Friday, July 10, 2026 1:04 pm

खेल-खेल में दिल दहलाने वाला झगड़ा, राजस्थान-सिरोही में नाबालिग ने चाकू घोंपकर दोस्त की आंतें निकालीं

सिरोही. राजस्थान के सिरोही जिले के देलदर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। खेल के दौरान हुए विवाद में एक 14 वर्षीय किशोर ने अपने 10 वर्षीय साथी पर चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना भयानक था कि बच्चे की आंतें बाहर आ गईं। गंभीर हालत में बच्चे को अहमदाबाद रेफर किया गया है। बता दें कि बरलूट थाना क्षेत्र के देलदर गांव में दो नाबालिग बच्चे खेल के दौरान किसी बात को लेकर झगड़ गए। जिसके बाद एक 14 साल के नाबालिग बच्चे ने गुस्से में आकर दूसरे 10 साल के तुषाल पुत्र केराराम मेघवाल के पेट में चाकू से जोरदार वार कर दिया। जिससे मासूम बच्चे के पेट की आंत तक बाहर निकल गई। हादसे के बाद परिजन तुरंत घायल बच्चे को लहूलुहान हालत में लेकर बरलूट अस्पताल पहुंचे, जहां से डॉक्टर ने उन्हें सिरोही जिला अस्पताल रेफर किया। परिजन घायल बच्चे को लेकर सिरोही अस्पताल पहुंचे तो, वहां के डॉक्टरों ने घायल बच्चों को बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजन बच्चे को गुजरात के अस्पताल ले गए, जहां बच्चे का इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार बरलूट थाना क्षेत्र के देलदर गांव मे सुबह एक 10 साल के तुषाल पुत्र केराराम मेघवाल अपने दोस्तों के साथ खड़ा था। इस दौरान खेल को लेकर किसी बात से नाराज वराड़ा निवासी चिराग पुत्र शंकरलाल मेघवाल (14) ने गुस्से में आकर चाकू लेकर पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी नाबालिग दो दिन पहले दोस्तों के साथ सुंधा माता के दर्शन करने गया था। वहां से चाकू और टॉर्च खरीदकर लाया था। नाबालिग के पिता की मौत हो चुकी है। नाबालिग 3 दिन पहले मौसी के यहां आया हुआ था। recent visitors 120

जहरखुरानी की आशंका, छत्तीसगढ़-कोरिया वन मंडल में मिला बाघ का शव

कोरिया. कोरिया वन मंडल व गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के सीमा स्तिथ रामगढ़ क्षेत्र अंतर्गत देवसील ग्राम पंचायत के मार्ग में खनकोपर नदी के तट में एक मृत बाघ का शव मिला है। जिस जगह पर बाघ का शव मिला है, वह इलाका वन परिक्षेत्र सोनहत के कोरिया वन मंडल अंतर्गत आता है। मामले को लेकर अभी शुरुआती जानकारी ही मिली है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इलाके में मौजूद बाघ की मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्प्ष्ट होगा। वहीं, विगत तीन वर्ष पहले इसी इलाके में  ग्रामीणों ने जहर देकर एक बाघ को मार दिया था, जिससे जहरखुरानी की संभावना भी जताई जा रही है। वन सीमा से नदारद रहने वाले जिम्मेदार अधिकारी इस घटना के बाद मोबाइल बंद कर कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ भी जानकारी उपलब्ध कराने की बात कह रहें। जबकि जून 2022 में कोरिया जिले के गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के रामगढ़ रेंज में सलगवांखुर्द में बाघ का शव मिला था। इस घटना के बाद जिले से लेकर प्रदेश के अफसरों में हड़कंप मच गया था। वहीं, गुरुघासीदास नेशनल पार्क, छत्तीसगढ़ में स्थित है. इसका प्रमुख हिस्सा 1,440 वर्ग किलोमीटर का है। जानकारी अनुसार, कोरिया जिले के अंतर्गत स्तिथ एक मात्र राष्ट्रीय उद्यान व कोरिया वन मंडल में अधिकारियों के मुख्यालय से लगातार नदारत रहने  व मध्यप्रदेश में स्तिथ किसी राष्ट्रीय उद्यान के बाघ की मौत कहि न कही वन विभाग के अधिकारियों के निवास में न रहने व गस्ती को लेकर कई सवाल छोड़ गया, जिसका जवाब अब पदस्थ अधिकारी के पास भी नही की आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन हैं! जानकारी अनुसार गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान व कोरिया वन मंडल में लगभग कुछ जगह सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभारी डिप्टी रेंजरों व रेंजरों पर हैं, जो कि जुगाड़ में रेंजर की कुर्सी पर बैठ तो गए लेकिन अपने-अपने मुख्यालय से ज्यादातर नदारत रहते हैं। अब बाघ की मौत ने इन प्रभारी रेंजरों व रेंजरों की सुरक्षा को लेकर मॉनिटरिंग पर कई सवाल छोड़ गये कि आखिर क्या मजबूरी है कि इन जुगाड़ के डिप्टी रेंजरों व रेंजरों का तबादला नहीं होने के कारण एक ही जगह पर टिके हैं, जिसे लेकर अब सवाल उठना लाजमी है। वहीं, यदि इनके लोकेशन की जांच की जाए तो ज्यादातर प्रभारी अधिकारी मुख्यालय से नदारत ही मिलेंगे। recent visitors 67

पूछताछ में खुलेंगे कई राज, राजस्थान-जोधपुर अनीता चौधरी के हत्यारे को मुंबई से पकड़कर लाई पुलिस

जोधपुर. राजस्थान की सनसिटी जोधपुर में मौत के घाट उतारी गई ब्यूटीशियन अनीता चौधरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी गुलामुद्दीन शुक्रवार देर रात मुंबई से जोधपुर ले आया गया। जोधपुर पुलिस की टीम ने मुंबई पुलिस की मदद से गुलामुद्दीन को पकड़ा था। अब गुलामुद्दीन की यहां गिरफ्तारी किए जाने के बाद उससे पूछताछ होगी। दूसरी तरफ हत्याकांड को 9 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक अनीता चौधरी के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। उसका शव छह टुकड़ों में एम्स अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। अब तक पुलिस पर आरोप लगा रहे अनीता के परिजनों पर अब पुलिस ने जांच में सहयोग नहीं करने का बड़ा आरोप लगाया है। इससे पहले पुलिस ने पूरे केस को लूट के इरादे से की गई हत्या बताते हुए मुख्य अभियुक्त गुलामुद्दीन की पत्नी आबिदा को गिरफ्तार किया था, लेकिन यह बात अनिता के परिजनों के गले नहीं उतर रही। उनका कहना है कि यह हत्या लूट के लिए नहीं बल्कि किसी और इरादे से की गई है। परिजनों का व्यवहार पैदा कर रहा है नए शक इस बीच अनीता के पति और उसकी सहेली सुनीता उर्फ सुमन सेन की बातचीत का एक ऑडियो सामने आया था। उसके तैयब अंसारी पर अनीता की हत्या का अंदेशा जताया गया था। इसके साथ ही कुछ फोटो और वीडियो को लेकर बात की गई थी। पुलिस इस मामले में लूट, बदला और ब्लैकमेल सभी एंगल से जांच कर रही है, लेकिन अनीता के परिजनों का धरना स्थल से गायब हो जाना और पुलिस के आने के बाद फिर लौट आना नए शक पैदा कर रहा है। recent visitors 165

जम्मू-कश्मीर में फिर आतंकवाद लाना चाह रही कांग्रेस, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय का निशाना

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद और अलगाववाद का काला दौर लाना चाहती है। जम्मू- कश्मीर विधानसभा में धारा 370 और 35A को फिर से लाने के नेशनल कांफ्रेंस के प्रस्ताव का समर्थन कर कांग्रेस ने देश को तोड़ने का कुचक्र फिर से चल दिया है। उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में जो भी कुछ हुआ, वह पाकिस्तान और देश विरोधी लोगों को खुश करने के लिए किया गया, जम्मू-कश्मीर की जनता को गुमराह करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जो देश की एकता के लिए खड़े हैं, जम्मू-कश्मीर वे विकास और शांति के पक्ष में खड़े हैं, उन्हें मार्शल के जरिये बेरहमी से जम्मू-कश्मीर विधानसभा से बाहर निकाला जा रहा है। कांग्रेस-एनसी, पीडीपी – ये सब जम्मू-कश्मीर में फिर से आतंकवाद को लाना चाहते हैं। यह कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस का राष्ट्रविरोधी एजेंडा है। शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर अब्दुल्ला तक, भावनात्मक ब्लैकमेल करना नेशनल कॉन्फ्रेंस की दिनचर्या है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर धारा 370 तथा 35A के काले साए से कब का निकल चुकी है। वह विकास के रास्ते पर चल पड़ी है, लेकिन कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी ये सब कश्मीर घाटी में आई शांति से परेशान हैं। ये जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद व अलगाववाद के काले दौर को वापस लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने वादा किया था कि जम्मू-कश्मीर को विधानसभा देंगे, चुनाव करायेंगे, केवल 5 साल के अंदर मोदी सरकार ने चुनाव कराये और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल किया। हम आगे भी जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए काम करेंगे। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस फिर से धारा 370 बहाल करके की बात करके यह बताना चाहती है कि हम वाल्मीकियों, गोरखा समाज, पश्चिमी पाकिस्तान शरणार्थी, पहाड़ी और गुर्जर के खिलाफ हैं। कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस के घोषणापत्र का समर्थन कर जम्मू-कश्मीर में आरक्षण को ख़त्म करने का समर्थन किया था। वैसे भी राहुल गांधी अमेरिका जाकर आरक्षण को ख़त्म करने की बात कर चुके हैं। सीएम साय ने बताया कि धारा 370 के हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है। नागरिकों की मृत्यु में भी लगभग 80% की कमी आई है। विदेशी नागरिकों के पर्यटन में 300 प्रतिशत का उछाल आया है। जम्मू-कश्मीर का बजट 17 प्रतिशत बढ़ा है। पत्थरबाजी की घटना बिलकुल बंद हो गई। आतंकवादी घटनाएं दो-तीन जिलों में ही सिमट कर रह गई। जहाँ पहले 5-7 प्रतिशत मतदान होता था, वहां भी 50 प्रतिशत मतदान होने लगा। जो पहले अलगाववाद और आतंकवाद की वकालत कर रहे थे, वे भी अब हिंदुस्तान के संविधान में लोकतंत्र को मजबूती देते हुए वोट मांगते दिखाई दिए। जी-20 की बैठक जम्मू-कश्मीर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जम्मू-कश्मीर को 80 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिला, 56 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया। आजादी से लेकर धारा 370 के हटने तक जम्मू-कश्मीर में जितना निवेश आया, उसकी तुलना में तीन गुना निवेश पिछले 4 सालों में जम्मू-कश्मीर में हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को इसका जवाब देना होगा। इनके इरादे ठीक नहीं है। कांग्रेस नेता फिर से 90 के दशक वाला जैसा माहौल जम्मू-कश्मीर में बनाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर के कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को कम करने और विभाजन के खिलाफ लोगों की नाराजगी का समर्थन किया था और किया है। गुलाम अहमद मीर ने एक तरह से प्रस्ताव का समर्थन किया, कांग्रेस विधानसभा में इस प्रस्ताव के समर्थन में खड़ी नजर आई। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 को हटाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। कांग्रेस के एक और पुराने नेता सैफुद्दीन सोज ने प्रेस रिलीज करके इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जो प्रस्ताव पास किया गया है, भले ही उसमें से चालाकी से धारा 370 और 35A का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन उस प्रस्ताव में जो मांग की गई है, वह धारा 370 और 35A के जैसा ही है। जब विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित हो रहा था, तो भाजपा सदस्य इसका विरोध कर रहे थे जबकि कांग्रेस के सदस्य इसका मौन समर्थन कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मीडिया से आई जानकारी में पता चला है कि स्पीकर ने स्वयं ही मंगलवार (5 नवंबर) को मंत्रियों की बैठक बुलाई थी और खुद ही प्रस्ताव तैयार किया। ये सरासर असंवैधानिक है। ये प्रस्ताव लाना पहले से सदन की कार्यवाही में लिस्टेड भी नहीं था। जब विधानसभा में एलजी के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी तो प्रस्ताव कैसे लाया गया? इस प्रस्ताव को बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया क्योंकि स्पीकर ने शोरगुल के बीच इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। इतने बड़े विषय पर चर्चा नहीं होने दी गई। ये कैसा लोकतंत्र है? साय ने कहा कि इस प्रस्ताव की कोई कानूनी वैधता नहीं है क्योंकि जम्मू-कश्मीर विधानसभा संसद या सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं है। कोई भी विधानसभा अनुच्छेद 370 और 35A को वापस नहीं ला सकती। धारा 370 और 35A इतिहास बन चुकी है, इस इतिहास को अब कोई बदल नहीं सकता। नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के लोगों को गुमराह कर रही है। जो लोग पहले धारा 370, 35A, स्वायत्तता और जमात-ए-इस्लामी के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने की राजनीति करते थे, वे अब 5 अगस्त 2019 के बाद से स्थापित शांति से परेशान हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस राज्य के दर्जे पर बातचीत शुरू करके गरीब लोगों को फिर से सड़क पर लाना चाहती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अभी जब घाटी में आतंकी हमले हुए और उसमें पाकिस्तान के हाथ होने का मामला सामने आया, तब भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया। recent visitors 82

वाई-फाई से जुड़ी समस्याओं का इन आसान तरीको से करें समाधान

नई दिल्ली हम सभी ने कभी न कभी वाई-फाई से जुड़ी समस्याओं का सामना जरूर किया होगा। अक्सर ऐसा होता है कि हमारा फोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो पाता। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि समस्या हमेशा फोन में ही हो, कई बार राउटर में भी खराबी हो सकती है। इसलिए, बिना जांच-पड़ताल के समस्या का सटीक कारण जानना मुश्किल होता है। आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपका Android फोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो रहा है, तो आप इस समस्या को कैसे दूर कर सकते हैं। पहला कदम: किसी अन्य डिवाइस से वाई-फाई कनेक्टिविटी चेक करें अगर आपका फ़ोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो रहा, तो पहले यह जानना ज़रूरी है कि समस्या आपके फ़ोन में है या राउटर में। इसके लिए, किसी दूसरे वाई-फाई डिवाइस, जैसे कि लैपटॉप या टैबलेट, को उसी वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करके देखें। यदि दूसरा डिवाइस बिना किसी परेशानी के कनेक्ट हो जाता है, तो समस्या आपके फ़ोन में है। लेकिन अगर दूसरा डिवाइस भी कनेक्ट नहीं हो पाता, तो समस्या आपके राउटर में है। समाधान 1: एयरप्लेन मोड ऑन और ऑफ़ करें कई बार फ़ोन में नेटवर्क सेटिंग्स से जुड़ी मामूली गड़बड़ी के कारण भी वाई-फाई कनेक्ट नहीं हो पाता। ऐसे में, एयरप्लेन मोड को ऑन और ऑफ़ करने से यह समस्या दूर हो सकती है।अपने फ़ोन की स्क्रीन को ऊपर से नीचे की ओर स्लाइड करें और एयरप्लेन मोड के आइकॉन पर टैप करें।कुछ सेकंड रुके और फिर से एयरप्लेन मोड को ऑफ़ कर दें।अब फिर से वाई-फाई से कनेक्ट करने की कोशिश करें। समाधान 2: अपने फ़ोन को रीबूट करें अगर एयरप्लेन मोड से समस्या हल नहीं होती, तो अपने फ़ोन को रीबूट करके देखें। फ़ोन को रीबूट करने से उसकी टेम्पररी सेटिंग्स और फाइल्स रीसेट हो जाती हैं जिससे छोटी-मोटी गड़बड़ियाँ दूर हो जाती हैं। समाधान 3: राउटर को रीस्टार्ट करें जैसे आपके फ़ोन में समस्या हो सकती है, वैसे ही आपका राउटर भी सही से काम नहीं कर रहा होगा। इसलिए, राउटर को भी एक बार रीस्टार्ट करके देखें। ज़्यादातर राउटर्स को रीस्टार्ट करने के लिए उनके पीछे एक पावर बटन दिया होता है। अगर आपको पावर बटन न मिले, तो कुछ सेकंड के लिए राउटर का प्लग निकालकर फिर से लगा दें। समाधान 4: नेटवर्क सेटिंग्स को रीसेट करें कभी-कभी गलत नेटवर्क सेटिंग्स के कारण भी फ़ोन वाई-फाई से कनेक्ट नहीं हो पाता। ऐसे में, आप अपने फ़ोन की नेटवर्क सेटिंग्स को रीसेट कर सकते हैं।     अपने फ़ोन की "Settings" में जाएं।     "System" पर टैप करें और "Reset options" चुनें।"Reset Wi-Fi, mobile & Bluetooth" पर टैप करें।     सेटिंग्स रीसेट होने के बाद, फिर से अपने वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करने की कोशिश करें। recent visitors 73

पांच लीटर तक देती है दूध, राजस्थान-अजमेर के पुष्कर मेले में 36 इंच की गाय पुंगनूर बनी आकर्षण

अजमेर. पुष्कर के अंतराष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला ऐसे ही नहीं दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यहां देश के अनेक हिस्सों से आये पशु इस मेले को दूसरे मेलों से अलग और भव्य बनाते है। अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला में एक से बढ़कर एक पशु अपनी पहचान बनाए हुए है, इस मेले में 1 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक का घोड़ा बिकने के लिए मैदान में खड़ा है तो वहीं दूसरी ओर इस बार पुष्कर पशु मेले में विलुप्त होती पुंगनूर प्रजाति की गाय आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस गाय को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई है तो वही लोग इस छोटी गाय की फोटो लेने के लिए भी उत्साहित नजर आ रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस प्रजाति की गाय अपने घर में पाल रखी है। जयपुर से आए अभिराम ब्रीडिंग फार्म के अभिनव तिवारी ने बताया कि पुंगनूर प्रजाति की गाय की हाइट 28 से 36 इंच होती है। एक गाय प्रतिदिन 3 किलो चारा खाती है और तीन से पांच लीटर प्रतिदिन दूध देती है। तिवारी ने यह भी बताया कि पुष्कर के अंतरराष्ट्रीय पशु मेले में इन गायों को बेचने के मकसद से नहीं बल्कि उनकी प्रजाति के संरक्षण के लिए उनकी प्रदर्शनी लगाई गई है। इनका मानना है कि हर घर में देसी गाय पालनी चाहिए, जिनके पास जगह है वह बड़ी गाय पाल जिनके पास जगह नहीं है। पुंगनूर प्रजाति की गाय अपने घर में आराम से पाल सकते हैं। उनके लिए कोई बड़ा बाड़ा नहीं बल्कि पांच बाई पांच की जगह काफी होती है। recent visitors 183

एक का हाथ तो दूसरे का टूटा दांत, छत्तीसगढ़-कोरबा में ASI-आरक्षक के बीच मारपीट

कोरबा. कोरबा सिटी कोतवाली में पदस्थ दो सहायक उप निरीक्षक और एक आरक्षक के बीच झड़प हो गई। एएसआई अश्वनी वर्मा और अजय सिंह और कोर्ट आरक्षक नितेश मिश्रा के बीच थाने के अंदर मारपीट हुई। यह घटनाक्रम 6 नवंबर 2024 की शाम 6 से 7 बजे बीच की बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कोरबा सीएसपी के प्रतिवेदन के आधार पर दोनों एएसआई को लाइन अटैच कर दिया है जबकि आरक्षक पूर्व से ही लाइन में रहकर न्यायालय कार्य में संलग्न है। इस घटना को लेकर जो बातें सामने आई हैं उसके मुताबिक थाने के दो मुखबिर और गवाहों को लेकर आरक्षक नितेश मिश्रा व एएसआई अश्वनी वर्मा के द्वारा अभद्र शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एएसआई अजय सिंह के लिए भी भला-बुरा कहा गया था। उक्त बातों की जानकारी होने और समय आने पर गवाहों को दारू-गांजा के मामले में जेल भेजने की बात को लेकर जब एएसआई अजय सिंह ने आरक्षक से उक्त बात की तस्दीक करना चाहा और ऐसा कहने व करने की वजह पूछी तो आरक्षक ने ऐसी बात कहने वाले के लिए ही गाली-गलौच करना शुरू कर दिया और जब अजय सिंह ने गलत बात करने से रोका तो उसके साथ हाथापाई पर उतारू हो गया। इसी समय एएसआई अश्वनी वर्मा के वहां पहुंचने पर उन सभी बातों को लेकर सवाल-जवाब किया गया तो नौबत मारपीट तक आ गई और आरक्षक के अलावा दोनों एएसआई आपस में ही भिड़ गए। थाना में मौजूद स्टाफ ने इन तीनों को अलग कराया। तब तक घटनाक्रम की सूचना फोन के जरिए एसपी को दी जा चुकी थी, जिसे उन्होंने गंभीरता से लेते हुए सीएसपी भूषण एक्का को जांच के निर्देश दिए। पुराने विवाद को लेकर हुए घटनाक्रम में जो बातें सामने आई उनके आधार पर पुलिस की छवि धूमिल होती देख दोनों एएसआई को लाइन अटैच कर दिया गया है। इससे पहले दोनों का मेडिकल मुलाहिजा जिला अस्पताल में सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद डडसेना की उपस्थिति में कराया गया। इस मारपीट की घटना में एएस आई अजय सिंह का दांत टूट गया है वही एएसआई अश्वनी का हाथ टूट गया है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं इससे पहले भी अश्वनी वर्मा के विवादित मामले सामने आ चुके हैं। recent visitors 60