Friday, July 10, 2026 7:14 pm

बिलासपुर-पेंड्रारोड-कटनी रेलवे मार्ग की सभी ट्रेनें ठप्प, कुछ गाड़ियों का बदला गया रूट

रायपुर छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही (GPM) जिले में आज सुबह हुए रेल हादसे के चलते रेलवे ने कुछ ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया है और कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया है. बता दें, आज सुबह भंनवारटोंक रेलवे स्टेशन में बिलासपुर से आ रही कोयले से लोड मालगाड़ी के 23 डब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं और डिरेल हो गए. इस घटना के चलते बिलासपुर-पेंड्रारोड-कटनी रेलवे मार्ग की सभी ट्रेनें ठप्प हो गई है. पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन में शहडोल-बिलासपुर मेमू हादसे के बाद खड़ी हो गई है.  रेलवे की टीम लगातार रेलवे ट्रैक को क्लियर करने में जुटी हुई है. रेलवे ने यात्रियों को हो रही असुविधा के लिए खेद जताते हुए सभी रद्द ट्रेनों और रूट डायवर्टेड ट्रेनों की जानकारी साझा की है. रद्द की गई गाड़ियां     दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18258 चिरमिरी-बिलासपुर एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.     दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18257 बिलासपुर- चिरमिरी एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.     दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18242 अम्बिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस को रद्द रहेगी.     दिनाँक 26 नवंबर 2024 को गाड़ी संख्या 18241 दुर्ग-अम्बिकापुर एक्सप्रेस को रद्द रहेगी. गंतव्य से पहले रद्द की गई गाड़ियां –     गाड़ी संख्या 08739 शहडोल-बिलासपुर मेमू को आज दिनाँक 26 नवंबर 2024 को पेंड्रारोड स्टेशन में समाप्त किया गया है.     गाड़ी संख्या 08748 कटनी-बिलासपुर मेमू को आज दिनाँक 26 नवंबर 2024 को शहडोल स्टेशन में समाप्त किया गया है. मार्ग परिवर्तित गाड़ियां     गाड़ी संख्या 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश कलिंग उत्कल एक्स्प्रेस आज दिनाँक 26 नवंबर को परिवर्तित मार्ग वाया बिलासपुर-गोंदिया-जबलपुर-कटनी मुड़वारा होकर योग नगरी ऋषिकेश जायेगी.     गाड़ी संख्या 12549 दुर्ग-मेजर कप्तान तुषार महाजन ऊधमपुर एक्स्प्रेस आज दिनाँक 26 नवंबर को परिवर्तित मार्ग वाया दुर्ग-गोंदिया-जबलपुर होकर मेजर कप्तान तुषार महाजन ऊधमपुर जायेगी.     गाड़ी संख्या 12854 भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्स्प्रेस आज दिनाँक 26 नवंबर को परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर-गोंदिया होकर दुर्ग आएगी.     गाड़ी संख्या 12853 दुर्ग- भोपाल अमरकंटक एक्स्प्रेस आज दिनाँक 26 नवंबर को परिवर्तित मार्ग वाया गोंदिया-जबलपुर होकर भोपाल जायेगी.     गाड़ी संख्या 15159 छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्स्प्रेस आज दिनाँक 26 नवंबर को परिवर्तित मार्ग वाया जबलपुर-गोंदिया होकर दुर्ग आएगी.     गाड़ी संख्या 15160 दुर्ग- छपरा सारनाथ एक्स्प्रेस आज दिनाँक 26 नवंबर को परिवर्तित मार्ग वाया गोंदिया-जबलपुर होकर भोपाल जायेगी.     गाड़ी संख्या 20807 विशाखापटनम-अमृतसर हीराकुंड एक्स्प्रेस आज दिनाँक 26 नवंबर को परिवर्तित मार्ग वाया गोंदिया-जबलपुर- कटनी मुड़वारा होकर अमृतसर जायेगी.     आज दिनाँक 26 नवंबर को योग नगरी ऋषिकेश से रवाना हुई गाड़ी संख्या 18478 योग नगरी ऋषिकेश- पुरी कलिंग उत्कल एक्स्प्रेस परिवर्तित मार्ग वाया झांसी-भोपाल-इटारसी-नागपुर-दुर्ग-बिलासपुर होकर पुरी जायेगी.     आज दिनाँक 26 नवंबर को निज़ामुद्दीन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 12824 निज़ामुद्दीन-दुर्ग संपर्क क्रांति एक्स्प्रेस परिवर्तित मार्ग वाया झांसी-भोपाल-इटारसी-नागपुर-दुर्ग होकर बिलासपुर आएगी. यात्रियों की सुविधा हेतु “May I Help You” बूथ की स्थापना बिलासपुर, रायगढ़, अनुपपुर, शहडोल, उसलापुर, दुर्ग, रायपुर एवं गोंदिया इत्यादि महत्वपूर्ण स्टेशनों पर की गई है. बिलासपुर हेल्प लाइन नंबर – 9752441105 एवं 1072 recent visitors 57

उप मुख्यमंत्री “हम होंगे कामयाब” अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय “महिला सुरक्षा संवाद” में हुए शामिल

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमंते तत्र देवता" के आदर्श वाक्य को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। "लाड़ली लक्ष्मी योजना," "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ," और "वन स्टॉप सेंटर" जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक पवित्र मिशन है। केवल शासकीय प्रयास ही पर्याप्त नहीं हैं, इसे एक जन आंदोलन बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल भोपाल में कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में "हम होंगे कामयाब" अभियान अंतर्गत राज्य स्तरीय "महिला सुरक्षा संवाद" कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गौरवशाली नेतृत्व में देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ आने वाली चुनौतियों के प्रति हमें सतर्क रहना होगा। विकास को सार्थक बनाने के लिए एकजुट होकर महिलाओं को सशक्त और समाज को सुरक्षित बनाना ज़रूरी है। समाज को नशा-मुक्त बनाकर युवाओं की ऊर्जा को सही राह में लगाकर देश को विश्व गुरु बनाना है तो हम सबको मिलकर इस मिशन को सफल बनाना होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तीकरण आवश्यक है। यह हमारी गौरवशाली परंपरा रही है, विकृतियों को दूर करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने डॉ. रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि "समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।" उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन के इस संग्राम में किसी को भी तटस्थ रहने का अधिकार नहीं है। यह लड़ाई हर व्यक्ति की है, और इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नशे के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि जेंडर आधारित हिंसा का एक बड़ा कारण नशा भी है। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से समाज को इस बुराई से मुक्त करने के प्रयास तेज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास समाज में जेंडर समानता और महिलाओं के प्रति सम्मान को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कार्यक्रम सह आयोजक "स्काई सोशल" के प्रयास की सराहना की। 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक "हम होंगे कामयाब" अभियान से प्रदेशवासियों को किया जाएगा जागरूक "हम होंगे कामयाब" पखवाड़ा 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है, बल्कि पुरुषों की मानसिकता में बदलाव लाकर एक नए समाज की नींव रखना भी है। पखवाड़े के दौरान विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विभिन्न विभागों के समन्वय से गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती सूफिया फारूकी वली, "स्काई सोशल" की फाउंडर सुसृष्टि प्रगट सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 74

कष्ट दूर करने के लिए दर्श अमावस्या की रात कर लें ये उपाय

अगर आप अपने जीवन में परेशान रहते हैं और आपके दुख दूर होने का नाम नहीं ले रहे हैं तो आपको आप दर्श अमावस्या की रात कुछ उपाय करके अपने कष्ट दूर कर सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि दर्श अमावस्या की रात विधि कुछ उपाय करने से लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है. जो लोग इस रात विधि विधान से उपाय करते हैं तो उन्हें अपने कार्यों में सफलता अवश्य प्राप्त होती है और जीवन में सभी बिगड़े हुए काम बनने लगते हैं. इसके साथ ही पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पंचांग के अनुसार, द्रिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष महीने की दर्श अमावस्या तिथि 30 नवंबर को सुबह 10 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी. और 1 दिसंबर को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि की मुताबिक दर्श अमावस्या 30 नवंबर दिन शनिवार को ही मनाई जाएगी, क्योंकि अमावस्या की पूजा रात के समय की जाती है. अमावस्या की रात करें ये उपाय     दर्श अमावस्या की रात पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करें.     दर्श अमावस्या की शाम को घी का दीपक जलाकर नदी या तालाब में प्रवाहित कर दें. इससे पितरों को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.     रात के समय शिवलिंग पर जल चढ़ाकर और बेलपत्र अर्पित करके शिवजी की पूजा करें. इससे लोगों पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है.     अमावस्या की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं और विष्णु भगवान की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.     भगवान गणेश की पूजा करने से सभी कार्य में सफलता मिलती है और बिगड़े हुए कार्य भी बनने लगते हैं. साथ ही सभी संकट दूर होने लगते हैं.     अमावस्या के दिन दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है. आप अपने सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को भोजन, वस्त्र आदि दान कर सकते हैं.     गाय को चारा खिलाने से भी पुण्य मिलता है और गाय का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इससे लोगों को पुण्य फल की प्राप्ति होती है.     अमावस्या के दिन ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करना बहुत लाभकारी होता है. इससे मन को शांति मिलती है और दिन अच्छा बीतता है. दर्श अमावस्या का महत्व दर्श अमावस्या का दिन पितरों को याद करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए समर्पित होता है. इन उपायों को करने से न केवल पितर प्रसन्न होते हैं बल्कि जीवन में भी सुख-समृद्धि आती है और जीवन में आने वाले कष्टों से छुटकारा मिलता है. दर्श अमावस्या के दिन विधि विधान से पूजा करने से पितरों के लिए मोक्ष प्राप्ति का मार्ग आसान हो जाता है और ज्यादा कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता है.   recent visitors 57

सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू, रामनिवास रावत का इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रखा

भोपाल विजयपुर उपचुनाव हारने के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत द्वारा दिया गया इस्तीफा सरकार ने होल्ड पर रख लिया है। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विदेश से लौटने के बाद इस्तीफे पर निर्णय होगा। उसके पहले रावत के पास मौजूद वन एवं पर्यावरण विभाग पर मौजूदा चार मंत्रियों और 12 से अधिक विधायकों की नजर है। इन्होंने सत्ता व संगठन के सामने नए सिरे से जोर-आजमाइश शुरू कर दी है।  हालांकि रावत जनवरी 2025 के पहले सप्ताह तक मंत्री बने रह सकते हैं, क्योंकि कानूनी रूप से रावत को शपथ के छह महीने के भीतर चुनाव जीतकर आना था। इस अवधि के पहले चुनाव हुए और वह हार गए। तब भी छह महीने की अवधि पूरी होनी बाकी है, इसके पूरे होने तक उनके इस्तीफे के बावजूद भी सरकार चाहे तो उन्हें मंत्री रख सकती है। सरकार के पास विभाग बंटवारे के ये तीन विकल्प 1.विदेश से लौटने के बाद सीएम यदि रावत का इस्तीफा मंजूर करते हैं तो वन और पर्यावरण विभाग के बंटवारे को लेकर सरकार दो विकल्प में से किसी एक को अपना सकती है। जानकारों के मुताबिक जो विभाग किसी के पास नहीं होते वे स्वत: राज्य के मुख्यमंत्री के हो जाते हैं, इसी तरह वन व पर्यावरण विभाग भी मुख्यमंत्री के पास चले जाएंगे। 2.सीएम चाहें तो ये दोनों विभाग मंत्रिमंडल का विस्तार किए बिना किसी भी मौजूदा मंत्रियों को दे सकते हैं। 3.सरकार चाहे तो किसी नए विधायक को विभाग दे सकती है, लेकिन इस प्रक्रिया के लिए सरकार को राज्यपाल को मंत्रिमंडल विस्तार की सूचना देनी होगी। चर्चा… ये मंत्री रावत के विभाग पाने के इच्छुक नागर सिंह चौहान: अनुसूचित जाति कल्याण विभाग है। पूर्व में वन व पर्यावरण इन्हीं के पास था। इन्हीं से लेकर रावत को दिया था। राकेश शुक्ला: नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग है। चर्चा है कि ये बड़ा विभाग चाहते हैं। गौतम टेटवाल, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले के प्रभारी मंत्री हैं। कृष्णा गौर: राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गौर के पास  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण व विमुक्त घुमन्तु और अद्र्धघुमंतु कल्याण विभाग है। राजधानी में रहने वाली एकमात्र महिला राज्यमंत्री हैं। ‘मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला’ भोपाल. मंत्री रामनिवास रावत के विजयपुर से चुनाव हारने के बाद से तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। सोमवार को चर्चा रही कि रावत भाजपा छोड़ सकते है। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने अपनी हार के पीछे जनता का फैसला और खुद की किस्मत को बताया। भाजपा छोडऩे के सवाल पर कहा, मुझे नहीं पता ये अफवाह कौन उड़ा रहा है। मैं भाजपा छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला हूं। वहीं इस्तीफे को लेकर कहा कि चुनाव हारते ही मैंने सीएम को इस्तीफा सौंप दिया था। भितरघात को लेकर इतना ही कहा कि अभी तक सत्ता और संगठन की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं मांगी गई है। अगर पूछा जाता है तो मैं जरूर रिपोर्ट दूंगा। recent visitors 117

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प का आयोजन

भोपाल मध्यप्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में छात्र-छात्राओं के शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वन, वन्य-प्राणियों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। छात्र-छात्राओं को प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दृष्टि से भोपाल शहर एवं उसके आस-पास के ग्रामों के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 26 नवम्बर 2024 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालिका, स्टेशन भोपाल की 50 छात्राओं एवं 2 शिक्षिकाओं ने उक्त पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प में भाग लिया। कार्यक्रम में स्रोत व्यक्ति के रूप में ए.के. खरे से.नि. उप वन संरक्षक एवं विजय नंदवंशी उपस्थित रहे। विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को पक्षी दर्शन, तितली, वन्यप्राणी दर्शन, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी, वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियाँ कराई गई एवं जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। बाघ, तेंदुआ, भालू, मगर, घड़ियाल, चीतल, साभर, नीलगाय आदि वन्य-प्राणियों का भी अवलोकन किया एवं ट्रेल वॉक भी कराया गया। साथ ही किंग फिशर ओपन बिल स्टॉर्क, वुलीनेक स्टॉर्क, कार्पोरेंट, जकाना, कूट आदि पक्षी दिखे एवं नीडम क्षेत्र में कृत्रिम घोंसले तथा पक्षियों के पुतले भी देखे। शिविर में मिशन लाइफ अंतर्गत पर्यावरण को बचाने के लिये उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा शपथ भी ली गई एवं विशेषज्ञों द्वारा मिशन लाइफ के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पक्षी अवलोकन एवं नेचर कैम्प में संचालक वन विहार मीना अवधेश कुमार शिवकुमार एवं इकाई प्रभारी पर्यटन रविकांत जैन सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।   recent visitors 48

INDI गठबंधन के दल कांग्रेस पर फोड़ने लगे महाराष्ट्र में हार का ठीकरा, कहा-राहुल गांधी ने नहीं मानी सलाह?

मुंबई महाराष्ट्र में कांग्रेस की अगुआई में चुनाव लड़ने वाली महाविकास अघाड़ी की करारी हार के बाद गठबंधन के सहयोगी राहुल गांधी पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। इंडी गठबंधन में रार चुनाव परिणाम आते ही देखने को मिलने लगी। पहला संकेत तो यही था कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गठबंधन की बैठक बुलाई और इसमें टीएमसी का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। बाद में टीएमसी नेता ने यह भी कहा कि अब गठबंधन का नेतृत्व टीएमसी को करना चाहिए। टीएमसी ने कहा कि उसेक नेता कोलकाता में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में व्यस्त थे। संसद का सत्र भी शुरू होने वाला था। ऐसे में भी टीएमसी नेता का दिल्ली में बैठक में शामिल ना होना कांग्रेस के लिए चिंता की बात है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक एक टीएमसी नेता ने कहा, टीएमसी ने अपने दम पर उपचुनाव में सभी छह सीटें जीत लीं। बीजेपी के अलावा कांग्रेस और सीपीएम भी सामने थे। हम चुनावी गठबंधन में नहीं हैं इसलिए यह भी जरूरी नहीं है कि किसी पार्टी के लिए जवाबदेह हों। टीएमसी के कल्याण बनर्जी ने यहां तक कहा कि ममता बनर्जी को इंडिया का मुखिया बना देना चाहिए। इंडिया गठबंधन के नेता राहुल गांधी को भी इस हार के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनका कहना है कि चुनाव के दौरान वीर सावरकर का नाम लेकर हमला करना, कांग्रेस ही नहीं बल्कि उसके सहयोगियों के भी खिलाफ चला गया। बहुत सारे लोगों की भावनाएं आहत हुईं और इसी दौरान 'बटोगे तो कटोके' का नारा आ गया। राहुल गांधी फिर भी नहीं रुके और उसी तरह हमला करते चले गए। इंडिया गठबंधन के दलों का कहना है कि जातिगत सर्वे की बात भी नुकसानदेह साबित हुई। बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आई तो आरक्षण खत्म कर देगी और महाविकास अघाड़ी इसे काउंटर नहीं कर पाया। इसके अलावा राहुल गांधी ने सीधा प्रधानमंत्री पर हमला करना शुरू किया। कई सहयोगियों ने समझाया भी कि इससे काम नहीं बनने वाला है। इसके बाद भी उन्होंने किसी सलाह पर ध्यान नहीं दिया और अपने अंदाज में हमला करते चले गए। सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी के कुछ करीबियों ने भी उन्हें समझाया था कि संविधान खतरे में हैं, वाली बात ना दोहराएं। इसके बाद भी राहुल गांधी ने अपना पुराना अंदाज जारी रखा। recent visitors 57

रेत माफिया बेखौफ, मनियारी नदी से दिनदहाड़े ट्रैक्टर-ट्रालियों से जारी उत्खनन

मुंगेली छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सांवतपुर इलाके में मनियारी नदी से दिनदहाड़े रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है, जिससे खनन माफियाओं का हौसला बुलंद दिख रहा है. महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरगांव थाना क्षेत्र में यह अवैध कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही. रेत माफिया बेखौफ, ट्रैक्टर-ट्रालियों से जारी उत्खनन स्थानीय लोगों के अनुसार, आधा दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियां प्रतिदिन नदी से रेत भर रही हैं. तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि मनियारी नदी में खुलेआम रेत का उत्खनन हो रहा है. शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई ग्रामीणों ने इस अवैध कारोबार की शिकायत कई बार सरगांव थाने में की है, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया. इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हैं. उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारियों की मौन स्वीकृति इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रही है. वायरल वीडियो ने बढ़ाई प्रशासन की मुश्किलें सांवतपुर के सरपंच प्रतिनिधि मनोज उइके का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे मनियारी नदी पर हो रहे अवैध रेत उत्खनन को रोकने की मांग कर रहे हैं. इस मामले को लेकर सरगांव थाना प्रभारी संतोष शर्मा ने कहा, “मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है. मैं फिलहाल मुंगेली में हूं. जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.” वहीं एसडीएम बी.आर. ठाकुर ने कहा, “नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर जांच और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.” recent visitors 147