Sunday, July 5, 2026 7:38 am

जवाबी कार्रवाई में हमलावर ढेर, जॉर्डन में इस्राइली दूतावास के बाहर गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी घायल

अम्मान. जॉर्डन में इस्राइली दूतावास के बाहर गोलीबारी की खबर सामने आई है। इस गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं जवाबी कार्रवाई में हमलावर ढेर हो गया है। पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की घटना राजधानी अम्मान के राबिया इलाके में हुई। पुलिस घटना की जांच में जुटी है। गोलीबारी की घटना के बाद पुलिस ने लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है और इस बात की जांच कर रहे हैं कि इस घटना में कोई और लोग तो शामिल नहीं हैं। जॉर्डन पुलिस ने बताया हमलावर ने पुलिस के गश्ती दल पर गोलीबारी की थी, जिसमें तीन पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए। जैसे ही गोली चलने की आवाजें सुनाईं दी, वैसे ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गोलीबारी के बाद पुलिस की गाड़ियां और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। जिस जगह गोलीबारी हुई, वहीं पर इस्राइली दूतावास स्थित है। इस इलाके में अक्सर इस्राइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी होते हैं। हाल के दिनों में कई बार यहां लोगों ने इस्राइल की हमास और हिजबुल्ला के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में मार्च किया है। हालांकि यह पता नहीं चल सका कि गोलीबारी की घटना का इस्राइल से संबंध है या नहीं। जॉर्डन में एक करोड़ से ज्यादा फलस्तीनी मूल के लोग गौरतलब है कि जॉर्डन में बड़े पैमाने पर फलस्तीनी मूल के लोग रहते हैं। आंकड़ों के मुताबिक फलस्तीनी मूल के लोगों की जॉर्डन में संख्या एक करोड़ 20 लाख से ज्यादा हो सकती है। साल 1948 में जब बड़े पैमाने पर फलस्तीन से पलायन हुआ था, तो ये लोग जॉर्डन आकर बस गए। यही वजह है कि इस्राइल की गाजा और लेबनान में जारी कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। जॉर्डन की सरकार ने इस्राइल के साथ जो शांति समझौता किया था, उसे लेकर भी फलस्तीनी मूल के लोगों में गहरी नाराजगी है और उस शांति समझौते को फलस्तीनी मूल के लोग अपने अधिकारों के प्रति धोखा मानते हैं। recent visitors 68

आस्ट्रेलिया में यशस्वी-राहुल की जोड़ी ने बना दिया बहुत बड़ा रिकॉर्ड

नई दिल्ली. पर्थ में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारत ने शानदार वापसी की है। पहली पारी में सस्ते में ढेर होने वाली टीम इंडिया तीसरे दिन तक आते-आते मेजबान टीम पर हावी हो गई है। इसका कारण भारत की शानदार गेंदबाजी के अलावा यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की बल्लेबाजी भी है। इन दोनों ने ऑस्ट्रेलिया के मजबूत गेंदबाजी अटैक को घुटने पर ला दिया और रिकॉर्ड बना दिया। भारतीय टीम पहली पारी में 150 रनों पर ही ढेर हो गई थी। यशस्वी ने पहली पारी में खाता तक नहीं खोला था। वहीं केएल राहुल ने 26 रनों की अहम पारी खेली थी। दोनों ने दूसरी पारी में कसर निकाली। यशस्वी ने शतक जमाया तो राहुल अर्धशतक बनाने में सफल रहे। बना दिया रिकॉर्ड यशस्वी और राहुल की पहली पारी में साझेदारी सिर्फ पांच रनों की रही थी, लेकिन दूसरी पारी में इन दोनों ने पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड साझेदारी की। दूसरी पारी में यशस्वी और राहुल ने 201 रनों की साझेदारी की और इसी के साथ रिकॉर्ड बना दिया। ये ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर पहले विकेट के लिए भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है। इन दोनों ने सुनील गावस्कर और कृष्णामचारी श्रीकांत का रिकॉर्ड तोड़ा है। इन दोनों ने साल 1986 में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए मैच में पहले विकेट के लिए 191 रनों की साझेदारी की। 38 साल बाद राहुल और यशस्वी ने इस साझेदारी को तोड़ा वो भी पहले ही मौके में। ये टेस्ट मैच में पहला मौका है जब राहुल और यशस्वी भारत के लिए ओपनिंग कर रहे हैं और इसे दोनों ने जमकर भुनाया। राहुल नहीं बना पाए शतक यशस्वी तो पहली पारी में खाता तक नहीं खोल पाए थे, लेकिन दूसरी पारी में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने पहली पारी की गलती नहीं दोहराई और शानदार पारी खेली। यशस्वी ने शतक जमाया। हालांकि, राहुल ये काम नहीं कर सके। वह 77 रनों से आगे अपनी पारी नहीं ले जा सके। राहुल को स्टार्क ने विकेटकीपर एलेक्स कैरी के हाथों कैच कराया। राहुल ने अपनी पारी में 176 गेंदों का सामना किया और पांच चौके मारे। recent visitors 55

सीएम साय ने दिया जनता को धन्यवाद, छत्तीसगढ़-रायपुर दक्षिण में भाजपा-सरकार के सुशासन की जीत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर दक्षिण विधानसभा उप चुनाव में भाजपा की जीत पर क्षेत्र की जनता को मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन पर विश्वास जताने के धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि जितना वोट कांग्रेस नहीं पाई, उतने वोट से बीजेपी जीती है. यह एक बड़ी ही शानदार जीत है. सरकार के सुशासन की जीत है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एनसीसी के 76वां स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा में एनसीसी के स्थापना दिवस पर सभी कैडेट को बधाई दी. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात रेडियो कार्यक्रम को लेकर कहा कि उन्होंने डिजिटल अरेस्ट की बात कही. वो कई बातों में लोगों को जागरूक कर रहे हैं. देश को किन बातों में सतर्क रहना चाहिए, इससे अवगत कराया. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किताबों के साथ भी दोस्ती रखने के साथ गौरैया चिड़िया के संरक्षण और संवर्धन पर बातें रखी. इसके अलावा रायपुर दक्षिण उपचुनाव के नतीजों पर भी कहा. वहीं छत्तीसगढ़ में नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर कहा कि समय आने पर यहां भी DGP की नियुक्ति होगी. अभी वर्तमान डीजीपी का कार्यकाल खत्म होने में समय है. recent visitors 66

लगातार तीसरे चुनाव में शर्मनाक प्रदर्शन, यूपी उपचुनाव में वोटों के लिए तरसती रही BSP

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरे चुनाव में बहुजन समाज पार्टी को वोटों के लिए तरसना पड़ गया। नतीजों से साफ है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार बसपा का करीब 60 फीसद से अधिक वोट बैंक दूसरे दलों में शिफ्ट हो गया। दलित वोट बैंक ने बसपा को नकार दिया तो पार्टी मुस्लिम वोटरों का भरोसा भी नहीं जीत सकी। बसपा का उपचुनाव लड़ने का दूसरा कदम भी उसे नई दिशा नहीं दिखा सका। इससे पहले लोकसभा चुनाव के दौरान 5 सीटों पर हुए उपचुनाव में भी बसपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। फिलहाल बसपा का प्रदर्शन उसके अस्तित्व पर किसी बड़े खतरे का संकेत दे रहा है। चुनावी नतीजों पर गौर करें तो करहल, कुंदरकी, मीरापुर और सीसामऊ में बसपा धड़ाम हो गई। चारों सीटों पर बसपा का वोट पांच अंकों की सीमा तक भी नहीं पहुंच सका, जो प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने की वजह बन गया। मीरापुर और कुंदरकी में तो वोटरों ने बसपा से ज्यादा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तिहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को तरजीह दी है। बसपा का सबसे अच्छा प्रदर्शन कटेहरी सीट पर रहा, जहां पार्टी प्रत्याशी अमित वर्मा ने 41,647 वोट हासिल किए। वहीं मझवां के प्रत्याशी दीपक तिवारी उर्फ दीपू तिवारी ने 34,927 और फूलपुर के प्रत्याशी जितेंद्र कुमार सिंह को 20,342 वोट मिले। हालांकि तीनों सीटों पर 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले कम वोट मिले हैं। गाजियाबाद में टिकट बदलने का खेल बसपा को भारी पड़ गया और उसके प्रत्याशी परमानंद गर्ग 10,736 वोट ही हासिल कर पाए। बड़े नेता बनाए रहे दूरी — बसपा के इस खराब प्रदर्शन की वजह पार्टी के बड़े नेता हैं, जिन्होंने उपचुनाव में प्रचार करने की जहमत तक नहीं की। पार्टी नेता महाराष्ट्र और झारखंड में खुद को मजबूत करने के फेर में यूपी में अपनी जमीन को खो बैठे। प्रत्याशियों ने अपने दम पर प्रचार किया, जो जीत में तब्दील नहीं हो सका। बसपा सुप्रीमो की प्रत्याशियों से मुलाकात तो हुई, लेकिन उनके नाम की घोषणा पार्टी ने अंतिम समय पर की, जिससे वोटरों में ऊहापोह रहा। सोशल इंजीनियरिंग के बल पर चुनाव जीतने की उसकी कसरत किसी काम नहीं आई। टिकट वितरण में अंजान चेहरों पर दांव लगाने की कीमत पार्टी को चुकानी पड़ गई। बसपा प्रत्याशियों को मिले वोट –     सीट     –   प्रत्याशी      –     वोट     –  2022 में बसपा का प्रदर्शन     मीरापुर  – शाहनजर     –   3248     –        23797     मझवां  – दीपक तिवारी  –  34927     –      52990     कटेहरी  – अमित वर्मा  –    41647      –     58482     फूलपुर – जितेंद्र कुमार सिंह –  20342    –  33036     सीसामऊ – वीरेंद्र कुमार – 1410      –       2937     करहल – अवनीश शाक्य – 8409    –        15701     गाजियाबाद – परमानंद गर्ग – 10736    –   32691     कुंदरकी – रफतउल्ला – 1051     –         42742     खैर  –     पहल सिंह  –  13365    –         65302     कुल वोट                         1,35,135            3,27,678 recent visitors 60

RDA ने दिया ऑफर, 50 प्रतिशत छूट पर फ्लैट्स, 30 प्रतिशत पर मिलेंगी दुकान

रायपुर. रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने मध्यवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत प्रदान करते हुए बकाया राशि के भुगतान पर शानदार छूट का प्रस्ताव रखा है। अब यदि बकायादार एकमुश्त भुगतान करते हैं, तो उन्हें आवासीय योजनाओं में 50% और व्यावसायिक योजनाओं में 30% की विशेष छूट मिलेगी। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले फ्लैट्स पर रखरखाव और जलकर के सरचार्ज की राशि पर 100% छूट भी दी जाएगी। यह ऑफर 31 मार्च 2025 तक वैध रहेगा। इस अहम फैसले का निर्णय आवास व पर्यावरण सचिव और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अंकित आनंद की अध्यक्षता में आयोजित संचालक मंडल की बैठक में लिया गया। बैठक में रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रतीक जैन, वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल सारस्वत, नगर और ग्राम निवेश संचालनालय के अपर संचालक संदीप बागंडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। निरस्त फ्लैट्स की बहाली: पुराने आवंटियों को मिलेगी दूसरी मौका संचालक मंडल की बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि 2007 में न्यूनतम आय वर्ग के लिए आवंटित किए गए फ्लैट्स, जो बाद में निरस्त कर दिए गए थे, अब उन्हें पुनः मूल आवंटियों को बहाल किया जाएगा। इस योजना के तहत, जिन फ्लैट्स की बकाया राशि लंबित है, उनके आवंटन को बहाल करने के लिए बकाया राशि पर 12% सरचार्ज के साथ एकमुश्त भुगतान करने पर फ्लैट्स पुनः आवंटित किए जाएंगे। नया कदम: हस्त शिल्प बोर्ड का मुख्यालय न्यू राजेंद्र नगर जाएगा संचालक मंडल की बैठक में यह भी तय किया गया कि छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड का मुख्यालय अब न्यू राजेंद्र नगर स्थित गोविंद सारंग व्यावसायिक परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। इस नए मुख्यालय के लिए 21,847 वर्गफुट का कार्यालय भवन मासिक किराए पर लिया जाएगा, जो केंद्रीय माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के आर्बिट्रेशन बैंच और आर्बीट्रेशन सेल के कार्यालय के रूप में कार्य करेगा। साथ ही, देवेंद्रनगर पीएम एकता माल बनने के कारण, हस्तशिल्प बोर्ड के मुख्यालय को न्यू राजेंद्र नगर के भक्त माता कर्मा व्यावसायिक परिसर और गोविंद सारंग परिसर के दूसरे तल पर आवंटित किया जाएगा। इसके तहत कुल 4,781 वर्गफुट का क्षेत्र मासिक किराए पर लिया जाएगा। recent visitors 56

पीलीभीत-बरेली रेलवे लाइन ट्रैक पर रखा 12 MM मोटा सरिया इंजन से टकराया

पीलीभीत. बरेली जाने वाली रेलवे लाइन पर अराजकतत्वों ने लोहे की सरिया फंसा दी। रात में जब यात्री ट्रेन गुजरी तो उसका इंजन सरिया से टकराया। इस पर ट्रेन को रोक दिया गया। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल व थाना पुलिस को सूचना दी गई। लोहे का सरिया हटाने के बाद ट्रेन गंतव्य की ओर रवाना हो गई। पूर्वोत्तर रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर नेत्रपाल सिंह ने इस घटना की प्राथमिकी जहानाबाद थाने में लिखाई है। इसमें बताया गया कि शुक्रवार की रात पीलीभीत-शाही स्टेशनों के मध्य रेलवे किमी 267-2 के रेल पथ पर किसी ने लोहे की सरिया रख दी। लोहे की सरिया से टकराने के बाद ट्रेन को रोका गया पीलीभीत से बरेली सिटी जाने वाली ट्रेन (053-2) रात 9.16 बजे वहां पर पहुंची तो ट्रैक पर रखी लोहे की सरिया इंजन से टकराई। जिससे ट्रेन को रोकना पड़ा। इससे दुर्घटना हो सकती थी। किसी अज्ञात व्यक्ति ने जान बूझकर रेल संरक्षा एवं यात्रियों के जान माल को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया। 12 एमएम मोटी और 25 फीट लंबी है सरिया सरिया 12 एमएम मोटी और 25 फीट लंबी है, जिससे ट्रैक से हटवाकर शाही स्टेशन पर सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी लिखने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। recent visitors 76

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- झारखंड में हार मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत दुखद है

गुवाहाटी. झारखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA की हार के बाद इस पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की प्रतिक्रिया सामने आई है। वो झारखंड चुनाव के लिए सह प्रभारी बनाए गए थे। सीएम सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके JMM और उसके सहयोगी दलों को शानदार जीत पर बधाई दी है। इसके साथ ही झारखंड चुनाव में मिली हार को व्यक्तिगत रूप से दुखद बताया। मैंने लोगों का अथक प्रयास देखा असम सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'झारखंड में हार मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत दुखद है, भले ही हमने असम में सभी पांच उपचुनावों में जीत हासिल की हो। मैंने झारखंड में अपने कार्यकर्ताओं के अटूट समर्पण और अथक प्रयासों को देखा है, जिन्होंने इस चुनाव में अपना सब कुछ झोंक दिया। हमने राज्य को घुसपैठ से बचाने और छात्रों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए इसे विकास के पथ पर ले जाने के दृष्टिकोण के साथ चुनाव लड़ा।' शनिवार को खुद बनाए गए एक वीडियो में हिमंत ने कहा कि झारखंड में विफल होने का मतलब यह नहीं है कि वह हार मान लेंगे। हम अपने उद्देश्य में भले ही सफल नहीं हुए हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपना काम छोड़ दें। घुसपैठ के मुद्दे पर बोले हिमंत बिस्वा सरमा असम सीएम ने कहा कि हमने झारखंड के लोगों से मुलाकात की है। मेरा अब भी मानना ​​है कि घुसपैठ की समस्या आने वाले दिनों में काफी नुकसान पहुंचा सकती है। मैं झारखंड सरकार से अनुरोध करूंगा कि घुसपैठियों को बाहर निकालना हमारी जिम्मेदारी है। मुझे विश्वास है कि राज्य सरकार इसका पालन करेगी। बांग्लादेशी घुसपैठ पर केंद्रित रहा प्रचार बता दें कि झारखंड चुनाव में बीजेपी और NDA के सहयोगी दलों ने चुनाव प्रचार को बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर केंद्रित रखा। असम सीएम ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन पर बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने झारखंड में बीजेपी की सरकार बनने पर इसे लेकर कानून बनाने की बात भी कही, लेकिन झारखंड की जनता ने इन सभी मुद्दों को नकार दिया। जनता ने एक बार फिर हेमंत सोरेन की सरकार को चुना। झारखंड की जनता ने सीएम सोरेन पर जताया विश्वास झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने 34 सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी दलों ने 22 सीटें जीतीं। JMM के सहयोगियों में, कांग्रेस ने 16 सीटें, राजद ने चार सीटें और CPI-ML ने दो सीटें जीतीं। वहीं भाजपा ने 21 सीटें जीतीं, और उसके सहयोगी AJSU, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और JD-U ने एक-एक सीट जीती। recent visitors 109