Sunday, July 5, 2026 5:56 pm

ओंकारेश्वर से 75 किलोमीटर लंबी पंचकोशी यात्रा का आयोजन, बड़ी संख्या में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

ओंकारेश्वर नर्मदा नदी के तट पर बसे ओंकारेश्वर से 75 किलोमीटर लंबी पंचकोशी यात्रा का आयोजन इस वर्ष देवउठनी एकादशी से एक दिन पहले, आज से शुरू हो रहा है। परंपरागत रूप से हर साल देवउठनी एकादशी से पंचकोशी यात्रा शुरू होती है, लेकिन इस वर्ष तिथियों में बदलाव के कारण यात्रा दशमी को प्रारंभ की जा रही है। इस यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचे हैं, जिनमें महिलाएं, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। 49 वर्षों से जारी पंचकोशी यात्रा सन 1975 में शुरू हुई पंचकोशी यात्रा का यह 49वां वर्ष है। इसकी शुरुआत मात्र पांच लोगों द्वारा की गई थी, जिसके जनक सनावद निवासी रविंद्र भारती चौरे थे। अब यह यात्रा ओंकारेश्वर से शुरू होकर 75 किलोमीटर की परिक्रमा करते हुए पांच दिनों में संपन्न होती है और कार्तिक पूर्णिमा के दिन ओंकार पर्वत की परिक्रमा के साथ समाप्त होती है। श्रद्धालुओं का आगमन और सुरक्षा व्यवस्था शनिवार से ही ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। सभी ने नर्मदा स्नान के बाद यात्रा की तैयारियां कीं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए खंडवा और खरगोन जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्य चौराहों, घाटों और यात्रा मार्ग पर पुलिस बल और होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस थाने के अनोख सिंधिया ने बताया कि भगवान आदि शंकराचार्य तिराहे से चार पहिया वाहनों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से रोक दिया गया था, और वाहनों की पार्किंग कुबेर भंडारी मंदिर पर की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय गीते ने बताया कि यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश सभी संबंधित विभागों को दिए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट के सहायक कार्यपालन अधिकारी अशोक महाजन ने बताया कि घाटों पर श्रद्धालुओं को नर्मदा के जलस्तर की जानकारी लाउडस्पीकर से दी जा रही है। इस दौरान मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए सभी कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है। पूरे मार्ग पर सेवाभाव और सहयोग यात्रा के पूरे मार्ग पर कई गांवों और नगरों में श्रद्धालुओं के लिए पानी, भोजन और विश्राम की सुविधाएं स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही हैं। पंचकोशी यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु नर्मदा स्नान, ज्योतिर्लिंग के दर्शन और कार्तिक पूर्णिमा के पर्व पर शामिल होने के उद्देश्य से ओंकारेश्वर पहुंचे हैं। recent visitors 80

नर्सिंग कॉलेजों में 45 हजार सीटों में से 6 हजार से भी कम पर एडमिशन

भोपाल. सीबीआई और हाई कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के परीक्षण में भले ही लगभग 175 नर्सिंग कॉलेज मान्यता के योग्य पाए गए हैं, पर सख्ती के चलते कई कॉलेज संचालक हाथ खींच रहे हैं। उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया है, मान्यता नवीनीकरण के लिए लगभग 300 आवेदन आए थे, जिनमें 125 के करीब ही मान्यता योग्य बताए जा रहे हैं। सीटों की बात करें तो इन 125 कॉलेजों में जीएनएम (डिप्लोमा पाठ्यक्रम) और बीएससी (नर्सिंग) मिलाकर लगभग छह हजार सीटें ही हैं, जबकि वर्ष 2020 के बाद एक समय ऐसी स्थिति थी कि प्रदेश में 670 नर्सिंग कॉलेजों में 45 हजार तक सीटें थीं। यह कॉलेजों और सीटों की अब तक की सर्वाधिक संख्या रही। सीटें कम होने का बड़ा नुकसान नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों का होगा। कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों ने बताया कि एक-दो दिन के भीतर मान्यता जारी होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने तय किया है वर्ष 2023 की तरह इस वर्ष भी कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा, सिर्फ पहले से संचालित कॉलेजों को ही मान्यता दी जाएगी। नवीनीकरण के लिए कॉलेजों से आवेदन मांगे गए थे, जिनके परीक्षण का काम लगभग पूरा हो गया है। मान्यता नवीनीकरण सूची जारी होने के बाद एमपी ऑनलाइन से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल पहले ही प्रवेश परीक्षा आयोजित कर चुका है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बंद हो जाएंगे 350 कॉलेज बता दें, लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने नर्सिंग कॉलेजों के संचालन में मापदंड को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। कुछ कॉलेजों का फर्जीवाड़ा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने पकड़ा। हाई कोर्ट ने अपात्र कॉलेजों को बंद करने के निर्देश दिए। इस तरह लगभग 200 कॉलेज बंद हो गए। अभी 485 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 350 बंद हो जाएंगे क्योंकि वे मान्यता के लिए जरूरी सुविधाओं के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे। आगे भी यही स्थिति रही तो प्रदेश की आवश्यकता के अनुसार नर्सिंग कर्मचारी निजी एवं सरकारी अस्पतालों को नहीं मिल पाएंगे। recent visitors 41

गंगोत्री धाम की आगामी यात्रा सीजन में जुड़ जाएगी हेली सेवा

उत्तरकाशी. आगामी यात्रा सीजन में गंगोत्री धाम हेली सेवा से जुड़ जाएगा। इसके लिए धाम से डेढ़ किमी पहले नगर पंचायत के पुराने पार्किंग स्थल में हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। निर्माणाधीन हेलीपैड परिसर में देवदार के तीन वृक्ष भी हैं, जिनके पातन के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है। अभी तक सीधे तौर पर हेली सेवा से नहीं जुड़े धाम उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री व यमुनोत्री धाम अभी तक सीधे तौर पर हेली सेवा से नहीं जुड़े हैं। गंगोत्री धाम जाने के लिए विशिष्ट-अतिविशिष्ट अतिथि और तीर्थ यात्रियों को 25 से 30 किमी दूर हर्षिल व झाला स्थित हेलीपैड पर उतरना पड़ता है। आम तीर्थ यात्रियों को झेलनी पड़ती हैं खासी दिक्कतें वीआइपी दौरे के दौरान हर्षिल से गंगोत्री के बीच हाईवे पर यात्रा को भी रोका जाता है, इससे आम तीर्थ यात्रियों को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। इसी तरह से यमुनोत्री धाम जाने के लिए भी विशिष्ट-अतिविशिष्ट अतिथि और तीर्थ यात्रियों को खरसाली में उतरना पड़ता है। यहां से यमुनोत्री धाम के लिए छह किमी की दूरी पैदल दूरी नापनी पड़ती है। लेकिन, अब दोनों धामों में हेली सेवा मिलने की उम्मीद है। गंगोत्री धाम में हेलीपैड का 80 प्रतिशत कार्य पूरा यमुनोत्री धाम में गरुड़ गंगा के पास हेलीपैड के लिए स्थल चिह्नित कर उसका समतलीकरण किया जा चुका है। जबकि, गंगोत्री धाम में हेलीपैड का 80 प्रतिशत कार्य हो चुका है। यह हेलीपैड लगभग 35 लाख की धनराशि से नगर पंचायत के पुराने पार्किंग स्थल में बनाया जा रहा है।   recent visitors 54

‘बहन-बेटी की इज्जत के साथ खिलवाड़ करोगे तो जहन्नुम पहुंचा देंगे…: योगी आदित्यनाथ

प्रयागराज. सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के लिए फूलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कोटवा स्थित तिलक इंटर कॉलेज में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। सीएम ने कहा कि कभी यह क्षेत्र और उत्तर प्रदेश अराजकता और दंगों के लिए जाना जाता था। पहचान का संकट था। युवाओं के सामने रोजगार का संकट था, बेटी-बहन की इज्जत सुरक्षित नहीं थी, किसान आत्महत्या के लिए मजबूर होता था। व्यापारी असुरक्षित महसूस करता था, लेकिन आज ऐसा नहीं है। कांग्रेस और सपा पर बोला जमकर हमला 'आज कल तो लोग यह कहते सुने जा रहे हैं, देख सपाई, बिटिया घबराई। याद है कन्नौज और हरदोई में इन्होंने क्या किया। क्या इसमें कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी। जब मैंने कार्रवाई की, इनको बुरा लगा। माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे. तो क्या करेंगे। याद करिए गाजीपुर में विधायक कृष्णानंद राय की हत्या किसने की थी, सात लोग साथ में मारे गए थे। सपा की छत्र-छाया में पलने वाले माफिया ने हत्या की थी। प्रयागराज में विधायक राजू पाल की हत्या करने वाला कौन माफिया था, याद करिए इसी सपा का शार्गिद बनकर जो राज करता था। सपा का वास्तिवक चरित्र देखना है तो कन्नौज की घटना को याद करें, जब हमने कार्रवाई की तो सपाई लाल-पीले हो रहे थे।' सीएम ने कहा, 'बेटी और बहन की इज्जत के साथ खिलवाड़ करोगे तो जन्नत में तो जगह नहीं मिलेगी, जहन्नुम में जरूर पहुंचा देंगे।' कांग्रेस और सपा पर व्यंग्य कसते हुए बोले, 'पीडीए नहीं, यह दंगाइयों और अपराधियों का हाउस है। प्रदेश का कोई अपराधी नहीं, माफिया नहीं, जो सपा का शार्गिद न हो। याद करिए प्रयाग का अतीक अहमद, गाजीपुर का मुख्तार अंसारी, अंबेडकर नगर का खान मुबारक रहा हो, ये सभी सपा के प्रोड्क्ट हाउस के सदस्य थे। जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, चंद्रशेखर और जनेश्वर मिश्र का नाम लेते हुए कहा कि आजादी के बाद इन्होंने लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए काम किया था, देश को दिशा दी थी। वहीं आज समाजवादी पार्टी माफिया और बदमाशों का जमवाड़ा भर रहा गया है।' उन्होंने भाजपा प्रत्याशी दीपक पटेल के समर्थन में वोट की अपील करते हुए कहा कि फूलपुर विधानसभा प्रभु की असीम कृपा का क्षेत्र है। प्रयाग गंगा का क्षेत्र है। प्रयाग की महिमा की बखान करते हुए मोदी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा, 'दस वर्ष के अंदर मोदी जी ने जो परिवर्तन करके दिखाया है, उसने बहुत कुछ बदल दिया है। देश में चार करोड़ गरीबों के मकान बने, यूपी में 56 लाख मकान बने। देश में 12 करोड शौचालय बने। यूपी में दो करोड 61 लाख शौचालय बने। देश में एक करोड़ 86 लाख फ्री में गैन कनेक्शन बंटे।' recent visitors 77

आज CJI की शपथ लेंगे जस्टिस संजीव खन्ना , EVM समेत ये फैसले रहे चर्चा में

नई दिल्ली. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना 11 नवंबर को 51वें सीजेआई के रूप में शपथ लेंगे। संजीव खन्ना, जो चुनावी बांड योजना को खत्म करने और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे सुप्रीम कोर्ट के कई ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं। सोमवार को भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 10 बजे राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी।  बता दें कि न्यायमूर्ति खन्ना न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ का स्थान लेंगे, जो रविवार को सेवानिवृत्त हुए और उनका कार्यकाल 13 मई, 2025 तक रहेगा। कैसे हुई नियुक्ति? 16 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ की सिफारिश के बाद केंद्र ने 24 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर न्यायमूर्ति खन्ना की नियुक्ति को अधिसूचित किया। शुक्रवार को सीजेआई के रूप में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ का आखिरी कार्य दिवस था और उन्हें शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों, वकीलों और कर्मचारियों द्वारा जोरदार विदाई दी गई। न्यायमूर्ति खन्ना ने जनवरी 2019 से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य किया है, कई ऐतिहासिक निर्णयों का हिस्सा रहे हैं जैसे कि ईवीएम की पवित्रता को बरकरार रखना, चुनावी बांड योजना को खत्म करना, अनुच्छेद 370 को निरस्त करना और पूर्व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत देना। पूर्व जज के भतीजे हैं नए जज दिल्ली स्थित एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले, न्यायमूर्ति खन्ना दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति देव राज खन्ना के बेटे और टॉप अदालत के प्रमुख पूर्व न्यायाधीश एच आर खान के भतीजे हैं। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, को 18 जनवरी, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में प्रमोट किया गया था, हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने से पहले तीसरी पीढ़ी के वकील थे। वह लंबित मामलों को कम करने और न्याय बांटने में तेजी लाने के उत्साह से प्रेरित हैं। कैसे आए चर्चा में? न्यायमूर्ति खन्ना के चाचा न्यायमूर्ति एच आर खन्ना 1976 में आपातकाल के दौरान कुख्यात एडीएम जबलपुर मामले में असहमतिपूर्ण फैसला लिखने के बाद इस्तीफा देकर सुर्खियों में आये थे। आपातकाल के दौरान मौलिक अधिकारों के हनन को बरकरार रखने वाले संविधान पीठ के बहुमत के फैसले को न्यायपालिका पर "काला धब्बा" माना गया। recent visitors 103

गुजरात के भावनगर में एक व्यक्ति ने अपने शादी के कार्ड पर छपा सीएम योगी का ‘बंटोगे तो कटोगे’ नारा

भावनगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नारा 'बंटोगे तो कटोगे' चर्चा का विषय बना हुआ है। अब गुजरात के भावनगर में एक व्यक्ति ने अपने शादी के कार्ड पर इस नारे को छपवाया है और उसके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी छपवाई है। पूरा मामला गुजरात के भावनगर जिले की महुवा तहसील के वांगर गांव का है। जहां पर एक भाजपा कार्यकर्ता के घर 23 नवंबर को शादी होनी है। शादी के लिए तैयार किए गए निमंत्रण कार्ड पर सीएम योगी का चर्चित नारा 'बंटोगे तो कटोगे' छपवाया गया है, जिसमें हिंदू समुदाय को एकजुट करने की बात कही गई है। पूरे प्रदेशभर में इस कार्ड की चर्चा की जा रही है। बता दें कि हाल ही में हरियाणा के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'बंटोगे तो कटोगे' का नारा दिया था। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में इस नारे की चर्चा लगातार हो रही है। चुनावी राज्य महाराष्ट्र और झारखंड में भी योगी के इस नारे पर राजनीतिक पार्टियां आमने-सामने हैं। उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भी इस नारे का असर देखने को मिल सकता है। भाजपा कार्यकर्ता ने बताया कि उसने लोगों को जागरूक करने और पीएम मोदी के संदेश को फैलाने के मकसद से ये नारा छपवाया है। कार्ड में पीएम मोदी, सीएम योगी और राम मंदिर का डिजाइन भी बनवाया गया है। साथ ही कार्ड में स्वच्छता अभियान और स्वदेशी अपनाने की बात पर भी जोर दिया गया है। गौरतलब है कि झारखंड में एक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा था, "अपनी ताकत का एहसास कराएं, जातियों में बंटना नहीं है। जाति के नाम पर कुछ लोग आपको बांटेंगे, कांग्रेस और विपक्ष यही काम करती है। ये लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों, रोहिंग्या को बुला रहे हैं। एक दिन ये लोग आपके घर के अंदर घंटी और शंख भी नहीं बजाने देंगे। इसलिए एक रहिए और नेक रहिए। मैं तो कहता हूं कि देश का इतिहास गवाह है जब भी बंटे हैं, निर्ममता से कटे हैं।' recent visitors 61

सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत ही पूर्व विधायक अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी: दियाकुमारी

सलूम्बर (उदयपुर) राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि तेरह नवंबर को सलूंबर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत ही पूर्व विधायक अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। श्रीमती दिया कुमारी शनिवार को सलंबूर में भाजपा प्रत्याशी शांता देवी के समर्थन में जनसंपर्क कर रही थी। उन्होंने कहा कि श्रीमती शांता देवी की जीत ही स्वर्गीय अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि श्री मीणा ने मेवाड़ की विपरीत परिस्थितियों में भी कमल खिलाये रखा, क्योंकि वह एक मिलनसार व्यक्ति थे। उन्होने सलूंबर के विकास के लिए भरपूर प्रयास किये और उनकी कमी सलूंबर और भाजपा को हमेशा खलती रहेगी। लेकिन अब शीर्ष नेतृत्व ने उनकी पत्नी शांता देवी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने अपील की कि शांता देवी को जीताकर श्री अमृतलाल मीणा को सच्ची श्रद्धांजलि दे। उपमुख्यमंत्री ने सलूंबर विधानसभा क्षेत्र के जावद में जनसभा को संबोधित किया और फिर सलूंबर कस्बे में एक रोड शो भी किया। रोड शो में भारी संख्या में स्थानीय निवासी, ख़ासकर महिलाओं ने हिस्सा लिया। उन्होने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिन-रात काम कर रहे है और विकसित राजस्थान के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पूरी टीम मेहनत कर रही है। सलूंबर की कड़ी विकास के डबल इंजन से जुड़ी रहे, इसके लिए जरूरी है कि शांता देवी को आप सभी मिल कर भारी बहुमत से जिता कर विधानसभा में भेजे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के प्रवासी वोटों को भी बूथ तक ले जाने के लिए विशेष प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने मातृशक्ति से अपील करते हुए कहा कि माताओं-बहनों की विशेष जिम्मेदारी है कि वे परिवार के सभी सदस्यों को वोट डालने के लिए प्रेरित करे।   recent visitors 134