Saturday, July 4, 2026 6:48 am

सीमा पर बढ़ाई सुरक्षा, ट्रंप की राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद हाई अलर्ट पर कनाडा

वाशिंगटन/ओटावा. अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद कनाडा की सरकार हाई अलर्ट पर है। दरअसल ट्रंप की जीत के बाद कनाडा को डर है कि बड़ी संख्या में शरणार्थी अमेरिका छोड़कर कनाडा आ सकते हैं। यही वजह है कि कनाडा की सरकार ने अपनी सीमाओं की निगरानी बढ़ा दी है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव अभियान के दौरान अमेरिका में अवैध अप्रवासियों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था और उन्होंने राष्ट्रपति चुने जाने पर अवैध अप्रवासियों को देश से बाहर करने का वादा भी किया था। अमेरिका से कनाडा जा सकते हैं अप्रवासी अब चूंकि राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने जीत दर्ज की है तो कनाडा को डर है कि बड़ी संख्या में अवैध अप्रवासी ट्रंप के डर से अमेरिका छोड़कर कनाडा आ सकते हैं। कनाडा की सरकार को आशंका है कि अमेरिका में अप्रवासियों के खिलाफ माहौल के चलते उनके देश में शरण मांगने वाले शरणार्थियों की संख्या में तेजी आ सकती है। कनाडा की पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 'हम हाई अलर्ट पर हैं। हम सभी की निगाहें सीमा पर टिकी हैं कि क्या होने वाला है…क्योंकि हम जानते हैं कि आव्रजन पर ट्रंप के सख्त रुख के चलते कनाडा में अवैध और अनियमित प्रवास बढ़ सकता है।' कनाडा की ये हैं मुश्किलें कनाडा की मुश्किल ये है कि अमेरिका और कनाडा की सीमाएं काफी बड़े इलाके में लगती हैं। ऐसे में पूरी सीमा की निगरानी और अवैध रूप से सीमा पार करने वाले अप्रवासियों को गिरफ्तार करना कनाडा की सरकार के लिए बेहद मुश्किल काम होने जा रहा है। कनाडा की उप-प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने इस मुद्दे पर शुक्रवार को मंत्रियों के साथ एक बैठक भी की। मंत्रियों के इस समूह को अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के साथ तालमेल बिठाने और दोनों देशों के बीच के विभिन्न मुद्दों पर सहमति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अप्रवासियों के सीमा पार से आने पर कनाडा की उप-प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थिति का सामना करने के लिए कनाडा तैयार है।  recent visitors 63

विधु विनोद चोपड़ा ने अमिताभ बच्चन को 10 मिनट लेट होने पर लगाई थी फटकार

मुंबई मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने 'कल्कि 2898 AD' के रुप में एक हजार करोड़ी फिल्म दी, और वह पांच दशक से भी लंबे वक्त से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में शायद ही कभी ऐसी कोई गलती की होगी, जब उन्हें डांट पड़ी होगी। वह फिल्म के सेट पर भी समय से पहुंचते थे। लेकिन एक बार फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा उन पर सरेआम बरस गए और सजा दे दी। वजह यह थी कि अमिताभ बच्चन सेट पर 10 मिनट लेट आए थे। यह फिल्म 'एकलव्य' का किस्सा है, जिसे विधु विनोद चोपड़ा ने डायरेक्ट किया था। हाल ही 'कौन बनेगा करोड़पति 16' में विक्रांत मैसी IPS मनोज कुमार शर्मा के साथ पहुंचे थे। विक्रांत ने विधु विनोद की फिल्म '12वीं फेल' में मनोज कुमार शर्मा का रोल प्ले किया था। अमिताभ ने विक्रांत मैसी को विधु विनोद चोपड़ा संग काम करने का एक्सपीरियंस शेयर किया। अमिताभ ने बताया क्या हुआ था अमिताभ ने कहा कि विधु एक टफ टास्क मास्टर थे और उन्हें डांटा भी था। अमिताभ बच्चन ने बताया, 'एक बार हम एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे और रात बहुत हो गई। हमने लगभग 3 बजे पैकअप किया। पैकअप करने के बाद उन्होंने मुझे अगले दिन सुबह 6 बजे सेट पर आने के लिए कहा।' 10 मिनट पहुंचे लेट तो पड़ी थी फटकार अमिताभ ने आगे कहा, 'मुझे आश्चर्य हुआ और मैंने उनसे कहा, 'क्या तुम पागल हो? इतनी देर रात पैकअप के बाद तुम चाहते हो कि मैं सुबह जल्दी आ जाऊं? लेकिन मैं फिर भी अगली सुबह 6:10 बजे सेट पर पहुंच गया। उन्होंने पूरे क्रू के सामने मुझे डांटा और कहा कि आप 10 मिनट लेट हैं।' recent visitors 71

माओवादी हिंसा के चलते हुए विस्थापित, गोट्टिकोया आदिवासियों की स्थिति पर ST आयोग ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और चार राज्यों को नोटिस जारी कर गोट्टिकोया आदिवासियों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट दायर करने के लिए कहा है। माओवादी हिंसा की वजह से छत्तीसगढ़ छोड़ने के लिए मजबूर हुए आदिवासी फिलहाल महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में खराब हालात में रहने को मजबूर हैं। इसके चलते इन पड़ोसी राज्यों में उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ भी नहीं मिल पा रहे हैं। आयोग ने अनुरोध किया है कि गृह मंत्रालय का एक सचिव स्तर का अधिकारी और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव 9 दिसंबर को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुलाकात करें और समुदाय को जरूरी मदद मुहैया कराने के लिए जल्द नीतिगत फैसला लें। मंत्रालय को शुक्रवार को भेजी गई चिट्ठी में आयोग ने कहा है कि उसे मार्च 2022 को एक याचिका मिली थी। इसमें गोट्टिकोया समुदाय के लोगों के 2005 में ही छत्तीसगढ़ छोड़ने और पड़ोसी राज्यों में बसने की बात कही गई थी। इसका कारण माओवादी गुरिल्लाओं की तरफ से हिंसा को बताया गया था। याचिका में कहा गया था कि नई जगहों पर इस समुदाय के लोगों को काफी चुनौतियां झेलनी पड़ रही हैं। आदिवासी अधिकार कार्यकर्ताओं के मुताबिक, करीब 50 हजार आदिवासी वामपंथी कट्टरवाद के चलते उस दौरान छत्तीसगढ़ को मजबूर हुए थे। वे अब ओडिशा के जंगलों में, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 248 जगहों पर रहने को मजबूर हैं।  कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलंगाना सरकार ने राज्य में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से 75 जगहों पर जमीन वापस ले ली है। इससे आदिवासियों की हालत और जीजीविषा पर नकारात्मक असर पड़ा है। recent visitors 53

कांग्रेस ने देश के मालिकों को भिखारी बना दिया, राजस्थान-झुंझुनू में सीएम ने पेपर लीक पर निशाना साधा

झुंझुनू. राजस्थान की 7 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव में प्रचार के दौरान नेता एक-दूसरे पर जमकर सियासी हमले कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज झुंझुनू के सुल्ताना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के मालिकों को भिखारी बना दिया और जो भिखारी थे, उन्हें आबाद कर दिया। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि 70 साल में यदि किसी ने राज किया है तो वो कांग्रेस ने किया है। आपको पूछने का हक बनता है कि कांग्रेस ने देश के मालिकों को भिखारी बना दिया और जो भिखारी थे, उनको आबाद कर दिया। उन्होंने जनता से कहा कि मेरे देश के मालिकों जागो और पहचानो कि कौन आपके विकास के लिए काम कर सकता है। उन लोगों से पूछिए, जिन्होंने लंबे समय तक राज किया है। अभी हमारी सरकार को सिर्फ 11 महीने हुए हैं, जिस दिन हमारी सरकार का एक साल होगा, उस दिन राजस्थान की जनता के सामने एक साल का पूरा हिसाब देंगे। सीएम भजनलाल ने कहा कि वो 70 साल तक शिलान्यास के झूठे पत्थर लगाते रहे और आप उनको ही तराशते रहे। शेखावाटी का पानी भी गहरा है, यहां का व्यक्ति भी गहरा है। सीएम बोले कि झुंझुनू वीर सपूतों, सैनिकों, किसानों, सेठों और शिक्षकों की धरती है। इस धरती को नमन करता हूं। पेपर लीक को लेकर साधा निशाना पेपर लीक पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 19 में से 17 पेपर लीक हुए थे। उन्होंने कहा कि हमने 200 से ज्यादा पेपर माफिया जेल में डाले। हमने 2 साल का कैलेंडर दिया है। भर्तियां निकाली हैं। तय किया है कि कब पेपर होना है, परिणाम किस दिन आना है। कैबिनेट ने 90 हजार वैकेंसी निकाली, जिसे हमने मंजूरी दी है। गुढ़ा ने बनाया त्रिकोणीय मुकाबला गौरतलब है कि झुंझुनू कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है लेकिन इस बार हो रहे उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने बीजेपी और कांग्रेस के समीकरणों को बिगाड़कर रख दिया है। गुढ़ा एक तरफ तो मुस्लिम इलाकों में अच्छी-खासी भीड़ जुटा पा रहे हैं, दूसरी और राजपूत समुदाय से होने के कारण वे बीजेपी के परंपरागत वोट बैंक में भी सेंध लगा रहे हैं। इससे इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है। यहां से बीजेपी ने राजेन्द्र भांबू और कांग्रेस ने अमित ओला को टिकट दिया है। recent visitors 79

अजरबैजान में होगा सम्मेलन, अफगानिस्तान पहली बार तालिबान शासन में UNCCC में जाएगा

काबुल. अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने के बाद पहली बार अफगानिस्तान संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता में हिस्सा लेने जा रहा है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को एएफपी से कहा कि अजरबैजान में होने वाले सम्मेलन में अफगानिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल आगामी संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेगा। यह शिखर सम्मेलन तालिबान सरकार के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान के लिए पहला हिस्सा बनने का अवसर है। अफगानिस्तान को जलवायु परिवर्तन के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील देशों में छठे स्थान पर रखा गया है। जिसके आधार पर तालिबानी अधिकारियों ने सीओपी शिखर सम्मेलनों में भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक अलगाव के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ता से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि इससे पहले अफगानिस्तान ने मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात में जलवायु परिवर्तन शिखर सम्मेलनों में भाग लेने की कोशिश की थी और अब अजरबैजान से उन्हें सीओपी29 में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का बयान इसके साथ ही इस मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कहर बल्खी ने कहा कि सोमवार को अजरबैजान की राजधानी बाकू में शुरू होने वाले शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं था कि अफ़गानिस्तान का प्रतिनिधिमंडल किस हैसियत से शिखर सम्मेलन में भाग लेगा लेकिन सूत्रों ने बताया कि इसे पर्यवेक्षक का दर्जा मिल सकता है। recent visitors 69

देश का पहला 60 किमी लंबा ट्रॉयल ट्रैक तैयार, राजस्थान-जयपुर में होगा पहली बुलेट ट्रेन का परीक्षण

जयपुर. राजस्थान में देश का पहला ट्रेन ट्रायल ट्रैक लगभग तैयार हो चुका है। 60 किमी लंबा यह ट्रैक पूरी तरह से सीधा नहीं है, इसमें कई घुमावदार बिंदु बनाए गए हैं। इससे इस बात का ट्रायल लिया जा सकेगा कि स्पीड से आने वाली ट्रेन बिना स्पीड कम किए घुमावदार ट्रैक से कैसे गुजरेगी। डीडवाना जिले के नावां में यह ट्रैक तैयार हो रहा है। पहला चरण पूरा होने के बाद 230 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बुलेट ट्रेन का भी परीक्षण किया जा सकता है। यह टेस्ट ट्रैक रेलवे को आधुनिकता की ओर ले जाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। डेडिकेटेड टेस्ट ट्रैक के जरिए रेलवे संसाधनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर पाएगा और सुरक्षा भी काफी बढ़ जाएगी। देश में हाई-स्पीड रोलिंग स्टॉक के व्यापक परीक्षण के लिए भारतीय रेलवे राजस्थान के डीडवाना जिले के जोधपुर डिवीजन के नावा में गुढ़ा-थाठाना मीठड़ी के बीच 60 किमी का देश का पहला आरडीएसओ समर्पित परीक्षण ट्रैक विकसित कर रहा है। यह रेलवे ट्रैक जयपुर से लगभग 80 किमी दूर सांभर झील के बीच से निकाला गया है। आरडीएसओ डेडिकेटेड टेस्ट ट्रैक के काम को दो चरणों में मंजूरी दी गई है। चरण 1 के काम को दिसंबर 2018 में और चरण 2 के काम को नवंबर 2021 में मंजूरी दी गई थी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 820 करोड़ रुपये है। समर्पित परीक्षण ट्रेक के निर्माण में सात बड़े पुल, 129 छोटे पुल और चार स्टेशन (गुढ़ा, जब्दीनगर, नावां और मिठड़ी) शामिल हैं। इस परियोजना के तहत 27 किमी का काम पूरा हो चुका है और दिसंबर 2025 तक पूरा काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्पीड टेस्ट, स्थिरता, सुरक्षा पैरामीटर, दुर्घटना प्रतिरोध, गुणवत्ता सहित हाई-स्पीड रोलिंग स्टॉक और वस्तुओं की व्यापक परीक्षण सुविधाएं इस परियोजना के अंतर्गत रोलिंग स्टॉक आदि का विकास किया जा रहा है। इस समर्पित परीक्षण ट्रैक में ट्रैक सामग्री, पुल, टीआरडी उपकरण, सिग्नलिंग गियर और भू-तकनीकी अध्ययन का परीक्षण भी शामिल है। ट्रैक पर पुल, अंडरब्रिज और ओवरब्रिज जैसी विभिन्न संरचनाएं बनाई गई हैं। इस ट्रैक पर आरसीसी और स्टील ब्रिज बनाए गए हैं, जो जमीन के नीचे और ऊपर हैं। इन पुलों को कंपनरोधी बनाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इन पुलों के जरिए इसके ऊपर से तेज गति से गुजरने वाली ट्रेन की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया जा सकता है। पुल का निर्माण टर्न-आउट सिस्टम का उपयोग करके किया गया है। यानी ऊपर भारी आरसीसी बॉक्स लगाकर स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया है। सांभर का वातावरण क्षारीय होने के कारण स्टील में जंग नहीं लगेगा। साथ ही हाई स्पीड ट्रेन के कंपन को भी कम किया जा सकेगा। इन संरचनाओं के बीच से बुलेट ट्रेन को गुजारकर गति का परीक्षण किया जाएगा। यह देश का पहला डेडिकेटेड ट्रैक होगा, जहां पड़ोसी देश भी अपनी ट्रेनों का परीक्षण करा सकेंगे। गौरतलब है कि देश में बने कोचों, इंजनों और ट्रेन रैक के ट्रायल के लिए रेलवे के पास कोई समर्पित लाइन नहीं थी। सभी लाइनों पर काफी ट्रैफिक है। ऐसे में ट्रायल के लिए कई ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव करना पड़ता है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में यहां न केवल बुलेट ट्रेन बल्कि हाई-स्पीड, सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन और मेट्रो ट्रेन का भी परीक्षण किया जाएगा। इस ट्रैक पर हाई-स्पीड, सेमी-स्पीड और मेट्रो ट्रेनों का भी परीक्षण किया जा सकता है। रेलवे की आरडीएसओ यानी रिसोर्स डिजाइन स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन की टीम ट्रायल की निगरानी करेगी। रेलवे की यही टीम कोच, बोगी और इंजन की फिटनेस की जांच करती है। रेलवे किसी भी कोच या इंजन को ट्रैक पर चढ़ाने से पहले हर पैरामीटर की जांच करता है कि तय गति से ज्यादा कंपन तो नहीं होगा। खराब ट्रैक पर ट्रेन का रिस्पांस आदि भी जांचा जाएगा। हाई-स्पीड समर्पित रेलवे ट्रैक 60 किमी लंबा है, लेकिन मुख्य लाइन 23 किमी लंबी है। गुढ़ा में इसका हाई-स्पीड 13 किमी लंबा लूप है। रेलवे में लूप का उपयोग क्रॉसिंग को पार करने या विपरीत दिशा से आ रही दो ट्रेनों को बिना किसी रुकावट के गुजारने के लिए किया जाता है। इसके अलावा नावा स्टेशन पर 3 किमी का क्विक टेस्टिंग लूप और मीठड़ी में 20 किमी का कर्व टेस्टिंग लूप बनाया गया है। ये लूप अलग-अलग डिग्री के घुमावों पर बनाए गए हैं। खराब ट्रैक पर ट्रेन डगमगाने और झटके खाने लगती है। ट्रैक खराब होने पर स्पीड क्या होनी चाहिए और इसका क्या असर होगा, इसकी जांच की जाएगी। इसके लिए 7 किलोमीटर लंबा घुमावदार ट्रैक बिछाया गया है। recent visitors 164

’50 फीसदी आरक्षण की सीमा हटाएंगे’, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में MVA का घोषणा-पत्र

मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए महा विकास अघाड़ी गठबंधन ने अपना घोषणा-पत्र जारी कर दिया। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'आज हम महाराष्ट्र चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी कर रहे हैं। महाराष्ट्र का चुनाव देश के लिए बहुत महत्वपर्ण चुनाव है। यह चुनाव देश का भविष्य बदलने वाला चुनाव है। अगर महाराष्ट्र में हम महा विकास अघाड़ी की सरकार लाएंगे तभी हम यहां एक स्थिर, अच्छा सुशासन दे पाएंगे।' महाविकास अघाड़ी ने अपने घोषणा पत्र को 'महाराष्ट्र नामा' शीर्षक दिया। घोषणा पत्र जारी करने के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत, एनसीपी एसपी नेता सुप्रिया सुले, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले सहित कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'महाराष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए हमारे पास पांच स्तंभ हैं, जो कृषि और ग्रामीण विकास, उद्योग और रोजगार, शहरी विकास, पर्यावरण और लोक कल्याण पर आधारित हैं।' घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'बेरोजगार युवाओं को 4000 रुपये मासिक वजीफा दिया जाएगा। 25 लाख रुपये की हमारी स्वास्थ्य बीमा योजना राजस्थान में अशोक गहलोत द्वारा शुरू की गई थी और इसे महाराष्ट्र में भी लागू किया जाएगा। हम मुफ्त दवाइयां भी उपलब्ध कराने का वादा करते हैं। हमने जाति जनगणना करने का फैसला किया है और हम तमिलनाडु की तरह आरक्षण पर 50% की सीमा को हटा देंगे।' महा विकास अघाड़ी की पांच गारंटी उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी गठबंधन ने पांच गारंटी देने का वादा किया है। इसके मुताबिक पहली गारंटी में महालक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपये और सभी महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा का वादा शामिल है। दूसरी गारंटी समानता की है। इसके तहत जातीय जनगणना कराई जाएगी और 50 फीसदी आरक्षण की सीमा को भी हटाया जाएगा। तीसरी गारंटी के तहत कुटुंब रक्षा योजना है, जिसमें 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त दवाएं देने का वादा है। कृषि समृद्धि योजना के तहत किसानों को तीन लाख रुपये तक का कर्ज माफ, समय पर कर्ज चुकाने पर पचास हजार की प्रोत्साहन राशि देने का भी वादा किया गया है। वहीं युवाओं को वचन में बेरोजगारों को हर महीने चार हजार रुपये की मदद देने का वादा किया गया है। 'बटेंगे तो कटेंगे' के नारे पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बंटेंगे तो कटेंगे के नारे पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 'इससे उनका क्या मतलब है? आप किसको काटेंगे? इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश को एकजुट रखने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। यह योगी जी का नारा है। मोदी जी कहते हैं कि एक हैं तो सुरक्षित हैं। मुझे नहीं पता कि कौन सा नारा काम करेगा, लेकिन आप उन लोगों में से हैं, जिन्होंने हमें आजादी दिलवाने वालों को मार डाला।' recent visitors 52