हिंदू एकता पदयात्रा : मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा पंडित शास्त्री हमारे आराध्य हैं, हमें उनका बड़ी बेसब्री से इंतजार था

 छतरपुर.  सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकाल रहे बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पैरों में छाले पड़ गए हैं. पैदल चलते-चलते उनके पैरों में चोट लग गई. उन्होंने वहीं पैरों में पट्टी बांध ली. वे चोटिल पैरों के साथ ही पैदल चल रहे हैं. बता दें, सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 22 नवंबर को छतरपुर पहुंची. यहां प्रवेश करते ही हिंदू समाज के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी यात्रा पर फूल बरसा कर उसका स्वागत किया. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि बागेश्वर धाम के पंडित शास्त्री हमारे आराध्य हैं. हमें उनका बड़ी बेसब्री से इंतजार था. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि हम सभी सुबह 9 बजे से उनका इंतजार कर रहे थे. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि जो भी लोग यात्रा से सांप्रदायिक सौहाद्र बिगाड़ने की बात कर रहे हैं वह लोग गलत बोल रहे हैं. हम सभी छतरपुर में एक साथ रहते हैं. बाबा बागेश्वर धाम भी हम लोगों का बहुत सहयोग करते हैं. इसलिए हम लोगों के स्वागत के लिए आए हैं. एक शख्स ने कहा कि मेरा खुद का होटल है. उस होटल में मैं बाबा के आशीर्वाद से बगैर लहसुन प्याज का भोजन बनाता हूं. बड़ी संख्या में बाबा के भक्त हमारे होटल में आकर भोजन करते हैं. लोगों में भारी उत्साह गौरतलब है कि, बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा का आज दूसरा दिन है. दूसरे दिन की यात्रा भारी उत्साह के साथ छतरपुर शहर में प्रवेश कर गई. पंडित शास्त्री ने अपने हजारों भक्तों के साथ लगातार आगे बढ़ते जा रहे हैं. शहर में करीब 117 जगह विभिन्न समुदायों, समाजसेवियों और धर्म प्रेमी लोगों ने यात्रा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. सड़कों पर चारो तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आ रही है. गौरतलब है कि हजारों लोग भगवा झंडा और तरह-तरह के पोस्टर लेकर यात्रा में शामिल हुए हैं. recent visitors 91

आवासहीन व्यक्तियों को नगरीय क्षेत्रों में मिलेगा पट्टा

 रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण और शहरी आवासहीनों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्ति को पट्टा अधिकार अधिनियम, 2023 एवं इसके अंतर्गत निर्मित नियम, 2023 के तहत स्थायी पट्टा विलेख एवं अस्थायी पट्टा विलेख के प्ररूप विहित किये गये हैं।  इस अधिनियम के तहत पट्टे के लिए वे व्यक्ति पात्र होंगे जो नगर पालिक निगम क्षेत्र में 600 वर्गफीट पर तथा अन्य निकायों में 800 वर्गफीट शासकीय भूमि पर 20 अगस्त, 2017 के पूर्व से निवासरत हैं।राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने राज्य के नगरीय क्षेत्रों में आवासहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरण के लिए निर्धारित समय-सीमा में पात्र व्यक्तियों का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि शहरी आवासहीनों को स्वयं के पक्का आवास का पट्टा दिया जाना है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर 20 अगस्त 2017 से लगातार काबिज आवासहीन व्यक्तियों को शासकीय भूमि का निःशुल्क पट्टा 30 वर्षों के लिए दिया जाएगा। भूमि पर काबिज के सत्यापन के संदर्भ में निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची विद्युत बिल, टेलीफोन बिल, स्थानीय निकाय का संपत्तिकर या समेकित कर पंजी, जलकर भुगतान दस्तावेज, भवन या दुकान अनुज्ञा, अधिनियम के अधीन प्रदत्त पट्टाधृति पट्टे, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस शामिल है। recent visitors 43

अनिल कटारा जीते, राजस्थान-डूंगरपुर की चौरासी विधानसभा में चला BAP का जादू

डूंगरपुर. राजस्थान की चौरासी विधानसभा क्षेत्र को आज अपना नया विधायक मिल चुका है। शनिवार को मतगणना के दौरान भारत आदिवासी पार्टी के अनिल कटारा ने अपने झंडे गाढ़ दिए हैं। बता दें कि अनिल कटारा ने यह चुनाव 23,842 मतों से जीत लिया है। वहीं, भाजपा के अनुभवी चेहरे कारीलाल ननोमा दूसरे नंबर पर रहे। वहीं, कांग्रेस के महेश रोत तीसरे स्थान पर रहे। बता दें कि कटारा ने मतगणना शुरू होने के साथ ही अपनी बढ़त बना ली थी, जो कि लगातार जारी रही। किसी भी राउंड में कटारा पिछड़ते हुए नजर नहीं आए थे। उन्होंने सभी 18 राउंड में अपनी बढ़त कायम रखी थी। किसी भी राउंड में भाजपा या कांग्रेस प्रत्याशी उनको टक्कर देते नजर नहीं आए। चौरासी विधानसभा सीट पर वर्ष 2018 में 77, वर्ष 2023 में 82 प्रतिशत और 2024 में 74 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह सीट भारत आदिवासी पार्टी का गढ़ मानी जाती है। यह आदिवासी बाहुल्य सीट है और भारत आदिवासी पार्टी का गढ़ है। यहां लगभग 90 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। बीजेपी ने कारीलाल ननोमा को टिकट दिया था। वहीं, कांग्रेस ने युवा सरपंच महेश रोत को प्रत्याशी बनाया। इस क्षेत्र में भारत आदिवासी पार्टी ने युवा पंचायत समिति प्रधान अनिल कटारा को प्रत्याशी बनाया। recent visitors 70

निगम की टीम ने जेसीबी से सड़क तोड़कर रोका काम, छत्तीसगढ़-रायपुर में 50 एकड़ जमीन पर अवैध प्लाटिंग

रायपुर. राजधानी में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ नगर निगम की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है. जरवाय में लगभग 50 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर निगम जोन 8 की टीम ने सीसी रोड काटकर आवागमन बाधित किया. साथ ही नगर, ग्राम निवेश विभाग एवं नगर निगम से ले आउट, नक्शा पास कराए बिना किए जा रहे काम को बंद कराया. नगर निवेश अधिकारी आभाष मिश्रा ने बताया कि ck डेवलपर्स और दो तीन पार्टनर साथ मिलकर लॉजिस्टिक पार्क के नाम से नेशनल हाईवे से लगे लगभग 50 एकड़ की जमीन पर बिना नक्शा पास कराए अवैध प्लाटिंग की जा रही थी. साथ ही हाईवे से जोड़ने के लिए सीसी रोड का भी निर्माण किया जा चुका था. उन्होंने बताया, जमीन से जुड़े दस्तावेज मंगाकर मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध प्लाटिंग से राजस्व में नुकसान होता है. इस पर रोक लगाने के लिए अब निगम ऐसे बड़े अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर नजर रख रही. आगे लगातार कार्रवाई की जाएगी. अवैध प्लाटिंग के खिलाफ चलाए गए इस अभियान में रायपुर तहसीलदार मनुमुक्ता पाटिल एवं जोन 8 जोन कमिश्नर एके हालदार, नगर निवेशक आभाष मिश्रा के नेतृत्व और कार्यपालन अभियंता अभिषेक गुप्ता, नगर निवेश उप अभियंता अक्षय भारद्वाज, रूचिका मिश्रा शामिल थे. recent visitors 83

पाकिस्‍तान में शिया मुस्लिमों ने सुन्नियों से लिया बदला, हिंसा के दौरान 47 लोगों की मौत

इस्‍लामाबाद पाकिस्‍तान खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत के कुर्रम स्थित बागन बाजार में शिया और सुन्‍नी मुस्लिमों के बीच भारी हिंसा देखने को मिल रही है। शुक्रवार की रात को शिया मुस्लिमों ने सुन्‍नी इलाकों में भारी हथियारों के साथ हमला बोल दिया। शिया मुस्लिमों ने सुन्नियों के घरों को जला दिया और कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया। पिछले दो दिनों की हिंसा में अब तक 47 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि बीती रात ही 20 लोगों की मौत हो गई है। आलम यह है कि शिया मुस्लिमों ने पाकिस्‍तान के एक विशाल झंडे को भी उतारकर उसकी जगह पर अपना झंडा लहरा दिया। इस सांप्रदायिक हिंसा को देखते हुए पूरे इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है।   पाकिस्‍तानी प्रशासन ने हिंसा को रोकने के लिए इलाके में मोबाइल सेवा को भी बंद कर दिया है। पैराचिनार इलाके में सभी बिजनस और शैक्षण‍िक संस्‍थानों को बंद कर दिया गया है। यह पूरा इलाका अफगानिस्‍तान की सीमा के पास है और यहां पर पहले भी बड़े पैमाने पर शिया-सुन्‍नी हिंसा हो चुकी है। शुक्रवार को हजारों की तादाद में शिया मुस्लिम शहर की सड़कों पर उतर आए। इससे पहले करीब 200 गाड़‍ियों के काफिले के साथ शिया मुस्लिम पेशावर से पैराचिनार जा रहे थे। इस दौरान बगान कस्‍बे में सुन्‍नी हथियारबंद गुटों ने भारी हथियारों से हमला बोल दिया। पाकिस्‍तान में श‍िया बनाम सुन्‍नी हिंसा का इतिहास प्रत्‍यक्षदर्शियों का कहना है कि चारों ओर से सुन्‍नी गुटों ने गोलियां बरसाना शुरू कर दिया जिससे बड़ी तादाद में लोग हताहत हो गए। यह पूरा हमला करीब 30 मिनट तक चला। डॉन अखबार के मुताबिक 16 अन्‍य लोग घायल हैं जिसमें से 11 लोगों हालत गंभीर है। इस हिंसा के बाद शिया मुस्लिम गुट भड़के हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि पुलिस इस काफिले के साथ चल रही थी लेकिन सुरक्षा मुहैया कराने में विफल रही। कुर्रम के डेप्‍युटी कमिश्‍नर ने मरने वालों के आंकड़े की पुष्टि की है। recent visitors 100

पुलिस साक्ष्य न मिलने पर पहुंची कोर्ट, छत्तीसगढ़-कवर्धा के लोहारीडीह कांड के 24 निर्दोषों की होगी रिहाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित लोहारीडीह कांड को लेकर पुलिस ने अब यू-टर्न ले लिया है। दरअसल, जिले के रेंगाखार जंगल क्षेत्र के ग्राम लोहारीडीह में सितंबर माह में आगजनी व एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने गांव में ही 167 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिसमें से 68 आरोपी जेल में बंद हैं। अब पुलिस ने मामले को लेकर कोर्ट में चालान पेश किया है, जिसमें 24 लोगों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस ने 24 लोगों की रिहाई के लिए न्यायालय से निवेदन किया है। मामले में पुलिस ने पांच एफआईआर दर्ज की थी, सभी में चालान पेश किए जा चुके हैं। वर्तमान में पुरुष आरोपियों को कवर्धा की जेल व महिलाओं को दुर्ग जेल में रखा गया है। ये था मामला — लोहारीडीह गांव में सितंबर माह में एक सप्ताह के अंदर तीन लोगों की अलग-अलग वजह से मौत हो गई थी। 14 सितंबर की रात शिवप्रसाद साहू उर्फ कचरू की लाश मध्यप्रदेश के बिरसा थाने के क्षेत्र जंगल में पेड़ से लटकी मिली थी। शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने हत्या के शक पर पूर्व सरपंच रघुनाथ साहू के घर को आग लगा दी, जिससे रघुनाथ साहू की मौत हो गई। पुलिस ने 33 महिला समेत 69 ग्रामीणों को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसी बीच 19 सितंबर को हत्या के आरोप में जेल में बंद प्रशांत साहू की जेल में मौत हो गई। मृतक के बॉडी में गहरे चोट के निशान पाए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशांत साहू की मौत पुलिस पिटाई के चलते जेल में मौत हुई है। इसके बाद सरकार ने जिले के एएसपी आईपीएस विकास कुमार को सस्पेंड किया। रेंगाखार थाना के टीआई समेत सभी पुलिसकर्मियों को भी हटा दिया। इसके अलावा कबीरधाम एसपी व कलेक्टर पर भी गाज गिरी। दोनों का ट्रांसफर किया गया। recent visitors 65

सड़क पर यातायात के नियमों की हो रही अनदेखी

बिलासपुर नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने के बाद शहर में यातायात नियमों को लेकर सख्ती बढ़ गई है। हेल्मेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल में तो सुधार दिख रहा है, लेकिन शहर के चौराहों पर यातायात व्यवस्था का हाल बेहद खराब है। यातायात पुलिस चालान काटने में सक्रिय है, लेकिन सड़क पर बेसिक नियमों की अनदेखी हो रही है। जेब्रा क्रासिंग आधी बनी हुई चौराहों पर जेब्रा क्रासिंग के नियमों का पालन न होने के कारण पैदल यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही है। शहर के कई प्रमुख-चौराहे जैसे नेहरू चौक, महामाया चौक, राजेंद्र नगर चौक और अग्रसेन चौक पर जेब्रा क्रासिंग की हालत खस्ताहाल है। कई स्थानों पर जेब्रा क्रासिंग आधी बनी हुई है, तो कहीं पूरी तरह गायब हो चुकी हैं। पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए बनाई गई ये पट्टियां अब दिखावे की चीज बनकर रह गई हैं। वाहन चालक सिग्नल रेड होने पर भी जेब्रा क्रासिंग के ऊपर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे पैदल यात्रियों के लिए खतरा बढ़ जाता है। हाथ दिखा कर करते हैं सड़क पार बिलासपुर के आधा दर्जन प्रमुख चौराहों पर जेब्रा क्रासिंग की खराब स्थिति साफ दिखती है। नेहरू चौक को छोड़कर शहर के किसी भी बड़े चौराहे पर इनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है। महामाया चौक, राजेंद्र नगर चौक और जरहाभाठा चौक जैसे क्षेत्रों में या तो ये गायब हो चुकी हैं वही ट्रैफिक थाने के पास के ज़ेबरा क्रासिंग की स्थिति बेहद खराब हैं। सरकंडा क्षेत्र में ज़ेबरा क्रासिंग स्पष्ट हैं लेकिन वहां ट्रैफिक लाइट नहीं है। पैदल यात्री इन चौराहों पर अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने को मजबूर हैं। जेब्रा क्रासिंग के नियमों का पालन न होने के कारण लोग भागते हुए या हाथ दिखाकर सड़क पार करते हैं। यातायात पुलिस की उदासीन ताचालान काटने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता अलग है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा जेब्रा क्रासिंग पर हो रहे उल्लंघनों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वाहन चालक रेड सिग्नल के बावजूद जेब्रा क्रासिंग पार कर खड़े हो जाते हैं या ज़ेबरा क्रासिंग पर ही खड़े हो जाते हैं। जेब्रा क्रासिंग की शिक्षा लेकिन अमल कहां? स्कूलों में बच्चों को जेब्रा क्रासिंग का महत्व समझाया जाता है। यह बताया जाता है कि सड़क पार करने का यह सबसे सुरक्षित तरीका है। लेकिन जब शहर के प्रमुख चौराहों पर इसका पालन नहीं होता, तो यह शिक्षा व्यर्थ हो जाती है। यातायात पुलिस को इस दिशा में सख्ती बरतनी होगी। साथ ही चौराहों पर जेब्रा क्रासिंग को पुनर्जीवित करने और इसे सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाने होंगे। काली और सफेद लाइन ही क्यों? सड़कों पर बनाई जाने वाली जेब्रा क्रासिंग काले और सफेद रंग की धारियों से बनती हैं। काली सड़कों पर सफेद रंग की धारियां आसानी से नजर आती हैं, जिससे पैदल यात्रियों को सड़क पार करते समय सुरक्षा मिलती है। इस डिजाइन को चुनने से पहले कई रंगों पर विचार किया गया था, लेकिन सफेद धारियां सबसे प्रभावी साबित हुईं। कई देशों में इसके डिजाइन और रंगों में बदलाव किया गया है, लेकिन भारत में पारंपरिक काली और सफेद धारियां ही प्रचलित हैं। इन धारियों का उपयोग सिर्फ दृश्यता के लिए ही नहीं, बल्कि यातायात नियंत्रण के लिए भी किया जाता है। वाहन चालकों के लिए यह संकेत है कि उन्हें कहां रुकना है और पैदल यात्रियों के लिए यह बताता है कि उन्हें सड़क पार करने का सुरक्षित स्थान कहां है। recent visitors 37