2028 सिंहस्थ में दर्शन व्यवस्था के लिए तैयार होगा विशेष रोडमैप, आईआईएम इंदौर रोड मैप करेगा तैयार, टीम ने महाकाल मंदिर का किया निरीक्षण

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. ऐसे में बेहतर क्राउड मैनेजमेंट और ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए IIM इंदौर एक लॉन्ग रन रोडमैप तैयार करेगा. यह योजना आने वाले 20 सालों तक प्रभावी रहेगी. खासतौर पर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के लिए भी खास इंतजाम किए जाएंगे. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे IIM इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय के नेतृत्व में प्रोफेसर हंस मिश्रा, सौरभ चंद्र और अमित वत्स की टीम ने मंदिर क्षेत्र और शहर के प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया. टीम ने कलेक्टर नीरज सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा और मंदिर प्रशासन के साथ बैठक कर मौजूदा भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था का मैप देखा. IIM इंदौर तैयार करेगा रोडमैप उज्जैन IIM की टीम ने महाकाल में श्रद्धालुओं की एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स, जूते और मोबाइल रखने की व्यवस्था तथा दर्शन के दौरान लगने वाले समय का विश्लेषण किया. निरीक्षण में यह पाया गया है कि श्रद्धालु जिस जगह जूते और मोबाइल जमा करते हैं. उन्हें वही लौटने पर अपनी सामग्री लेनी पड़ती है, जिससे एक ही रूट पर दबाव बढ़ता है. IIM की टीम ने सुझाव दिया कि एयरपोर्ट की तर्ज पर जूते और मोबाइल को लिफ्ट कर दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए ताकि श्रद्धालु बाहर निकलते ही अपनी सामग्री आसानी से प्राप्त कर सकें. IM इंदौर करेगा मैनेजमेंट प्लान तैयार IIM इंदौर के विशेषज्ञों की टीम, जिसमें निदेशक हिमांशु राय, प्रोफेसर हंस मिश्रा, प्रोफेसर सौरभ चंद्र और प्रोफेसर अमित वत्स शामिल हैं, ने महाकाल मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने दर्शन व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पहलुओं का गहन अध्ययन किया। दीर्घकालिक योजना पर जोर टीम ने स्पष्ट किया कि 2028 सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए, एक दीर्घकालिक योजना बनाई जाएगी। यह योजना 15-20 वर्षों तक की संभावनाओं को कवर करेगी और महाकाल मंदिर समेत पूरे उज्जैन शहर में क्राउड और ट्रैफिक मैनेजमेंट को सुचारू बनाएगी। रोडमैप में शामिल होंगे ये मुख्य बिंदु: 1 श्रद्धालुओं की एंट्री और एग्जिट व्यवस्था: महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए समय कम करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। ट्रैफिक प्रबंधन हरी फाटक और अन्य मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या को हल करने के लिए वैकल्पिक रास्तों और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। पांच ई मॉडल: टीम शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, आपातकालीन सेवाओं और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत योजना बनाएगी। महाशिवरात्रि, श्रावण माह और सिंहस्थ महाकुंभ जैसे अवसरों पर भीड़ नियंत्रण के विशेष उपाय लागू किए जाएंगे। तीन से चार महीनों में तैयार होगा रोडमैप IIM इंदौर की टीम ने बताया कि वे अगले तीन से चार महीनों में मंदिर और शहर के लिए विस्तृत योजना बनाकर प्रशासन को सौंप देंगे। यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में आसानी होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी।IIM इंदौर के निदेशक हिमांशु राय ने कहा,”हमने मंदिर क्षेत्र और शहर की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण किया है। हमारा उद्देश्य 2028 सिंहस्थ महाकुंभ को सफल बनाने के लिए एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जो दीर्घकालिक रूप से प्रभावी हो।”यह पहल न केवल सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारी को सुगम बनाएगी बल्कि उज्जैन को आने वाले वर्षों में धार्मिक पर्यटन के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगी। इसके अलावा हरि फाटक ब्रिज और मंदिर क्षेत्र में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए भी एक व्यापक योजना तैयार की जाएगी. टीम ने समझाया कि ट्रैफिक का समाधान होने से दर्शन व्यवस्था भी सुचारू रूप से चल सकेगी. IIM इंदौर ने कलेक्टर से आवश्यक प्रपोजल मांगा है. अगले कुछ महीनों में ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन को सौंपने का वादा किया है. recent visitors 72

केके श्रीवास्तव के खिलाफ ED द्वारा जांच , महादेव सट्टा और मनी लाड्रिंग से जुड़े तार

रायपुर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव के खिलाफ ईडी में दर्ज ईसीआइआर की शुरुआती जांच में कई बड़े राजफाश हुए हैं। जांच में महादेव बेटिंग एप से जुड़ी कई कड़ियां भी सामने आई हैं। दरअसल रावत एसोसिएट्स से प्राप्त फंड एरोजेट एंटरप्राइजेज को भेजे गए थे। यह कोलकाता स्थित मजेस्टिक कमर्शियल से जुड़ा हुआ है और महादेव बेटिंग एप से संबंधित है। मनी लॉन्ड्रिंग लिंक की जांच के दौरान फोरेंसिक ऑडिट में धोखाधड़ी का नेटवर्क उजागर हुआ है। फोरेंसिक ऑडिट में केके श्रीवास्तव की मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में भी संलिप्तता सामने आई है। यह महादेव बेटिंग एप से जुड़े वित्तीय गतिविधियों से संबंधित है। नकदी को विदेशी खातों में किया ट्रांसफर जांच में यह भी साफ हुआ है कि कागजी कंपनियों के जरिए नकदी को विदेशी खातों में स्थानांतरित किया गया है। विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) का उल्लंघन भी किया गया है। फिलहाल रायपुर पुलिस के अलावा ईडी भी श्रीवास्तव की तलाश में जुटी हुई है। रायपुर एसएसपी संतोष सिंह ने आरोपी का पता बताने वाले को इनाम देने की घोषणा की है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर ज़ोनल ऑफिस ने केके श्रीवास्तव के खिलाफ धन शोधन निरोधक अधिनियम की धारा 3 के तहत प्रवर्तन केस सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) तेलीबांधा पुलिस थाने में दर्ज की है। श्रीवास्तव पर नोएडा की रावत एसोसिएट्स नामक निर्माण कंपनी को स्मार्ट सिटी योजना के तहत सरकारी ठेका दिलाने के नाम पर 15 करोड़ रुपये का धोखा देने का आरोप है। ईडी की फोरेंसिक ऑडिट और पुलिस जांच से कई संदिग्ध धन प्रवाह का पता चला है। उन पर हवाला के माध्यम से दिल्ली तक बड़े पैमाने पर पैसे भेजने और नेताओं की अवैध कमाई को सफेद करने में संलिप्त होने के सबूत भी मिले है। सूत्रों की माने तो केके श्रीवास्तव के संबंध महादेव बेटिंग एप से जुड़े कई संदिग्ध लेनदेन से पाए गए हैं,जिसकी जांच ईडी कर रही है। तीन-तीन करोड़ के जारी तीन चेक रद ईडी की जांच में यह सामने आया कि केके श्रीवास्तव ने तीन-तीन करोड़ रुपये के तीन चेक जारी किए थे, जिन्हें “स्टाप पेमेंट” के कारण रद कर दिया गया था। इसके अलावा उन पर धोखाधड़ी के दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप है, जिनमें ग्लोमैक्स इंडिया और छत्तीसगढ़ सरकार के नाम से फर्जी एग्रीमेंट शामिल है। वाटसएप चैट से सामने आए कई साक्ष्य जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि श्रीवास्तव ने कथित रूप से प्रभावशाली राजनीतिक संपर्कों का लाभ उठाया था, ताकि रावत एसोसिएट्स को धोखा दिया जा सके। साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए वाटसएप चैट में यह पुष्टि हुई है कि श्रीवास्तव ने पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया था। recent visitors 106

संक्रमण काल से गुज़रते राजनीतिक माहौल में अहम होंगे नतीजे

विशेष लेख : महाराष्ट्र एवं झारखंड में चुनाव   हरियाणा में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में एक आदर्श वाक्य (नारा) बार-बार कहा था–"अगर हम बंटेंगे, तो बाँटने वाले महफ़िलें सजाएँगे।" इसी भाव को आदित्य नाथ योगी इस तरह व्यक्त कर रहे थे कि–"बंटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे।" इत्तफ़ाक़ से इन्हीं दिनों बांग्लादेश में तख़्तापलट हुआ था और शेख हसीना की उदारवादी सरकार की जगह सत्ता पर जेहादियों और कट्टरपंथियों का कब्ज़ा हो गया था। उसके बाद से कोई ऐसा दिन नहीं हुआ है, जब बांग्लादेश के शांतिप्रिय हिन्दू समुदाय पर हमले, धमकाने, डराने की ख़बर न आती हो। आए दिन मंदिरों में तोड़फोड़ हो रही है, मजलूम औरतों से दुर्व्यवहार हो रहा है। तुष्टीकरण की भयावह नीति पर चलते हमारे विपक्ष के किसी नेता के पास पड़ोस में हो रहे इस अत्याचार और अन्याय के लिए सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं है। इस परिप्रेक्ष्य में हरियाणा की बहुसंख्य जनता ने मोदी और योगी के नारों का मर्म समझा और भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिला दी। यहाँ तक कि जाट पट्टी में भी भाजपा को कई सीटों पर जीत मिली है, जिस पर भूपेन्द्र सिंह हुड्डा अपना अधिकार मानते थे। सच कहा जाए तो हरियाणा में षड़यंत्रकारी ताकतों, वोट बैंक की राजनीति करके देश को पीछे धकेलने वाले विचारों, जाति के नाम पर बहुसंख्यक समुदाय को विभाजित कर सत्ता हासिल करने की ख्वाहिशों, नकारात्मक चुनाव प्रचार और अनहद अहंकार की पराजय हुई थी। उस नैरेटिव की पराजय हुई थी, जो राहुल गांधी और कांग्रेस बड़े ही अहंकार भाव से देश की जनता के बीच ले जा रहे थे। राहुल गांधी अनवरत यह नैरेटिव खड़ा कर रहे थे कि भाजपा संविधान को ख़त्म करना चाहती है, दलितों पिछड़ों का आरक्षण समाप्त करना चाहती है। पिछले कई वर्षों से यह देखा जा रहा है कि सकारात्मक राजनीति पर राहुल गांधी और कांग्रेस का भरोसा कम होता जा रहा है। वे लगातार असत्य नैरेटिव लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। संविधान बदलने और आरक्षण समाप्त करने का नैरेटिव राहुल गांधी के असत्य भाष्य का सबसे बड़ा उदाहरण है। आम चुनाव में कुछ प्रांतों में दलित और पिछड़ों का एक छोटा सा तबका इस असत्य नैरेटिव में फंस गया था। खासकर उत्तर प्रदेश में इसका ज़्यादा असर हुआ था और भाजपा को अपेक्षाकृत कम सीटें मिलीं। निश्चय ही आम चुनाव के नतीजे अपेक्षा के अनुकूल नहीं थे और एक बड़े बहुमत की आशा करती भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा झटका लगा था। राहुल गांधी और कांग्रेस के रणनीतिकारों ने यह समझा कि भारतीय जनता पार्टी को रोकने का फार्मूला उनके हाथ लग गया है, मगर हरियाणा के प्रबुद्ध मतदाताओं ने बहुत ही संयम का परिचय देते हुए सही समय पर कांग्रेस के इस भ्रम को तोड़ दिया। हरियाणा की जनता ने सरकार विरोधी भावनाओं (एंटी इनकम्बेंसी) के स्थापित मिथ को भी तोड़ा है। हरियाणा के नतीजे हालिया राजनीति का अहम पड़ाव साबित हुए हैं। इसी संदर्भ में महाराष्ट्र, झारखंड और कई प्रदेशों में हो रहे उपचुनावों के नतीजे भी सदी के तीसरे दशक की राजनीति का बहुत बड़ा पड़ाव साबित होने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर मतदाताओं को भावी ख़तरों से आगाह कर रही है। पीएम मोदी ने अपने नारे में थोड़ी सी तब्दीली करते हुए कहा है कि–"एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।" इधर योगी आदित्यनाथ अपने उसी नारे "बंटेंगे तो कटेंगे" पर डटे हुए हैं। राजनीति में अक़्सर इशारों में संवाद होता है। चुनावी मंचों पर भी बहुत सी सच्चाइयों को और बहुत से तथ्यों को संकेतों में कहा जाता है। तब आख़िर एक प्रधानमंत्री और एक बड़े मुख्यमंत्री को साफ-साफ और सीधे चोट करते शब्दों में ऐसा क्यों कहना पड़ रहा है? दरअसल मोदी और योगी सीधे और स्पष्ट शब्दों में देशवासियों के सामने एक बहुत बड़ी सच्चाई बयां कर रहे हैं। अभी तक हर नेता इस सच्चाई से कतराकर निकल जाता था। इतिहास गवाह है कि जातियों में बंटे देश के बहुसंख्यक समुदाय ने बहुत बड़ी कीमत चुकाई है। आज़ादी के बाद उम्मीद थी कि परिस्थितियां बदलेंगी, मगर ऐसा हुआ नहीं। बहुसंख्यक समुदाय की आस्थाओं और भावनाओं की घोर उपेक्षा करके अल्पसंख्यकों के वोट बैंक को अपनी तरफ खींचने की कोशिशों ने देश का भला कतई नहीं किया है। फ़िलहाल देश और देश का बहुसंख्यक समुदाय बड़े ही नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है। सच कहा जाए तो देश का राजनीतिक माहौल ही संक्रमण काल से गुज़र रहा है। बहुसंख्यक समुदाय अपने भावी अस्त्तित्व और अपनी धार्मिक आस्थाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित है, तो विपक्षी पार्टियों ने अपने राजनीतिक फ़ायदों के लिए देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय को असुरक्षा में डाल रखा है। विपक्षी पार्टियां यही चाहती हैं कि–बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक–दोनों समुदायों के बीच खाई चौड़ी होती रहे और वे वोटों की फसल काटते रहें। जब बहुसंख्यक समुदाय ने एकत्र होकर राजनीतिक तौर पर इसका प्रतिकार किया, तो बहुसंख्यकों को एक बार फिर जातियों में बांट देने के षड़यंत्र रचे जाने लगे। इस बार के आम चुनाव के प्रचार में और अब प्रदेशों के चुनाव प्रचारों में निरंतर बढ़ती तल्ख़ी साफ़ देखी जा सकती है। यह तल्ख़ी दोनों समुदायों, ख़ासकर बहुसंख्यक समुदाय, के बीच पैदा हुई असुरक्षा की अभिव्यक्ति ही है। मोदी और योगी के नारे इसी असुरक्षा भाव को ही प्रतिबिंबित करते हैं। साफ़ नहीं है महाराष्ट्र की चुनावी तस्वीर वैसे तो महाराष्ट्र की 288 सीटों में सीधा मुकाबला महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच लग रहा है, मगर बहुत सी अन्य पार्टियां भी मैदान में उतरी हुई हैं, तो चुनाव परिणाम का अंदाज़ा लगाना बेहद मुश्किल हो गया है। आम चुनाव में महा विकास अघाड़ी को 48 में से 30 सीटों पर विजय मिली थी, जबकि महायुति को 17 सीटें ही हासिल हुई थीं। इस परिणाम के परिप्रेक्ष्य में आंकलन किया जाए तो महा विकास अघाड़ी का पलड़ा भारी दिखता है। मगर भाजपा के हालिया प्रदर्शनों पर गौर करें तो साफ दिखता है कि भाजपा के अंदर अपनी चुनावी कमजोरियों को समय रहते पहचानने और उसे दूर करने की अद्भुत क्षमता है। इस संदर्भ में कोई आश्चर्य नहीं होगा कि महायुति गठबंधन विधानसभा चुनाव में इन नतीजों को पलट … Read more

राजधानी में 17 नवंबर को जुटेगा राजस्व पटवारी संघ

रायपुर संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे प्रदेश के पटवारियों पर आला अफसरों द्वारा अवकाश के दिन भी दबाव डालकर काम लेने से अब नाराजगी फूट रही है. पटवारियों ने डरा-धमकाकर काम लेने के खिलाफ अब मोर्चा खोलने का मन बना लिया है. वहीं तीन माह पूर्व दिए गए आश्वासन को नजरअंदाज करने पर भी रणनीति तय होगी. राजधानी में 17 नवंबर को राजस्व पटवारी संघ जुटेगा. इस दौरान राज्य सरकार के कोरे आश्वासन और शीर्ष अधिकारियों की प्रताड़ना पर मंथन कर फैसले लिए जाएंगे. राज्य शासन द्वारा मौखिक समझौते से पलटने के अलावा अफसरों की प्रताड़ना के खिलाफ राजस्व पटवारी संघ रणनीति तय करेगा. संघ ने इस बात पर विरोध जताया कि संसाधानों के अभाव में भी आला अफसर उनसे 6जी की स्पीड से दबावपूर्वक काम लेने धमकाने लगे हैं. अवकाश के दिनों में भी दबाव बनाया जा रहा है. वहीं आधी रात को वॉट्सएप के जरिए मैसेज डालकर तत्काल जानकारी मांगने कहा जाता है. जमीनी समस्याओं को नजरअंदाज कर समूह के कार्यों को अकेले पटवारियों से करने दबाव बनाया जा रहा है. एक ही समय में कई कार्यों को तत्काल नहीं करने पर कार्रवाई की धमकी देकर प्रताड़ित करने के खिलाफ भी मोर्चाबंदी होगी. recent visitors 82

निमरत कौर के लिए लंगर की जलेबी और कड़ा प्रसाद से बेहतर कुछ नहीं

मुंबई, अभिनेत्री निमरत कौर शानदार एक्टिंग के दम पर मनोरंजन इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम पर हैं। हर अपडेट सोशल मीडिया के जरिए देती हैं। गुरु परब पर भी ऐसा ही किया। गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व के मौके पर गुरुद्वारा पहुंची। वहां उन्होंने मत्था टेका और प्रसाद ग्रहण किया। इससे जुड़ी कई तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर साझा की। गुरुपर्व पर ‘एयरलिफ्ट’ अभिनेत्री गुरुद्वारा पहुंची और मत्था टेकने के बाद कड़ा प्रसाद ग्रहण करती दिखीं। तस्वीरों को शेयर कर निमरत कौर ने कैप्शन में लिखा ”ठीक है, मुझे एक और चीज चाहिए। दिल से आप सभी का प्यार, लंगर की जलेबी और कड़ाही प्रसाद से बेहतर कुछ नहीं है। गुरु पर्व का जश्न मना रहे सभी लोगों को शुभकामनाएं, सतनाम वाहे गुरु।” गुरुपर्व के लिए अभिनेत्री ने मिंट ग्रीन कलर के सलवार सूट का चयन किया, जिसमें वह सादगी के साथ बेहद खूबसूरत लग रही हैं। बता दें कि गुरु नानक जयंती को गुरुपूरब या प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस साल ये पर्व (15 नवंबर) शुक्रवार को मनाया गया। फिल्म जगत के तमाम सितारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर प्रशंसकों को इस खास पर्व की शुभकामनाएं दी। इससे पहले ‘दसवीं’ की अभिनेत्री ने एक मजेदार रील शेयर कर उन लोगों पर करारा तंज कसा जो कि उनका नाम अभिनेता अभिषेक बच्चन के साथ जोड़ रहे हैं। डेटिंग की अफवाहों के बीच ‘दसवीं’ स्टार ने मजेदार रील को इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जिसमें वह फर्श पर बैठी हैं और ट्रेंडिंग डायलॉग पर लिप-सिंक करती नजर आ रही हैं। उनके पीछे उनकी पेट बिल्ली भी है। रील में अभिनेत्री कहती नजर आ रही हैं “दोस्ती इतनी पक्की होनी चाहिए, लोग देखते ही जल जाएं, जल जाएं। काहे ‘हॉ’, ऐदा।” (दोस्ती इतनी मजबूत होनी चाहिए कि लोग इसे देखकर ही जलने लगें)।” रील के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा “मेरी और केसी (करम चंद) की दोस्ती तो है ऐसी। अपने बीएफएफ को टैग करें! इसके साथ उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा फ्रेंडशिप, बीएफएफ गोल्स, संडे टाइम पास, वीकेंड वाइब्स, पक्का दोस्त, ट्रेंडिंग रील्स। बता दें कि निमरत अभिषेक बच्चन के साथ डेटिंग की अफवाहों को लेकर सुर्खियों में हैं। अफवाह है कि निमरत और अभिषेक ‘दसवीं’ की शूटिंग के दौरान करीब आए और रिश्ते में हैं। ‘दसवीं’ साल 2022 में रिलीज हुई थी।   recent visitors 51

फर्जी पंजीयन और बोनस धान खरीदी के मामले में समिति प्रबंधक समेत 12 लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज

रायपुर   आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, जामपारा में फर्जी पंजीयन और बोनस धान खरीदी के मामले में तत्कालीन समिति प्रबंधक समेत 12 लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है. कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उप संचालक, कृषि एवं तहसीलदार, बैकुंठपुर की संयुक्त जांच समिति गठित कर तत्काल जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. वहीं जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार 11 एकीकृत पंजीयन आईडी के तहत कुल 81 खसरों में 20.39 हेक्टेयर भूमि का अवैध रूप से पंजीकरण किया गया. इन खसरों पर बोनस धान खरीदी के माध्यम से शासन को 5 लाख 99 हजार 432 की आर्थिक नुकसान पहुंचा है. कब से चल रहा था फर्जीवाड़ा जांच में पाया गया कि ग्राम अमरपुर निवासी टीपन सिंह की आईडी से 2019-2024 के बीच 79 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री की गई. इसी तरह ग्राम मोदीपारा निवासी रामलखन की आईडी से 2021-2024 के दौरान 214 क्विंटल से अधिक धान की बिक्री की गई. रिपोर्ट में बताया गया कि कूटरचित पंजीकरण और बोनस धान खरीदी के माध्यम से अवैध रूप से आर्थिक लाभ अर्जित किया गया. जांच समिति ने दोषपूर्ण पंजीकरण निरस्त करने की सिफारिश की है. इन पर दर्ज हुआ केस तत्कालीन प्रबंधक प्रभाकर सिंह समेत 11 अन्य व्यक्तियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है. इन पर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने और फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप है. आरोपियों में सुरेश राम, सत्यम साहू, शनि कुमार साहू, रामस्वरूप, अशोक यादव, रामलखन, कुमारी प्रज्ञा दुबे, प्रेमशंकर, अदिति साहू, टीपन सिंह और साधन कुमारी के नाम शामिल हैं. जिले में धान खरीदी प्रारंभ होने के साथ ही कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने अवैध धान परिवहन, भंडारण और फर्जी पंजीयन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार ने भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. जांच और निगरानी जारी प्रशासन ने जिले में चेक पोस्ट स्थापित कर 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी है. कलेक्ट्रेट कार्यालय में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है. विशेष जांच दल ने अब तक 184 क्विंटल अवैध धान जब्त कर प्रकरण दर्ज किया है. recent visitors 45

फिल्म कुबेर की पहली झलक रिलीज

मुंबई,  दक्षिण भारतीय फिल्मों के स्टार धनुष, नागार्जुन अक्किनेनी और रश्मिका मंदाना की फिल्म 'कुबेर' की पहली झलक रिलीज हो गयी है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक शेखर कम्मुला द्वारा निर्देशित फिल्म कुबेर अपनी घोषणा के बाद से ही चर्चा का विषय बनी हुई है। अब तक जारी किए गए पोस्टरों में धनुष को भिखारी की तरह दिखाया गया है, जिसमें लंबे बाल और दाढ़ी है। हालांकि, हाल ही में आए टीजर ने प्रशंसकों और दर्शकों को एक नए रूप को प्रकट करके आश्चर्यचकित कर दिया, जिसमें वह छोटे बालों और साफ-सुथरे चेहरे के साथ दिखाई देते हैं, जो एक अमीर आदमी जैसा दिखता है। फिल्म कुबेर को पैन इंडिया पेशकश के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसे तमिल और तेलुगु दोनों में शूट किया गया है, साथ ही मलयालम, कन्नड़ और हिंदी में एक साथ रिलीज करने की योजना है। फिल्म कुबेर का संगीत राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार देवी श्री प्रसाद ने तैयार किया है।यह फिल्म तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़ और हिंदी सहित कई भाषाओं में रिलीज़ होने वाली है। recent visitors 55