Sunday, July 5, 2026 4:40 pm

प्रदेश के स्कूलों में बैगलेस-डे में विभिन्न गतिविधियों के साथ बच्चों का बढ़ाया जायेगा कौशल

भोपाल. प्रदेश में कक्षा-6 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों का समग्र विकास हो, इसके लिये बैगलेस-डे के दिन बच्चों को विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करने का निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग ने लिया है। इस दिन बच्चों के बीच पढ़ाई के अलावा विभिन्न सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं व्यावहारिक गतिविधियाँ की जायेंगी। इस संबंध में राज्य शिक्षा केन्द्र ने जिला शिक्षाधिकारियों और जिला परियोजना समन्वयक को निर्देश जारी किये हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में यह प्रावधान रखा गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे 21वीं सदी के कौशल से परिचित हो सकें, इसके लिये कक्षा-6 से 8 तक के स्कूल के बच्चों के लिये प्रत्येक माह में न्यूनतम एक शनिवार को बस्ते-विहीन दिवस का आयोजन हो। इन दिवसों में विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल की जानकारी दी जाये। बैगलेस-डे के लिये शाला के प्राचार्य एवं शिक्षकों को चर्चा कर गतिविधियों का कैलेण्डर तैयार करने के लिये भी कहा गया है। गतिविधियों की जानकारी “एचडी जिओ टैगी फोटोग्रॉफ’’ राज्य शिक्षा केन्द्र के ई-मेल आईडी rsk.curriculum@gmail.com पर भेजने के लिये कहा गया है। बैगलेस-डे का उद्देश्य विद्यार्थियों को सफल, नवाचारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है। इसी के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, साक्ष्य आधारित सोच और रचनात्मकता का विकास करना है। विद्यार्थियों में संवाद, विचार अभिव्यक्ति, स्वास्थ्य एवं पोषण, खेल सहयोग की भावना एवं नेतृत्व गुण के साथ भारतीय ज्ञान परम्परा और पर्यावरणीय चेतना का विकास करना प्रमुख है। बैगलेस-डे में होने वाली गतिविधियाँ राज्य शिक्षा केन्द्र ने बैगलेस-डे में होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी दिशा-निर्देश जारी किये हैं। ऑर्ट और क्रॉफ्ट में बच्चों के बीच में ड्राइंग, पेंटिंग, मिट्टी के खिलौनों का निर्माण, मुखौटे, डॉल-मेकिंग और अनुपयोगी सामग्री से वस्तुओं का निर्माण प्रमुख है। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों के बीच लोकगीत-नृत्य, लघु नाटिका, कविता पाठ, कहानी लेखन गतिविधियाँ की जायें। बच्चों को खेती की आधुनिक पद्धतियों की जानकारी हो सके, इसके लिये पॉलीफॉर्मिंग, ऑर्गेनिक फॉर्मिंग, औषधीय पौधों की जानकारियाँ और खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी दी जाये। साथ ही स्थल भ्रमण भी कराया जाये। बच्चों को ऐतिहासिक स्थलों, लघु उद्योग व्यवसाय, जिनमें मधुमक्खी-पालन, मुर्गी एवं मछली-पालन इत्यादि की जानकारी दी जाये। बच्चों को स्थानीय बैंक, पुलिस थाना, अस्पताल और अनाज मण्डी का भ्रमण कराया जाये। बच्चों को हथकरघा, खिलौने निर्माण जैसी इकाइयों का भ्रमण कराया जाये। इसी के साथ बच्चों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण की जानकारी देने के साथ खेल गतिविधियाँ भी करायी जायें। recent visitors 101

रीजनल इन्वेसटर्स समिट नर्मदापुरम में, सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना: मुख्यमंत्री

भोपाल मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम में 7 दिसंबर को रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है ताकि उन्हें राज्य से बाहर न जाना पड़े। मुख्यमंत्री आगामी फरवरी में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए विदेश यात्रा पर भी जाएंगे और विदेशी निवेशकों से राज्य में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री  ने बताया कि इस समिट में आईटी, MSME और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समिट के माध्यम से प्रदेश में बड़े और छोटे उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं को विस्तार दिया जाएगा, जिससे न केवल राज्य का आर्थिक विकास होगा बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा। फरवरी में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी मुख्यमंत्री यादव ने जानकारी दी कि वे फरवरी में मध्यप्रदेश में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए ब्रिटेन और जर्मनी का दौरा करेंगे। इस यात्रा के दौरान वे विदेशी निवेशकों से मिलकर उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि यह समिट राज्य में औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए राज्य के बाहर न जाना पड़े। इसके लिए राज्य सरकार नए उद्योगों और निवेश की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने में जुटी है। "वन नेशन, वन इलेक्शन"  का समर्थन चुनावों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के "वन नेशन, वन इलेक्शन" के विचार का समर्थन किया और कहा कि बार-बार चुनाव से ध्यान भटकता है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि भाजपा महाराष्ट्र, झारखंड और मध्यप्रदेश के उपचुनावों में जीत हासिल करेगी। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि वे झारखंड में तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे और वहां से सीधे विजयपुर रवाना होंगे। recent visitors 79

रिपोर्ट में हुआ खुलासा, दिल्ली के अस्पतालों में पिछले साल 24 फीसदी मौतों के पीछे की वजह?

नई दिल्ली. दिल्ली में पिछले साल विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 88,628 मौतों में से लगभग 24 फीसदी हैजा, दस्त, टीबी और हेपेटाइटिस-बी समेत अन्य संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से हुईं। दिल्ली सरकार की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय की ओर से जारी 'द मेडिकल सर्टिफिकेशन ऑफ कॉज ऑफ डेथ्स' (एमसीसीडी) रिपोर्ट-2023 में कहा गया है कि दिल्ली में पिछले साल कुल 88,628 मौतें अस्पतालों या स्वास्थ्य संस्थानों में हुईं। इनमें से लगभग 21,000 लोगों की जान संक्रामक एवं परजीवी रोगों की वजह से गई। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण अस्पतालों में 6,054 मौतें हुईं। यह आंकड़ा साल 2022 में रिकॉर्ड की गई कैंसर और अन्य संबंधित बीमारियों के कारण हुईं 5,409 मौतों से लगभग 12 फीसदी ज्यादा है। साल 2023 में शिशुओं के मामले में सबसे ज्यादा मौतें (1,517) भ्रूण के धीमे विकास और कुपोषण के कारण हुईं। इसमें कहा गया है कि निमोनिया ने 1,373, सेप्टीसीमिया ने 1,109 और हाइपोक्सिया, जन्म के समय सांस नहीं चलना और श्वास संबंधी अन्य विकारों ने 704 शिशुओं की जान ली। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 में सबसे ज्यादा मौतें 45 से 64 साल के उम्र वालों की हुईं। इसमें बताया गया है कि पिछले साल हुई कुल मौतों में 32.28 फीसदी यानी 28,611 मृतक इस आयु वर्ग के, जबकि 29.44 प्रतिशत यानी 26,096 मृतक 65 साल और उससे अधिक उम्र के थे। recent visitors 73

विवाह कानून में होगा संशोधन, अब इराक में 9 साल की बच्चियों से शादी कर सकेंगे पुरुष

इराक विवाह कानून में कानूनी संशोधन पारित करने की तैयारी कर रहा है। यह कानून पुरुषों को नौ साल की उम्र तक की बच्चियों से शादी करने की अनुमति देता है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं को तलाक, बच्चे की कस्टडी और विरासत के अधिकार से वंचित करने के लिए भी संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। यह विधेयक नागरिकों को पारिवारिक मामलों पर निर्णय लेने के लिए धार्मिक अधिकारियों या नागरिक न्यायपालिका में से किसी एक को चुनने की अनुमति भी देगा। शिया दलों के गठबंधन के नेतृत्व वाली रूढ़िवादी सरकार का लक्ष्य लड़कियों को अनैतिक संबंधों से बचाने के प्रयास में प्रस्तावित संशोधन को पारित करना है। कानून में दूसरा संशोधन 16 सितंबर को पारित किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 1959 में जब इसे कानून 188 नाम दिया गया था, तो इसे पश्चिम एशिया के सबसे प्रगतिशील कानूनों में से एक माना जाता था। इराक की गठबंधन सरकार ने कहा कि प्रस्तावित संशोधन इस्लामी शरिया कानून की सख्त व्याख्या के अनुरूप है और इसका उद्देश्य युवा लड़कियों की सुरक्षा करना है। संसद में बहुमत वाली सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह इराकी महिला समूहों के विरोध के बावजूद इस कानून को पारित करेगी। यूनिसेफ के अनुसार, इराक में बाल विवाह की उच्च दर पहले से ही प्रचलित है। लगभग 28% इराकी लड़कियों की शादी 18 वर्ष की आयु से पहले ही हो जाती है और प्रस्तावित संशोधनों से स्थिति और खराब होने की आशंका है। चैथम हाउस के वरिष्ठ शोध फेलो डॉ. रेनाड मंसूर ने द टेलीग्राफ को बताया कि यह कदम शिया इस्लामवादियों द्वारा सत्ता को मजबूत करने और वैधता हासिल करने का नवीनतम प्रयास है। उन्होंने कहा, "यह सभी शिया पार्टियों की बात नहीं है, यह केवल कुछ खास पार्टियां हैं जो सशक्त हैं और वास्तव में इसे आगे बढ़ा रही हैं।" मंसूर ने कहा, "धार्मिक पक्ष पर जोर देना उनके लिए वैचारिक वैधता को फिर से हासिल करने का एक तरीका है, जो पिछले कुछ वर्षों में कम होती जा रही है।" recent visitors 58

मुख्यमंत्री यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं भर्ती की प्रक्रिया को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा

भोपाल प्रदेश में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जनवरी 2025 से प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को स्वयं इस कार्य को देखने और समय सीमा के भीतर प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कहा है तो मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। प्रदेश में इस समय लगभग सात लाख नियमित कर्मचारी हैं। रिक्त पदों की पूर्ति नहीं होने के कारण विभाग आउटसोर्स या फिर संविदा कर्मचारियों से काम चला रहे हैं। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों को प्राथमिकता से भरने का निर्णय लिया है।   रिक्त पदों की मांगी गई जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को पत्र जारी कर 2024 में रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि अगस्त 2022 तक किस श्रेणी के कितने पदों की भर्ती की गई। परिणाम इनके जारी हुए या नहीं और चयनित अभ्यर्थियों ने पदभार ग्रहण किया है या नहीं। 31 मार्च 2025 तक कितने पद किस संवर्ग के रिक्त हो जाएंगे।वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजकर भर्ती के लिए कब स्वीकृति ली गई। उधर, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्य सचिव राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के अधिकारियों के साथ बैठक भी कर चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार जनवरी से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर देगी और। लक्ष्य यह है कि वर्ष 2025 के अंत तक नियुक्तियां प्रारंभ हो जाएं। बजट में किया जाएगा प्रविधान वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें कर्मचारियों के वेतन-भत्ते के लिए सभी को स्थापना व्यय में प्रविधान करना है। एक लाख पदों पर भर्ती के हिसाब से सभी विभागों को बजट प्रविधान भी करना होगा। अभी लगभग 23 प्रतिशत बजट स्थापना व्यय के लिए रखा जाता है। recent visitors 70