CM योगी का रोड शो आज, रोड शो विजय नगर इलाके में होगा, नगर निगम स्ट्रीट डॉग और छुट्टा पशुओं को पकड़ने में लगी

गाजियाबाद यूपी के गाजियाबाद में 16 तारीख को योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में रोड शो करेंगे। रोड शो विजय नगर इलाके में होगा। बाकी तैयारी के साथ नगर निगम भी अपनी तैयारी में जुट गया है। रोड शो वाले इलाके में नगर निगम स्ट्रीट डॉग और छुट्टा पशुओं को बहुत ही बेरहमी  से इन बे जुबान  डॉगो को पकड़ा जा  रहा है। आधा दर्जन टीम इस काम के लिए लगी हुई है। सभी को नंदी पार्क ले जाया जाएगा। गाजियाबाद में नगर निगम के सफाई नायक सुरेंद्र कुमार ने बताया की विजयनगर में आधा दर्जन टीम उस इलाके में लगी हुई है जहां कल प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रोड शो करेंगे। इस इलाके में घूमने वाले स्ट्रीट डॉग और छुट्टा पशुओं को नगर निगम के कर्मचारी पकड़ रहे हैं। पकड़ने के बाद उनको गाड़ी में भरा जा रहा है। इसके बाद उनको नंदी पार्क छोड़ दिया जाएगा। सुरेंद्र कुमार के मुताबिक एक दर्जन स्ट्रीट डॉग और तकरीबन इतने ही छुट्टा पशु पकड़े गए हैं। योगी आदित्यनाथ कल विजयनगर में रोड शो करेंगे। उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं जिसमें से एक गाजियाबाद सदर सीट भी है। यहां वह करीब डेढ़ किलोमीटर का रोड शो करेंगे। रोड शो भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजीव शर्मा के पक्ष में होगा। recent visitors 179

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की रहस्यमय मौत के मामले में एनजीटी ने खुद संज्ञान लिया

भोपाल  मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की रहस्यमय मौत के मामले में एनजीटी ने खुद संज्ञान लिया है। एनजीटी ने इस मामले में कई अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मध्य प्रदेश), मुख्य वन्यजीव व warden (एमपी), कलेक्टर (उमरिया), भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के निदेशक, भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) के निदेशक और केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सचिव शामिल हैं। एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट वहीं, एनजीटी ने सभी को एक हफ्ते के अंदर, अगली सुनवाई से पहले, जवाब दाखिल करने को कहा है। यह मामला शुरुआत में एनजीटी की प्रधान पीठ के सामने आया था, जिसे बाद में केंद्रीय पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया। एनजीटी के आदेश में उन रिपोर्टों का हवाला दिया गया है जो बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत को दूषित कोदो बाजरा खाने से जोड़ती हैं। ये हैं शुरुआती वजह शुरुआती जांच से पता चलता है कि मौतें बाजरा में मायकोटॉक्सिन संदूषण के कारण हुई हो सकती हैं। प्रभावित क्षेत्र से नमूने आगे के विश्लेषण के लिए दो प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे, उत्तर प्रदेश में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और मध्य प्रदेश के सागर में एक फोरेंसिक लैब। मायकोटॉक्सिन का पड़ता है प्रभाव एनजीटी के आदेश में आगे कहा गया है कि कोदो बाजरा, जो भारत के कई हिस्सों में मुख्य भोजन है, अपने उच्च फाइबर और खनिज सामग्री के लिए जाना जाता है। हालांकि, जब यह मायकोटॉक्सिन से संक्रमित हो जाता है। खासकर मानसून के मौसम में नमी की स्थिति में तो इसमें फंगल संक्रमण हो सकता है। यह संदूषण मनुष्यों और जानवरों दोनों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इससे लीवर और किडनी खराब हो सकती है और साथ ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं भी हो सकती हैं। कोदो को ठहराया जा रहा जिम्मेदार यह आरोप लगाया गया है कि बांधवगढ़ में हाथियों ने दूषित कोदो बाजरा या उसके उपोत्पादों का सेवन किया होगा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें जहर मिला होगा। माना जा रहा है कि फंगल संदूषण से उत्पन्न मायकोटॉक्सिन से हाथियों की मौत हुई है। एनजीटी ने इस तरह के व्यापक प्रभावों के बारे में चिंता व्यक्त की है। उसने कहा कि इससे वन्यजीवों और पशुधन दोनों को खतरा हो सकता है जो दूषित फसल के संपर्क में आ सकते हैं। इस फैसले का दिया हवाला एनजीटी ने यह भी कहा कि यह घटना संभावित रूप से वन संरक्षण अधिनियम, 1980 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 का उल्लंघन हो सकती है, जो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय अनुपालन मुद्दों को जन्म देती है। ट्रिब्यूनल ने मामले को स्वत: संज्ञान लेने के अपने अधिकार पर जोर दिया। इसके लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के नगर निगम ग्रेटर मुंबई बनाम अंकिता सिन्हा और अन्य (2021 एससीसी ऑनलाइन एससी 897) के मामले में फैसले का हवाला दिया। एक सप्ताह में जवाब मांगा अपने आदेश के हिस्से के रूप में, एनजीटी ने राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों को अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले ट्रिब्यूनल की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ के समक्ष हलफनामे के रूप में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई प्रतिवादी अपने कानूनी वकील की सलाह के बिना जवाब दाखिल करता है, तो उसे ट्रिब्यूनल की सहायता के लिए वर्चुअली उपस्थित रहना होगा। यह मामला भोपाल में केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण इस पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया था। मूल केस रिकॉर्ड को तदनुसार अग्रेषित करने का निर्देश दिया गया था। recent visitors 73

महाकाल की भस्म आरती में श्रद्धालुओं का हाईटेक प्रवेश शुरू, अब नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा

उज्जैन उज्जैन महाकाल मंदिर में नए नियम लागू किए गए है. भगवान महाकाल के दर्शन करने के लिए अब भक्तों को खास तरह की आईडी की जरूरत होगी. इससे पहले भी RFID के जरिए मंदिर में एंट्री (Mahakal Mandir Entry New Rules) दी जाती थी. लेकिन, शुक्रवार से RFID लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. भस्म आरती में शामिल होने के लिए भक्तों की एंट्री में सख्ती लाई गई है. अगर आपके पास RFID नहीं होगा, तो आपको भस्म आरती में शामिल होने से मना कर दिया जाएगा. अवैध वसूली रोकने की कोशिश महाकाल बाबा की हर दिन सुबह भस्म आरती दर्शन के लिए देश भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. सीमित और ऑनलाइन अनुमति नहीं होने के कारण काफी समय से कुछ लोग भस्म आरती के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे. कई बार श्रद्धालुओं के साथ भस्म आरती के नाम पर हजार रुपये की ठगी के मामले भी सामने आए हैं. इसी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने शुक्रवार से RFID बैंड योजना शुरू कर दी. अब महाकाल, महालोक, मानसरोवर भवन से जनरल और अवंतिका द्वार पर श्रद्धालुओं के मोबाइल नंबर बताने पर रिस्ट बैंड पर QR कोड प्रिंट कर तत्काल श्रद्धालुओं को दिया जाएगा. भस्म आरती काउंटर पर होगी चेकिंग इस संबंध में महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि भस्म आरती में श्रद्धालु को एंट्री के समय कलाई पर RFID बैंड बांधा जाएगा. शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान कलेक्टर नीरज सिंह ने इसकी शुरुआत की. सुबह सभी भक्तों की कलाई पर RFID बैंड बांधने के बाद ही प्रवेश दिया गया. अब मंदिर में प्रवेश लेने के बाद सभी भस्म आरती काउंटर पर RFID बैंड चेक होगा. बैंड की चेकिंग से फर्जी और अनधिकृत प्रवेश पर रोक लग सकेगी. सभी भक्तों को भस्म आरती के दौरान इसे पहनना अनिवार्य होगा. ऐसे काम करेगा RFID बैंड     रेडियो-फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (RFID बैंड) पूरी तरह चिप प्रोसेस पर काम करता है. इसमें श्रद्धालु की जानकारी फीड की जाती है.     श्रद्धालु ऑनलाइन या ऑफलाइन टिकट परमिशन लेकर मंदिर में प्रवेश करेगा, तब एक काउंटर पर बार कोड स्कैन कर श्रद्धालु को कलाई पर बांधने के लिए बैंड दिया जाएगा.     बैंड में श्रद्धालु की पूरी डिटेल फीड रहेगी. भस्म आरती में प्रवेश से आरती खत्म होने तक RFID बैंड को बांधकर रखना होगा.     आरती खत्म होने के बाद दर्शनार्थियों को निर्धारित काउंटर पर इस बैंड को जमा भी करना होगा. recent visitors 85

शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज इंदौर का सिंगापुर की संस्थान के साथ साइन किया एमओयू, विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन

इंदौर आयुर्वेद की बढ़ती ख्याति से विदेशी भी प्रभावित हैं और अब इस पद्धति से उपचार के लिए कई देश भारत की सहायता लेने लगे हैं। इसी क्रम में सिंगापुर की एक संस्था ने वहां पंचकर्म केंद्र शुरू करने में रुचि दिखाई है। इंदौर के शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कालेज के आयुर्वेदाचार्य वहां के डॉक्टरों को प्रशिक्षण देंगे। करीब दो वर्ष पहले सिंगापुर की संस्था ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन फॉर पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजिन और शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज के बीच आयुर्वेद की सुविधाओं और इसकी शिक्षा के आदान-प्रदान के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। 50 साल के इंदौर में चल रहा है कॉलेज प्रवासी भारतीय सम्मेलन-2023 में सिंगापुर से आए प्रतिनिधि मंडल ने कॉलेज का दौरा भी किया था। अधिकारियों ने बताया कि अब जल्द ही इस एमओयू पर अमल होने वाला है। इसके लिए केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। बता दें, इंदौर के शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज में करीब 50 वर्षों से पंचकर्म केंद्र संचालित हो रहा है। इस केंद्र में प्रतिदिन 150 मरीज आ रहे हैं। ऑनलाइन भी दिया जाएगा प्रशिक्षण इस एमओयू के तहत कॉलेज के विशेषज्ञ सिंगापुर जाएंगे। वहां संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे कि पंचकर्म केंद्र कैसे शुरू किया जा सकता है। इसके लिए संसाधनों की आवश्यकता के बारे में भी बताया जाएगा। कुछ विशेषज्ञ ऑनलाइन माध्यम से भी प्रशिक्षण देंगे। ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडियन ओरिजिन सिंगापुर के मैनेजिंग डायरेक्टर और अध्यक्ष हरिकृष्ण मुथूस्वामी सहित अन्य लोग निरीक्षण के लिए इंदौर आए थे। यह होता है पंचकर्म पंचकर्म केंद्र के प्रभारी डॉ. अजित कुमार ओझा ने बताया कि कई लोगों को लगता है कि पंचकर्म का मतलब सिर्फ मालिश होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पंचकर्म में पांच तरीकों से मरीज का उपचार किया जाता है। पंचकर्म के पांच प्रमुख कर्म वमन, विरेचन, नस्य, वस्ति और रक्तमोक्षण होते हैं। वमन में शरीर के ऊपरी भाग के दोषों का निवारण किया जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज को उल्टियां करवाई जाती हैं। विरेचन में मल द्वार से शरीर के दोषों को निकाला जाता है। जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों के लिए यह कारगर चिकित्सा है। नस्य में नाक के मार्ग से औषधि दी जाती है, जिससे सिर से जुड़ी समस्याओं को ठीक किया जाता है। वस्ति में एनिमा जैसी पद्धति से मरीज का उपचार किया जाता है। वहीं, रक्तमोक्षण में शरीर के दूषित रक्त को साफ किया जाता है। recent visitors 132

ब्लड लाइन के बाघों की ब्रीडिंग से जन्म लेने वाले शावकों में प्रतिरोधी क्षमता अधिक होगी, अनुवांशिक बीमारियों से भी निजात मिलेगी

इंदौर  इंदौर शहर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय के बाघ का कुनबा सेहतमंद रहे इसलिए अब चिड़ियाघर प्रबंधन उनकी वंशावली में बदलाव करने जा रहा है। इसके लिए गोरेगांव चिड़ियाघर (महाराष्ट्र) से विशेष एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत बाघ के जोड़े के बदले बाघ का ही एक जोड़ा लिया जाएगा। अलग-अलग ब्लड लाइन के बाघों की ब्रीडिंग से जन्म लेने वाले शावकों में प्रतिरोधी क्षमता अधिक होने के साथ ही अनुवांशिक बीमारियों से भी निजात मिलेगी। इससे बाघ अपनी 15-16 वर्ष की औसत आयु को अधिक बेहतर तरीके से व्यतीत कर पाएंगे। जिन प्राणियों की संख्या ज्यादा होती है, उन्हें भेजा जाता है हर बार यहां से उस प्रजाति के वन्य प्राणियों को अन्य स्थानों पर भेजा जाता है, जिनकी संख्या अधिक होती है। बदले में दूसरी प्रजाति के जानवर लाए जाते हैं, जिनकी संख्या यहां कम या नहीं होती है। इस बार बाघ के बदले बाघ लाने के पीछे वजह यह है कि एक ही वंशावली में ब्रीडिंग पर अंकुश लगना है। इसके लिए सेंट्रल जू ऑफ अथारिटी को चिट्टी भी लिखी गई है। इस कड़ी में 2025 में जू प्रबंधन पांच-छह प्रजातियों के अन्य वन्य प्राणियों को लाने का प्रयास करेगा। उल्लेखनीय है इंदौर के चिड़ियाघर से दूसरे राज्यों के चिड़ियाघर में एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कई जानवर भेजे जाते हैं। बीते दिनों में शेर और बाघों के बच्चों ने जन्म लिया था, जिससे इन प्रजातियों का कुनबा बढ़ा। इसके बाद यहां पहुंचने वाले दर्शकों की संख्या भी बढ़ गई। अच्छी देखरेख से बढ़ रहा शेर-बाघों का कुनबा     शेरों और बाघों की अच्छी देखरेख से चिड़ियाघरों में इनका कुनबा बढ़ा है। इनकी बेहतरी के लिए समय-समय पर कदम उठाए जाते हैं। अब इनकी वंशावली में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की गई है। रक्त रेखा (ब्लड लाइन) में बदलाव की कड़ी में पहले हम चीतल, सांभर लाए थे। साथ ही चंडीगढ़ से भी एक शेर लाया गया था। – डॉ. उत्तम यादव, प्रभारी, कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय रक्त रेखा में बदलाव आवश्यक     वन्य प्राणियों की अच्छी सेहत के लिए रक्त रेखा में बदलाव आवश्यक है। इससे जन्म लेने वाले वन्य प्राणियों की शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है। ऐसे में इनमें जैनेटिक बीमारियों का खतरा भी काफी हद तक कम होता है। इनकी अपनी औसत आयु से अधिक जीवन जीने की संभावना बढ़ती है। – डॉ. हेमंत मेहता, वेटरनरी हॉस्पिटल महू   recent visitors 64

नाबालिग पत्नी के साथ संबंध बनाना बलात्कार है: बॉम्बे HC

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि नाबालिग पत्नी के साथ सहमति से भी बनाया गया यौन संबंध रेप माना जाता है और इस तरह का कृत्य कानून के तहत स्वीकार नहीं किया जा सकता. हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने एक ऐसे शख्स की 10 साल की सजा को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की, जिसके खिलाफ उसकी पत्नी ने रेप की शिकायत दर्ज कराई थी. जस्टिस जीए सनप की बेंच ने कंसेंट की उम्र को 18 साल से ज्यादा बताते हुए कहा, "यह बताना जरूरी है कि 18 साल से कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध रेप है, चाहे वह शादीशुदा हो या नहीं." 'सहमति, बचाव का रास्ता नहीं…' हाई कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया, "जब कथित तौर पर पत्नी बनाई गई लड़की की उम्र 18 साल से कम है, तो उसके साथ सहमति से यौन संबंध बनाना बचाव का रास्ता नहीं है." बेंच ने निचली अदालत द्वारा आरोपी को दी गई सजा और 10 साल के कठोर कारावास की सजा को बरकरार रखा. जानकारी के मुताबिक, शख्स ने शिकायत करने वाली युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाए, जिसके बाद वह गर्भवती हो गई. बाद में उसने उससे शादी कर ली. बाद में उनके वैवाहिक संबंध खराब हो गए और फिर महिला ने शख्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. हाई कोर्ट ने कहा, "अगर तर्क के लिए यह मान भी लिया जाए कि उनके बीच तथाकथित विवाह हुआ था, तो भी पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों के मद्देनजर कि यह उसकी सहमति के बिना यौन संबंध था, यह रेप माना जाएगा." कई साल रिलेशनशिप में था कपल पीड़िता महाराष्ट्र के वर्धा में रहती थी और आरोपी शख्स उसका पड़ोसी था. पीड़िता अपने पिता, बहनों और दादी के साथ रहती थी. आरोपी और पीड़िता 2019 की शिकायत से पहले 3-4 साल तक रोमांटिक रिलेशनशिप में थे. हालांकि, पीड़िता ने फिजिकल इंटिमेसी के लिए आरोपी के प्रस्तावों को लगातार अस्वीकार कर दिया था. पीड़िता की तरफ से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, शुरूआत में आरोपी ने युवती से शादी करने का वादा किया और कुछ पड़ोसियों की मौजूदगी में किराए के कमरे में 'नकली शादी' समारोह का आयोजन किया. हालांकि, उसके प्रति उसका व्यवहार अपमानजनक हो गया, जिसमें शारीरिक हमले और गर्भपात कराने का दबाव शामिल था. बाद में आरोपी ने पैटरनिटी से इनकार करते हुए युवती पर किसी अन्य शख्स का बच्चा होने की बात कही. आरोपी ने अपनी दलील में क्या कहा? पीड़िता ने मई 2019 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. अपने बचाव में, आरोपी ने दावा किया कि यौन संबंध सहमति से थे और पीड़िता उसकी पत्नी थी. हालांकि, जस्टिस सनप ने कहा, "मेरे विचार में, यह दलील एक से ज्यादा वजहों से स्वीकार नहीं की जा सकती. इस मामले में अभियोजन पक्ष ने साबित कर दिया है कि क्राइम की तारीख पर पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी." बेंच ने कहा कि DNA रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई है कि आरोपी और पीड़िता इस रिश्ते से पैदा हुए बच्चे के बायोलॉजिकल पैरेंट्स हैं.     recent visitors 75

मध्य प्रदेश अगले महीने से कड़ाके की ठंड,कोहरा, शीतलहर का रहेगा कहर, पारा 11 डिग्री तक गिरने की संभावना

भोपाल नवंबर का महीना जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे मध्य प्रदेश में ठंड का असर तेज होता जा रहा है। सर्द दवाओं की रफ्तार बढ़ने से तापमान में भी गिरावट आने लगी है। 16  नवंबर के बाद सर्द दवाओं की रफ्तार तेज होने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल नवंबर माह में बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन नवंबर अंत में ग्वालियर चंबल के इलाके में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है या फिर बादल छा सकते हैं। एमपी मौसम विभाग की मानें तो पाकिस्तान और उसके आसपास हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है और एक द्रोणिका भी है, जिसके प्रभाव से प्रदेश के तापमान में गिरावट हो रही है। प्रदेश के सभी संभाग के जिलों में दिन और रात के तापमान में कमी आई है, अधिकतम तापमान की अपेक्षा न्यूनतम तापमान में गिरावट अधिक हुई है।जल्द पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने जा रहे है, जिसके बाद प्रदेश के तापमान में और अधिक गिरावट होगी। दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री तक पारे में गिरावट होगी, लेकिन सामान्य से नीचे जाने की संभावना नहीं है। अगले महीने से कड़ाके की ठंड/कोहरा/ शीतलहर     एमपी मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर-जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ेगी, इन दो महीनों में 20 से 22 दिन कोहरे के साथ कोल्ड वेव की स्थिति रहने का अनुमान है।दिसंबर की शुरुआत में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 11 से 12 डिग्री तक गिरने की संभावना है। 20 दिसंबर के बाद मध्य प्रदेश के हिस्सों में कड़ाके की ठंड की शुरुआत होने का अनुमान है।     दिसंबर में सागर संभाग के जिले निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना, रीवा संभाग के मउगंज सीधी और सिंगरौली, जबलपुर संभाग के मंडला और डिंडोरी, इंदौर संभाग के झाबुआ, इंदौर और धार के उत्तरी हिस्से और पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में जबरदस्त ठंड पड़ेगी।खास करके निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडोरी, झाबुआ, धार, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और ग्वालियर चंबल में ठिठुरन बढ़ेगी। पिछले 24 घंटे के मौसम का हाल     पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और मंडला में 11 डिग्री सेल्सियस दर दर्ज किया गया।     अधिकांश शहरों में पारा 15 डिग्री से नीचे पहुंच सकता है।पचमढ़ी, शाजापुर और अमरकंटक में ही पारा सबसे कम है।     सर्वाधिक अधिकतम तापमान खजुराहो में 33.4 डिग्री सेल्सियस ।     सिवनी में रात का तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा, जो 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज ।     भोपाल में इस सीजन का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज।     भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान सबसे कम 30.2 डिग्री , इंदौर में 30.3 डिग्री, जबलपुर में 30.8 डिग्री और उज्जैन में व ग्वालियर में 31.5 डिग्री दर्ज हुआ। recent visitors 61