Tuesday, July 7, 2026 2:59 am

हिंगोली में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके हेलीकॉप्टर की जांच की: अमित शाह

मुंबई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि शुक्रवार को महाराष्ट्र के हिंगोली में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों ने उनके हेलीकॉप्टर की जांच की। उन्होंने सभी से स्वस्थ चुनाव प्रणाली में अपना योगदान देने की अपील की। इस जांच से जुड़ा एक वीडियो ‘एक्स' पर साझा करते हुए शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ चुनाव प्रणाली में विश्वास करती है और निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करती है। शाह ने कहा, ‘‘आज महाराष्ट्र के हिंगोली विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों के द्वारा मेरे हेलीकॉप्टर की जांच की गई। भाजपा निष्पक्ष चुनाव और स्वस्थ चुनाव प्रणाली में विश्वास रखती है और माननीय चुनाव आयोग द्वारा बनाए गए सभी नियमों का पालन करती है।'' उन्होंने कहा, ‘‘एक स्वस्थ चुनाव प्रणाली में हम सभी को अपना योगदान देना चाहिए और भारत को विश्व का सबसे मजबूत लोकतंत्र बनाए रखने में अपने कर्त्तव्यों का पालन करना चाहिए।'' शाह की ओर से साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि चुनाव अधिकारी उनके हेलीकॉप्टर की जांच कर रहे हैं। इस दौरान एक अधिकारी को बैग और अन्य सामान की जांच करते भी देखा गया। चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा नेताओं के सामान की जांच करने की घटना उस समय चुनावी मुद्दे में तब्दील हो गई जब शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बैग की जांच की गई थी। ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले लातूर और यवतमाल जिलों में पहुंचने के बाद चुनाव आयोग के अधिकारियों ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक ‘बैग' की जांच की थी। ठाकरे ने इस जांच से संबंधित वीडियो साझा करते हुए पूछा था कि क्या मुख्यमंत्री, राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं पर भी उनके चुनाव प्रचार के दौरान यही नियम लागू किया जायेगा। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘बैग' की भी जांच की गई थी। recent visitors 70

यूनेस्को के ‘इंटर गवर्नमेंटल ओसीनोग्राफिक कमीशन’ ने भी इन 24 गांवों को सुनामी रेडी होने की मान्यता दी

भुवनेश्वर ओडिशा राज्य के 24 तटीय गांव सुनामी रेडी (सुनामी की आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार) घोषित किए गए हैं। यूनेस्को के 'इंटर गवर्नमेंटल ओसीनोग्राफिक कमीशन' ने भी इन 24 गांवों को सुनामी रेडी होने की मान्यता दे दी है। 11 नवंबर को इंडोनेशिया में दूसरे ग्लोबल सुनामी सिम्पोसियम का आयोजन किया गया। इसी आयोजन के दौरान यूनेस्को ने ओडिशा के 24 गांवों को सुनामी रेडी होने का प्रमाण पत्र जारी किया। ओडिशा के इन जिलों के गांवों को घोषित किया गया 'सुनामी रेडी' ओडिशा के जिन गांवों को सुनामी के लिए तैयार घोषित किया गया है, उनमें बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी और गंजम जिले के गांव शामिल हैं। साथ ही ओडिशा के दो गांवों जगतसिंहपुर जिले के नोलियासाही और गंजम जिले के वेंकटरायपुर को सूनामी के लिए तैयार रहने का प्रमाण पत्र नवीनीकरण किया गया है। इन दो गांवों को साल 2020 में ही सुनामी के लिए तैयार घोषित कर दिया गया था। 12 सूचक बिंदुओं के आधार पर तैयार की गई सूची इन गांवों में सरकार ने सभी हितधारकों की आपात स्थिति की ट्रेनिंग दी है। साथ ही गांव के लोगों के लिए जागरुकता अभियान, सुनामी प्रबंधन योजना, मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। साथ ही बचाव मार्गों की पहचान आदि का काम किया गया है। नेशनल सुनामी रेडी रिकॉगनिशन बोर्ड (एनटीआरआरबी) ने इन तटीय गांवों का दौरा कर उन 12 सूचक बिंदुओं को जांचा, जिनके आधार पर किसी भी गांव को सुनामी रेडी घोषित किया जाता है। नेशनल सुनामी रेडी रिकॉगनिशन बोर्ड में नेशनल सेंटर फॉर ओसीन इन्फोर्मेशन के वैज्ञानिक और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी शामिल रहे। एनटीआरआरबी बोर्ड ने अपनी पुष्टि के बाद इन गांवों के नाम यूनेस्को के पास मंजूरी के लिए भेजे थे। जहां से इन्हें मंजूरी मिल गई है। भारत सरकार ने देश के 381 गांवों को सुनामी प्रभावित करार दिया है। इसी के तहत ओडिशा आपदा प्रबंधन प्राधिकरण राज्य के सुनामी प्रभावित तटीय गांवों को सुनामी जैसी आपदा से निपटने के लिए तैयार कर रहा है।   recent visitors 78

उप मुख्यमंत्री साव ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मिलकर राशि स्वीकृत करने का किया था अनुरोध

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 230 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत इस राशि से सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन और ज्यादा पुख्ता तथा टिकाऊ होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के इस सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से शहरों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को नया आयाम मिलेगा। यह राज्य के प्रत्येक नगरीय निकाय को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बेहतर और स्थाई बनाया जाएगा। इससे राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी, भौतिक और मानव संसाधन जुटाए जाएंगे, जिससे न केवल स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी। उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत दिनों अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल से मुलाकात कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों के लिए राशि मंजूर करने का आग्रह किया था। उन्होंने राज्य के शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनाने केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया था। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्तावों के आधार पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के लिए 230 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में सहायता मिलेगी।  उन्होंने स्वच्छता को हर नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि संपूर्ण स्वच्छता के लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। recent visitors 68

सिद्दारमैया सरकार ने कहा- भाजपा ने इसे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया

बेंगलुरु कर्नाटक में सिद्दारमैया सरकार ने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के दौरान कथित कोविड-19 घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का फैसला किया है। इसे लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इसे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा, “हमें एसआईटी से कोई समस्या नहीं है, कर्नाटक में कुछ भी होता है तो वे एसआईटी बनाते हैं। मैं कांग्रेस सरकार से केपन्ना रिपोर्ट के बारे में पूछना चाहता हूं। रिपोर्ट में कहा गया था कि सिद्दारमैया ने जमीन अधिसूचित की है, लेकिन उसके लिए एसआईटी क्यों नहीं है। दरअसल वे येदियुरप्पा और (तत्कालीन) मंत्री श्री रामुलु को फंसाना चाहते हैं। यह मुद्दे को भटकाने की रणनीति है। हमें उम्मीद है कि हम लड़ेंगे और जीतेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि सीएम सिद्दारमैया ने अपने बयान से स्वीकार कर लिया है कि उनके विधायक बिकाऊ हैं। मुख्यमंत्री होने के नाते खुफिया विभाग भी उनके अंतर्गत आता है। उन्हें हिसाब देना चाहिए कि वे 50 विधायक कौन थे और 2,500 करोड़ रुपया कहां से आया? सिद्दारमैया केवल मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। नदी से पीने के पानी पर ग्रीन सेस लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नदी पर सेस अच्छा है, लेकिन झीलों पर क्यों नहीं, तालाबों पर क्यों नहीं, हवा पर क्यों नहीं? हम हवा से सांस लेते हैं तो इस पर टैक्स क्यों नहीं? उसके बाद मैं नोबेल पुरस्कार के लिए उनकी सिफारिश करूंगा। सरकार के पास पैसा नहीं है। उन्होंने पहले ही पेट्रोल, डीजल, पंजीकरण, मृत्यु और जन्म पर कर लगा दिया है। अब वे इस तरह के कदम का उठा रहे हैं। दरअसल, कर्नाटक सरकार पानी के बिल पर ग्रीन सेस लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने पश्चिमी घाट के संरक्षण में फंड की कमी को पूरा करने के लिए यह फैसला लिया है। कर्नाटक सरकार पश्चिमी घाट से निकलने वाली नदियों से पीने के पानी की आपूर्ति करने वाली सभी निगमों और नगर पालिकाओं में पानी के बिलों पर दो-तीन रुपये का मासिक ‘ग्रीन सेस’ लगाने पर विचार कर रही है।   recent visitors 70

दोबारा शादी के बंधन में बंधी ‘उतरन’ स्टार श्रीजिता डे, पति संग तस्वीरें शेयर कर बोलीं – ‘जीवन भर के लिए’

मुंबई, टेलीविजन जगत की खूबसूरत अभिनेत्री श्रीजिता डे ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी की तस्वीरें शेयर कर प्रशंसकों को खूबसूरत झलक दिखाई है। उन्होंने गोवा में एक पारंपरिक बंगाली समारोह में अपने साथी माइकल ब्लोहम-पेप का हाथ थामा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर शादी की तस्वीरें शेयर कर ‘उतरन’ अभिनेत्री ने कैप्शन में लिखा “जीवन भर के लिए संजोया, हमेशा के लिए ले लिया।” श्रीजिता और ब्लोहम-पेप पिछले साल जर्मनी में एक कैथोलिक फंक्शन में एक-दूजे के साथ नजर आए थे। शादी से पहले अभिनेत्री ने मेहंदी, हल्दी और संगीत समेत अन्य फंक्शन और प्री-वेडिंग समारोह की तस्वीरें शेयर कर प्रशंसकों को उसकी भी झलक दिखाई। शादी की तस्वीरों में कपल बेहद प्यारा और रोमांटिक पोज देता नजर आ रहा है। अपने खास दिन पर श्रीजिता मैरून और गोल्डन कलर की साड़ी में नजर आईं। वहीं, उन्होंने बालों को ताजे फूलों को लगाकर बन स्टाइल बनाया। माइकल सफेद और सुनहरे रंग की शेरवानी पहने नजर आए। अभिनेत्री ने फूलों के चादर के साथ मंडप में एंट्री की। उनके पति फिल्मी अंदाज में बाइक पर एंट्री करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले अभिनेत्री ने अपनी मेहंदी समारोह की तस्वीरें भी शेयर की थीं। कैप्शन में उन्होंने लिखा, “एक कहानी जो हमारे बच्चे अपने बच्चों को बताएंगे। प्यार, साथ और इस दुनिया से परे! हमेशा हमेशा के लिए। हमारी मेहंदी समारोह की कुछ झलकियां।” श्रीजिता डे और माइकल लगभग पांच साल तक डेटिंग करने के बाद शादी के बंधन में बंधे। माइकल ने 2021 में पेरिस में एक जगह पर रोमांटिक अंदाज में अभिनेत्री को प्रपोज किया था। इस बीच वर्कफ्रंट की बात करें तो श्रीजिता ने कलर्स टीवी के सबसे लंबे समय तक चलने वाले लोकप्रिय शो ‘उतरन’ में काम किया था। शो में उन्होंने मुक्ता राठौड़ की भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने स्टार प्लस के थ्रिलर ‘नजर’ में काम किया था। इस शो में उनके किरदार का नाम ‘दिलरुबा’ था। इसके साथ ही श्रीजिता ‘ये जादू है जिन्न का’, ‘तुम ही हो बंधु सखा तुम्ही’, ‘पिया रंगरेज’ और ‘बिग बॉस 16’ में भी नजर आ चुकी हैं। recent visitors 183

मंत्री वर्मा बोले- हम संगठित होकर आगे बढ़ सकते हैं

रायपुर जनजातीय गौरव दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम आज वनांचल नगरी विकासखण्ड के ग्राम सांकरा में आयोजित किया गया। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि हमको भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा मिलती है हम कितने दिन जीते हैं, कितने साल जीते हैं, मायने नहीं रखता, हम अपने जीवन को कैसे जीते हैं, यह मायने रखता है। भगवान बिरसा मुंडा ने केवल 25 साल की उम्र में ही अपने देशहित में बलिदान कर दिया। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा, जल, जंगल और जमीन के लिए की। ऐसे महान पुरुष के जीवन से प्रेरणा लेकर के हम समाज, देश को संगठित करके आगे ले जा सकते हैं। मंत्री श्री वर्मा ने कृषि विभाग की ओर से 15 हितग्राहियों को मसूर मिनीकिट वितरण, 9 हितग्राहियों को स्प्रेयर पंप वितरण, पशु चिकित्सा विभाग की ओर से 8 हितग्राहियों को चेक वितरण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 हितग्राहियों को पोषण कीट का वितरण, श्रम विभाग की ओर से 4 हितग्राहियों को राशि वितरित किया। मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के अवसर पर आदिवासी समाज सहित सभी को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। इससे जनजातीय समुदाय को जागृत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय वीरों का छत्तीसगढ़ में बहुत बड़ा योगदान है। जब कभी भी हम आदिवासी की बात करते हैं, तो सबसे पहले भाव यही उठता है, कि आदिवासी बहुत ही सहज, सरल और उदार व्यक्ति और प्रकृति प्रेमी होते हैं। जनजाति जीवन शैली में भारत दर्शन और सनातन के मूल्य गुंजित होते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए भी गर्व होता है कि हमारा आदिवासी समाज अनादि काल से आज तक अपने सादगी के लिए जाना जाता है। उतनी ही अपनी अस्मिता को बचाने और अपने मान सम्मान हेतु संघर्ष के लिए भी जागरूक होते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि हमें आदिवासी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के रूप में मिला है। प्रदेश मे हम जनजातिय समुदाय को ऊपर उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पीएम जनमन योजना लागू कर विशेष पिछड़ी जनजाति को राष्ट्र के मुख्यधारा से जोड?े का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत इन वर्गों को आवास, शिक्षा, आत्मनिर्भरता के लिए कौशल विकास, स्व-रोजगार संबंधी अनेक योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाकर उन्हें संगठित करने का प्रयास किया है। इस अवसर पर पूर्व सिहावा विधायक श्रीमती पिंकी शिवराज शाह और सर्व आदिवासी समाज के तहसील अध्यक्ष श्री उमेश देव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। recent visitors 54

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0: अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी होगी तैयार, सस्ती दर पर मिलेगी जमीन

भोपाल शहरों को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 लागू की है। अन्य योजनाओं को मिलाकर इसमें काम होगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग पालिसी तैयार कर लागू करेगी। इस नीति के तहत मकान बनाने के लिए सस्ती दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में पंजीकृत आवासों के लिए एक प्रतिशत से कम स्टांप शुल्क लिया जाएगा। ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) सुविधा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए निर्मित क्षेत्र में परियोजना के समग्र फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) में शामिल नहीं किया जाएगा। 31 दिसंबर तक का है समय नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना को लागू करने के लिए 31 दिसंबर, 2024 से पहले प्रदेश को केंद्र सरकार को सहमति प्रेषित करनी होगी। साथ ही अन्य सुधार 30 जून, 2025 तक पूर्ण कर लागू करने होंगे। 12 नवंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बताया गया कि प्रदेश सरकार योजना पर सहमति भेज रही है। लक्ष्य यह रखा गया है कि पांच वर्ष में इस योजना के माध्यम से प्रदेश में दस लाख आवास निर्मित किए जाएं। जारी रहेगी ढाई लाख की सब्सिडी स्वयं की भूमि पर आवास निर्माण के लिए ढाई लाख रुपये का जो अनुदान दिया जा रहा है, वह जारी रखा जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश वर्ष 2015 से वर्ष 2023 तक पहले या दूसरे स्थान पर रहता आया है। अभी तक इसमें साढ़े नौ लाख हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है। अब शहरों को झुग्गी मुक्त करने और आवास की आवश्यकता की पूर्ति के लिए तीन स्तर पर एक साथ काम होगा। इसमें प्रधानमंत्री आवास शहरी के तहत पंजीकृत आवासों (60 वर्गमीटर तक) के लिए एक प्रतिशत या उससे भी कम स्टांप या पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। आवास निर्माण के लिए ऐसे हितग्राही जिनके पास भूमि नहीं है, उन्हें सस्ती दर पर पट्टे दिए जाएंगे। इन्हें मिलेगी योजना में प्राथमिकता प्रधानमंत्री आवास योजना में उन व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके पास कहीं भी पक्का आवास नहीं है। नौ लाख रुपये तक की वार्षिक आय और राज्य व केंद्र सरकार की किसी भी आवास योजना में लाभ ले चुके व्यक्ति योजना के लिए अपात्र होंगे। कल्याणी (विधवा), दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग, सफाई कर्मी, पथ विक्रेता, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, निर्माण श्रमिक, मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलेगी। ऐसे व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक हो और उनके पास स्वयं का भूखंड हो उन्हें मकान बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से ढाई लाख रुपये की मदद की जाएगी। यह राशि तीन किस्तों में देय होगी। इसी तरह सरकारी या निजी एजेंसी की परियोजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 30 से 45 वर्ग मीटर का फ्लैट दिलाया जाएगा। इसके लिए भी ढाई लाख रुपये तक की सहायता केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देगी।   recent visitors 96