Friday, July 10, 2026 8:11 pm

ट्रंप के शपथ लेते ही साथ ही चीन, मेक्सिको और कनाडा जैसे देशों पर गिर सकती गाज

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी 2025 को नए कार्यकाल के लिए पदभार संभालेंगे। ट्रंप के शपथ लेते ही साथ ही चीन, मेक्सिको और कनाडा जैसे देशों पर गाज गिर सकती है। डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को अवैध प्रवासियों और ड्रग्स पर नकेल कसने की कोशिशों के तहत शपथ लेते ही मेक्सिको, कनाडा और चीन जैसे देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि वह कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 25% टैक्स लगाएंगे और चीन से आने वाले सामानों पर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाएंगे। अगर यह टैरिफ नियम लागू किए जाते हैं तो अमेरिकियों के लिए गैस और ऑटोमोबाइल जैसी चीजों की कीमतें असाधारण तरीके से बढ़ सकती हैं। गौरतलब है कि अमेरिका के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका दुनिया में वस्तुओं का सबसे ज्यादा आयात करने वाला देश है और मेक्सिको, चीन और कनाडा अमेरिका के लिए तीन सबसे बड़े सप्लायर्स हैं। ट्रम्प ने अपनी ट्रुथ सोशल साइट पर एक पोस्ट में लिखा, "20 जनवरी को पहले एग्जीक्यूटिव ऑडर में से एक के रूप में मैं मेक्सिको और कनाडा से अमेरिका में आने वाले सभी उत्पादों पर 25% टैरिफ लगाऊंगा।” उन्होंने लिखा, "हजारों लोग मेक्सिको और कनाडा से होकर आ रहे हैं जिससे अपराध और ड्रग्स भयानक स्तर पर पहुंच गए हैं। नए टैरिफ तब तक लागू रहेंगे जब तक ड्रग्स और सभी अवैध प्रवासी हमारे देश पर इस आक्रमण को रोक नहीं देते!" चीन को सुनाया ट्रम्प ने चीन पर भी अपना गुस्सा निकाला। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार चीन के साथ अमेरिका में भारी मात्रा में भेजे जा रहे ड्रग्स, खास कर फेंटेनाइल के बारे में बातचीत की है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने लिखा, "जब तक वे ऐसा करना बंद नहीं करते, हम चीन से अमेरिका आने वाले उनके सभी उत्पादों पर किसी भी टैरिफ से ऊपर अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाएंगे।" क्या है वजह? ट्रम्प ने यह चेतावनी ऐसे समय में दी है जब मैक्सिको से अवैध रूप से सीमा पार करने के लिए गिरफ्तारियों की संख्या कम हो रही हैं। हालांकि इस दौरान पिछले दो सालों में कनाडा से अवैध रूप से सीमा पार करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही हैं। अक्टूबर 2023 और सितंबर 2024 के बीच बॉर्डर पुलिस ने 23,721 लोगों को पकड़ा था। कनाडाई सीमा पर गिरफ्तार किए गए लोगों में से 14,000 से अधिक भारतीय थे। यह दो साल पहले की संख्या से 10 गुना अधिक है। ऐसे में इन मामलों पर सख्ती से निपटने की तैयारी चल रही है। क्या होगा असर? अगर ट्रंप नए नियमों को लागू करते हैं तो नए टैक्स कनाडा और मैक्सिको की अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करेंगे। कनाडा दुनिया के सबसे ज्यादा व्यापार-निर्भर देशों में से एक है और कनाडा का 75% निर्यात अमेरिका को जाता है। वहीं पिछले हफ्ते एक वरिष्ठ चीनी वाणिज्य अधिकारी ने कहा कि चीनी निर्यात पर उच्च टैरिफ अमेरिका के लोगों के लिए कीमतें बढ़ाकर उल्टा असर डालेगा। अधिकारी ने कहा कि चीन ऐसे बाहरी झटकों से खुद को संभाल सकता है। recent visitors 61

दो दिन का समय, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में इंद्रावती नदी के हाई लेवल पुल के पास बने अवैध प्रधानमंत्री आवास टूटेंगे

जगदलपुर. इंद्रावती नदी पर पुराने पुल के पास हाई लेवल पुल का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है. लेकिन इसके चलते 19 परिवारों के घरों को उजाड़ने की तैयारी प्रशासन की असंवेदनशीलता और लापरवाही को उजागर करती है. हैरानी की बात ये है कि इन मकानों में से तीन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए घर हैं जो खुद सरकार की ओर से तैयार करवाए गए थे. सवाल यह है कि अगर ये आवास अवैध थे, तो इन्हें बनने कैसे दिया गया ? आरोप है कि प्रशासन सरकारी जमीन पर बेजा कब्जे को रोकने में नाकाम रही. प्रशासन ने इन परिवारों को अचानक बेघर करने का फैसला लिया है लेकिन मुआवजा देने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई गई है. प्रभावित परिवार न्याय की गुहार लगा रहे हैं पर उनके लिए कोई ठोस विकल्प या पुनर्वास योजना नहीं पेश की गई. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिन प्रधानमंत्री आवासों को खुद सरकार ने गरीबों के लिए तैयार किया वे अब अवैध घोषित किए जा रहे हैं. अब इन मकानों को तोड़ने की तैयारी में प्रशासन है. प्रवीण वार्ड के प्रभावितों ने जब घर तोड़ने का विरोध किया तो प्रशासन ने 2 दिनों का समय दिया है प्रभावितों की मांग सिर्फ जमीन के बदले जमीन और उचित मुआवजा की मांग कर रहे है. देखने वाली बात होगी कि 2 दिन बाद इस वार्ड में क्या स्थिति बनती है. इस मामले पर तहसीलदार रूपेश मरकाम का कहना है कि सेतु निर्माण के लिए जो अवैध रूप से काबिज है उनको हटाना है इससे पहले भी इनको नोटिस दिया गया था, लेकिन हटाये नहीं है. दोबारा प्रभावितों ने 2 दिनों का समय मांगा है. दो दिन बाद कब्जे को हटाया जाएगा. इसमें पीएम आवास भी शामिल है जिसे अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से जानकारी देंगे इसमें जो सम्भव होगा वैसी व्यवस्थाएं की जाएगी. recent visitors 104

आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही बरतने पर, 9 अधिकारी सस्पेंड, 90 को कारण बताओ नोटिस जारी

9 officers suspended for negligence in making Ayushman card, show cause notice issued to 90 शिवपुरी ! स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड बनाने में न्यूनतम उपलब्धि, लापरवाही व निरीक्षण कार्य में अनुपस्थित रहने जैसे कारणों के चलते 04 बीएमओ, 08 बीसीएम, 08 वीपीएम, 69 सीएचओ, 01 नेत्र सहायक सहित एक सैकड़ा कर्मचारियों कार्यवाही की गई है। इनमें से 9 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, वहीं शेष को नोटिस जारी किया गया है। वृद्धजन व गरीब परिवारों के बनाए जा रहे हैं आयुष्मान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय ऋषीश्वर ने बताया कि कलेक्टर शिवपुरी रविन्द्र कुमार चौधरी की पहली प्राथमिकता पर आदिवासी, गरीब व पिछड़े वर्ग के आयुष्मान कार्ड तैयार कराकर उन्हें लाभ प्रदान कराना है। इसके लिए वह निरंतर बैठक, निरीक्षण करने के साथ चेतावनी भी दे रहे हैं। कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई इसके बावजूद पीव्हीटीजी वर्ग, सीनीयर सीटिजन एवं बीओसीडब्लू वर्ग के आयुष्मान कार्ड बनाने, उनकी मॉनिटरिंग कार्य करने में लापरहवाही को देखते हुए खंड चिकित्सा अधिकारियों, सीएमएचओ की अनुशंसा पर स्वंय कलेक्टर शिवपुरी व उनके निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कार्यवाही की गई है। इन पर गिरी गाज इस कार्रवाई में आयुष्मान कार्ड बनाने में न्यूनतम उपलब्धि वाले 04 बीएमओ, 08 बीसीएम, 08 बीपीएम, 69 सीएचओ और नेत्र सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं विकासखंड पिछोर 04 सुपरवाईजर, खनियांधाना विकासखंड से 03 एमपीडब्यू , बदरवास विकासखंड से 01 एमपीडब्लू व पोहरी विकासखंड से 1 एलएचव्ही को निलंबित किया गया है। इन्हें हुआ कारण बताओ नोटिस जारी पीव्हीटीजी, सीनीयर सीटिजन एवं बीओसीडब्लू वर्ग के आयुष्मान कार्ड बनाने में न्यूनतम उपलब्धि वाले विकासखंड पिछोर के प्रभारी बीपीएम अखिलेश कनेहरिया, प्रभारी बीसीएम विवेक पचौरी एवं 16 सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। विकासखंड करैरा के प्रमुखखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रदीप शर्मा, बीसीएम अवधेश गौरैया एवं प्रभारी बीपीएम विजय सोनी एवं 06 सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। विकासखंड खनियांधाना के प्रभारी बीएमओ डॉ.अरूण झस्या, प्रभारी बीसीएम हरीश चौरसिया, प्रभारी बीपीएम मोहन गुप्ता एवं 5 सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विकासखंड बदरवास प्रभारी बीएमओ डॉ चेतेन्द्रि कुशवाह, बीसीएम दुर्गादास धनोलिया, बीपीएम सुमन बडोले एवं 6 सीएचओ, विकासखंड नरवर से बीएमओ डॉ एलडी शर्मा, बीसीएम सोनू जैन, प्रभारी बीपीएम अजयकांत गहलोत एवं 11 सीएचओ विकासखंड पोहरी से वीपीएम सतेन्द्र पटेरिया, बीसीएम शेर सिंह रावत एवं 12 सीएचओ, विकासखंड सतनवाडा से बीसीएम संतोष शर्मा, वीपीएम पूर्णिमा शर्मा एवं 6 सीएचओ, विकासखंड कोलारस से बीसीएम विवेक पचौरी , वीपीएम रजनीश श्रीवास्ततव एवं 7 सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये । इसके साथ ही एक नेत्र सहायक जितेन्द्र रघुवंशी विकासखंड बदरवास को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। इन पर गिरी निलंबन की गाज आयुष्मान कार्ड बनवाने एवं मॉनिटरिंग में लापरवाही बरतने वाले 04 सुपरवाईजर वीके शर्मा पिछोर, वीरेन्द्र गुप्ता पिछोर, खेमराज आदिवासी पिछोर, सुखदेव पांडे पिछोर को निलंबन किया गया। इसी प्रकार 04 एमपीडब्लू को निलंबित किया गया है, जिनमें विकासखंड बदरवास से मुकेश शर्मा एमपीडब्यू, प्रकाशचंद राजपूत एमपीडब्लू, खनियांधाना, ओमप्रकाश जाटव खनियांधाना, संजय गुप्ता एमपीडब्लू खनियांधाना को निलंबन किया गया। इसके साथ ही पोहरी विकासखंड से एलएचव्ही स्वरूपी मांझी को निलंबित करने की कार्यवाही की गई। recent visitors 210

राज्यमंत्री टेटवाल भाषण देते-देते रुक गए , लोगों में मचा कौतुहल… वजह पता चली तो तालियों से गूंज गया हॉल

राजगढ़  मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार में कौशल विकास एवं रोजगार विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल का एक विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस विडियो में मंत्री गौतम टेटवाल ने अजान के लिए अपना भाषण रोक दिया। राज्य मंत्री का ये विडियो रविवार को उप स्वास्थ्य केन्द्र के भूमि पूजन कार्यक्रम का बताया जा रहा है। दरअसल राज्य मंत्री गौतम टेटवाल रविवार को अपने ग्रह नगर राजगढ़ जिले के सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र के म‌ऊ गांव में 55 लाख रुपए की लागत से बनने वाले उपस्वास्थ्य केंद्र और 49 लाख की लागत से होने वाले अन्य विकास कार्यों का भूमिपूजन करने गए थे। मंत्री बोले- वसधैव कुटुंबकम हमारी संस्कृति मंत्री कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शाम 7.15 बजे (ईशा) की अजान शुरू होने पर उन्होंने अपना भाषण बीच में रोक दिया। फिर मंच से ही कहा- उससे डरो, वह एक है। नेक काम करो। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्। संपूर्ण भूमि गोपाल की है। वसुधैव कुटुंबकम हमारी संस्कृति है। हमारी संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे मंत्री गौतम टेटवाल ने बाद में कहा- गौ माता का सम्मान करें। गंगा जी का सम्मान करें। सनातन हिंदू समाज के स्वाभिमान के मान बिंदु हैं, उनका सम्मान करें। हमारी उपासना पद्धति का सम्मान करें। मंत्री ने कहा- अगर हम मुस्लिम धर्म का सम्मान करते हैं। अजान का हमने इसलिए सम्मान किया, ठीक है, अजान हो रही है, तुम पांच टाइम नमाज पढ़ों, लेकिन उसका मतलब यह नहीं कि तुम हमारे मान बिंदु, हमारी संस्कृति के बिंदुओं को अपमानित करो। इसको हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम सब धर्म का सम्मान करते हैं। मंत्री ने कहा- सबका ईश्वर एक है। सभी नदियां और नाले मिलकर समुद्र में विलीन हो जाते हैं, फिर भी उसमें पवित्रता होती है। इसी तरह ईश्वर एक है, इसी तरह सारे धर्म मिलकर सनातन धर्म में विलीन हो जाते हैं। क्या है पूरा मामला जब वह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, तभी राज्य मंत्री को मस्जिद में होने वाली नमाज की आवाज सुनाई दी। इसके बाद मंत्री गौतम टेटवाल ने अपना भाषण रोक दिया। कुछ देर तक तो‌ लोगों को कुछ समझ नहीं आया लेकिन जब लोगों को अजान की आवाज सुनाई दी तो वह मामला समझ ग‌ए। इसके बाद मंत्री गौतम टेटवाल ने अजान पूरी होने बाद वापस अपना भाषण शुरू किया। भाषण में क्या बोले मंत्री टेटवाल इस दौरान मंत्री ने कहा कि उससे डरो वो एक है, नेक काम करो, और संस्कृत में सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत श्लोक का उच्चारण किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में सब लोग सुखी रहें, निरोगी रहें, शांति से रहे, ये वो भी कह रहा है और हम भी कह रहे हैं। लेकिन सुनने वाले सुन नहीं रहे हैं। राज्यमंत्री गौतम टेटवाल का अजान को‌ लेकर भाषण रोकने का ये विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा। recent visitors 54

सीएम साय बोले–’ सभी को समझना जरूरी, विरासत में टिकी है संविधान की नींव’, छत्तीसगढ़-रायपुर में निकली पदयात्रा

रायपुर. संविधान दिवस के अवसर पर पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. रायपुर मे पदयात्रा भी निकाली जा रही है. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह समेत कई नेता शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम साय ने सभी को संविधान दिवस की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ के महान विभूतियों ने संविधान निर्माण में योगदान दिया, उनको नमन करता हूं. सीएम साय ने कहा, पीएम मोदी ने राष्ट्र स्तरीय हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान टैग लाइन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की है. जन-जन को संविधान की जागरूकता के लिए अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए मोदी जी को धन्यवाद देता हूं. 75 वर्ष बाद भी हर व्यक्ति को अपने अधिकारों की जानकारी नहीं है. बस्तर या अमुझमाड़ तक ये सीमित नहीं है, पढ़े लिखे लोगों को भी अपने संवैधानिक अधिकारो की जानकारी नहीं है. संविधान सदियों के संघर्ष उपलब्धियों का प्रतिफल है इसलिए समझना जरूरी है. संविधान की नींव विरासत में ही टिकी है. कुछ लोगों ने संविधान के खतरे में होने का फैलाया भ्रम : साय सीएम ने कहा, हमारे संविधान निर्माताओं ने मौलिक अधिकारों की बात की है. राम सीता लक्ष्मण की तस्वीर अनकित की है. समझना होगा कि संविधान निर्माताओं ने क्या संदेश दिया है. भारतीय संस्कृति के साथ संविधान को आगे ले जाना है. संविधान से 370 हटा, लैंगिग समानता क़ानून लागू किए, समय समय पर आवश्यकता के अनुसार बदलाव किए. इससे कुछ लोगों ने देश में संविधान के ख़तरे में होने का भ्रम फैलाया. ये वही लोग हैं, जिन्होंने आपातकाल लागू कर देश को ख़तरे में डाला. कुर्सी के लिए इन्होंने संविधान में बदलाव किए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश का संविधान सर्वोच्च है. बीजेपी ने सबका संविधान निर्माता के साथ संरक्षकों का सम्मान किया है. छत्तीसगढ़ में भी सभी वर्गों के विकास के लिए बीजेपी काम कर रही है. इस मौके पर स्कूली बच्चों के लिए संविधान से जुड़े प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जा रहा है. संविधान के 75 साल पूरे होने के अवसर पर पदयात्रा निकाली जा रही है. इसमें मुख्यमंत्री साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री टंकराम वर्मा, मंत्री केदार कश्यप, दयालदास बघेल, विधायक पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा समेत अन्य नेता शामिल हैं. सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी भव्य आयोजन किया गया है. recent visitors 67

ट्रंप की वापसी से कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की चिंताएं और बढ़ गई, ट्रंप ने कहा था पागल वामपंथी

वाशिंगटन अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेने से पहले ही अपने फैसलों और बयानों को लेकर चर्चा में हैं। अमेरिका को एक बार फिर ग्रेट यानी महान बनाने का नारा दे चुके ट्रंप अपने कड़े और अप्रत्याशित फैसलों के लिए प्रसिद्ध हैं। अब ट्रंप के एक बार फिर सत्ता में लौटने से दुनिया भर में हलचल है। इस बीच ट्रंप की वापसी से कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की चिंताएं और बढ़ गई हैं। आर्थिक उथल-पुथल से जूझते कनाडा की ट्रूडो सरकार को पहले से ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच ट्रंप ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि पदभार संभालते ही पहले दिन वह कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। जाहिर तौर पर यह ट्रूडो के लिए अच्छी खबर नहीं है। कनाडा दुनिया के सबसे ज्यादा व्यापार निर्भर देशों में से एक है और कनाडा का 75% निर्यात अमेरिका को जाता है। यह व्यापार निर्भरता कनाडा को अमेरिकी आर्थिक और विदेश नीतियों में बदलाव के प्रति संवेदनशील बनाती है। ट्रंप के चुनाव जीतने पर को बधाई देते हुए जस्टिन ट्रूडो ने कूटनीतिक लहजे में कहा था कि दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती है और सहयोग के लिए आशा व्यक्त किया। हालांकि पर्दे के पीछे ट्रूडो की सरकार एक अशांत दौर के लिए तैयार है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी में ट्रूडो ने कहा था कि ट्रंप का दूसरी बार राष्ट्रपति बनना पहले की तुलना में बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। विश्लेषकों का कहना है कि इसमें सच्चाई भी है। ट्रंप ने कहा था पागल वामपंथी कनाडा की वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने ट्रंप की जीत के बाद आश्वासन देते हुए कहा था कि कनाडा तैयार है और ट्रंप के आने पर बिल्कुल ठीक रहेगा। हालांकि यह आसान नहीं होगा। ट्रंप ट्रूडो को उनकी कोविड-19 सीमा नीतियों के लिए पागल वामपंथी कह चुके हैं और कनाडा में 2018 के जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनपर बहुत बेईमान होने का आरोप लगाते हुए वहां से चले गए थे। इस बार कनाडा सतर्क है और वह यह जानते हैं कि छोटी-छोटी बातें भी संबंधों को जटिल बना सकती हैं। ट्रूडो पर बनेगा दबाव राजनीतिक रूप से यह ट्रूडो के लिए कठिन दौर है। अगले साल कनाडा में होने वाले चुनावों से पहले कई सर्वे यह अनुमान लगा रहे हैं कि जस्टिन ट्रूडो की वापसी मुश्किल है। इस बीच देश में बढ़ते महंगाई और आर्थिक चुनौतियों पर ट्रंप की नीतियों से दबाव और बढ़ेगा। ट्रंप अपनी विदेश नीति के तहत कनाडा पर रक्षा बजट बनाने का भी दबाव डालेंगे। यह न केवल राष्ट्रीय बजट को प्रभावित करेगा बल्कि स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे जैसे घरेलू मुद्दों से प्राथमिकताओं को दूर कर सकता है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह सीमा प्रबंधन को लेकर भी बदलाव कर सकते हैं। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों के हटाने की नीतियां कनाडा में शरण लेने वाले प्रवासियों की संख्या में वृद्धि का कारण बन सकती हैं। कंजर्वेटिव सरकार में पूर्व आव्रजन मंत्री जेसन केनी ने एक वास्तविक संकट की चेतावनी दी है। recent visitors 58

भारत को 2036 ओलंपिक मेजबानी के लिए मिल रहा समर्थन: विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष

नई दिल्ली विश्व एथलेटिक्स के अध्यक्ष सबेस्टियन को ने खेलमंत्री मनसुख मांडविया के साथ मुलाकात करके भारत के 2036 ओलंपिक की मेजबानी के इरादे और देश में एथलेटिक्स के विकास पर बात की। सबेस्टियन को ने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अनौपचारिक मुलाकात की लेकिन उसके बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के एक शीर्ष सूत्र ने यह जानकारी दी 'IOC का अगला अध्यक्ष बनने की दौड़ में' इसके बाद को शाम की फ्लाइट से मुंबई रवाना हो गए। चार ओलंपिक पदक जीतने वाले 68 वर्षीय मध्यम दूरी के पूर्व धावक को की सोमवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) के प्रमुख आदिले सुमरिवाला ने अगवानी की। ब्रिटेन के महान खिलाड़ी को वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का अगला अध्यक्ष बनने की दौड़ में हैं और माना जाता है कि यह दौरा उनके लिए समर्थन जुटाने के अभियान का हिस्सा है। खेल मंत्रालय की मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘डॉक्टर मांडविया ने उनसे समावेशी, पर्यावरण अनुकूल और प्रेरणादायी खेलों के आयोजन के भारत के संकल्प पर बात की। उन्होंने यह भी कहा कि विश्व स्तर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत और खेल क्षमता को दिखाने के लिये 2036 ओलंपिक की मेजबानी की हमारी महत्वाकांक्षा को हर स्तर पर सरकार, उद्योग और समाज का व्यापक समर्थन हासिल है।’’ भारत ने पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को 2036 ओलंपिक की मेजबानी का इरादा जाहिर करने वाला पत्र सौंप दिया है । मेजबान शहर का फैसला अगले साल आईओसी चुनाव के बाद होगा। आईओसी के चुनाव अगले साल होने हैं। थॉमस बाक अभी आईओसी प्रमुख हैं। मांडविया और को की मुलाकात के दौरान सुमरिवाला, एएफआई महासचिव रविंदर चौधरी और खेल मंत्रालय के कई अधिकारी मौजूद थे। ये अनौपचारिक बैठकें हैं- AFI एएफआई के एक सूत्र ने बताया, ‘‘ये अनौपचारिक बैठकें हैं, असल में शिष्टाचार भेंट। शाम को प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद वह एक व्यावसायिक कार्यक्रम के लिए मुंबई जाएंगे।’’ को के नाना एक भारतीय (दिवंगत होटल व्यवसायी सरदारी लाल मल्होत्रा) थे। को अंतरराष्ट्रीय खेलों में एक लोकप्रिय व्यक्ति हैं और पेरिस ओलंपिक से पहले उन्होंने काफी चर्चा बटोरी थी जब उनके नेतृत्व में विश्व एथलेटिक्स ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए भारी नकद पुरस्कारों की घोषणा करने वाला पहला अंतरराष्ट्रीय महासंघ बन गया था। उनकी यात्रा के दौरान एएफआई द्वारा 2028 जूनियर विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए प्रयास किए जाने की उम्मीद है। मुंबई में वह टाटा कम्युनिकेशंस के प्रतिनिधियों से मिलेंगे क्योंकि कंपनी को विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए मेजबान प्रसारक के रूप में शामिल किया गया है जो 2026 में 11 से 13 सितंबर तक बुडापेस्ट में आयोजित की जाएगी। कुल 16 इंवेट आयोजित किए जाएंगे इस प्रतियोगिता में प्रत्येक स्पर्धा में दुनिया के शीर्ष रैंकिंग वाले आठ से 16 एथलीट शामिल होंगे जिनका चयन मुख्य रूप से विश्व रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक देश के कितने खिलाड़ी प्रत्येक स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं इस पर कोई सीमा नहीं होगी। 100 मीटर, पोल वॉल्ट और चार गुणा 100 मीटर सहित कुल 16 स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी जिनकी कुल पुरस्कार राशि एक करोड़ डॉलर होगी। recent visitors 50