Friday, July 3, 2026 10:26 pm

सभी शासकीय शाला प्रभारियों को नामांकन एवं रिक्तियों की जानकारी अपडेट करने के निर्देश

भोपाल लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त शासकीय विद्यालयों के शाला प्रभारियों को जीएफएमएस पोर्टल पर नामांकन एवं रिक्तियों की जानकारी 6 नवम्बर तक अनिवार्य रूप से अपडेशन करने के निर्देश जारी किये है। लोक शिक्षण संचालनालय से निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक शाला प्रभारी की लॉग-इन से अध्ययनरत् छात्र संख्या की जानकारी कक्षा एवं विषयवार दर्ज की जायें। प्रत्येक शाला में विद्यार्थी संख्या एवं सेक्शन के आधार पर शाला प्रभारी द्वारा आवश्यक रिक्तियों को नियत तिथि तक अनिवार्य रूप से अपडेशन किया जाये। नियत समय पर अपडेशन न होने पर अतिथि शिक्षक उपलब्ध नहीं कराये जा सकेंगे। यदि किसी शाला में शाला प्रभारी का नाम दिखाई नहीं दे रहा है, तो जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी को अवगत कराकर शाला प्रभारी के रूप में दर्ज कराया जायें। यह सभी जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक पोर्टल पर अपडेट की जा सकेगी।   recent visitors 56

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का 235 वर्षों का इतिहास कई दिलचस्प तथ्यों से भरा, 15 उपराष्ट्रपति बने राष्ट्रपति

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का 235 वर्षों का इतिहास कई दिलचस्प तथ्यों से भरा है। इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से कमला हैरिस की दावेदारी ने इस चुनाव को बेहद खास बना दिया है। अगर वह चुनाव जीततीं तो कई नए एतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के 235 वर्षों के इतिहास में कभी कोई महिला विजेता नहीं बन सकी। अधिकांश इतिहासकार और लेखक मानते हैं कि विक्टोरिया वुडहुल 1872 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने वाली पहली महिला थीं। हालांकि कुछ लोग इस दावे पर सवाल भी उठाते हैं। आखिरी बार 2016 में हिलेरी क्लिंटन पद के काफी नजदीक पहुंच कर भी हार गई। उन्हें ट्रंप से करीब 28 लाख अधिक पापुलर वोट मिले लेकिन चुनाव ट्रंप ने जीता क्योंकि उन्होंने इलेक्टोरल कॉलेज का बहुमत प्राप्त कर लिया। इस बार कमला हैरिस अगर चुनाव जीतती हैं तो वह पहली महिला राष्ट्रपति होने का गौरव हासिल कर सकती हैं। इसके अलावा वह दूसरी ब्लैक शख्स और पहली ब्लैक महिला होंगी जो इस पद पर बैठेंगी। साथ वह पहली एशियन अमेरिकन और भारतीय अमेरिकन होंगी जो व्हाइट हाउस में पहुंचेंगी। अब तक पंद्रह राष्ट्रपति ऐसे रहे हैं जो कि उपराष्ट्रपति के रूप में देश को अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इनमें से छह – जॉन एडम्स (1796), थॉमस जेफरसन (1800), मार्टिन वैन ब्यूरन (1836), रिचर्ड निक्सन (1968), जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश (1988), और जो बिडेन (2020) – ने चुनाव जीतने के बाद अपना पहला कार्यकाल शुरू किया। जबकि बाकी नौ ने, अपने पूर्ववर्ती की कार्यकाल के दौरान मृत्यु या इस्तीफे के बाद (उत्तराधिकार नियमों के अनुसार) प्रेसिडेंट के रूप में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया। इनमें से थियोडोर रूजवेल्ट, केल्विन कूलिज, हैरी एस. ट्रूमैन और लिंडन बी. जॉनसन बाद में राष्ट्रपति चुने गए, जबकि जॉन टायलर, मिलार्ड फिलमोर, एंड्रयू जॉनसन, चेस्टर ए. आर्थर और गेराल्ड फोर्ड नहीं चुने गए। अगर कमला हैरिस चुनाव जीतती हैं तो वह 16वीं उपराष्ट्रपति होंगी जो राष्ट्रपति के तौर पर काम करेंगी। फिलहाल अधिकांश सर्वों में कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर बताई गई है। तमना पर्यवेक्षकों की राय यही बताती है कि चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। recent visitors 149

मुख्यमंत्री साय ने राज्योत्सव में मांदर बजाकर बढ़ाया वादकों का उत्साह

रायपुर  छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अनोखा अंदाज देखने को मिला। यहां राज्य की संस्कृति को संजोने और उनका प्रचार-प्रसार करने के लिए छत्तीसगढ़ के वाद्ययंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसे देखने के लिए CM साय भी पहुंचे। इस मौके पर कलाकार रिखी क्षत्रीय ने मुख्यमंत्री साय को मांदर भेंट किया, जिसे उन्होंने बजाकर वादकों का उत्साह वर्धन किया। CM साय ने प्रदर्शनी में मौजूद परंपरागत वाद्ययंत्रों को भी सुना और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर की सराहना की। बता दें कि कलाकार रिखी ने इस दौरान मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ के वाद्ययंत्रों सारंगी, नगाड़ा, मृदुल, चिकारा, कोंडोडका, खनखना, कुतुर्गी, खेती, मुंडाबाजा, हुलकी, मोहरी, तुर्रा, रुंजू, तुरही, मांदरी मांदर, तोड़ी, चरहे, तम्बुरा, बांसबाजा, सींगबाजा, गतका, माडिया ढोल, दमउ, खर्रा, चरहे, चटका, झंडी डंडा, खल्लर, छडी, कोटेला, खडका , सिलफिली, खरताल, अलगोजा, गुदुम बाजा, झुनझुना, डफरा, टिमकी की जानकारी दी। साथ ही छत्तीसगढ़ के परंपरागत वाद्ययंत्रों का उपयोग किए जाने और उसकी उपयोगिता से भी परिचित करायाl recent visitors 59

महाराष्ट्र में मतदान से 15 दिन पहले शरद पवार ने कर दिया बड़ा ऐला, अब मै भविष्य में चुनाव नहीं लड़ना चाहता

बारामती कद्दावर नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने घोषणा की कि वह भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते। उनकी यह घोषणा ऐसे समय आई है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं। बता दें राज्यसभा में उनका कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है। गौरतलब है कि शरद पवार तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पवार ने यह बात बारामती में अपनी चुनावी यात्रा के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कही जहां वे अपने पोते युगेंद्र पवार के चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। शरद पवार का ऐलान- नई पीढ़ी को सौंपेंगे जिम्मेदारी पवार ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, "मैं अब लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ूंगा। अब तक मैंने 14 चुनाव लड़े हैं, और आप लोगों ने हर बार मुझे विजयी बनाया। अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी को मौका दिया जाए। मैं सामाजिक कार्य जारी रखूंगा, खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के लिए। इस काम के लिए मुझे किसी चुनाव में जीतने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2026 में राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह सोचेंगे कि क्या उन्हें पद से अलग होना चाहिए। शरद पवार का केंद्र सरकार पर करारा प्रहार चुनावी सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार ने इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बड़े प्रोजेक्ट्स, जो महाराष्ट्र में आने चाहिए थे उन्हें गुजरात शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा, "जब मैं सत्ता में था, तो मैंने पुणे के विकास पर जोर दिया। पर आज की सरकार सिर्फ एक राज्य के लिए काम कर रही है। टाटा एयरबस का कारखाना जो नागपुर में लगना था, उसे गुजरात भेज दिया गया। इसी तरह वेदांता-फॉक्सकॉन का सेमीकंडक्टर प्लांट भी गुजरात चला गया। अगर आप केवल एक राज्य के लिए काम करेंगे, तो प्रधानमंत्री बनने का क्या मतलब है?" परिवार में फिर जंग का गवाह बनेगी बारामती की सीट बारामती में पवार परिवार के बीच एक बार फिर चुनावी मुकाबला देखने को मिलेगा। इस बार विधानसभा चुनावों में अजित पवार और उनके भतीजे योगेंद्र पवार आमने-सामने होंगे। इससे पहले लोकसभा चुनाव में अजित पवार ने अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ खड़ा किया था। बारामती की सीट पर चुनावी तैयारियां तेज हो गई हैं, और यह सीट एक बार फिर पवार परिवार के भीतर ही संघर्ष का गवाह बनेगी। recent visitors 57

ईओडब्ल्यू ने नान घोटाले में टुटेजा, शुक्ला, वर्मा पर करवाई नई एफआईआर

रायपुर छत्तीसगढ़ के नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में ईओडब्ल्यू की ओर से सोमवार को नई एफआईआर दर्ज की गई है। घोटाले में रिटायर्ड आईएएस अफसर अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ईओडब्ल्यू का आरोप है कि तीनों ने गवाह पर दबाव बनाया, बयान बदलवाने का प्रयास किया। बता दें कि, सतीश चंद्र वर्मा सहित दोनों आईएएस अधिकारियों पर पद का दुरुपयोग करते हुए गंभीर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया गया है। ईओडब्ल्यू की एफआईआर में यह बताया गया है कि 2019-20 में हाईकोर्ट में दूषित तरीके से अग्रिम जमानत भी हासिल की गई थी, जिसके सबूत, जिसमें वाट्सएप चैट भी शामिल हैं। ईओडब्ल्यू के पास उपलब्ध हैं। recent visitors 84

योगी आदित्यनाथ बोले- जातियों में ना बंटिए, ऐसा करने पर पत्थरबाज झाड़ू लगाते हुए दिखाई देंगे

झारखंड उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को झारखंड में ताबड़तोड़ रैलियां कीं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदावरों के लिए वोट मांगा। बरकागांव विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने जातियों में ना बंटने की अपील करते हुए जनता से अपनी ताकत का अहसास कराने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर पत्थरबाज झाड़ू लगाते हुए दिखाई देंगे। यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में जिस तरह डेमोग्राफी बदली जा रही है, आने वाले समय में लोग अपने घर में शंख और घंटी नहीं बजा पाएंगे। योगी ने कहा कि पत्थरबाज पहले कश्मीर में भी थे। याद करना आज सभी पत्थरबाज राम नाम सत्य है की यात्रा में जा चुके हैं। 2017 के पहले ये यूपी में भी थे। इनका आका उत्तर प्रदेश को लूटते थे, कोई खनन माफिया के रूप में कोई भूमाफिया के रूप में, कोई संगठित माफिया के रूप में लूट मचाते थे। ये पर्व त्योहारों में विघ्न-बाधा डालते थे। पत्थरबाज या तो यूपी छोड़ चुके हैं या जहन्नुम की यात्रा चुके हैं। अन्याय और अत्याचार को जन्नत कहां मिलेगा, उसके लिए तो जहन्नुम की यात्रा ही होनी है। अब उत्तर प्रदेश में पर्व त्योहार में कोई विघ्न बाधा नहीं होती है। योगी ने कहा, 'ताकत का अहसास कराइए और ताकत का अहसास कराएंगे तो ये पत्थरबाज आपके लिए सड़कों पर झाड़ू लगाकर रास्ता साफ करते हुए दिखाई देंगे। यह बजरंगी पताखा हर घर में दिखाई देगी। इस ताकत का अहसास कराने के लिए ही यह चुनाव आपके पास है। बंटिए मत जातियों में। जाति के नाम पर बांटने वाले लोग वही हैं जो आपको जाति, क्षेत्र और भाषा के रूप में बाटेंगे और जब आप पर संकट आएगा तो कोई आपके साथ खड़ा नहीं होगा। यही कांग्रेस करती आई है लगातार 1947 से, यही कांग्रेस ने देश को जख्म दिए। यह आरजेड़ी ने बिहार और झारखंड मुक्ति मोर्चा झारखंड के साथ कर रही है।' यूपी के सीएम ने 'कटेंगे तो बटेंगे' नारे को समझाते हुए एक रहने की अपील की तो बांग्लादेशी घुसपैठ से डेमोग्राफी में बदलाव को लेकर सतर्क भी किया। उन्होंने कहा, ‘जिस तरह झारखंड में घुसपैठ करा रहे हैं और इसी तरह डेमोग्राफी चेंज होती रही। आज ये लोग यात्रा रोक रहे हैं, आने वाले समय में घरों में घंटी और शंख भी नहीं बजाने देंगे। इसलिए आवश्यकता है कि भाजपा को लाइए। एक रहिए और नेक रहिए। मैं तो बार-बार कहता हूं देश का इतिहास गवाह है, जब भी जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बंटे हैं तो निर्ममता से कटे भी हैं। हम बार-बार इस बात को कहते हैं कि जातियों के नाम पर मत बंटिए। ये बांटने वाले लोग देश को धोखा दे रहे हैं।’ योगी ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार में बेटी और बहन सुरक्षित नहीं है। माफिया हर जगह हावी हैं। कहीं बांग्लादेशी घुसपैठ कहीं रोहिंग्या घुसपैठ। दुस्साहस की पाराकाष्ठा तब होती है जब पर्व और त्योहार में पथराव किया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी में भी ऐसा होता था लेकिन अब ना कर्फ्यू ना दंगा, यूपी में सब चंगा। recent visitors 67

सामान्य प्रेक्षक जी. रेखा रानी व राजनैतिक दलों की उपस्थिति में ईवीएम एवं वीवी पैट का हुआ द्वितीय रेण्डमाईजेशन

रायपुर रायपुर दक्षिण विधानसभा उपनिर्वाचन 2024 के लिए सामान्य प्रेक्षक श्रीमती जी. रेखा रानी के समक्ष एवं राजनैतिक दलों की उपस्थिति में ईवीएम एवं वीवी पैट मशीनों का रेडक्रॉस सभाकक्ष में द्वितीय रेण्डमाईजेशन किया गया। रेण्डमाईजेशन के पश्चात फाईनालाईज्ड कए गये ईवीएम बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट, वीवी पैट मशीन में उल्लेख आईडी नंबर सहित सूची राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई। रेण्डमाईजेशन की प्रक्रिया में रायपुर दक्षिण विधानसभा उपनिर्वाचन 2024 अंतर्गत बीयू 719, सीयू 379 एवं वीवीपैट 425 का द्वितीय रेण्डमाईजेशन किया गया। इस अवसर पर रिटर्निंग आॅफिसर श्री पुष्पेंद्र शर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे, सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद उपस्थित थे। recent visitors 60