हिमालय की खूबसूरती में डूबे नजर आए शेखर कपूर, बताया- खुद को कैसे करें अभिव्यक्त

मुंबई, हिंदी फिल्म जगत के सबसे सफल निर्देशकों में से एक शेखर कपूर का सोशल मीडिया अकाउंट उनकी खास तस्वीरों और वीडियोज से भरा रहता है। इस बीच निर्देशक ने इंस्टाग्राम पर हिमालय की खूबसूरती से फैंस को रूबरू कराया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियों का दीदार कराया। तस्वीर के साथ लिखा ‘मुझे कहानियां सुनाना बहुत पसंद है और हिमालय से बेहतर और क्या हो सकता है।’ ‘खुद को पढ़ना तराशने की एक कला है। निर्देशक ने आगे लिखा हम सभी जन्मजात कहानीकार हैं। हमें बस खुद को खुलकर अभिव्यक्त करना चाहिए और इसमें संकोच नहीं करना चाहिए। मिस्टर इंडिया और मासूम जैसी बेहद सफल फिल्मों के निर्देशक की पोस्ट को उनके प्रशंसक काफी पसंद कर रहे हैं। निर्देशक की पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा हिमालय को देखना कितना सुकून देने वाला है! एक अच्छा शिक्षक एक मैप की तरह होता है, जो आपको भटकने पर हमेशा सही राह दिखाता है। एक अन्य ने लिखा पढ़ना और कहानी सुनाना दोनों ही दरवाजे हैं। है न? और पहाड़ ही दरवाजे तक पहुंचने का रास्ता है। दूसरे ने लिखा अद्भुत तस्वीर! पहाड़ों पर चढ़ो और प्रकृति की शांति तुम्हारे भीतर वैसे ही प्रवाहित होगी जैसे धूप और पेड़ों में होती है। विश्वास हिमालय पर्वत की तरह है जो बदल नहीं सकता। शेखर कपूर मासूम (1983) के निर्देशक थे। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, उर्मिला मातोंडकर, शबाना आजमी अहम रोल में थे। इसके बाद उन्होंने 1987 की मिस्टर इंडिया का निर्देशन किया, जिसमें अनिल कपूर, श्रीदेवी और सतीश कौशिक समेत कई कलाकार अहम रोल में नजर आए थे। फिल्म में अमरीश पुरी ने खलनायक मोगैम्बो की भूमिका निभाई थी। कपूर ने 1994 में आई फिल्म बैंडिट क्वीन का निर्देशन किया था। इसके अलावा उन्होंने जोशीले का भी निर्देशन किया था, जिसमें सनी देओल, अनिल कपूर, श्रीदेवी और मीनाक्षी शेषाद्रि मुख्य भूमिका में थे। इसके साथ ही उन्होंने बरसात, दुश्मनी का भी निर्देशन किया। 2016 में कपूर ने माता अमृतानंदमयी देवी के नाम से प्रसिद्ध अम्मा पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई, जिसका नाम द साइंस ऑफ कम्पैशन है। शेखर ने हॉलीवुड में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। 1998 में एलिजाबेथ और फिर 2007 में एलिजाबेथ द सीक्वल को भी काफी पसंद किया गया। recent visitors 79

कैबिनेट मंत्री नंदी ने 800 बच्चों के साथ लुलु मॉल में की शॉपिंग

प्रयागराज योगी सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' 800 बच्चों को लेकर सोमवार को लखनऊ के लुलु मॉल पहुंचे। सभी बच्चों को दीपावली की शॉपिंग कराई। बच्चों ने लुलु मॉल में की मन पसंद खरीदारी की। बच्चे मंत्री नंदी के साथ तीन दिन के ट्रिप पर निकले हैं। नंदी गरीब परिवारों के सैकड़ों बच्चों के साथ दीपावली मनाते हैं। कैबिनेट मंत्री नंदी और उनकी पत्नी पूर्व महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने पिछले कई सालों से एक अनोखी पहल शुरू की है। दीपावली पर्व पर अपने विधानसभा क्षेत्र शहर दक्षिणी के 59 झुग्गी झोपड़ियां और दलित बस्ती में रहने वाले गरीब बच्चों और उनके माता-पिता परिजनों के साथ विगत कई वर्षों से अलग-अलग अंदाज में दीपावली त्योहार को सेलिब्रेट करते हैं। इस बार भी दीपावली पर कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता, उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता और उनकी बेटी ने बेहद लग्जरियस स्टाइल में टूर एंड ट्रेवल्स का तीन दिवसीय प्रोग्राम बनाकर सेलिब्रेट किया। हर घर रोशनी हर घर दीपावली अभियान के तहत गरीब परिवारों के एक दो नहीं पूरे 800 बच्चों के साथ कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता प्रयागराज से प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक का सफर वंदे भारत ट्रेन से करवाया। एक बड़े लग्जरियस होटल में सबको ठहराया। आनंदी वाटर पार्क और होटल में शानो शौकत के साथ 800 बच्चों ने फुली एंजाय किया। वाटर पार्क में जमकर मस्ती की अलग-अलग व्यंजनों का भरपूर स्वाद लिया। हैप्पी दिवाली टूर एंड ट्रेवल्स के दौरान सभी 800 बच्चों को लखनऊ के सबसे बड़े लुलु मॉल घुमाया। लुलु मॉल के जूडियो के मेगा स्टोर में दिल खोलकर शॉपिंग करवाई। शॉपिंग करते समय बच्चों को जो भी पसंद आया वह उन्होंने खरीदा। शॉपिंग के लिए किसी भी तरह की रोक-टोक नहीं थी और सभी बच्चों का बिल कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने स्वयं अदा किया। दीपावली पर बच्चे अपने मनपसंद कपड़े उपहार जूते अन्य समानों की खरीदारी किया। उपहार पाकर बच्चों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। लखनऊ से सभी बच्चे हंसी-खुशी अपने घर प्रयागराज के लिए रवाना हुए। recent visitors 94

हाथी और मानव के बीच द्वंद्व रोकने के लिए राज्य सरकार एआई का उपयोग करेगी

भोपाल जंगली हाथियों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए नवीन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। हाथी और मानव के बीच द्वंद्व रोकने के लिए राज्य सरकार एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) का उपयोग करेगी। इसके लिए ट्रेन और मालगाड़ी में ऐसे कैमरे लगाए जाएंगे, जो ड्राइवर को दूर से ही हाथियों की हलचल बता देंगे। इसके अलावा एक ध्वनि यंत्र भी लगाया जाएगा जो ऐसी आवाजें निकालेगा, जिससे ट्रेन या मालगाड़ी आते समय हाथी रेललाइन से दूर भाग जाएं। वन चौकियों में भी होगा प्रयोग इस तरह का प्रयोग जंगल में वन चौकियों में भी किया जाएगा, यहां जंगल से सटे गांव के नजदीक कैमरे और ध्वनि यंत्र लगाए जाएंगे, जिससे हाथी अगर ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश करते हैं तो उनके आवागमन का पहले से ही वन रक्षकों को पता चल जाए और हाथियों को ग्रामीण क्षेत्र में प्रवेश न करने देने के उपाय किए जा सकें। इसके साथ ही जंगली हाथियों को मानव फ्रेंडली बनाने के लिए हाथियों के नियमित रहवास क्षेत्र में पर्यटकों को प्राकृतिक रूप से हाथी दिखाए जाएंगे। वन विभाग हाथी-मानव द्वंद्व रोकने के संबंध में रणनीति बना रहा है। इसके तहत कर्नाटक राज्य की तर्ज पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। हालांकि वन विभाग दो साल पहले 11 जनवरी 2023 को मानव-हाथी द्वंद्व के प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। इसमें हाथियों को प्राकृतिक रहवास में लौटाने के प्रयास सहित उनकी मौजूदगी के लिए सूचना तंत्र बनाने, हाथी मित्र दल बनाने, हाथियों से जुड़ी घटनाओं की लगातार निगरानी, रैपिड रिस्पॉस टीम बनाने, स्थानीय लोगों के संपर्क में रहने, हाथियों को सुरक्षित रास्ता देने, हाथियों को खदेड़ने के लिए पटाखों, रबर बुलेट और कंडे जलाकर आग के प्रयोग जैसे उपाय थे। अब समय व परिस्थिति को देखते हुए नई रणनीति बनाई जा रही है। मप्र के शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडोरी के अलावा नरसिंहपुर, नर्मदापुरम और रायसेन जिलों में भी हाथियों की मौजूदगी देखी गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों की राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला भी होगी मध्य प्रदेश में बाघ, तेंदुआ एवं हाथी की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन्यजीव विशेषज्ञों को आमंत्रित कर राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला भी की जाएगी। कार्यशाला में वन्यजीवों के प्रबंधन पर आवश्यक रणनीति तैयार की जाएगी। इसमें देशभर के विशेषज्ञ अपने-अपने सुझाव देंगे और अपने राज्यों में किए गए प्रयोग भी साझा करेंगे। मुआवजा राशि भी बढ़ाने की तैयारी वन विभाग वन्यप्राणियों के हमले से होने वाली जनहानि पर मुआवजा बढ़ाने की तैयार कर रहा है। इसके लिए प्रस्ताव बना लिया है और राज्य शासन को भेजा गया है। अभी जनहानि पर आठ लाख रुपये प्रति व्यक्ति मुआवजा राशि है। जिसे महाराष्ट्र राज्य की तर्ज पर 25 लाख रुपये प्रति व्यक्ति किए जाने की तैयारी है, प्रस्ताव पर मंजूरी राज्य सरकार देगी। 24 घंटे होगी निगरानी एआई तकनीक के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों पर रात में थर्मल इमेज और दिन में कैमरा वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए नजर रखी जाएगी। इससे हाथियों की गतिविधियों को लगातार रिकॉर्ड किया जाएगा। ड्रोन की मदद से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। एआई आधारित निगरानी प्रणाली में थर्मल और सामान्य दोनों कैमरों ऊंचाई पर बने टावर में लगाया जाएगा। इस एआई-आधारित निगरानी प्रणाली में रियल-टाइम आपरेटिंग सिस्टम के जरिए डेटा आटोमैटिक तरीके से नियंत्रण कक्ष में ट्रांसफर होगा। कर्नाटक में है ऐसी व्यवस्था कर्नाटक में हम्पी जिले में हाथी अस्तबल एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। राज्य में पर्यटकों के लिए कई हाथी कैंप बनाए गए हैं। सकरबाइल और कूर्ग का डूबारे हाथी कैंप विख्यात है। यहां बने रिसोर्ट और लॉज में जाकर हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में नजदीक से देखा जा सकता है। recent visitors 56

स्तन कैंसर से बचने का दिया सन्देश, छत्तीसगढ़-रायपुर में बाल्को ने निकाली बाइक रैली

रायपुर. बाल्को मेडिकल सेंटर ने रायपुर में “शर्म छोड़ो, गांठों पे बोलो” अभियान के तहत बाइक रैली का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। बता दें कि अक्टूबर को विश्व स्तर पर स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है, जिसमें लोगों को इसके लक्षणों और समय पर पहचान से मिलने वाले जीवनरक्षक लाभों के बारे में शिक्षित किया जाता है। बाइक रैली का शुभारंभ रायपुर के मरीन ड्राइव से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर पहचान और उचित इलाज से इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। बाल्को मेडिकल सेंटर की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही ने बताया कि भारत में हर दस में से एक महिला को स्तन कैंसर होने की संभावना है, जिसमें जीवनशैली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि यदि शुरुआती चरण में कैंसर का पता चल जाए, तो इसका इलाज संभव है और अब उन्नत तकनीकों के माध्यम से स्तन-संरक्षण सर्जरी भी की जा सकती है। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) और नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) द्वारा समर्थित इस रैली में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। इसमें 10 बाइकर्स समूहों, भारतीय सेना, सीआरपीएफ, कॉर्पोरेट और समुदाय के सदस्यों समेत 250 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। रैली का समापन बाल्को मेडिकल सेंटर में एक प्रतीकात्मक वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ हुआ, जो स्तन कैंसर से प्रभावित लोगों के लिए आशा, दृढ़ता और विकास का प्रतीक है। recent visitors 66

कलेक्टर ने दीपावली पर्व के दौरान पटाखों के संबंध में मानक संचालक प्रक्रिया की निर्धारित

अनूपपुर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री हर्षल पंचोली ने मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा हरित अधिकरण, सेंट्रल जोन, भोपाल के जारी निर्देश के परिपालन में जिले में दीपावली पर्व के दौरान पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में मानक संचालक प्रक्रिया निर्धारित की है। जिसके अनुसार दीपावली पर्व का समय रात्रि 8ः00 बजे से रात्रि 10ः00 बजे तक सिर्फ ग्रीन पटाखे का ही उपयोग किया जाए। रात्रि 10ः00 बजे के बाद पटाखों का उपयोग प्रतिबंधित है। ग्रीन पटाखे के अंतर्गत फुलझड़ी, अनार एवं इस श्रेणी के अन्य पटाखे भी शामिल हैं। जारी निर्देश में कलेक्टर ने कहा है कि पटाखों का प्रस्फोटन संवेदनशील क्षेत्रों जैसे अस्पताल, नर्सिंग होम्स, हेल्थ केयर सेंटर, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों इत्यादि से 100 मीटर की दूरी तक प्रतिबंधित है। पटाखे में बेरियम सॉल्ट इत्यादि विषैले रसायनों का उपयोग प्रतिबंधित है। लड़ी (जुड़े हुए पटाखों) का निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन भी प्रतिबंधित है। पटाखे की तीव्रता प्रस्फोटन स्थल से 4 मीटर पर 125 डी.बी.(ए) से अधिक नहीं होना चाहिए। पटाखे की ऑनलाइन सेल (जैसे अमेजॉन, फ्लिपकार्ट इत्यादि से सेल) प्रतिबंधित है। पटाखों के जलने के उपरांत बचे हुए कागज के टुकड़े एवं अधजली बारूद के संपर्क में आने से पशुओं एवं बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना रहती है। अतः पटाखों के जलने के उपरांत कचरे को ऐसे स्थानों पर ना फेंका जाए, जहां पर प्राकृतिक जल स्त्रोत एवं पेयजल स्त्रोत प्रदूषित होने की संभावना हो। अतः पटाखों के जलने के उपरांत बचे हुए कचरे को पृथक स्थान पर एकत्रित किया जाए तथा नगर पालिका/नगर परिषद के कर्मचारियों को सौंपा जाए। कलेक्टर ने माननीय सर्वाेच्च न्यायालय एवं माननीय हरित अधिकरण, सेन्ट्रल जोन भोपाल द्वारा पारित संदर्भित आदेशों एवं उपरोक्त अनुसार निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शासन के उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। recent visitors 67

‘मिर्जापुर द फिल्म’ संग बड़े पर्दे पर आ रहे कालीन भैया, बोले- भौकाल बड़ा होगा

मुंबई, लोकप्रिय वेब सीरीज में से एक ‘मिर्जापुर’ एक नई कहानी के साथ फिल्म के रूप में रिलीज होने के लिए तैयार है। सोशल मीडिया पर फिल्म का टीजर शेयर कर कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) ने दर्शकों को जानकारी दी। इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु दमदार किरदार निभाते नजर आएंगे। निर्माताओं ने सोमवार को ‘मिर्जापुर द फिल्म’ की घोषणा की। पुनीत कृष्णा द्वारा निर्मित और गुरमीत सिंह द्वारा निर्देशित फिल्म साल 2026 में रिलीज होने वाली है। फिल्म में मिर्जापुर के लोकप्रिय किरदार कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), गुड्डू पंडित (अली फजल) और मुन्ना त्रिपाठी (दिव्येंदु) के साथ-साथ सीरीज में कंपाउंडर की भूमिका निभाने वाले अभिषेक बनर्जी भी नजर आएंगे। ‘मिर्जापुर’ फिल्म को लेकर प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने कहा ‘हमारे लिए एक बार फिर से अपने दर्शकों के लिए मिर्जापुर को बड़े पर्दे पर नए चैप्टर संग लाने का अनुभव शानदार है। तीन सफल सीजन के साथ सीरीज दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय है। कालीन भैया, गुड्डू भैया और मुन्ना भैया जैसे कलाकार आज घर-घर में लोकप्रिय हैं। फिल्म का निर्माण अमेजन एमजीएम स्टूडियो और एक्सेल एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। प्राइम वीडियो इंडिया के कंटेंट निदेशक मनीष मेघानी ने कहा हमारा मानना है कि इस तरह की अहम सीरीज को फिल्म में बदलना निस्संदेह इसे और भी अधिक मनोरंजक बना देगा, जिससे दर्शक खुद को मिर्जापुर की दुनिया में पहले की तरह खोया पाएंगे। उन्होंने कहा हम एक बार फिर शानदार सिनेमाई अनुभव देने के लिए तत्पर हैं, जो प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा। हमें अपने दर्शकों के पसंद के कंटेंट को तैयार करने में गर्व महसूस होता है। हम मिर्जापुर को सिनेमाघरों में उतारने के लिए उत्साहित हैं, जो दर्शकों को एक रोमांचक सिनेमाई अनुभव देगा।   recent visitors 65

लखनऊ की होटलों को उड़ाने की मिल रही धमकिया, पुलिस हाई अलर्ट पर, चलाया रही चेकिंग अभियान

लखनऊ राजधानी लखनऊ में दूसरे दिन सोमवार को भी पुलिस को मेल पर होटलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस पर पुलिस ने शहर के विभिन्न होटलों में चेकिंग अभियान चलाया। इससे पहले रविवार को भी धमकी मिलने के बाद पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक होटलों में जांच की थी। हालांकि रविवार को जांच के बाद धमकी महज अफवाह निकली थी। लेकिन सोमवार को भी धमकी मिलने के बाद पुलिस ने पहले से अधिक संजीदगी के साथ जांच की। पुलिस ने होटल ताज सहित विभिन्न होटलों में जांच की।  recent visitors 81