भोपाल में लोकायुक्त की छापेमारी: नगर निगम कार्यालय में कर्मचारी 3 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta raid in Bhopal: Municipal Corporation employee arrested red handed taking bribe of Rs 3 thousand भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal) में लोकायुक्त (Lokayukta Raid) ने छापामार कार्रवाई की है। माता मंदिर स्थित नगर निगम (Municipal council) कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी को 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पेंशन प्रकरण में नाम ट्रांसफर करने के एवज में घूस मांगी थी। दरअसल, आवेदक के पिता की पिछले महीने मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उसने पेंशन विभाग में इसे मां के नाम ट्रांसफर करवाने के लिए आवेदन दिया था।काम करने के बदले में कर्मचारी दौलत कुमार घोसले ने 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद दोनों के बीच 3 हजार रुपए में सौदा तय हो गया। आवेदक ने 4 नंबर को इसकी शिकायत लोकायुक्त में कर दी। जिसके बाद प्लान बनाकर युवक को घूस के पैसे देने के लिए भेजा गया। जैसे ही उसने 3 हजार रुपए दिए, टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। recent visitors 159

सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण का निर्णय सराहनीय कदम है : नेहा बग्गा

भोपाल महिलाओं के सामाजिक आर्थिक एवं राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिये है। सदैव महिलाओं को उनका उचित अधिकार दिलाने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने किया है… मध्य प्रदेश में पुलिस, शिक्षा, वन, आंगनवाड़ी से लेकर विभिन्न दायित्वों पर महिलाओं का आरक्षण सुनिश्चित कर भाजपा की सरकार ने महिलाओं के पक्ष में सदैव निर्णय किया… आज के निर्णय से युवतिओ में खुशी की लहर है, वे जानती है कि  कांग्रेस महिलाओं आइटम, सजावटी वस्तु समझती है वहीं अगर उनके हक में कोई निर्णय ले सकता था, ले रहा है तो केवल भारतीय जनता पार्टी है recent visitors 123

एकता मर्डर केस में नए खुलासे-मर्डर वाले दिन कातिल जिम ट्रेनर विमल सोनी ने एकता को 9 बार कॉल किया था

कानपुर कानपुर के एकता गुप्ता मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब जानकारी मिली है कि मर्डर वाले दिन कातिल जिम ट्रेनर विमल सोनी ने एकता को 9 बार कॉल किया था। ये कॉल उसने तड़के 4 से 6 बजे के बीच किए थे। कॉल डिटेल चेक करने पर पता चला है कि विमल सोनी से उस दिन एकता ने बात नहीं की थी। उसने विमल का फोन ही रिसीव नहीं किया था, लेकिन यह भी माना जा रहा है कि उसके कॉल्स के दबाव में ही वह जिम पहुंची थी। वह उस दिन तब भी जिम गई, जबकि एकता के पति और बच्चों ने मना किया था। फिलहाल पुलिस विमल सोनी से पूछताछ के लिए सीडीआर के आधार पर भी सवाल तैयार कर रही है। इस बीच पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि एकता गुप्ता की हत्या से पहले विमल सोनी ने उसे जोरदार मुक्के भी जड़े थे। उसने एकता के चेहरे पर ऐसे वार किए थे कि नाक से जबड़े के बीच ही 20 फ्रैक्चर हो गए। इसके बाद गला दबाकर उसकी जान ही ले ली। इस तरह विमल सोनी का दावा गलत साबित होता दिख रहा है, जिसका कहना था कि उसने एक मुक्का मारा था, जो एकता के गले पर लगा था। इसी के चलते उसकी जान चली गई। विमल सोनी उस जिम में ट्रेनर था, जहां एकता गुप्ता एक्सरसाइज के लिए जाती थी। इसी दौरान दोनों के बीच अवैध संबंध पनप गया था। फिर जब विमल की शादी तय हुई तो एकता इसका विरोध कर रही थी। विमल सोनी का दावा है कि एकता चाहती थी कि दोनों का रिलेशन चलता रहे और वह शादी भी न करे। इसी के चलते वह छुटकारा पाना चाहता था और अंत में गुस्से में कत्ल ही कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी रखने वाले दो अधिकारियों ने कहा, 'यह पता चला है कि उसके नाक के पास कई बार वार किया जाए। इसके चलते नाक से लेकर जबड़े तक उसकी हड्डियों में 20 फ्रैक्चर हैं।' अब एकता गुप्ता के शव के अंशों को डीएनए रिपोर्ट के लिए भेजने की तैयारी है। इसके अलावा विमल सोनी की पुलिस हिरासत भी अदालत से मांगी जाएगी। पुलिस ने तैयार किए 50 सवाल, रिमांड में पूछे जाएंगे पुलिस ने विमल सोनी को रिमांड में लेकर पूछताछ का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। कुल 50 सवाल विमल सोनी से पूछे जाएंगे। राहुल गुप्ता की पत्नी एकता 24 जून के बाद से ही लापता थी, जो ग्रीन पार्क स्टेडियम में स्थित जिम में गई थी। वहां से निकलने के बाद वह घर नहीं पहुंची थी। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पति राहुल ने दर्ज करा दी थी, जिसकी लंबी पड़ताल चली। अंत में 26 अक्टूबर को सोनी ने कबूला की उसने ही एकता को मारा था। फिर उसके ही कहने पर पुलिस ने शव को ऑफिसर्स क्लब के पास एक प्लॉट से बरामद किया, जिसे उसने गाड़ दिया था। recent visitors 59

महादेव सट्टा एप से जुड़े मामले में जशपुर पुलिस डोंगरगढ़ के दो युवकों से कर रही पूछताछ

राजनांदगांव महादेव सट्टा एप से जुड़े एक मामले में जशपुर पुलिस डोंगरगढ़ के दो युवकों से पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार, इन दोनों युवकों के एकाउंट नंबरों में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है, जिसे पुलिस महादेव सट्टा एप से जोड़कर देख रही है। सोमवार को जशपुर पुलिस ने दोनों युवकों को बैंकों में ले जाकर उनके खातों की डिटेल की जांच की। मंगलवार को जांच पूरी करके पुलिस वापस लौट गई। जांच के नतीजों के आधार पर यह पता चलेगा कि इन युवकों के खातों में कितनी राशि का लेनदेन हुआ है और यह लेनदेन महादेव सट्टा एप से कितना जुड़ा हुआ है। महादेव सट्टा एप कनेक्‍शन में युवक की हुई थी गिरफ्तारी कुछ माह पहले डोंगरगढ़ में महादेव सट्टा एप के संबंध में एक युवक की गिरफ्तारी हुई थी, जो किसी राजनीतिक दल से संबंधित था और वर्तमान में जमानत पर है। उस युवक की गिरफ्तारी के बाद से नगर में चर्चा का माहौल गर्म है, और तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला अब भी चल रहा है। पुलिस की गुप्त कार्रवाई के कारण डोंगरगढ़ में हड़कंप मच गया है। युवकों का लिंक महादेव सट्टा एप से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने अभी तक कुछ भी बताने से इंकार किया है। जशपुर पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिससे आने वाले समय में सचाई सामने आ सकेगी। स्थानीय लोग इस मामले को लेकर चिंतित हैं और पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।     "जशपुर की टीम जांच के लिए डोंगरगढ़ आई थी और संदिग्ध खाता नंबरों में हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। मामला महादेव सट्टा एप से भी जुड़ा हो सकता है, लेकिन इस संबंध में मैं ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता।" आशीष कुंजाम डोंगरगढ़ एसडीओपी recent visitors 48

आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ जारी, इस बीच एक आतंकवादी को मर गिराया

बांदीपुरा उत्तरी कश्मीर के बांदीपुरा जिले के केट्सन इलाके में मंगलवार को आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हो रही है। इस दौरान एक आतंकवादी के मारे जाने की सूचना मिली है। जानकारी के अनुसार एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि बांदीपुरा के केट्सन जंगल में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। इसके बाद मुठभेड़ दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। फिलहाल मुठभेड़ अभी भी जारी है। बता दें कि पिछले सप्ताह की शुरुआत में पन्नार में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई थी, जिसके बाद आतंकवादी भागने में सफल रहे थे। recent visitors 61

बदल रहा है मौसम, आंखों का रखें खास ख्याल

इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है। इस परिवर्तन के साथ ही आंखों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आम तौर पर प्रदूषण और तनाव से आंखों पर निगेटिव असर पड़ता है लेकिन बदलते मौसम में आपकी सेंसिटिव आंखें जल्दी एडजस्ट नहीं कर पाती। ऐसे में आपकी आंखों को खास देखभाल की जरूरत है। यहां जानिए कुछ टिप्स जिन्हें अपनाकर आप अपनी आंखों की सही देखभाल कर सकते हैं। थकान से बचें: आंखों में खिंचाव, थकान या कोई अन्य तकलीफ न हो इसके लिए कम्प्यूटर या मोबाइल पर काम करते समय पलकों को लगातार झपकाते रहें। कम्प्यूटर के मॉनिटर को अधिक समय तक लगातार नहीं देखें बीच-बीच में काम को रोक दें और आंखों को आराम दें। खुद न बनें डॉक्टर: लोग दुकान पर ही आंखें टेस्ट करवाकर चश्मा बनवा लेते हैं। यह ठीक नहीं है। आंखों का परीक्षण किसी नेत्र विशेषज्ञ से करवाकर ही चश्मा बनवाना चाहिए। खूब पानी पीएं: अक्सर सर्दियों में लोग पानी का सेवन कम मात्रा में करते हैं लेकिन सेहत के लिहाज से यह सही नहीं है। इस कारण शरीर में तरल की कमी होने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। शरीर में नमी बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम 5 लीटर पानी पीना चाहिए। कंप्यूटर के सामने बैठने का सही तरीका: कंप्यूटर पर यदि अधिक काम करना पड़ता है तो पॉश्चर सही रखना भी जरूरी है। इसके अलावा काम के वक्त पर्याप्त रोशनी का विशेष खयाल रखें। मोबाइल इस्तेमाल करने की गलत आदत: मोबाइल का प्रयोग लेटकर न करें साथ ही अंधेरे में मोबाइल स्क्रीन किसी भी स्थिति में नहीं देखें। ई-बुक के बजाय सीधे बैठकर पुस्तक पढ़ने की आदत डालें।   recent visitors 65

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा नियम उल्लंघन करने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

भोपाल दीपावली अवकाश के उपरांत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधि पुनः प्रारंभ हुई है। विश्वविद्यालय में सभी कार्य सामान्य व सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुके हैं तथा दिनांक 06 नवंबर 2024 से विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं आरंभ होगी जिन्हें शांतिपूर्वक संचालित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रबंधन पूर्णतः तैयार है। वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय में उन सभी छात्रों के विरूद्ध आवश्यक अनुशासनात्मक कार्यवाही की है जिन्होंने विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन किया था तथा इन सभी छात्रों व उनके अभिभावकों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के समय इस प्रकार की कार्यवाही को बिना किसी शर्त के लिखित में स्वीकार किया था। पूर्व में भी, उल्लंघनकर्ता छात्रों के विरूद्ध इसी प्रकार की कार्यवाही की गई थी तथा इस नियम में किसी भी प्रकार का कोई अपवाद नहीं हो सकता है। यह स्मरण योग्य है कि, वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय एक स्वतंत्र स्वशासी संस्था है, जिसका गठन, म.प्र. निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम 2007 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है तथा जो कि म.प्र. राजपत्र दिनांक 04 अगस्त 2017 में जारी व प्रकाशित "ऑर्डिनेंस" से शासित होती है तथा "ऑर्डिनेंस-03" स्पष्ट रूप से छात्रों द्वारा अनुशासन बनाए रखने तथा छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय के नियमों व विनियमों का उल्लंघन करने पर, बिना किसी अपवाद के, उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने के संबंध में स्पष्ट प्रावधान करता है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय को अपनी स्वयं की "अनुशासनात्मक समिति तथा "शिकायत निवारण समिति विधि अनुसार गठित की गई है तथा इस हेतु कोई भी बाहरी हस्तक्षेप ना तो विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकार या अनुमत ही किया जा सकता है और ना ही विश्वविद्यालय पर अधिरोपित ही किया जा सकता है। विश्वविद्यालय से बाहर के कुछ छात्र समूहों ने विश्वविद्यालय द्वारा अपने उन छात्रों जिनके द्वारा अशोभनीय व साथी छात्रों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से उत्पीड़नपूर्ण कृत्य किए गए थे, के विरूद्ध की गई कार्यवाही को वापस लेने को मांग के संबंध में, विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का प्रयास किया था, जिन्हें विश्वविद्यालय में तत्समय उपस्थित अधिकारियों व डीन छात्र कल्याण, द्वारा समस्त वास्तविक स्थिति से अवगत करा दिया गया था।ऐसा प्रतीत होता है कि विश्वविद्यालय से बाहर के कुछ व्यक्ति अपनी छात्र राजनीति के नाम पर, विश्वविद्यालय में अप्रिय स्थिति निर्मित करने का प्रयास कर रहे हैं. जिसे विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र समुदाय से किसी प्रकार का कोई समर्थन प्राप्त नहीं हुआ है। कतिपय पूर्णतः असंगत घटनाओं व पूर्णतः बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किए गए अतिश्योक्तिपूर्ण तथ्यों को विश्वविद्यालय के विरूद्ध सनसनीखेज रूप देने के लिए, अनावश्यक रूप से बल दिया जा रहा है जो कि घोर निदंनीय है। यह महत्वपूर्ण है कि वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय में, देश में अग्रणि विश्वविद्यालय के रूप में विशेष नाम व ख्याति अर्जित की है तथा अपने भविष्य लक्षीय पाठ्यक्रमों के कारण देशभर के छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय की ओर आकर्षित होते हैं। वर्तमान में अनेक प्रतिष्ठित संस्थाएँ विश्वविद्यालय कैम्पस में छात्रों के कैम्पस भर्ती के लिए आ रही हैं। इस समय पर विश्वविद्यालय में शांति व सामान्य स्थिति बनी रहना आवश्यक है अन्यथा छात्रों व उनके भविष्य को अपूर्णीय क्षति कारित होगी।वी.आई.टी. भोपाल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अपने छात्रों के साथ कथित अनुचित आचरण व दुर्व्यवहार से संबंधित असत्य व भ्रामक चित्रण प्रस्तुत किया गया है। उक्त कहानी पूर्णतः असत्य व शरारतपूर्ण है तथा विश्वविद्यालय को बदनाम करने के आशय से गढ़ी गई है। recent visitors 87