चतुर्थ श्रेणी कर्मी को महिला अधिकारी और उसकी सहयोगी ने जड़े थप्पड़, पूरे सिविल अस्पताल में हड़कंप का माहौल

सोनीपत सोनीपत सिविल अस्पताल के एक्स रे रूम में कार्यरत दीपक नाम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को महिला अधिकारी आशा सहरावत ने अपनी सहयोगी स्टाफ नर्स राजेश के साथ थप्पड़ जड़ दिए। उसके बाद पूरे सिविल अस्पताल में हड़कंप का माहौल देखने को मिला और एक के बाद एक सभी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर इक्कठा हो गए और दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ जयंत आहुजा ने सभी को उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया तो दीपक की तरफ से शिकायत सिविल अस्पताल प्रबंधन को दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार सोनीपत के खरखौदा में कई माह पहले तत्कालीन एसएमओ आशा सहरावत और स्टाफ नर्स राजेश के खिलाफ कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद दोनों का वहां से तबादला भी कर दिया गया था लेकिन आज आशा सहरावत और स्टाफ नर्स ने सोनीपत सिविल अस्पताल के एक्स रे रूम में कार्यरत दीपक नाम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पहले रूम से बाहर बुलाया और फिर वहां उस पर कई थप्पड़ जड़ दिए। इस दौरान रेडियोलॉजिस्ट राजेश दहिया भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि आशा सहरावत और स्टाफ नर्स राजेश ने दीपक को थप्पड़ मारे है, तो दीपक ने बताया कि बिना बेवजह डॉक्टर आशा सहरावत और स्टाफ नर्स ने उसके साथ मारपीट की है। इस थप्पड़ कांड की गूंज पूरे अस्पताल में सुनने को मिली और अधिकारियों और डॉक्टरों के बीच में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। वहीं इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ जयंत आहुजा ने बताया कि ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों की बात को सुना गया है और मामले में जांच की जा रही है। जल्द ही मामले जांच की जाएगी। ये मामला मनमुटाव का है और खरखौदा से मामला चला आ रहा है। जांच में ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिरकार मामला क्या है। recent visitors 69

पेसा मित्रों की पहल से ग्राम पंचायतों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा

भोपाल मध्यप्रदेश में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम-2022 लागू हैं। यह नियम प्रदेश में निवासरत जनजातीय समुदायों के प्राकृतिक रहन-सहन को केन्द्र में रखकर उनकी स्व-शासन की भावना को मान्यता प्रदान करते हैं। प्रदेश की सभी पेसा ग्राम पंचायतों में इन दिनों एक नई सकारात्मक लहर देखने को मिल रही है। पेसा मित्रों या कहें पेसा मोबलाईजर्स का योगदान ग्रामीणों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। राज्य की 5 हजार 133 पेसा ग्राम पंचायतों में 4 हजार 665 पेसा मित्र कार्यरत हैं, जो अपनी भूमिका को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। ये पेसा मित्र न केवल ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं, बल्कि उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित भी कर रहे हैं। इस दिशा में शहडोल जिले का काम विशेष रूप से सराहनीय रहा है। यहां पेसा मित्रों ने ग्राम पंचायतों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया, जिससे ग्रामीणों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृषि और रोजगार जैसी योजनाओं के प्रति रूचि बढ़ी है। पेसा मित्रों ने ग्रामीण (विशेषकर जनजातीय) समुदायों को सरकार की योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ ग्राम पंचायतों में एक सशक्त सोशल नेटवर्क तैयार किया है, जो ग्राम स्तर पर सबके स्वावलंबन को बढ़ावा दे रहा है। पेसा मित्रों की इस पहल से ग्राम पंचायतों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। ग्रामीण, जो पहले सरकारी योजनाओं से अनजान थे, अब न केवल इनसे परिचित हो रहे हैं बल्कि योजनाओं का लाभ भी उठा रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और वे स्वयं के जीवन को बेहतर बना पा रहे हैं। प्रदेश में पेसा मित्रों का यह कार्य न केवल ग्रामीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम है बल्कि समाज में सामूहिक जागरूकता और सहभागिता की भावना भी विकसित कर रहा है।  पेसा मित्र बन रहे सच्चे मददगार शहडोल जिले की पेसा ग्राम पंचायतों में नियुक्त पेसा मित्र (मोबलाईजर) महती भूमिका निभा रहे हैं। पेसा मित्रों द्वारा पेसा एक्ट में उल्लेखित हितग्राहीमूलक विकास कार्यों, समग्र ई-केवाईसी, जनजातीय समुदायों को मछली पालन के लिए प्रोत्साहित करना, खनिज समिति व मादक पदार्थ नियंत्रण समिति के तहत आर्थिक दंड वसूल करना जैसे अन्य विभिन्न कार्य प्राथमिकता के साथ किये जा रहे हैं। जिले के जयसिंहनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ठेंगरहा के पेसा मित्र (मोबलाईजर) अजय सिंह परस्ते द्वारा इस ग्राम पंचायत क्षेत्र में जल समिति द्वारा मछली पालन, मादक पदार्थ समिति द्वारा लोगों को मादक पदार्थ का सेवन न करने के बारे में जागरूक किया गया। साथ ही बाजार समिति के जरिये ग्राम पंचायत द्वारा बाजार कर लेने का प्रस्ताव पारित करने में भी महती भूमिका का निर्वहन किया गया। साथ ही समग्र आई-डी, ई-केवाईसी, समग्र सत्यापन, समग्र में नाम जोड़ना, समग्र परिवार विभाजन, आवास रजिस्ट्रेशन, राशन पोर्टल में पात्र परिवारों की फीडिंग, पीएम जन-मन पक्का आवास रजिस्ट्रेशन, मनरेगा सबन्धित कार्यों का मस्टर रोल जारी करने, शांति एवं विवाद निवारण समिति के अंतर्गत समन्वय कार्य, पीएम जन-मन पक्का आवास का जियो-टैग जैसे कार्य किये गये। इसी प्रकार जयसिंहनगर ब्लॉक की पेसा मित्र (मोबलाईजर) सुमुस्कान गुप्ता, सुवेदकली पटेल, सुकल्पना तिवारी,  कुलदीप सिंह व अन्य पेसा मित्रों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित हितग्राहीमूल एवं समुदायमूलक योजनाओं का संबंधितों को लाभ दिलाने के लिए स्व-प्रेरणा से सेवा कार्य किये गये। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 ग्राम पेसा क्षेत्र में आते हैं। अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर एवं डिंडोरी पूर्ण पेसा जिलों में रूप में चिन्हित हैं। जबकि बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, नर्मदापुरम, खरगोन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी उमरिया एवं रतलाम आंशिक पेसा जिले हैं। प्रदेश में ग्राम स्तर, पंचायत स्तर, विकासखंड, जिला एवं राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये पेसा एक्ट के क्रियान्वयन में तेजी से प्रगति आई है। पेसा मित्र इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।   recent visitors 55

जंगल में नर्स से रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार

चित्रकूट उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक निजी अस्पताल की 22 वर्षीय नर्स से दुष्कर्म के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पीड़िता ने गैंगरेप का आरोप लगाया था लेकिन पुलिस जांच में रेप की पुष्टि हुई, जिसके बाद आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी से पुलिस हिरासत में पूछताछ की जा रही है। बता दें कि घटना के 12 दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार किया है, अभी हालांकि एक ही आरोपी पकड़ा गया है। जंगल में नर्स से रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार मिली जानकारी के मुताबिक, चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में शंकरगढ़ के रहने वाले शुभम मिश्रा को पुलिस ने सुबह 5.30 बजे अरवारी मोड़ से गिरफ्तार किया गया। ये घटना 26 अक्टूबर को बरगढ़ थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़िता के पिता ने तीन-चार अज्ञात युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। घटना के 12 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू की थी। इस दौरान पुलिस को पता चला कि इस मामले में केवल एक आरोपी शामिल है। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जो कि आदतन अपराधी है। recent visitors 72

ट्रंप 2.0 में भले ही टैरिफ का मुद्दा भारत और अमेरिका के बीच में एक कांटा बन सकता है, लेकिन बाकी मुद्दों पर समर्थन की उम्मीद

वाशिंगटन अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने कमला हैरिस को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली है। अमेरिका में ट्रंप के चुने जाने के बाद पूरी दुनिया में कई मुद्दों पर अमेरिकी स्टैंड में बदलाव की उम्मीद है। ट्रंप 2.0 में भले ही टैरिफ का मुद्दा भारत और अमेरिका के बीच में एक कांटा बन सकता है लेकिन इससे इतर बाकी मुद्दों पर अमेरिका के भारत के समर्थन में आने की उम्मीद बनती दिख रही है। चीन के साथ टैरिफ के मुद्दों पर खुले तौर पर अपना पक्ष रखने वाले ट्रंप इस मामले में भारत का समर्थन कर सकते हैं। वहीं पाकिस्तान को लेकर भारत शुरुआत से ही आतंकवाद पर अमेरिका का कड़ा रुख चाहता है, ट्रंप के हालिया और पिछली सरकार के फैसलों को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि ट्रंप सरकार पाकिस्तान पर नकेल कस सकती है।भारत और अमेरिका के संबंधों के विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद दोनों देशों के बीच हालिया समय में जो तनातनी देखी गई है उसमें कमी आने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी ट्रंप की सत्ता में वापसी के लिए बधाई देने में ज्यादा देर नहीं लगाई। पीएम ने एक्स पर ट्रंप को अपना दोस्त बताते हुए चुनावों में ऐतिहासिक जीत पर अपनी शुभकामनाएं दीं। पीएम ने दोनों ही देशों के बीच के ऐतिहासिक और रणनीतिक साझेदारी को और गहरे तक ले जाने के लिए ट्रंप के साथ काम करने की इच्छा जताई। पीएम मोदी और ट्रंप का दोस्ताना ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान दिखाई दिया था, जब अमेरिका में हाउडी मोदी और अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप के जरिए दोनों देशों ने अपने मजबूत रिश्तों की आधारशिला रखी थी। बांग्लादेश के मुद्दे पर ट्रंप कर सकते हैं भारत का समर्थन बांग्लादेश के मुद्दे पर ट्रंप की ज्यादा रुचि उनके चुनाव प्रचार के दौरान सामने नहीं आई है। लेकिन बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हालिया परिस्थितियों को लेकर ट्रंप के बयानों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि ट्रंप बांग्लादेश में भारत के हितों का समर्थन कर सकते हैं। क्योंकि मुहम्मद यूनुस क्लिंटन फाउंडेशन से खुले तौर पर जुड़े हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर बैठने के बाद दक्षिण एशिया के कई मुद्दों पर अमेरिका की तरफ से बयानबाजी भी बंद हो सकती है। बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका की तरफ से दिए गए कई बयानों ने भारत के लिए असुविधा की स्थिति को उत्पन्न किया था। ऐसे में भारत के लिए ट्रंप का आना एक सुखद स्थिति हो सकता है। इससे इतर भारत पन्नू के मामले में भी ट्रंप प्रशासन के नजरिए पर भी कड़ी नजर रखेगा। रक्षा सहयोग में मिलेगा भारत को फायदा हाल के समय में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग एक मुख्य मुद्दा रहा है। दोनों ही देश अपनी इस साझेदारी से एक दूसरे के करीब आए हैं। क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (icet) पर ऐतिहासिक पहल और जेट इंजन के निर्माण के लिए जीई-एचएएल समझौते जैसे रक्षा सौदे बिडेन प्रशासन के तहत कुछ उपलब्धियां रही हैं। बाइडन प्रशासन के दौरान क्वाड को भी गति मिली है, इन पहलों पर और तेजी आने की उम्मीद है। ट्रम्प की व्हाइट हाउस में वापसी से भारत को भी फायदा हो सकता है क्योंकि चीन पर नए टैरिफ का वादा उन्होंने पहले ही कर दिया है। चीन और ट्रंप के बीच में टसल से अमेरिकी कंपनियों के चीन से ट्रांसफर होकर भारत आने की उम्मीद भी बढ़ जाती है। पाकिस्तान के आतंकवाद के मुद्दें पर भी ट्रंप प्रशासन भारत के हितों को महत्वता दे सकता है। recent visitors 55

श्रेयस अय्यर ने लगाया दोहरा शतक, भारतीय चयनकर्ताओं और KKR का खींचा ध्यान

नई दिल्ली श्रेयस अय्यर ने 7 नवंबर (गुरुवार) को मुंबई में रणजी ट्रॉफी 2024-25 के मौजूदा दौर में ओडिशा के खिलाफ शानदार दोहरा शतक लगाया। उन्होंने 228 गेंदों पर 233 रन बनाए जो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर है। बाएं हाथ के स्पिनर हर्षित राठौड़ ने आखिरकार अय्यर को आउट कर दिया, जो स्टंप आउट हो गए। 29 वर्षीय अय्यर ने पिछले दौर में महाराष्ट्र के खिलाफ शानदार 142 रन की पारी खेली थी जिससे उनकी टीम को 9 विकेट से जीत मिली थी।   अय्यर के नाम प्रथम श्रेणी स्तर पर दो और दोहरे शतक हैं। उनका पहला दोहरा शतक मुंबई के लिए था, जब उन्होंने 2015 में मुंबई में पंजाब के खिलाफ 200 रन बनाए थे। दो साल बाद 2017 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ ब्रेबोर्न में जैक्सन बर्ड, नाथन लियोन, मिशेल मार्श और स्टीव ओ'कीफ की मौजूदगी में सिर्फ 210 गेंदों पर नाबाद 202 रन बनाए। अय्यर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 नवंबर से पर्थ टेस्ट से शुरू होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए भारत की टीम का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा उनके पास बीसीसीआई का अनुबंध नहीं है और हाल ही में उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने भी रिटेन नहीं किया, जबकि उन्होंने टीम को एक दशक में अपना पहला खिताब दिलाया था। गौर हो कि मौजूदा रणजी ट्रॉफी सीजन में अय्यर ने चार पारियों में 101.25 की औसत से 405 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक, एक दोहरा और एक शून्य शामिल हैं। recent visitors 50

प्रदेश भर में डेंगू अपने पंख पसार रहा है, अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं

अंबाला प्रदेश भर में डेंगू अपने पंख पसार रहा है। अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच अंबाला छावनी के कई इलाकों का रियलटी चेक किया तो पाया कि कॉलोनियों में ना तो सफाई व्यवस्था दरुस्त है और ना ही खाली पड़े प्लॉटों से अब तक बरसाती पानी की निकासी हो पाई है। जिन प्लाटों में पानी खड़ा है उनमें काई जमी है। मच्छर और अन्य कीटाणु इन प्लॉटों पर मंडरा रहे हैं जिससे कभी भी डेंगू जैसी घातक बीमारी फैलने का खतरा स्थानीय निवासियों के सिर पर मंडरा रहा है। स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। लिहाजा गणेश विहार एक्सटेंशन और आजाद नगर के लोगों को हमेशा बीमारी फैलने का खतरा सताता रहता है, क्यूंकि इन इलाकों में मक्खियों और मच्छरों की भरमार है। डेंगू से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग का साफ कहना है कि उनकी तैयारियां पूरी है। किसी भी तरीके की कोई दिक्कत उनकी तरफ से नहीं है। जिले में 82 केस डेंगू के रिपोर्ट हो चुके हैं। संबंधित विभाग को फॉगिंग के लिए पत्र लिखे गए हैं। अभी तक 8500 से ज्यादा लोगों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। करनाल में अब तक डेंगू के 327 मामले आए, सामने स्वास्थ्य विभाग की टीम अलर्ट हरियाणा में बदलते मौसम की वजह से डेंगू के केस बढ़ते जा रहे हैं। करनाल जिले में भी 1 जनवरी से अब तक 327 मामले सामने आए हैं। जो कि पिछले साल के मुकाबले कम हैं। बावजूद इसके जिले में रोजाना डेंगू से जुड़े मामले सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में आते रहते हैं। करनाल में आए दिन मामले सामने आ रहे हैं। सिविल सर्जन डॉक्टर रेनू चावला ने कहा है कि अलग-अलग जगह टीमें जाकर फॉगिंग कर रही हैं। लार्वा को काला तेल या दवाई डालकर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। कोई व्यक्ति ज्यादा लापरवाही बरत रहा है तो उसे नोटिस भेजा जा रहा है। ताकि डेंगू से बचाव किया जा सके। प्राइवेट अस्पतालों को भी सख्त निर्देश दिए गऐ हैं कि किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न की जाऐ। मच्छरों का लार्वा न पनपे इसलिए एहतियाद बरते जा रहे हैं। recent visitors 63

भारतीय अफसर ने तालिबान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब मुजाहिद के साथ काबुल में मुलाकात की

नई दिल्ली भारत-अफगानिस्तान संबंधों में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव जेपी सिंह ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पहली बार बुधवार (06 नवंबर) को तालिबान के रक्षा मंत्री मोहम्मद याकूब मुजाहिद के साथ काबुल में मुलाकात की है। याकूब तालिबान समूह के पूर्व सर्वोच्च नेता और 1996 से 2001 तक अफगानिस्तान के अमीर रहे मुल्ला उमर के बेटे हैं। वहीं, जेपी सिंह विदेश मंत्रालय में अफगाविस्तान, पाकिस्तान और ईरान मामलों के प्रभारी हैं। दरअसल, भारत अफगानिस्तान के साथ संबंधों को आगे बढ़ाना चाहता है क्योंकि अगस्त 2021 में काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्तों पर बर्फ जमी हुई है। भारतीय अधिकारी ने तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी और पूर्व अफ़गान राष्ट्रपति हामिद करज़ई से भी मुलाकात की है। जेपी सिंह की एक साल के अंदर यह दूसरी काबुल यात्रा है। विदेश मंत्री एस जयंशंकर के निर्देश पर उनके साथ विदेश मंत्रालय का एक प्रतिनिधिमंडल भी गया है। इससे जाहिर होता है कि मोदी सरकार तालिबान शासन आने के बाद अफगानिस्‍तान के साथ अपने रिश्तों में फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रही है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने कहा, "इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने की अपनी साझा इच्छा पर जोर दिया है। ख़ास तौर पर मानवीय सहयोग और अन्य मुद्दों पर अफ़गानिस्तान और भारत ने आगे भी बातचीत को जारी रखने और द्विपक्षीय संबंध मज़बूत करने की इच्छा व्यक्त की है।" TOI की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि नाम न बताने की शर्त पर एक अफ़गान अधिकारी के अनुसार, "यह बैठक इस बात का संकेत है कि भारत न केवल देश को अपनी मानवीय सहायता बढ़ाने के लिए तैयार है, बल्कि काबुल में शासन को आधिकारिक रूप से मान्यता दिए बिना भी पुनर्निर्माण प्रयासों में सहायता करने के लिए तैयार है। इस बैठक में तालिबान की ओर से बार-बार आश्वासन दिए गए कि वे भारत के खिलाफ आंतकी गतिविधियों के लिए अफ़गान क्षेत्र का उपयोग नहीं होने देंगे। इसने भारत को आश्वस्त किया है कि काबुल के साथ जुड़ाव को गहरा करने का सही समय हो सकता है।" बता दें कि याकूब ने पहले भी भारत के साथ मजबूत संबंधों की उम्मीद जताई है, जिससे रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है। तालिबान भारत पर दबाव डालता रहा है कि वह नई दिल्ली में अफगान दूतावास में तालिबान विदेश मंत्रालय के एक राजनयिक की नियुक्ति की अनुमति दे। इसके पीछे तालिबान का तर्क है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच मधुर संबंध दोनों देशों और वहां के लोगों के लिए अहम हैं लेकिन भारत ने भी तक तालिबान प्रशासन को औपचारिक रूप से मान्‍यता नहीं दी है। हालांकि, भारत सेंट्रल एशिया में अपनी पहुंच को मजबूत करने के लिए अफगानिस्‍ता को एक अहम साझेदार के तौर पर देखता आया है। विदेश मंत्रालय की हालिया मुलाकात से इस बात की संभावना बढ़ गई है। इस बैठक में याकूब ने भारत के साथ मजबूत संबंधों के इतिहास का भी जिक्र किया है लेकिन पाकिस्तान को इससे मिर्ची लग सकती है। इस मुलाकात के बाद उसकी आंखों की नींद उड़ गई है क्योंकि अफागनिस्तान के साथ पाकिस्तान के रश्ते तल्ख हैं। तालिबान की गतिविधियों को लेकर मतभेदों के कारण तालिबान के पाकिस्तान के साथ संबंध खराब होते जा रहे हैं। डेढ़ महीने पहले ही सितंबर में पाक ने काबुल से अपने विशेष प्रतिनिधि को हटा लिया था। दरअसल, दोनों देशों की सीमा पर अक्सर झड़पें और गोलीबारी होती रहती हैं। पाकिस्तान दावा करता रहा है कि अफगानिस्तान तालिबानी शासन ताहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे चरमपंथी संगठन को बढ़ावा देता है। उधर अफगानिस्तान दावा करता रहा है कि पाकिस्तान अपनी आतरिक कमियों का दोषरोपण कर रहा है। पाकिस्तान को अब इस बात की चिंता सता रही है कि भारत-अफगानिस्तान के रिश्ते बेहतर होने का खामियाजा उसे भुगतना पड़ सकता है। recent visitors 77