डाटाबेस प्रबंधन में अवसर

किसी भी कंपनी के लिए उनके डाटाज बेहद महत्वपूर्ण होते है। इन डाटा को सुरक्षित और अपडेट करने के डाटाबेस प्रबंधन की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। आखिर क्या है इनकी भूमिका? क्या आपकी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से हुई है, जिनके पास कंपनी से संबंधित सारे डाटाज उपलब्ध हों। यदि हां, तो आपकी मुलाकात अब तक किसी ऐसे डाटाबेस प्रबंधक से हो गई होगी, जिनका प्रमुख काम होता है कंपनी की छोटी-छोटी गतिविधियों का ब्योरा रखना और उस ब्योरे से संबंधित डाटा को लगातार अपडेट करते रहना। दरअसल, डाटाबेस प्रबंधन द्वारा अपडेट किए जाने वाले डाटाज पर ही किसी भी संस्था के महत्वपूर्ण निर्णय निर्भर करते हैं। देखा जाए, तो इनका काम बेहद महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ चुनौतिपूर्ण भी होता है, क्योंकि उन्हें अपने डाटाज को लगातार अपडेट करना होता है। दरअसल, वे इस तरह का काम कंपनी की बेहतरी के लिए करते हैं और इसके लिए उन्हें बाजार की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर भी रखनी पड़ती है। गौरतलब यह है कि डाटाबेस कुल मिलाकर एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें जानकारियों को स्टोर किया जाता है। क्या आपको डाटाज मेंटेन करना अच्छा लगता है? अगर हां, तो आप इसे करियर के रूप में चुन सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको कम्प्यूटर लैंग्वेज की जानकारी होनी चाहिए। जॉब पर रखें नजर:- वैसे, ऑरकल सर्टिफाइड असोसिएट (ओसीए) सर्टिफिकेशन के साथ इस क्षेत्र में फ्रेशर्स को भी आसानी से प्रवेश मिल जाता है। शुरुआती दौर में इन्हें लगभग 2-4 लाख रुपये सालाना मिल जाते हैं। दरअसल, 10 से 15 डेवलॅपर्स पर एक डेवलॅपमेंट डाटाबेस ऐडमिनिस्ट्रेटर की आवश्यकता होती है। आज जिस तरह से ज्योग्रफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आदि जैसे क्षेत्रों का विकास हो रहा है, उससे इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं निरंतर बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही आपके पास कई और विकल्प भी हैं, जिन पर भी गौर किया जा सकता है। इसके अलावा, आप डाटाबेस एनालिस्ट के रूप में भी कार्य कर सकते है। ये योग्यताएं हैं जरूरी… ऑरकल पीएल की जानकारी आवश्यक है। पीएल-एसक्यूएल स्टोर्ड प्रोसिड्योर, ट्रीगर्स आदि को डेवलॅप करने की जानकारी। डाइनेमिक एसक्यूएल और जिन्हें असाधारण परिस्थितियों को संभालना अच्छी तरह आता हो। अच्छी कम्युनिकेशन और मैनेजमेंट स्किल। यदि आपके पास ये योग्यताएं हैं, तो डाटाबेस प्रबंधन के रूप में आपका भविष्य सुरक्षित और बेहतर हो सकता है।   recent visitors 137

रिपोर्ट: वित्त वर्ष 2025 में भारत का सेवा निर्यात 9.8% बढ़कर 180 अरब डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली भारत के सेवा क्षेत्र ने अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है, जिसमें सेवाओं के निर्यात में 9.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 180 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। वहीं, सेवाओं के आयात में भी 9.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 62.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह जानकारी बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट में दी गई है। इस वृद्धि के परिणामस्वरूप, सेवाओं का व्यापार संतुलन 82.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है। हालांकि, सेवाओं के निर्यात और आयात में क्रमिक वृद्धि मामूली रही है। चालू खाता घाटा (CAD) वित्त वर्ष 2025 (FY25) के लिए चालू खाता घाटा 1 प्रतिशत से 1.2 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। स्थिर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और मजबूत विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) प्रवाह, जो कि अनुकूल ब्याज दरों और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करने के लिए नीतियों द्वारा समर्थित हैं, बाहरी खाते का समर्थन करेंगे। निर्यात में संभावित बाधाएं मौद्रिक नीति में ढील के शुरू होने में देरी निर्यात सुधार को बाधित कर सकती है, लेकिन मौलिक अर्थशास्त्रीय कारक व्यापार में मध्यम अवधि में सुधार के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ दिखाते हैं। आने वाले महीनों में व्यापार घाटे पर ऊपर की ओर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि आयात की वृद्धि निर्यात में धीरे-धीरे सुधार से अधिक हो सकती है। व्यापार घाटे की स्थिति सितंबर में सुधार के बावजूद, वित्त वर्ष 2025 के पहले छह महीनों के लिए व्यापार घाटा अधिक है, जो संभावित चुनौतियों का संकेत देता है। वित्त वर्ष का दूसरा आधा भाग (H2FY25) आमतौर पर मौसमी कारकों के कारण निर्यात गतिविधियों में वृद्धि देखता है, लेकिन पूर्ण सुधार वैश्विक आर्थिक स्थितियों पर निर्भर करेगा, जो अभी भी अनिश्चित हैं। आयात में कमी इस सुधार का मुख्य कारण सोने के आयात में भारी गिरावट है, जो पिछले महीने 10.1 अरब डॉलर से घटकर 4.4 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में (H1FY25) व्यापार घाटा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 119.2 अरब डॉलर की तुलना में 137.4 अरब डॉलर तक पहुँच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से तेजी से बढ़ते आयात के कारण हुई है, जो निर्यात में मामूली सुधार से अधिक है। निर्यात का आंकड़ा अप्रैल से सितंबर की अवधि में निर्यात में केवल 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 213.2 अरब डॉलर तक पहुंचा है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में 8.9 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले महत्वपूर्ण सुधार है। वृद्धि का नेतृत्व फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग वस्त्र, और रसायनों जैसे क्षेत्रों ने किया है। हालांकि, कृषि और संबंधित उत्पादों के निर्यात महंगाई के दबाव के कारण कमजोर बने रहे हैं। आयात का रुख महत्वपूर्ण गैर-तेल और गैर-सोने के आयात में, गैर-धातु धातुएं, पूंजी वस्तुएं, और इलेक्ट्रॉनिक्स में मजबूत वृद्धि बनी हुई है, जो पूंजी निवेश और उपभोक्ता खर्च की मांग को दर्शाती है। दलहन का आयात भी बढ़ा है, जो घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए है। भविष्य की चुनौतियाँ हालांकि, आयात का मार्ग upward रहने की उम्मीद है, जो औद्योगिक इनपुट और धातुओं की वैश्विक कीमतों में वृद्धि से प्रेरित है। वैश्विक मांग, विशेषकर यूरोजोन और चीन में, नरम बनी हुई है, जबकि तेल की कीमतों में अस्थिरता आयात बिल को और बढ़ा सकती है। महंगाई के दबाव, घरेलू मांग में वृद्धि, और त्योहारों के दौरान सोने की कीमतों में स्थिरता व्यापार संतुलन पर दबाव डाल सकती है। इसके अतिरिक्त, अगर भारतीय रुपया कमजोर रहता है, तो आयातित महंगाई के जोखिम बढ़ सकते हैं।   recent visitors 215

जमीन विवाद के चलते खूनी संघर्ष: गोलीबारी और धारदार हथियारों से हमले में एक की मौत, कई घायल

Bloody conflict due to land dispute: One dead, many injured in firing and attack with sharp weapons मुरैना में जमीन विवाद को लेकर गोलिया चल गईं। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर फरसे और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। विवाद में तीन लोगों को गोलियां लगी हैं, एक बुजुर्ग की मौके हो गई, अन्य अस्पताल में भर्ती हैं। मुरैना। नूराबाद थाना क्षेत्र के बित्तौली पुरा गांव में शुक्रवार की सुबह खेत जोतने गए एक ही परिवार के पांच लोगों पर लभनपुरा गांव के दूसरे पक्ष ने ताबड़तोड़ फायर की, इसके बाद कुल्हाड़ी फरसों से हमला कर दिया। इस हमले में तीन लोगों गोली लगी, वहीं दो कुल्हाड़ी-फरसे के हमले में घायल हो गए।गोली लगने से एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, अन्य घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर अस्पताल ले जाया गया है। विवाद के पीछे बित्तौलीपुरा व लभनपुरा गांव के बीच में स्थित पांच बीघा जमीन है। जिसको लेकर दोनों पक्षों में पूर्व से कहासुनी चली आ रही थी। पुलिस अब आरोपितों की तलाश में जुट गई है। जमीन को लेकर चल रहा था विवाद जानकारी के मुताबिक बित्तौलीपुरा निवासी श्रीकृष्णा गुर्जर के परिवार का लभनपुरा के पूर्व सरपंच बुलाखी गुर्जर के परिवार से दोनों गांव के बीच स्थित पांच बीघा जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। अब बोवनी का समय है, तो फिर से यह विवाद गर्मा गया और दो दिन से कहासुनी भी हो रही थी। खेत जोतने के दौरान हुआ हमला शुक्रवार की सुबह आठ बजे श्रीकृष्णा गुर्जर उसके परिवार के देशराज गुर्जर , करतार सिंह , अंकुर, विशंभर सिंह इस खेत को जोतने के लिए गए थे। इसी बीच वहां बुलाखी गुर्जर अपने परिजनों के साथ लाठी फरसे और बंदूकों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। श्रीकृष्णा गुर्जर व उसके स्वजन को खेत जोतता देख बुलाखी व उसके स्वजन ने ताबड़ताेड़ फायरिंग कर दीं। तीन को गोली लगी, दो फरसे से घायल गोलीबारी में एक गोली श्रीकृष्णा गुर्जर के सीने में लगी, देशराम के बांये कंधे पर लगी और अंकुर गुर्जर की पीठ में गोली लगी। वहीं करतार व विशंभर फरसों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली लगने से श्रीकृष्णा गुर्जर ने मौके पर दम तोड़ दिया। बाकी घायलों को सीधे ही ग्वालियर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई। पुलिस अभी इस मामले में आरोपितों पर मामला दर्ज कर रही है। धारदार हथियारों से किया हमला, चार हुए घायल बागचीनी थाना क्षेत्र के घुर्रा गांव में गुरूवार की शाम को विवाद के चलते एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में चार लोग घायल हुए। जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक घुर्रा गांव निवासी शाहरूख खान का गांव के ही जफर खान से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी कहासुनी पर जफर व उसके स्वजन ने शाहरूख पर हमला कर दिया। बचाव में शाहरूख के स्वजन इंतो खां, साबिर व उम्मेद खान आए तो उन पर भी आरोपितों ने धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में शाहरूख की फरियाद पर आरोपित जफर खान, हनीफ, पप्पन व सागीर खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। recent visitors 252

योगी सरकार की नई योजना से होगी 8 लाख की कमाई, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूटूबर को फायदा

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल दुनिया में रोजगार के नए दरवाजे खोलते हुए एक नई सोशल मीडिया पॉलिसी की घोषणा की है। इसके तहत सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स अब राज्य की कल्याणकारी योजनाओं और अन्य पहल का प्रचार करके हर महीने 8 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं और डिजिटल क्रिएटर्स के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। इसी के साथ-साथ सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में मदद करेगी। इस पॉलिसी में क्या है खास? दरअसल, यूपी सरकार ने एक नई सोशल मीडिया पॉलिसी की घोषणा की है। इस पॉलिसी का मकसद न केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना है, बल्कि राज्य के युवाओं और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को एक मौका देना है, जिसके तहत वे सरकारी योजनाओं और पहल को प्रमोट करके हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं। यह पॉलिसी फेसबुक, एक्स (ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगी, जिससे डिजिटल दुनिया में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इंफ्लुएंसर्स के लिए सुनहरा मौका इस पॉलिसी के तहत सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के लिए पैसे मिलेंगे। खास बात यह है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इंफ्लुएंसर्स के फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया है, जिसके अनुसार उनकी अधिकतम कमाई तय की गई है। एक्स (ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम – अधिकतम भुगतान: ₹5 लाख प्रति माह (X) – अधिकतम भुगतान: ₹4 लाख प्रति माह (फेसबुक) – अधिकतम भुगतान: ₹3 लाख प्रति माह (इंस्टाग्राम) – अधिकतम भुगतान: ₹2 लाख प्रति माह (कम फॉलोअर्स के लिए) यूट्यूब – अधिकतम भुगतान: ₹8 लाख प्रति माह (वीडियो, शॉर्ट्स, और पॉडकास्ट के लिए) – अन्य श्रेणियों में ₹7 लाख, ₹6 लाख और ₹4 लाख प्रति माह तक की कमाई हो सकती है। इंफ्लुएंसर्स को सरकारी योजनाओं के वीडियो, ट्वीट्स, पोस्ट्स और रील्स को सोशल मीडिया पर शेयर करना होगा, जिसे ‘V-Form’ नामक एक डिजिटल एजेंसी संभालेगी। यह एजेंसी इस पूरी प्रक्रिया को मैनेज करेगी, जिससे इंफ्लुएंसर्स को सीधे भुगतान मिलेगा। कैसे बन सकते हैं इसका हिस्सा? अगर आप एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं और इस पॉलिसी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा। सोशल मीडिया अकाउंट्स की श्रेणीः आपको पहले यह तय करना होगा कि आपके फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर्स की संख्या किस कैटेगरी में आती है। एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब के लिए अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई हैं, जिसके आधार पर आपकी कमाई तय होगी। रजिस्ट्रेशन: इस स्कीम का हिस्सा बनने के लिए आपको सरकार द्वारा नामित एजेंसी ‘V-Form’ के माध्यम से रजिस्टर करना होगा। इसके लिए आपको अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी, फॉलोअर्स की संख्या और कंटेंट के नेचर को सबमिट करना होगा। कॉन्टेंट की अपलोडिंगः रजिस्ट्रेशन के बाद आपको सरकारी योजनाओं से जुड़े वीडियो, पोस्ट्स, रील्स या पॉडकास्ट को अपने प्लेटफार्म पर अपलोड करना होगा। इन पोस्ट्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनकी लाभकारी पहल को जनता के सामने लाना होगा। अधिकतम कमाई: जैसे-जैसे आपके फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स बढ़ेंगे, वैसे-वैसे आपकी कैटेगरी भी बढ़ेगी, जिससे आप हर महीने 8 लाख रुपये तक कमा सकते हैं। यूट्यूब पर कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है, जहां वीडियो, शॉर्ट्स और पॉडकास्ट के माध्यम से उन्हें सबसे अधिक कमाई का मौका मिलेगा। सिस्टम से जुड़े लोगों का मानना है कि यह पॉलिसी केवल सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को ही नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों को लाभान्वित करने वाली है। इसके माध्यम से सरकारी योजनाओं को तेजी से और प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाया जा सकेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी कम पहुंच पाती है, इस पॉलिसी के जरिए उन्हें सरकारी लाभों के बारे में पता चलेगा। फर्जी खबरों पर भी लग सकेगी रोक! इस पॉलिसी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी और भ्रामक खबरों पर भी अंकुश लगाएगी। इसके तहत सरकार ने नियम बनाए हैं, जिसमें किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक, राष्ट्र-विरोधी या समाज-विरोधी कंटेंट पोस्ट करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फर्जी खबरों, नफरत फैलाने वाले संदेशों और समाज को भड़काने वाले कंटेंट पर सरकार की नजर रहेगी और उचित जरूरी उठाए जाएंगे। recent visitors 134

भारत-चीन सीमा विवाद: पूर्वी लद्दाख में गश्त बहाल, तनाव घटाने की दिशा में बड़ा कदम

Step towards peace in Eastern Ladakh: Indian Army resumes patrolling in Demchok, sweets exchanged on Diwali पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले प्रमुख बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने के कुछ ही दिनों बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार (1 नवंबर 2024) को डेमचोक में गश्त फिर से शुरू कर दी। सेना के सूत्रों ने इसे भारत-चीन संबंधों में स्थिरता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया है। सूत्रों के अनुसार, डेमचोक में गश्त शुरू हो चुकी है, और जल्द ही भारतीय सेना देपसांग में भी गश्त पर लौटेगी। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत सैनिकों ने टकराव वाले बिंदुओं से पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की थी। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति को बहाल करना है, जब लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में तनाव गहरा गया था। दिवाली पर सीमा पर मिठाईयों का आदान-प्रदान समझौते के ठीक एक दिन बाद, दिवाली के अवसर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विभिन्न सीमा बिंदुओं पर भारतीय और चीनी सैनिकों ने मिठाईयों का आदान-प्रदान किया। इसे दोनों देशों के बीच सामंजस्यपूर्ण संबंध की एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इस परंपरागत आदान-प्रदान में दोनों पक्षों में सौहार्द और मित्रता का माहौल देखने को मिला। गलवान झड़प के बाद चार साल से जारी गतिरोध में सफलता जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था और पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध जारी था। लेकिन विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, हाल ही में हुई बातचीत के बाद दोनों देशों ने गतिरोध समाप्त करने के एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति जताई है। इस समझौते को 2020 में उत्पन्न हुए मुद्दों को हल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। गश्त की बहाली से अप्रैल 2020 से पहले की स्थिति की ओर वापसी सेना के सूत्रों का कहना है कि गश्त बहाली के लिए स्थानीय स्तर पर कमांडरों के बीच बातचीत जारी रहेगी। इसके साथ ही भारतीय सेना अप्रैल 2020 से पहले की गश्त वाली स्थिति और स्तर को बहाल करने का प्रयास करेगी। सत्यापन प्रक्रिया चल रही है और गश्त के तरीकों पर चर्चा और निर्णय हो रहे हैं। भारत-चीन के बीच यह प्रगति दोनों देशों के बीच शांति और सामंजस्य बढ़ाने का एक कदम है, जो आने वाले समय में स्थिरता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। recent visitors 138

अल्ट्राटेक सीमेंट को दूसरी तिमाही में 825 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ

नई दिल्ली अग्रणी सीमेंट उत्पादक कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड का जुलाई-सितंबर तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ घटकर 825.18 करोड़ रुपये रहा है। आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ने शेयर बाजार को यह जानकारी दी। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 1,280.38 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया था। कंपनी ने कहा कि व्हाइट सीमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स पीएससी (आरएकेडब्ल्यू) के लिए यूएई स्थित रास अल खालमा कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाकर 54.79 प्रतिशत किए जाने से उसके तिमाही नतीजों की तुलना पिछले वर्ष की समान अवधि के साथ नहीं की जा सकती है। अल्ट्राटेक ने कहा, ‘‘अतिरिक्त हिस्सेदारी के अधिग्रहण से आरएकेडब्ल्यू 10 जुलाई, 2024 से अनुषंगी कंपनी बन गई है। इन परिणामों में आरएकेडब्ल्यू के 10 जुलाई से प्रभावी वित्तीय परिणाम शामिल हैं लिहाजा सितंबर तिमाही और पहली छमाही के आंकड़ों की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती है।’’ आलोच्य अवधि में अल्ट्राटेक का परिचालन राजस्व 15,634.73 करोड़ रुपये था जो एक साल पहले इसी अवधि में 16,012.13 करोड़ रुपये था। सितंबर तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 14,837.44 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कंपनी की कुल आय, जिसमें अन्य आय शामिल है, 15,855.46 करोड़ रुपये थी।   recent visitors 129

भाई-बहन के प्यार के प्रतीक दूज का पर्व, जाने तिलक करने का सही नियम

रक्षाबंधन के अलावा भाई दूज के पर्व को भी भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। जिस प्रकार रक्षाबंधन के दिन बहनें अपनी भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई जीवनभर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। ठीक उसी तरह भाई दूज के दिन भी भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वजन उन्हें देते हैं। हालांकि इस दिन राखी नहीं बांधी जाती है, बल्कि बहनें अपने भाइयों का केवन तिलक करती हैं। प्यार के रूप में भाई अपनी बहनों को तोहफा देते हैं। इस बार भाई दूज की तिथि को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। चलिए जानते हैं साल 2024 में 2 नवंबर या 3 नवंबर, किस दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ आपको तिलक करने के शुभ मुहूर्त और नियम के बारे में भी पता चलेगा। 2024 में भाई दूज कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। इस साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का आरंभ 02 नवंबर को रात 08:21 मिनट से हो रहा है, जिसका समापन अगले दिन 03 नवंबर को देर रात 10 बजकर 05 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर भाई दूज का त्योहार 3 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। 03 नवंबर 2024 को तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर बाद 01 बजकर 10 मिनट से लेकर 03 बजकर 22 मिनट तक है। इस अवधि के दौरान बहनें अपने भाई का तिलक कर सकती हैं। भाई दूज पर तिलक करने का तरीका     बहनें भाई दूज के दिन सुबह ही तिलक की थाली तैयार करें।     थाली में फल, फल, कुमकुम, मिठाई, चावल और चंदन जरूर रखें।     शुभ मुहूर्त में ही बहनें अपनी अनामिका यानी छोटी उंगली से भाई के माथे पर कुमकुम या चंदन से तिलक करें।     इसके बाद तिलक के ऊपर चावल लगाएं।     तिलक करने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं।     अंत में बहनें भाई की आरती उतारें।     इसके बाद भाई अपनी बहनों को गिफ्ट दें और उनका आशीर्वाद लें।   recent visitors 138