शस्त्र लायसेंस निरस्ती के चलते उपभोक्ता ने जमा कराई एक लाख से अधिक की बकाया राशि

भोपाल जिला मजिस्ट्रेट शिवपुरी द्वारा शस्त्र लाइसेंस निरस्ती के नोटिस के चलते ग्राम विजरावन जिला शिवपुरी निवासी बिजली उपभोक्ता श्री रामवीर ने एक लाख 3 हजार से अधिक की बकाया राशि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में जमा कर दी है। गौरतलब है कि यह राशि लंबे समय से उपभोक्ता द्वारा अदा नहीं की जा रही थी। महाप्रबंधक शिवपुरी ने बताया कि उपभोक्ता श्री रामवीर के नाम विद्युत बिल की राशि काफी समय से लंबित थी। बकायादार के नाम शस्त्र लाइसेंस था। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण का नोटिस दिए जाने के पश्चात उपभोक्ता श्री रामवीर ने बिजली कंपनी के खाते में पूरी बकाया राशि जमा कर दी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के जिलों में जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आर्म्स डीलर लाईसेंस एवं शस्त्र लाईसेंस की स्वीकृति एवं नवीनीकरण के लिए बिजली कंपनी से नोड्यूज प्राप्त किया जाना अनिवार्य किया है। कंपनी द्वारा कार्यक्षेत्र के ऐसे शस्त्रधारी बिजली उपभोक्ता जिनके द्वारा बकाया विद्युत बिलों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, साथ ही ऐसे शस्त्रधारी बिजली उपभोक्ता जो अनधिकृत बिजली का उपयोग अथवा बिजली चोरी करते पाए जाएंगे उनके आर्म्स डीलर लाईसेंस और शस्त्र लाईसेंस को जिला कलेक्टर के माध्यम से निरस्त कराने की कार्यवाही की जा रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि जो भी शस्त्र लाईसेंसधारी उपभोक्ता अपनी बकाया बिल राशि जमा नहीं करते हैं तो उनके शस्त्र लाईसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करवाने की कार्यवाही की जाएगी।   recent visitors 38

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के एससीएआई ने पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया

भोपाल वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस इंजीनियरिंग एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एससीएआई) ने 29-30 नवंबर, 2024 को हाइब्रिड मोड में डेटा, कंप्यूटेशन और कम्युनिकेशन (आईसीडीसीसी-2024) पर अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया। उद्घाटन समारोह में आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रोफेसर गोबरधन दास मुख्य अतिथि के रूप में और टीसीएस इंदौर केक्षेत्रीय प्रमुख श्री अमिताभ तिवारी सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस आयोजन में संयुक्त राज्य अमेरिका, मध्य पूर्व और बांग्लादेश जैसे देशों के अंतरराष्ट्रीय योगदान के साथ-साथ आईआईटी, एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के शोधकर्ताओं और मेटा, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे उद्योग जगत के नेताओं को एक साथ लाया गया। 927 प्रस्तुतियों में से कुल 165 शोध पत्रों का चयन किया गया, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(47.28%) में महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के साथ 17.79% की स्वीकृति दर प्राप्त हुई। सम्मेलन में 11 मुख्य भाषण दिए गए, जिनमें प्रोफेसर रिचर्ड सोचर, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए और डॉ. अभय दलसानिया, एलटीआईमाइंडट्री, यूएसए, श्री ललित याग्निक, सीडीओ, ग्लोबल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सॉल्यूशन, ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रतिष्ठित वक्ता शामिल थे, जिन्होंने अत्याधुनिक विकास पर जोर दिया। डेटा, संगणना और संचार में।एससीएआई के जनरल चेयर और डीन डॉ. पोन हर्षवर्द्धनन ने गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. हेमराज एस. लामकुचे ने प्रभावशाली शोध पत्रों और शिक्षा जगत और उद्योग के विविध प्रतिनिधित्व पर प्रकाश डाला।  वीआईटी भोपाल के कुलपति डॉ. सेंथिल कुमार अरुमुगम ने व्यावहारिक उदाहरण प्रदान करते हुए डिजिटल युग में डेटा विश्लेषण के महत्व पर जोर दिया। दो दिवसीय सम्मेलन में, प्रख्यात वक्ताओं की मुख्य वार्ता और कठोर पेपर प्रस्तुतियों ने अकादमिक चर्चा को समृद्ध किया। कार्यक्रम कासमापन आईसीडीसीसी-2024 के संयोजक डॉ. वीरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा सभी योगदानकर्ताओं के प्रयासों को स्वीकार करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। recent visitors 71

म.प्र. सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन में होगा देश का अग्रणी राज्य : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने बताया है कि मध्यप्रदेश वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने जा रहा है। वित्त विभाग महत्वाकांक्षी एकीकृत वित्तीय प्रबंधन व्यवस्था करने जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेस एवं मशीन लर्निंग आधारित उत्कृष्ट साफ्टवेयर को मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य के रूप में क्रियान्वित करेगा। साफ्टवेयर से राज्य के 10.2 लाख कर्मचारी, 5.6 लाख पेंशनभोगी, 5917 संवितरण कार्यालय, सम्पूर्ण प्रदेश का बजट एवं समस्त विभाग लाभान्वित होंगे। इसके माध्यम से प्रदेश के प्रति वर्ष 3.5 करोड़ से अधिक वित्तीय ट्रांजैक्शन किया जावेगा। मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य है, जहां इतनी बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के वित्तीय डाटा का आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग का प्रयोग कर प्रबंधन किया जायेगा। अब यह व्यवस्था पूरी तरह से पेपरलेस, कान्टैक्टलेस एवं फेसलेस होगी। साथ ही एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर यूजर फ्रेंडली होगा। नेक्स्ट जनरेशन का एडवांस अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर–आईएफएमआईएस नेक्स्ट जेन को क्रियान्वित करने के लिए म.प्र. सरकार समन्वित तैयारी कर रही है। वित्त विभाग ग्लोबल टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के अनुरूप नवीन वित्तीय प्रबंधन सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना में आईटी क्षेत्र के विषय विशेषज्ञों की टीम काम कर रही है। अब तक आईटी क्षेत्र की 28 कंपनियों ने सॉफ्टवेयर तैयार करने में अपनी रूचि दिखाई है। प्रमुख सचिव वित्त श्री मनीष रस्तोगी ने आईटी कंपनियों को बिड में भाग लेने के लिये प्रोत्साहित किया एवं कंपनियों के अनुभव तथा श्रेष्ठतम रिसोर्स से राज्य को लाभान्वित करने के लिये अनुरोध किया। आयुक्त, कोष एवं लेखा श्री लोकेश कुमार जाटव ने इस परियोजना को राज्य शासन की अत्यंत महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा कि यह डिजिटल गवर्नेंस की एक अनूठी परियोजना है जो देश में एक आदर्श उदाहरण स्थापित करेगी।   recent visitors 81

पुंछ में आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया, गोला-बारूद तथा अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई

पुंछ जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। यहां से गोला-बारूद तथा अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मेंढर इलाके के मनकोट सेक्टर में सुरक्षाबलों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी ठिकाना ढूंढ़ निकाला। जहां से दो आईईडी, आरडीएक्स, एक बैटरी और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गईं। सुरक्षाबलों ने गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामान कब्जे में लेकर आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर दिया। क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में आतंकियों की तलाश जारी है।   recent visitors 85

विद्यार्थियों की बॉयोमेट्रिक अटेंडेंस सुनिश्चित करेंगे शिक्षण संस्थान, राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने की विभागीय समीक्षा

भोपाल पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की अध्ययनरत संस्थाओं में 75 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये सभी शैक्षणिक संस्थाओं को यूनिक आईडी “आधार’’ बेस्ड बॉयोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के लिये कहा गया है। शैक्षणिक संस्थाओं में अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसी अनुक्रम में पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा यह निर्देश दिये गये हैं। यह जानकारी विभाग द्वारा पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध-घुमंतु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रालय में हुई समीक्षा बैठक में दी गयी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने विभाग से विभागीय छात्रावासों में मैस व्यवस्था शुरू करने, सौर ऊर्जा प्लांट लगाने, बाउण्ड्री-वॉल बनाने के संबंध में की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी ली। बैठक में बताया गया कि पिछड़ा वर्ग के कन्या छात्रावासों में मैस संचालन के लिये शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिकायतों के निराकरण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि योजना का क्रियान्वयन पारदर्शी ढंग से हो रहा है। इसमें जिस किसी ने भी कोई शिकायत की है, तो उसकी शिकायत का समाधानकारक जवाब दें। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने दिल्ली छात्र-गृह योजना में छात्र संख्या 50 से बढ़ाकर 150 करने और सहायता राशि में वृद्धि करने के लिये प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की जानकारी दी गयी। बैठक में विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना के संबंध में बताया गया कि अब तक पिछड़ा वर्ग के 7 विद्यार्थियों को जापान में प्लेसमेंट दिलाया गया है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली छात्रवृत्तियों के सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर छात्रवृत्ति का भुगतान सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है। बैठक में बताया गया कि छात्रवृत्तियों के भुगतान के सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि विमुक्त, घुमंतु, अर्द्ध-घुमंतु समुदायों के परिवारों का सर्वे किये जाने का कार्य शीघ्र शुरू किया जायेगा। डाटा कलेक्शन का यह कार्य पहले प्रदेश के 12 जिलों में होगा, इसके बाद शेष जिलों में किया जायेगा। विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध-घुमंतु समुदायों के लिये लोकरंग उत्सव आयोजित करने पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गयी। अपर मुख्य सचिव पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री अजीत केसरी, आयुक्त श्री सौरभ सुमन, संचालक विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्ध-घुमंतु श्री नीरज वशिष्ठ और अन्य अधिकारी मौजूद थे।   recent visitors 87

सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में होगी पेश, संभल में शाही जामा मस्जिद के आसपास भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात की गई

संभल संभल में शाही जामा मस्जिद के आसपास भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। हालात सामान्य है और सड़कों पर लोग चहलकदमी करते नजर आ रही है। स्कूल खुले हुए हैं लेकिन इंटरनेट सेवा बंद है। जामा मस्जिद के आसपास और गेट के बाहर देर रात अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। संभल थाने के आसपास हर चौराहे पर पुलिस कर्मी दिख रहे हैं। जुम्मे की आज नमाज है और कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट भी पेश की जाएगी। ऐसे में पुलिस हाई अलर्ट पर है। पुलिस ने मोबाइल सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन कैमरों से मिले वीडियो के आधार पर 100 से ज्यादा आरोपियों को चिह्नित किया है, जिनमें से अब तक 31 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस द्वारा हर आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि देखे जाने पर पुलिस फौरन कार्रवाई कर रही है। शासन की तरफ से स्पष्ट निर्देश है कि अगर कहीं भी किसी भी प्रकार की संदिग्ध स्थिति देखने को मिले, तो फौरन कार्रवाई की जाए। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने संभल में पिछले दिनों हुई हिंसा की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। समिति के गठन का आदेश उत्तर प्रदेश के गृह विभाग द्वारा गुरुवार को जारी किया गया था। राज्य के गृह विभाग के आदेश के अनुसार हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यी समिति को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। समिति के दो अन्य सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद और पूर्व आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन हैं। समिति को दो महीने के भीतर रिपोर्ट देनी होगी। 24 नवंबर की सुबह संभल की शाही जामा मस्जिद का सर्वे किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस दौरान मस्जिद के पास अराजक तत्वों ने सर्वे टीम पर पथराव कर दिया। देखते ही देखते माहौल बिगड़ता चला गया। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और अराजक तत्वों को चेतावनी भी दी। हिंसा के दौरान कई लोगों की मौत भी हुई।   recent visitors 105

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के फैसलों से किसानों में संतोष व्याप्त, जिले में धान की बम्पर आवक

धमतरी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के फैसलों से किसानों में संतोष व्याप्तप्रदेश सहित जिले में 14 नवंबर से धान खरीदी सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है। धान का सही मूल्य मिलने से किसानों के चेहरे पर साफ तौर पर खुशी देखी जा सकती है। जिले में इस वर्ष धान की बम्पर खरीदी हो रही है। मिली जानकारी अनुसार जिले में गत वर्ष की तुलना में दुगुनी गति से इस वर्ष खरीदी की जा रही है। अब तक जिले के 25 हजार 731 पंजीकृत किसानों द्वारा कुल 11 लाख 25 हजार 515 क्विंटल 60 किलोग्राम धान का विक्रय किया गया, इसके एवज में किसानों को 259.93 करोड़ रूपये का भुगतान को किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा किसानों के हित में लिए गए बड़े फैसले और प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना करते हुए किसान खुश हैं। इन समन्व्ति प्रयासों के चलते जिले में धान खरीदी का यह खरीफ सीजन संतोषजनक साबित हो रहा है। धान खरीदी केन्द्रों में की गयी बेहतर व्यवस्था शासन की मंशानुरूप धान खरीदी केन्द्रों में धान का विक्रय करने के लिए आने वाले किसानों को सभी सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही है, जिसमें किसानों को माईक्रो एटीएम की सुविधा सहित पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता, सही नापतौल के लिए इलेक्ट्रानिक तराजू, पेयजल, छाया, बिजली, शौचालय आदि की व्यवस्था की गयी है। माईक्रो एटीएम के जरिए किसान खरीदी केन्द्रों में 10 हजार रूपये तक की राशि आहरित कर सकते हैं साथ ही राशि जमा भी किया जा सकता है, इससे बैंकों में होने वाली अनावश्यक भीड़ से राहत मिल रही है और समय की भी बचत हो रही है। जिले में इस बार भी बेहतर प्रबंधन और किसानों के हित में उठाए गए कदमों के चलते किसानों में उत्साह है। उल्लेखनीय है कि जिले में एक लाख 28 हजार 364 किसान पंजीकृत हैं। इनके लिए 100 धान खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार धमतरी जिले के धान उपार्जन केन्द्र अछोटा में पहुंचे ग्राम जंवरगांव के किसान भीखूराम निषाद ने बताया कि वे ऑनलाईन टोकन कटाए थे और वे अपने उपज का 58 क्विंटल 80 किलोग्राम धान बेचने के लिए खरीदी केन्द्र पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में मिले राशि का उपयोग वे घर बनाने में करेंगे। उन्होंने किसानों के हित में प्रदाय की गई सुविधा के लिए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापन किया। वहीं अछोटा के समिति प्रबंधक श्री विरेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि उनके केन्द्र में धान की खरीदी सुचारू रूप से चल रही है और नियमित धान का उठाव भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सुविधा के लिए दी गई माईक्रो एटीएम की सुविधा की जानकारी देते हुए बताया कि इससे किसान प्रतिदिन 10 हजार रूपये आहरित कर सकता है अथवा जमा भी कर सकता है। इस सुविधा से बैंकों की भीड़ से बचा जा सकता है और समय की भी बचत होगी। उन्होंने बताया कि किसानों को माईक्रो एटीएम की सुविधा के बारे में किसानों को भी बताया जा रहा है। recent visitors 71