मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म के कलाकारों ने मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश को बताया फिल्म जगत का प्रमुख केंद्र

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि फिल्म "द साबरमती रिपोर्ट" इतिहास  के काले अध्याय को सामने लाती है। यह फिल्म वर्ष 2002 में  गुजरात के गोधरा में हुई घटना की सत्यता को सामने लाती है। फिल्म वास्तविक तथ्यों पर फिल्माई गई है। फिल्म, उन 59 कारसेवकों के बलिदान की जानकारी देती है जिसे उस दौर में गलत बताया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फिल्म को मध्यप्रदेश शासन द्वारा करमुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में फिल्मांकन की दृष्टि से अनेक महत्वपूर्ण स्थान हैं। प्रदेश सरकार की नीतियां भी फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने वाली हैं। फिल्म "द साबरमती रिपोर्ट" के निर्माता साधुवाद के पात्र हैं जिन्होंने इस फिल्म का निर्माण कर आज की पीढ़ी को 22 वर्ष पुरानी घटना की सच्चाई बताने का कार्य किया है। सांसद वी.डी. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को टैक्स फ्री करने का सराहनीय निर्णय लिया है। फिल्म के निर्माता  अंशुल मोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फिल्म को समर्थन दिया है। इसके लिए फिल्म की पूरी यूनिट उनकी आभारी हैं। फिल्म के नायक विक्रांत मैसी ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास की जानकारी होना चाहिए। सुएकता कपूर ने इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय को सामने लाने का कार्य किया है। फिल्म की नायिका सुराशि खन्ना ने कहा कि मध्यप्रदेश में भोपाल, खजुराहो, पचमढ़ी और कई अन्य महत्वपूर्ण स्थान हैं। मध्यप्रदेश फिल्म निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। मुम्बई के बाद मध्यप्रदेश का फिल्म जगत में अहम स्थान बन रहा है। फिल्म प्रदर्शन देखने के लिए प्रदेश सरकार के अनेक मंत्री सांसद, विधायक और नागरिक उपस्थित थे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 42

रोजगार मेले से 177 युवाओं को मिले रोजगार के अवसर

  रीवा  मध्यप्रदेश संकल्प योजना के तहत शिक्षण संस्थाओं में रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के मार्गदर्शन में शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय रीवा में एक दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया। इसमें 469 आवेदकों ने पंजीयन कराया। मेले में शामिल 10 निजी कंपनियों ने इनमें से 177 युवाओं का चयन किया है। इस संबंध में उप संचालक रोजगार अनिल दुबे ने बताया कि रोजगार मेले जीएमसीसी इंडिया लिमि. महसाणा फाटा अहमदनगर महाराष्ट्र में 8, बोनटन टेक्नोमेक फर्नीचर प्रा. लि. इंदौर में 15, द ई पाई डाट काम (हावेल्स सोलर प्लांट) रीवा में 44, ग्रोफास्ट एग्रोटेक प्रा. लि. रीवा में 6, स्वतंत्र माइक्रोफिन प्रा. लि. भोपाल में 23, प्रगतिशील बायोटेक रीवा में 13, प्रगतिशील एग्रोटेक रीवा में 37, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में 25 भारतीय जीवन बीमा निगम रीवा में 5 तथा एसआईएस लिमिटेड (इंडिया) सिंगरौली में एक युवा का चयन किया गया है। रोजगार मेले के सफल आयोजन में विज्ञान महाविद्यालय, जिला रोजगार कार्यालय तथा आईटीआई रीवा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समन्वय से प्रयास किया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 66

मध्य प्रदेश में कांग्रेस बनाएगी मोहल्ला समितियां, 35-40 घरों के लिए तैनात होगा एक कार्यकर्ता

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी संगठन को विस्तार और मजबूती देने के लिए अब मोहल्ला समितियां बनाएगी। 35 से 40 घरों के लिए एक कार्यकर्ता की तैनाती की जाएगी। पार्टी की प्राथमिक इकाइयां वार्ड, पंचायत, बूथ कमेटियां होंगी। मप्र विधानसभा के 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों को तय करने के लिए गठित समिति की पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया। संगठन को मजबूत करने की कवायद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन को मैदानी स्तर पर मजबूती देने और बैठकों, धरना, प्रदर्शन, आंदोलनों का एजेंडा तय करने के लिए वरिष्ठ नेताओं की समिति बनाई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इसकी मंगलवार को पहली बैठक हुई। नए लोगों को जोड़ने पर जोर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह और अशोक सिंह ने बताया कि 21 और 22 नवंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। इसमें संगठन के विस्तार को चर्चा की जाएगी। जितने भी पदाधिकारी बनाए गए हैं, उन सभी को जिला, ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र का प्रभार दिया जाएगा। नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जनहित के मुद्दों पर प्रदर्शन की तैयारी उन्होंने बताया कि पार्टी की प्राथमिक इकाई वार्ड, पंचायत और बूथ कमेटियां होंगी। मोहल्ला कमेटी का गठन किया जाएगा। 35-40 घरों के बीच एक कार्यकर्ता तैनात किया जाएगा जो पार्टी की रीति-नीति और कार्यक्रमों को जनता के बीज पहुंचाने का काम करेगा। प्रदेश में महिलाओं, बच्चियों, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ हो रहे अन्याय, किसानों से वादाखिलाफी, कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 49

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में (सीओपीडी) जागरूकता की क्रांतिकारी पहल-महेन्द्र सिंह मरपच्ची

"विश्व सीओपीडी दिवश पर विशेष लेख" मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व सीओपीडी दिवस की शुरुआत 2002 में ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव लंग डिजीज (GOLD) द्वारा की गई थी। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके रोकथाम, प्रबंधन तथा इलाज को बढ़ावा देना है। यह दिवस हर साल नवंबर के तीसरे बुधवार को मनाया जाता है, और इसका उद्देश्य सरकारों, स्वास्थ्य संगठनों और आम जनता के बीच संवाद स्थापित करना है, ताकि इस बीमारी से होने वाली मृत्यु और पीड़ा को कम किया जा सके। इस दिन विशेष रूप से श्वसन स्वास्थ्य और वायु प्रदूषण जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जो सीओपीडी के मुख्य कारण हैं। छत्तीसगढ़ में सीओपीडी के खिलाफ समग्र प्रयास छत्तीसगढ़, जो अपनी प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है, अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी एक नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। छत्तीसगढ़ में सीओपीडी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है, जो मुख्य रूप से वायु प्रदूषण, तंबाकू सेवन और परंपरागत चूल्हों के धुएं से उत्पन्न होती है। खासकर राज्य के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। एमसीबी जिला जो कोयला खनन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, प्रदूषण और सांस संबंधी बीमारियों का केंद्र बन चुका है। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यहां सीओपीडी और अन्य श्वसन संबंधित रोगों के इलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल हेल्थ वैन चलाई जा रही हैं, जो प्राथमिक चिकित्सा और स्क्रीनिंग सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। राज्य सरकार ने कोयला खनन और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अग्रणी भूमिका स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किए हैं। उनके प्रयासों से राज्य के दूरदराज क्षेत्रों में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से सीओपीडी और सांस संबंधी बीमारियों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप जिलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, अस्पतालों में उपकरणों का उन्नयन और चिकित्सा कर्मियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का क्रांतिकारी नेतृत्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ के विकास में स्वास्थ्य को केंद्रीय भूमिका दी है। उनके नेतृत्व में आयुष्मान भारत योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ, जिससे लाखों परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला। इसके अलावा राज्य सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए पर्यावरण-अनुकूल नीतियों को लागू किया और एलपीजी कनेक्शन वितरण के जरिए ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य खतरों से बचाया है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव देखा है। विशेष रूप से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में सीओपीडी की रोकथाम और स्वास्थ्यकर आदतों को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयास न केवल राज्य के लिए, बल्कि देशभर के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 69

प्रदेश में जैविक खेती के लिए तीन हजार से अधिक क्लस्टर बने, एक लाख से अधिक किसानों द्वारा organic farming की जा रही

भोपाल  देश में कुल जैविक उत्पाद का 40 प्रतिशत हिस्सा देने वाला मध्य प्रदेश जैविक खेती के मामले में नए कीर्तिमान की ओर है। इसका रकबा 17 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 20 लाख हेक्टेयर करने की तैयारी चल रही है। जैविक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने प्रति हेक्टेयर पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इसमें भारत सरकार से भी मदद मिलेगी। साथ ही जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए बाजारों में स्टाल लगाने के साथ खुदरा व्यापारियों से जोड़ने की पहल भी की जाएगी। बता दें, देश में कुल 65 लाख हेक्टेयर में जैविक खेती होती है। मध्य प्रदेश के मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सिंगरौली सहित अन्य कई जिलों में परंपरागत रूप से जैविक खेती होती है। खेतों में डाले जा रहे रासायनिक उवर्रक और कीटनाशकों के कारण खाद्यान्न और भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। यही कारण है कि जैविक उत्पादों की मांग बढ़ती जा रही है। किसानों के लिए फायदेमंद जैविक खेती किसानों के लिए आर्थिक तौर पर लाभदायक भी है, इसलिए इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए वर्ष 2011 में जैविक खेती नीति बनाई गई। जैविक उत्पाद प्रमाणीकरण के साथ अन्य व्यवस्थाएं बनाई गईं। अब इसे प्राकृतिक खेती से जोड़कर और आगे बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई गई है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में जैविक खेती के लिए तीन हजार से अधिक क्लस्टर बने हैं। अब इसे और विस्तार दिया जाएगा। जैविक उत्पादों का कराया जाएगा प्रमाणीकरण जैविक खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने प्रति हेक्टेयर पांच-पांच हजार रुपये तीन वर्ष तक दिए जाएंगे। उन्हें कहीं से भी सामग्री लेने की छूट रहेगी। तीन वर्ष तक किसान द्वारा की जाने वाली खेती का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। जैविक उत्पाद का प्रमाणीकरण भी करवाया जाएगा, ताकि उपज का अच्छा मूल्य मिले। साथ ही उपज विक्रय के लिए अन्य राज्यों के बाजारों में स्टाल लगाने के साथ खुदरा व्यापारियों से किसानों को जोड़ने की पहल की जाएगी। जैविक खाद की आवश्यकता की पूर्ति के लिए सहकारी स्तर पर समिति बनाना भी प्रस्तावित है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें गोपालन से जोड़ने की भी तैयारी है। प्राकृतिक खेती करने पर देसी गाय पालन के लिए 900 रुपये प्रतिमाह देने की योजना बनाई गई है। ये फसलें उगाई जा रहीं प्रदेश में अभी एक लाख से अधिक किसानों द्वारा जैविक खेती की जा रही है। प्रमुख उपज में सोयाबीन, गेहूं, धान, चना, मसूर, अरहद, उड़द, बाजरा, रामतिल, मूंग, कपास, कोदो-कुटकी आदि शामिल हैं। इन जिलों में अधिक जैविक खेती मंडला, डिंडौरी, शहडोल, सिंगरौली, बालाघाट, छिंदवाड़ा, बैतूल, कटनी, उमरिया, अनूपपुर, उमरिया, दमोह, सागर, आलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा, सीहोर, श्योपुर और भोपाल Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 72

वन सुरक्षा श्रमिकों ने वन परिक्षेत्र अधिकारी टिकरिया को ब्याज की राशि एवं नियमित कार्य पर रखने हेतु दिये लिखित आवेदन

मंडला मंडला के जिले अंतर्गत वन परिक्षेत्र टिकरिया फड़की बीट सिवनी माल के वन सुरक्षा श्रमिकों ने वन विभाग को ब्याज की राशि एवं नियमित कार्य पर रखने हेतु 22/10/2024 को पोस्ट आफिस निवास द्वारा रजिस्ट्री के माध्यम से लिखित आवेदन दिए हैं।  लिखित आवेदन के माध्यम से उन्होंने साफ-साफ कहा हम आवेदकगणों की विनम्र पूर्वक निवेदन है कि हमारे द्वारा किए गए वन सुरक्षा श्रमिक  के कार्य पर वर्ष 2007 में नियोजित किए गए थे,और हमने अक्टूबर 2011 तक निरंतर कार्य किया है। जिसमें फरवरी 2009 से अक्टूबर 2011 तक की अवधि में लंबित समय से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, जिससे कई बार विभाग के जिम्मेदारों को आवेदन निवेदन किया गया। परंतु भुगतान न किए जाने पर व्यथित होकर माननीय श्रम न्यायालय जबलपुर के समक्ष याचिका क्रमांक 40/पी. डब्ल्यू एक्ट/2014 प्रस्तुत की गई। जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 28/10/ 2015 को राशि 2.69.280 रू. का भुगतान हेतु आदेशित किया गया था।        जिसके बाद भी उक्त आदेश का पालन न किए जाने पर माननीय उच्च न्यायालय मुख्य खंडपीठ जबलपुर में याचिका MP/3561/2023 प्रस्तुत किए जाने पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 18/07/2023 को आदेशित किया गया। उक्त भुगतान हेतु जिस पर अक्टूबर 2024 में सिर्फ राशि 2.69.280/- रू. का भुगतान किया गया है। जबकि उच्च न्यायालय जबलपुर जानकारी के मुताबिक अक्टूबर 2011 से अक्टूबर 2024 तक की ब्याज 12% प्रतिवर्ष के हिसाब से राशि 4 लाख 52,390/-रू. का भुगतान होना था जिसे नहीं किया गया है। अतः माननीय महोदय जी से विनम्र निवेदन है कि ब्याज की राशि 4 लाख  52,390/-रू. का भुगतान अति शीघ्र हम वन सुरक्षा श्रमिकों को किया जाए तथा साथ ही पुनः कार्य में रखते हुए वर्ष 2007 से निरंतर कार्य सेवा मानी जाए, अन्यथा हमें विवश होकर माननीय न्यायालय के शरण में न्याय हेतु जाना पड़ेगा। आवेदकगण……. 1. संजय चौधरी/पिता उत्तम लाल चौधरी 2. सुवेंद्र कुमार/ पिता बजरू तेकाम 3. सगनी बाई बेवा/पति जगत सिंह मरावी 4. सिंधी सिंह/पिता बुद्धू सिंह कुशराम Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 81

बीयू के ज्ञान-विज्ञान भवन की बाहरी लोगों को विवाह समारोह की पार्टी हो रही बुकिंग के चलते परिसर में आए दिन गंदगी का अंबार लगा

भोपाल राजधानी में स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय(बीयू) में ज्ञान-विज्ञान भवन का निर्माण किया गया था। इसके पीछे उद्देश्य यही था कि विवि के होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठी,कार्यशाला और दीक्षा समारोह का आयोजन ज्ञान-विज्ञान भवन में किया जा सके। साथ ही विवि में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के यहां होने वाले समारोह के लिए जगह उपलब्ध हो सके, लेकिन विवि प्रबंधन इस उद्देश्य को पूरा नहीं कर पा रहा है। आलम यह है कि विवि के दीक्षा समारोह से लेकर अन्य कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर या अन्य किसी सभागृह में किए जाते हैं। इसकी वजह से ऐसे कार्यक्रमों में लाखों रुपये खर्च होते हैं। वहीं, बीयू के ज्ञान-विज्ञान भवन की बाहरी लोगों को विवाह समारोह और जन्मदिन की पार्टी के लिए बुकिंग की जाती है। इस कारण विवि परिसर में आए दिन गंदगी का अंबार लग जाता है। बता दें, कि दो दिन पहले ज्ञान-विज्ञान भवन के खुले जगह पर जन्मदिन की पार्टी हुई थी। मगर, अब तक वहां कचरा फैला हुआ है। इसके लिए नगर निगम विवि प्रबंधन को नोटिस भी जारी किया है। वहीं, विवि के अधिकारियों का कहना है कि ज्ञान-विज्ञान भवन में निर्माण कार्य जारी है। इस कारण वहां विवि का कोई भी समारोह आयोजित नहीं किया जाता है। ज्ञान-विज्ञान भवन में निर्माण कार्य जारी है। इस कारण वहां विवि का कोई भी समारोह या कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाता है। – आईके मंसूरी, कुलसचिव, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल सुरक्षा निधि जमा होती है विवि प्रबंधन का कहना है कि ज्ञान-विज्ञान भवन के रख-रखाव के लिए किराये पर दिया जाता है। इसके लिए आयोजक से सुरक्षा निधि 15 हजार रुपये ली जाती है और साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी उनकी ही होती है। विवि के कर्मचारियों को रियायती दरों पर देते हैं ज्ञान-विज्ञान के अंदर के हॉल को एकेडमिक कार्य के लिए दिया जाता है। इसके लिए करीब 90 हजार रुपये शुल्क लिया जाता है और सुरक्षा निधि के तौर पर 15 हजार रुपये जमा कराए जाते हैं। साथ ही ज्ञान-विज्ञान भवन के खुले मैदान को कर्मचारियों को 29 हजार रुपये में और बाहरी लोगों को 70 हजार रुपये में विवाह समारोह के लिए दिया जाता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 51