Friday, July 10, 2026 3:35 am

सुनील गावस्कर ने बताया-एडिलेड टेस्ट में क्या बदलाव हो सकते हैं और रोहित की वापसी के बाद बैटिंग ऑर्डर कैसा होगा

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जा रही है, पर्थ टेस्ट 295 रनों से जीतकर टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। एडिलेड में 6 दिसंबर से सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है, जो डे-नाइट टेस्ट मैच होगा। ऑस्ट्रेलिया ने आजतक कभी अपने होम ग्राउंड पर कोई डे-नाइट टेस्ट मैच नहीं गंवाया है, ऐसे में एडिलेड टेस्ट टीम इंडिया के लिए मुश्किलों से भरा हो सकता है। वैसे तो विनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव कम देखने को मिलता है, लेकिन टीम इंडिया के विनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव होना एकदम तय है, क्योंकि कप्तान रोहित शर्मा की वापसी होने जा रही है। रोहित 15 नवंबर को दूसरी बार पिता बने हैं और इसी वजह से वह पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान प्लेइंग XI का हिस्सा नहीं थे और जसप्रीत बुमराह ने टीम की कमान संभाली थी। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 टीम इंडिया के लिए काफी अहम है और ऐसे में भारतीय टीम इसे जीतने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के फाइनल में अगर भारत को पहुंचना है, तो यहां उसे ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से हराना होगा। एडिलेड टेस्ट में क्या बदलाव हो सकते हैं और रोहित की वापसी के बाद बैटिंग ऑर्डर कैसा होगा, इस पर सुनील गावस्कर ने अपनी राय रखी है। एडेलिड टेस्ट में टीम इंडिया के बदलाव को लेकर गावस्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, ‘मुझे लगता है प्लेइंग XI में दो बदलाव तो तय हैं, एक तो रोहित शर्मा और दूसरा शुभमन गिल की प्लेइंग XI में वापसी होगी। मुझे ऐसा लगता है कि बैटिंग ऑर्डर में भी बदलाव देखने को मिलेगा। जहां रोहित शर्मा ओपन करने उतरेंगे केएल राहुल की जगह और शुभमन गिल आएंगे तीसरे नंबर पर। देवदत्त पडीक्कल और ध्रुव जुरेल को बाहर बैठना पड़ेगा। वहीं केएल राहुल छठे नंबर पर बैटिंग करने आएंगे।’ गावस्कर ने आगे कहा, ‘और एक बदलाव हो सकता है और मुझे लगता है कि वॉशिंगटन सुंदर की जगह रविंद्र जडेजा की प्लेइंग XI में वापसी होगी।’ पर्थ टेस्ट में केएल राहुल ने यशस्वी जायसवाल के साथ पारी का आगाज किया था और पहली पारी में अहम 26 रनों की पारी खेलने के बाद उन्होंने दूसरी पारी में 77 रनों का योगदान दिया था। recent visitors 66

प्रभारी मंत्री तोमर ने परिवार को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 4 लाख रूपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया

शिवपुरी ऊर्जा मंत्री एवं शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बुधवार देर रात शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना अंतर्गत ग्राम इंदरगढ़ में हुई मारपीट की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मृतक नारद जाटव के परिजनों से मिलने ग्राम दौरार पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने कहा कि घटना के संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री तोमर ने परिवार को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 4 लाख रूपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। प्रभारी मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। प्रदेश में अराजकता और क्रूरता के लिए कोई स्थान नहीं है। हम हर परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें।   recent visitors 36

अजमेर दरगाह शरीफ का होगा सर्वे! शिव मंदिर बताने वाली याचिका मंजूर, शुरू हुई सियासत

​अजमेर अजमेर शरीफ दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका को लेकर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दरगाह पक्ष को नोटिस जारी किया है। ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में संकट मोचन महादेव मंदिर वाली याचिका को कोर्ट ने स्वीकार किया। इस मामले की सच्चाई जानने के लिए कोर्ट ने इसे स्वीकार किया है क्योंकि लंबे समय से इसकी मांग उठ रही थी। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने यह याचिका लगाई और न्यायाधीश जज मनमोहन चंदेल ने प्रतिवादी को नोटिस जारी किया। दरगाह कमेटी के कथित अनाधिकृत कब्जा हटाने संबंधी याचिका दो महीने पहले दायकर करी थी।याचिका में दावा किया गया था कि दरगाह की जमीन पर पूर्व में भगवान शिव का मंदिर था और वहां पूजा पाठ होता रहा है। दरगाह परिसर में जैन मंदिर होने का भी दावा किया गया है और याचिका में हरविलास शारदा द्वारा लिखी गई एक पुस्तक का हवाला दिया गया। इसमें मंदिर होने के प्रमाण का उल्लेख किया गया है कि दरगाह परिसर में बुलंद दरवाजे के निर्माण में मंदिर के अंश हैं। साथ ही एक तहखाना या गर्भ गृह होने की बात की गई और कहा गया है कि वहां शिवलिंग था, ब्राह्मण परिवार उसकी पूजा अर्चना करने का काम करता था। 1991 पूजा स्थल एक्ट यहां इसलिए लागू नहीं होता, क्योंकि दरगाह के अंदर कभी किसी इंसान को पूजा करने के लिए अंदर जाने ही नहीं दिया गया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अजमेर दरगाह समिति को नोटिस जारी किया। याचिका हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने दावा किया था कि अजमेर शरीफ दरगाह में काशी और मथुरा की तरह एक मंदिर था। वादी विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता योगेश सिरोजा ने अजमेर में संवाददाताओं को बताया कि वाद पर दीवानी मामलों के न्यायाधीश मनमोहन चंदेल की अदालत में सुनवाई हुई। सिरोजा ने कहा कि दरगाह में एक शिव मंदिर होना बताया जा रहा है। उसमें पहले पूजा पाठ होता था… पूजा पाठ दोबारा शुरू करवाने के लिये वाद सितंबर 2024 में दायर किया गया। अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अजमेर दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कार्यालय-नयी दिल्ली को समन जारी हुए हैं। हालांकि, अब इसको लेकर सियासत तेज हो गई है। AIMIM सांसद असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि यह दरगाह पिछले 800 वर्षों से वहां मौजूद है। नेहरू से लेकर कई प्रधान मंत्री दरगाह पर चादर भेजते रहे हैं। पीएम मोदी भी वहां चादर भेजते हैं। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी-आरएसएस ने मस्जिदों और दरगाहों को लेकर ये नफरत क्यों फैलाई है? निचली अदालतें पूजा स्थल कानून पर सुनवाई क्यों नहीं कर रही हैं? इस तरह कानून का शासन और लोकतंत्र कहां जायेगा? यह देश के हित में नहीं है। मोदी और आरएसएस का शासन देश में कानून के शासन को कमजोर कर रहा है। ये सब बीजेपी-आरएसएस के निर्देश पर किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ऐसी बातें पूरे देश में आग लगा देंगी। क्या हो रहा है? पीएम को इस मामले को देखना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने सवा किया कि आप एक पूरे समुदाय को कहां किनारे करना चाहते हैं? आप उनके धार्मिक स्थलों और संपत्तियों को नहीं छोड़ रहे हैं। आप हमें कहां दरकिनार करना चाहते हैं? किस मस्जिद के नीचे आप मंदिर ढूंढेंगे? कोई सीमा है या नहीं? उन्होंने (केंद्र सरकार) पूजा अधिनियम 1991 को किनारे रख दिया है। क्या वे (भाजपा) अपने राजनीतिक लाभ के लिए पूरे देश को जला देंगे? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अजमेर में कोर्ट ने सर्वे के निर्देश दिये। यदि किसी हिंदू ने याचिका दायर की है और अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश दिया है, तो समस्या क्या है? मुगलों ने हमारे मंदिर तोड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तब तक केवल तुष्टीकरण किया। अगर नेहरू ने मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाने के इस अभियान को रोक दिया होता, तो आज हम अदालत में जाने की स्थिति में नहीं होते। अजमेर शरीफ विवाद पर क्या बोल गए रामगोपाल यादव इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विवाद पर अपनी बात रखते हुए समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने जजों को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी है। यादव ने एएनआई से बातचीत में कह दिया कि छोटे छोटे जज देश में आग लगवाना चाहते हैं। हाल में उन्होंने रिटायर हो चुके चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर दी थी और बाद में यूटर्न ले लिया था। अजमेर शरीफ मुद्दे पर एएनआई से बातचीत में सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, 'ऐसा है मैंने पहले भी कहा था, इस तरह के छोटे-छोटे जज बैठे हैं जो इस देश में आग लगवाना चाहते हैं। कोई मतलब नहीं है इसका। अजमेर शरीफ पर हमारे प्रधानमंत्री स्वयं चादर भिजवाते हैं। देश दुनिया से लोग वहां आते हैं। उसको विवादों में डालना बहुत ही घृणित और ओछी मानसिकता का प्रतीक है। सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा समर्थित लोग कुछ भी कर सकते हैं, देश में आग लग जाए इससे इन्हें कोई मतलब नहीं है। सत्ता में बने रहें बस।' उनसे सवाल किया गया था कि नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा है कि उन्हें इस मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया है। राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करते हुए एक वाद स्थानीय अदालत में दायर किया गया है। अदालत ने  याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए तीन पक्षकारों को नोटिस जारी किया। वादी विष्णु गुप्ता के वकील योगेश सिरोजा ने अजमेर में बताया कि वाद पर दीवानी मामलों के न्यायाधीश मनमोहन चंदेल की अदालत में सुनवाई हुई। सिरोजा ने कहा, 'दरगाह में एक शिव मंदिर होना बताया जा रहा है। उसमें पहले पूजा पाठ होता था… पूजा पाठ दोबारा शुरू करवाने के लिये वाद सितंबर 2024 में दायर किया गया। अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए हैं।' उन्होंने बताया कि इस संबंध में अजमेर दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कार्यालय-नयी दिल्ली को समन … Read more

मुरैना में बोरवेल में गिरे कुत्ते का रेस्क्यू जारी, बचाने के लिए ऑपरेशन चलाया जा रहा

मुरैना  आमतौर पर बोरवेल में बच्चों के गिरने के बाद उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाता है और बचाने का प्रयास किया जाता है। लेकिन मुरैना में पुलिस बल एक डॉग के बच्चे को बोरवेल से बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। डॉग का बच्चा बुधवार शाम काे बोरवेल में गिरा था। तभी से उसे बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटनाक्रम के मुताबिक शहर के पुलिस लाइन 16 बीघा इलाके में बुधवार की शाम एक श्वान का बच्चा बोरवेल में गिर पड़ा। बच्चा बोरवेल के पाइप के बगल से मिट्टी धंसकने से खाली हुई जगह में गिरा है। पहले लोगों ने प्रयास किया, लेकिन वह निकला नहीं। रात नौ बजे नगर निगम के कर्मचारी लोडर मशीन लेकर पहुंचे थे। तब से रात तक मशीन से खुदाई जारी रही। श्वान का बच्चा लगभग 30 से 40 फीट गहराई में बताया जा रहा है। लेकिन रात में बच्चे की आवाज आना बंद हो गया। इसके बाद रेस्क्यू आपरेशन बंद कर दिया गया। सुबह आवाज आई तो शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन गुरुवार सुबह जब बोरवेल से फिर कुत्ते के बच्चे की आवाज आना शुरू हुआ तो पुलिस लाइन के आरआई के नेतृत्व में फिर से कुत्ते के बच्चे को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मौके पर लगातार खुदाई की जा रही है। जिससे बच्चे को निकाला जा सके। मानवीयता की झलक दिखी पुलिस में पूरा ऑपरेशन पुलिस बल निगम के सहयोग से चला रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन को देखने के लिए शहर के लोग भी एकत्रित हो गए हैं। सभी को उम्मीद है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कुत्ते के बच्चे को बचा लिया जाएगा। चूंकि इस तरह का किसी पशु को बचाने के लिए रेस्क्यू आपरेशन चलाया जा रहा है। इसलिए भी शहर भर में चर्चा का विषय बना है। पुलिस के अफसरों का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो कुत्ते के बच्चे को सकुशल बचा लिया जाएगा! recent visitors 47

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महात्मा ज्योतिबा फूले की पुण्यतिथि पर अर्पित की श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया हेंडिल पर जारी संदेश में कहा कि महान संत, विचारक एवं समाजसेवी महात्मा फुले ने सारी जिन्दगी समाज के उपेक्षित, शोषित वर्ग के सम्मान, उत्थान एवं ईश्वर की इस कृति को समाज में उचित स्थान दिलाने के लिये अनवरत कार्य करते रहे। वे सत्यशोधक समाज के प्रवर्तक थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शिक्षा एवं वंचितों के लिए समर्पित, संत ज्योतिबा फुले का जीवन हमारे लिए पथ प्रदर्शक प्रेरणादायी व सीखने वाला रहा है।   recent visitors 37

आज ही के दिन राजभाषा आयोग ने पारित किया था विधेयक, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय ने दी छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस की बधाई

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा है कि 'छत्तीसगढ़ी भाखा म हमर माटी के महक आथे। छत्तीसगढ़ी भाखा हमर अभिमान ए। सब अपन भाखा ला मान देहू तभे वो आघू बढ़ही'। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के  लिए छत्तीसगढ़ी को दैनिक बोलचाल के साथ साहित्य सृजन और प्रचार-प्रसार की भाषा बनाने की आवश्यकता है। हमें अपने पारंपरिक संस्कारों को बढ़ावा देने के साथ उनका परिचय नई पीढ़ी से कराना भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस हर साल 28 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को राजभाषा दिवस के रूप में मनाने की वजह यह है कि 28 नवंबर 2007 को छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग विधेयक पारित किया गया था। इस विधेयक के पास होने के बाद ही हर साल 28 नवंबर को राजभाषा दिवस मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग का गठन छत्तीसगढ़ी के प्रचलन, विकास, और राजकाज में इस्तेमाल के लिए किया गया था। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की पहली कार्यकारी बैठक 14 अगस्त, 2008 को हुई थी। इस दिन को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का 'कार्यालय स्थापना दिवस' के रूप में मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के पहले सचिव पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे थे। छत्तीसगढ़ी को दक्षिण कोसली और कोसली भी कहा जाता है। आस-पास के पहाड़ी लोग छत्तीसगढ़ी को खालताही कहते हैं। ओडिशा से छत्तीसगढ़ के पड़ोसी क्षेत्रों में रहने वाले लोग छत्तीसगढ़ी को लारिया कहते हैं। recent visitors 58

वन विभाग ने तमोर पिंगला टायगर रिजर्व में छोड़ा, छत्तीसगढ़-भाटापारा में बाघ को किया रेस्क्यू

भाटापारा. कसडोल नगर के पारस नगर सेक्टर से रेस्क्यू किए गए नर बाघ की दहाड़ अब गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व में गूंजेगी। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू बाघ किए गए इस बाघ को  सुरक्षित तरीके से गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया। गुरू घासीदास तमोर पिंगला छत्तीसगढ़ का नया टायगर रिजर्व है। उल्लेखनीय है कि बलौदाबाजार वनमंडल के कसडोल तहसील में बीते 8 माह से बारनवापारा वन क्षेत्र में विचरण कर रहे एक नर बाघ के कसडोल तहसील के ग्राम कोट पहुंच जाने की सूचना वन विभाग को मिली थी। वन विभाग का अमला आवश्यक रेस्क्यू सामग्री तथा वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारियों सहित मौके पर तत्काल पहुंचकर कसडोल नगर के पारस नगर सेक्टर से उक्त बाघ को रेस्क्यू किया था। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के निर्देश पर उक्त नर बाघ को आज प्रातः 8 बजे नवगठित गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू किए गए बाघ को आज सुरक्षित तरीके से गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ही भारत सरकार की ओर से ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। कुल 2829.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बाघ अभयारण्य में 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर/ क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट शामिल है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। recent visitors 115