शादी का झांसा देकर ले गया था गांव, दोस्त को बुलाकर बारी-बारी लूटी दुल्हन की आबरू, हैवानों ने 2 दिन तक कमरे में किया बंद

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक युवक ने दिल्ली से एक 20 साल की युवती से शादी का वादा कर उसे अपने गांव लाया। शादी तो दूर दरिंदे ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उस युवती को बंधक बना लिया और बारी-बारी से दुष्कर्म किए। मंगलवार को पीड़िता आरोपियों के चंगुल से बचकर थाने पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जब पीड़ित युवती से पूछताछ की तो पता चला कि  वह गंगानगर, राजस्थान अपनी बड़ी बहन के घर आई थी। तीन दिन पहले गंगानगर से दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची। उसे केरल अपने भाई के पास जाना था। स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करने के दौरान उसे पुणे निवासी मनोज गायकवाड़ मिला। प्यार भरी बातें करने लगा। केरल की ट्रेन में उसके साथ बैठ गया। इस दौरान शादी का झांसा दिया। कैंट स्टेशन पर उतारने के बाद वह उसे गांव भालरा, किरावली निवासी अपने दोस्त कान्हा के यहां ले गया। एक रात खुद..दूसरी रात दोस्तों को दे दिया हवसी युवक ने युवती को 2 दिन अपने दोस्त के घर रखा जब एक रात वह खुद उसके साथ रेप किया और फिर दूसरी रात अपने दोस्तों के हवाले कर दिया। दो दिन बाद उसे दूसरी जगह एक महिला के घर ले गया। युवती ने उस महिला को सारी बात बताई। महिला ने युवती को थाना किरावली भेजा। पुलिस ने मनोज और कान्हा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी दिल्ली से उपकरण लाकर आगरा और पुणे में बिक्री करते हैं।  recent visitors 77

मंत्री राजवाड़े बोली – हर क्षेत्र में नई बुलंदियों को छू रहा है छत्तीसगढ़

रायपुर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलरामपुर के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग व जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। इस दौरान करमा नृत्य से उनका भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात् मुख्य मंच पर मंत्री ने सरस्वती माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिला बाल विकास विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने उपस्थित जनसमुदाय को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। राज्य बने हुए 24 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में विकास देखने को मिल रहा है। शिक्षा हो या स्वास्थ्य हर क्षेत्र में राज्य नई बुलंदियां छू रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में निरंतर विकास की पथ पर अग्रसर हो रहा है। डबल इंजन की सरकार सारे वादों को पूर्ण कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग के लिए कार्य कर रही है। प्राथमिकता से किसान, महिलाएं हर जरूरतमंद परिवार को लाभान्वित किया जा रहा है। युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि महतारी वन्दन योजना के द्वारा 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 179 महतारी सदन निर्माण के लिए 52 करोड़ 20 लाख की स्वीकृति दे दी गई है। साथ ही छत्तीसगढ़ में 08 लाख 46 हजार 931 आवासों के निर्माण की स्वीकृति भी दे दी है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 07 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि वनवास काल के दौरान भगवान श्री राम ने जिन स्थानों पर प्रवास किया, उन्हें हमारी सरकार पर्यटन तीर्थ के रूप में संवार रही है। आने वाले समय में हमारी सरकार प्रदेश में पर्यटन का और विकास करेगी। पर्यटन के माध्यम से रोजगार के अवसरों का सृजन किया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को भी आर्थिक लाभ होगा और उनका जीवन स्तर ऊँचा उठेगा। सामरी विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा ने छत्तीसगढ़ राज्योत्सव पर बधाई देते हुए मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य बनने के संदर्भ में संक्षिप्त जानकारी दी। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को कलेक्टर ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। recent visitors 69

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- गांधी सागर समूह जल प्रदाय योजना से 920 ग्रामों के लिए वरदान बनेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंदसौर जिले में 1211.56 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही गांधी सागर समूह जल प्रदाय योजना से 920 ग्रामों के लिए वरदान बनेगी। योजना से 2 लाख 40 हजार परिवारों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। आगामी दिसम्बर 2024 तक योजना पूर्ण की जाकर घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध करवाया जायेगा। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा। वर्तमान में योजना का 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योजना से न सिर्फ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे एवं सामुदायिक सहभागिता से ग्रामीणों को आत्म-निर्भर बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके ने बताया कि पहले जहां हर साल गर्मी में पानी की गंभीर कमी होती थी और लोग जलस्त्रोतों के सूखने के कारण पानी की समस्या से जूझते थे, वहीं अब गांधीसागर बांध से जल आपूर्ति का एक स्थिर रास्ता तैयार किया जा रहा है। इस योजना से जल जीवन मिशन के उद्देश्यों को साकार किया जा रहा है। समुदाय की सहभागिता और रोजगार सृजन गांधीसागर जलप्रदाय योजना का उद्देश्य न सिर्फ पानी की आपूर्ति करना है, बल्कि स्थानीय समुदायों को सक्रिय रूप से शामिल करना भी है। इस योजना के तहत 1200 से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिल चुका है और योजना के पूरा होने पर भी अन्य कई लोगों को रोजगार मिलेगा। इस योजना के समुचित संचालन के लिये ग्राम जल एवं स्वच्छता तदर्थ समितियों का गठन किया जाएगा, जिसमें 50 प्रतिशत महिलाएं और 25 प्रतिशत एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के प्रतिनिधि होंगे। ये समितियां जल आपूर्ति और इसके प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी निभाएंगी, जिससे जल संकट का स्थायी समाधान और ग्रामीणों की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित होगी। जल जीवन मिशन में स्वच्छता और स्वास्थ्य में सुधार यह योजना न सिर्फ जल की आपूर्ति को सुनिश्चित करेगी, बल्कि जल जनित रोगों में कमी लाने और ग्रामीण समुदायों को स्वस्थ बनाने का भी काम करेगी। ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाने से निजात मिलेगी और वह अपने अन्य महत्वपूर्ण कार्य कर सकेंगे। आने वाले समय में बदलाव की बयार गांधीसागर जलप्रदाय योजना मंदसौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक नई उम्मीद और स्थायी समाधान लेकर आई है। इस योजना से न सिर्फ जल संकट का समाधान होगा, बल्कि इससे ग्रामीण जीवन के स्तर में भी सुधार होगा। जल आपूर्ति के इस महत्वाकांक्षी प्रयास के साथ, मंदसौर जिले में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, जो आने वाले समय में विकास और समृद्धि का प्रतीक बनेगा।   recent visitors 104

क्षिप्रा शुद्धीकरण के साथ सम्पूर्ण उज्जैन का विकास सर्वोच्य प्राथमिकता में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 में आने वाले श्रद्धालुओं के लिये विशेष व्यवस्थाऍ करने राज्य सरकार की टीम ने एकजुट होकर निरंतर कार्य कर रही है। राज्य स्तर पर टास्क फोर्स का गठन भी किया जा चुका है। सिंहस्थ- 2028 की व्यवस्थाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मांक्षिप्रा के शुद्धीकरण के लिए 599 करोड़ रूपये लागत की कान्ह-क्लोज डक्ट परियोजना का कार्य प्रगतिरत है। साथ ही उज्जैन में आवागमन के लिये चौतरफा सड़क, ब्रिज बनाकर फोर-लेन मार्ग भी बनाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ आवागमन और सौन्दर्यीकरण से संबंधित अनेक अधोसंरचनात्मक किसान के कार्य प्रगतिरत हैं। उज्जैन पहुँचने वाले श्रद्धालु, विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिये ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे कम समय में सहजता से क्षिप्रा के घाटों और श्रद्धा स्थलों तक पहुँच सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में साधु-संतों के लिये इस बार विशेष पहल कर हरिद्वार की तरह स्थायी धार्मिक नगरी और आश्रम बनाये जायेंगे। इसके लिये सभी 13 अखाड़ों के महामंडलेश्वर, संत-महंतों के लिये आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जायेगी। इन प्रयासों से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन को विश्व पटल पर प्रमुखधार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में पहचान दिलाने के समग्र प्रयास किये जा रहे है। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। साथ ही उज्जैन की हवाई पट्टी को एयरपोर्ट बनाने की पहल भी की जा रही है। उज्जैन को जोड़ने वाले चारों ओर के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही उज्जैन शहर और उज्जैन ग्रामीण के बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिये स्थाई प्रकृति के 62 करोड़ के कार्यों को मंजूरी दी गई है। इसमें आधुनिक बिजली ग्रिड, नवीन विद्युत लाइन, इंटर कनेक्शन और नवीन उपकेन्द्र बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन हो चुका है। इनमें प्रमुख रूप से हरिफाटक-लालपुल-मुल्लापुरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और क्षिप्रा पर 2-लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य, बडावदा-कलसी-नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग, रालामंडल-कांकरिया-चिराखान-लेकोडा़-झिरोलिया-बारोदा-हमीरखेड़ी-उमरिया मार्ग, लालपुर से चिंतामन गणेश मंदिर, बड़ापुल-रणजीत-हनुमान-मोजमखेड़ी मार्ग, वाकंणकर पुल से दाऊद खेड़ी, करोहन-नाईखेड़ी-पंचक्रोशी मार्ग, खाचरोद-बड़नगर-बायपास, सेदरी से बड़ावदा, मुरानाबाद से बेड़ावन्या, रतलाम खाचरोद का शेष भाग का मजबूतीकरण, सदावल हेलीपैड निर्माण, जहांगीरपुर से चामुंडा माता मार्ग, रूदाहेड़ा से गुनई-महिदपुर से काचरिया एवं महिदपुर से नागेश्वर तीर्थ, सुतारखेड़ा एप्रोच रोड-मीन रोड से सुतारखेड़ा एवं रूदाहेड़ा एप्रोच रोड और मक्सी-तराना-रूपाखेड़ी एवं कानीपुरा-तराना मार्ग, मास्टर माईंड स्कूल तराना से लिम्बादित मेन रोड का काम प्रारंभ किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक विकसित होने के बाद उज्जैन वैश्विक स्तर पर पहचान बना चुका है। यहाँ आने वाले श्रृद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इसके दृष्टिगत वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिये अभी से कार्य प्रारंभ कर दिये है, जिससे यहाँ आने वाले श्रृद्धालु और नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। recent visitors 72

सेना में सिपाही की 3 वर्षीय बेटी को पड़ोसी कार में बैठाकर घुमाने ले गया, रास्ते में बंद गाड़ी में तड़पती रही, दम घुटने से हुई मौत

मेरठ उत्तरप्रदेश के मेरठ में दर्दनाक घटना घटित हो गई। सेना में सिपाही की 3 वर्षीय बेटी को पड़ोसी कार में बैठाकर घुमाने ले गया। रास्ते में पड़ोसी ने बच्ची को कार में लॉक कर दिया और दोस्तों के साथ पार्टी करने चला गया। कार के अंदर लॉक मासूम बच्ची 4 घंटे तक तड़पती रही। दम घुटने से तड़प-तड़पकर मासूम की मौत हो गई। वहीं पिता ने कंकरखेड़ा थाने में लांस नायक के खिलाफ बेटी की गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई तो मामले का खुलासा हुआ। जानें क्या है पूरा मामला हरियाणा के जींद सदर थाना क्षेत्र के निडानी गांव निवासी सोमबीर पुनिया भारतीय सेना में सिपाही हैं। वर्तमान में मेरठ स्थित आर्म्ड यूनिट में तैनात हैं। सोमबीर कंकरखेड़ा के फाजलपुर स्थित राजेश एनक्लेव आर्मी कॉलोनी में पत्नी और अपनी दो बेटियों के साथ रहते हैं। आर्मी कॉलोनी के ऊपर वाले फ्लैट में रहने वाला सेना में लांस नायक नरेश 30 अक्टूबर को सोमबीर की छोटी बेटी को घर वालों को बिना बताए गाड़ी में बैठाकर घुमाने ले गया। रोहटा रोड के पास नरेश ने बच्ची को गाड़ी में लॉक कर दिया और दोस्तों के साथ पार्टी करने चला गया। 4 घंटे बीत चुके और तड़पती रही बच्ची इधर परिजन बच्ची की तलाश करते रहे। आसपास पूछने पर पता चला कि बच्ची को नरेश लेकर गया है। नरेश को फोन करके पूछा तो उसने बताया कि बच्ची तो कार में है। वह पार्टी करने के बाद ड्यूटी पर आ गया तब तक बच्ची को बंद कार में 4 घंटे बीत चुके थे। बच्ची के घरवाले मौके पर पहुंचे। कार खोलकर देखा तो बच्ची बेदम पड़ी थी। जिसके बाद उसे अस्पताल लेजाया गया जहां डॉक्टरों ने मासूम बच्ची को मृत घोषित कर दिया।   recent visitors 100

श्रीवास्तव बोले – कांग्रेस द्वारा पूज्य बागेश्वर धाम की यात्रा का विरोध निंदनीय

रायपुर धर्मांतरण के खिलाफ बाबा बागेश्वर धाम सरकार की पदयात्रा को लेकर कांग्रेस के पेट में उठ रहे मरोड़ पर करारा कटाक्ष करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि बाबा बागेश्वर धाम सरकार की धर्मांतरण के खिलाफ यात्रा से कांग्रेस घबराई हुई है क्योंकि कांग्रेस हमेशा साम्प्रदायिक तुष्टीकरण और धर्मांतरण की पक्षधर रही है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा प्रलोभन देकर या जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ है और हम इस यात्रा का स्वागत करते है। कांग्रेस संतों को सलाह देने की राजनीतिक धृष्टता से बाज आए। श्रीवास्तव ने कहा कि धर्मांतरण की समर्थक कांग्रेस और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को जरूर यह खराब लग रहा होगा कि धर्मांतरण के खिलाफ बागेश्वर धाम सरकार पदयात्रा कर रहे हैं। इससे कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। बागेश्वर धाम को सलाह देनी वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि जिन कानूनों पर कांग्रेस को विश्वास नहीं है, जिस कानून का उल्लंघन कांग्रेस के नेता करते हैं, प्रदेश कांग्रेस के नेता करते हैं, उनके मुँह से कानून की बात कतई शोभा नहीं देती। इसका ताजा उदाहरण बलरामपुर, सूरजपुर, बलौदाबाजार और अभी हाल ही दामाखेड़ा के आश्रम पर हमले की घटनाएँ इस बात को चिह्नित करती हैं। केवल, और केवल तुष्टीकरण करके अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने और सनातन संस्कृति के खिलाफ धर्मांतरण का एजेंडा चलाने वाली कांग्रेस अब नैतिक और राजनीतिक, दोनों ही स्तर पर इस देश के संतों को किसी भी प्रकार की सलाह देने का अधिकार खो चुकी है। श्रीवास्तव ने कहा कि कानून से ज्यादा मजबूत इस देश के नागरिक हैं, जो सब इस बात को समझते हैं कि देशहित में धर्मांतरण ठीक नहीं है। लोक-लुभावन प्रलोभन, पैसे का लालच देकर धर्मांतरण करवाना, यह कांग्रेस की सत्ता-पिपासा का एजेंडा हो सकता है, लेकिन यह देश के नागरिकों के लिए उचित नहीं है। भाजपा बागेश्वर धाम सरकार की इस पदयात्रा का स्वागत करती है। इस देश में, इस प्रदेश के अंदर में धर्मांतरण का न तो कोई स्थान है और न ही कोई औचित्य है। हम सब धर्मांतरण का विरोध करते हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि धर्मांतरण को पोषित करना दीपक बैज और कांग्रेस की मजबूरी हो सकती है और इसलिए वह वोट बैंक की खातिर धर्मांतरण का सहारा ले रही है। recent visitors 82

CM डॉ मोहन की अध्यक्षता में वनाधिकार व पेसा कानून के लिए 13 सदस्यों की बनी समिति

भोपाल मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा कानून (PESA) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स का पुनर्गठन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स बनाया गया है। पंचायत एंव ग्रामीण विकास विभाग मंत्री प्रहलाद पटेल, जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह, वन मंत्री रामनिवास रावत उपाध्यक्ष बनाए गए है। एमपी के मुख्य सचिव अनुराग जैन पदेन सदस्य सचिव होंगे। कुल 13 सदस्यों की टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति का कार्यकाल दो साल के लिए होगा। आइए जानते है इस टास्क फोर्स समिति का काम क्या होगा…     मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार साल में दो बार शीर्ष समिति की बैठक करना।     मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार कार्यकारी समिति की बैठक बुलाई जा सकेगी।     राज्य में वर्तमान में चिन्हान्कित वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों की संभावित क्षेत्रों (potential area) के मैपिंग की जिलेवार सूची तैयार करना।     अन्य संभावित क्षेत्रों के चिन्हांकन के लिए संस्तुति प्रदान करना।     राज्य में वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों के संभावित क्षेत्रों के लंबित प्रकरणों का जिलेवार आकलन करना।     राज्य में पेसा और वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) में सीएफआरआर प्रावधानों के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन के संबद्धित विभाग/विभागों एवं एफआरए संबंधित विषयों के लिए डीएलसी (DLC) और पेसा संबंधित विषयों के लिए जिला पंचायतों को संभावित रणनीतियों और कार्य योजना के लिए अनुशंसाएं प्रदान करना।     प्रस्तावित अनुशंसाओं के प्रशासकीय अनुमोदन के बाद, कार्य योजना एवं समय सीमा के अनुसार बिंदुवार क्रियान्वयनित कार्यों का मूल्यांकन और पर्यवेक्षण करना।     राज्य में वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पेसा (PESA) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए अन्य उपाय या अनुशंसाएं, जैसा टास्कफोर्स उचित समझें।   recent visitors 61