रतिशत बढ़कर 24,339 पर था। तेजी का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों की ओर से किया गया। निफ्टी बैंक 471 अंक या 0.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51,259 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पैक में आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, एमएंडएम, सनफार्मा, एचयूएल, एसबीआई, टाटा मोटर्स, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी और एचसीएल टेक टॉप गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल टॉप लूजर्स थे। आज करीब सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, ऑटो, आईटी और मीडिया इंडेक्स में देखी गई। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 458 अंक या 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 55,736 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 214 अंक या 1.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,062 पर था। बाजार के जानकारों का कहना है कि अच्छे क्वालिटी वाले शेयरों में बेहतर नतीजें पेश करने वाले शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है। निवेशकों ऐसे बाजार में सही वैल्यूएशन वाले शेयरों में ही निवेश करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इजरायल की ओर से ईरानी ऑयल फील्ड्स को हमला न बनाए जाने के कारण वैश्विक बाजार में तेजी है। हालांकि, अमेरिकी बाजारों में अनिश्चितता के कारण निवेश सतर्कता बरत रहे हैं। बाजार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई थी। शुरुआती कारोबार में बीएसई का सेंसेक्स 273 अंक या 0.34 प्रतिशत की तेजी के बाद 79,675 और एनएसई का निफ्टी 74.35 अंक या 0.31 प्रतिशत चढ़ने के बाद 24,255 पर था। recent visitors 83

वित्‍त मंत्री मुहम्‍मद औरंगजेब ने कहा कि पड़ोसियों के साथ व्‍यापार नहीं करना बेतुका है

इस्‍लामाबाद जम्‍मू-कश्‍मीर में अनुच्‍छेद 370 को खत्‍म करने के बाद पाकिस्‍तान ने भारत संग व्‍यापार को रोक दिया था। पाकिस्‍तान के अंबानी कहे जाने वाले मियां मांशा से लेकर कई दिग्‍गज उद्योगपति तक भारत से व्‍यापार को फिर से शुरू करने की कई महीने से गुहार लगा रहे हैं। इसके बाद भी शहबाज सरकार अकड़ में इसे फिर से शुरू करने से बच रही है। शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के हिस्‍सा लेने के बाद पाकिस्‍तान की अकड़ अब ढीली पड़ती दिख रही है। पाकिस्‍तान के वित्‍त मंत्री मुहम्‍मद औरंगजेब ने अमेरिका के वॉशिंगटन में रविवार को कहा कि पड़ोसियों के साथ व्‍यापार नहीं करना बेतुका है। उनसे क्षेत्रीय देशों खासकर भारत के साथ व्‍यापार बढ़ाने को लेकर सवाल पूछा गया था। रविवार को आए भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले 5 महीने में भारत का पाकिस्‍तान से आयात जहां शून्‍य हो गया है। वहीं भारत ने पाकिस्‍तान को 23 करोड़ 50 लाख डॉलर का सामान खासकर चीनी और दवाएं निर्यात किया है। इस तरह से व्‍यापार रोककर खुद पाकिस्‍तान को घाटा हो रहा है। अमेरिका में पाकिस्‍तानी दूतावास में औरंगजेब ने कहा कि भूराजनीतिक मुद्दे क्षेत्रीय व्‍यापार को प्रभावित कर रहे हैं लेकिन यह उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर हैं। इसके बाद भी पाकिस्‍तान पहले से ही अपने पड़ोसियों के साथ बातचीत कर रहा है। उन्‍होंने सार्क का उदाहरण दिया। जयशंकर से मिले थे पाकिस्‍तानी व‍िदेश मंत्री औरंगजेब ने कहा, 'हमने हाल ही में एससीओ सम्‍मेलन में हिस्‍सा लिया है और हम ब्रिक्‍स गठबंधन में भी शामिल होना चाहते हैं। इसके पीछे हमारा उद्देश्‍य यह है कि व्‍यापार को बढ़ावा दिया जाए।' बता दें कि इस बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयंशकर ने भी हिस्‍सा लिया था। करीब 10 साल बाद किसी भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली पाकिस्‍तान यात्रा थी। इस दौरान पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने जयशंकर के साथ अनौपचारिक बातचीत की थी। इससे पहले पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साल 2023 में दुबई के चैनल अल अरबिया से बातचीत में कहा था कि वह पीएम मोदी से अपील करते हैं कि वह उनके साथ बैठें और कश्‍मीर जैसे ज्‍वलंत मुद्दे पर गंभीरता के साथ बातचीत करें। शहबाज ने कहा था कि यह हम पर है कि शांति के साथ जिएं और प्रगति करें। उन्‍होंने यह भी कहा कि यूएई भारत और पाकिस्‍तान के बीच बातचीत फिर से शुरू करने में अहम भूमिका निभा सकता है। वहीं भारत ने साफ कह दिया था कि बातचीत और आतंकवाद दोनों साथ- साथ नहीं चल सकते हैं। अब 2024 में पाकिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था तबाही के दौर में है और उसे चीन से लेकर आईएमएफ तक से कर्ज मांगना पड़ रहा है। वहीं पाकिस्‍तानी उद्योग मांग कर रहे हैं कि सरकार भारत के साथ व्‍यापार को शुरू करे तभी हम पटरी पर वापस लौट पाएंगे। recent visitors 60

टीम के साथ साउथ अफ्रीका दौरे पर जाएगा नया कोच, 5 महीनों के अंदर कोच Gautam Gambhir की हुई छुट्टी!

मुंबई भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है, जो कीवी टीम ने शुरुआती 2 मैचों को जीतकर 2-0 से अपने नाम कर ली है. वहीं सीरीज का आखिरी मुकाबला 1 नवंबर को मुंबई में खेला जाएगा. इस बीच एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है. दरअसल, कोच गौतम गंभीर के रहते हुए भारत ने 18 साल बाद घरेलू सीरीज हारी है, जो काफी शर्मनाक है. ऐसे में टीम इंडिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले साउथ अफ्रीका का दौरा करना है. इस दौरे पर गंभीर भारतीय टीम के साथ नहीं जाएंगे. बल्कि बीसीसीआई ने इस दौरे के लिए नया कप्तान चुना है. आइए जानते हैं कि क्या वाकई गंभीर की टीम इंडिया से छुट्टी हो गई है. गंभीर की जगह अफ्रीका दौरे पर होगा ये दिग्गज क्रिकजब के अनुसार, साउथ अफ्रीका दौरे के लिए कोच गौतम गंभीर टीम इंडिया के साथ रवाना नहीं होंगे. बल्कि बीसीसीआई ने पूर्व दिग्गज वीवीएस लक्ष्मण को ये जिम्मा दिया है. यानी साउथ अफ्रीका दौरे पर लक्ष्मण हेड कोच के रूप में नजर आएंगे. बीसीसीआई ने ये फैसला बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को ध्यान में रखते हुए लिया है. ऑस्ट्रेलिया जाएंगे गौतम गंभीर भारतीय टेस्ट टीम को बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना है. टीम 10 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होगी. इसी दौरान साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी टेस्ट सीरीज होनी है यही वजह है कि वीवीएस लक्ष्मण जो कि एनसीए के हेड हैं वो टीम के साथ कोच बनकर जा रहे हैं. साउथ अफ्रीका के खिलाफ चार टी20 मुकाबले 8, 10, 13 और 15 नवंबर को खेले जाएंगे. मुकाबले डरबन, ग्कबेर्हा, सेंचुरियन और जोहानिसबर्ग में होंगे. साउथ अफ्रीका सीरीज में दिखेगा युवा खिलाड़ियों का दम साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए युवा खिलाड़ियों से लैस टीम चुनी गई है. इस टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं लेकिन स्क्वाड में कई नए खिलाड़ी शामिल किए गए हैं. भारतीय टी20 टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर),हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, रमनदीप सिंह,अर्शदीप सिंह, विजयकुमार विशक, आवेश खान, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई और यश दयाल. गौतम गंभीर के लिए आने वाले दिन बेहद मुश्किल वैसे टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के लिए आने वाले दिन बेहद मुश्किल हैं. दरअसल टीम इंडिया अपने ही घर पर टी20 सीरीज हार चुकी है. न्यूजीलैंड ने 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दो मैच जीत लिए हैं और अब टीम को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना है जहां उसे टेस्ट सीरीज अच्छे अंतर से जीतनी होगी. तभी ये टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच पाएगी. recent visitors 70