धामपुर के देहरादून नैनीताल नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार द्वारा थ्री व्हीलर से टक्कर, 7 लोगों की मौत

बिजनौर बिजनौर के धामपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। यह हादसा धामपुर के देहरादून नैनीताल नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार द्वारा थ्री व्हीलर को पीछे से टक्कर मारने के कारण हुआ। हादसे में थ्री व्हीलर के चालक सहित सात लोगों की मौत हो गई। हादसे में सभी मृतक झारखंड में शादी कर वापस अपने गांव तिबड़ी आ रहे थे। जानकारी के अनुसार, एक ही परिवार के 6 लोग थे और यह यह शादी विशाल नाम के युवक की थी। ये लोग ट्रेन से मुरादाबाद आए और फिर एक थ्री व्हीलर कर अर्धरात्रि के समय गांव जा रहे थे। जब वह धामपुर नगीना मार्ग पर फायर स्टेशन के पास पहुंचे तो पीछे से क्रेटा कार ने टक्कर मार दी। इन सभी 6 लोगों की उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मृतकों में खुर्शीद 65, उनका बेटा विशाल 25, पुत्रवधू खुशी 22 के अलावा मुमताज, रूबी और पुत्री 10 वर्षीय बुशरा भी शामिल हैं। परिवार के 6 लोगों के अलावा थ्री व्हीलर चालक की भी इलाज के लिए बिजनौर ले जाते हुए मौत हो गई। हादसे में घायल क्रेटा सवार शेरकोट निवासी सोहेल अल्वी व अमन को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। एसपी अभिषेक झा ने दुर्घटना की जानकारी देते हुए कहा, "थाना धामपुर क्षेत्र में तड़के सुबह यह जानकारी प्राप्त हुई कि एक क्रेटा गाड़ी और एक ऑटो के बीच टक्कर हुई है। क्रेटा किसी अन्य वाहन को ओवरटेक कर रही थी और उसने अचानक अपना प्लेन चेंज किया और तेज स्पीड के साथ ऑटो को टक्कर मारी। ऑटो में सवार सात व्यक्ति थाना धामपुर क्षेत्र के ही रहने वाले हैं और मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से लौट रहे थे। उनमें से छह व्यक्तियों की उसी समय मृत्यु हो गई थी और ऑटो चालक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। लोगों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और सभी शवों का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है और परिजनों को यथासंभव सहायता प्रदान की जा रही है।" recent visitors 125

मेहसाणा में 4.2 तीव्रता का भूकंप, भूकंप की हलचल महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए

मेहसाणा (गुजरात) गुजरात के मेहसाणा जिले में 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने यह जानकारी दी। गांधीनगर स्थित राज्य नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की हलचल महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए, लेकिन इलाके में किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। गांधीनगर स्थित आईएसआर ने बताया कि भूकंप रात 10:15 बजे दर्ज किया गया और इसका केंद्र पाटन से 13 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र मेहसाणा क्षेत्र में अक्षांश 23.71 एन और देशांतर 72.30 ई पर 10 किमी की गहराई पर था। यह स्थान गुजरात के राजकोट से लगभग 219 किमी उत्तर-पूर्व में था। इसका केंद्र भी पाटन से 13 किमी दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। बनासकांठा, पाटन, साबरकांठा और मेहसाणा के उत्तरी जिलों से मिली जानकारी के अनुसार भूकंप के झटके दो से तीन सेकंड तक महसूस किये गये। बता दें कि गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जीएसडीएमए) द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 200 वर्षों में राज्य को नौ बड़े भूकंपों का सामना करना पड़ा है, जिसमें कच्छ जिले में 26 जनवरी, 2001 का विनाशकारी भूकंप भी शामिल है। गुजरात के कच्छ जिले में भी इस महीने की शुरुआत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब 3 नवंबर को सुबह 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र लखपत से 53 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में था। इससे कुछ दिन पहले 27 अक्टूबर को राज्य के सौराष्ट्र क्षेत्र के अमरेली जिले में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था। दोनों ही मामलों में भूकंपीय गतिविधि के कारण किसी तरह की जान-माल की हानि की खबर नहीं आई। गुजरात में भूकंप के झटके अक्सर आते रहते हैं और राज्य में भूकंप का जोखिम हमेशा बना रहता है। तटीय राज्य में 2001 में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था। जिसमें हजारों लोग मारे गए थे और पूरा क्षेत्र प्रभावित हुआ था। जीएसडीएमए के आंकड़ों के अनुसार, इसमें करीब 13,800 लोग मारे गए थे और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे। recent visitors 64

प्रट्रोल-डीज़ल के दामों से लोगो जल्द मिल सकती है राहत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी

नई दिल्ली पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द ही लोगों को राहत मिलने वाली है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2 फीसदी से अधिक घटकर 71 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई, जबकि डब्लूटीआई 2 फीसदी गिरकर 67 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इस हफ्ते के दौरान ब्रेंट क्रूड 4 फीसदी और डब्लूटीआई 5 फीसदी गिरा है। यह गिरावट उस वक्त आई है जब ओपेक प्लस देशों ने लगातार दूसरी बार उत्पादन में कटौती की समयसीमा बढ़ाई है, यानी उत्पादन में कटौती के बावजूद तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत और पॉलिसी से संबंधित अनिश्चितताओं के कारण डॉलर में मजबूती आई है, वहीं अगले साल तेल सप्लाई में सरप्लस की संभावना है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव और बढ़ने का अनुमान है। इन सब घटनाक्रमों के बीच, घरेलू रिटेल प्राइस में कटौती की उम्मीदें भी बढ़ी हैं। सितंबर में जब कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब थीं, तब पेट्रोलियम सचिव ने कहा था कि अगर ये स्तर बने रहते हैं, तो खुदरा कीमतों में कटौती की जा सकती है। हालांकि, बाद में मध्य-पूर्व संकट के कारण कीमतें फिर बढ़ गईं, लेकिन ब्रेंट क्रूड की कीमत कभी भी 82 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर नहीं पहुंची। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगले साल तेल सप्लाई में सरप्लस की स्थिति रह सकती है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में उत्पादन बढ़ने के कारण, 2025 में डिमांड के मुकाबले सप्लाई 10 लाख बैरल प्रति दिन अधिक हो सकती है। इस संकेत और चीन में डिमांड घटने की आशंका के बीच, यूबीएस ने अगले साल के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत अनुमान 87 डॉलर प्रति बैरल से घटाकर 80 डॉलर प्रति बैरल कर दिया है।  recent visitors 88

थाना बड़ामलहरा पुलिस ने क्षमता से अधिक पशु भरकर परिवहन कर रहे कंटेनर ट्रक को किया जप्त

थाना बड़ामलहरा पुलिस ने क्षमता से अधिक पशु भरकर परिवहन कर रहे कंटेनर ट्रक को किया जप्त पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम के तहत हुआ अपराध पंजीबद्ध, 25 नग भैंसों को संरक्षण हेतु स्थानीय व्यक्ति को किया सुपुर्द  बड़ामलहरा आज थाना बड़ामलहरा पुलिस को ग्राम विक्रमपुर के पास एक कंटेनर में क्षमता से अधिक पशु भरकर परिवहन कर रहे ट्रक कंटेनर की सूचना प्राप्त हुई, पुलिस टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम विक्रमपुर पहुंची। वहां पर एक ट्रक कंटेनर खड़ा हुआ था, ट्रक कंटेनर के अंदर 25 नग भैंस रस्सी से बंधी भरी हुई थी। पुलिस टीम ने सर्वप्रथम भैंसों को ट्रक से उतार कर चारा पानी की व्यवस्था करते हुए संरक्षण हेतु स्थानीय व्यक्ति की स्वेच्छा से सुपुर्द किया। तत्पश्चात ट्रक कंटेनर को जप्त करते हुए थाना बड़ा मलहरा में पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर एवं एकत्रित साक्ष्य के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में एसडीओपी बड़ा मलहरा श्री रोहित अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बड़ा मलहरा निरीक्षक जितेंद्र वर्मा, उप निरीक्षक रणबहादुर सिंह, प्रधान आरक्षक संजय सिंह, आरक्षक सतीश एवं रघुनाथ की भूमिका रही। recent visitors 58

रायपुर में सर्दी की दस्तक, दिन कड़ी धूप, रात के तापमान में गिरावट जारी

रायपुर छत्तीसगढ़ में सर्दी ने अब पूरी तरह से अपनी दस्तक दे दी है, और इसके साथ ही तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। शुक्रवार को राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान दो डिग्री बढ़कर 32.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के विशेषज्ञ एचपी चंद्रा के अनुसार, 16 नवंबर के बाद राजधानी रायपुर में रात का तापमान और भी गिर सकता है, और सर्दी में इजाफा होने की संभावना है। इस वक्त प्रदेश के वातावरण में नमी का स्तर घट रहा है, जिससे ठंड बढ़ने लगी है। सर्दी का असर आने वाले दिनों में और ज्यादा महसूस होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिसंबर के पहले हफ्ते से ठंड का असर तेज़ हो सकता है, और तब लोगों को सर्दियों का पूरा अनुभव होने लगेगा। राजधानी रायपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों का मौसम शुक्रवार के मौसम आंकड़े बताते हैं कि रायपुर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस था, जबकि न्यूनतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों का तापमान भी उल्लेखनीय रूप से गिरा।     बिलासपुर में अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     पेण्ड्रारोड में अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री था।     अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 27.9 डिग्री और न्यूनतम 10.4 डिग्री सेल्सियस था।     जगदलपुर में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 19.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।     दुर्ग में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 16.2 डिग्री सेल्सियस था।     राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री और न्यूनतम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में गिरावट का प्रभाव प्रदेश में बादल छंटने के बाद ठंड का असर तेजी से बढ़ा है। रायपुर समेत राज्य के सभी जिलों में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखी जा रही है। खासतौर से रात में ठिठुरन बढ़ गई है। इसके पीछे मुख्य कारण द्रोणिका का प्रभाव है, जिसके कारण हवा में नमी की मात्रा में कमी आई है, और इसका प्रभाव तापमान में गिरावट के रूप में देखा जा रहा है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों के भीतर तापमान में और 5 से 6 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप, प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में ठंड का असर और भी बढ़ सकता है। दिसंबर के पहले हफ्ते से सर्दी का असर और तेज होगा वर्तमान समय में प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। दिन में सूर्य की तेज़ धूप के बावजूद, सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास हो रहा है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, प्रदेश के उत्तरी इलाकों में अब कोहरे की शुरुआत हो चुकी है। रायपुर और आसपास के इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा देखने को मिल रहा है, जो ठंड के संकेत दे रहा है। हालांकि, दिन के वक्त धूप काफी तीव्र रहती है, जिससे तापमान में थोड़ी सी राहत महसूस होती है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंडक में इजाफा हो रहा है। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि आने वाले दिनों में ठंड में और तेज़ी आ सकती है, जिससे लोगों को सर्दी का पूरा अनुभव होने लगेगा। recent visitors 56

ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग पर चर्चा, राजस्थान-उप मुख्यमंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक

जयपुर। पुष्कर की अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत, मसूदा विधायक श्री विरेन्द्र सिंह कानावत, अधिकारियों एवं विशेषज्ञों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग के निर्माण, सौन्यदर्यकरण एवं सुदृढ़ीकरण करने के बारे में विभिन्न प्रस्तावों पर विचार विमर्श हुआ। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि पुष्कर की पौराणिकता को केन्द्र में रखकर ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर एवं सरोवर परिक्रमा मार्ग का निर्माण, सौन्दर्यीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस कार्य में मौलिकता पर विशेष जोर रहेगा। जगतपिता ब्रह्माजी की गरिमा के अनुरूप पूरे शोध के साथ विकास कार्य करवाने होंगे। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाले विकास कार्य करवाए जाएंगे। श्री पुष्कर पशु मेले के महत्व की अभिवृद्धि करने की दिशा में भी कार्य करने के बारे में चर्चा हुई। पर्यटन के विभिन्न घटकों के अनुसार थीम आधारित कार्य भी होने चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पुष्कर एक अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक केन्द्र होना चाहिए। पर्यटक वर्ष भर यहां आकर कम से कम दो दिन रूकने का विचार करें। सरकार की बजट घोषणा के अनुसार पर्याप्त बजट उपलब्ध है। पुष्कर के नाम के अनुरूप देश में अलग विशेषता लिए निर्माण कार्य होंगे। त्रेतायुग में भगवान श्री राम के द्वारा पुष्कर में अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध करने के समय के पुष्कर के वैभव को पुनः स्थापित करने की दिशा में कार्य होना चाहिए। पुष्कर की पौराणिक प्रकृति के संरक्षण के साथ ही विकास कार्य होंगे। बैठक में घाटों के सौन्दर्यकरण और पर्यटन के विकास के विभिन्न सुझावों एवं प्रस्तावों पर चर्चा हुई। recent visitors 161

पाकिस्तान की हवा हुई जहरीली होने के कारण पंजाब के 2 शहरों में लगा कंप्लीट लॉकडाउन

नई दिल्ली भारत के साथ-साथ पाकिस्तान की हवा भी जहरीली हो गई है। इसे देखते हुए वहां कि पंजाब सरकार ने लाहौर और मुल्तान में कंप्लीट लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। यह शुक्रवार से रविवार तक प्रभावी रहेगा। यह निर्णय इन दोनों शहरों में वायु प्रदूषण के स्तर के अत्यधिक बढ़ने के कारण लिया गया है। पिछले कुछ हफ्तों से, पंजाब के कई शहरों में घना स्मॉग फैल गया है। लाहौर तथा मुल्तान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। मुल्तान में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पहले ही 2,000 को पार कर चुका है, जिससे वायु प्रदूषण का नया रिकॉर्ड बना है। पंजाब की मंत्री मरियम औरंगजेब ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम लाहौर और मुल्तान में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि इन दोनों शहरों में शुक्रवार से रविवार तक पूर्ण लॉकडाउन लागू किया जाएगा। लाहौर और मुल्तान में निर्माण कार्यों को अगले 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। निर्माण सामग्री से लदी गाड़ियों को शहरों में प्रवेश करने से रोका जाएगा। इसके अलावा स्कूलें भी बंद हैं। कॉलेज और विश्वविद्यालय ऑनलाइन कक्षाएं चलाएंगे। सरकारी और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। रेस्तरां केवल 4 बजे तक खुलेंगे और 8 बजे तक टेकअवे सेवा दी जाएगी। मरियम औरंगजेब ने यह भी कहा कि इस स्मॉग सीजन के दौरान शादियों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है। मरियम औरंगजेब ने यह भी बताया कि लाहौर में केवल 3 प्रतिशत हरियाली है, जबकि यहां 36 प्रतिशत हरियाली होनी चाहिए थी। इसके मद्देनज़र सरकार ने शहरभर में वृक्षारोपण अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। इसके अलावा, कृषि विभाग ने किसानों को उनके पराली जलाने की बजाय उसे नष्ट करने के लिए 1,000 सुपर सीडर्स दिए हैं। 800 ईंट भट्टों को नष्ट किया गया है। लाहौर के वनों को बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। recent visitors 79