छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भारतीय रेल द्वारा इस वर्ष चलाई 7,724 विशेष गाडियाँ

रायपुर दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भारतीय रेल द्वारा इस वर्ष 7,724 विशेष गाडियाँ चलाई जा रही हैं, जबकि पिछले साल 4,500 विशेष गाडियाँ चलाई गई थीं। इसके साथ ही स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष प्रबंध किए हैं, जिसमें कतारबद्ध तरीके से ट्रेन में प्रवेश की व्यवस्था के साथ भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारी और रेल सुरक्षा बल के जवान शामिल है। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से अनेक पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। सनतनगर-रायपुर-सनतनगर के मध्य, दुर्ग-अमृतसर-दुर्ग एवं बिलासपुर-हडपसर-बिलासपुर के लिए दीपावली एवं छठ पूजा स्पेशल ट्रेन की सुविधा दी जा रही है। सनतनगर-रायपुर-सनतनगर के मध्य 2 फेरे के लिए दीपावली एवं छठ पूजा स्पेशल ट्रेन की सुविधा दी जा रही है। यह ट्रेन सनतनगर से रायपुर के लिए 07023 नंबर के साथ 7 एवं 14 नवंबर, को रवाना होगी। इसी प्रकार रायपुर से सनतनगर के लिए 07024 नंबर के साथ 8 एवं 15 नवंबर को चलेगी। इस ट्रेन में 02 एसएलआर/एसएलआरडी, 02 सामान्य, 11शयनयान, 07 एसीथ्री, 02 एसीटू- सहित 24 कोच रहेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08795/08796 दुर्ग-अमृतसर-दुर्ग, फेस्टिवल स्पेशल, दुर्ग से 7 एवं 10 नवंबर को तथा अमृतसर से 9 एवं 12  को दो फेरे के लिए चलेगी। यह गाड़ी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर, उसलापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर एवं शहडोल स्टेशनों में ठहरेगी। 08795 दुर्ग-अमृतसर फेस्टिवल स्पेशल दुर्ग से 11.10 बजे रवाना होगी तथा रायपुर 11.45 बजे, उस्लापुर 14.05 बजे, पेंड्रारोड 15.42 बजे, अनूपपुर 16.25 बजे, शहडोल 17.12 बजे, कटनी मुड़वारा 21.05 बजे, दमोह 22.45 बजे, सागर 23.45 बजे, दूसरे दिन बीना मालखेड़ी 01.08 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई 05.05 बजे, ग्वालियर 07.28 बजे, आगरा केंट 09.38 बजे, दिल्ली सफदरगंज 14.25 बजे, अंबाला केंट 18.05 बजे, ढंडारी कला 19.42 बजे, जालंधर 22.00 बजे होते हुए 00.05 बजे अमृतसर स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार 08796 अमृतसर-दुर्ग फेस्टिवल स्पेशल अमृतसर से 01.50 बजे रवाना होगी तथा जालंधर 02.55 बजे, ढंडारी कला 04.15 बजे, अंबाला केंट 05.55 बजे, दिल्ली सफदरगंज 10.18 बजे, आगरा केंट 14.58 बजे, ग्वालियर 17.28 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई 20.35 बजे, दूसरे दिन बीना मालखेड़ी 00.08 बजे, सागर 01.15 बजे, दमोह 02.20 बजे, कटनी मुड़वारा 04.05 बजे, शहडोल 06.40 बजे, अनूपपुर 07.25 बजे, पेंड्रारोड 08.10 बजे, उस्लापुर 10.35 बजे, रायपुर 12.55 बजे होते हुए 14.05 बजे दुर्ग स्टेशन पहुंचेगी। बिलासपुर से हड़पसर (पुणे) स्टेशन के लिए स्पेशल ट्रेन 08295/08296 बिलासपुर-हडपसर-बिलासपुर त्योहार स्पेशल एक फेरे के लिए चलाई जा रही। यह गाड़ी 08295 नंबर के साथ बिलासपुर से हडपसर के लिए 8 नवंबर को एवं 08296 नंबर के साथ हडपसर से बिलासपुर के लिए 9 नवंबर 2024 को रवाना होगी। recent visitors 73

यूपी के तीनों ग्रामीण बैंकों के विलय से यूपी राज्य ग्रामीण बैंक आकार लेगा, बैंकों की संख्या 43 से घटकर होगी 28

नई दिल्ली देश में बैंकों को लेकर मोदी सरकार बड़ा फैसला लेने जा रही है। दरअसल, बैंकों की संख्या कम किया जाएगा और शेष बचे बैंकों को व्यवस्थित और सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। बैंकों की संख्या वर्तमान में 43 से घटकर 28 हो जाने की संभावना है। इन राज्यों के बैंकों का होगा विलय बता दें कि वित्त मंत्रालय के तरफ से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का दूसरे बैंकों में विलय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।  आरआरबी का विलय आंध्र प्रदेश (चार आरआरबी), उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल (प्रत्येक में तीन) और बिहार, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा राजस्थान (प्रत्येक में दो) में किया जाएगा। वित्तीय सेवा विभाग ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रायोजक बैंकों के प्रमुखों से 20 नवंबर तक टिप्पणियां मांगी हैं। वहीं यूपी के तीनों ग्रामीण बैंकों के विलय से यूपी राज्य ग्रामीण बैंक आकार लेगा, जिसका प्रस्तावित मुख्यालय राजधानी लखनऊ में होगा। UP में तीन ग्रामीण बैंकों का विलय उत्तर प्रदेश में ग्रामीण बैंक को बड़ा बनाने की तैयारी है, इसके बाद प्रदेश का  सबसे बड़े नेटवर्क वाला बैंक हो जाएगा, जो प्रदेश के 75 जिलों में अपनी 4317 शाखाओं के साथ कार्यरत होगा। बता दें कि अभी प्रदेश में भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं सर्वाधिक हैं, जिनकी संख्या 2780 है। भारत सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण बैंकों के विलय का यह चौथा चरण है। यूपी में स्टेट बैंक से भी ज्यादा शाखाएं ग्रामीण बैंक की होंगी यूपी में अब सबसे ज्यादा शाखाएं ग्रामीण बैंक की होंगी। स्टेट बैंक से भी ज्यादा। यह नया बैंक प्रदेश की तीनों ग्रामीण बैंकों के मर्जर के बाद आकार लेगा। इसका नाम यूपी राज्य ग्रामीण बैंक होगा। इसकी कवायद केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है। बड़ौदा यूपी बैंक, आयावर्त बैंक और प्रथमा यूपी बैंक सहित अन्य राज्यों में जहां एक से अधिक ग्रामीण बैंक कार्यरत हैं, के विलय की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निदेशक सुशील कुमार सिंह ने राज्य सरकार और प्रायोजक बैंक को पत्र भेजकर 20 नवंबर तक अपनी सहमति भेजने को कहा है। इसका प्रधान कार्यालय लखनऊ में रहेगा वहीं इस विलय की प्रक्रिया को लेकर ALL India ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव डीएन त्रिवेदी का कहना है कि वित्त मंत्रालय ने आपसी विलय के लिए राज्य के अधिकतम व्यापार वाले ग्रामीण Bank में दूसरे ग्रामीण बैंक के विलय और राज्य मुख्यालय में प्रधान कार्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके तहत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्रायोजिक बड़ौदा यूपी बैंक के साथ बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित आर्यावर्त बैंक व पंजाब नेशनल बैंक द्वारा प्रायोजित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का विलय होगा। इसका प्रधान कार्यालय लखनऊ में रहेगा। विलय से ये होंगे लाभ ग्रमीण बैंकों के विलय होने के बाद इन बैंकों के संसाधन बढ़ जाएंगे व ऋण देने की क्षमता भी बढ़ जाएगी जिससे राज्य, खासकर ग्रामीण अर्थ व्यवस्था मजबूत होगी। विलय होने के बाद से ग्रामीण बैंक बाजार से पूंजी एकत्र करने में सक्षम होंगे। विलय होने के बाद  ग्रामीण बैंक की पूंजी के लिए सरकार पर निर्भरता कम होगी और अपने स्थापना खर्च वहन करने में आत्मनिर्भर होंगे   recent visitors 201

स्वदेशी मेला का आयोजन 15 से, संयोजक ललित माखीजा द्वारा भूमि पूजन

बिलासपुर स्वदेशी मेला 2024 साइंस कॉलेज मैदान सरकंडा बिलासपुर  में 15 नवंबर से 21 नवम्बर 2024 तक आयोजित है।मेला स्थल पर आज सुबह 10 बजे भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के सदस्य व मेला संयोजक समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे। इस वर्ष मेला संयोजक डॉ ललित मखीजा, युगल शर्मा को सह संयोजक सर्वसम्मती से बनाया गया। भूमि पूजन कार्यक्रम में  सीबीएमडी  प्रबंधक सुब्रत चाकी डॉ सुशील श्रीवास्तव, अरुणा दीक्षित, गोपाल शर्मा, गुलशन ऋषि,रामदेव कुमावत, डॉ नीता श्रीवास्तव, नारायण गिरी गोस्वामी, सौमित्र गुप्ता, लक्की बंजारे, शोभा कश्यप, चंदना गोस्वामी, अशोक श्रीवास्तव, कमल छाबड़ा, सुशांत द्विवेदी, जी आर जगत, जयेश पांचाल, तुषार पांसे, अभिजीत मित्रा,  भृगु अवस्थी, बबिता ताम्रकार, चानी ऐरी सहित स्वदेशी मेला 2024  के सदस्य उपस्थित थे । 9 नवम्बर को मेला प्रांगण में हनुमान पाठ का आयोजन किया जाएगा। recent visitors 106

भारतीय सेना ने एक और कदम बढ़ाते हुए अपने नॉर्दर्न कमांड में 550 ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल शामिल, एक बार में 33 राउंड

नई दिल्ली भारतीय सेना ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए अपने नॉर्दर्न कमांड में 550 ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल शामिल की हैं। यह पिस्टल पूरी तरह से स्वदेशी है और इसे भारतीय सेना के कर्नल प्रसाद बंसोड़ ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सहयोग से विकसित किया है। इस पिस्टल का निर्माण हैदराबाद स्थित लोकेश मशीन कंपनी कर रही है। आत्मनिर्भरता की दिशा में इस पहल से भारतीय सेना को न केवल आधुनिक तकनीकी साजो-सामान मिल रहा है, बल्कि यह स्वदेशी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। अस्मि मशीन पिस्टल: स्वदेशी हथियार अस्मि मशीन पिस्टल एक कॉम्पैक्ट, मजबूत और विश्वसनीय हथियार है, जिसे विशेष रूप से नजदीकी लड़ाई और विशेष अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। इसका सेमी-बुलपप डिजाइन इसे पिस्टल और सबमशीन गन दोनों के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देता है, जो इसे एक बहु-उद्देश्यीय हथियार बनाता है। इसे सिंगल-हैंड से चलाया जा सकता है, जिससे यह एक विशेष और सुविधाजनक विकल्प बनता है, खासकर उन परिस्थितियों में जब दोनों हाथों की स्वतंत्रता की आवश्यकता होती है। यह पिस्टल भारतीय सेना की आत्मनिर्भर भारत पहल को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस स्वदेशी हथियार का भारतीय रक्षा क्षेत्र में शामिल होना देश की रक्षा मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हुए प्रयासों को और मजबूती प्रदान करता है। अस्मि पिस्टल की प्रमुख विशेषताएँ 1. सटीकता और शक्ति अस्मि मशीन पिस्टल की सटीकता उल्लेखनीय है, क्योंकि यह 100 मीटर तक सटीक निशाना लगा सकती है। इसके अलावा, यह छोटे ऑपरेशनों और आतंकवादियों के खिलाफ विशेष रूप से प्रभावी साबित होती है। 2. मैगजीन की क्षमता इस पिस्टल में 33 गोलियों की क्षमता वाली मैगजीन होती है, जो इसे लंबे समय तक इस्तेमाल में सक्षम बनाती है, खासकर उन स्थितियों में जब एक-एक गोली की महत्ता होती है। 3. अत्याधुनिक एक्सेसरीज़ का विकल्प इस पिस्टल पर टेलिस्कोप, लेजर बीम, और बाइनोक्यूलर जैसे उपकरण आसानी से लगाए जा सकते हैं, जिससे ऑपरेशनों के दौरान बढ़ी हुई सटीकता और दृष्टि मिलती है। 4. दोनों हाथों से चलाने की सुविधा इस मशीन पिस्टल का लोडिंग स्विच दोनों तरफ होता है, जिससे लेफ्ट हैंडर और राइट हैंडर दोनों इसे आसानी से चला सकते हैं। यह सुविधा ऑपरेटर को अपनी पसंद के अनुसार इसे संचालित करने की स्वतंत्रता देती है। आतंकवादियों के खिलाफ एक आदर्श हथियार ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल को विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। नॉर्दर्न कमांड जैसे अर्बन एरिया में जहां आतंकवादी गतिविधियाँ अधिक होती हैं, इस पिस्टल का इस्तेमाल नजदीकी मुकाबलों में अत्यधिक प्रभावी साबित हो सकता है। पोर्टेबिलिटी और लचीला डिजाइन इस पिस्टल की एक और विशेषता यह है कि इसकी बट को फोल्ड किया जा सकता है, जिससे पिस्टल का आकार छोटा किया जा सकता है। इसका यह लचीला डिजाइन इसे छिपाकर ले जाने में मदद करता है। इसके अलावा, जब आवश्यकता होती है तो इसे राइफल की तरह कंधे पर रखकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे अधिक दूरी पर भी फायरिंग की जा सकती है। नॉर्दर्न कमांड में अस्मि का महत्व भारतीय सेना के नॉर्दर्न कमांड में इस पिस्टल का शामिल होना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है। इस क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जाने वाले ऑपरेशनों में अस्मि मशीन पिस्टल एक महत्वपूर्ण और प्रभावी हथियार साबित होगी। इसका कॉम्पैक्ट और फोल्डेबल डिजाइन, विशेष रूप से शहरी इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई में सहायक सिद्ध होगा। ‘अस्मि’ मशीन पिस्टल भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता और स्वदेशी रक्षा उत्पादों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह न केवल दुनिया में भारत के रक्षा क्षेत्र की शक्ति को बढ़ाता है, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।   recent visitors 117

पीटरसन ने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी कौशल में गिरावट पर चिन्ता जतायी

ऑस्ट्रेलिया दौरे में बुमराह पर रहेगा अधिक दबाव : घावरी रोहित के बाद ऋषभ को टेस्ट कप्तान बनायें : कैफ पीटरसन ने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी कौशल में गिरावट पर चिन्ता जतायी नई दिल्ली गुजरे जमाने के बांए हाथ के दिग्गज तेज गेंदबाज रहे करसन घावरी ने कहा है कि भारतीय टीम के नये तेज गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलिया दौरे में लाइन व लैंथ के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। घावरी के अनुसार ऐसे में मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पर ही पूरा दारोमदार रहेगा। भारतीय टीम इसी माह ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलेगी। घावरी ने कहा कि भारतीय टीम को अनुभवी तेज गेंदबाज मो शमी की कमी भी खलेगी। शमी फिट नहीं होने के कारण इस दौरे से बाहर हैं। ऐसे बुमराह पर ही पूरी जिम्मेदारी आ जाएगी। भारतीय टीम 22 नवंबर से 7 जनवरी तक ऑस्ट्रेलिया में 5 टेस्ट खेलेगा। इस दौरान तेज गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व बुमराह करेंगे जबकि मोहम्मद सिराज, आकाशदीप, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा जैसे गेंदबाज उनका साथ देंगे। घावरी ने टीम इंडिया के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अनुभव की कमी पर चिंता व्यक्त की और कहा कि नए खिलाड़ियों के लिए ऑस्ट्रेलिया में कठिन समय हो सकता है। घावरी ने कहा कि नए गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया में संघर्ष करेंगे। उनके लिए उन हालातों में गेंदबाजी करना बहुत मुश्किल होगा। शमी अगर होते तो बुमराह को अच्छा साथ मिलता पर वह वह वहां नहीं है। भारत केवल बुमराह पर निर्भर नहीं रह सकता है। सिराज वहां है और उसके पास कुछ अनुभव है पर बाकि 2 नए तेज गेंदबाजों को रखना आदर्श स्थिति नहीं है। घावरी ने कहा कि टेस्ट सीरीज के दौरान बुमराह काफी दबाव में होंगे और उन्हें सिराज से काफी समर्थन की आवश्यकता होगी। बुमराह और सिराज को नई गेंद से काफी बोझ उठाना होगा। आप तीसरे तेज गेंदबाज से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह अनुभवी लोगों की तरह प्रदर्शन करें। अगर वे तीन तेज गेंदबाजों को खिलाते हैं, तो आप अनिश्चित हैं कि तीसरा कैसा प्रदर्शन करेगा, इसलिए बुमराह और सिराज को निश्चित रूप से काफी प्रयास करने होंगे। रोहित के बाद ऋषभ को टेस्ट कप्तान बनायें : कैफ  पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ का मानना है कि कप्तान रोहित शर्मा के उत्तराधिकारी के तौर पर विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत सबसे बेहतर रहेंगे। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर भारतीय टीम की 3-0 से करारी हार के बाद रोहित की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में भविष्य को देखते हुए रोहित के उत्तराधिकारी की भी तलाश की जा रही है। इसी को लेकर कैफ ने कहा कि रोहित के पद छोड़ने के बाद आक्रामक बल्लेबाज ऋषभ को कमान सौंपी जानी चाहिए। कैफ ने कहा कि मौजूदा टीम से केवल ऋषभ ही टेस्ट कप्तान बनने की दौड़ में हैं। वह इसके योग्य है वह जब भी खेले, भारतीय टीम को आगे रखने में लगे रहे। वह जिस भी नंबर पर खेलने आएं, मैच जिताने वाली पारी खेलने के लिए तैयार रहेते हैं। उन्होंने सभी प्रकार की हालातों में रन बनाए हैं, चाहे वह इंग्लैंड हो, ऑस्ट्रेलिया हो या दक्षिण अफ्रीका। चाहे सीमिंग हो या टर्निंग ट्रैक, वह एक पूर्ण बल्लेबाज के तौर पर उभरकर आये हैं। इस पूर्व क्रिकेटर के अनुसार मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ जब भारत को 147 रनों का पीछा करना था तब भी ऋषभ ने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया था। कीवी टीम ने तब तक दबाव महसूस किया जब तक वह विकेट पर था। कैफ ने कहा कि हाल के समय में इस यूवा ने अपनी विकेटकीपिंग में भी खासा सुधार किया है। उन्होंने आगे कहा कि जब ऋषभ अपना अंतिम टेस्ट मैच खेल रहे होंगे, तो वह एक दिग्गज खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेंगे। उन्होंने दिखाया है कि पहले से ही उनकी कीपिंग में काफी सुधार हुआ है। जब तक वह क्रीज पर थे, न्यूजीलैंड को राहत नहीं लेने दी। इसी को देखते हुए मेरा मानना है कि वह कप्तानी के लिए सबसे बेहतर रहेंगे। पीटरसन ने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी कौशल में गिरावट पर चिन्ता जतायी  इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी तकनीक में गुणवत्ता में आ रही कम पर चिंता जतायी है। पीटरसन ने सोशल मीडिया में कहा कि आजकल पारंपरिक बल्लेबाजी कौशल में गिरावट आई है। पीटरसन ने कहा कि किसी को भी टेस्ट मैच क्रिकेट में बल्लेबाजी अनुप्रयोग और तकनीक की कमी पर अब हैरान नहीं होना चाहिये क्योंकि क्रिकेट अब एक स्मैकर्स खेल है और खेल में ऐसे बल्लेबाजी कौशल नीचे आ रहा है। पीटरसन की टिप्पणियां क्रिकेट में टी20 और सीमित ओवरों के प्रारूपों के कारण टेस्ट बल्लेबाजी की कला कमजोर होने को लेकर है। इससे पहले पीटरसन ने भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाजों विराट कोहली और रोहित शर्मा को ट्रोल करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया। केविन ने रिकी पोंटिंग का एक बयान पोस्ट किया। जिसमें लिखा था कि अगर आपका टेस्ट क्रिकेट में औसत 35 के पास है और आप फिर भी खेल रहे हैं तो आपके पिता को आपको बास्केटबॉल या फुटबॉल शूज देकर इन खेलों को खेलने के लिए कहना चाहिए। गौरतब है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान विराट और रोहित रन बनाने में असफल रहे। दोनों ही एक एक अर्धशतक ही लगा पाये। पीटरसन का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि भारतीय टीम को आगामी दिनों में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तहत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। अगर इसमें विराट और रोहित विफल रहे तो इनका विकल्प तलाशना जरुरी हो जाएगा।   recent visitors 130

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बना सकता है, पोंटिंग ने एक भारतीय और एक ऑस्ट्रेलियन प्लेयर को इसलिए चुना

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज 22 नवंबर से शुरू हो रही है, जो कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के नाम से भी जानी जाती है। इस सीरीज को लेकर अब चर्चा और भी तेज हो गई है। इसके पीछे कई कारण हैं, लेकिन हम यहां उन कारणों की बात नहीं कर रहे, बल्कि आप इस बारे में जान लीजिए कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने इस सीरीज को लेकर क्या भविष्यवाणी की है। रिकी पोंटिंग ने उन दो खिलाड़ियों का नाम बताया है, जो उनके मुताबिक इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन बना सकता है। पोंटिंग ने एक भारतीय और एक ऑस्ट्रेलियन प्लेयर को इसलिए चुना है। दरअसल, रिकी पोंटिंग ने आईसीसी रिव्यू में बात करते हुए कहा कि बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में टॉप स्कोर ऋषभ पंत और स्टीव स्मिथ हो सकते हैं। ऋषभ पंत को अब ऑस्ट्रेलिया में खेलने का अनुभव है, जबकि स्टीव स्मिथ पहले से ही ऑस्ट्रेलिया के स्टार खिलाड़ी हैं और उन्हें अपनी परिस्थितियों का अंदाजा है। पोंटिंग ने कहा, “मुझे लगता है कि स्मिथ, यह तथ्य कि वह सलामी बल्लेबाज से वापस नंबर 4 पर आ गए हैं, शायद यह महसूस कराता है कि उसके पास साबित करने के लिए और भी बहुत कुछ है। उन्हें ये साबित करना है कि वे नंबर चार पर बेस्ट दे सकते हैं। वहीं, ऋषभ पंत के टीम में वापस आने और संभवतः मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने के साथ जब गेंद की चमक और कठोरता थोड़ी कम हो जाती है और वह जिस फॉर्म में है, मैं उसे लीडिंग रन स्कोरर के रूप में भी चुनूंगा।” रिकी पोंटिंग ने ये भी बताया है कि इस सीरीज को कौन जीतने वाला है। हालांकि, इसकी भविष्यवाणी वे पहले ही कर चुके हैं और उसी प्रिडिक्शन पर अभी भी टिके हुए हैं। रिकी पोंटिंग ने कहा है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत खेली जाने वाली इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 3-1 से जीत दर्ज करेगी। पोंटिंग ने भारत की गेंदबाजी को लेकर कहा, "मोहम्मद शमी की वजह से उस गेंदबाजी समूह में बहुत बड़ा अंतर आ गया है। उस समय (अगस्त में) भी कुछ अटकलें थीं कि शमी फिट होंगे या नहीं। मुझे लगता है कि भारत के लिए हर एक टेस्ट मैच में 20 विकेट लेना सबसे बड़ी चुनौती होगी। मुझे लगता है कि वे मौजूदा बल्लेबाजों के साथ यहां अच्छी बल्लेबाजी करेंगे, लेकिन उनकी परेशानी गेंदबाजी होने वाली है" भारत के पास इस समय एक ही अनुभवी पेसर हैं, जसप्रीत बुमराह। इनके अलावा अन्य कोई गेंदबाज उस तरह की लय में नजर नहीं आ रहा है। recent visitors 71

छात्रा ने स्कूल में पानी की टंकी से कूद कर की आत्महत्या की कोशिश

बैतूल बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में आज एक नाबालिग छात्रा ने स्कूल कैंपस में बनी पानी की टंकी से कूद कर आत्महत्या की कोशिश की है। घटना में छात्रा बुरी तरह घायल हुई है। जिसका उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है। घटना की जानकारी लगते ही एडिशनल एसपी समेत पुलिस बल अस्पताल पहुंच गया है और पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। स्कूल प्राचार्य ने बताया कि, छुट्टी के समय अचानक छात्रा पानी की टंकी पर चढ़ गई। जिसकी जानकारी लगते ही स्टाफ से सभी लोगों ने समझाइश देकर नीचे उतारने की कोशिश करते रहें। लेकिन छात्रा ने किसी की बात नहीं मानी और पानी की टंकी से छलांग लगा दी। घटना में छात्रा बुरी तरह घायल हुई है। जिसका उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है। मामले की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। आखिरकार छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास क्यों किया इन सभी तथ्यों की जांच की जा रही। recent visitors 87