Saturday, July 4, 2026 1:43 am

जब रिश्ता शादी तक नहीं पहुंचता, तो पार्टियों के बीच सहमति से बने रिश्ते को आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता : SC

नई दिल्ली शादी का झांसा देकर बलात्कार के आरोपों का सामना कर रहे एक युवक को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दे दी है। शीर्ष न्यायालय का कहना है कि सहमति के साथ संबंध में रह रहे जोड़े के बीच सिर्फ ब्रेकअप हो जाने के कारण पुरुष के खिलाफ आपराधिक मुकदमा नहीं चला सकते हैं। शिकायतर्ता महिला ने आरोपी के खिलाफ 2019 में रेप केस दर्ज कराया था। इसके बाद आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। मामले की सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्न और जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह की बेंच कर रही थी। बार एंड बेंच के अनुसार, कोर्ट ने कहा, 'सहमति से रिश्ते में रह रहे कपल के बीच सिर्फ ब्रेकअप के कारण आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। जब रिश्ता शादी तक नहीं पहुंचता, तो पार्टियों के बीच शुरुआत चरणों में सहमति से बने रिश्ते को आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता।' कोर्ट ने इस बात पर भी हैरानी जाहिर की है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता का एड्रेस पता कर लिया था और जबरन उसके साथ शारीरिक संबंध बना रहा था। बेंच ने कहा कि अगर शिकायतकर्ता की तरफ से खुद ही पते की जानकारी नहीं दी जाती, तो आरोपी उसका एड्रेस हासिल नहीं कर सकता था। रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, 'यह बात समझ से बाहर है कि शिकायतकर्ता अपनी सहमति के बगैर अपीलकर्ता से मिलना जारी रखेगी या लंबे समय तक संपर्क बनाए रखेगी या शारीरिक संबंध बनाएगी।' क्या था मामला साल 2019 में FIR दर्ज कराई गई थी कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसका यौन उत्पीड़न किया है। महिला ने शिकायत में यह भी कहा है कि आरोपी ने उसे यौन संबंध बनाने और ऐसा नहीं कर पर परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है। महिला की शिकायत के बाद आरोपी के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि पार्टियों के बीच संबंध मधुर और सहमति से बने थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर अभियोजन पक्ष की बात को मान भी लिया जाए तो यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शिकायतकर्ता सिर्फ शादी के किसी वादे के चलते यौन संबंधों में शामिल रही थी। यह देखते हुए कि दोनों अब अब शादिशुदा हैं और अपने-अपने जीवन में खुश है, तो कोर्ट ने मामले को रद्द कर दिया। recent visitors 129

सफाई की चाह और राह पर चलकर आत्मनिर्भर बने शैलेंद्र सिकरवार

स्वच्छ भारत अभियान वॉश ऑन व्हील्स सेवा भोपाल मन चंगा तो कठौती में गंगा। शुचिता सिर्फ तन की ही नहीं, मनोविचारों की भी जरूरी है। स्वच्छता एक शैली नहीं, वरन् एक संस्कार है जो हमारे जीवन को और अधिक आलोकित करता है। कुछ ऐसी ही सोच और सेवा भाव से शैलेन्द्र सिकरवार ने काम और दाम के साथ नाम भी कमाया हैं। कहानी छिंदवाड़ा जिले की है। यहां के जुन्नारदेव में "स्वच्छता साथी" (वाश ऑन व्हील्स सेवा) ने स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में नई राहें खोली हैं। इस सेवा का शुभारंभ गत 26 सितंबर 2024 को राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य शौचालयों की सफाई के लिए एक संगठित और स्वच्छ दृष्टिकोण स्थापित करना और बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। एक नई शुरुआत की ओर बढ़े कदम जिले के जुन्नारदेव ब्लॉक के निवासी शैलेंद्र सिकरवार (33 वर्ष) ने "स्वच्छता साथी" पहल के तहत अपने जीवन को एक सकारात्मक दिशा में बदला। जिले के वरिष्ठ और जुन्नारदेव ब्लॉक के अधिकारियों के मार्गदर्शन में शैलेंद्र ने पंचायतों में शौचालयों की सफाई का काम आरंभ किया। इस पहल में पंचायत समन्वयक अधिकारियों और क्लस्टर प्रभारियों का उन्हें भरपूर सहयोग मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। आत्मनिर्भरता मिली अब से 2 महीने पहले तक शैलेंद्र बेरोजगार थे। वे पहले दीपावली के समय उधार लेकर पटाखों की दुकान लगाते थे। इस साल शैलेन्द्र ने "स्वच्छता साथी" सेवा से मिली आय का उपयोग कर चाय-नाश्ते का स्टॉल भी शुरू किया। सिर्फ 2 महीनों में ही वे सैकडों शौचालयों की सफाई कर करीब 30 हजार रुपये कमा चुके हैं। इस आय ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर भी प्रेरित किया। स्वच्छता और समाज सेवा का संदेश शैलेंद्र का मानना है कि "स्वच्छता साथी" सेवा उनके लिए केवल एक नौकरी मात्र नहीं है, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम है। वे गर्व के साथ कहते हैं, “मैं इस सेवा से जुड़कर बहुत खुश हूं और इसे आगे भी जारी रखना चाहता हूं। यह मेरे लिए समाज की भलाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का एक बढ़िया जरिया है।” बदलाव की बयार शैलेंद्र सिकरवार कहते हैं कि सही दिशा और अवसर मिले, तो कोई भी व्यक्ति अपना जीवन बदल सकता है। "स्वच्छता साथी" जैसी पहल उन जैसे युवाओं को न केवल रोजगार देती है, वरन् उन्हें स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक भी बनाती है। यह पहल स्वच्छ भारत अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो स्वच्छता, शुचिता, रोजगार और आत्मनिर्भरता को एक सूत्र में जोड़ते हुए एक नायाब नजीर पेश करती है। क्या है वॉश ऑन व्हील्स सेवा इस सेवा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शौचालयों में साफ-सफाई और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के शौचालय उपयोगकर्ताओं के लिये उपयोगी बनेंगे। इस सेवा में स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत, स्वास्थ्य केन्द्र, छात्रावास आदि संस्थाओं में स्थापित शौचालयों के साथ व्यक्तिगत शौचालयों को भी स्वच्छ रखने और इनका उपयोग बढाने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। यह सेवा ओडीएफ एवं ओडीएफ प्लस की निरंतरता बनाये रखने में सहायक है। स्वच्छता साथी किस तरह काम करते हैं इस सेवा में स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने वाले इच्छुक युवाओं को जोड़ा जाता है। इन्हें स्वच्छता साथी कहा जाता है। इस सेवा अवधारणा में जिला पंचायत छिन्दवाड़ा द्वारा स्वच्छता साथियों को आवागमन के लिये दो पहिया वाहन दिया जाता है। साथ ही आधुनिक सफाई उपकरण एवं व्यक्तिगत सुरक्षा किट भी दी जाती है, ताकि साफ-सफाई के दौरान उनका स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहे। स्वच्छता साथियों को संस्थागत शौचालयों को स्वच्छ रखने के लिये इलेक्ट्रिक एवं बैटरी ऑपरेटेड वॉशर मशीन, व्यक्तिगत सुरक्षा किट में (हेलमेट, चश्मा, मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट, गमबूट आदि) एवं स्वच्छता किट में (टॉयलेट क्लिनर, फिलाईल, ब्रश, झाडू, वाईपर, मग, बाल्टी आदि) दिये जाते हैं। यह स्वच्छता साथी अपने क्लस्टर मुख्यालय से 5 किमी के दायरे में 200 रूपये प्रति शौचालय यूनिट और 5 किमी से अधिक दूरी होने पर 250 रूपये प्रति शौचालय यूनिट सफाई शुल्क लेते हैं। इससे उन्हें स्थायी आमदनी होती है। राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग टीमवर्क से इस सेवा का संचालन करते हैं।   recent visitors 166

साल 2025 में कब- कब पड़ेगा सूर्य ग्रहण, जानिए भारत में दिखेगा या नहीं

नई दिल्ली ग्रहण लगना एक विशेष खगोलीय घटना मानी जाती है। जिस समय में चंद्रमा सूर्य को अपनी रोशनी से पूरी तरह से ढक लेता है तो उस समय में सूर्य ग्रहण लगता है। साल 2025 में कुल चार ग्रहण लगेंगे। जिसमें से दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण के समय में बहुत सारे काम करने की मनाही होती है। 2 अक्तूबर 2024 को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण था। अब साल 2025 आने वाला है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि साल 2025 में सूर्य ग्रहण कब लगेगा और कितने सूर्य ग्रहण लगेंगे। आइए जानें कब लगेगा सूर्य ग्रहण। साल 2025 में सूर्य ग्रहण कब-कब लगेगा साल 2025 में कब है पहला सूर्य ग्रहण साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण मार्च के महीने में लगेगा। ये ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगेगा। ये ग्रहण एक आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा। भारत के समय के अनुसार ये ग्रहण 2:20 मिनट पर शुरू होगा और 6 बजकर 13 मिनट पर लगेगा। साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण मार्च में लगने जा रहा है। ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण कहां- कहा दिखाई देगा मार्च 2025 में पड़ने वाला सूर्य ग्रहण साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। ये ग्रहण फ्रीका, नॉर्थ अमेरिका, एशिया अटलांटिक और आर्कटिक महासागर में दिखाई देगा। साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। ये ग्रहण भी आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा या नहीं साल 2025 के सितंबर महीने का सूर्य ग्रहण साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण का भी भारत पर कोई अस नहीं होगा। ये भारत में नहीं नजर आएगा। साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण कहां- कहां दिखेगा साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका, प्रशांत महासागर और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा। आंशिक सूर्य ग्रहण क्या होता है आंशिक सूर्य ग्रहण उस समय लगता है। जब चंद्रमा सूर्य के कुछ ही भाग को अपनी छाया से ढकता है। इस समय में सूर्य का आधा भाग ग्रहण से प्रभावित होता है, इसलिए इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है। जिस समय में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से अपनी छाया में ढक लेता है। उस समय में पूर्ण चंद्र ग्रहण लगता है। 29 मार्च को पहला सूर्य ग्रहण (पूर्ण सूर्य ग्रहण) पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को चैत्र मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन लगेगा. यह पूर्ण ग्रहण दोपहर 14:21 बजे से शाम 18:14 बजे तक रहेगा. यह विशेष रूप से बरमूडा, बारबाडोस, डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, उत्तरी ब्राज़ील, फिनलैंड, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, आयरलैंड, मोरक्को, ग्रीनलैंड, कनाडा का पूर्वी भाग, लिथुआनिया, हॉलैंड, पुर्तगाल, उत्तरी रूस, स्पेन, सूरीनाम, स्वीडन, पोलैंड, पुर्तगाल, नॉर्वे, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड और अमेरिका के पूर्वी क्षेत्र, आदि में देखा जा सकेगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका कोई धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा. साथ ही इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इस दौरान मीन राशि और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में ग्रहों का विशेष संयोग बनेगा. इस दिन मीन राशि में सूर्य और राहु के अतिरिक्त शुक्र, बुध और चंद्रमा उपस्थित होंगे। इससे द्वादश भाव में शनि विराजमान होंगे. इससे तीसरे भाव में वृषभ राशि में बृहस्पति, चौथे भाव में मिथुन राशि में मंगल और सप्तम भाव में कन्या राशि में केतु स्थित होंगे. पांच ग्रहों का प्रभाव एक साथ होने के कारण इस ग्रहण का राशियों पर बहुत गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है. 21 सितंबर को दूसरा सूर्य ग्रहण (पूर्ण सूर्य ग्रहण) दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर की रात्रि में लगेगा, जो आश्विन मास की कृष्ण पक्ष अमावस्या के दिन रात 22:59 बजे से शुरू होकर 22 सितंबर की सुबह 03:23 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस पूर्ण ग्रहण को न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया के दक्षिणी भागों में देखा जा सकेगा. यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका धार्मिक प्रभाव भी नहीं होगा और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा. साल का दूसरा ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में आकार लेगा. इस दौरान सूर्य, चंद्रमा और बुध के साथ कन्या राशि में स्थित होंगे और उन पर मीन राशि में बैठे शनि देव की पूर्ण दृष्टि रहेगी. इससे दूसरे भाव में तुला राशि में मंगल होंगे, छठे भाव में कुंभ राशि में राहु, दशम भाव में बृहस्पति और द्वादश भाव में शुक्र और केतु की युति होगी. कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए यह सूर्य ग्रहण विशेष रूप से प्रभावशाली हो सकता है. 14 मार्च को पहला चंद्र ग्रहण (पूर्ण चंद्र ग्रहण) साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को फाल्गुन मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगेगा. यह ग्रहण भारतीय समयानुसार सुबह 10:41 बजे से दोपहर 14:18 बजे तक रहेगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जो मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के अधिकांश भाग यूरोप अफ्रीका के अधिकांश भाग, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका, आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा. यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इस ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से भारत में कोई महत्व नहीं होगा. खगोलीय दृष्टि से यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा, इसलिए सिंह राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए यह ग्रहण विशेष रूप से प्रभावशाली रहने वाला है. चंद्र ग्रहण के दिन चंद्रमा से सप्तम भाव में सूर्य और शनि विराजमान रहेंगे और चंद्रमा को पूर्ण सप्तम दृष्टि से देखेंगे. ऐसे में इसका प्रभाव और भी गहरा देखने को मिलेगा. इस दिन चंद्रमा से दूसरे भाव में केतु, सप्तम भाव में सूर्य और शनि, अष्टम भाव में राहु, बुध और शुक्र, दशम भाव में बृहस्पति और एकादश भाव में मंगल विराजमान होंगे. 7 सितंबर को दूसरा चंद्र ग्रहण (पूर्ण चंद्र ग्रहण ) दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 को भाद्रपद मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगेगा. यह रात्रि 21:57 बजे शुरू होकर 1:26 बजे तक प्रभावी रहेगा … Read more

केंद्र सरकार के प्रतिबंध के बावजूद आज भी भोपाल 2000 रुपये के नोट बदले जा रहे

भोपाल.  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से चौंकाने वाली खबर है. यहां आज भी 2 हजार रुपये के नोट बदले जा रहे हैं. जबकि, केंद्र सरकार साल 2023 में ही इन नोटों को चलन से बाहर कर चुकी है. भोपाल में यह गोरखधंधा भारतीय रिजर्व बैंक के पीछे स्थित राजीव नगर बस्ती में हो रहा है. यहां दो हजार के नोट खत्म ही नहीं हो रहे. ये नोट बदलने के लिए इस बस्ती में बाकायदा संगठित गिरोह काम रहा है. लोग बड़ी संख्या में रोज लाइन में लगकर ये नोट बदलवाते हैं. संगठित गिरोह के सदस्य लोगों को रोज सुबह 7 से 9 बजे के बीच 2 हजार के दस नोट यानी 20 हजार रुपये देते हैं. इसके बाद ये लोग अपना आधार कार्ड लेकर रिजर्व बैंक जाते हैं. दस नोट बदलवाने की एवज में इन लोगों को 200 रुपये मिलते हैं. इन 20 हजार रुपये के बदले आरबीआई से इन लोगों को 500 रुपये के नोट की शक्ल में 15 हजार रुपये मिलते हैं. बाकी, 5 हजार रुपये 2-2 रुपये के सिक्कों के रूप में दिए जाते हैं. इतने रुपये रोज बदलवाता है गिरोह बताया जाता है कि आरबीआई से रुपये मिलने के बाद लोग इन्हें राजीव नगर में स्थित दो दुकानों पर देते हैं. यहां से इन रुपयों को बोरियों में भरकर लोडिंग ऑटो में रखा जाता है. इसके बाद ये लोडिंग ऑटो इन रुपयों को अशोका गार्डन, रेतघात और बैरागढ़ सहित कई इलाको में सप्लाई कर देते हैं. इस तरह बड़े बिजनेसमैन की ब्लैकमनी को वाइट किया जाता है. ये काम करने वाले संगठित गिरोह के सदस्य को रोज 40 लाख रुपये बदलवाने का टारगेट है. खड़े हुए कई सवाल गौरतलब है कि, आरबीआई के चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे हैं. लेकिन, यह देखने वाला कोई नहीं कि एक ही शख्स रोज नोट बदलवाने आ रहा है. एक ही शख्स का आधार नंबर रोज रजिस्टर में दर्ज हो रहा है. आरबीआई के पास सुरक्षा चौकियां भी हैं. लेकिन, ध्यान देने वाला कोई नहीं. सिक्कों से भरी गाड़ियां दनादन शहर में घूम रही हैं, लेकिन उन्हें देखने वाला भी कोई नहीं. हैरानी की बात यह है कि आरबीआई का विजिलेंस विभाग भी इससे अंजान है. इस मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच कराएंगे. recent visitors 56

मध्य प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती, पोर्टल लॉंच

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने मंत्रालय में कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) के पहले, महिला एवं बाल विकास (Women and Child Development Department MP) विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (Online Portal) chayan.mponline.gov.in को लॉन्च किया है. महिला एवं बाल विकास विभाग के नए पोर्टल के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर कुल 17,871 पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है. इन पदों में  1 हजार 834 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद हैं जबकि 16 हजार 37 पद आंगनवाड़ी सहायिका के हैं. सीएम मोहन (CM Mohan) ने इस पोर्टल को लॉन्च करते वक्त विभागीय अधिकारियों को शुभकामनाएं और बधाई भी दी. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती होगी ऑनलाइन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए विकसित व्यवस्था की जानकारी भी प्राप्त की. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि निश्चित ही यह पारदर्शी प्रक्रिया त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति की कार्यवाही में मददगार होगी. इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों की संख्या न्यून हो जाएगी. नई व्यवस्था में आवेदक एमपी ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क अथवा स्वयं के मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड कर समस्त दस्तावेजों को आवेदन के साथ अपलोड कर आवेदन कर सकेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑनलाइन मॉड्यूल chayan.mponline.gov.in की कार्यप्रणाली को उपयोगी बताते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को इस शुरूआत के लिए बधाई दी. यहां के लिए मंजूर हुए नए आंगनवाड़ी केंद्र भारत सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (PM JANMAN) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं. वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है. इसके अलावा अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की पूर्ति की जाएगी. इस तरह बड़ी संख्या में बहनों को ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार प्राप्त होगा. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 13 हजार एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 मासिक मानदेय प्राप्त होगा. बता दें कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले 20 जिलों में 549 नए आंगनवाड़ी केन्द्र मंजूर किए हैं। वर्तमान के 5201 पदों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति की जाना है। इसके साथ ही अन्य नव सृजित 12 हजार 670 पद मिलाकर कुल 17 हजार 871 पदों की भर्ती की जाएगी। इस तरह ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों को रोजगार प्राप्त होगा। सभी नई आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 13 हजार रुपए प्रतिमाह और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को 6500 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई शुरूआत के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी है, त्वरित और सुगमता पूर्वक नियुक्ति में मददगार साबित होगी। उन्होंने आशा जताई कि नई व्यवस्था से नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित शिकायतें कम हो जाएंगी। recent visitors 146

1100 करोड़ रुपये की लागत से भदभदा से रत्नीगिरि तक बिछाई जाएगी मेट्रो की ब्लू लाइन, चिकलोद की दुकान, मकानों का सर्वे सोमवार से

भोपाल शहर में अब जल्द ही मेट्रो की ब्लू लाइन का काम शुरू होगा।इसका निर्माण लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। भदभदा से रत्नीगिरि तक लगभग 13 किलोमीटर बिछाई जाने वाली ब्लू लाइन के लिए सोमवार से सर्वे शुरू किया जाएगा। इसके लिए एसडीएम दीपक पांडे के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। यह टीम चिकलोद रोड स्थित दुकान व मकानों और अतिक्रमण को चिह्नित करेगी।इसको लेकर सोमवार को एडीएम उत्तर सिद्धार्थ जैन ने अपने कार्यालय में एसडीएम, मेट्रो अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि मेट्रो रेल लाइन में बाधा बनने वाले दुकान, मकान के लोगों को मुआवजा वितरण कर समय पर हटाने की कार्रवाई करें। तीन वर्ष में पूरा किया जाना है काम मेट्रो की ब्लू लाइन के निर्माण का कार्य तीन वर्ष में पूरा किया जाना है। इसके लिए यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक से लोन लिया जाएगा, जिसकी मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण एजेंसी को वर्कआर्डर जारी किए जाएंगे।इसके तहत 2027 तक 30 किमी का मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जाएगा। हालांकि पहले चरण में करोंद से एम्स तक करीब 16 किमी लंबी लाइन बनाई जा रही है। जिसके दूसरे चरण में अड़चनों की वजह से काम अटका हुआ है। मेट्रो की राह के दुकान, मकानों को मिलेगा मुआवजा पुल बोगदा से करोंद तक बनाए जाने वाले मेट्रो के पहले मार्ग के दूसरे चरण का काम चल रहा है, लेकिन सिंधी कालोनी, भारत टाकीज, छह नंबर प्लेटफार्म ईरानी डेरा, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड के बीच में आने वाली अड़चनों को अब तक दूर नहीं किया गया है, जिसकी वजह से मेट्रो का काम अटका हुआ है। इधर एक महीने पहले आजाद नगर की 18 दर्जन दुकानों को हटाने की कवायद शुरु की थी, लेकिन मेट्रो कंपनी ने दुकानदारों को राशि नहीं दी है। जिसकी वजह से सिविल का काम अटका हुआ है। आरा मशीनों के लिए सुविधाओं का इंतजार मेट्रो रेल लाइन के लिए पुल बोगदा से भारत टाकीज रोड पर स्थित करीब 100 से अधिक आरा मशीनें हटाई जाना है। इसके लिए परवलिया सड़क के छोटा रातीबड़ में जगह आवंटित की जा चुकी है।यहां पर जिला उद्योग केंद्र द्वारा बिजली,पानी, सड़क सहित अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है।इन सुविधाओं के पूरा होने के बाद ही आरा मशीनों की शिफ्टिंग शुरू की जाएगी। इनका कहना है मेट्रो रेल परियोजना के तहत रूट में आने वाले सभी अतिक्रमणों को हटाने, भूमि आवंटन, मुआवजा राशि वितरण को लेकर जल्द से जल्द सर्वे कर चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। आजाद नगर के दुकानदारों को मुआवजा मिल जाएगा, इसके बाद इन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। – सिद्धार्थ जैन, एडीएम, भोपाल recent visitors 47

सीएम यादव के विदेश दौरे से पहले नए DGP के नाम का ऐलान होगा, दिल्ली में मंथन जारी !

नईदिल्ली  मध्यप्रदेश के नए DGP को लेकर दिल्ली (Delhi) में बैठक का दौरा जारी है. पिछले कई दिनों से सरकार में अलग-अलग स्तर पर नए डीजीपी (MP New DGP) के नाम को लेकर मंथन हो चुका है. अब बारी दिल्ली की है, नए डीजीपी के नाम किस अधिकारी पर मोहर लगती है, ये देखना अभी बाकी है. सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के विदेश दौरे पर जाने से पहले नए अधिकारी के नाम का ऐलान होना है, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले तीन दिनो में ये नाम सामने आ जाएगा. 9 नामों में से होगा एक नाम राज्य सरकार ने केंद्र सरकार (डीओपीटी) को 9 नामों का पैनल भेजा था. जिसमें डीजी ईओडब्ल्यू अजय कुमार शर्मा, डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष कैलाश चंद्र मकवाना, डीजी जेल जीपी सिंह, पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी उपेंद्र कुमार जैन, स्पेशल डीजी वरुण कपूर, स्पेशल डीजी आलोक रंजन, डीजी महिल सेल प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, एडीजी योगेश मुद्ग़ल के नाम शामिल है. मध्य प्रदेश के नए डीजीपी का नाम इन्हीं नामों में से चुना जाएगा. रेस में शर्मा सबसे आगे डीजीपी की दौड़ में सीनियर अफसर अजय शर्मा का नाम सबसे आगे है. 1989 बैच के IPS अफसर अजय शर्मा हाल के दिनों में डीजी ईओडब्ल्यू की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. अगस्त 2026 में रिटारयर होंगे. दूसरा नाम 1988 बैच के IPS अफसर कैलाश मकवाना का है, मकवाना हाउसिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन हैं. मोहन सरकार ने जिन अफसरों के नाम केंद्र को भेजे है, उन सभी अधिकारियों ने अपनी 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है. 30 को रिटायर होंगे सक्सेना प्रदेश के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना 30 नवंबर के रिटायर हो रहे है. सक्सेना मार्च 2022 से इस पद पर है,  नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के पैनल से हुई थी करीब ढ़ाई साल तक प्रदेश के डीजीपी पद रहकर अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. अगले तीन दिनों में सामने होगा नाम डीजीपी का नाम अगले तीन दिनो में सामने आ जाएगा. सीएम मोहन यादव 24 नवंबर से विदेश दौरे पर जा रहे है, ऐसे में नए डीजीपी का नाम उससे पहले तय होने की पूरी संभावना है.ऐसे में 30 नवंबर से पहले से नए डीजीपी वर्तमान डीजीपी के ओएसडी के रूप में काम करेंगे. इन 6 IPS अधिकारियों के नाम की चर्चा जोरों पर डीजीपी पद के प्रबल दावेदार कौन? इस पद के प्रबल दावेदारों में होमगार्ड डीजी अरविंद कुमार और हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश मकवाना के नाम सबसे आगे हैं। ईओडब्ल्यू के डीजी अजय शर्मा और प्रतिनियुक्ति पर गए आलोक रंजन, योगेश मुद्गल और पवन श्रीवास्तव भी रेस में शामिल हैं। ये सभी अधिकारी 1988 और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वरिष्ठता के आधार पर इनमें से एक को डीजीपी बनाया जाएगा। जबकि अन्य अधिकारियों का नाम रेस में नहीं है, क्योंकि उनका कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। बेटी संभालेगी परेड की कमान बता दें कि डीजीपी सक्सेना के लिए 30 नवंबर को एक भव्य विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। उनकी बेटी और आईपीएस अधिकारी सोनाक्षी परेड की कमान संभालेंगी। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के पुलिस इतिहास में पहली बार होगा कि किसी डीजीपी को उनकी बेटी द्वारा विदाई परेड की कमान सौंपी जाएगी। इस आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी जोरों पर है। नए डीजीपी के सामने होंगी ये चुनौतियां गौरतलब है कि राज्य को अक्टूबर में अनुराग जैन को मुख्य सचिव का पद मिला था। अब नए डीजीपी की नियुक्ति के साथ ही राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में नए चेहरों शामिल हो जाएंगे। यह बदलाव राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। नए डीजीपी के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर अंकुश लगाने जैसी चुनौतियां होंगी। देखना होगा कि नवनियुक्त डीजीपी इन चुनौतियों से कैसे निपटते हैं और राज्य की जनता की उम्मीदों पर कैसे खरे उतरते हैं।  DGP पिता की विदाई परेड में DCP बेटी देगी सलामी  मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे में पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि डीजीपी पिता के सेवानिवृत्त होने पर उनके विदाई परेड में सलामी की जिम्मेदारी उनकी डीसीपी बेटी को मिली है. विदाई परेड मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित की जाएगी. दरअसल, 32 महीने के कार्यकाल के बाद मध्य प्रदेश पुलिस के डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना सेवानिवृत्त (रिटायर) हो जाएंगे. उनकी विदाई परेड का आयोजन मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया गया है. खास बात यह है कि उनकी विदाई परेड की जिम्मेदारी उनकी बेटी सोनाक्षी सक्सेना को दी गई, जो 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. सोनाक्षी को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ही परेड कमांडर की जिम्मेदारी दी गई थी. उनकी पहली तैनाती इंदौर में की गई थी. दो साल पहले बने डीजीपी प्रदेश के 30वें पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना मूल रूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं. वो 1987 बैच के भारतीय पुलिस सेवा आईपीएस अधिकारी हैं. सुधीर कुमार सक्सेना 4 मार्च 2020 को पूर्व डीजीपी विवेक जौहरी के सेवानिवृत्त होने के बाद इस पद पर काबिज हुए थे. उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने साइबर अपराध के मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर का सेमिनार आयोजित किया और नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस कार्रवाई को मजबूत किया. राजधानी भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में 30 नवंबर को आयोजित होने वाले विदाई समारोह में होने वाली परेड को लेकर पुलिस का अभ्यास कार्यक्रम जल्द शुरू होगा. सलामी देने वाली टीम सोमवार से नेहरू नगर स्टेडियम में अभ्यास करेगी. मौजूदा डीजीपी सुधीर सक्सेना के सेवानिवृत्त के साथ ही प्रदेश में नए डीजीपी के नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. आईपीएस अरविंद कुमार, आईपीएस कैलाश मकवाना और आईपीएस पवन श्रीवास्तव सहित कई नामों पर चर्चा हो रही है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जिसके नाम पर मुहर लगेगी, वह प्रदेश का नया डीजीपी होगा. recent visitors 68