Friday, July 10, 2026 11:09 am

शराब पीने से रोकने पर बेटे ने फावड़ा मारकर की हत्या, छत्तीसगढ़-दुर्ग में पुत्र गिरफ्तार

दुर्ग. खुर्सीपार थाना क्षेत्र में शराबी बेटे ने पिता पर फावड़े से वार कर हत्या कर दी। मृतक के बड़े बेटे ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक, भिलाई स्टील प्लांट के रिटायर कर्मचारी घर में सो रहे थे। इसी दौरान आरोपी शराबी बेटा आया और फावड़े का जोरदार प्रहार अपने पिता पर कर दिया। जानलेवा हमले में पिता की मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा फरार हो गया। भिलाई एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि श्याम नारायण सिंह बीएसपी से रिटायर कर्मचारी थे। घटना के दिन वो घर में सो रहे थे। इसी दौरान बेटा करण नारायण सिंह ने मौके पर पहुंचकर सो रहे पिता के सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। घटना की सूचना मृतक के बड़े बेटे ने थाने में दी। घटना की सूचना मिलते ही खुर्सीपार थाना पुलिस ने फरार आरोपी को घेराबंदी गिरफ्तार किया है। श्याम नारायण सिंह के चार बेटे है और रिटायर के बाद घर पर रहते थे। आरोपी बेटा नशे का आदी था और नशे के हालत में हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने बताया कि हत्या की वारदात से पहले रात को पिता और बेटे में काफी विवाद हुआ था। पिता बेटे को नशा छोड़ने की सलाह दे रहे थे, जिस पर विवाद खड़ा हुआ। पिता और पुत्र के बीच इसी बात को लेकर बहस हुई। पिता की डांट से गुस्से में आए बेटे ने इस वारदात को अंजाम दिया। recent visitors 73

शिकायत के बाद गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में युवती से जंगल में डरा-धमकाकर अनाचार

जगदलपुर. बोधघाट थाना क्षेत्र के लामनी पार्क घूमने गई युवती को पहचान के युवक ने घर छोड़ने के नाम पर लिफ्ट दी। उसे घर न छोड़ते हुए जंगल में ले जाकर उसे डरा धमकाकर उसके साथ अनाचार किया। इसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले की कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। नगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बोधघाट क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता ने बोधघाट थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सात नवंबर के दोपहर लामनी पार्क घूमने गई थी। वापस आने के दौरान पीड़िता को राजू नायक मिला। पीड़िता को घर छोड़ देने की बात कहते हुए अपनी बाइक पर बैठाकर करकापाल जंगल ले जाकर जान से मारने की धमकी देकर मारपीट कर जबरदस्ती अनाचार किया। पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल मामला दर्ज कर तत्काल टीम को भेजा गया। टीम द्वारा आरोपी राजू नायक (27) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा  61(1), 296, 115(2)  BNS तहत गिरफ्तार कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया है। recent visitors 54

संजू सैमसन बोले – ‘खुद की काबिलियत पर होता था शक’

डरबन. टी20 विश्व कप चैंपियन टीम इंडिया अब इस फॉर्मेट के लिए एक नई टीम तैयार करने की राह पर है, क्योंकि रोहित शर्मा समेत कई सीनियर खिलाड़ियों ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। इसी बीच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डरबन में टी20 सीरीज के पहले मैच में 107 रनों की शानदार पारी खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने खूब सुर्खियां बटोरी हैं। लंबे समय तक टीम इंडिया से अंदर-बाहर होते रहे संजू सैमसन अब अपनी जगह पक्की करते दिख रहे हैं। 2015 में अपने टी20 डेब्यू के बाद से सैमसन ने हर पोजीशन पर बल्लेबाजी की, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। ओपनिंग बैटिंग के लिए प्रमोट किए जाने के बाद से सैमसन ने हैदराबाद और अब डरबन में 47 गेंदों पर शतक लगाकर अपनी लय हासिल कर ली है। डरबन में शुक्रवार के खेल में सैमसन पुरुषों के टी20 में लगातार दो शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज और कुल मिलाकर चौथे बल्लेबाज बने। उनकी पारी में सात चौके और 10 छक्के शामिल थे, जिससे मेहमान टीम ने 61 रनों से शानदार जीत हासिल की। सैमसन ने कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मेरे करियर में सफलता से ज्यादा असफलताएं मिली हैं। जब आप असफलताओं से गुजरते हैं, तो आप खुद पर संदेह करने लगते हैं। लोग जाहिर तौर पर कुछ न कुछ कहते रहते हैं, सोशल मीडिया निश्चित रूप से अपनी भूमिका निभाता है और फिर आप भी उसके बारे में सोचना शुरू कर देते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यह ऐसा था जैसे ‘संजू, क्या तुम अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए नहीं बने हो? तुम आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हो, यह अंतर्राष्ट्रीय (क्रिकेट) में क्यों नहीं हो रहा है?’ मेरे मन में कई विचार थे, लेकिन इतने सालों के अनुभव के बाद, मैं अपनी क्षमताओं को जानता हूं। दाएं हाथ के बल्लेबाज सैमसन ने आगे कहा, “अगर मैं मैदान पर कुछ समय बिताता हूं, तो मुझे पता है कि मेरे पास स्पिन और तेज गेंदबाजों के खिलाफ शॉट बनाने की क्षमता है। और मुझे पता है कि मैं टीम की सफलता में योगदान दे सकता हूं और उन्हें मैच जीतने में मदद कर सकता हूं। मैं खुद से कहता रहा, ‘नहीं, ऐसा नहीं है। यह भी एक वास्तविकता है।’ बहुत सारी गिरावट हो रही हैं, लेकिन सकारात्मक पक्ष भी बहुत अच्छा है।” recent visitors 52

राजभवन में मना उत्तराखंड राज्य का स्थापना दिवस

राजभवन में मना उत्तराखंड राज्य का स्थापना दिवस उत्तराखंड के लोक गीत, संगीत और नृत्य की हुई प्रस्तुतियाँ भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य का स्थापना दिवस आज राजभवन में गरिमामय एवं भव्यता के साथ समारोह पूर्वक मनाया गया। उत्तराखंड स्थापना दिवस का आयोजन "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" अभियान के तहत किया गया था। समारोह में उत्तराखंड मूल के भोपाल निवासी नागरिकों ने उत्तराखंड के लोक गीत, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के संदेश, उत्तराखंड एवं मध्यप्रदेश राज्यों की लघु फिल्मों का प्रसारण भी किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की ओर से उत्तराखंड मूल के भोपाल निवासियों के संगठन अध्यक्ष नेगी, सुरेश कर्नाट और वरिष्ठ साहित्यकार हिन्दी सेवी कैलाश चंद पंत का सम्मान किया गया। सम्मान राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने किया। उन्हें स्मृति प्रतीक एवं चंदेरी हस्तकला का नमूना अंग वस्त्र भेंट किये। कार्यक्रम के अंत में सहभोज भी हुआ। राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक समृद्धता और राष्ट्रीय सार्मथ्य में उत्तराखंडवासियों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसीलिए उत्तराखंड को भारत की देव भूमि और वीर भूमि कहा जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी विशिष्टताओं को संजोए हुए हम सब भारतवासी है। यही हमारी पहचान है। इसे मजबूत बनाना हम सबका दायित्व है। उत्तराखंड मूल के हिन्दी सेवी कैलाशचंद पंत ने कहा कि राजभवन में उत्तराखंड स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक आर्थिक संबंधों की प्रगाढ़ता को बढ़ाने की सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि देश की राजनैतिक व्यवस्था की मजबूती, सामाजिक व्यवस्था के उन्नयन, सांस्कृतिक समृद्धता की वृद्धि और पत्रकारिता के विकास आदि सभी क्षेत्रों में उत्तराखंडवासियों का योगदान विशिष्ट है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंडवासी राज्य के बाहर कही भी देश अथवा विदेश में रहे, अपनी यादों को संजोकर रखते है। उनकी निष्ठा और कर्मठता की मिसाल दी जाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के महू में स्थित आर्मी हेडक्वार्टर में 1942 में शिक्षा व्यवस्था की शुरुआत उत्तराखंड निवासी भोला, खेमचंद और विष्णु चंद पंत ने की थी। समारोह को सुरेश कर्नाट एवं नेगी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन नियंत्रक हाऊस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर ने किया।     recent visitors 36

हाईकोर्ट के जस्टिस भादुड़ी हुए रिटायर, बोले- ईश्वर और परिजनों के आशीर्वाद से हो सका संभव

बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी शुक्रवार को रिटायर हो गए. अपने 11 साल के कार्यकाल में उन्होंने कुल 35 हजार 747 मामलों का निराकरण किया, जिसमें से 540 नजीर बने. चीफ जस्टिस के कोर्ट रूम में हुए विदाई समारोह में जस्टिस भादुड़ी ने कहा कि यह ईश्वर और परिजनों के आशीर्वाद से संभव हो सका. इस दौरान उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट उनके जीवन के स्कीम में नहीं है. हालांकि वे कल से कोर्ट में नहीं बैठेंगे, लेकिन विधि के क्षेत्र में सक्रियता बनी रहेगी. जस्टिस गौतम भादुड़ी का विदाई समारोह चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कोर्ट रूम में आयोजित हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत में सीजे सिन्हा ने जस्टिस भादुड़ी के कार्यकाल पर अपनी बात रखते हुए न्यायपालिका में उनके योगदान की सराहना की. इसके बाद महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमाकांत सिंह चंदेल और डिप्टी सॉलिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने अपनी बातें रखीं. रायपुर में हुई प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा 10 नवंबर 1962 को प्रसिद्ध वकील एस के भादुड़ी (पिता) और पी भादुड़ी (दादा) के परिवार में जन्म हुआ. प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बंगाली कालीबाड़ी स्कूल, रायपुर में हुई, और उसके बाद सेंट पाल हायर सेकेंडरी स्कूल, रायपुर से माध्यमिक शिक्षा पूरी की. पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय, रायपुर से बीकाम और एलएलबी की डिग्री ली. एलएलबी में स्वर्ण पदक प्राप्त किया. वे उस सोसायटी से जुड़े थे, जो रायपुर में तीन कालेज चलाती है, जिनके नाम दुर्गा कालेज, विवेकानंद कालेज और अपने दादा द्वारा स्थापित ला कालेज. शैक्षिक सोसायटी और क्षेत्रीय सोसाइटियों के भी सदस्य रहे. वर्ष 1985 में शुरू की वकालत वर्ष 1985 में वकालत की प्रैक्टिस में शामिल हुए. छत्तीसगढ़ और तत्कालीन मध्य प्रदेश राज्य के अधिकार क्षेत्र के भीतर विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों और उच्च न्यायालय में वकालत की. वर्ष 2000 में बिलासपुर आए. सरकारी वकील के रूप में काम किया और उसके बाद बिलासपुर के महाधिवक्ता कार्यालय में उप महाधिवक्ता के रूप में पदोन्नत हुए और 2003 तक इस पद पर बने रहे. इसके बाद निजी तौर पर प्रैक्टिस की. सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, कंपनी, श्रम मामलों को निपटाया. सीबीआइ के लिए स्थायी वकील रहे. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों – सेल, एनटीपीसी, बैंकों और कई निजी कार्पोरेट निकायों के लिए भी स्थायी वकील रहे. 16 सितंबर 2013 को बने छग हाई कोर्ट जज 16 सितंबर 2013 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए. 08 मार्च 2016 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. उन्होंने 11 मार्च 2023 से 29 मार्च 2023 तक छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (कार्यवाहक) का पदभार संभाला. recent visitors 47

लाश को ऑटो पर रखकर लगाया ठिकाने, छत्तीसगढ़-कोरबा में पत्नी-बेटे ने की पति की हत्या

कोरबा. गला दबाकर पति की हत्या कर पुत्र के साथ मिलकर लाश को ठिकाना लगाने के मामले में आरोपी पत्नी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत खपराभट्ठा बस्ती का है। 2018-19 में घटना सामने आई थी। 33 वर्षीय सुशीला निषाद ने अपने पति विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या की गुमशुदा होने की शिकायत सिविल लाइन थाना पुलिस से की थी। काफी खोजबीन के बाद भी सूर्य का पता नहीं चल सका था। इसके बाद बालको थाना क्षेत्र अंतर्गत कॉफी प्वाइंट मे नर कंकाल मिला था। घटनास्थल से एक चूड़ा मिलने पर उसकी पहचान विमल वाल्मीकि उर्फ सूर्या के रूप में की गई। पहचान करवाई होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सुशीला निषाद और उसके बेटे से पूछताछ शुरू की। नर कंकाल का डीएनए किया गया। रिपोर्ट में नर कंकाल विमल वाल्मीकि का होना पाया गया। घटनाक्रम सामने आया कि विमल वाल्मीकि की हत्या कर उसे की कॉफी प्वाइंट में फेंका गया था। इस घटना को अंजाम किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और बच्चे ने दिया था। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब हत्या करने के बाद लाश को जिस ऑटो में लेकर गए थे, उसके ऑटो चालक ने पुलिस को घटनाक्रम बताया। आरोपी सुशीला निषाद और उसके पति विमल वाल्मीकि के बीच आपसी विवाद हो गया था। पत्नी ने पति का गला घोट कर मौत के घाट उतारा। इसके बाद रात भर बिताने के बाद सुबह पिकनिक जाने के बहाने एक ऑटो बुक किया। लाश को चटाई से ढककर ऑटो में लेकर पिकनिक जाने के बहाने कॉफी प्वाइंट निकले। इस दौरान ऑटो चालक को शौच करने के बहाने गुमराह किया गया और लाश को कॉफी प्वाइंट के पास झाड़ियां में मां और बेटे फेंक दिया। इस दौरान ऑटो चालक की नजर मां और बेटे पर पड़ी जानकारी होने के बाद मां और बेटे ऑटो चालक को भी जान से करने और किसी मामले में फंसा देने की धमकी देते रहे। अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि शासकीय माननीय न्यायालय पीठासीन न्यायाधीश श्रीमती गरिमा शर्मा के कोर्ट में इस मामले का सनी किया गया, जहां आरोपी सुषमा निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। recent visitors 57

ग्रामीणों को बता रहे पानी का महत्व, छत्तीसगढ़-कबीरधाम में चल रहा जल उत्सव

कबीरधाम. जल संरक्षण, जल संवर्धन और जल की महत्त्ता को लोगों को पहुंचाने आने वाले 20 नवंबर तक छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में “जल उत्सव“ का आयोजन होगा। भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा जल उत्सव के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के आकांक्षी ब्लॉक बोड़ला का चयन किया है। नीति आयोग भारत सरकार द्वारा पूरे देश के बीस अलग-अलग राज्यो के आकांक्षी विकासखंड का चयन हुआ है, जिसमे छत्तीसगढ़ के एक मात्र बोड़ला ब्लॉक शामिल है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने “जल उत्सव“ के मूल उद्देश्यों को आकांक्षी ब्लॉक बोड़ला के विशेष-पिछड़ी जनजाति बैगा तथा आदिवासी लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जल उत्सव आयोजन को कलस्टर बनाकर ग्रामीणों की सहभागिता बढाने के लिए कहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) से मिली जानकारी अनुसार जिले में जल उत्सव का आयोजन छह नवंबर से 20 नवंबर तक चलेगा। भारत सरकार व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन योजना के बारे में जानकारी प्रदान किया जाएगा। जल सरंक्षण की सामूहिक जागरूकता की आवश्यकता के बारे में तथा उपलब्ध जल श्रोतों की समुचित उपयोग तथा जल श्रोतों की स्वामित्व भाव से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उक्त जल उत्सव कार्यक्रम में जल सरंक्षण ‘‘हर घर जल’’ सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत पंप हाऊस उंची टंकिया, जल प्रवाह स्थल आदि का संरक्षण तथा जल संसाधनों के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की बढ़ावा देने की जागरूकता और प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसे लेकर  आकांक्षी ब्लॉक बोड़ला के ग्राम तितरी में कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। recent visitors 89