शर्मसार होने के बाद एक्शन में BCCI, मुश्किल में रोहित-विराट, अश्विन और जडेजा!

मुंबई  न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 0-3 से सूपड़ा साफ होने का भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) मूल्यांकन करेगा और टीम के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद कुछ दिग्गज खिलाड़ियों का इस प्रारूप में करियर खत्म हो सकता है। बीसीसीआई डब्ल्यूटीसी (विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप) के अगले चक्र की शुरुआत से पहले अनुभवी खिलाड़ियों को चरणबद्ध तरीके से बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना रहा है। इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन में से कम से कम दो के लिए अंतिम हो सकती है। ये चारों खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के आखिरी चरण में हैं। रोहित शर्मा ने भारत के टेस्ट फ्यूचर पर क्या कहा? जब रोहित से भारत के टेस्ट भविष्य के बारे में उनके विचार पूछे गए तो उन्होंने कहा, ‘देखिए, मुझे नहीं लगता कि हम इतना आगे की सोच सकते हैं। अगली सीरीज पर ध्यान केंद्रित करना महत्वपूर्ण है, जो कि ऑस्ट्रेलिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं ऑस्ट्रेलिया सीरीज से आगे नहीं देख रहा हूं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज हमारे लिए बहुत, बहुत महत्वपूर्ण है। इसके बाद क्या होगा, इसके बारे में सोचने के बजाय हम उस पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करेंगे।’ बीसीसीआई के दिग्गजों और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर, मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित के बीच उम्रदराज खिलाड़ियों के साथ टीम के आगे बढ़ने के बारे में अनौपचारिक चर्चा हो सकती है। सुपर सीनियर्स पर गिर सकती है गाज बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘इसका निश्चित रूप से आंकलन किया जाएगा और यह अनौपचारिक हो सकता है क्योंकि टीम 10 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होगी। यह एक बड़ी हार है लेकिन ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला करीब है और टीम की घोषणा पहले ही हो चुकी है, इसलिए अभी कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।’ उन्होंने कहा, ‘भारत अगर इंग्लैंड में खेल जाने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं करता है, तो इस बात की काफी संभावना होगी कि इन चारों में से कुछ नाम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला में नहीं होंगे। इन चारों ने घरेलू मैदान पर संभवतः एक साथ अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल लिया है।’ यह समझा जाता है कि बीसीसीआई 2011 की कहानी को दोहराने से बचना चाहता है जब टीम के प्रदर्शन में बड़ी गिरावट आयी है। बोर्ड चयनकर्ताओं, विशेष रूप से अध्यक्ष अगरकर और मुख्य कोच गंभीर को योजना के बारे में दिग्गज क्रिकेटरों से बात करने की आवश्यकता होगी। युवा प्लेयर्स को मौका दे सकता बीसीसीआई भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ अब भी बनी हुई है। टीम अगर ऐसा करने में नाकाम रही तो अगले डब्ल्यूटीसी चक्र में उसका अभियान इंग्लैंड दौरे पर पांच मैचों की टेस्ट श्रृंखला से शुरू होगा। इसका आगाज 20 जून से होगा। चयन समिति साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल जैसे खिलाड़ियों को मौका देकर दीर्घकालिक संभावनाओं पर विचार करने के लिए मजबूर हो सकती है, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार दिख रहे हैं। वाशिंगटन सुंदर अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत संभावना के रूप में उभर रहे हैं, ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला समाप्त होने के बाद भारत में अश्विन के भविष्य पर चर्चा हो सकती है। बेहतर फिटनेस और विदेशी पिचों पर अच्छी बल्लेबाजी करने वाले जडेजा को बरकरार रखा जा सकता है, हालांकि भारतीय परिस्थितियों में अक्षर पटेल के रूप में उनका मजबूत विकल्प तैयार है। इस मामले में मानव सुथार भी तेजी से आगे बढ़ रहे है। खराब रहा रोहित-विराट का प्रदर्शन रोहित ने फरवरी 2021 के बाद 35 टेस्ट पारियों में 37.18 की औसत से 1210 रन बनाये हैं। पिछली 10 पारियों में वह सिर्फ दो अर्धशतक लगा सके हैं और उन्होंने छह पारियों में 10 से कम रन बनाये है। कोहली का प्रदर्शन और निराश करने वाला रहा है। उन्होंने पिछली 25 पारियों में 30.91 की औसत से 742 रन बनाये है। रोहित ने इस दौरान जहां चार शतक लगाये है तो वहीं कोहली सिर्फ एक शतकीय पारी खेली है और वह भी अहमदाबाद की सपाट पिच पर। जसप्रीत बुमराह को टीम का उपकप्तान बनाया गया है। लेकिन उनके कार्यभार प्रबंधन को देखते हुए इसे ज्यादा लंबे समय तक नहीं खींचा जा सकता है। शुभमन गिल और ऋषभ पंत में से किसी को टेस्ट टीम की बागडोर सौंपी जा सकती है। recent visitors 65

मुख्यमंत्री 4 नवंबर को राज्योत्सव-2024 के शुभारंभ कार्यक्रम में होंगे शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सोमवार 4 नवंबर को राज्योत्सव मेला स्थल नवा रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव-2024 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 5.35 बजे मुख्यमंत्री निवास से राज्योत्सव मेला स्थल के लिए रवाना होंगे। शाम 5.15 बजे मेला स्थल पहुंचेंगे, जहां वे शाम 6 बजे से शाम 7.15 बजे तक राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह में शामिल होंगे। recent visitors 63

जल्द मध्यप्रदेश में बदलेंगी तहसील और जिलों की सीमाएं, संभागीय मुख्यालयों से परिसीमन शुरू

भोपाल. मध्य प्रदेश में संभाग, जिला, तहसील और विकासखंड की सीमाओं में परिवर्तन का काम संभागीय मुख्यालयों से प्रारंभ होगा। प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग ने इसकी शुरुआत भोपाल, सागर और ग्वालियर संभाग से कर दी है। नवंबर में सभी संभागों में प्रशासनिक स्तर पर एक दौर की बैठक कर ली जाएगी। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी, जिसमें सीमा परिवर्तन की आवश्यकता को लेकर चर्चा होगी। आयोग दावे-आपत्ति आमंत्रित करेगा और फिर अपनी रिपोर्ट शासन को देगा। इसमें प्रक्रिया में एक वर्ष से अधिक का समय लगेगा। बता दें, प्रदेश सरकार ने मार्च, 2024 में प्रशासनिक इकाइयों की सीमा में परिवर्तन के लिए आयोग बनाने का निर्णय लिया था। सेवानिवृत्त आईएएस मनोज कुमार श्रीवास्तव और मुकेश कुमार शक्ला को इसका सदस्य बनाया गया है। 4 माह का समय मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव ने लक्ष्य दिया है कि चार से छह माह के भीतर आयोग अपनी तैयारी पूरी कर ले। इसे देखते हुए आयोग ने संभागीय मुख्यालयों से दौरे प्रारंभ किए हैं। अभी तक भोपाल, सागर और ग्वालियर संभाग के दौरे किए जा चुके हैं। नवंबर में ही सभी संभागीय मुख्यालयों का दौरा करने के बाद जिला स्तर पर संवाद का कार्यक्रम प्रारंभ होगा। लोगों से भी लिए जाएंगे सुझाव आयोग को काम करने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विकास भवन में स्थान और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सदस्य मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि हमने अपना काम प्रारंभ कर दिया है। तीन संभागों में अभी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठकें की हैं। सभी संभागों में इस तरह की बैठक करने के बाद जनप्रतिनिधियों से संवाद होगा। सार्वजनिक सूचना जारी करके लोगों से सुझाव लिए जाएंगे और फिर व्यावहारिक पहलुओं को देखते हुए अनुशंसा की जाएगी। भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या बनेगी आधार सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक इकाइयों की सीमा में परिवर्तन का मुख्य आधार भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या को बनाया जाएगा। कुछ तहसीलें ऐसी हैं, जो जिला मुख्यालय से काफी दूर हैं, जबकि दूसरे जिले की सीमा से वे लगी हुई हैं। ऐसी तहसीलों को दूसरे जिले में शामिल करने के साथ नए जिले के निर्माण की आवश्यकता का भी आयोग परीक्षण करेगा। जिले की जनसंख्या के हिसाब से नई तहसीलें भी बनाई जाएंगी। नए विकासखंड बनाने के प्रस्ताव भी भारत सरकार को भेजे जाएंगे। दिसंबर के बाद नहीं होगा कोई परिवर्तन वर्ष 2025 में जनगणना होनी है। इसे लेकर जनगणना महानिदेशालय ने दिसंबर तक प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को फ्रीज करने के निर्देश दिए हैं यानी इसके बाद जब तक जनगणना का काम पूरा नहीं हो जाएगा कोई नई प्रशासनिक इकाई नहीं बनेगी। यही कारण है कि प्रदेश में सीमा परिवर्तन का काम जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। recent visitors 94

नियमों का उल्लंघन करने पर 500 से ज्यादा निर्माण स्थलों पर जुर्माना, 54,000 से अधिक वाहनों पर लगा फाइन

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बनी केंद्र की समिति ने रविवार को 56 निर्माण स्थलों को बंद करने का आदेश दिया और नियमों का उल्लंघन करने वाले 597 स्थलों पर जुर्माना लगाया. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कहा कि 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच 54,000 से अधिक वाहनों पर वैध प्रदूषण-नियंत्रण प्रमाण पत्र के अभाव में जुर्माना लगाया गया और 3,900 पुराने वाहनों को जब्त किया गया. अवैध कचरा फेंकने वालों पर भी एक्शन CAQM ने बताया कि अवैध कचरा फेंकने के स्थलों पर 5,300 से अधिक निरीक्षण किए गए और नगरपालिका ठोस कचरा जलाने के लिए उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई की गई. सड़क पर धूल को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में सफाई मशीनें, पानी के छिड़काव करने वाली मशीनें, और एंटी-स्मॉग गन तैनात की गई हैं. एनसीआर में औसतन हर दिन लगभग 600 पानी के छिड़काव करने वाले और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग किया गया. बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-I 15 अक्टूबर से लागू है, जबकि चरण II 22 अक्टूबर से लागू किया गया है. CAQM ने कहा कि एक GRAP मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम 15 अक्टूबर से सक्रिय है ताकि एनसीआर राज्यों द्वारा लक्षित कार्रवाई की निगरानी की जा सके. लगातार जहरीली हो रही है हवा आपको बता दें कि दिल्ली में दशहरे के बाद से हवा जहरीली बनी हुई है. AQI लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है. हालांकि पिछले दो दिन से हालात में हल्के सुधार हुए थे. लेकिन, दिवाली पर एक्यूआई में जैसी बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही थी वो सच हुई. पटाखों ने दिल्ली में हवा का हाल फिर से बेहद ही खराब कर दिया है.  केन्द्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के मुताबिक 15 अक्तूबर से लेकर 31 अक्तूबर के बीच ग्रैप प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले 500 से ज्यादा निर्माण स्थलों पर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 54 हजार वाहनों का चालान किया गया है। ग्रैप प्रतिबंधों को लागू करने के साथ ही आयोग ने सभी संबंधित संस्थाओं से इनका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तेज अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इन पर हो रही कार्रवाई की निगरानी के लिए आयोग द्वारा एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों का व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया गया है। सात हजार स्थलों का निरीक्षण किया आयोग के मुताबिक 15 अक्तूबर से 31 अक्तूबर के बीच चलाए गए अभियान में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अलग-अलग टीमों ने लगभग सात हजार निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां मिलने पर 597 निर्माण स्थलों पर जुर्माना लगाया गया है। नियमों का ज्यादा उल्लंघन कर रहे 56 निर्माण स्थलों पर काम को बंद करा दिया गया है। आयोग के मुताबिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी सख्त कार्रवाई की गई। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लगभग 54 हजार वाहनों का चालान समुचित पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं होने पर किया गया है। अपनी समयावधि पूरी कर चुके 3900 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। आयोग ने रविवार को बताया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। केवल दिल्ली में ही 81 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें तैनात की गई हैं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों में 36 ऐसे वाहनों की तैनाती की गई है। वहीं, पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 600 वाटर स्प्रिंकलर और एंटी स्मॉग गन की तैनाती की गई है।   recent visitors 81

प्रधानमंत्री मोदी आज झारखंड में भरेंगे हुंकार, गढ़वा और चाईबासा में करेंगे चुनावी रैली

रांची  झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 नवंबर को गढ़वा और चाईबासा में चुनावी सभाओं को संबोधित करने जा रहे हैं. नई दिल्ली से प्रधानमंत्री गया एयरपोर्ट होते हुए गढ़वा जाएंगे और गढ़वा में चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद करीब 12:30 बजे रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगे. रांची एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए भाजपा के विधानसभा चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के मुख्यमंत्री और विधानसभा चुनाव सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा, सांसद दीपक प्रकाश, संगठन मंत्री करमवीर सिंह समेत कई अन्य भाजपा नेता मौजूद रहेंगे. रांची एयरपोर्ट पर करीब आधे घंटे तक भाजपा नेताओं से बातचीत करने के बाद प्रधानमंत्री चाईबासा के लिए रवाना हो जाएंगे. चाईबासा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा होगी, जिसके बाद रोड शो भी होने की उम्मीद है. चाईबासा कार्यक्रम स्थल पर सांसद आदित्य साहू मौजूद रहेंगे. 10 नवंबर को भी होगी पीएम मोदी की रैली झारखंड विधानसभा चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार कार्यक्रम होने वाला है. पार्टी की ओर से अब तक तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 चुनावी सभाएं होंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 नवंबर को दूसरी बार झारखंड आने वाले हैं. वे उस दिन रांची और चंदनक्यारी में चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं. पीएम मोदी के अलावा बीजेपी के शीर्ष नेताओं में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 5 नवंबर को रातू में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे, जिसके बाद उनका कार्यक्रम लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र में होगा. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 नवंबर को जमशेदपुर, कोडरमा और बड़कागांव में चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं.   recent visitors 84

सुशासन से छत्तीसगढ़ ने पकड़ी विकास की रफ्तार

 विशेष लेख इस राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़ 24 वर्ष का हो गया। युवा छत्तीसगढ़ पिछले 10 महीने के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार में तेजी से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो चला है। सड़कों, रेल लाइनों समेत अधोसंरचना के क्षेत्र में राज्य ने बीते 24 वर्षों में निरंतर प्रगति की है। रायपुर एयरपोर्ट देश के तमाम बड़े शहरों से जुड़ गया है। जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। बस्तर और सरगुजा के आदिवासी बहुल क्षेत्रों तक सड़कों का जाल बिछ चुका है। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन का देश के आधुनिकतम रेलवे स्टेशनों में शुमार होने लगा है। गांव-गांव तक बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा चुकी हैं। राजधानी रायपुर शिक्षा का बड़ा केेंद्र बनकर उभरा है। बस्तर में एनएमडीसी का स्टील प्लांट प्रारंभ हो चुका है। राज्य की कला, संस्कृति, वनोपज, हस्तशिल्प आदि की अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी है। आज से 24 साल पहले जब राज्य बना था, तब से लेकर साल भर पहले तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ की बड़ी समस्या थी। विष्णु देव साय की सरकार की कुशल रणनीति और प्रभावी कार्रवाई के चलते अब राज्य में नक्सल समस्या समाप्त होने की कगार पर पहंुंच गई है। 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ ही विष्णु सरकार ने जनहित में फैसले लेने और उसे अमल में लाने को लेकर एक्शन में आ गई थी। सरकार गठन के अगले ही दिन कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप 18,12,743 जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी। राज्य के 13 लाख किसानों को दो साल के धान का बकाया बोनस पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस, सुशासन दिवस के अवसर 25 दिसंबर 2023 को 3176 करोड़ रुपये जारी किया। मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए सरकार ने प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से 3100 रुपये के दाम पर धान की खरीदी की। 25 लाख 75 हजार किसानों को धान का समर्थन मूल्य 32 हजार करोड़ रुपया तत्काल जारी किया और 12 जनवरी 2024 को 13,320 करोड़ रुपये की अंतर राशि का भुगतान भी कर दिया। खरीफ वर्ष 2023-24 में किसानों से रिकार्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी विष्णु देव साय की सरकार ने की। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है। 12 लाख 50 हजार तेंदूपत्ता संग्राहकों को इसका लाभ मिल रहा है। संग्राहकों को चरण पादुका वितरित करने की योजना भी लागू होने जा रही है। विष्णु सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अंत्योदय के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। प्रशासन में पारदर्शिता, आम जनता की सुनवाई, नारी, गरीब, किसान, युवा के लिए अवसरों के द्वार खोलने का काम इस सरकार ने किया है। महतारी वंदन योजना- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रति माह 1000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री मोदी की वर्चुअल उपस्थिति मेें महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया गया था। इस योजना की 9 वीं किश्त हाल में यहां पहुंचीं राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु ने जारी की। महिलाओं की उन्नति के लिए सरकार कई कार्यक्रम चला रही है। कांग्रेस की सरकार ने महिला समूहों से रेडी टू ईट का काम छीन लिया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें दोबारा यह काम सौंप दिया है। युवाओं की हितैषी सरकार – नई दिल्ली के ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़कार 185 कही गई है। यूपीएससी की तैयारी करने वाले एससी, एसटी, ओबीसी वर्ग के युवाओं को इसका लाभ मिल रहा है। पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय विभागों में भर्ती की अधिकतम आयु सीमा में 31 दिसंबर 2028 तक 05 वर्ष की छूट का एलान किया गया है। राज्य में विभिन्न विभागों में 7 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए यूपीएससी के पूर्व चेयरमेन प्रदीप कुमार जोशी की अध्यक्षता में आयोग का गठन किया गया है। उद्यम क्रांति योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था की गई है। आलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले राज्य के युवाओं को सरकार तीन करोड़ रुपये देगी। रजत जीतने पर दो करोड़ तथा कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रुपये मिलेंगे। सुशासन का मूलमंत्र- राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। ई समीक्षा, ई लोकसेवा गारंटी तथा डिजिटल सेक्रेटेरिएट अब सुशासन एवं अभिसरण विभाग के जिम्मे होगा। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर 2023, सुशासन दिवस के अवसर पर अटल मॉनीटरिंग पोर्टल का शूभारंभ किया गया। आम जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याआंें का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री ने जनदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ किया है। ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए ई आफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल तथा स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ किया गया है। भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अधिकाधिक क्षेत्रों में आईटी का उपयोग किया जा रहा है। गरीबों की मददगार सरकार- विष्णु देव साय की सरकार ने गरीब जनता की मदद के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। 68 लाख गरीब परिवारों को अगले 5 साल तक मुफ्त राशन देने के लिए बजट में 3400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ग्रामीण घरों को नल से पानी देने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 4500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब तक 40 लाख परिवारों को नल का कनेक्शन दिया जा चुका है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता देने के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक विकास की पहल- राज्य में नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 एक नवम्बर से लागू हो गई है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा एवं विस्तार देने के लिए नई औद्योगिक नीति में कई रियायती प्रावधान किए गए … Read more

मुख्यमंत्री साय के हाथों केंद्रीय जेल में रेडियो स्टेशन होगा शुभारंभ

रायपुर रायपुर केंद्रीय जेल में इसी महीने से रेडियो स्टेशन संचालित होने लगेगा। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों से कराने की तैयारी जेल मुख्यालय कर रहा है। दरअसल जेल बंदियों के मनोरंजन और तनाव को दूर कर उनमें सकरात्मक बदलाव के लिए जेल प्रशासन ने रेडियो स्टेशन खोलने की पूरी तैयारी कर ली है। उमंग-तरंग के नाम से शुरू किए जाने वाले वाले इस रेडियो स्टेशन के लिए कैदियों को माइक, स्पीकर, केबल और समाचार पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। सुबह करीब 10 बजे से दोपहर दो बजे और शाम को चार से आठ बजे तक इसका संचालन करने की योजना बनाई गई है। रेडियो की शुरूआत सुबह सबसे पहले मशहूर फिल्म दो आंखें बारह हाथ के गीत, 'ऐ मालिक तेरे बंदे हमझ् से शुरूआत होगी। इसके बाद देश-दुनिया में होने वाले प्रमुख समाचारों का वाचन और अन्य प्रोग्राम का आयोजन होगा। जल्द ही बंदी अपने साथियों के फरमाइशी गीतों को पेश करते नजर आएगे। जेल के अधिकारियों ने बताया कि इस रेडियो स्टेशन को तारों के जरिए सभी बैरकों से जोड़ा जाएगा ताकि जेल के भीतर हर कैदी इसे सुन सके। जेल प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रमों की निगरानी की जाए, ताकि आपत्तिजनक भाषा या तनाव उत्पन्न करने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाई जा सके। recent visitors 54