Thursday, July 9, 2026 10:44 pm

चुनाव हुए रोमांचक: वर्ली सीट पर आदित्य ठाकरे की अग्नि परीक्षा, शिंदे ने मिलिंद देवड़ा को उतारकर रचा ‘चक्रव्यूह’

नई दिल्ली महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की लड़ाई रोमांचक होती जा रही है। वर्ली सीट से शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे चुनावी ताल ठोक रहे हैं। वह पिछली बार भी इसी सीट से निर्वाचित हुए थे। हालांकि, इस बार उनकी राह आसान नहीं दिख रही। एकनाथ शिंदे की पार्टी शिवसेना ने उनके सामने मिलिंद देवड़ा को उतारा है। वर्ली विधानसभा एक हाईप्रोफाइल सीट है। इस सीट से साल 2019 में आदित्य ठाकरे ने बाजी मारी थी। वह बात शिवसेना में फूट से पहले की थी। उस दौरान उन्होंने शिवसेना प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और उन्हें 89,248 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रत्याशी सुरेश माने रहे थे, जिन्हें 21,821 वोट मिले थे। आदित्य ठाकरे ने करीब 67 हजार वोटों के साथ जीत हासिल की थी। साल 2019 की तुलना में अब महाराष्ट्र की सियासत में भी काफी बदलाव आया है। यहां शिवसेना के दो गुट हैं। एक गुट का नेतृत्व उद्धव ठाकरे करते हैं, जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व एकनाथ शिंदे करते हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने आदित्य ठाकरे के खिलाफ मिलिंद देवड़ा को टिकट दिया है। वर्ली विधानसभा सीट, मुंबई दक्षिण लोकसभा में आती है। इस क्षेत्र को देवड़ा परिवार का गढ़ माना जाता है। शिंदे ने आदित्य ठाकरे की घेराबंदी करने के लिए मिलिंद देवड़ा जैसे मजबूत चेहरे पर दांव चला है। मिलिंद का राष्ट्रीय राजनीति में कद काफी ऊंचा हैं, वह शिवसेना में शामिल होने से पहले कांग्रेस में थे। वह 14वीं और 15वीं लोकसभा में मुंबई दक्षिण लोकसभा का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। वर्ली सीट के समीकरण की बात करें तो यह मुंबई शहर में स्थित 10 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। वर्ली विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग ढाई लाख से अधिक है। यहां पुरुष और महिला वोटर हार-जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही अल्पसंख्यक मतदाता भी काफी अहम रोल अदा करते हैं। recent visitors 128

दिल्ली-एनसीआर में सांसों पर संकट, AQI 350 के पार, आंखों में जलन की शिकायत कर रहे लोग

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। हालांकि इसमें पिछले दिन की तुलना में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह 7:30 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 328 तक रहा। जबकि दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 206, गुरुग्राम 195, गाजियाबाद में 252, ग्रेटर नोएडा में 248 और नोएडा में 267 तक रहा। राजधानी दिल्ली के अधिकतर इलाकों में एक्यूआई लेवल 300 से 400 के बीच दर्ज किया गया। इसमें अलीपुर में 335, आनंद विहार में 357, अशोक विहार में 361, आया नगर में 336, बवाना में 367, बुराड़ी क्रॉसिंग में 362, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 334, द्वारका सेक्टर 8 में 331, आईजीआई एयरपोर्ट में 316, आईटीओ में 326, जहांगीरपुरी में 366, लोधी रोड में 307 और मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 348 एक्यूआई दर्ज किया गया है। इनके अलावा मंदिर मार्ग में 341, मुंडका में 366, नजफगढ़ में 325, नॉर्थ कैंपस डीयू में 323, पटपड़गंज में 337, पंजाबी बाग में 358, पूषा में 321, आरके पुरम में 362, रोहिणी में 356, शादीपुर में 304, सीरी फोर्ट में 337, सोनिया विहार में 364, अरविंदो मार्ग में 320 और वजीरपुर में 362 एक्यूआई रहा। वहीं दिल्ली के सात इलाकों में एक्यूआई का लेवल 200 से 300 के बीच में दर्ज किया गया। इसमें चांदनी चौक में 237, डीटीयू में 275, दिलशाद गार्डन में 226, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 287, लोधी रोड में 286, नरेला में 298 और एनएसआईटी द्वारका में 286 तक एक्यूआई रहा। वहीं अगर एक दिन पहले की बात करें तो रविवार को यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब श्रेणी में था और सुबह के समय पर आकाश में धुंध भी देखने को मिली था। केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली में रविवार सुबह 7:30 बजे तक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 352 दर्ज किया गया था।   recent visitors 81

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में 2216 बच्चों को कराया गया स्वर्णप्राशन, 300 बच्चों को पांच दवाओं से निर्मित बाल रक्षा किट भी दिए गए

रायपुर बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय, रायपुर में गुरुवार को 2216 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। विभिन्न रोगों से रोकथाम एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए 300 बच्चों को पांच दवाईयों से बने बाल रक्षा किट भी वितरित किए गए। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया। शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक सुइफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुवेर्दी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है। महाविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग की व्याख्याता डॉ. सत्यवती राठिया तथा स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802, 8 जुलाई को 1342, 3 अगस्त को 1370, 30 अगस्त को 1660 और 26 सितम्बर को 2046 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था। recent visitors 59

गाजा के अस्पताल में छापेमारी के दौरान हमास के 100 ऑपरेटिव को हिरासत में लिया: आईडीएफ

तेल अवीव इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने सोमवार को उत्तरी गाजा के एक अस्पताल पर छापा मारा और कथित तौर पर अंदर छिपे लगभग 100 हमास ऑपरेटिव को हिरासत में लिया। आईडीएफ के अनुसार, अस्पताल खाली कराने के दौरान करीब 40 ऑपरेटिव को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद नौसेना की एलीट 'शायेटेट 13' कमांडो यूनिट ने छापा मारा। इसके बाद दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया। आईडीएफ ने कहा, "सैनिकों ने जबालिया में कमाल अदवान अस्पताल में हमास के 'आतंकी गढ़' के खिलाफ सटीक अभियान चलाया और नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचने दिया।" बयान के अनुसार, तलाशी लेने से पहले सैनिकों ने नागरिकों को अस्पताल से बाहर जाने दिया। आईडीएफ ने 'शायेटेट 13' कमांडो के बॉडी कैमरों से वीडियो फुटेज भी जारी की, जिसमें अस्पताल और हिरासत में लिए गए लोगों के स्कैन दिखाए गए। आईडीएफ के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों में 7 अक्टूबर के हमले के संदिग्ध शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर अस्पताल में शरण ली थी। बयान में कहा गया, "सैनिकों ने परिसर से लगभग 100 ऑपरेटिव को पकड़ा, जिनमें वे भी शामिल थे जिन्होंने नागरिकों को निकालने के दौरान भागने की कोशिश की। अस्पताल के अंदर और आस-पास के क्षेत्र में उन्हें हथियार, आतंकी फंड और खुफिया दस्तावेज मिले।" आईडीएफ ने आरोप लगाया कि हमास ने गाजा में अस्पतालों का इस्तेमाल बंधकों को रखने, हमलों को अंजाम देने और हथियार और विस्फोटकों को इक्ट्ठा करने सहित अन्य कामों के लिए बार-बार किया है। सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार व्यक्तियों को आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ ले लिया। आईडीएफ ने इस बात पर जोर दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार हमास के खिलाफ अपने अभियान जारी रखेगा, तथा नागरिकों को नुकसान से बचाने का प्रयास करेगा। recent visitors 81

ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों के बारे में हर्षित राणा ने गेंदबाजों से बहुत कुछ सीखा और होमवर्क किया

नई दिल्ली  भारत की ऐतिहासिक 2020-21 टेस्ट सीरीज जीत हर किसी को याद है। इस दिन एक युवा क्रिकेटर हर्षित राणा ने एक सपना देखा था, जो अब तीन साल बाद हकीकत बनने वाला है। भारत की 18 सदस्यीय टीम में तीन अनकैप्ड खिलाड़ियों में से एक हर्षित राणा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए टीम में शामिल हैं। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार परफॉर्मेंस के बाद राणा की यात्रा उनके समर्पण को दर्शाती है। उम्मीद है कि अनुभवी खिलाड़ियों और गौतम गंभीर की कोचिंग में वह इस मौके को पूरी तरह भुनाने में सफल होंगे। आईपीएल 2024 के बाद से राणा भारतीय टीम का अभिन्न अंग रहे हैं, वह लगातार टीम के साथ यात्रा करते रहे हैं और उन्होंने अच्छा अनुभव हासिल किया है। जिम्बाब्वे, श्रीलंका और बांग्लादेश के दौरों के दौरान डेब्यू न करने के बावजूद, राणा ने जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे शीर्ष भारतीय खिलाड़ियों के साथ अपने कौशल को निखारा है। उन्होंने खासकर ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों के बारे में इन गेंदबाजों से बहुत कुछ सीखा और होमवर्क किया होगा। आईपीएल के जरिए राणा ने अपने कौशल को खूब निखारा है। उन्होंने 2024 में 13 मैचों में 19 विकेट लिए और 20.15 के प्रभावशाली औसत के साथ सबका ध्यान खींचा। इस प्रदर्शन के कारण उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर टी20 के लिए भारत की ओर से शुरुआती कॉल-अप मिला। हालांकि, वह प्लेइंग-11 में शामिल नहीं हो पाए लेकिन यह अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। भारत के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल से सीखते हुए, राणा ने प्रत्येक सत्र के लिए अलग-अलग लक्ष्यों के साथ अपने कौशल को निखारने पर ध्यान केंद्रित किया। राणा ने कहा, “मोर्ने मोर्कल हम पर कड़ी नजर रखते हैं और प्रत्येक गेंदबाज नेट पर क्या कर रहा है, इस पर उनका फोकस हमेशा रहता है। वह हमेशा हमें बताते हैं कि हमें प्रत्येक गेंद पर क्या लक्ष्य रखना चाहिए। इससे मुझ स्पष्टता मिलती है कि मुझे आगे क्या करना है। उन्होंने मुझे हर गेंदबाजी सत्र के लिए एक स्पष्ट उद्देश्य रखने की सलाह दी है। टीम के इतने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलना शानदार होगा। कोच गौतम गंभीर से भी हमें बहुत कुछ सीखने मिलता है।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे तब पता चला कि मैं ऑस्ट्रेलिया जा रहा हूं जब टीम की आधिकारिक घोषणा की गई। लेकिन मुझे इस बात का संकेत था कि मेरा चयन हो सकता है क्योंकि उन्होंने मुझे तैयारी के लिए टीम में रखा था। ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुना जाना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मैं प्रतिस्पर्धी रवैये के साथ क्रिकेट खेलना पसंद करता हूं, जो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की भावना से मेल खाता है। जबकि मेरे पिता का सपना है कि मैं इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलूं, व्यक्तिगत रूप से, मैं एक टीम के रूप में ऑस्ट्रेलिया का सामना करने के लिए अधिक आकर्षित महसूस करता हूं। मुझे इस दौरे के लिए टीम में अपना नाम देखकर गर्व है।” हर्षित ने अपना पहला टेस्ट मैच अपने पिता प्रदीप राणा को समर्पित किया, जिन्होंने हैमर थ्रो और भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) में सीआरपीएफ का प्रतिनिधित्व किया था। हर्षित ने अपने पिता के त्याग को याद किया। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा कहता हूं कि मैं अपने पिता का आभारी हूं। जब मैं चोटों के कारण निराश था, तो उन्होंने ही मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, कभी मुझे टूटने नहीं दिया। वह हमेशा मुझसे कहते थे कि अगर यह आज नहीं हुआ, तो कल होगा और अगर कल नहीं हुआ, तो परसों होगा। भले ही यह कभी न हो, फिर भी उन्हें मेरी कड़ी मेहनत पर हमेशा गर्व रहा। मेरे लिए उनके शब्द बहुत मायने रखते हैं।”     recent visitors 109

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दिया घुमका के ग्रामीणों को नगर पंचायत बनाने का आश्वासन

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राजनांदगांव जिले के घुमका ग्राम पंचायत की सरपंच, पंचों और ग्रामीणों की मांग पर घुमका को नगर पंचायत बनाने का आश्वासन दिया है। उप मुख्यमंत्री साव से रायपुर स्थित उनके निवास पर घुमका की सरपंच फूलमती वर्मा ने अपने पंचों और ग्रामीणों के साथ मुलाकात कर घुमका को नगर पंचायत बनाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि गांववाले काफी दिनों से इसकी मांग कर रहे हैं। गांव की आबादी छह हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री को गांववालों की तरफ से आवेदन सौंपते हुए इसके लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री साव ने ग्रामीणों की मांग और उनकी भावनाओं को देखते हुए घुमका ग्राम पंचायत के जल्द ही नगर पंचायत के रूप में उन्नयन का आश्वासन दिया। recent visitors 65

रेल व महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने की कमजोर बच्चों के लिए संशोधित एसओपी लॉन्च

रायपुर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। महिलाओं और बच्चों के लिए रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने में भारतीय रेल के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने रेलवे को आश्वासन दिया है कि महिलाओं और बच्चों के लिए रेल यात्रा को सुरक्षित बनाने के उसके प्रयासों में फंडिंग बाधा नहीं बनेगी। देशभर में रेल परिसरों में पाए जाने वाले कमजोर बच्चों की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक पहल में, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से 25 अक्टूबर, 2024 को नई दिल्ली के रेल भवन में अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शुरू की है। यह व्यापक एसओपी भारतीय रेल के संपर्क में आने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए मजबूत ढांचे की रूपरेखा तैयार करती है। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने के दौरान, एमओडब्ल्यूसीडी के सचिव अनिल मलिक ने उन्नत रेल स्टेशनों पर सीसीटीवी और चेहरा पहचान तकनीक स्थापित करने जैसे उपायों के माध्यम से किशोरों की सुरक्षा बढ़ाने की पहल के लिए भारतीय रेल की सराहना की। प्रतिदिन 2.3 करोड़ से अधिक लोग रेल से यात्रा करते हैं, जिनमें 30 प्रतिशत महिलाएं भी शामिल हैं-जिनमें से कई अकेले यात्रा करती हैं झ्र ऐसे में कमजोर समूहों, विशेष रूप से किशोरों की सुरक्षा की तत्काल आवश्यकता है, जो मानव तस्करों द्वारा शोषण का जोखिम उठाते हैं। कार्यक्रम में, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मानव तस्करी विरोधी इकाइयों (एएचटीयू) को मजबूत करने के महत्व पर एमओडब्ल्यूसीडी अधिकारियों को जानकारी दी और असम, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से तस्करी को रोकने और यात्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर इन इकाइयों को स्थापित करने का आग्रह किया। आरपीएफ यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत सक्रिय भूमिका निभा रही है कि उसके परिसर का उपयोग मानव तस्करों द्वारा बच्चों को लाने- ले जाने को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाए। आरपीएफ ने पिछले पांच वर्षों में 57,564 बच्चों को तस्करी से बचाया है। इनमें 18,172 लड़कियां थीं। इसके अलावा बल ने यह सुनिश्चित किया कि इनमें से 80 प्रतिशत बच्चे अपने परिवारों से मिल जाएं। 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्तेझ्के तहत, आरपीएफ ने पूरे रेल नेटवर्क में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रित पहलों की श्रृंखला शुरू की है। बाल तस्करी की निरंतर चुनौती को पहचानते हुए, आरपीएफ के "ऑपरेशन एएएचटी" ने 2022 से2,300 से अधिक बच्चों को बचाने और 674 तस्करों को पकडने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि तस्करी और शोषण से निपटने के लिए आरपीएफ के अथक समर्पण को रेखांकित करती है। recent visitors 87