Sunday, July 12, 2026 7:12 am

महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं, एकनाथ शिंदे ने दिया इस्तीफा

मुंबई महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। खबर है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार राजभवन पहुंच रहे हैं। सीएम शिंदे ने पद से इस्तीफा दे दिया हैं। इसी बीच शिंदे की एक पोस्ट ने भी चर्चाएं बढ़ा दी हैं। दरअसल, शिंदे ने अपने समर्थकों से आवास के बाहर जश्न नहीं मनाने की अपील की है। कहा जा रहा है कि महायुति की जीत के बाद सीएम पद की रेस में सबसे आगे फडणवीस चल रहे हैं। इधर, शिवसेना भी शिंदे का नाम आगे बढ़ा रही है। शिंदे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘महायुति गठबंधन की बड़ी जीत के बाद राज्य में एक बार फिर हमारी सरकार बनेगी। हमने एक महागठबंधन के रूप में मिलकर चुनाव लड़ा और हम आज भी साथ हैं।’ उन्होंने अपने समर्थकों से ‘वर्षा’ के बाहर या उनके समर्थन में किसी अन्य स्थान पर इकट्ठा नहीं होने की अपील की। शिंदे ने कहा, ‘मेरे प्रति प्रेम के कारण कुछ लोगों ने सभी से मुंबई आने और एकत्र होने की अपील की है। मैं आपके प्यार के लिए बहुत आभारी हूं लेकिन मैं अपील करता हूं कि कोई भी मेरे समर्थन में इस तरह से एकत्र नहीं हो।’ नहीं बनी सहमति 23 नवंबर शनिवार को नतीजों के ऐलान के बाद महायुति ने 288 में से 230 सीटें जीतकर सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया था। तब 132 सीटें जीतकर भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल बनकर उभरी थी। वहीं, शिवसेना को 57 और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी या NCP ने 41 सीटें अपने नाम की थीं। फडणवीस दिल्ली पहुंचे फडणवीस अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के लिए सोमवार देर रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। फडणवीस यहां एक होटल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बेटी अंजलि के विवाह से संबंधित प्रीति भोज में शामिल हुए। फडणवीस के साथ महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर भी मौजूद थे। महाराष्ट्र में अगली सरकार के गठन की रूपरेखा पर चर्चा के लिए फडणवीस गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं। recent visitors 79

हिंदू एकता यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्‍त्री पर हमला, मोबाइल फेंक कर मारा, गाल पर लगी चोट

झांसी एक दिन पहले मध्य प्रदेश से झांसी पहुंची सनातन हिंदू एकता पदयात्रा मंगलवार को आगे बढ़ी. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री पर यात्रा के दौरान ही किसी ने मोबाइल फेंक दिया. इस पर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. बाबा बागेश्वर पर झांसी में फेंका गया मोबाइल बागेश्वर धाम से शुरू हुई यात्रा: पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 160 किलोमीटर लंबी 'सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा निकाल रहे हैं. 21 नवंबर को यह पदयात्रा बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी, जो 29 नवंबर को मध्य प्रदेश के ओरछा धाम पहुंचेगी. यहां पर यात्रा का समापन हो जाएगा. झांसी में सोमवार को हिंदू एकता यात्रा में अभिनेता संजय दत्त और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जुगलबंदी देखने को मिली थी. यात्रा में अभिनेता संजय दत्त शामिल हुए थे. यहां संजय दत्त और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हाथ में हाथ मिलाए, कंधे पर हाथ रखकर साथ-साथ चलते दिखाई दिए. झांसी में संजय दत्त के साथ धीरेंद्र शास्त्री. संजय दत्त भी हुए थे शामिल: संजय दत्त ने कहा था कि बाबा मेरे गुरु और छोटे भाई हैं. मैं उनके साथ हमेशा हूं. वो जहां ले चलेंगे मैं उनके साथ जाऊंगा. यहां तक कि ऊपर भी साथ जाऊंगा. इससे पहले बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने संभल जामा मस्जिद सर्वे को लेकर कहा कि जो सच है, वो सामने आना चाहिए. ऐसे उपद्रवियों को रोकने के लिए ऐसी यात्राएं होती हैं. झांसी में यात्रा में शामिल हुए खली. शास्त्री बोले- हिंदू सड़क पर, लेकिन पत्थर नहीं फेंक रहे: धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता पदयात्रा का यूपी में आज दूसरा दिन है. सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा मंगलवार को 17km चलेगी. सुबह 9 बजे धीरेंद्र शास्त्री ने एक बार फिर अपने लाखों अनुयाइयों के साथ यात्रा शुरू की. यात्रा की शुरुआत राष्ट्र ध्वज फैरा कर राष्ट्रगान के साथ हुई. यात्रा के दौरान झांसी में किसी ने फूलों के साथ मोबाइल फेंककर हमला किया. फेंके मोबाइल को हाथ में लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जिसने भी फूलों के साथ इसे मुझ पर फेंका है, वह मोबाइल अब मेरे हाथ में है. हिंदू सड़क पर हैं, लेकिन किसी पर पत्थर नहीं फेंक रहे हैं. ऐसी हिंदू यात्राएं देश को गृह युद्ध में जाने से रोकेंगी. कहा कि कई राज्यों में तो आगामी समय में गृहयुद्ध से काफी नुकसान होने वाला है. 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा: इस यात्रा से अगर किसी को दर्द हो रहा है तो होने दो. उनकी यात्रा देश के 100 करोड़ हिंदुओं की यात्रा है. जिसमें वह अपने हिन्दू भाइयों को संस्कृति से जोड़ने और सनातन धर्म के साथ चलने का आग्रह करने के लिए सड़क पर निकले हैं. ऐसी यात्राएं नहीं होंगी तो देश में हालत और बिगड़ते जाएंगे और हमारी संस्कृति पर हमला होता रहेगा. बुलडोजर से बरसाए गए फूल: शाम तक यह पद यात्रा झांसी के घुघसी गांव में पहुंचेगी. यहीं वह रात्रि विश्राम रहेगा. सोमवार को बागेश्वर धाम धीरेंद्र शास्त्री द्वारा निकाली जा रही सनातन हिंदू एकता पद यात्रा में लाखों लोग शामिल हुए थे. बुलडोजर पर सवार होकर लोगों ने फूल बरसाए थे. यात्रा में फिल्म अभिनेता संजय दत्त, द ग्रेट खली ने शामिल होकर हिंदू राष्ट्र बनाने का समर्थन किया था. recent visitors 36

इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2024 : ‘द नाइट मैनेजर’ चूकी

न्यूयॉर्क इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2024 की घोषणा हो गई है। सोमवार रात न्यूयॉर्क में आयोजित इस अवॉर्ड सेरेमनी में भारत की ओर से नॉमिनेटेड एकमात्र वेब सीरीज 'द नाइट मैनेजर' कोई सम्‍मान नहीं मिला है। आदित्‍य रॉय कपूर और अनिल कपूर की इस सीरीज को बेस्ट ड्रामा सीरीज कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था। इस कैटेगरी में फ्रेंच-अमेरिकन-जैपनीज सीरीज 'लेस गौटेस डे डियू' को पुरस्‍कार मिला है। टीवी सीरीज Les Gouttes de Dieu का हिंदी अनुवाद ईश्‍वर की बूंद है, इसे रॉटन टोमाटोज पर 100% रेटिंग मिली है और यह Apple TV+ पर रिलीज हुई थी। 'डिज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार' पर रिलीज 'द नाइट मैनेजर' इसी नाम की सुपरहिट हॉलीवुड सीरीज का रीमेक है, जिसमें टॉम हिडलेस्टन लीड रोल में थे। वीर दास ने होस्‍ट किया इंटरनेशनल एमी अवॉर्ड्स 2024 52वें इंटरनेशनल एमी अवार्ड्स 2024 की शाम को भारतीय एक्‍टर और कॉमेडियन वीर दास ने होस्‍ट किया। वह इस तरह के कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले पहले भारतीय हैं। इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज (IATAS) की ओर से दिए जाने वाले इस अवॉर्ड में साल 2023 में रिलीज और अमेरिका के बाहर बने वेब सीरीज और टीवी शोज को अवॉर्ड दिया गया।   अवॉर्ड कैटेगरी विनर का नाम Best Performance by an Actress Award Aokbab-Chutimon Chuengcharoensukying (Hunger) Best Performance by an Actor Timothy Spall (The Sixth Commandment) Best Drama Series Les Gouttes de Dieu [Drops of God] Non-Scripted Entertainment Restaurant Misverstand Season 2 Best Sports Documentary Brawn: The Impossible Formula 1 Story Best Short-Form Series Punt de no retorn (Point of no return) Best Kids: Live-Action En af Drengene (One of the Boys) Best Kids: Factual & Entertainment La Vida Secreta de tu Mente (The secret life of your mind) Best Kids: Animation Tabby McTat Best TV Movie/Mini-Series Liebes Kind (Dear Child) Best Comedy División Palermo Telenovela La Promesa (The Vow) Best Documentary Otto Baxter: Not A F***ing Horror Story Arts Programming award Pianoforte   recent visitors 51

उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखकर इस प्रकार से करें पूजन, छूमंतर हो जाएगें रोग

प्राचीन काल में ऋषि-महर्षियों को शरीर को निरोगी रखने का रहस्य पता था, इसलिए उन्होंने कुछ ऐसे विधान बनाए, जिनका पालन अगर मनुष्य श्रद्धा-विश्वास के साथ बिना तर्क, वितर्क, कुतर्क किए करे, तो ऐसे में उसे लाभ ही लाभ मिलना है। इन विधानों का पालन करने से कभी भी कोई नुकसान नहीं होता है। आज जानेंगे, उत्पन्ना एकादशी के महत्व के बारे में जो शरीर को रोगों से लड़ने की अद्भुत शक्ति उत्पन्न करती है। आज के समय में जीवन शैली के परिवर्तन से डाइबिटीज़, कैंसर जैसी बीमारियों का बोलबाला है, जिसके कारण दवाओं पर अत्यधिक व्यय होता है, परन्तु अगर हम प्राचीन नियम, विधि-विधानों का पालन करें, एकादशी आदि का व्रत हर पक्ष में रखें, तो उसका चमत्मकारिक परिणाम देखने को मिलता है। वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार जब हम हर पंद्रह दिन में व्रत रखते हैं और उस दौरान कुछ नहीं खाते हैं, तो ऐसे में शरीर के अन्दर स्थित कैंसर आदि सेल्स अपने आप ही मरने लग जाते हैं। गरिष्ठ भोजन का त्याग और एकादशी के दिन आवश्यक रूप से व्रत है वरदान – पद्म, स्कंद और विष्णु धर्मोत्तर पुराण का कहना है कि एकादशी व्रत में अन्न नहीं खाना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार समस्त बीमारियां वात, पित्त, कफ त्रिदोष असंतुलन के कारण होती हैं एकादशी के दिन उपवास त्रिदोषों के संतुलन में सहायक होता है। एकादशी व्रत रखने से शरीर स्वस्थ होता है, मन प्रसन्न होता है जिससे सकारात्मक चिंतन व्यक्ति को सफलता दिलाता है। पूजन विधि-विधान – उत्पन्ना एकादशी का व्रत, पूजन मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है। इस दिन भगवान श्रीहरि एवं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। एकादशी के दिन प्रातःकाल उठकर भगवान का पुष्प, जल, धूप, अक्षत से पूजन करना चाहिए। भगवान को केवल फलों का ही भोग लगाने का विधान है। व्रत रखने वालों को दशमी के दिन रात्रि में भोजन नहीं करना चाहिए। जीवन में शनि दुख और गुरू ज्ञान को दर्शाता है। इस वर्ष उत्पन्ना एकादशी के दिन शनि की स्वराशि तथा गुरु की वृष राशि की स्थिति में किया गया निःस्वार्थ दान-पुण्य, सेवा कार्य व्रतकर्ता का भाग्योदय सुनिश्चिित करेगा। कल्याण के लिए एकादशी के दिन विष्णु भगवान का पूजन, पितृ तर्पण, पीपल के वृक्ष में जल अर्पण अवश्य करें। उत्पन्ना एकादशी का व्रत विधि-विधानपूर्वक रखने से सर्व प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते हैं। ऐसा माना जाता है कि स्वयं श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को उत्पन्ना एकादशी के महत्व, विधि-विधान एवं एकादशी माता के जन्म की कथा सुनाई थी। recent visitors 62

नवदुर्गा प्लांट में निरीक्षण के दौरान हादसा, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में ठेकेदार की 50 फीट की उंचाई से गिरकर मौत

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नवदुर्गा प्लांट निरीक्षण के दौरान 50 फीट की उंचाई से गिरकर ठेकेदार की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेजते हुए मामले को जांच में ले लिया है। उक्त घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिला मुख्यालय से तकरीबन 20 किलोमीटर दूर पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में स्थित नवदुर्गा प्लांट में आज दोपहर निरीक्षण के दौरान 50 फीट की उंचाई से नीचे गिरकर ठेकेदार रमेश शर्मा 48 साल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रोजाना की भांति आज दोपहर 1 बजे वह शट डाउन डीएससी प्लांट आया हुआ था। इस दौरान अनियंत्रित होकर एकाएक वह नीचे गिर गया। अचानक घटी इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई और फिर घायल को आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया जहां प्रारंभिक जांच में ही मौके पर मौजूद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 15 सालों से कर रहा ठेकेदारी बताया जा रहा है कि ठेकेदा रमेश शर्मा मूलतः भिलाई का रहने वाला है और बीते 15 सालों से ठेकेदारी करते आ रहा है। मृतक के अंडर में तकरीबन दर्जन भर से अधिक मजदूर हैं जो अलग-अलग जगहों में काम कर रहे हैं। रोजाना की भांति रमेश शर्मा आज दोपहर काम का निरीक्षण करने पहुंचा था और यह घटना घटित हो गई। परिजनों को दे दी गई सूचना इस संबंध में पूंजीपथरा थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने बताया कि नवदुर्गा प्लांट में आफ्टर बर्निंग चेंबर जो कि चिमनी से छोटा होता है। यहां 50 फीट की उंचाई से गिरकर ठेकेदार रमेश शर्मा की मौत हो गई। मृतक के परिजनों को घटना से अवगत करा दिया गया है। recent visitors 111

ऑस्ट्रेलिया की टीम में एकता की कमी, जोश हेजलवुड के बयान से मचा बवाल

नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व हेड और मौजूदा कमेंटेटर रवि शास्त्री और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने ये मुद्दा उठाया है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम में एकता की कमी है। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले मैच को हारने के बाद जोश हेजलवुड ने जिस तरह का बयान दिया है। उससे ऑस्ट्रेलिया की टीम की यूनिटी पर सवाल उठ रहे हैं। जोश हेजलवुड ने पर्थ टेस्ट मैच में मिली हार का जिम्मेदार बल्लेबाजों को बताया है। भारत ने ये मैच 295 रनों के अंतर से जीता। सीरीज में 1-0 की बढ़त भारत ने बना ली। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में 104 रन बनाकर ढेर हो गई थी। जोश हेजलवुड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "आपको शायद यह सवाल बल्लेबाजों में से किसी से पूछना होगा, मैं आराम कर रहा हूं और थोड़ा आराम पाने की कोशिश कर रहा हूं और मैं मुख्य रूप से अगले टेस्ट पर ध्यान दे रहा हूं।" इस पर हाल ही में रिटायरमेंट लेने वाले डेविड वॉर्नर ने चैनल 7 पर कहा, "मुझे लगता है कि एक सीनियर प्लेयर के रूप में, जब आप टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो आपका यह कर्तव्य होता है कि आप बल्लेबाजों के लिए कुछ ऐसा रखें जो वे चाहते हों, सभी बल्लेबाज मैदान पर जाकर बल्लेबाजी करने के बारे में सोचते हैं। ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने बहुत अधिक रन नहीं बनाए हैं, लेकिन एक सीनियर गेंदबाज से उनको समर्थन मिलना चाहिए। ऐसे कमेंट उचित नहीं हैं।" माइकल वॉन ने टीम के ड्रेसिंग रूम में संभावित विभाजन पर भी संदेह जताया और कहा कि उन्होंने किसी ऑस्ट्रेलियाई से ऐसा कुछ नहीं सुना है। वॉन ने फॉक्स क्रिकेट पर कहा, "सार्वजनिक रूप से, मैंने कभी किसी ऑस्ट्रेलियाई को आकर टीम को बल्लेबाजों और गेंदबाजों में विभाजित करते नहीं सुना। 11 बल्लेबाज हैं, जो कभी नहीं बदलेंगे, हर खिलाड़ी को बल्लेबाजी करनी होगी। दुनिया का कोई भी खिलाड़ी, लेकिन विशेष रूप से एक ऑस्ट्रेलियाई… मैं हमेशा हर टीम में छोटी-छोटी बातों पर गौर करता हूं…एकजुटता और आउटफील्ड में उत्साह की कमी, आप ऑस्ट्रेलिया के बारे में अक्सर ऐसा नहीं कहते हैं।" रवि शास्त्री ने इस मुद्दे पर कहा, "भारतीय ड्रेसिंग रूम में जब ऐसा कुछ सुनने को मिलता है तो वे क्या सोचते हैं, उन्हें पता है कि पिच पर कुछ क्रैक्स हैं, लेकिन कुछ मानसिक दरारें भी हैं। 30 या 40 साल से ऑस्ट्रेलिया आने के बाद, यह पहली बार है जब कोई भारतीय टीम ऐसा महसूस कर रही है। आप जानते हैं, हम अपने घर में विपक्षी टीमों से बेहतर हैं। चुपचाप वे सोच रहे होंगे 'हमें यहाँ हारना होगा।" recent visitors 57

ब्रैड पिट कथित तौर पर एंजेलिना के साथ कानूनी लड़ाई खत्म करने को तैयार, बच्चों के लिए कुछ भी

न्यूयॉर्क ब्रैड पिट कथित तौर पर एंजेलिना जोली के साथ अपनी कानूनी लड़ाई खत्म करने के लिए तैयार हैं। उनकी बस एक शर्त है कि वह उन्हें अपने बच्चों से मिलने दें, जिनके साथ उनका कोई सम्पर्क नहीं है। ब्रैड पिट और एंजेलिना जोली की कानूनी लड़ाई अब जल्द ही खत्म होने वाली है। ब्रैड परिवार से अलग हो चुके हैं और उन्हें केवल सबसे छोटे दो बच्चों से मिलने का अधिकार है। 'रडार ऑनलाइन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर एंजेलिना उन्हें अपने बच्चों से दोबारा मिलने की अनुमति देती हैं तो वह अपनी कानूनी लड़ाई को खत्म करने के लिए तैयार हैं। ब्रैड की एंजेलिना से अपील साल 2017 में तलाक के बाद से ही ब्रैड पिट और एंजेलिना जोली अपनी 500 मिलियन डॉलर की फ्रेंच वाइनरी की बिक्री को लेकर कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं। 'रडार ऑनलाइन' ने बताया कि कानूनी लड़ाई ने ब्रैड के अपने बच्चों – मैडॉक्स (23), पैक्स (20), ज़हरा ( 19) शिलोह (18) और 18 साल के जुड़वां बच्चों विविएन और नॉक्स के साथ संबंधों पर काफी गहरा असर किया है। बता दें कि ये सभी बच्चे एंजेलिना के साथ रहते हैं। यह समय के साथ उतना ही दर्दनाक हो रहा है रिपोर्ट में एक के करीबी एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि ब्रैड ने अपने बच्चों को नहीं छोड़ा है और उनके लिए उनसे इतना अलग रहना यकीनन बहुत मुश्किल भरा रहा है। यह समय के साथ उतना ही दर्दनाक हो रहा है। छुट्टियों के साथ-साथ, ये दूरियां और अधिक दिल टूटने का एहसास कर रहा है और अब ब्रैड कह रहे हैं कि वो उनके साथ कुछ समय बिताने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, भले ही इसके लिए उन्हें अपना अभिमान निगलना क्यों न हो और एंजेलिना के लिए कुछ त्याग करना हो तो वो उसके लिए भी तैयार हैं। एंजेलिना से बच्चों से मिलने की भीख मांग रहे हैं ब्रैड रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रैड वर्चुअली घुटनों के बल बैठकर एंजेलिना से बच्चों से मिलने की भीख मांग रहे हैं। ब्रैड और बच्चों के बीच सम्बंध इस हद तक खराब हो गए हैं कि अधिकांश बच्चों ने उनका सरनेम तक छोड़ दिया है। शिलोह ने कानूनी रूप से अपना नाम बदलकर शिलोह नोवेल जोली करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की और अन्य बच्चों ने भी अनऑफिशियली अपने नाम बदल लिए हैं। 'वो जिस तरह अलग-थलग पड़ गए हैं ये उन्हें खाए जा रहा है' इन्हें करीब से जानने वालों ने बताया है कि ब्रैड बस अपने बच्चों के साथ थोड़ा समय बिताने का मौका चाहता है।' रिपोर्ट में कहा गया है,'वो जिस तरह अलग-थलग पड़ गए हैं ये उन्हें खाए जा रहा है और इन बैरियर को तोड़ने के लिए जो भी ज़रूरी होगा वह करेंगे।' साल 2017 में हुआ था ब्रैड और एंजेलिना का तलाक ब्रैड और एंजेलिना ने साल 2005 में डेटिंग शुरू की और 2014 में शादी के बंधन में बंध गए। हालांकि, दो साल बाद वे अलग हो गए और 2017 में उनका तलाक फाइनल हो गया। ब्रैड से मिलने से पहले एंजेलिना ने मैडॉक्स, पैक्स और ज़हरा को गोद लिया था और उनके साथ शिलोह, विविएन और नॉक्स भी थे। हालांकि, अपने रिश्ते के दौरान, ब्रैड ने ऑफिशियली तीन बड़े बच्चों को गोद लिया। वह 2016 से परिवार से अलग हो गए है और रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो काफी साल से बच्चों से नहीं मिले हैं। recent visitors 62