जबलपुर शहर में यातायात नियंत्रित बना बीमारी, चार चौराहों पर नए सिग्नल लगाने की तैयारी

Traffic management has become a problem in Jabalpur city; preparations are underway to install new signals at four intersections. विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर शहर में यातायात नियंत्रित करने के लिए 23 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं, इसके बावजूद लगभग हर प्रमुख चौराहे पर जाम की स्थिति बन रही है। कहीं सड़क किनारे अतिक्रमण और ठेले-टपरे यातायात की राह रोक रहे हैं, तो कहीं बेतरतीब पार्किंग के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सिग्नल होने के बावजूद कई वाहन चालक लाल बत्ती की अनदेखी कर निकल जाते हैं। इससे यातायात व्यवस्था बिगड़ने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। नियम तोड़ने वालों के चालान भी किए जा रहे हैं, लेकिन सड़क पर व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बरकरार है। यातायात पुलिस के दस्तावेज के अनुसार, नगर निगम ने रानीताल चौक, रामपुर चौक, एकता चौक और बलदेवबाग चौक पर नए ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव दिया है। दूसरी ओर, दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर रोटरी होने के कारण सिग्नल लगाने में बाधा है। इन स्थानों पर यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत है। हालांकि, नए सिग्नल लगाने के प्रस्तावों पर अब तक की कार्रवाई और स्थापना की समयसीमा नहीं है। सिर्फ सिग्नल लगाने से नहीं सुधरेगी व्यवस्थाचौराहों पर यातायात सुधारने के लिए नए सिग्नल लगाने के साथ मौजूदा व्यवस्थाओं को भी प्रभावी बनाना जरूरी है। सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, ठेले-टपरों को निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित करने, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई करने और लाल बत्ती तोड़ने वालों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। चौराहों की बनावट, डिवाइडर, सड़क संकेतक और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्तों की समीक्षा भी जरूरी है। लाल बत्ती तोड़कर निकलते वाहन, बढ़ रहे चालानट्रैफिक सिग्नल लगे होने का उद्देश्य वाहनों की आवाजाही को निर्धारित क्रम में संचालित करना है, लेकिन नियमों की अनदेखी इस व्यवस्था को कमजोर कर रही है। वाहन चालक लाल बत्ती होने के बावजूद चौराहे से निकलने का प्रयास करते हैं। इससे दूसरे मार्ग से आने वाले वाहनों के साथ टकराव का खतरा बढ़ जाता है। दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर बड़ी चुनौतीशहर के दमोहनाका और दीनदयाल चौक पर रोटरी होने के कारण ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करने में दिक्कत है। ऐसे में इन चौराहों पर सड़क की बनावट, यातायात संकेतक, लेन अनुशासन और पुलिस की निगरानी के जरिए यातायात नियंत्रित करने की जरूरत है। नए चौराहों में सिग्नल लगाने के लिए यातायात विभाग ने प्रस्ताव बनाया है लेकिन यह कब तक लगेंगे यह साफ नहीं है। इन चार चौराहों पर नए सिग्नल प्रस्तावितरानीताल चौक : यातायात को नियंत्रित करने के लिए सिग्नल लगाने का प्रस्ताव।रामपुर चौक : वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित करने के लिए नई व्यवस्था की जरूरत।एकता चौक : यातायात प्रबंधन के लिए सिग्नल लगाने की योजना प्रस्तावित।बलदेवबाग चौक : चौराहे पर यातायात नियंत्रण के लिए नए सिग्नल का प्रस्ताव।सिग्नल लगे, लेकिन सड़क पर व्यवस्था नदारद जबलपुर शहर के गोहलपुर चौराहा, ब्लूम चौक, नागरथ चौक, रद्दी चौकी, घमापुर चौक, तीनपत्ती चौक, लेबर चौक, मढ़ाताल तिराहा, नौदरा ब्रिज, उखरी तिराहा, पेंटीनाका, आधारताल तिराहा, अहिंसा चौक, दर्शन तिराहा, सगड़ा तिराहा और जबलपुर अस्पताल तिराहा सहित 23 प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल लगे हैं। इसके बावजूद कई चौराहों पर यातायात का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति बन जाती है। इसकी एक बड़ी वजह सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण और अवैध कब्जे हैं। चौराहों के आसपास ठेले-टपरे लगने और वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है। ऐसे में सिग्नल हरा होने के बाद भी वाहन आसानी से आगे नहीं बढ़ पाते। कुछ स्थानों पर सड़क की बनावट और वाहनों के अनियंत्रित आवागमन से भी परेशानी बढ़ती है। recent visitors 13

हेड कॉन्स्टेबल निकला 6.26 करोड़ की संपत्ति का मालिक, 15 ठिकानों पर लोकायुक्त छापा

Head Constable found to own assets worth ₹6.26 crore; Lokayukta raids 15 locations. इंदौर । इंदौर और देवास जिलों में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह एक पुलिसकर्मी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह कार्रवाई इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने सुबह छह 6 बजे से देवास और इंदौर में स्थित कुल 15 ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग अभियान चलाया। करोड़ों की संपत्ति और अनुपातहीन आय का खुलासाशुरुआती जांच के दौरान आरोपी हेड कॉन्स्टेबल के पास लगभग 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, यह संपत्ति उसकी वैध आय से करीब 223 फीसदी अधिक है। एसपी राजेश सहाय ने जानकारी दी कि आरोपी को वेतन के रूप में लगभग 75 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है और अन्य सभी स्रोतों को मिलाकर उसकी कुल वैध आय करीब 1.93 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस विभाग की आड़ में प्रभाव का दुरुपयोगजांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी फिरोज खान पुलिस विभाग में अपने पद का धौंस जमाकर देवास क्षेत्र के विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में अवैध रूप से हस्तक्षेप करता था। उस पर अन्य लोगों के जरिए जमीनों की खरीद-फरोख्त करने, बेहिसाब संपत्तियों में भारी निवेश करने, परिवार के सदस्यों के अलावा एक परिचित महिला के नाम पर संपत्तियां खरीदने, कई वाहन रखने और लकड़ी का अवैध कारोबार करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। फर्मों के जरिए काले धन का लेन-देन और बेनामी निवेशलोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग कंपनी नाम से एक फर्म संचालित है, जिसके बैंक खातों में करोड़ों रुपये का भारी-भरकम लेन-देन हुआ है। इसके अलावा, आरोपी की परिचित रोशनी वर्मा द्वारा रोशनी सेल्स एंड सर्विस नाम से दूसरी फर्म चलाए जाने की जानकारी भी मिली है। जमीनों की खरीद में इन सभी की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद लोकायुक्त ने इन्हें भी मामले में आरोपी बनाया है। साथ ही, फिरोज खान ने रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट फर्म के माध्यम से रियल एस्टेट सेक्टर में भी भारी निवेश किया है। सांवेर में जमीन के सौदे और ठिकानों पर दबिशजांच के दौरान सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में लगभग 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा एक संदिग्ध मामला भी प्रकाश में आया है। इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता के पुत्र और पिता के बीच विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर आरोपी ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवा लिया था। लोकायुक्त की टीम इस सौदे के दस्तावेजों की गहराई से जांच कर रही है। वर्तमान में देवास में 11 और इंदौर में 4 ठिकानों पर आवासीय मकान, फ्लैट, कृषि भूमि, प्लॉट और व्यावसायिक संपत्तियों की तलाशी जारी है। इस पूरी कार्रवाई में 8 अधिकारियों की टीम बैंक खातों, निवेश के कागजातों और अन्य वित्तीय साक्ष्यों को खंगालने में जुटी हुई है। recent visitors 25

झूले से गिरकर बच्चे का पैर फ्रैक्चर, प्राचार्य और प्रबंधन को कोर्ट का नोटिस।

Child’s leg fractured after falling from a swing, court notice to principal and management. हरिप्रसाद गोहे  आमला। स्कूल परिसर में झूले से गिरकर छात्र का पैर फ्रैक्चर होने का मामला करीब डेढ़ साल बाद न्यायालय पहुंचा है। अप्रैल 2025 में हुई इस घटना में पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर पीड़ित बच्चे के पिता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, आमला के न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन प्राचार्य और स्कूल प्रबंधन प्रमुख को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 के तहत व्यक्तिगत उपस्थिति के नोटिस जारी किए हैं। न्यायालय ने दोनों को आगामी 30 अक्टूबर को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इलाज में खर्च हुए 20 हजार, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप। परिवादी पिता के अनुसार हादसे में उनके बच्चे के पैर में गंभीर फ्रैक्चर हुआ था, जिसके उपचार में लगभग 20 हजार रुपए का खर्च आया। पिता ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों की सुरक्षा में कथित लापरवाही बरतने और हादसे के बाद उपचार खर्च में अपेक्षित सहयोग नहीं देने का आरोप लगाया है। बताया गया कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासन के समक्ष शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पिता ने अधिवक्ता शिवम उपाध्याय के माध्यम से न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। अब न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत संबंधित जिम्मेदारों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के नोटिस जारी किए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा स्कूलों की अहम जिम्मेदारी। निजी स्कूलों की जिम्मेदारी बेहतर शिक्षा देने के साथ बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी है। खेल उपकरणों का सुरक्षित रखरखाव, समय-समय पर मेंटेनेंस और बच्चों की उचित निगरानी बेहद जरूरी है। हालांकि इस मामले में लापरवाही की वास्तविक जिम्मेदारी न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी। यह घटना स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और हादसों की स्थिति में समय पर उचित कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है। recent visitors 15

‘रोज 100 से 300 रुपये की भीख के बदले मिलता है सिर्फ खाना’, बच्चे का वीडियो वायरल

‘Gets only food in exchange for ₹100–₹300 in daily alms’ – video of child from Gwalior goes viral. ग्वालियर। बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के अभियान की पोल खोलता एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ। बैजाताल पर बैठे एक बच्चे से वीडियो में युवक बात कर रहा है जिसमें वह बता रहा है कि रोज 100 से 300 रुपये तक भीख मिलती है जिसे मुखिया को दे देता है और बदले में सिर्फ खाना मिलता है। बच्चे के ऐसे और भी कई साथी है, उसने खुद को फूलबाग पर रहना बताया। इस वीडियो से प्रशासन से लेकर बाल भिक्षावृत्ति रोकने वाले विभागों के अभियान पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पहले इसको लेकर तिराहों व सिग्नलों पर भीख मांगते बच्चों को रेस्क्यू करने का अभियान काफी चला था। ग्वालियर जिले में बाल भिक्षावृत्ति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया था जिसमें इस अभियान में महिला बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई, नेहरू युवा केंद्र और सेंटर फॉर डेवलपमेंट के सदस्य सक्रिय रूप से शामिल थे। इसके बाद बीच-बीच में चलकर यह अभियान अब सक्रिय नहीं दिखता है। वर्तमान में हकीकत यह है कि मंदिरों से लेकर चौराहों व तिराहों के साथ सिग्नलों पर बाल भिक्षावृत्ति आसानी से देखी जा सकती है लेकिन कार्रवाई नहीं होती है। इधर, मालगाड़ी की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की मौतबिरलानगर और रायरू रेलवे स्टेशन के बीच सोमवार सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। रेलवे ट्रैक के पास युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को एंबुलेंस से ले जाया गया। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 6:55 बजे झांसी मंडल के नियंत्रण कक्ष से सूचना मिली कि बिरलानगर-रायरू के बीच किलोमीटर नंबर 1228/21 पर डाउन मालगाड़ी संख्या 156 से दुर्घटना हुई है। सूचना पर बिरलानगर में तैनात रेलवे सुरक्षा बल के आरक्षक धर्मवीर सिंह और नरपाल घटनास्थल पर पहुंचे। वहां रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव पड़ा मिला। मौके पर बिरलानगर स्टेशन के पाइंट्समैन सुनील कुमार भी मौजूद थे। कुछ देर बाद जीआरपी ग्वालियर की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। मृतक की पहचान दीपक चौरसिया, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई। मौके पर पहुंचे उसके चचेरे भाई शिवदत्त ने उसकी पहचान की। हालांकि, घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। मृतक के पास तलाशी के दौरान यात्रा टिकट, पहचान संबंधी दस्तावेज या अन्य सामान नहीं मिला। पंचनामा की कार्रवाई के बाद जीआरपी ने सुबह करीब 10:30 बजे शव को आगे की कार्रवाई के लिए भिजवा दिया। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है। recent visitors 17

जबलपुर में नर्मदा नदी पर बनेगा 150 मीटर लंबा ब्रिज, हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम के सेंसर से होगी निगरानी

A 150-meter-long bridge will be built over the Narmada River in Jabalpur; it will be monitored by sensors from a health monitoring system. विशेष संवाददाता जितेन्द्र श्रीवास्तव अर्पिता श्रीवास्तवजबलपुर। जबलपुर की 114 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड परियोजना का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। लगभग 3500 करोड़ रुपये की इस परियोजना में नर्मदा नदी पर 150 मीटर स्पान पर एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज बनाया जा रहा है। इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, अमझर से बरेला तक के पांचवें पैकेज में करीब 30 प्रतिशत काम हुआ है, जिसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। रिंग रोड बनने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होने और प्रमुख राजमार्गों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। ब्रिज की तकनीकी बारीकियों का निरीक्षणयह जानकारी शनिवार को एनएचएआई के अधिकारियों ने पत्रकारों के साथ रिंग रोड़ निर्माण के निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने बरेला से मनेगांव के बीच नर्मदा नदी पर बन रहे केबल ब्रिज की तकनीकी बारीकियों को देखा और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।एनएचएआई के प्रोजेक्ट प्रभारी पीयूष रंजन ने दावा किया कि एनएचएआई में यह प्रदेश का पहला केबल ब्रिज है, जो केबल के साथ पिलर पर भी खड़ा है। करीब एक किमी लंबे इस ब्रिज का मुख्य भाग में लगे पिलर के बीच करीब 150 मीटर की दूरी है, जो इसे और मजबूत और आकर्षित बनाता है। उन्होंने बताया कि इस केबल ब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद इसमें एडवांस हेल्थ मानिटरिंग सिस्टम के सेंसर लगाए जाएंगे। इनसे पुल के झुकाव और केबलों के तनाव में होने वाले बदलावों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी।डेटा को एटीएमएस कंट्रोल सेंटर से जोड़ने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्र इंजीनियर इसकी निगरानी करेंगे, ताकि संभावित तकनीकी खामियों का समय रहते पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। अधिकारियों ने पुलों और प्रमुख संरचनाओं की डिजाइन लाइफ करीब 100 वर्ष बताई है। पुल में लगेंगे प्रोफाइल लाइटिंगनर्मदा पर बन रहे एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज में 150 मीटर का स्पान रखा गया है। सामान्य तकनीक से 50-50 मीटर के स्पान बनाने पर करीब 10 फाउंडेशन की जरूरत होती, जबकि इस डिजाइन में तीन से चार फाउंडेशन से काम पूरा करने की योजना है।इससे नदी के भीतर निर्माण करने में लगने वाले अतिरिक्त प्रयास और संसाधनों की बचत होगी। ब्रिज के एक हिस्से में छह केबल लगाने का काम पूरा हो चुका है। पुराने पुल के जीर्णोद्धार और फसाड लाइटिंग का प्रस्ताव भी है, ताकि घाट की ओर से इसका दृश्य आकर्षक दिखाई दे। पूरी रिंग रोड पर सर्विस रोड एनएचएआई के प्रबंधक तकनीकी पारस बंसल ने बताया कि इस पूरे रिंग रोड़ पर सर्विस रोड भी बनाई है। मुख्य सड़क का उपयोग तेज और भारी वाहनों के लिए होगा, जबकि सर्विस रोड से स्थानीय लोगों को आवाजाही की सुविधा मिलेगी।इससे स्थानीय और तेज गति वाले यातायात के बीच टकराव कम करने में मदद मिल सकती है। मुख्य सड़क से जुड़ने के लिए पैकेज-1 में पांच, पैकेज-2 में छह, पैकेज-3 में आठ और पैकेज-4 में चार प्रवेश-निकास बिंदु रखे गए हैं। पैकेज-5 में एक्सेस कंट्रोल के तहत केवल दो बिंदु प्रस्तावित हैं। पांच साल तक ठेकेदार की जिम्मेदारी पत्रकारों से चर्चा करते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बाद पांच साल तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी संविदाकार की होगी। इसके बाद सरकार यातायात की संभावनाओं और वित्तीय जरूरतों के आधार पर सामान्य रखरखाव या मुद्रीकरण पर निर्णय लेगी। उन्होंने नईदुनिया के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि डामर और सीमेंट-कंक्रीट सड़क में से किस तकनीक का उपयोग किया जाए, यह लागत, यातायात और रखरखाव की जरूरतों पर निर्भर करता है। टायर फटने की घटनाओं के लिए केवल सीसी सड़क को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता, तेज गति, टायर का दबाव, ओवरलोडिंग और खराब स्थिति भी इसके कारण हो सकते हैं। recent visitors 19

भोपाल में CGST सुपरिंटेंडेंट रिश्वत लेते गिरफ्तार, घरों से ₹72.5 लाख नकद बरामद

CGST Superintendent arrested in Bhopal while accepting a bribe; ₹72.5 lakh in cash recovered from his homes. भोपाल। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भोपाल में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के सुपरिंटेंडेंट राजेश कुमार गुप्ता को कथित तौर पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद अधिकारी के भोपाल और कानपुर स्थित आवासों पर तलाशी ली गई, जहां से 72.5 लाख रुपये नकद और महंगी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। CBI के अनुसार, अधिकारी पर एक स्क्रैप कारोबारी से रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत में दावा किया गया कि कारोबारी के वाहनों की जांच नहीं करने, माल से लदे वाहनों को नहीं रोकने और कारोबार निर्बाध रूप से चलने देने के बदले हर महीने दो लाख रुपये मांगे जा रहे थे। शिकायत के आधार पर एजेंसी ने कार्रवाई की और कथित तौर पर रिश्वत लेते अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में ₹72.5 लाख नकद, संपत्तियों के दस्तावेज भी मिलेगिरफ्तारी के बाद CBI की टीम ने भोपाल और कानपुर स्थित आवासों की तलाशी ली। इस दौरान 72.5 लाख रुपये नकद और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। जांच एजेंसी अब नकदी के स्रोत और संपत्तियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, बरामद नकदी या संपत्ति के दस्तावेज अपने आप में अवैध कमाई का प्रमाण नहीं हैं। जांच के निष्कर्ष और अदालत में सामने आने वाले साक्ष्य ही आरोपों की पुष्टि या खंडन का आधार होंगे। recent visitors 15

जबलपुर में सजेगा ‘Power of Women Garba Maharaas’, महिलाओं के हुनर और उत्साह को मिला मंच

Jabalpur to host ‘Power of Women Garba Maharaas’, a platform to showcase women’s talent and enthusiasm विशेष संवाददाता: जितेन्द्र श्रीवास्तव/अर्पिता श्रीवास्तव जबलपुर। महिलाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और पारंपरिक संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से Power of Women Garba Maharaas का आयोजन रविवार, 11 अक्टूबर से होटल डिलाइट पैलेडियम में किया जा रहा है। आयोजन में गरबा और डांडिया के रंगों के साथ महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे शुरू किया गया। इसके साथ ही तीन दिवसीय गरबा वर्कशॉप भी रखी गई है, जिसमें प्रतिभागी गरबा नृत्य की बारीकियां सीख सकेंगे। आयोजकों ने कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया है। प्रतिभागियों के लिए निर्धारित शुल्क प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क ₹600 और पांच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए ₹450 निर्धारित किया गया है। आयोजकों की ओर से शुरुआती 30 रजिस्ट्रेशन करने वालों के लिए पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इसके अलावा विजेताओं और टाइटल होल्डर्स के लिए भी विभिन्न पुरस्कार रखे जाने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम में फलाहारी भोजन की व्यवस्था भी रहेगी। आयोजन से जुड़ी टीम प्रियंका पोद्दार पटेल कार्यक्रम की डायरेक्टर हैं। पारुल नौग्रैया, प्रीति दुबे, प्रतिमा श्रीवास्तव और ज्योति श्रीवास्तव को-डायरेक्टर के रूप में जुड़ी हैं। एडवाइजरी पैनल में दीपा तिवारी, संगीता तिवारी, नीलम चौधरी, रीना प्रसाद और मनीषा पटेल के नाम शामिल हैं। यह आयोजन गरबा प्रेमियों को पारंपरिक नृत्य, उत्सव और सांस्कृतिक सहभागिता का अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम में शामिल होने तथा रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी के लिए पोस्टर पर दिए गए संपर्क नंबर 8085707393 पर संपर्क किया जा सकता है। recent visitors 23