सुविधाओं की बेहतरी के साथ जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता : श्री तोमर

भोपाल जन सुविधाओं की बेहतरी के साथ जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी भाव के साथ पिछड़ी बस्तियों में सरकार द्वारा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यह बात ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मेवाती मोहल्ले में सीसी रोड का भूमि-पूजन करते हुए कही। उपनगर ग्वालियर में वार्ड-4 के अंतर्गत मेवाती मोहल्ले में 12 लाख 12 हजार रूपये से अधिक लागत से इस सीसी रोड़ का निर्माण होने जा रहा है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि उपनगर ग्वालियर के प्रत्येक वार्ड में तेजी से विकास कार्य मूर्तरूप ले रहे हैं। स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे कार्यों के अलावा उपनगर ग्वालियर में एलिवेटेड रोड व अंतर्राज्यीय बस अड्डा जैसे बड़े-बड़े कार्य धरातल पर आ रहे हैं। वार्डों की जरूरत के हिसाब से प्राथमिकता के साथ विकास कार्य कराए जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने भूमि-पूजन के पश्चात क्षेत्र का भ्रमण किया। क्षेत्र में खराब सीवर लाइन के सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।   recent visitors 70

रायपुर में बिजली विभाग के कर्मी के घर चोरों का धावा, छह लाख के जेवर और नकदी पार

रायपुर राजधानी रायपुर में बिजली विभाग के कर्मी के घर चोरों ने धावा बोला है। उसने घर से छह लाख के जेवर और नकदी पार कर दिए गए। वहीं दूसरी चोरी पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में दुकान में चोरी हुई है। दुकान में रखे 4.50 लाख रुपये अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मुजगहन थाने में बृंदा प्रेमी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। वह क्ले कैशल कॉलोनी डूंडा में परिवार सहित रहती हैं। उनके पति राधेश्याम प्रेमी कांकेर में बिजली विभाग में कर्मचारी हैं। 17 नवंबर को सुबह लगभग 11.30 बजे घर में ताला लगाकर वह बच्चों के साथ पति से मिलने कांकेर गई थी। 19 नवंबर को दोपहर में काम वाली बाई फोन करके बताई कि घर का ताला टूटा है। घर खुला पड़ा था। अलमारी का लॉक टूटा हुआ था। सोने-चांदी के जेवर नहीं थे। सोने का दो नग नेकलेस, दो चैन, दो अंगूठी, दो कंगन, तीन जोड़ी टाप्स, दो नग सोने का बिस्किट, दो कान का डायमंड टाप्स, दो जोड़ी कान की बाली, एक मंगलसूत्र, छह जोड़ी चांदी की पायल सहित अन्य जेवर व एक हजार रुपये नहीं थे। पीछे का गेट तोड़कर चोरी पुरानी बस्ती थाने में दिनेश कुमार पटेल ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। वे पीएस सिटी न्यू चंगोराभाठा रायपुरा रहते हैं। एग्रीकोनिक मशीनरीज प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं। रिंग रोड नंबर 1 कुशालपुर रायपुर में स्थित है। 18 नवंबर की रात लगभग 07.30 बजे अपने दुकान के लाकर में चार लाख 60 हजार रुपये रखे थे। अगले दिन सुबह व्यापार के सिलसिले में पेंड्रा गया था। दुकान को पत्नी मीनाक्षी पटेल देख रेख कर रही थी। शाम करीब 07.30 बजे दुकान को बंद कर घर वापस आ गई थी। 20 नवंबर को जब दुकान खोली गई तो पीछे के चैनल गेट की सिटकनी टूटी हुई थी। लाक में रखी रकम अज्ञात चोर चुरा ले गए थे। recent visitors 42

मुख्यमंत्री श्री साय और केन्द्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने समापन सत्र को किया सम्बोधित

रायपुर,   मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में ‘‘गुड गवर्नेंस‘‘ विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करते हुए प्रदेश में ‘‘मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस फेलो योजना’’ शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार आईआईएम रायपुर के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी छात्रों के लिए पब्लिक पॉलिसी एण्ड गवर्नेस में मास्टर पाठ्यक्रम शुरू करेगी। इसके लिए छात्रों का चयन कैट के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना में आईआईएम रायपुर में कक्षाओं के साथ-साथ छात्रों को छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में व्यवहारिक अनुभव भी दिया जाएगा। पाठ्यक्रम की पूरी फीस राज्य सरकार वहन करेगी, साथ ही छात्रों को निर्धारित मासिक स्टायफंड प्रदान करेगी। यह योजना शासन में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के युवाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा और प्रायोगिक अनुभव का अवसर प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में पेशेवरों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो सरकार, एनजीओ, थिंक टैंक और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर गवर्नेस को बेहतर बनाने के क्षेत्र में काम करेगी। मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में देश भर से आए हुए वरिष्ठ अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों, सुधीजनों का छत्तीसगढ़ के नागरिकों की ओर से हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आप लोगों ने देश के विभिन्न राज्यों में चल रहे बेस्ट प्रेक्टिसेस को एक दूसरे से साझा किया है। सबने मिलकर सुशासन के क्षेत्र में परस्पर सहयोग और भागीदारी को बढ़ाने के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया है। इन दो दिनों के दौरान आप लोगों ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सुशासन की स्थापना की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में काफी कुछ जाना और समझा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा कि आप लोग जानते हैं कि हम लोगों की राजनैतिक विचारधारा के मूल में ही सुशासन का विचार है। हमारे पुराणों में जिसे रामराज कहा गया है, उसे ही हम सुशासन कहते हैं। सर्वे भवन्तु सुखिनः हमारा मूलमंत्र है। अंत्योदय और एकात्म मानववाद हमारा राजनैतिक दर्शन है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी हमारे प्रेरणा पुरूष हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने नेतृत्व में हम सुशासन के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अधिक से अधिक से भागीदारी के लिए प्रयासरत  हैं। हमारा 44 प्रतिशत भू-भाग घने जंगलों से आच्छादित है, इसलिए भारत के पर्यावरण और जैव विविधता को बचाए रखने की महती जिम्मेदारी भी हम पर है। इन सबके साथ-साथ राज्य की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना भी हमारा प्राथमिक कर्त्तव्य है। हमने राज्य में समृद्ध खनिज संपदा, औद्योगिक विस्तार, कृषि विस्तार के साथ-साथ यहां के प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य को भी महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में चिन्हित किया है। हम राज्य के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सुशासन को भी महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में देख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपनी नई उद्योग नीति लांच की है, इसमें पर्यटन के विकास को भी प्रोत्साहित किया गया है। बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों में उद्योगों के लिए जमीन की उपलब्धता एक चुनौती होती है। ऐसे में इन क्षेत्रों का प्राकृतिक और सांस्कृतिक सौंदर्य वहां के लिए एक बड़ी आर्थिक ताकत बनेगा। रोजगार और आय में बढ़ोतरी के अवसर निर्मित होंगे। लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा। राज्य में हम एक बड़े टूरिज्म सर्किट के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा विशेष फोकस बस्तर और सरगुजा जैसे जनजातीय क्षेत्रों पर है। हम इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास करने के साथ-साथ मूलभूत अधोसंरचनात्मक विकास भी कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने हाल ही में बस्तर के कांगेर वेली के गांव धुड़मारास को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए विश्व के चुनिंदा 20 गांवों में शामिल किया है। इससे हम बहुत उत्साहित हैं। हमने वनोंपजों और कृषि उपजों के स्थानीय प्रसंस्करण को भी आर्थिक विकास की अपनी रणनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण घटक के रूप में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन द्वारा बनाई गई योजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों और सेवाओं की आम आदमी तक पहुंच के लिए जानकारियों और सूचनाओं की आम आदमी तक पहुंच सबसे प्राथमिक जरूरत है। नक्सलवाद पीड़ित क्षेत्रों में सुरक्षा कैम्पों की स्थापना के साथ-साथ अंदरूनी गांवों में सभी तरह की मूलभूत अधोसंरचनाओं, केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा नियद नेल्ला नार योजना संचालित की जा रही है। यह गोंडी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है-आपका अच्छा गांव। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से हमें और भी ज्यादा ताकत मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं ने भी राज्य शासन द्वारा सुशासन की स्थापना की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को तेज किया है। राज्य सरकार ने 11 महीनों के अल्प समय में अधोसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, इनमें आप जैसे संवेदनशील और छत्तीसगढ़ की जरूरतों को समझने वाले अधिकारियों की भी भागीदारी है। मुझे इस बात की खुशी है कि केन्द्र सरकार द्वारा हमारे प्रस्तावों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता है और तत्परता के साथ सहयोग किया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का परम लक्ष्य है-प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुख-सुविधाओं से संतृप्त करना। विगत 11 महीनों में लगभग 31 हजार करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं, कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं हमें मिली हैं। हवाई सेवाओं का विस्तार भी हुआ है। सरगुजा में नये एयरपोर्ट का शुभारंभ हुआ है, राज्य में एयरपोर्टों की संख्या बढ़कर 04 हो गई है। परसों ही रायपुर से दुबई और सिंगापुर के लिए हवाई सेवा शुरू करने के लिए भारत सरकार ने हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में डबल इंजन की सरकार होने से हम इस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 11 महीनों में हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए शासन-प्रशासन में … Read more

मध्यप्रदेश के उत्पादों की धूम-लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना मध्यप्रदेश मंडप

भोपाल भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला प्रगति मैदान दिल्ली में मध्यप्रदेश मण्डप में शासकीय विभागों/निगम मण्डलों, स्वसहायता समूहों तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों, स्टार्टअप तथा हस्तशिल्पियों द्वारा भाग लिया गया है। मण्डप में डिण्डोरी के गोंड आर्ट, छपरपूर के टेराकोटा एवं बैतूल के बेलमेटल शिल्प का सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है। इस सजीव प्रदर्शन में दर्शक काफी रूचि ले रहे हैं। इस वर्ष भी यह मण्डप लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ हैं। इस मण्डप में ही उन्हे मध्यप्रदेश के पर्यटन का आनन्द जैसा भी हो रहा है। मंडप में मध्यप्रदेश के जी.आई. उत्पादों को गैलरी में आकर्षक रूप से प्रदर्शित किया गया है। जिनमें से कई उत्पादों के विक्रय स्टॉल भी लगाये गये हैं। दर्शक रतलाम के नमकीन, मुरैना की गजक, बाग प्रिन्ट एवं उज्जैन के बटिक प्रिन्ट के व़स्त्र, चन्देरी एवं महेश्वरी साड़ियां की खरीद कर लूत्फ उठा रहे हैं। इस वर्ष मेले का यह 43वॉं संस्करण है। इस मेले में विभिन्न राज्य, केन्द्र शासित प्रदेश, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अलावा विभिन्न राष्ट्रों द्वारा भाग लिया जाता है। आम नागरिकों के लाभ के लिए राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं, नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा व्यापार, उद्योग एवं सेवाओं को बढावा देने का यह मेला एक मंच है। मेले से स्वदेशी वस्तुओं के निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन, निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था और अधिक विकसित होगी। इससे हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र का दर्जा हासिल कर लेगा। मध्यप्रदेश मण्डप में मेले की थीम के अनुरूप प्राचीन सांस्कृतिक एवं कलात्मक धरोहर के साथ तेजी से बढते एवं विकसित होते मध्यप्रदेश के स्वरूप को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप एक जनवरी 2025 से प्रारम्भ होने वाले विकास के चार मिशन-युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब कल्याण एवं किसान कल्याण को दर्शाया गया है। मेले में लोग म.प्र. के विभिन्न जी.आई. उत्पादों एवं अन्य उत्पादों की खुल कर खरीदी कर रहे हैं। प्रदेश की एमएसएमई इकाईयां/स्वसहायता समूह, शिल्पी तथा कारीगर मेले में भाग लेकर संतुष्ट है। म.प्र. मण्डप में विभिन्न स्टाल एवं उत्पाद लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने हुये हैं। आज दक्षिणा स्व-सहायता समूह के स्टॉल पर पारम्परिक वेशभूषा में समूह के महिला सदस्य उपस्थित थे।   recent visitors 64

सिविल लाइन में तीन साल के बालक से कूकर्म, मारपीट और पाक्सो एक्ट में जुर्म दर्ज

बिलासपुर सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाली महिला के तीन साल के बेटे से कूकर्म का मामला सामने आया है। इधर पुलिस ने पीड़ित महिला को थाने से भगा दिया। दूसरे दिन महिला आइजी के पास पहुंची। आइजी के निर्देश के बाद भी पुलिस ने जुर्म दर्ज नहीं किया। इसके बाद तीसरे दिन महिला ने कलेक्टर से मिलने पहुंची। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसे रोका तो महिला रोने लगी। इसके बाद जवान उसे लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे। तब जाकर महिला की शिकायत पर जुर्म दर्ज किया गया है। सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाली महिला ने बताया कि उसने मंगला में रहने वाले किशन पटेल के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। इस मामले में किशन जेल गया था। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उसने महिला और उसके बेटे से मारपीट की। इसकी शिकायत पर पुलिस ने दो दिन बाद जुर्म दर्ज किया। इस मामले में भी किशन जेल चला गया। जेल से छूटने के बाद किशन और उसकी पत्नी पीड़ित के घर आए। उन्होंने केस में कई लाख रुपये लगने की बात कही। साथ ही पीड़ित से रुपये की मांग करने लगे। रुपये नहीं देने पर उन्होंने पीड़ित को केस वापस लेने कहा। महिला ने इससे भी इन्कार कर दिया। इसके बाद किशन ने महिला और उसके तीन साल के बेटे के साथ मारपीट की। साथ ही बेटे से कूकर्म का प्रयास किया। महिला किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागी। महिला ने मंगलवार की शाम ही इस घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की। इस पर पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। इधर पुलिस ने आरोपित और उसके पति को भी भगा दिया। दूसरे दिन महिला सीधे आइजी कार्यालय पहुंच गई। उसने आइजी को आपबीती सुनाई। आइजी ने महिला को एएसपी सिटी के पास भेज दिया। एएसपी ने एक महिला पुलिसकर्मी को भेजकर मामले की जांच करने कहा। इसके बाद भी महिला की शिकायत पर जुर्म दर्ज नहीं हो सका। गुरुवार 21 नवंबर को महिला कलेक्टर से मिलने के लिए पहुंची थी। तब पुलिसकर्मियों ने उसे कलेक्टर से मिलने रोका। पुलिसकर्मी उसे लेकर सिविल लाइन थाने जाने लगे तब महिला ने जमकर हंगामा किया। आखिरकार गुरुवार को महिला की शिकायत पर पुलिस ने मारपीट और पाक्सो एक्ट की धाराओं में जुर्म दर्ज कर लिया है। इस बीच आरोपित युवक अपने ठिकाने से फरार हो गया है।   recent visitors 70

अशासकीय महाविद्यालय संबद्धता संबंधी प्रबंधन को बनाएं पारदर्शितापूर्ण : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा अन्तर्गत नवीन अशासकीय महाविद्यालय मार्गदर्शिका की समीक्षा की। श्री परमार ने मार्गदर्शिका में निहित पूर्व प्रावधानों के विभिन्न बिंदुओं पर समग्र विमर्श कर, विविध संशोधन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि अशासकीय महाविद्यालय संबद्धता संबंधी प्रबंधन को, विद्यार्थियों के हितों के अनुरूप एवं पारदर्शितापूर्ण बनाएं। श्री परमार ने कहा कि महाविद्यालयों के अकादमिक एवं शैक्षणिक स्तर में उत्तरोत्तर गुणवत्ता वृद्धि के लिए आवश्यक क्रियान्वयन करें। बैठक में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत वरवड़े एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (संबद्धता) डॉ. सुनील सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 84

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों को घर-घर पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र मिलकर काम करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि आधारित उद्योगों को घर-घर पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र मिलकर काम करेंगे। एक और एक दो नहीं, एक और एक ग्यारह बनकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को नागपुर में आयोजित एग्रोविजन राष्ट्रीय कृषि मेले के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह मात्र मेला नहीं बल्कि यह भविष्य के सुशासन की समृद्धशाली भारत और प्रदेश के बनने की इसने नींव डाली है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गड़करी सामाजिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने वाले सिद्धहस्त डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कृषि आधारित कामों के आधार पर प्रदेश की पहचान होती है। मैं तारीफ करता हूँ कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार घर-घर में कृषि आधारित मत्स्य पालन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन जैसे घरेलू उद्योगों को प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन, उत्पादकता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादों के लिए पर्याप्त बाजार उपलब्ध कराने पर भी फोकस किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के मंत्री एवं अधिकारियों का एक दल मेले के अवलोकन एवं अध्ययन के लिए भेजा जाएगा। गौ-पालन से बढ़ेगी आमदनी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने गौ-पालकों की आय बढ़ाने अनेक योजनाएं क्रियान्वित की हैं। उन्होंने कहा कि हम श्रीकृष्ण को मानने वाले हैं, जिनके घर गायें है वे गोपाल हैं और जिनके घर में गाय का कुल है वह घर गोकुल है। मराठी में बछड़े-बछिया को गौरा और गौरी कहते हैं। हमने गौ-पालकों को गाय के स्थान पर गौरी देने की योजना बनाई है। गौ-पालक 5 गौरी ले जाएं और अपने घर पर उनको बड़ा करें, गौ-पालक 2 गाय अपने घर में ही रख लें और 3 गायें हम खरीदेंगे। गौ-पालक दूध का विक्रय करेंगे उससे उनकी आय में वृद्धि होगी। कांजी हाउस की कैद से मिलेगी मुक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम निराश्रित और ऐसी गायों को जिनकी दूध देने की क्षमता न्यून या शून्य हो गई है और गौ-पालकों ने उन्हें निराश्रित छोड़ दिया है, को आश्रय देने की दृष्टि से नगरीय क्षेत्रों में गौ-शालाओं का निर्माण करने जा रहे हैं। इस अनुक्रम में भोपाल में 10 हजार गायों की क्षमता वाली गौ-शाला का भूमि-पूजन होने जा रहा है। इससे सड़कों पर निराश्रित गौ-वंशों से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने मध्यप्रदेश में कांजी हाउस, खेड़ा जैसे कैद खानों को भी बंद करने का निर्णय लिया है। मूक पशुओं को जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। महाराष्ट्र मेरा पुश्तैनी घर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराष्ट्र मे आकर ऐसा लगा जैसे मैं अपने घर आ गया हूँ। माता अहिल्या और महादजी सिंधियां की पृष्ठ भूमि महाराष्ट्र राज्य से जुड़ी हुई है। माता अहिल्या को मैं प्रणाम करता हूँ, जिन्होंने उस समय खेती के लिए सिंचाई व्यवस्था के रूप में कुओं का निर्माण करवाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित कुलगुरू श्री शरद घटक, कुलगुरू श्री नितिन पाटिल, श्री अब्दुल्ला एवं पेसा एक्ट के प्रेसिडेंट श्री टी.आर. केशव, श्री दीपक शाह, विक्रम भाग एवं श्री जी. पाटिल का अभिवादन भी किया।   recent visitors 66